August 03, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोनावायरस से संक्रमित पत्रकार नीलांशु शुक्ला का मंगलवार की सुबह निधन हो गया. नीलांशु पिछले कई दिनों से कोरोना से लड़ रहे थे, लेकिन कोविड कॉम्पलिकेशंस के चलते मंगलवार को उनका निधन हो गया. नीलांशु अतीत में और फिलहाल India Today Group के साथ जुड़े हुए थे और लखनऊ ब्यूरो में काम कर रहे थे. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने उनके निधन की खबर पर दुख जताया है और कोरोना के दौर में पत्रकारों के लिए सरकार से इंश्योरेंस कवर की मांग की है.
    प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'बहुत ही दुखद खबर. लखनऊ के नौजवान पत्रकार नीलांशू शुक्ला जी हमारे बीच नहीं रहे. वो कई दिनों से कोरोना से लड़ाई लड़ रहे थे. नीलांशू शुक्ला जी एक होनहार पत्रकार थे. कई बार मैंने स्वयं उन्हें कार्य करते देखा है. भावभीनी श्रद्धांजलि. ईश्वर इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों को कष्ट सहने का साहस दें. मैंने पहले भी इस मुद्दे को उठाया था कि पत्रकार साथी इस संकट के समय में सूचनाएं देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं. यूपी सरकार को नीलांशू शुक्ला जी के परिवार को आर्थिक मदद व सभी पत्रकारों को बीमा कवर देना चाहिए.'
    बता दें कि कुछ दिन पहले उन्हें कोरोना के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद उन्हें कानपुर एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन इलाज के दौरान उनकी दिन-ब-दिन हालत बिगड़ती गई, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. उन्हें दो बार प्लाज़्मा थेरेपी भी दी गई थी. सोमवार की रात उन्हें दूसरी बार प्लाज़्मा थेरेपी दी गई थी. लेकिन मंगलवार की सुबह उनका निधन हो गया. नीलांशु की उम्र 35 साल से भी कम थी. हाल ही में उनकी इंगेजमेंट हुई थी और जहां तक जानकारी है उनको किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या नहीं थी.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के मामले में आरोपी और महिला संगठन पिंजरा तोड़ ग्रुप की सदस्य देवांगना कलिता को दंगे से जुड़े एक मामले में जमानत मिल गई है. उन्हें दिल्ली दंगे में 26 फरवरी से जुड़े मामले में जमानत मिली है. दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि उनके भाषण में कोई उकसावे जैसी बात नहीं है. पुलिस ने देवांगना कलिता को मुख्य साज़िशकर्ता बताया था.
    मंगलवार को कलिता को 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी गई है. हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि वो देश छोड़कर नहीं जा सकती हैं और न ही वो गवाहों को प्रभावित करेंगी. जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलिता को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने उन्हें गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ ना करने का निर्देश दिया है.
    हालांकि जमानत मिलने के बाद भी देवांगना कलिता जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी. दरअसल, स्पेशल सेल ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है. इसलिए अभी वो जेल में ही रहेंगी. उन पर दंगों से जुड़े कई और मामले चल रहे हैं, स्पेशल सेल ने दंगों की साज़िश को लेकर उन्हें यूएपीए के तहत आरोपी बनाया है.
    कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
    देवांगना कलिता की जिस मामले में ज़मानत हुई वो मामला 26 फरवरी को जाफराबाद में हुई हिंसा से जुड़ा है. कोर्ट ने देवांगना को ज़मानत देते हुए कहा कि 'विरोध प्रदर्शन के दौरान देवांगना के द्वारा दिया गए भाषण से कहीं से ऐसा नहीं लगता कि एक समुदाय की महिलायें भड़की हो, वो एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था जो कि हर किसी का संवैधानिक अधिकार है, कोर्ट ने कहा कि देवांगना को ज़मानत देने से जांच पर असर नहीं पड़ेगा. उन्हें ज़मानत देकर उत्पीड़न और गैर जरूरी हिरासत से बचाया जा सकता है.' कोर्ट ने कहा कि 'विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया और पुलिस के कैमरे थे, ऐसा कहीं से नहीं लगता कि उनकी वजह से हिंसा हुई.'
