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*- नाबार्ड के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक में बनाई गई रणनीति* *- एफपीओ के प्रमोशन के लिए क्रेडिट गारंटी मिलेगी, इसके माध्यम से एफपीओ खर्च कर पाएगा, इसका उद्देश्य सीमांत और छोटे किसानों को सामूहिकता की ताकत देना ताकि आधुनिक तकनीक और बड़े बाजार तक अपनी पकड़ बना सकें*
दुर्ग । शौर्यपथ । देश भर में सीमांत और छोटे किसानों को जोड़कर एफपीओ बनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में पहल की जा रही है। दुर्ग जिले में इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ नाबार्ड के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में किसानों की कंपनी की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर डाॅ. भुरे ने कहा कि हार्टिकल्चर और मत्स्यपालन में जिले में बड़ी संभावनाएं हैं। उद्यानिकी में केला, पपीता और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसल किसान बड़ी मात्रा में लेते हैं। अगर किसानों को एफपीओ के माध्यम से संगठित किया जाए तो उन्हें एफपीओ को मिलने वाली सरकारी मदद मिल सकती है ताकि वे अपनी खेती को भी बेहतर तरीके से कर सकें और अपने उत्पादों के लिए भी बेहतर बाजार तय कर सकें। बैठक में नाबार्ड के प्रबंधक श्री बारा ने विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, डीडीए श्री अश्विनी बंजारा, डीडी वेटरनरी श्री एमके चावला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। *हार्टिकल्चर और मत्स्यपालन पर दें विशेष ध्यान-* कलेक्टर ने कहा कि हार्टिकल्चर से जुड़े किसान यदि कंपनी के माध्यम से जुड़ जाते हैं तो उनके लिए काफी अच्छी संभावनाएं बनेंगी। इस तरह के उत्पाद के एक जगह मिल जाने से इनकी प्रोसेसिंग से जुड़ी कंपनियां बल्क में खरीदी कर सकेंगी। चूंकि सरकार द्वारा एफपीओ को स्थापित करने में बड़ा सहयोग दिया जाएगा अतः किसानों के लिए भी यह अच्छा अवसर रहेगा। इस दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि मत्स्यपालन में जिले में बड़ी संभावनाएं हैं जहां कहीं भी वाटर बाडी है वहां इस तरह का काम होना चाहिए। साथ ही एफपीओ में जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए। *क्या फायदा होगा एफपीओ से-* कोई सीमांत किसान यदि खेती करता है तो कुछ सीमाएं हैं जिसकी वजह से उसे पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इसके लिए उसे कल्टीवेटर चाहिए, कंबाइन हार्वेस्टर चाहिए, टिलर चाहिए। उद्यानिकी फसलों के लिए उसे स्प्रिंकलर सेट की जरूरत पड़ेगी। अकेले इसका खर्च वहन करना कठिन होता है। अब मान लीजिए कि वो किसी फार्मर प्रोड्यूसिंग कंपनी का हिस्सा बन जाता है तो यह कंपनी उसे तकनीकी साधन मुहैया कराएगी। चूंकि इसके लिए शासन द्वारा कंपनी को क्रेडिट गारंटी मिलती है अतएव कंपनी स्वयं अपने खर्च से यह तकनीकी साधन क्रय कर सकती है। दूसरा बड़ा सहयोग किसान को यह मिलेगा कि कंपनी उसके लाजिस्टिक का कुछ खर्च भी वहन कर सकती है क्योंकि कंपनी द्वारा बहुत से किसानों के उत्पाद को बल्क मात्रा में मार्केट में पहुंचाया जा रहा है। तीसरा बड़ा सहयोग बाजार को लेकर मिल पाएगा। कंपनी बाजार का चिन्हांकन करेगी तथा अधिक मात्रा में सप्लाई होने की वजह से किसान को अच्छा रेट भी मिल पाएगा जो चिल्हर की वजह से नहीं मिल पाता है।
नई दिल्ली /शौर्यपथ / तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु के एक स्टोर में रखे गए एक ह्यूमनॉइड रोबोट यानी इंसान की शक्लो-सूरत वाली रोबोट की खूब चर्चा हो रही है. 'ज़फीरा' नाम की इस रोबोट को बकायदा भारतीय परिधानों में देखा जा सकता है. तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के एक कपड़ों की दुकान में 'काम करने वाली' वाली ज़फीरा यहां लोगों का स्वागत कर रही है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस ज़फीरा कोरोनावायरस के बीच दुकान में आने वाले ग्राहकों को घूम-घूमकर सैनिटाइज़र तो देती ही हैं, वो उनका तापमान भी चेक करती है. ज़फीरा का काम दुकान में आने वाले ग्राहकों की संख्या का हिसाब रखना, उन्हें मास्क पहने रखने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए उत्साहिस करना है.
