
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके की विशेष पहल पर मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले को छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले से लिक्विड ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके लिए छिंदवाड़ा जिले के सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर रोगियों को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन गैस देकर उनकी जान बचाई जाती हैं। इस समय सभी अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन गैस की सिलेण्डरों की आवश्यकता सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में नागपुर से लिक्विड ऑक्सीजन गैस का प्रदाय किया जाता रहा है। परन्तु गत दिनों वहां अपरिहार्य कारणों से आक्सीजन गैस की आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे छिंदवाड़ा जिले में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की कमी आ गई। तब छिन्दवाड़ा जिले के कलेक्टर ने राज्यपाल से दुर्ग जिले से लिक्विड आक्सीजन गैस की आपूर्ति के लिए मदद का आग्रह किया। राज्यपाल सुश्री उइके को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने दुर्ग जिले के कलेक्टर एवं छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर छिंदवाड़ा जिले को लिक्विड आक्सीजन गैस प्रदाय करने के निर्देश दिए।
दुर्ग जिले के कलेक्टर नेकी त्वरित व्यवस्था ...
दुर्ग जिले के कलेक्टर व शासन के अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए छिन्दवाड़ा जिले में लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था की। इसके लिए छिंदवाड़ा के सामाजिक संगठन रोटरेक्ट क्लब, ओम साई मल्टीपर्पस वेलफेयर सोसाइटी, कोरोना हेल्प लाईन, के.के. एफ. संस्था ने राज्यपाल तथा दुर्ग जिले के कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे का आभार व्यक्त किया। वहां के नागरिकों ने कहा कि राज्यपाल सुश्री उइके ने इस संकट की घड़ी में मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। यह उनकी संवेदनशीलता की पहचान है कि वे बिना किसी कठिन प्रक्रिया के इस कार्य के लिए मदद की। राज्यपाल ने त्वरित कार्यवाही के लिए छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और दुर्ग जिले के कलेक्टर की सराहना की है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में हाईवे पेट्रोलिंग हेतु 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को इससे सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को भी तत्काल राहत और सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि शासन दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रतिबद्ध है। दुर्घटनाजन्य स्थलों की पहचान कर हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के माध्यम से घायलों को शीघ्र ही मदद मिल पाएगी। शीघ्र मदद मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की जान बच सकेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा दस जिलों बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर और कोण्डागांव के लिये 15 हाईवे पेट्रोल वाहनों को रवाना किया गया।
इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक जेल संजय पिल्ले, विशेष पुलिस महानिदेशक आर के विज और अशोक जुनेजा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दस जिलों के राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट के आधार पर 15 सड़क खण्ड चिन्हित किये गये हैं, जिनकी लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। इस मार्ग पर 24 घंटे तीन पालियों में एएसआई, हेड कॉन्सटेबल, कॉन्सटेबल और ड्राईवर उपलब्ध रहेंगे। हाईवे पेट्रोलिंग टीम सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचेगी और दुर्घटना पीड़ित को 108 वाहन या हाईवे पेट्रोलिंग वाहन से तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल हेतु रवाना करेगी।
इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ित व्यक्तियों के परिजनों को तुरंत सूचना दी जाएगी। टीम द्वारा हाईवे के किनारे खड़े खराब, दुर्घटनाग्रस्त, अवैध पार्किंग के वाहनों को हटवाया जाएगा। हाईवे पेट्रोलिंग के संचालन एवं नियंत्रण पर संबंधित पुलिस अधीक्षक का पूर्ण दायित्व होगा।
