August 03, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में शिक्षकों ने अपनी संकल्प शक्ति से बच्चों के भविष्य को गढऩे का बीड़ा उठाया है। राजनांदगांव जिला अंतर्गत वनांचल मोहला के संकुल रेंगाकठेरा में शिक्षक नियमित रूप से मोहल्ला क्लास लेे रहे है। मीडिया प्रभारी श्री सुनील शर्मा तथा संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू ने बताया कि पढ़ाई तुंहर दुआर के वेबपोर्टल के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को इनके घर के आसपास चौक में मोहल्ला क्लास संचालित कर पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही। अध्यापन के लिए कई शिक्षक सारथी भी नि:शुल्क पढ़ाने के लिए स्वयमेव तैयार हो गए, जिसके कारण रेंगाकठेरा संकुल अंतर्गत नियमित मोहल्ला कक्षाएं संचालित की जा रही है। मोहल्ला पाठशाला में पाठ्यक्रम पूरा करने के अलावा बच्चों के मानसिक, नैतिक एवं कौशल विकास के लिए भी विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। मोहल्ला क्लास में आने वाले शैक्षणिक समस्याओं का समाधान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा वीडियो काल के माध्यम से किया जा रहा है।
    उप सरपंच नरेश कोर्राम का मिला विशेष सहयोग-
    मोहला ब्लॉक के इस सुदूर आदिवासी अंचल स्थित ग्राम पंचायत रेंगाकठेरा में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम द्वारा शिक्षक श्री सुनील शर्मा एवं नंदकुमार के निवेदन पर बच्चों के लिए मोहल्ला पाठशाला के लिए आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई, जिससे बच्चों की अध्यापन व्यवस्था और बेतहर हुई है। मोहल्ला क्लास के बेहतर संचालन में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम के विशेष योगदान के अलावा संकुल रेंगाकठेरा के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी भरपूर योगदान रहा है। जिसमें सर्वश्री सुनील शर्मा, नंदकुमार साहू, सुनीता वर्मा, प्रेमलता शर्मा, गुरुदत्त पिस्दा, अभीकेश वर्मा, प्रहलाद साहू, जीवन नायक, अमर सिंह ठाकुर, सालिक निषाद, डिलेंन्द नायक, आशीष लाल, श्रद्धा देशमुख, मक्खन साहू, अशोक ठाकुर, देवला मंडावी, प्रमिला सिन्हा, धनुष ठाकुर, इतवारीन कोमरे, सरस्वती साहू, कैलाश भूवार्य, राजकुमार भूवार्य, सुलोचना देशमुख, रैश कुमार धालेंद्रा, गजेन्द्र भूवार्य, फूलबाई आर्य, नीरज सोनी, प्रदीप तारम, योगेश गंगासागर आदि शिक्षक-शिक्षिका द्वारा नियमित रूप से मोहल्ला क्लास संचालन किया जा रहा हैं। मोहला ब्लॉक में मोहल्ला क्लास के सफल संचालन के लिए सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार देवांगन, संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 संक्रमण सहित श्वसन संबंधी गंभीर रोगों जैसे टीबी सहित इंफ्लूजां आदि की रोकथाम के लिए जांच के दायरा को बढ़ायेगी। इसके तहत ऐसे सभी मरीजों की कोविड जांच भी होनी है, जो टीबी से पीडि़त हैं। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर आवश्यक निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कोविड-19 से पीडि़त मरीजों की टीबी व टीबी के मरीजों की कोविड जांच की जाये। निर्देश में इस बात की चर्चा की गयी है कि ट्यूबरकलोसिस (टीबी) और कोविड-19 दोनों संक्रामक रोग हैं जो फेफड़ों पर हमला करते हैं। दोनों ही रोगों में कफ, बुखार व सांस लेने में परेशानी जैसे समान लक्षण दिखते हैं। हालांकि टीबी रोग का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है और बीमारी होने की जानकारी लंबे समय में मिलती है। विभिन्न अध्ययनों से इस बात का खुलासा किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों में टीबी की मौजूदगी 0.37 से 4.47 प्रतिशत रहता है। अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल की तुलना में टीबी मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आयी है।