ज़फीरा को ऐसे डिजाइन किया गया है कि वो ग्राहकों का तामपान चेक करती है और सेंसर की मदद से ग्राहकों को सैनिटाइज़र डिस्पेंस करती है. इस रोबोट को स्टोर में कोरोनावायरस के खिलाफ लिए जा रहे एहतियाती कदमों के तहत रखा गया है.
ज़फीरा को Zafi Robots नाम की कंपनी ने बनाया है. कंपनी के CEO आशिक रहमान ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए बताया कि 'कोविड फैलने और लॉकडाउन लगने के साथ ही हमने रोबोट डेवलप करने शुरू कर दिए थे, ताकि फ्रंटलाइन पर काम कर रहे लोगों को मदद मिले. यह रोबोट इंटेलीजेंस सिस्टम से लैस है. यह रोबोट एक वक्त में स्टोर में आने वाले ग्राहकों की संख्या का भी हिसाब रखता है और रोज इसकी पूरी डिटेल्स स्टोर को मालिकों को ई-मेल के जरिए देता है.' आशिक रहमान ने बताया कि उनकी टीम को तमिलनाडु और केरल के कई स्टोर्स और शोरूम्स से ऑर्डर मिले हैं, जिसके बाद उनकी टीम ऐसे रोबोट्स का बड़े स्तर पर प्रोडक्शन कर रही है.
वॉइस-एक्टिवेटेड रोबोट ज़फीरा को तिरुचिरापल्ली के इस गारमेंट स्टोर में कई तरह के परिधानों में देखा जा सकता है. ऐसे में कोरोनावायरस गाइडलाइंस का पालन जो होता है वो अलग, वहीं ज़फीरा स्टोर की कूल मॉडल के तौर पर भी काम करती है.
औरंगाबाद / शौर्यपथ / महाराष्ट्र के औरंगादबाद केंद्रीय कारागार के कैदियों ने कोरोनावायरस के कारण लागू प्रतिबंधों में जून में ढील दिए जाने के बाद से अब तक 2,000 साड़ियां बुनी हैं. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि यह काम जेल में पड़े पांच से छह पुराने बिजली करघों पर किया गया और इससे जेल के 25 कैदियों को रोजगार मिला है. यह जेल शहर के हरसूल इलाके में स्थित है.
उन्होंने बताया कि यह परियोजना पांच से छह महीने पहले शुरू हुई थी. इसके बारे में पहले लॉकडाउन के दौरान विचार किया गया और साड़ी बुनने की प्रक्रिया जून में शुरू हुई. उन्होंने बताया, ‘इस परियोजना पर 25 कैदी काम कर रहे हैं और प्रत्येक को इसके लिए हर दिन 55 रुपए मिल रहे हैं. अब हमारे पास 2,000 साड़ियों का भंडार है. इससे पहले कैदी शर्ट, पैंट और मास्क बनाया करते थे. अब वे सूती साड़ियां बना रहे हैं.'
अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत, 25 से 40 मीटर कपड़ा बुना जाता है जिसे बाद में साड़ी बनाने के लिए अलग-अलग रंगों में डाई किया जाता है. उन्होंने कहा, 'फिलहाल ये साड़ियां बिक्री के लिए नहीं हैं. कोविड-19 स्थिति नियंत्रण में आने के बाद हम इनकी बिक्री शुरू करेंगे.'
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / कांग्रेस के 'लेटर बम' के बाद पार्टी की अंदरुनी कलह खुलकर सामने आई थी और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इसपर मंथन भी खूब हुआ. इस चिट्ठी के सामने आने के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को निशाना बनाया जा रहा है. दरअसल कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को लिखे इस पत्र में जिन 23 नेताओं के दस्तखत थे, उनमें एक नाम जितिन प्रसाद का भी था. उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अब उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इस मांग को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है.
कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि जितिन प्रसाद को उत्तर प्रदेश में आधिकारिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है. कांग्रेस को अपनी ही पार्टी के नेताओं को निशाना बनाने में एनर्जी खत्म करने के बजाय बीजेपी पर सर्जिकल स्ट्राइक की तरह टारगेट करने की जरुरत है.' चिट्ठी पर जिन लोगों के दस्तखत थे, उनमें से एक कपिल सिब्बल भी हैं. UPA सरकार में मंत्री रह चुके मनीष तिवारी ने कपिल सिब्बल के ट्वीट पर एक शब्द लिखा- प्रेसिएंट (भविष्य ज्ञानी). चिट्ठी लिखने वालों में मनीष तिवारी का भी नाम है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस की लखीमपुर खीरी इकाई ने सोनिया गांधी को नामित करते हुए एक प्रस्ताव रखा है. उन्होंने जितिन प्रसाद पर कार्रवाई की मांग की है. इतना ही नहीं, उन्होंने चिट्ठी लिखने वाले सभी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. प्रस्ताव में लिखा है, 'पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले उत्तर प्रदेश के जितिन प्रसाद एकमात्र व्यक्ति हैं. उनका पारिवारिक इतिहास गांधी परिवार के खिलाफ रहा है और उनके पिता स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद ने सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर इसे साबित किया था. इसके बावजूद सोनिया गांधी ने जितिन प्रसाद को लोकसभा का टिकट दिया और मंत्री बनाया.'
आगे लिखा है, 'उन्होंने जो किया वह घोर अनुशासनहीनता है और जिला कांग्रेस कमेटी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है और उनके कार्यों की निंदा करती है.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में भारत-चीन संबंधों पर बात करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच 1962 के युद्ध के बाद से सबसे ज्यादा गंभीर हालात बने हुए हैं. Rediff.com के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से 1962 के बाद सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति है. यहां तक कि 45 सालों में पहली बार बॉर्डर पर जवानों की जान गई है. LAC पर दोनों सीमाओं पर जितनी बड़ी संख्या में सेना तैनात है, वो भी इसके पहले कभी नहीं हुआ है.' बता दें कि पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच तनाव के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई राउंड में बातचीत हुई है लेकिन इसके बाद अभी तक यहां से कुछ ही इलाकों में डिस्इंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी हो पाई है. विदेश मंत्री अपनी किताब ''The India Way: Strategies for an Uncertain World'' के रिलीज होने के पहले यह बातचीत कर रहे थे.
दोनों देशों की सेनाएं 20 मई के बाद से ही स्टैंडऑफ की स्थिति में हैं. 15 जून को दोनों देशों के जवानों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीयों जवानों ने अपना जान दे दी थी. इसके बाद चीन के खिलाफ गुस्सा भड़का और अब दोनों देशों की ओर से बातचीत करके मामला शांत करने की कोशिशें हो रही हैं.
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत चीन को 'साफ-साफ' बता चुका है कि सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के रिश्तों की आधारभूत शर्त है. उन्होंने कहा, 'अगर हम पिछले तीन दशकों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट है कि सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई राउंड की बातचीत के बावजूद भारत और चीन की सेनाएं पिछले साढ़े तीन महीनों से ज्यादा के वक्त से पूर्वी लद्दाख में आमने-सामने खड़ी हैं.'
उन्होंने कहा कि इतिहास में सीमा पर तनाव के मामलों में कूटनीति का सहारा लिया जाता रहा है. उन्होंने कहा, 'आप पिछले दशक को देखों तो सीमा विवाद को लेकर कई मामले सामने आए हैं- देस्पांग, चुमार और डोकलाम. हां, एक तरीक से देखें तो ये सारे मामले एक-दूसरे से अलग थे. यह मामला तो बिल्कुल अलग है, लेकिन जो एक बात सबमें एक जैसी है, वो ये कि ये सारे विवाद कूटनीति के सहरे सुलझाए गए हैं.'
एस जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ निकलने वाला समाधान सभी समझौतों का सम्मान करते हुए और यथास्थिति को बरकरार रखने की कोशिश के तहत होना चाहिए. उन्होने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, हम चीन से सैन्य और कूटनीतिक चैनलों के जरिए बात कर रहे हैं. दरअसल, ये दोनों चीजें साथ चल रही हैं.'