    बता दें कि फरवरी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान उत्तर पूर्व दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मई में नताशा नरवाल के समूह की कलिता और अन्य सदस्यों को मई में गिरफ्तार किया था. उन पर दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से जमा होने और हत्या की कोशिश करने सहित आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
    कलिता पर दिसंबर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई हिंसा और उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे सहित कुल चार मामले दर्ज हैं. उत्तरपूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इन दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हो गए थे.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रासुका का सामना कर रहे डॉक्टर कफील खान को रिहा करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने मंगलवार को मामले में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि 'NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि को बढ़ाना गैरकानूनी है. कफील खान को तुरंत रिहा किया जाए.' इसपर उनकी पत्नी की प्रतिक्रिया आई है. एक वीडियो जारी कर उनकी पत्नी शबिस्ता खान ने कहा कि उनकी जिंदगी से सात महीने छीन लिए गए, जिसे अब कोई वापस नहीं लौटा सकता है.
    शबिस्ता खान ने कहा, 'एक निर्दोष व्यक्ति, जिसने कुछ नहीं किया है, उसपर NSA लगाकर उसे जेल में बंद कर दिया गया और सात महीनों तक उसे प्रताड़ित किया गया. वो सात महीने कोई वापस नहीं ला सकता है. हम तो जब सोचते हैं कि ये सात महीने कैसे गुजरे हैं तो हमारी रूह कांप जाती है. अगर आपके पास NSA का पावर है तो उसे मिसयूज़ मत करिए. अगर कोई दंगा कर रहा है. कुछ गलत कर रहा है तो जरूर उसे जेल में डाल दीजिए, उसपर NSA लगा दीजिए. लेकिन जिसने कुछ किया ही नहीं है, उसपर NSA लगा दिया गया और जेल में डाल दिया गया. प्लीज़ यही अपील है कि अगर आपके पास NSA की शक्ति है तो उसका गलत इस्तेमाल मत करिए.'
    बता दें कि इलाहाबाद कोर्ट मामले मंगलवार को अपना आखिरी फैसला सुना रहा था. कोर्ट ने डॉक्टर कफील को रासुका के लगाकर जेल में रखने और फिर उनकी हिरासत की अवधि को बढ़ाए जाने के कदम को गैरकानूनी बताया. गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता और बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान को CAA, NRC और NPA के विरोध के दौरान अलीगढ़ विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर 2019 को कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के आरोप में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर के प्रबंधन के बाबत सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं. अपना फैसला सुनाने के बाद मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा साथी जजों से बोले, "शिवजी की कृपा से ये आखिरी फैसला भी हो गया." कोर्ट ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं. हाल ही में जस्टिस मिश्रा ने अपने विदाई समारोह में शामिल करने से इनकार कर दिया था. इस फैसले की वजह से कोरोना महामारी को माना जा रहा है.
    पहले भी शीर्ष न्यायालय ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भस्म और अन्य लेपन से हो रहे प्रभाव पर कुछ दिशा निर्देश दिए थे. बाद में चर्चा होने पर कोर्ट ने अपना आदेश ये कहते हुए संशोधित किया था कि पूजा अर्चना और सेवा भोग कैसे हो ये तय करना हमारा काम नहीं है. ये तो मन्दिर प्रबन्धन और पुरोहितों पुजारियों को ही तय करने दिया जाये.
    मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने मन्दिर प्रबन्धन को दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसमें भक्तों के प्रवेश और अन्य उपचार को लेकर विस्तार से निर्देश हैं. कोर्ट के निर्देश जल्दी ही वेबसाइट पर आएंगे.
    दरअसल, जस्टिस अरुण मिश्रा बुधवार को रिटायर होने वाले हैं. सोमवार को उन्होंने प्रशांत भूषण अवमानना केस समेत चार मामलों में फैसला सुनाया था. मंगलवार को महाकालेश्वर मंदिर के प्रबंधन को लेकर आदेश सुनाने से पहले AGR मामले पर भी फैसला सुनाया.
