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नई दिल्ली / शौर्यपथ / कुरुक्षेत्र पंजाब और हरियाणा में कृषि कानूनों के खिलाफ 'खेती बचाओ यात्रा' पर रहे राहुल गांधी कई मुद्दों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं. मंगलवार को राहुल ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक जनसभा में पीएम मोदी पर चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर हमला किया. राहुल ने पीएम को 'कायर' बताते हुए कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती तो चीन को 15 मिनट के भीतर बाहर कर देती.
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा, 'कायर प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसी ने हमारी जमीन नहीं ली है. आज दुनिया में एक ही ऐसा देश है, जिसकी जमीन पर किसी दूसरे देश ने कब्जा जमाया है. भारत ऐसा अकेला देश है, जहां एक दूसरा देश आया और 1200 वर्ग किलोमीटर की जमीन पर कब्जा जमा लिया. पीएम मोदी खुद को 'देशभक्त' बुलाते हैं और पूरे देश को पता है कि चीनी शक्तियां हमारे क्षेत्र में हैं, कैसे देशभक्त हैं वो? अगर हमारी सरकार होती तो हमने चीन को 15 मिनट के भीतर उठाकर बाहर फेंक दिया होता.'
राहुल ने कहा, 'मैं आपको गारंटी देता हूं, जब हमारी सरकार थी, तो चीन में इतना दम नहीं था कि वो एक कदम भी अंदर आ जाए. पूरी दुनिया में एक ही ऐसा देश है, जहां पर किसी दूसरे देश ने कब्जा करके रखा है और वो भारत है और ये लोग खुद को देशभक्त कहते हैं.' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस देश की और देश के किसानों की शक्ति को नहीं समझते हैं.
बता दें कि पंजाब में रैलियां करने के बाद राहुल गांधी मंगलवार को अपनी ट्रैक्टर रैलियों को लेकर हरियाणा की सीमा पर पहुंचे थे. लेकिन यहां पर कुछ वक्त के लिए उनकी रैली को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया था. राहुल ने कहा था कि यहां उन्हें चाहे जितने घंटे रुकना पड़े, वो रुकेंगे. हालांकि, कुछ देर बाद ही राहुल के ट्रैक्टर सहित पांच ट्रैक्टरों और उनकी रैली में बस 100 लोगों को सीमा पार करने की अनुमति दी गई. राहुल कुरुक्षेत्र में गीतास्थली भी गए थे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / AAP विधायक कुलदीप कुमार ने हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से उनकी मुलाकात को लेकर BJP पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने सफाई दी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह हाथरस गए थे, हाथरस पुलिस ने उनके खिलाफ संक्रमण के बावजूद लोगों से मिलने को लेकर केस दर्ज किया है.
कुलदीप कुमार ने कहा, "मुझे सूचना मिली है कि हाथरस पुलिस ने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह बीजेपी के नेताओं और आईटी सेल ने मिलकर दुष्प्रचार फैलाया है कि आप विधायक कोरोना संक्रमित होकर हाथरस गए हैं. जबकि नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही मैं हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने गया हूं. आप विधायक ने कहा कि यूपी सरकार की आरोपियों को बचाने के लिए की जा रही कवायद से पूरा दलित समुदाय आहत है. भाजपा के सांसद जाकर उन आरोपियों से मिलते हैं. एक रेप विक्टिम के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आप विधायक ने कहा कि अगर हाथरस पुलिस ने उनसे जानकारी मांगी होती तो वह अपनी रिपोर्ट दिखाते. उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है और इसी की पुष्टि के बाद वह हाथरस गए थे. यूपी पुलिस ने महामारी एक्ट के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
कुलदीप कुमार ने कहा, वह दलित समुदाय से आते हैं और अपने परिवार से मिलने गया, नेगेटिव रिपोर्ट लेकर गया लेकिन बीजेपी ने प्रोपोगेंडा फैला दिया. उसके आधार पर वह मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज करते हैं. बीजेपी कितना भी दम लगा ले, योगी सरकार कितना दम लगा ले, हम उस बेटी को न्याय दिलाकर रहेंगे उसकी न्याय की लड़ाई जारी रहेगी."