    कोविड-19 के गंभीर मरीजों में टीबी होने का जोखिम 2.1 गुना अधिक होता है, इसके साथ ही टीबी मरीजों में कुपोषण, मधुमेह एवं धूम्रपान की आदत व एचआइवी की संभावना भी अधिक होती है जो जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।

    बाई डायरेक्शनल जांच के लिए तीन महत्वपूर्ण कदम
    मंत्रालय का मानना है कि टीबी और कोविड जांच के लिए बाई डायरेक्शनल यानी दो तरफा जांच जैसे महत्वपूर्ण कदम संक्रमण की पुष्टि के लिए उठाने होंगे। इनमें टीबी और कोविड में से किसी एक बीमारी से संक्रमित हुए व्यक्तियों की दोनों बीमारियों के लिए जांच करने की सिफारिश की गयी है। सभी इलाज कराये हुए या इलाजरत टीबी मरीजों की कोविड-19 की जांच होगी, यदि मरीज कोविड-19 पॉजिटिव होते हैं तो गाइडलाइन के अनुसार मरीज का टीबी इलाज के साथ साथ कोविड-19 मैनेजमेंट के अनुरूप इलाज किया जायेगा, यदि मरीज कोविड.19 निगेटिव हैं तो उनका सिर्फ टीबी का इलाज जारी रहेगा।

    कोविड-19 मरीजों का होगा टीबी स्क्रीनिंग
    सभी कोविड-19 के मामले में टीबी के लक्षणों की पहचान की जायेगी। खांसी या कफ दो हफ्ते से अधिक समय तक रहने, वजन में कमी एवं रात के समय में बहुत अधिक पसीना बहने सहित टीबी के मरीजों के साथ काटेंक्ट हिस्ट्री का पता लगाकर उनके छाती का एक्स-रे कराया जायेगा और टीबी की इलाज की जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काम खुले व हवादार क्षेत्र में किया जाना है। स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहन कर और कोविड-19 उचित व्यवहारों को अनुपालन करते हुए सैंपल कलेक्शन का काम करना है।

    टीबी के कारण फेफ ड़ों में होता है सूजन
    लंबे समय से खांसी वाले व्यक्ति को बिना देरी किये डॉक्टरी सलाह लेते हुए टीबी की पुष्टि की जांच करानी चाहिए। खांसने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकले ड्रापलेट्स में मौजूद माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरियां दूसरे स्वस्थ्य रोगी को भी संक्रमित कर देता है। इस संक्रमण के कारण धीरे धीरे फेफड़ों में सूजन आ जाती है।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नगर पालिक निगम के 9 कर्मचारियों को आज सोमवार को ससम्मान विदाई दी गई। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी एवं निगम के अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल भेंट करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना किए। इसके पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने भिलाई निगम में सेवाकाल के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने के टिप्स देते हुए अपने अनुभवों को साझा किया! निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने निगम के हर कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल किए है जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किए और सेवानिवृत्त होने के बाद अब आप सभी पूरे परिवार के साथ अच्छा जीवन बिताएं और अपने अनुभवों के साथ अच्छे कार्यों में सहभागी बने। कोरोना संक्रमण की वजह से जुलाई में विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया जा सका था। इस वजह से जुलाई और अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक साथ विदाई दी गई इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का पालन किया गया।
    सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में राजेश कुमार शर्मा सहायक ग्रेड तीन, गया प्रसाद पंप सहायक, श्रीमती दुर्गा बाई सफाई कामगार, लिवन सिंह देशमुख राजस्व निरीक्षक, महेंद्र यादव ट्रेसर अनुरेखक, मो. वकील अहमद वाहन चालक, राम गोपाल पटेल फील्ड वर्कर, गोविंद राम मजदूर, जागेश्वर सफाई कामगार को उनके परिवार की उपस्थिति में विदाई दी गई। इस मौके पर स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, संजय शर्मा, अजय शुक्ला, विष्णु चंद्राकर, जय जैन सहित कर्मचारी संघ के सदस्य सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / निगम प्रशासन ने लोगों की सुविधा के अनुसार सभी जोन क्षेत्र के तालाबों में प्रतिमा विर्सजन की व्यवस्था की है। निगम क्षेत्र के 13 तालाबों में विर्सजन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तालाबों में स्थानीय स्तर पर गोताखोर रखा गया है। घाट की साफ-सफाई के लिए जोन स्तर पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों की दो शिफट में ड्यूटी लगाई है। फूलमाला को एकत्र करने के लिए घाट के समीप स्वच्छता कर्मचारी तैनात है। रात्रि में प्रकाश व्यवस्था के लिए खंभों में एलईडी लाइट लगाई गई है।
    उपायुक्त ने लिया व्यवस्था का जायजा
    महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशानुसार निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने प्रतिमा विर्सजन के लिए चिन्हित तालाबों का जायजा लिया। जोन के कर्मचारियों को तालाबों में एक निश्चित दायरे में ही प्रतिमा विर्सजन करवाने के निर्देश दिए। ज्यादा गहराई में जाने वाले लोगों को रोकने के लिए कहा! जनसंपर्क अधिकारी पीसी सार्वा के साथ वार्ड एक के खमरिया आलाबंद तालाब वर्तमान नाम राजीव गांधी सरोवर, वार्ड 9 भेलवा तालाब वर्तमान नाम रानी लक्ष्मीबाई सरोवर, वार्ड 7 आमा तालाब वर्तमान नाम संत शिरोमणि सेन जी महाराज, वार्ड 16 कुरूद स्थित नकटा तालाब वर्तमान नाम देवदास बंजारे तालाब, वार्ड 27 घासीदास नगर तालाब वर्तमान नाम शिव शक्ति तालाब, वार्ड 19 कैंप 1 तालाब वर्तमान नाम जय शंकर पार्वती तालाब, वार्ड 2 स्मृति नगर तालाब वर्तमान नाम अटल बिहारी वाजपेयी सरोवर, वार्ड-7 सुदंर नगर लिम्हा तालाब वर्तमान नाम स्वामी विवेकानंद सरोवर, और वार्ड-28 दर्री तालाब वर्तमान नाम शहीद चुम्मन यादव सरोवर के तालाबों का जायजा लिया। प्रकाश व्यवस्था और फूल माला एवं विर्सजन सामग्री को एकत्र करने के लिए घाट के समीप व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
    इन तालाबों में होगी प्रतिमा विर्सजन
    निगम प्रशासन ने लोगों से चिन्हित तालाबों में ही प्रतिमा को विसर्जित करने के साथ ही विसर्जन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। हवन-Óपूजा की सामग्री और फूलमााओं को घाट के समीप निर्धारित स्थल में डालने का आग्रह किया है। जोन-1 नेहरू नगर के अंतर्गत वार्ड-1 खम्हरिया आलाबांद तालाब वर्तमान नाम राजीव गांधी सरोवर, वार्ड-2 स्मृति नगर तालाब वर्तमान नाम अटल बिहारी वाजपेयी सरोवर, वार्ड-7 सुंदर नगर लिम्हा तालाब वर्तमान नाम स्वामी विवेकानंद सरोवर और आमा तालाब कोहका रोड स्थित तालाब वर्तमान नाम संत शिरोमणि सेन जी महाराज, वार्ड-9 कोहका आर्य नगर स्थित तालाब वर्तमान नाम महात्मा गांधी सरोवर, वार्ड-9 भेलवा तालाब वर्तमान नाम रानी लक्ष्मीबाई सरोवर में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
    जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड-16 कुरूद नकटा तालाब वर्तमान नाम देवदास बंजारे तालाब, वार्ड-19 केम्प-1 तालाब वर्तमान नाम जय शंकर पार्वती तालाब, वार्ड-27 घासीदास नगर तालाब वर्तमान नाम शिव शक्ति तालाब, जोन-3 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत वार्ड-21 बैकुंठधाम तालाब और सेक्टर-2 तालाब, जोन-4 वीर शिवाजी नगर अंतर्गत वार्ड-28 दर्री तालाब छावनी वर्तमान नाम शहीद चुम्मन यादव सरोवर, जोन-5 सेक्टर-6 अंतर्गत वार्ड-57 जयंती स्टेडियम के पीछे स्थित तालाब में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाा की गई है।

     

