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ओपिनियन / शौर्यपथ / एक अन्य एशियाई ताकत के उद्भव से चीन असहज हो गया है। संयुक्त राष्ट्र और दूसरे वैश्विक मंचों पर भारत द्वारा पेश किए जाने वाले प्रस्तावों पर हीला हवाली करने के अलावा, वह उप-महाद्वीप में नई दिल्ली के प्रभाव को रोकने की कोशिशों में भी जुटा है। चारों तरफ से हमें घेरने के लिए वह हमारे पड़ोसी देशों पर फोकस कर रहा है। पाकिस्तान के साथ एक सामरिक साझेदारी उसने की है, जबकि अन्य देशों के साथ अपने कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य संबंध आगे बढ़ाए हैं। इस काम के लिए बेल्ट ऐंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) का इस्तेमाल किया गया है। एक हाथ लो और दूसरे हाथ दो के साथ-साथ वह दादागिरी की नीति भी अपनाता है। इंडो-पैसिफिक (हिंद महासागर व प्रशांत क्षेत्र के बीच का भू-राजनीतिक इलाका), अफ्रीका और कुछ अन्य क्षेत्रों में चीन ने आंतरिक मामलों में निर्लज्जता से दखलंदाजी की है।
यह सही है कि उभरती हुई तमाम बड़ी ताकतें भू-राजनीतिक क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए आक्रामक हो जाती हैं। मगर इस मामले में चीन का व्यवहार अपरिपक्व दिखता है। बेशक अपनी समग्र राष्ट्रीय ताकत (सीएनपी) को उसने तेजी से बढ़ाया है, पर अब भी कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियां हैं, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रातों की नींद हराम करती हैं। ये चुनौतियां अर्थव्यवस्था, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, यानी पीएलए के नेतृत्व, राष्ट्रीय मनोबल और दुनिया भर में बढ़ती चीन-विरोधी भावना से जुड़ी हुई हैं।
दरअसल, चीन की सिकुड़ती अर्थव्यवस्था ने बडे़ पैमाने पर बेरोजगारी पैदा की है। सरकार के स्वामित्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की नीति ने निजी क्षेत्र को खासा प्रभावित किया है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 65 प्रतिशत और नई नौकरियों के सृजन में लगभग 90 फीसदी का योगदान देता है। इसके अलावा, विनिर्माण क्षेत्र की समस्या, बढ़ते कर्ज और बुजुर्ग होती आबादी (जो भविष्य में श्रम-बल को कम करेगी) दीर्घावधि में चीन की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करेगी।
साल 2012 में शी जिनपिंग ने पीएलए को विश्व स्तरीय सेना बनाने की घोषणा की थी, जो 2049 तक ‘दुनिया के सर्वशक्तिमान मुल्क’ बनने की चीन की राह को आसान बनाएगी। तब से, सेना की जंगी ताकत बढ़ाने और सीपीसी के प्रति उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तमाम सुधार कार्य किए गए हैं। हालांकि, सुधारों में निजी तौर पर रुचि ले रहे शी जिनपिंग पीएलए नेतृत्व के पेशेवर मानकों से खुश नहीं हैं, क्योंकि उसके पास युद्ध लड़ने का व्यावहारिक अनुभव नहीं है। कई थिंक-टैंकों ने बताया है कि पीएलए के पास अन्य सेनाओं को चुनौती देने लायक जरूरी क्षमताओं का अभाव है।
इसी तरह, समग्र राष्ट्रीय ताकत (सीएनपी) का एक महत्वपूर्ण घटक राष्ट्रीय मनोबल है। चीन के इस मनोबल को उसकी एकतरफा मीडिया रिपोर्टिंग व ‘वुल्फ वॉरियर्स’ के नाम से शुरू कूटनीतिक सक्रियता से नहीं आंकना चाहिए। इन दोनों का मकसद पश्चिमी और भारतीय मीडिया का मुकाबला करने के साथ-साथ शासन के चीनी मॉडल का प्रचार-प्रसार और शी जिनपिंग को एक वैश्विक नेता के रूप में पेश करना है। मगर बेरोजगारी में वृद्धि, नागरिक स्वतंत्रता पर पाबंदी और वंचितों व अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की वजह से अंदरखाने में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। पार्टी के नियंत्रण का दायरा बढ़ाने संबंधी शी जिनपिंग के सख्त रुख से भी लोग नाराज दिखते हैं। सार्वजनिक सूचनाओं की मानें, तो 2013 से 2018 के बीच जिनपिंग ने 23 लाख से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त और कैद किया, जिनमें पीएलए के कई वरिष्ठ अधिकारी और नौकरशाह भी शामिल हैं।