    बता दें कि जस्टिस अरूण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाले उनके विदाई समारोह में शामिल होने से मना तो किया साथ ही यह भी कहा कि कोरोना संकट काल के मद्देनज़र वह समारोह का आयोजन नहीं चाहते क्योंकि उनकी अंतरात्मा इसकी अनुमति नहीं देती है.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / साल 2018 में जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया तो कांग्रेस में हलचल मच गई. कई नेताओं जैसे पी. चिदंबरम, केके तिवारी, सलमान खुर्शीद ने प्रणब मुखर्जी से वहां न जाने की अपील की. वैचारिक रूप से एकदम अलग आरएसएस के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी जी जैसे कांग्रेसी नेता का जाना अपने आप में एक अद्भुत घटना थी. अब सबकी नजरें इस बात पर थीं कि प्रणब मुखर्जी वहां आरएसएस के कार्यक्रम में वहां क्या बोलेंगे. प्रणब मुखर्जी ने नागपुर जाकर आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को भारत का मां बेटा बताया. उनके इस बयान पर आलोचना भी हुई. अपने भाषण में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्र की आत्मा बहुलवाद और पंथनिरपेक्षवाद में बसती है. प्रणब मुखर्जी ने प्रतिस्पर्धी हितों में संतुलन बनाने के लिए बातचीत का मार्ग अपनाने की जरूरत बताई. उन्होंने साफतौर पर कहा कि घृणा से राष्ट्रवाद कमजोर होता है और असहिष्णुता से राष्ट्र की पहचान क्षीण पड़ जाएगी.
    इस कार्यक्रम के समापन से पहले संघ की प्रार्थना हुई जिसमें प्रणब मुखर्जी सामान्य मुद्रा में खड़े रहे. लेकिन उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई जिसमें वह संघ के स्वयंसेवकों की तरह प्रार्थना करते नजर आए. यह तस्वीर फोटोशॉप से बनाई गई थी. इस तस्वीर को देख उनकी बेटी और कांग्रेस की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी काफी आहत और नाराज हुईं. उन्होंने कहा कि जिस बात का उन्हें डर था और अपने पिता को जिस बारे में उन्होंने आगाह किया था, वही हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि जिसका डर था, भाजपा/आरएसएस के 'डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट' ने वही किया.
    कांग्रेस के दूसरे नेताओं की तरह ही शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी उन्हें आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से मना किया था. लेकिन पूर्व राष्ट्रपति अपने धुन के पक्के थे और उन्होंने वहां जाने के लिए ठान लिया था. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा था कि वरिष्ठ नेता और विचारक प्रणब मुखर्जी की आरएसएस मुख्यालय में तस्वीरों से कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता और भारतीय गणराज्य के बहुलवाद, विविधता एवं बुनियादी मूल्यों में विश्वास करने वाले लोग दुखी हैं 

    भिलाई / शौर्यपथ / सोमवार की अलसुबह कोयले से भरी मालगाड़ी के चार वेैगनों वैगन क्रमांक एनसीआर 22131577008, एनसीआर 22131129023, ईसीआर 22101733946 तथा डब्ल्ूसीआर 22161128294 में आग लगने से हड़कंप मच गया। मध्य लाईन में रायपुर की ओर से दुर्ग की ओर धड़घड़ाते हुए जा रही मालगाड़ी के वैगनों में उठते धुआं को देख यहां के स्टाफ ने अधिकारियों से कहकर गाड़ी रूकवाई और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाने का कार्य किया गया, कड़ी मशक्कत के बाद तीन घंटा में बाग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण तीन घंटा तक इस ट्रेक पर दोनो ओर से गाडिय़ों के आवाजाही पर रोक लगा दियाग गया था, स्थिति सामान्य होने के बाद सवा 9 बजे इस ट्रेक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकी। अगर इस प्रयास में एक-दो घंटे की देरी हो जाती तो आग की लपटें कोयले से भरी वैगन को नुकसान पहुंचा सकते थे। ऐसा नहीं हो पाने से रेलवे का महकमा राहत की सांस ले रहा है। आग लगने की घटना पर यह आशंका जाहिर की जा रही है कि जिस स्थान या खदान से कोयला मालगाड़ी के वैगन में भरा गया है, वहीं पर ही कोयले के कुछ भाग में आग लगी रही होगी। इसी आग के चलती मालगाड़ी में तेज हवा में सुलगने की संभावना जताई जा रही है।