    भिलाई में निकली गफ्फार कालोनी से केवल एक ताजिया, ताजियादार सिर्फ सेहरा लेकर पहुंचें करबला,इमामबाड़ों में ही सोशल डिस्टेंसिंग में ढोल के साथ दिखाये करतब

    दुर्ग / शौर्यपथ / इस साल का मोहर्रम भी कोरोना के भेंट चढ गया। शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार ही इस बार मोहर्रम मनाया गया जिसके कारण इस बार अखाड़ा और जुलूस नही निकला। हर मोहर्रम को पूरे शहर में चहल पहल रहता था लेकिन आज के दिन सड़ों पर सन्नाटा छाया रहा। मोहर्रम पर इस बार केवल रस्म अदायगी की गई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस बार सिर्फ एक ताजिया करबला मैदान तक पहुंचा। वहीं शेष सभी ताजिए अपने-अपने मकाम पर ही रहे, जहां दिन में फातिहा ख्वानी और लंगर में सीमित तादाद में लोग शामिल हुए। करीब 22 ताजियादार अपने ताजिए से सेहरे के फूल लेकर करबला पहुंचे और शाम को कुल की फातिहा के बाद लोग अपने घरों को लौटे।
    हर साल जहां एक एक से एक ताजिया लोगों को देखने को और विशेष रूप से महाराष्ट्र का मटका पार्टी सुनने और इस अवसर पर जगह जगह चौक चौराहों पर लोगों को करतब देखने और शरबत खिचड़ा और हल्वा सहित अन्य सामान खाने पीने को मिलता था और मोहर्रम के ढोल ताशों की गुंज रहती थी इस बार लोगों को सुनने को नही मिला। कोरोना के वबा को देखते हुए इस आर सुप्र्रीम कोर्ट एवं सरकार तथा प्रशासन द्वारा ताजिया निकालने पर रोक लगा दिया गया। केवल एक ताजिया सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड के नियमों के गाईड लाईन के ध्यान में रखते हुए निकालने का परमीशन दिया गया था जिसके तहत गफ्फार कालोनी से एक ताजिया निकलकर पावर हाउस, के बाद टाउनशिप न जाकर सीधे करबला शरीफ पहुंची। यहां रस्म अदा करने के बाद ताजिया वापस अपने इमाम बाड़े की ओर चले गई और वहीं बाकी ताजियादार सिर्फ सेहरा लेकर ही कर्बला पहुंचें। प्रशासन की ओर से कोरोना से जुड़े दिशा-निर्देश का पालन करवाने पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई। यहां करीब 45 ताजिया, अखाड़ा और सवारी से जुड़ी अंजुमन के ओहदेदारों की मौजूदगी में कुल की फातिहा हुई और इसके बाद लोग अपने घरों को लौटे। शनिवार की रात मोहर्रम की नवमीं को फरीदनगर,कोहका, सुपेला सहित इमामबाड़ों पर ताजिया रखा गया। फातिहा की गई। नवमीं की रात में शहादत हुसैन यंग अखाड़ा कमेटी इमामबाड़ा चौक सुपेला में क्षेत्र के सभी घरों में लंगर का खाना पहुंचाया गया। फातिहा कर देश में अमन चैन की दुआएं मांगी।
    इमामबाड़ों में ही इस बार लोगो ने दिखाएं करतब
    इमामबाड़ों में ही इस बार बजा ढोल, और इक्का, दुक्का लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सेक्टर 6 मामा-भांजा मजार के पास सड़क 35-36 में इमामबाड़ा में शेरे इस्लाम अखाड़ा के सदस्यों ने तथा रूआबांधा, रिसाली, सेलूद, स्टेशन मरोदा, सेक्टरों तथा फरीदनगर, कोहका, अयप्पा नगर, कृष्णा नगर, रामनगर, केम्प एक, केम्प 2, पॉवर हाउस, हाउसिंग बोर्ड, जब्बार कालोनी, खूर्सीपार, न्यूू खूर्सीपार सहित अन्य जगहों के इमामबाड़ों में वहां के अखाड़ा के सदस्यों ने अपना करतब दिखाया और वहीं पर शरबत और शिरनी तथा खिचड़ा बांटे।
    मस्जिद में लोगों ने पढ दुआएं आशूरा
    हर साल की तरह इस साल भी दोपहर को बाद नमाज-ए-जोहर दुआएं आशूरा सोशल डिस्टेंसिंग में बैठकर लोगों ने पढा। जामा मस्जिद सेक्टर 6 के पेशईमाम जनाह इकबाल अंजुम अशरफी ने सभी को दुआएं आशूरा पढाया और सभी के हक में दुआएं की। उसके बाद सेक्टर दस निवासी शेख कमाल रजा ने पॉलिथीन में पैककर सबकों खिचड़ा वितरण और अन्य कुछ लोगों ने मिठाई का वितरण किया।