इस सूरतेहाल में यह कहना अनुचित नहीं कि पूर्वी लद्दाख में पीएलए ने जो दुस्साहस दिखाया है, वह गलत आकलन के साथ उठाया गया उसका कदम है। संभवत: बीजिंग को भारत से दृढ़ राजनीतिक-सैन्य प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। हमारा सैन्य ढांचा और जवाबी रणनीति, उसकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की हमारी तरकीबें और अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने की हमारी क्षमता निश्चय ही बीजिंग की मुश्किलें बढ़ाएंगी।
भारत की फौरी रणनीति यही होनी चाहिए कि सैन्य और सियासी बातचीत के जरिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल की जाए। सेना को तमाम संभव विकल्पों के बाद ही आजमाना चाहिए। इन विकल्पों के साथ-साथ हमें अपनी बढ़त बनाए रखने, साइबर डोमेन में व्यावहारिक कदम उठाने और पाकिस्तान के दुस्साहस को विफल करने के लिए भी तैयार रहना होगा।
रही बात दीर्घकालिक रणनीति की, तो यह व्यावहारिक और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर बनानी होगी। चीन से मिलने वाले धोखे का खतरा कम से कम रहे, इसके लिए हमें तमाम रास्तों और उपायों के साथ तोड़ निकालना होगा। यहां तोड़ असल में वे उद्देश्य हैं, जो हम चीन को लेकर हासिल करना चाहते हैं। उपाय का अर्थ राजनीतिक, कूटनीतिक, आर्थिक, सैन्य और सूचना तत्व के साथ-साथ सरकार के सामने उपलब्ध अन्य आंतरिक व बाह्य संसाधन हैं, जबकि रास्ते का मतलब कुशल व प्रभावी तरीकों से संसाधनों का इस्तेमाल करना है, ताकि हम अपने उद्देश्य में सफल हो सकें।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने के दौरान, चीन को आर्थिक चोट पहुंचाने वाली नीतियों का लाभ भारत को उठाना चाहिए, और अपनी सामरिक ताकत बढ़ाने व बुनियादी ढांचे के विस्तार की तरफ तेजी दिखानी चाहिए। पहाड़ों पर जवाब देने में सक्षम माउंटेन स्ट्राइक कॉप्र्स पर फिर से गौर करना संभवत: एक रणनीतिक अनिवार्यता है। इसका इस्तेमाल नव-निर्मित युद्ध समूहों में हो सकता है। मैं इस मुद्दे पर इसलिए बल दे रहा हूं, क्योंकि जुलाई, 2014 में चीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान मैंने महसूस किया था कि पीएलए नेतृत्व में इस पलटन को लेकर चिंता और बेचैनी है।
चूंकि जरूरी सामरिक ताकत के विकास में अभी वक्त लगेगा, इसलिए क्षेत्रीय सैन्य समीकरणों को संतुलित करने के लिए समान सोच वाले देशों को एकजुट करना समझदारी है। हालांकि, इसके लिए काफी मेहनत करनी होगी। चीन की कटुता का प्रभावी मुकाबला करने के लिए राष्ट्र को अपने थल सैनिकों, नौसैनिकों और वायु सैनिकों के पीछे मजबूती से एकजुट होना चाहिए। यह सेना के मनोबल को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने में मदद करेगा, जो कि जीत हासिल करने की अनिवार्य शर्त होती है।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)जनरल बिक्रम सिंह, पूर्व थलसेना प्रमुख
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रशासनिक ताकत क्या होती है इसका जीता जागता उदहारण है दुर्ग निगम . दुर्ग निगम में इन दिनों जुर्माना , कार्य में लापरवाही पर कर्मचारियों को नोटिस ,आम जनता की शिकायतों की अनसुनी , कार्यवाही में भेदभाव का जीता जागता उदहारण बनता जा रहा है दुर्ग निगम . आइये ऐसे कुछ मामले है जिन पर नजर डाले तो जिस पर कार्यवाही में भेदभाव किस तरह व्याप्त है .
१ एम्आईसी भावानौर निगम कार्यालय का रंगरोगन ...