बता दें कि चीन और भारत के बीच पश्चिम में लद्दाख की बर्फीली चोटियों से लेकर पूर्व में घने जंगलों और पहाड़ों तक फैली 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है, इसपर सालों से बातचीत हो रही है, लेकिन अभी तक इसपर कोई हल नहीं निकल सका है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कटक ओडिशा हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में एक समलैंगिक जोड़े को लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने की इजाजत दे दी है. कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अलग-अलग लैंगिक पहचान के बावजूद, हर इंसान को अपने अधिकारों का पूर्ण लाभ लेने का हक है. जस्टिस एस के मिश्रा और जस्टिस सावित्री राथो की खंड पीठ ने इस हफ्ते की शुरुआत में 24 साल के ट्रांसमैन (जो जन्म के वक्त महिला थी) की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (habeas corpus petition) पर सुनवाई करते हुए कहा कि, 'राज्य को उनको हर प्रकार का संरक्षण देना चाहिए जिसमें जीवन का अधिकार, कानून के समक्ष समानता का अधिकार और कानून का समान संरक्षण शामिल होना चाहिए.'
अपनी पहचान एक पुरुष के तौर पर करने वाले याचिकाकर्ता ने कहा कि उसके साथी की मां और रिश्तेदार उसे जबरन जयपुर ले गए थे और उसकी शादी दूसरे व्यक्ति के साथ तय कर दी जिससे उसे अदालत का रुख करना पड़ा.
बेंच की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति एस के मिश्रा ने फैसला दिया कि जोड़े को अपनी यौन प्राथमिकता पर फैसला लेने का अधिकार है और जयपुर पुलिस अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि याचिकाकर्ता की साथी भुवनेश्वर में उसके साथ रह सके. उन्होंने कहा कि महिला की मां और बहन को याचिकाकर्ता के घर पर महिला से मिलने की इजाजत दी जाएगी.
जस्टिस सावित्री राथो ने कहा कि दोनों को पसंद की स्वतंत्रता मिली है, जिन्होंने साथ रहने का फैसला किया है. बेंच ने यह भी कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप पर महिला भले ही याचिकाकर्ता के साथ रह सकती है लेकिन अगर वह याचिकाकर्ता के साथ न रहकर अपनी मां के पास वापस जाना चाहे तो उसपर कोई रोक नहीं होगी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति विजय माल्या की उस याचिका पर बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें अदालत की अवमानना मामले में 2017 में सुनाए गए आदेश पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया था. दरअसल भगोड़े कारोबारी माल्या ने शीर्ष न्यायालय के 9 मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें उसे न्यायिक आदेशों को दरकिनार कर अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ अमेरिकी डॉलर स्थानांतरित करने पर अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया गया था.
जस्टिस यूयू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने मामले में दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. न्यायालय ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने के लिये कहा था कि बीते तीन साल में माल्या की पुनर्विचार याचिका को संबंधित अदालत के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं किया गया. उसने रजिस्ट्री को बीते तीन साल में याचिका से संबंधित फाइल को देखने वाले अधिकारियों के नामों समेत सभी जानकारी मुहैया कराने के लिये कहा था.
गौरतलब है कि नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी माल्या फिलहाल ब्रिटेन में है.शीर्ष अदालत ने 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर वह आदेश दिया था. याचिका में कहा गया था कि माल्या ने कथित रूप से विभिन्न न्यायिक आदेशों का ''खुलेआम उल्लंघन'' कर ब्रिटिश कंपनी डियाजियो से प्राप्त चार करोड़ अमेरिकी डॉलर अपने बच्चों के खातों में स्थानांतरित किये थे.