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह सवा 6 बजे के आसपास मध्य लाइन पर रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी की रैक के चार वैगनों में धुंए के साथ आग की लपटें उठ रही थी। भिलाई-3 रेलवे स्टेशन के पास लोको पायलट एके दुबे और गार्ड नवीन कुमार ने आपस मे बातचीत करते हुए वैगन में लगी आग की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर ने भी प्रथम तल की छत से आग की लपटों को देखा और तत्काल लाल सिग्नल देकर मालगाड़ी को खड़ा करवा दिया। लोको पायलट के साथ मोबाइल फोन पर बात करते हुए जिन वैगनों में आग नजर आ रही थी उसे आगे पीछे करते हुए स्टेशन कार्यालय के नल में पाइप लगाकर पानी की बौछार की जाती रही। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई थी। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंचने के बाद बारी-बारी से सभी चार वैगनों पर लगी आग को काबू में कर लिया गया।
    कोयले से भरी वैगनों में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक आरके राठौर सहायक उप निरीक्षक पी राजैय्या, एस कुमार, डीके वर्मा, आरक्षक वीरेन्द्र कुमार, एसके दानेकर, सीबीआई के एएसई नरेन्दर यादव सहित बैरक में मौजूद रहे। आरक्षक आलोक यादव ने पहुंचकर आग बुझाने में योगदान दिया। शासकीय रेलवे पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बीके राठौर, दल सिंह, आरक्षक जानसिंह, छन्नूराम भगत, पर्वत राव अविसाय मिंज सहित स्टेशन में मौजूद अन्य स्टाफ ने भी आग में काबू पाने अपने-अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे पहले रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने पटरी के ऊपर से गुजरने वाली ओएचई की बिजली सप्लाई को बंद करवा दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने वैगन के उपर चढ़कर पानी का छिड़काव करते हुए कोयले में लगी आग को काबू में कर लिया।

    raipur/ शौर्यपथ / कोरोना महामारी संकटकाल में भाजपा सांसदों को जनता के प्रति गैर जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को नाम मात्र सहयोग मिला है जिसमें वेंटीलेटर एवं पीपीई किट मास्क शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अपने संसाधन से 20हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने खाने दवाई की व्यवस्था एवँ कोविड-19 हॉस्पिटल्स,कोविड केयर सेंटर में 25,000 से अधिक बैड आईसीयू बैड, टेस्ट लैब,टेस्टिंग किट, सहित सभी प्रकार के संसाधनों की व्यवस्था की है।
    ठाकुर ने कहा कि कोरेना महामारी संकटकाल में छत्तीसगढ़ के भाजपा और उनके सांसदों का रवैया जनता और छत्तीसगढ़ प्रति गैर जिम्मेदाराना रहा है।विपत्ति काल में भी भाजपा के सांसद मदद करने के बजाय तथ्यहीन आधारहीन झूठे आंकड़ों के सहारे गुमराह की राजनीति कर रहे हैं। पीएमकेयर फंड में छत्तीसगढ़ के एसईसीएल भेल सेल एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से सीएसआर फंड की हजारों करोड़ की राशि जबरदस्ती जमा करवा ली गई।भाजपा सांसदों ने भी सांसद निधि के करोड़ों रुपए पीएम केयर्स फंड में दे दिए जिस पर क्षेत्र की जनता का अधिकार होता है। दुर्भाग्य की बात है मोदी सरकार छत्तीसगढ़ से सैकड़ो करोड़ रुपए लेकर भी छत्तीसगढ़ को देने में ही आनाकानी कर रही हैं। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई राशि खाना पूर्ति मात्र है। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई वेंटिलेटर पीपीआई किट मास्क की गुणवत्ता में संदेह है। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का किराया भी राज्य सरकार एवं कांग्रेस संगठन ने वहन किया।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सांसदों से पूछा पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर मद से ली गई राशि कहां खर्च की गई है? प्रधानमंत्री गरीब कल्याण मजदूर योजना से छत्तीसगढ़ को दूर क्यों रखा गया? भाजपा सांसदों ने अब तक छत्तीसगढ़ को कोरोना महामारी से निपटने के लिए क्या सहयोग किया जनता को बताएं?