निगम में कांग्रेस की सत्ता आने क बाद निगम कार्यालय और एमआईसी भवन में रंरोगन का कार्य हुआ स्पष्ट दीखता है कि एक ठेकेदार द्वारा एमआईसी भवन में स्तरहीन मटेरियल का ईस्तमाल किया गया और सिर्फ लीपापोती की गयी वही दूसरी ओर निगम कार्यालय के रंरोगन की स्थिति जुदा है दोनों को देखने से ही साफ़ अंतर पता चल जाता है किन्तु निगम प्रशासन और पीडब्ल्यूडी प्रभारी मौन है इस पर कोई अधिकारी या इंजिनियर क्यों संज्ञान नहीं ले रहा ...
२.नाले में कचरा डालने पर बड़ा बड़ा जुर्माना वसूलने वाले निगम प्रशासन को ऐसी कई शिकायते और सुचना दी गयी किन्तु प्रशासन मौन रहा क्योकि एक तरफ आम जनता से जुर्माना वसूला गया वही दूसरी तरफ रसूखदार थे तो माफ़ी मिल गयी .
३.शहर के सुनसान इलाके में नाली पर अतिक्रमण कर घेता करने वाले पर निगम की जेसीबी से कार्यवाही की गयी वही नाले पर अतिक्रमण करने वाले और २० फीट के नाले को ३ फीट बनाने वाले पर निगम प्रशासन मौन है और सुचना के बाद भी कार्यवाही नहीं की जा रही ये कैसा दोहरा मापदंड है ?
४.एक तरफ अवैध मुर्गी फ़ार्म की शिकायत करने वालो की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जा रहा वही दूसरी ओर शिकायत करने वाले के निवास में निर्माण का मटेरियल सड़क पर होने और कच्ची नाली पर होने के कारण हजारो का जुर्माना लेने अधिकारी एक पैर पर दौड़ पड़ते है क्या अवैध मुर्गी फ़ार्म के मालिक से कोई ख़ास लगाव है निगम प्रशासन का ?
५. गुन्वात्त्ता हीं निर्माण पर ठेकेदारों पर कार्यवाही होती है ये एक अच्छे प्रशासक की निशानी तो है किन्तु उसी कार्य के लिए जिम्मेदार इंजिनियर पर कोई कार्यवाही का ना होना ये साफ़ संकेत करता है कि निगम प्रशासन सिर्फ ठेकेदारों पर ही प्रशासनिक बल दिखा रहा है क्योकि ठेकेदार शासन के आगे नतमस्तक है किन्तु वही कार्य के निर्ग्रानी करने वाले इंजिनियर पर मेहरबान है क्या इंजिनियर भी दोषी नहीं है गुन्वात्ताहीं कार्य पर मौन रह कर क्योकि निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत आम जनता ने की थी तो इस आधार पर अकेले ठेकेदार ही नहीं जिम्मेदार वार्ड इंजिनियर भी दोषी होना चाहिए किन्तु निगम के मुखिया का प्रकोप्ठेकेदार पर ही पडा आखिर ऐसा क्यों ?इस एक तरफा कार्यवाही पर निगम के अनुभवी पार्षद और पीडब्ल्यूडी प्रभारी का मौन रहना भी सत्ता की नाकामी की तरफ संकेत करता है .
आखिर निगम प्रशासन क्यों इस तरह एक तरफ़ा कार्यवाही कर वाह वाही लुट रहा है आखिर निष्पक्ष कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है निगम के प्रशासनिक मुखिया द्वारा ?