शौर्यपथ / अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी)- डेविस के वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में दावा किया है कि पशुओं की कई प्रजातियां कोरोना महामारी की चपेट में आ सकती हैं। अध्ययन के अनुसार कोविड-19 बीमारी का कारण बनने वाले कोरोना वायरस के संभावित खतरे का सामना करने वाली एकमात्र प्रजाति मनुष्य नहीं है। पशुओं की कई प्रजातियों को भी बड़ा खतरा है।
अध्ययन के अनुसार कई गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे कि पश्चिमी गोरिल्ला, ऑरंगुटन और गाल पर सफेद बाल वाले काले लंगूर आदि वायरस से संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील हो सकते हैं। समुद्री स्तनधारियों जैसे ग्रे व्हेल और बॉटलनोज डॉल्फिन के साथ-साथ चीनी हैम्स्टर में भी वायरस के उच्च जोखिम में हैं।
वैज्ञानिकों ने कहा कि घरेलू पशुओं में बिल्लियों, मवेशियों और भेड़ों में एक मध्यम जोखिम पाया गया, जबकि कुत्तों, घोड़ों और सूअरों के लिए कम जोखिम है। वैज्ञानिकों ने एसीई-2 रिसेप्टर प्रोटीन की संरचना की तुलना करने के लिए जीनोमिक विश्लेषण का उपयोग किया। जो कोरोना वायरस, मछली सहित उभयचर, सरीसृप और स्तनधारी कशेरुकी जीवों की 410 विभिन्न प्रजातियों की कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए उपयोग करता है।
पीएनएएस नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एसीई-2 सामान्य रूप से कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं और ऊतकों में पाया जाता है, जिसमें नाक, मुंह और फेफड़ों की बाहरी परत को शामिल करने वाली कोशिकाएं शामिल हैं। अध्ययन के प्रमुख लेखक हैरिस लेविन ने कहा, हमें उम्मीद है कि यह उन प्रतिक्रियाओं को प्रेरित करेगा, जो महामारी के दौरान पशु और मानव स्वास्थ्य दोनों की रक्षा करती हैं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / अक्सर मन कुछ चटपटा खाने का करता है। ऐसे में बाहर से कुछ खाने की बजाय आप घर में ही भरवा चीज मिर्ची रेसिपी ट्राई कर सकते हैं। यह रेसिपी उन लोगों को खासतौर पर पसंद आएगी, जो तीखा या चटपटा खाने के शौकीन लोगों को खासतौर पर पसंद आएगी-
विधि:
5 हरी मिर्च
20 ग्राम पनीर
10 ग्राम जालपीनो
10 ग्राम अजवायन
10 ग्राम सफेद मिर्च पाउडर
आवश्यकतानुसार ब्रेड क्रम्ब्स
आवश्यकतानुसार पानी
20 ग्राम चेडर चीज़
10 ग्राम शिमला मिर्च (हरी मिर्च)
10 ग्राम मिर्च साबुत
10 ग्राम काली मिर्च
30 ग्राम बेसन (बेसन)
तलने के लिए तेल
विधि :
इस स्वादिष्ट रेसिपी को तैयार करने के लिए, मिर्च और शिमला मिर्च को पानी से धोएं फिर, हरी मिर्च को सेंटर से, लम्बाई में और शिमला मिर्च को डाइस करें। एक गहरी तली का पैन लें और मध्यम आंच पर रखकर उसमें पानी उबालें। अब मिर्च को इस खोलते हुए पानी में 1 मिनट के लिए डाल दें। एक मिनट बाद इन्हें बाहर निकालें और ठंडे पानी में धो लें।
एक बड़ा कटोरा लें और उसमें चीज़ और पनीर को पीस लें। अगर आपके पास चीज नहीं है, तो आप सिर्फ पनीर से भी काम चला सकते हैं
इस मिश्रण में सफेद काली मिर्च पाउडर, काली मिर्च और अजवायन के साथ घिसी हुई शिमला मिर्च, जालपैनो और चिली फ्लेक्स डालें। इस मिश्रण से मिर्च को स्टफ करें और एक तरफ रख दें।
एक बाउल लें और उसमें बेसन को पानी में मिलाएं। इस मिश्रण को कुछ गाढ़ा बनाएं ताकि इसमें मिर्च डुबोने पर यह मिर्च को कवर करते हुए चिपक जाए। अब एक अलग बोल में ब्रेड का चूरा डालें और एक तरफ रख दें
एक कढ़ाही लें और उसे मध्यम आंच पर गर्म करें। अब उसमें तलने के लिए तेल गरम करें। इस बीच, भरवां मिर्च लें और उन्हें बैटर और फिर ब्रेड क्रम्ब्स में डिप करें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए तो ध्यान से मिर्च को कढ़ाही में डालें और उन्हें सुनहरा भूरा होने तक तलें।
अच्छी तरह तल जाने पर इन्हें एक प्लेट में निकालें। इस प्लेट में पहले ही टिश्यू पेपर बिछाकर रख लें ताकि यह एक्स्ट्रा ऑइल सोख ले। अब इन्हें गर्मागर्म ही हरी और लाल चटनी के साथ सर्व करें।