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने पालघर मामले की सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी है. महाराष्ट्र सरकार के हलफनामे पर दूसरी पार्टियों को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है. उसके बाद महाराष्ट्र सरकार याचिकाकर्ता के हलफनामे पर अपना जवाब दो हफ्ते में दाखिल करेगी. मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी. पालघर में साधुओं की हुई निर्मम हत्या के मामला सुप्रीम कोर्ट में है. महाराष्ट्र सरकार ने शीर्ष अदालत में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की.
राज्य सरकार ने कहा कि 15 पुलिसवालों के वेतन में कटौती की सजा दी गई है. नए हलफनामे में महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि 1 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बर्खास्त और 2 अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजे गए. सरकार ने बताया कि 252 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई और 15 पुलिसकर्मियों पर वेतन कटौती के साथ जुर्माना लगाया गया. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि दो एफआईआर दर्ज की गई है, एक पुलिसवालों के खिलाफ और दूसरी जिन लोगों ने साधुओं पर हमला किया, उनके खिलाफ. पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया है.
इसके पहले 6 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस से इस मामले में दायर चार्जशीट मांगी थी. साथ ही इस मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की ब्यौरा भी मांगा था. महाराष्ट्र पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सीबीआई जांच का विरोध किया है. साथ ही महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि इस मामले में निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और सीआईडी गंभीरता से अपना काम कर रही है. महाराष्ट्र पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा है कि लापरवाही के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.
विभागीय जांच में दोषी पाए गए असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर आनंदराव शिवाजी काले को सर्विस से बर्खास्त किया गया है. इसके अलावा असिस्टेंट पुलिस सब इंस्पेक्टर रविन्द्र दिनकर सालुंनखे और हेड कांस्टेबल नरेश ढोंडी को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही के दोषी 15 दूसरे पुलिसकर्मियों को दो/तीन साल के लिए न्यूनतम सैलरी दिए जाने का दंड दिया गया है.
चंडीगढ़ / शौर्यपथ / हरियाणा के सिरसा में मंगलवार को कृषि कानून (Farm Laws) का विरोध कर रहे किसानों के एक समूह पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन्हें आगे जाने से रोक दिया गया. किसानों को ये समूह उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और ऊर्जा मंत्री रंजीत सिंह के आवास की तरफ बढ़ रहा था. सिरसा में राम लीला ग्राउंड के पास चौटाला के घर से महज 200 मीटर की दूरी पर किसानों का समूह पुलिस की बैरिकैडिंक को पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने इनपर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी छोड़ी.
उप-मुख्यमंत्री के घर जाने में नाकाम रहने के बाद किसान सिरसा-बरनाला हाईवे पर धरने पर बैठ गए और दोनों नेताओं पर किसानों के 'मसीहा' देवी लाल की छवि खराब करने का आरोप लगाया. नेताओं के घरों की तरफ बढ़ने से पहले 17 अलग-अलग किसान संघों से जुड़े किसानों ने हरियाणा किसान मंच के नेतृत्व में रामलीला मैदान पर एक 'महापंचायत' की था. इस बैठक में हरियाणा भारतीय किसान संघ के मुखिया गुरनाम सिंह, स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव हरियाणा किसान मंच के राष्ट्रपति प्रह्लाद सिंह शामिल थे. इस बैठक के बाद 17 संघों के कई किसान चौटाला के घरों की तरफ बढ़े, हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
चौटाला परिवार से आने वाले चाचा-भतीजे की इस जोड़ी पर अपना गुस्सा उतारते हुए भारतीय किसान संघ के प्रमुख गुरनाम सिंह ने कहा कि जहां देवी लाल हमेशा किसानों के हित के लिए लड़ते थे, वहीं रंजीत चौटाला और उनके भतीजे दुष्यंत चौटाला किसानों का 'हिता भुलाकर सत्ता का सुख भोग रहे हैं.' हरियाणा किसान मंच के अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह ने कहा, 'दुष्यंत चौटाला और रंजीत चौटाला दोनों ही किसानों के मसीहा देवी लाल के नाम का गलत इस्तेमाल करके किसानों के नाम का अपमान कर रहे हैं.' केंद्र के कृषि कानूनों को किसान-विरोधी बताते हुए योगेंद्र यादव ने दोनों मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की.
दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ NSUI प्रदेश अध्यक्ष श्री आकाश शर्मा जी एवं दुर्ग जिला NSUI कार्यकारणी अध्यक्ष सोनू साहू के मार्गदर्शन से शहर संगठन समस्त स्कूल व कॉलेजो का सघन दौरा करेगी व छात्रों से संपर्क कर उन्हें होने वाली समस्याओं से अवगत होकर उसे त्वरित ठीक कराने हेतु हर सम्भव प्रयत्न करेगी। शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा ने बताया कि छत्तीसगढ़ की मौजूदा भूपेश बघेल की काँग्रेस सरकार छात्रों के प्रति बहुत ही संवेदनशील हैं। कोरोना महामारी के चलते भी उन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ कुछ गलत ना हो उसके लिए हर संभव कार्य किया। दुर्ग NSUI के समस्त साथी व पदाधिकारी छत्तीसगढ़ मुखिया मान. श्री भूपेश बघेल जी के प्रति ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा ने छात्रों की समस्या निवारण हेतु एक नंबर जारी किया:- 7️⃣7️⃣2️⃣2️⃣9️⃣7️⃣7️⃣7️⃣8️⃣7️⃣ जिसमे छात्रों को स्कूल , कॉलेज में किसी प्रकार से समस्या हो तो इस नम्बर पर सम्पर्क कर अपनी समस्या से अवगत कराए ।
जशपुर। शौर्यपथ । जिले के दुलदुला थाने से एक चौंका देने वाली घटना प्रकाश में आई है। पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय के कथित भतीजे प्रमोद पाण्डेय ने छात्रवास अधीक्षक में दो युवती को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी को अंजाम दिया, पीड़ित युवती का पति संजीत राम मुंडा भाजपा कार्यालय रायपुर में कुक काम करता था। इसी दौरान उसकी प्रमोद पाण्डेय से जान पहचान हुई थी, वह अक्सर भाजपा कार्यालय आता था, और खुद को तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री का भतीजा बताकर ऊपर तक पहुंच होने का दावा कर नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रूपए एठ लिए है। दुलदुला थाना प्रभारी एल. आर चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यलय में कुक का काम करने वाले संजीत राम मुंडा की पत्नी ने अपने सहेली के साथ आकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में कहा कि प्रमोद पाण्डेय जो खुद को पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय का भतीजा बता कर दोनों से कुल 4 लाख 8 हज़ार की ठगी को अंजाम दिया है। वह उन्हें छात्रवास अधीक्षक के रूप में नियुक्त करने के नाम पर 2016 से घुमा रहा था, जिसके बाद अंततः उन्होंने तंग आकर इसकी शिकायत पुलिस से की है। दुलदुला प्रभारी चौहान ने बताया कि इस मामले की शिकायत केबाद आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की विवेचना कर जल्द आरोपी प्रमोद पाण्डेय की गिरफ़्तारी की जाएगी। बता दें कि भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पाण्डेय 2003 से 2008 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं और 2013 से 2018 तक प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री रहे है। मुख्यमंत्री छ.ग. शासन रायपुर के जन चौपाल में श्रीमति सरिता मुण्डा पति संजीत राम मुण्डा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम ठुँठीआम्बा चौकी आरा थाना जशपुर ने जनदर्शन रायपुर में शिकायत पत्र दी थी। आवेदन की जाँच की गई, जाँच पर पाया गया कि प्रमोद पाण्डेय निवासी 133/रोज तालपुरी कालोनी भिलाई जिला दुर्ग ने प्रार्थीया सरिता मुण्डा एवं प्रतिमा भगत को शिक्षा विभाग में नौकरी दिलानें के नाम पर झाँसा देकर एटीएम के माध्यम से एवं नगद कुल 4,8000/- रूपया ठग कर ले लिया। जो प्रथम दृश्टया धारा 420 भा.