    शिया समुदाय ने भी सादगी से मनाया मोहर्रम, आज इमाम हुसैन की होगी मजलिस शिया समुदाय ने भी मुहर्रम की मजलिसें कोरोना से जुड़े दिशा-निर्देश के अनुरूप आयोजित की।
    शहर में हास्पिटल सेक्टर व प्रियदर्शिनी परिसर के इमामबाड़े-मस्जिद में समान दूरी बनाते हुए मातम किया गया। वहीं 10 मुहर्रम पर रविवार को सुबह आमाल में 4 रकअत नफिल नमाज के बाद आशूरे की दुआ पढ़ी गई। दोपहर में इमामबाड़े में ही एकमात्र ताजिया निकाला गया जो पास में गश्त करते हुए वापस लौटा। रविवार को ही शाम-ए-गरीबां रखी गई। जिसमें नौहा-मरसिया पढ़ा गया। लोगों ने मातम मनाया। अब 31 अगस्त को जियारत में इमाम हुसैन की मजलिस इन इमामबाड़ों में की जाएगी। शिया समुदाय ने पहली बार 10 दिन की तकरीर के लिए बाहर से किसी आलिम को नहीं बुलाया। हर साल जिक्रे शोहदाए करबला के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां आलिम बुलाए जाते रहे हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रदेश के अग्रणी दिग्विजय महाविद्यालय में पत्रकारिता के कोर्स कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय रायपुर द्धारा संचालित है। जिसमें केवल दिग्विजय महाविद्यालय में 40 सीट निर्धारित हैं । प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष प्रवेश की जो प्रक्रिया है वह आनलाईन पद्धति से ली जा रही थी की अचानक से बीच में ही ऑनलाईन प्रवेश की प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्धारा बंद कर दी गई हैं, जिसके चलते बहुत से इच्छुक विद्यार्थी अपना फार्म भरने से वंचित रह गये है।
    नगर मंत्री कमलेश प्रजापति ने कहा कि पत्रकारिता देश का चौथा स्तंभ माना जाता हैं एक ओर विद्यार्थी पुरी तनमयता के साथ इस विषय को लेकर अपनी आगे की भविष्य को लेकर अग्रसर है तो वहीं विश्वविद्यालय अवसर के दरवाजे बंद कर रहे है। विद्यार्थी परिषद ने मांग पत्र सौंपे हुए कहा कि जल्द ही ऑनलाईन प्रवेश प्रारंभ किया जाये। अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होंगा। ज्ञापन सौंपाते वक्त मुख्य रूप से नगर मंत्री कमलेश प्रजापति नगर सहमंत्री अशीष सोरी, षनुध मिश्रा, अनिकेत साहू, राकेश साहू हरिश सोनवानी ,शशांक दुबे अन्य उपस्थित थे।

    सेहत / शौर्यपथ / कद्दू की सब्जी तो आपने कई बार खाई होगी, कद्दू के सेहत फायदे भी जानते होंगे लेकिन हम आपको कद्दू के जो 4 नुस्खे बता रहे हैं वे आपको शर्तिया नहीं पता होंगे, बालों से लेकर त्वचा के लिए कद्दू के ये नुस्खे किसी चमत्कार से कम नहीं है -
    1 बालों के लिए -
    आपको जानकर हैरानी होगी कि कद्दू का तेल नारियल तेल के विकल्प के रूप में लगा सकते है, क्योंकि यह नारियल तेल के समान ही प्रभावी होता है। कद्दू के तेल में पोटेशियम, आयरन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, विटामिन ए, के और ई भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने और बढ़ने में मदद करते हैं।
    2 त्वचा के लचीलेपन के लिए -
    कद्दू में मौजूद विटामिन ए, सी और ई कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा का लचीलापन बरकरार रहता है। इसका असर ये होता है कि झुर्रियों का प्रभाव धीमा हो जाता है और खूबसूरती बनी रहती है।

    3 ड्राय त्वचा और मुंहासों से छूटकारा -
    कद्दू में मौजूद जिंक और विटामिन ई त्वचा की हीलिंग प्रक्रिया को बढ़ाते हैं, मुंहासों से लड़ते हैं और त्वचा के दाग को हल्का करने में सहायक होते हैं।

    4 ड्राय बालों के लिए असरदार -