इस संसाधनों से लैस हैं हाईवे पट्रोलिंग वाहन- हाइवे पेट्रोलिंग वाहन सभी अतिआधुनिक एवं तकनीकि संसाधनों से लैस हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम, ब्रीथ एनालाईजर(एल्कोमीटर), स्मार्ट फोन, रिफ्लेक्टर जैकेट, रेनकोट, एलईडी बेटन, एलईडी लाईट, पी.ए. सिस्टम एवं सायरन, वायरलेस सेट, डिजिटल कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, सर्ट लाईट, टूल किट (टोइंग हेतु), स्ट्रैचर की सुविधा उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वाघनदी बॉर्डर से उड़ीसा बॉर्डर तक 322 किमी तक 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियां चल रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं और घायलों को समय पर उपचार मिलने में अत्यधिक सहायता मिली है। नई 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों के लिये यातायात पुलिस और अंतर्विभागीय समिति द्वारा नये 15 सड़क खण्डों में उन दुर्घटनाजन्य स्थलों को चिह्नित किया गया है जहां डायल 112 की गाड़ियां नहीं चल रही हैं।
एआईजी यातायात संजय शर्मा ने बताया कि हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों की त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से विगत वर्ष की तुलना में पिछले 8 माह में सड़क दुर्घटनाओं में 24 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु में 20 प्रतिशत की कमी आई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में बस्तर विशेष बल के गठन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। इस विशेष बल में बस्तर के संवेदनशील क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के स्थानीय युवाओं की भर्ती की जाए, इससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। बस्तर अंचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय भाषा की जानकारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। यदि अंदरूनी गांवों के युवाओं की बल में भर्ती की जाएगी तो पुलिस का काम और ज्यादा आसान हो जाएगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा विशेष बल के गठन का प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि कोविड संकट काल में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है, जिसकी हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटनायक समिति के माध्यम से छोटे-छोटे प्रकरणों में जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए तेजी से कार्रवाई की जाए। हर माह इन प्रकरणों की वापसी की समीक्षा की जाए। बैठक में बताया गया कि पटनायक समिति के समक्ष 625 प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें 404 प्रकरणों में समिति ने अनुशंसा की है। न्यायालय से 206 प्रकरण निराकृत किए गए हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री ने चिटफण्ड कम्पनियों के प्रकरणों को तेजी से निराकृत कर संबंधित लोगों को राशि की वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इन प्रकरणों की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि चिटफण्ड से संबंधित 17 प्रकरणों में नीलामी की कार्यवाही कर 9 करोड़ 4 लाख 40 हजार 220 रूपए शासन की खाते में जमा किया गया है। रायपुर और दुर्ग में दो प्रकरणों में नीलामी की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। दुर्ग जिले मेें संबंधित लोगों को कुल 16.04 लाख रूपए, राजनांदगांव जिले में 1.88 लाख रूपए, बिलासपुर जिले में 2.80 लाख रूपए और बेमेतरा जिले में 2.22 लाख रूपए की राशि वापस की गई है। श्री बघेल ने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार विभाग द्वारा आरक्षक भर्ती का टाईम टेबल घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी संवेदनशीलता के साथ पुलिस कर्मियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें और पुलिस कर्मियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करंे। उनके प्रमोशन, स्थानांतरण और छुट्टी के आदि मामलों पर त्वरित कार्यवाही करें। श्री बघेल ने कहा कि पिछले 18 माह में और विशेष रूप से कोविड संकट काल में आम जनता के बीच पुलिस की अच्छी छवि बनी है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों से शराब की तस्करी और सट्टे पर कठोरता के साथ अंकुश लगाने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों में प्री फेब्रिकेटेड पुल-पुलिया बनाए जाएं।
गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली से आम जनता में उनके प्रति सम्मान और अपराधियों में डर का भाव हो। उन्होंने सभी जिलों में पुलिस के पेट्रोल पंप प्रारंभ करने के लिए प्रयास करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे होने वाली आय की राशि पुलिस वेलफेयर में खर्च की जाए। उन्होंने सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता बतायी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस के सीजी-कॉप ;ब्ळ.ब्व्च्द्ध मोबाईल एप को लॉंन्च किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा विकसित मोबाईल एप आम नागिरकों को पुलिस के नजदीक लाने और पुलिस से सहायता प्राप्त करने के लिये परस्पर विश्वास को विकसित करने में मदद करेगा। अपराध नियंत्रण की दिशा में यह एप नागरिकों और पुलिस के बीच एक सेतु का काम करेगा।
सीजी-कॉप एप को डाउनलोड कर नागरिक अपराध की सूचनाएं देने या प्रकरणों संबंधित सभी सूचनाएं एक क्लिक पर ही पा सकेंगे। नागरिक इस एप के माध्यम से कुल 14 प्रकार की सेवाओं का लाभ बिना थाना जाये ही ले सकेंगे। सीजी-कॉप एप के माध्यम से नागरिक एफआईआर, ऑनलाईन शिकयात, चोरी, गुम, जब्त वाहन, अज्ञात शव, पुलिस से क्लू साझा करें, केस स्टेटस खोजें, पुलिस टेलीफोन निर्देशिका, चोरी, गुम, जब्त मोबाईल, गुमशुदा व्यक्ति, सहायता केंद्र, गिरफ्तार व्यक्ति का विवरण, नजदीकी पुलिस थाना, गुमशुदा व्यक्ति की खोज और हेल्पलाईन सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक जेल संजय पिल्ले, विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज और अशोक जुनेजा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जैजपुर । शौर्यपथ । यूं तो पुलिस का काम ही समाज की सुरक्षा और कानून का बेहतर तरीके से पालन कराना होता है जिससे आमजन स्वतन्त्र और सुरक्षित रूप से अपना जीवन यापन कर सके । हालांकि जैजैपुर पुलिस पर अपने कर्तव्य के निर्वहन करने में लापरवाही बरतने जैसी लगातार कुछ ना कुछ आरोप तमाम समाचार पत्रों और चैनलों के खबरों के माध्यम से पता चल रहता है जिससे सबको लगने लगा था कि जैजैपुर पुलिस पूरी तरह निकम्मी हो चुकी है और यहां हर तरह के केस दब जाते हैं लेकिन जिस तरह से जैजैपुर पुलिस के निरिक्षक तेजराम यादव की टीम ने बीते 13 तारीख के दर्मयानी रात जैजैपुर नगर पंचायत के कचरा गोदाम के चौकीदार खेमचरण कुम्हार के कमरे में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफ़ाश किया है जिसमें आठ लड़कों समेत एक लड़की व एक चौकीदार समेत कुल 10 लोगों को ipc की धारा 151,107, 116(3) के तहत गिरफ़्तार कर नयायालय पेश किया है । गिरफ़्तार किये गये लोगों में रामकुमार कुर्रे पिता सन्कर लाल कुर्रे उम्र 27 साल निवासी मुक्ता मालखरौदा ,कृष्णा यादव पिता फ़ूलसाय यादव उम्र 21 साल निवासी भोथीडीह,राम किशन यादव पिता इतवारी लाल यादव उम्र 24 साल निवासी मोहतरा मालखरौदा,आनंदराम साहू पिता भगत राम साहू उम्र 27 साल निवासी मुक्ता मालखरौदा, इमरान खान पिता आजम खान उम्र 28 साल मिशनचौक मालखरौदा,अरविंद कुमार पिता जगेश्वर प्रसाद उम्र 31 साल निवासी मिशन चौक मालखरौदा,हरिश यादव पिता मोहन यादव उम्र 26 साल निवासी संजयनगर जैजैपुर, माईकल साहू पिता खेमलाल साहू निवासी वार्ड 12 जैजैपुर,सहित युवती सन्तोषी चौहान उम्र 20 साल निवासी पंजरी प्लांट चक्रधर नगर रायगढ़ व चौकीदार खेमचरण कुम्हार शामिल हैं जैजैपुर क्षेत्र अब तक अवैध शराब ,जुआ और अवैध वसूली के कारण जाना जाने लगा था जो कि अब नये थाना प्रभारी तेजराम यादव के आने के बाद इस प्रकार की कार्यवाही से दिन भर धूप – बरसात में घूम घूम कर समाज की बुराईयों को कानून के सामने लाने वाले पत्रकारों और आम जनता में कानून और न्याय के प्रति उम्मीद भी जगी है कि अब जैजैपुर पुलिस भी समाज में फ़ैल रही बुराईयों और अपराधों को मिटाने में कामयाब होगी। इस कार्यवाही से अब इस तरह के घिनौने काम को अन्जाम देने वाले लोगों के बीच डर का माहौल हो गया है।