द.वि. का अपराध घटित करना पाए जानें से अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया की आरोपी प्रमोद पाण्डेय नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने के लिए और प्राथिया को भरोसा दिलाने के लिए खुद को पूर्व केबिनेट प्रेमप्रकाश पाण्डेय का भतीजा बताया और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के साथ खिंचा हुआ फोटो भी दिखाया। शिक्षा विभाग में छात्रावास अधीक्षक का पद पर नौकरी लगाने 6,00,000 रूपये की मांग की। तब पीड़िता के पति स्टेट बैंक आफ इंडिया बैंक खाते में 1,60,000 रूपये डाल दिया। प्रमोद पाण्डेय ने इस बीच बचे रकम को नगद माँगा। आरोपी ने बैंक खाते से रूपया लेना ठीक नहीं है कह कर बांकि रुपए नगद मांगे तब पीड़िता ने अपना खेत बेंच कर नगद 4,50,000रूपय प्रमोद के हाथ में दिए। लगभग एक साल बाद भी जब नोकरी नहीं लगा तब प्रमोद पाण्डेय से पैसा वापस लेना चाहा लेकिन प्रमोद पाण्डेय हमेशा यह कहकर टाल देता है कि मंत्री जी हमारे घर के हैं । आपको किसी भी विभाग में लगा देंगे कहकर गुमराह करते रहे। यही नहीं आरोपी पीड़ित पक्ष को किसी भी केस में फँसा देनें की धमकी भी दिया है। पीड़त महिलाओं से अश्लील गालियाँ देते हुए हमें आदिवासी,जँगली कहकर उन्हें अपमानित और जलिल किया। यही नहीं पुलिस ने अपने एफआईआर में यह भी लिखा है कि आरोपी प्रमोद ने महिलाओं को जान से मरवाने की भी धमकी दी है।
सेहत / शौर्यपथ / जब आपका पेट फूल जाता है, तो कब्ज की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में आपकी इंस्टेंट रेमेडी क्या होनी चाहिए? अगर आप घरेलू नुस्खों में यकीन रखते हैं, तो आज हम आपके लिए एक ऐसा अचूक आयुर्वेदिक नुस्खा लाए हैं, जो कुछ ही समय में आपकी कब्ज की समस्या को हल कर देगा।
पेश है कब्ज के लिए घरेलू उपाय : एक चम्मच घी के साथ गर्म पानी पीना।
इस बात को लेकर सिर्फ हम ही निश्चित नहीं है, बल्कि आयुर्वेद की स्वर्ण पुस्तक इसे कब्ज के लिए एक “रामबाण” इलाज मानती है!
यहां जाने घी के साथ गर्म पानी का सेवन कब्ज के लिए नंबर वन उपाय क्यों है?
आइए इस पर ध्यान दें: घी को कई बार गलत माना गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम इसके लाभों को प्राप्त करने के लिए इसका इस्तेमाल करने का उचित तरीका नहीं जानते हैं। घी बायट्रिक एसिड का एक समृद्ध स्रोत है, कई वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार और पोलिश पत्रिका प्रेज़ग्लाड गैस्ट्रोएंटेरोलोगिकज़नी (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी रिव्यू) में प्रकाशित एक अध्ययन द्वारा बताया गया है कि इसके सेवन से कब्ज में जल्द ही राहत मिलती है।
अध्ययन में यह भी कहा गया है कि बायट्रिक एसिड का सेवन इंटेस्टाइन के चयापचय में सुधार करता है और मल को बाहर निकलने में मदद करता है। साथ ही, यह पेट दर्द, सूजन और कब्ज के अन्य लक्षणों को कम करता है।
बताने की कोई जरूरत नहीं है कि घी सभी लैग्जेटिवो में सबसे बेस्ट लैग्जेटिव है। इसके अन्य लाभ यह भी हैं – जैसे हड्डियों की ताकत में वृद्धि, नींद को प्रेरित करना और वजन कम करना और यह बेनिफिट्स अपको खुद ही महसूस होंगे।
आयुर्वेदिक हेल्थ कोच और प्राण हेल्थकेयर सेंटर की संस्थापक डिंपल जांगडा बताती हैं कि घी हमारे शरीर को चिकनाई प्रदान करने में मदद करता है और आंतों के मार्ग को साफ करता है। यह वेस्ट प्रोडक्ट के मूवमेंट में सुधार करता है, जिससे कब्ज का खतरा कम होता है।
आप घी से कैसे कर सकती हैं कब्ज का इलाज?