    ड्राय बालों से निजात पाने के लिए आपको 2 कप पके कद्दू में 1 चम्मच नारियल तेल, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच दही डालकर मिलाना है। अब शैंपू किए हुए बालों पर पेस्ट को लगभग 15 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें। फिर बालों को अच्छी तरह से धोलें। हर हफ्ते इसे दौहराएं और बालों में
    फर्क मेहसूस करें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में एक प्रथा सी चल गयी है जो गोस्वामी बोले वही सही उसके आगे शासन का कोई नियम काम नहीं करता सब नियम जैसे दुर्ग निगम के प्रभारी ईई मोहनपुरी गोस्वामी के आगे नतमस्तक हो जाते है . कहने को तो शासन द्वारा जनहित के कार्य हेतु कई नियम बनाए गए है ताकि जनता का पैसा पूरी पारदर्शिता से जनहित में ही खर्चा हो . प्रदेश के मुखिया भी लगातार आम तबके के लिए कोई ना कोई योजना निकाल रहे है ताकि सभी को रोजगार प्राप्त हो सके किन्तु दुर्ग निगम में भाजपा के 20 साल की सत्ता को भरष्टाचार की सत्ता का तमगा देने वाली कांग्रेस आज निगम में है , विधान सभा क्षेत्र में है और प्रदेश में है बावजूद इसके लगातार शासन के नियमो की धज्जी उड़ाई जा रही है और निगम के सर्वेसर्वा आयुक्त बर्मन जो सयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारी है मौन है , विधायक जो भाजपा शासन में एक नाली भी निर्माणाधीन के समय टूट जाती तो निगम के दरवाजे पर धरना देने बैठ जाते थे और जो आज सत्ता पक्ष में प्रभारी है ऐसे कई नेता भाजपा शासन के समय छोटे छोटे भरष्टाचार पर पानी पी पी कर आरोप लगाते थे आज वही जनप्रतिनिधि और अधिकारी निगम में खुले आम प्रभारी ईई के कार्य पर मौन है .
    प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी द्वारा पिछले कई महीनो से कार्य की निविदा बाद में निकाली जाती है और कार्य पहले ही अपने पसंद के ठेकेदार को दे दिया जाता है . ऐसा मामला पहली बार शौर्यपथ समाचार द्वारा तब उठाया गया था जब टूटी फूटी डिवाईडर के रंगरोगन का कार्य गोस्वामी द्वारा एक ठेकेदार को दे दिया गया था तब यह बात कही गयी थी कि अति आवश्यक कार्य है किन्तु डिवाईडर पेंटिंग के कार्य के 3-4 माह बाद डिवाइडर के संधारण का कार्य जिला पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किया गया और एक बार फिर निगम के लाखो रूपये बर्बाद हो गए तब भी आयुक्त बर्मन ही थे किन्तु तब भी शासकीय / मौखिक आदेशो का हवाला दिया गया .
    ऐसा ही मामला पिछले माह हुआ जब 10-12 कार्य जो पूर्ण हो चुके थे या पुर्णत: की ओर थे तत्पश्चात उसका टेंडर निकला जो की दिखावा मात्र था और निगम के किसी भी ठेकेदार को ये टेंडर नहीं भरने दिया गया ये गजब कैसे हुआ ये यहाँ बताने की आवश्यकता नहीं क्योकि कोई भी ठेकेदार अधिकारियों से बैर मोल नहीं ले सकता किन्तु इन सब कार्यो में खुलकर शासन के नियमो की धज्जी उडी और ये मामला भी दबा दिया गया और एक बार फिर गोस्वामी के द्वारा शासन के नियमो को कचरे के डिब्बे में डाल दिया गया .
    अब ऐसी ही स्थिति वर्तमान में फिर से आ गयी जब 5-6 कार्य की निविदा प्रपत्र अभी जमा करने की तारीख नहीं आयी और ठेकेदार को कार्य चालु करने का आदेश हो गया और ये कार्य गौठान में प्रारंभ भी हो गया . क्या मोहनपुरी गोस्वामी अन्तर्यामी है या आयुक्त ऐसी कोई कला जानते है कि टेंडर में भले ही 1000 लोग भाग ले टेंडर फला आदमी के नाम ही खुलेगा इसलिए कार्य प्रारंभ करने का आदेश दे दिया जाए . अगर ऐसी कला में निपुण है तो दुर्ग निगम सहीत प्रदेश के लिए भी ये एक बड़ी उपलब्धि होगी कि कार्य किसे करना है ये पहले से ही ज्ञात हो जाता है दुर्ग निगम के अधिकारियो को . अगर ऐसा नहीं है तो फिर किस नियम के तहत चुनिन्दा ठेकेदारों को कम दर पर कार्य दिया जा रहा है बिना मुकाबले के . अगर कार्य की गुणवत्ता पर इन्ही चुनिन्दा ठेकेदारों पर भरोसा है तो निगम के बांकी ठेकेदारों का क्या काम ?