धर्म/ शौर्यपथ / न्याय के देवता शनि कर्म के ग्रह माने जाते हैं। इन की बुरी दृष्टि से बचने के लिए लोग क्या-क्या उपाय नहीं करते। शनि हमेशा मेहनती लोगों का साथ देते हैं। इनकी कृपा लोगों पर रहे तो ये रंक को राजा और राजा को रंक भी बना सकते हैं। गरीबों की सेवा करने वाले और कर्मठ लोगों पर इनकी हमेशा अच्छी दृष्टि रहती है। आपको बता दें कि शनि की कुछ राशियों पर हमेशा मेहरबान रहते हैं। कहा जाता है कि ये राशियां शनिदेव की पसंदीदा राशियां है। आइए जानें इन राशियों के बारे में:
तुला राशि के लोगों पर हमेशा शनि की अच्छी दृष्टि रहती है। तुला राशि के लोग विनम्र स्वभाव के होते हैं। ये लोग विवाद से दूर रहते हैं। तुला राशि के लोग मेहनत और ईमानदारी से जीवन निर्वाह करना पसंद करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर इस राशि के लोग मेहनती हों और गरीबों की सहायता करने वाले हों तो उनकों सफलता निश्चित ही मिलती है।
कुंभ राशि के लोगों पर भी शनि मेहरबान रहते हैं। शनि देव कुंभ राशि के स्वामी है। इस राशि के लोगों को शनि हमेशा मेहनत का फल देते हैं। इनके थोड़े से प्रयत्न से शनि देव प्रसन्न होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि कुंभ राशि के जातक बहुत सीधे और शांत होते हैं। ये किसी से धोखा आदि नहीं करते हैं। न्याय प्रिय देवता शनि इसी वजह से इस राशि के लोगों पर अपनी अच्छी दृष्टि रखते हैं।
कुंभ राशि के लोग मानवीय और परोपकारी होते हैं। ये लोग समाज की भलाई के लिए कुछ भी कर सकते हैं। यही वजह है कि शनिदेव को यह राशि पसंद है।
मकर राशि के लोगों पर भी शनिदेव की अच्छी नजर रहती है। शनिदेव इस राशि के लोगों को हमेशा उनके अच्छे कार्यों का फल समय पर देते हैं। इनके जीवन में खुशियां ही खुशियां रहती है। मकर राशि के लोग गंभीर और सहनशील होते है। ये लोग मन के विपरीत कभी कुछ नहीं करते। शनि अगर इनकी राशि में अच्छा होते तो वारे न्यारे कर सकता है।
मनोरंजन / शौर्यपथ / एक्टर आयुष्मान खुराना को किसी परिचय की जरूरत नहीं। आज के समय में आयुष्मान खुराना बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे वर्सेटाइल एक्टर माने जाते हैं। आज आयुष्मान अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस मौके पर उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप ने एक फोटो शेयर की है, जिसमें आयुष्मान के चेहरे पर केक लगा है और वह साथ में खड़ी हैं। फोटो शेयर करते हुए ताहिरा लिखती हैं, 'मेरे पास केक है जिसे मैं खा रही हूं, आयुष्मान खुराना, जन्मदिन मुबारक मेरे हमसफर।Ó
आपको बता दें कि आयुष्मान खुराना ने अपने करियर में कई अलग-अलग किस्म के किरदार निभाए। दर्शकों का दिल जीता। विक्की डोनर से लेकर फिल्म गुलाबो-सिताबो तक का इनका सफर काफी शानदार रहा। इस समय भी आयुष्मान खुराना के पास कई प्रोजेक्ट्स हैं जिसपर वह काम कर रहे हैं। हम सभी लोग जानते हैं कि आयुष्मान रिएलिटी शो रोडीज का हिस्सा रह चुके हैं। उसके बाद उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना सफर तय किया।
इस समय आयुष्मान खुराना चण्दीगढ़ में अपनी पत्नी ताहिरा कश्यप और दोनों बच्चों के साथ क्वॉलिटी टाइम स्पेंड कर रहे हैं। ताहिरा कश्यप सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह रोज पर्सनल लाइफ अपडेट्स फैन्स को दे रही हैं। बता दें कि आयुष्मान के भाई अपारशक्ति खुराना अपनी पत्नी संग चण्दीगढ़ में ही हैं।
खेल /शौर्यपथ / मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए तीन वनडे मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 24 रन से हरा दिया। इंग्लैंड ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम ने जो रूट और कप्तान इयोन मोर्गन के किफायती पारियों के दम पर 231 रन बनाए। इसके जवाब में कंगारू टीम कप्तान आरोन फिंच के 73 रनों की शानदार पारी के बावजूद 207 रन ही बना सकी। इससे पहले सीरीज के शुरुआती मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 19 रन से जीत दर्ज की थी। अब सीरीज का आखिरी और निर्णायक वनडे 16 सितंबर को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में ही खेला जाएगा। जीता हुआ मैच हारने पर कंगारू तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने बयान दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में दो बार जीत के करीब पहुंचकर मिली हार को पचाना बहुत मुश्किल है। इंग्लैंड ने आठ विकेट 149 रन पर गंवाने के बाद नौ विकेट पर 231 रन बनाए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने शानदार शुरुआत करके दो विकेट पर 144 रन बना लिए थे लेकिन पूरी टीम 207 रन पर ऑलआउट हो गई। तीन मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबर है।