डॉ.जांगडा का सुझाव है कि रोज सुबह एक चम्मच घी में 200 मिली गर्म पानी मिलाकर पीना चाहिए। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, वह इसे खाली पेट पीने की सलाह देती हैं।
“हार्ड कोष्ट के कारण कब्ज होती है, जिससे पाचन क्रिया, आंत और कोलोन, खुरदरा और कठोर हो जाता है। ऐसे में घी जैसे सुपरफूड् के साथ गर्म पानी का सेवन पाचन तंत्र को चिकनाई देकर, हमारे सिस्टम को नरम कर सकता हैं और शरीर से वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर निकालने में मदद कर सकता हैं।
घी कब्ज के लिए एक अच्छा और सटीक घरेलू उपचार है। अब तो आप भी जान ही गई होंगी।
शौर्यपथ /हर कोई दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए दिनरात मेहनत करता है। भोजन भगवान द्वारा दिया गया प्रसाद है। अन्न को देवता माना जाता है। इसलिए अन्न का पूरा सम्मान करें। वास्तु में भोजन को ग्रहण करने और भोजन को बनाने को लेकर कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
भोजन ग्रहण करने से पहले हमेशा भगवान को भोग लगाएं। अन्न देवता और अन्नपूर्णा माता का स्मरण कर उन्हें धन्यवाद करें। अगर भोजन स्वादिष्ट न लगे तो कभी भी उसका तिरस्कार न करें। भोजन ग्रहण करते समय न तो किसी से बात करें और न ही कोई अन्य कार्य। वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि गीले पैरों के साथ भोजन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आयु भी बढ़ती है। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर भोजन करने से ईश्वर की कृपा बनी रहती है।
कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुख कर भोजन ग्रहण न करें। इससे स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। कभी भी टूटे या गंदे बर्तन में भोजन न खाएं। कभी भी बिस्तर पर बैठकर भोजन न ग्रहण करें। थाली को हाथ में उठाकर भी खाना न खाएं। जमीन पर बैठकर भोजन ग्रहण करना सबसे उत्तम है। भोजन की थाली को हमेशा अपने बैठने के स्थान से ऊपर रखें। ऐसा करने से घर में कभी भी खाने की कमी नहीं होगी। हर रोज गाय को रोटी खिलाएं। बिना स्नान किए रसोईघर में भोजन नहीं बनाना चाहिए। घर आए मेहमानों को दक्षिण या पश्चिम दिशा में बैठाकर भोजन कराएं। भोजन बनाते समय मन को शांत रखें और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य का विचार करें।
शौर्यपथ /काम के बढ़ते बोझ के बीच ‘फील गुड’ करना घर के बाहर रंग-बिरंगे फूल लगाना जितना आसान है। ब्रिटेन स्थित रॉयल हॉर्टिकल्चर सोसायटी का हालिया अध्ययन तो कुछ यही बयां करता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक गुलाब, गुलमोहर और मालती जैसे फूल न सिर्फ स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का स्त्राव घटाते हैं, बल्कि ‘डोपामाइन’ व ‘सेरोटोनिन’ हार्मोन के उत्पादन को भी बढ़ावा देते हैं, जिन्हें नकारात्मक विचारों पर काबू पाने तथा जीवन से संतुष्टि का एहसास जगाने के लिए अहम माना जाता है।
लॉरियैन सुइन-पुई के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 42 वयस्कों को अपने घर के बगीचे में कुछ पौधे रखने को दिए। सभी पौधे ऐसे गमले में लगाए गए थे, जिनमें समय-समय पर खुद बखुद जरूरी मात्रा में पानी की आपूर्ति होती रहती थी। यानी प्रतिभागियों को इनकी देखभाल करने की जरूरत नहीं थी।