सेहत / शौर्यपथ / काली मिर्च मसालों में एक ख़ास जगह रखता है। इसके इस्तेमाल से खाने का स्वाद बढ़ जाता है. आयुर्वेद में भी काली मिर्च को एक औषधि और जड़ी-बूटी माना जाता हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए काली मिर्च को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। काली मिर्च के कई फायदे हैं, जिनके बारे में जानकार आप इसका लाभ उठा सकते हैं।
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
सर्दी-खांसी होने पर 8-10 काली मिर्च, 10-15 तुलसी के पत्ते मिलाकर चाय बनाकर पीने से आराम मिलता है।
100 ग्राम गुड़ पिघला कर 20 ग्राम काली मिर्च का पाउडर उसमंप मिलाएं। थोड़ा ठंडा होने पर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। खाना खाने के बाद 2-2 गोलियां खाने से खांसी में आराम मिलता है।
दो चम्मच दही, एक चम्मच चीनी और 6 ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर चाटने से काली और सूखी खांसी में आराम मिलता है।
एक चम्मच शहद में 2-3 पिसी काली मिर्च और चुटकी भर हल्दी मिलाकर खाने से जुकाम में बनने वाले कफ से राहत मिलेगी।
नाक में एलर्जी होने पर 10-10 ग्राम सोंठ, काली मिर्च, पिसी इलायची और मिश्री को पीस कर चूर्ण बना लें। इसमें बीज निकला 50 ग्राम मुनक्का और तुलसी के 10 पत्ते पीसकर डालें और अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण की 3-5 ग्राम की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। सुबह-शाम 2-2 गोलियां गर्म पानी के साथ लें।
पिसी काली मिर्च पुराने गुड़ के साथ खाने से नाक से बहता खून बंद हो जाता है।
गला बैठ गया है, तो 7 काली मिर्च और 7 बताशे रात को सोने से पहले चबाकर खाएं।
बुखार में तुलसी, काली मिर्च और गिलोय का काढ़ा पीना फायदेमंद होता है।
फेफड़े और सांस नली में संक्रमण होने पर काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन करें। इसके अलावा पिसी काली मिर्च, घी और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाएं। सुबह-शाम एक-एक चम्मच लें, लाभ होगा।
काली मिर्च और काला नमक दही में मिलाकर खाने से पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीटाणु मरते हैं और पेट की बीमारियां दूर होती हैं।
पेट में गैस की समस्या होने पर एक कप पानी में आधा नीबू का रस, आधा चम्मच पिसी काली मिर्च और आधा चम्मच काला नमक मिला कर पिएं।
कब्ज होने पर 4-5 काली मिर्च के दाने दूध के साथ रात में लेने से आराम मिलता है।
बदहजमी होने पर कटे नीबू के आधे टुकड़े के बीज निकाल कर काली मिर्च और काला नमक भरें। इसे तवे पर थोड़ा गर्म करके चूसें।
20 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम जीरा और 15 ग्राम शक्कर या मिश्री पीस कर मिश्रण बना लें। इसे सुबह-शाम पानी के साथ फांक लें। बवासीर रोग में आराम मिलेगा।
काली मिर्च आंखों के लिए उपयोगी है। भुने आटे में देसी घी, काली मिर्च और चीनी मिला कर मिश्रण बनाएं। सुबह-शाम 5 चम्मच मिश्रण का सेवन करें।
नमक के साथ काली मिर्च मिलाकर दांतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है। दांतों में चमक और मजबूती बढ़ती है।
मुंह से बदबू आती है, तो दो काली मिर्च रात को ब्रश करने से पहले चबा लें।
ब्लड पे्रशर काबू करने के लिए दिन में 2-3 बार 5-5 दाने काली मिर्च के साथ 20-20 दाने किशमिश का सेवन करें।
हाई ब्लड प्रेशर में आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोल कर 2-2 घंटे
के अंतराल पर पीने से आराम मिलता है।
माइग्रेन होने पर एक कप दूध में एक चम्मच पिसी काली मिर्च और एक चुटकी हल्दी मिला कर उबाल कर पिएं।
काली मिर्च शहद में मिलाकर खाने से कमजोर याददाश्त में फायदा होता है।
चेहरे पर झाइयां होने पर एक गिलास गाजर के रस में नमक और पिसी काली मिर्च मिलाकर पीना फायदेमंद है।
चेहरे पर झाइयां होने पर काली मिर्च, जायफल और चंदन तीनों का पाउडर बराबर मात्रा में मिलाएं। 2-3 चुटकी पाउडर और थोड़ा पानी मिलाकर उबटन बनाएं। इसे चेहरे पर लगाएं। सूखने पर सादे पानी से चेहरा धो लें।
शरीर के किसी भी अंग में सूजन होने पर काली मिर्च का लेप लगाएं, आराम मिलेगा।
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