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सांगली के नयापारा के कुछ लोगों के डायरिया से प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने आज सुबह ग्राम सांगली पहुॅचकर डायरिया प्रभावित लोगों की जानकारी ली और समुचित उपचार के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि डायरिया प्रभावित लोगों का समुचित उपचार किया जा रहा है। कुछ लोग स्वस्थ हो गए हैं, स्थिति नियंत्रण में है। कलेक्टर ने सभी लोगों के स्वस्थ होते तक वहॉ स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि गॉव के पेयजल पाईप लाईन का सर्वे करें और कहीं लिकेज या खराबी हो तो तत्काल सुधार कराएॅ।
    कलेक्टर ने गॉव में क्लोरिन टेबलेट और ओआरएस पैकेट का वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गॉव के सभी हैण्डपम्पों में क्लोरीनेशन करने और हैण्डपम्पों के आसपास ब्लीचिंग पावडर डालने के निर्देश दिए। गॉव के नालियों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की समझाइश दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार सुब्रत प्रधान, डॉ ग्लेड, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता धनंजय आदि मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभाग के कमिश्नर टी. सी. महावर द्वारा आकस्मिक रूप से पाटन क्षेत्र का दौरा किया गया। वे आकस्मिक रूप से अनुभागीय अधिकारी पाटन के कार्यालय पहुंचे जहाँ उन्होंने एसडीएम से हाल में वर्षा से हुई क्षति से संबंधित मुआवजा वितरण की जानकारी प्राप्त की एवं कार्यालय में आए हुए ग्राम वासियों से मुआवजा प्राप्ति के संबंध में पूछताछ कर जानकारी ली। संभागायुक्त द्वारा मुआवजे के लिए बनाए गए प्रकरणों का निरीक्षण भी किया गया तथा न्यायालय अनुभागीय अधिकारी पाटन का निरीक्षण भी किया गया एवं पटवारी जयकरण लाल सोनी की सेवा पुस्तिका का भी अवलोकन किया।
    इसके बाद उन्होंने जनपद कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां ग्राम बोरीद पंचायत की पंचायत सचिव श्रीमती सुनीता दीवान की सेवा पुस्तिका का अवलोकन किया तथा पाई गई कमियों के निराकरण हेतु संबंधित शाखा के प्रभारी को निर्देशित किया। अतिरिक्त मुख्य कार्यालयपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन द्वारा जानकारी दी गई कि महात्मा गांधी नरेगा से संबंधित भुगतान के लिए पर्याप्त राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने ने गोधन न्याय योजना एवं गौठानो योजनाओं के संबंध में विस्तृत जनाकारी ली तथा तहसील कार्यालय पाटन के प्रांगण में स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान कैंटीन का अवलोकन किया, वहाँ उपस्थित जय माँ बगलामुखी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन उनकी 1000 से 1500 रुपये तक के सामग्री की बिक्री हो जाती है।
    संभागायुक्त द्वारा कार्यालय में आवश्यक मरम्मत एवं नियमित सफाई के निर्देश दिए गए तथा कार्यालय में आए हुए लोगों को पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के संबंध में निर्देशित किया। उन्होंने तहसील प्रांगण में खड़ी एक खराब जीप की तत्काल नीलामी करने के लिए निर्देश दिए जिससे कि तहसीलदार को नया वाहन उपलब्ध हो सके, उन्होंने क्षेत्र में चल रहे गिरदावरी कार्य की भी समीक्षा की जिस पर अनुभागीय अधिकारी पाटन ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक गिरदावरी कार्य पूर्ण हो चुका है। निरीक्षण के समय अनुभागीय अधिकारी पाटन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटान और नायाब तहसीलदार पाटन भी मौके पर उपस्थित थे।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / हर कोई अपने घर को खूबसूरती से सजाना चाहता है। घर के कोने-कोने को सजाने के लिए हम तरह-तरह की पेटिंग्स से लेकर फूल-पौधे लगाते हैं। हालांकि कई बार वास्तु शास्त्र की जानकारी न होने पर हम कुछ ऐसा भी कर देते हैं, जिससे वास्तु दोष होता है। वास्तु शास्त्र में घर में सुख-शांति और खुशहाली के लिए कई तरह के उपाय भी बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन उपायों से वास्तु दोष दूर होता है और घर में खुशहाली आती है।

    1. अतिथियों के साथ मधुर रिश्तों के लिए उत्तर या पश्चिम दिशा में स्थान बनाना चाहिए।
    2. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पैसों की बचत के लिए घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग की बजाए गुलाबी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
    3. कहते हैं कि पार्किंग के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थान होना शुभ होता है।
    4.घर के पौधों को रोजाना पानी देना चाहिए। अगर कोई पौधा सूख जाए तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए।
    5. वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी व्यक्ति को दक्षिण दिशा में पांव करके नहीं सोने चाहिए। ऐसा करने से बैचेनी या घबराहट हो सकती है।
    6. माना जाता है कि बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। इसके अलावा सोते समय शीशे को ढक देना चाहिए।
    7. घर में उत्तर दिशा, पूर्व दिशा और वायव्य दिशा में सामान रखना शुभ होता है।
    8. घर में नुकीले या कांटेदार पौधों को लगाने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से धन की हानि होती है।
    9. घर में अग्नि से संबंधित उपकरण दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
    10. पूजा घर में नियमित तौर पर पूजा करनी चाहिए। पूजा घर कभी भी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं बनाना चाहिए।

     

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