हालांकि, पौधे रखने के बाद प्रतिभागी खुद इनके रखरखाव में दिलचस्पी दिखाने लगे। इस दौरान शोधकर्ताओं ने उनमें ‘कॉर्टिसोल’, ‘डोपामाइन’ और ‘सेरोटोनिन’ सहित अन्य हार्मोन के स्तर की जांच की।
उन्हें 53 फीसदी प्रतिभागियों में सभी हार्मोन संतोषजनक स्थिति में मिले, जबकि शुरुआत में यह आंकड़ा 24 प्रतिशत के करीब था। अध्ययन के नतीजे ‘जर्नल लैंडस्केप एंड अर्बन प्लानिंग’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / बस या मेट्रो में दूर खड़े किसी अजनबी से समय पूछने के लिए आप क्या करते हैं? यकीनन अपनी कलाई की तरफ उंगली दिखाते होंगे। हालांकि, ब्रिटेन स्थित लिंग्विस्टिक्स एंड कम्युनिकेशन्स इंस्टीट्यूट के हालिया अध्ययन की मानें तो इशारों-इशारों में बात करने का यह अंदाज जल्द बीते दिनों की बात बन जाएगा। मोबाइल सहित अन्य गैजेट के आविष्कार से नई पीढ़ी का इन इशारों को समझने में असमर्थ होना इसकी मुख्य वजह है।
शोधकर्ता वाइव इवांस के मुताबिक कुछ इशारों के खास मायने होते हैं। हर देश, हर भाषा, हर सभ्यता के लोग आपसी संवाद के लिए इनका बढ़-चढ़कर इस्तेमाल करते हैं। पर चूंकि ये इशारे चुनिंदा उपकरण, गैजेट या फीचर से जुड़े हैं, इसलिए तकनीकी बदलाव और बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ इनका इतिहास के पन्नों में दफन होना लाजिमी है। युवा पीढ़ी को पता ही नहीं होगा कि कलाई की तरफ उंगली दिखाने, अंगुठे और कनिष्ठा उंगली को कान के पास ले जाने या फिर रेस्तरां में हवा में लिखने का इशारा करने का क्या मतलब है।
इतिहास बनते इशारे-
1.बिल मांगना
-होटल-रेस्तरां में वेटर को हवा में लिखकर यह संदेश देना कि वह बिल ले आए।
2.नकद का जिक्र
-उंगलियों और अंगुठे को आपस में रगड़कर यह जताना कि आप पैसे की बात कर रहे।
3.फोन कॉल करना-
-अंगुठे और कनिष्ठा उंगली को मुट्ठी से बाहर निकालकर कान के पास ले जाना।
4.समय पूछना-
-कलाई पर उंगली थपथपाकर सामने वाले से यह पूछना कि टाइम क्या हो रहा है?
5.शीशा चढ़ाना-गिराना-
-हाथ को गोल-गोल घुमाकर खिड़की के शीशे चढ़ाने और गिराने का संकेत देना।
स्मार्टफोन का आविष्कार जिम्मेदार-
-इवांस कहते हैं, सड़कों पर अब पीसीओ बूथ कम ही दिखते हैं। घरों में भी लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल न के बराबर होता है। हर हाथ में स्मार्टफोन का आ जाना इसकी मुख्य वजह है। चूंकि, स्मार्टफोन को पकड़ने का तरीका लैंडलाइन से जुदा होता है, इसलिए युवा पीढ़ी फोन कॉल का इशारा करने के लिए अंगुठे और कनिष्ठा उंगली का इस्तेमाल करने के बजाय पूरी हथेली को कान के पास ले जाती है। समय पूछने और बिल मांगने से जुड़े इशारे भी स्मार्टफोन में घड़ी की मौजूदगी व डिजिटल भुगतान की सुविधा के चलते गायब हो रहे हैं।
वायरल वीडियो से सामने आया सच-
-पुराने इशारे कैसे दम तोड़ रहे हैं, इसकी बानगी सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल एक वीडियो में दिखी। न्यूयॉर्क निवासी डैनियल अलवाराडो अपनी पत्नी मार्सिएला के पास जाते हैं और उनसे इशारे में यह बताने को कहते हैं कि वह फोन पर बात कर रही हैं? मार्सिएला अपने अंगुठे और कनिष्ठा उंगली को कान के पास ले जाकर दिखाती हैं। इसके बाद डैनियल अपने बच्चों से भी ऐसा करने को कहते हैं। इस दौरान दोनों अपनी हथेली को कान पर रखकर यह बताते हैं कि वे फोन पर बात करने में व्यस्त हैं। इस वीडियो को दो करोड़ से ज्यादा हिट मिल चुके हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