कमिंस ने कहा कि मैं इस मैच के फुटेज देखूंगा। हमें 40वें ओवर तक लगा था कि मैच हमारी गिरफ्त में है लेकिन फिर पासा पलट गया। हमें उन्हें 200 रन पार करने देना नहीं चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस हार को पचाना मुश्किल है। हमने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन आखिरी 10 ओवर में अतिरिक्त 40-50 रन दे दिए। कमिंस ने कहा कि उनकी टीम को इस तरह की पिचों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा क्योंकि 2023 में भारत में विश्व कप में ऐसी ही पिचों से सामना होगा।
सेहत / शौर्यपथ / पतझड़ में जन्मे बच्चों में अस्थमा, हे फीवर और खानपान से संबंधित एलर्जी होने का खतरा ज्यादा होता है। एक हालिया शोध में यह खुलासा हुआ है। ब्रिटेन में दुनिया में सबसे अधिक एलर्जी की दर है, यहां की 20 प्रतिशत से अधिक आबादी कम से कम एक एलर्जी विकार से पीडि़त है।
कोलोराडो की नेशनल ज्यूइश हेल्थ की शोधकर्ता डॉक्टर जेसिका हुई ने कहा, हमने अपने क्लिनिक में इलाज किए गए प्रत्येक बच्चे को देखा और पाया कि जो बच्चे पतझड़ में पैदा हुए थे, उनमें एलर्जी से जुड़ी सभी स्थितियों का अनुभव करने की अधिक संभावना थी। अब हम इस बारे में अधिक अध्ययन कर रहे हैं कि ऐसा क्यों है और हम दृढ़ता से मानते हैं कि यह त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के कारण होता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ज्यादातर एलर्जी बचपन में ही शुरू होती है जब एलर्जी फैलाने वाले रोगाणु सूखी हुई त्वचा से अंदर प्रवेश करते हैं। इससे एलर्जी की एक श्रृखंला की शुरुआत हो जाती है जिसे एटॉपिक मार्च कहते हैं।
ब्रिटेन में पांच में से एक बच्चे को एक्जीमा की शिकायत है। जिन्हें एक्जीमा की शिकायत होती है उनके शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया का स्तर ज्यादा होता है। इससे एलर्जी पैदा करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पतझड़ में पैदा होने वाले बच्चों की त्वचा बेहद कमजोर होती है और इसलिए ये बार-बार एलर्जी का शिकार हो जाते हैं।
शिक्षा / शौर्यपथ / जीवन में हर कोई जीतना चाहता है लेकिन कभी-कभी काफी प्रयासों के बाद भी हम हार जाते हैं। जीवन के किसी पड़ाव पर हारना बुरा नहीं है लेकिन हारकर वापस न उठना या हारे हुए मन से जीते जाना बहुत बुरा है लेकिन कभी न कभी ऐसा होता है जब किसी हार से हम बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं और हमारी हिम्मत जवाब दे जाती है। ऐसे में खुद को फिर से खड़ा करने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए-
अपनी जीत को याद करें
आपको जब भी लगे कि अब आप हारने के बाद फिर से खड़े नहीं हो सकते, तो आपको जरुरत है कि आप जीत को याद करते हुए सोचें कि एक दिन वो भी था, जब आपको जीत हासिल हुई थी। ऐसे में आप महसूस करेंगे कि आपके मन से नकारात्मकता जाने लगेगी।
जानवरों से सीखें
इंसान किताबों से सीखता है लेकिन जानवरों की प्रकृति से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। सभी जानवर भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमते हुए मेहनत करते हैं। वो रोजाना यही काम करते हैं लेकिन फिर भी कभी हार नहीं मानते और मेहनत करते रहते हैं।
अपने लक्ष्य को फिर से याद करें
आपकी हार ने अगर हौंसला तोड़ दिया है, तो अपने लक्ष्य को दुबारा याद करें। आप यह सोचें कि आपको अगर अपना लक्ष्य मिल जाता है, तो आपके जीवन में क्या बदलाव आता है। इससे आपका हौंसला बढ़ जाएगा।
अपने करीबियों को याद करें
आप दुबारा कोशिश करते हैं और लक्ष्य को पा लेते हैं, तो आपके करीबियों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह सोचिए कि आप लक्ष्य को पाकर उनके जीवन में क्या बदलाव ला सकते हैं। ऐसा करने से आप निराशा को भूलकर आगे बढऩे का निर्णय लें पाएंगे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