    कहा गए वो सत्ता पक्ष के काबिल जनप्रतिनिधि जो विपक्ष में रहते हुए टूटी हुई नालिया देख कर भ्रष्टाचार का राग अलापते थे क्या बिना निविदा के कार्य का आदेश देने पर अब मौन धारण कही टेबल के निचे का लिफाफा तो नहीं क्योकि प्रभारी ईई गोस्वामी पर पिछली दीपावली में लिफाफा बाँटने का खेल का उजागर एक समाचार पत्र में हुआ था और इस पर ईई गोस्वामी द्वारा आपत्ति ना उठाना साफ़ सन्देश देता है कि दाल में काला है तभी मौन रह गए वरना कोई इमानदार अधिकारी होता तो अभी तक मानहानि का दावा ठोक चुका होता किन्तु यहाँ सब मौन है , फिर क्या आयुक्त , क्या विधायक , क्या महापौर , क्या निगम के सबसे वरिष्ठ और जानकार पीडब्ल्यूडी प्रभारी गनी सभी मौन है क्या अर्थ निकाले आम जनता इनके मौन का ?

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम सीमा क्षेेत्र के आम नागरिक एवं गणोशत्सव समिति गणेश विसर्जन ठगड़ाबांध, शिवनाथ नदी गुरुद्वारा, कसारीडीह शीतला तालाब, और उरला का बांधा तालाब में सुविधाजनक पूर्वक कर सकेगें। इन स्थानों पर नगर निगम दुर्ग द्वारा साफ-सफाई के साथ पहुॅच मार्ग को दुरुस्त कर लाईट और माईक की व्यवस्था की गई है।
    उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महापौर धीरज बाकलीवाल के निर्देशानुसार शहर में गणपति विसर्जन के लिए चार स्थानों पर तैयारी और व्यवस्था किया जा रहा है। इसके तहत् शिवनाथ नदी गुरुद्वारा रोज के गड्ढो को डस्ट से भर कर समतलीकरण किया जा रहा है वहीं कसारीडीह शीतला तालाब, ठगड़ाबांध, और उरला बांधा तालाब पार की साफ-सफाई करायी गई । इन जगहों पर पहुॅच मार्ग में पर्याप्त लाईट की व्यवस्था की जा रही है वहीं माईक और साफ-सफाई करायी गई ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टोरेट सभागार में आज हुई बैठक में छग चेंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई ईकाई के पदाधिकारियों ने बाजारों को लेकर कई सुझाव दिए। कलेक्टर डॉ सुरेश्वर भूरे के साथ हुई बैठक में व्यापारियों की ओर से चेंबर के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। प्रदेश उपाध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने बताया कि भिलाई चेम्बर द्वारा यह सुझाव प्रेषित किया गया कि सभी दुकाने सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुलने की अनुमति प्रदान की जाए।
    इस मौके पर भिलाई चेंबर के संयोजक अजय भसीन ने अपनी बात प्रस्तुत करते हुए कहा कि रविवार दुकान बंद होने की वजह से शनिवार व सोमवार को बाजारों में अतिरिक्त भीड़ हो जाती है। इसलिए साप्ताहिक अवकाश गुमास्ता एक्ट के तहत ही हो। भिलाई के सभी बाजारों में साप्ताहिक अवकाश वाले दिन दुकाने बंद रहे यह सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल स्टोर जो शाम 7 बजे बंद हो रहे है उन्हें भी रात्रि 9 बजे खोंलने की अनुमति दी जाए। पेट्रोल पंप को भी आवश्यक वस्तु के तहत रात्रि तक खोंलने कि अनुमति दी जाए। कलेक्टरेट में आयोजित बैठक में चेंबर की ओर से अश्वनी देवानी,नरेश वासवानी, रवि विजवानी, शंकर सचदेव व पदाधिकारी उपस्थित थे।

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