भिलाई / शौर्यपथ / महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने 250 छोटे-बड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भिलाई निगम क्षेत्र में पूर्ण कराने के लिए शासन से 42 करोड़ 71 लाख राशि की स्वीकृति कराई है ! अब वार्ड क्षेत्रों में कई ऐसे लंबित कार्य जिसे लंबे समय से लोगों के द्वारा मांग किया जा रहा था वह पूर्ण होंगे! महापौर देवेंद्र यादव ने शहर विकास के लिए बड़ी राशि शासन से स्वीकृत कराई है, जिसमें एक लाख की लागत से लेकर 10 करोड़ तक के कार्य शामिल है! स्वीकृत राशि से होने वाले कार्यों की सूची काफी लंबी है परंतु बड़े कार्यों की बात करें तो जोन क्रमांक 01 अंतर्गत वार्ड 01 में खम्हरिया स्थित मुक्तिधाम मार्ग का सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 35 लाख, खम्हरिया स्थित विभिन्न स्थानों में आरसीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य 52 लाख, वार्ड 03 के ब्लाक नम्बर 43 में सिवरेज लाईन लगाने का कार्य 27 लाख, वार्ड 70 हूडको क्षेत्र के पीछे वाली रोड को मुख्य रोड से जोडऩे हेतु सीसी रोड निर्माण कार्य 52 लाख, जोन क्रमांक-02 के अंतर्गत वार्ड 16 में चौबे गली का सीमेंटीकरण 51 लाख, वार्ड 17 में वृन्दा नगर, अर्जुन नगर, स्टील नगर, शिव मंदिर के पीछे, आर.के. बार के पीछे की नाली निर्माण कार्य 29 लाख, वार्ड 18 में स्थित 18 नं. रोड से मस्जिद होते हुए मुक्तिधाम पहुंच मार्ग तक रोड निर्माण कार्य 40 लाख, नेहरु नगर चौक से मानिक होटल तक सीसी रोड निर्माण कार्य 53.20 लाख, वार्ड 26 में बाबा सिद्धनाथ मंदिर, सांई मंदिर, कृष्णा मंदिर, 10 दुकान के पीछे एलआईजी एरिया में सीसी रोड निर्माण कार्य 01 करोड़, वार्ड 26 में पीली टंकी से एकता चौक होते हुए ताहिर खान के घर तक सड़क एवं नाली निर्माण कार्य 1 करोड़ 10 लाख, वार्ड 27 में विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य 51 लाख, जोन क्रमांक 03 के अंतर्गत वार्ड 23 में संत रविदान नगर के विभिन्न स्थानों पर आर.सी.सी. नाली एवं सीसी रोड निर्माण कार्य 52 लाख, वार्ड 25 में सुरेश किराना स्टोर्स से लेकर गौरव पथ तक, सिद्धार्थ स्कूल से लेकर सुनील किराना स्टोर्स एवं संतोषीपारा तक सीमेंटीकरण कार्य 55 लाख, चौहान आटा चक्की से लेकर गौरव पथ तक सीमेंटकरण कार्य 35 लाख, आदर्श अस्पताल से विवेकानंद नगर बड़ा नाला का निर्माण कार्य 64 लाख, जोन क्रमांक 04 के अंतर्गत जोन 01, 02, 03 में सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य 10 करोड़, जोन क्रमांक 04 के अंतर्गत सोनिया गांधी नगर से पंचशील होते हुए सुभाष नगर सीएसईबी नगर तक स्थित नाले का चेनलाईजेशन कार्य 80 लाख, बापू नगर उडिय़ा बस्ती के पीछे से हास्पिटल रोड होते हुए रमा ताई स्कूल के सामने तक का चेनलाईजेशन कार्य 80 लाख, वार्ड 37 सुभाष नगर शास्त्री मार्केट, स्वीपर मोहल्ला, सड़क 2, 6, 8, अटल आवास, चन्द्रशेखर आजाद नगर, एवं सोनिया गांधी नगर में सीमेंटीकरण कार्य 25 लाख, वार्ड 38 स्थित एचएससीएल कालोनी, चर्च लाईन, प्राथमिक स्कूल के सामने, बस स्टैण्ड के पीछे पावर हाउस एवं विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य 25 लाख, जोन क्र. 04 के अंतर्गत विभिन्न स्थानों में सीमेंटीकरण एवं नाली निर्माण कार्य 52 लाख, जोन क्रमांक 05 के अंतर्गत वार्ड 54 सेक्टर-05 के विभिन्न सड़कों के किनारे पेवर ब्लाक एवं नाली निर्माण कार्य 70 लाख, वार्ड 55 सेक्टर-06 सड़क नं. 09, 10, 11, 12 व 13 में रोड किनारे पेवर ब्लाक लगाने का कार्य 28 लाख, वार्ड 55 सेक्टर-06 एचएससीएल कालोनी में सड़क निर्माण कार्य 70 लाख, वार्ड 56 सेक्टर-06 (मध्य) के सड़क 50 एवं सड़क 55 से लेकर 59 तक सीसी रोड निर्माण कार्य 28 लाख, वार्ड 65 सेक्टर-07 रेल्वे बस्ती एवं मनराखन बस्ती में सीमेंटीकरण कार्य 52 लाख, सेक्टर-07 सड़क एवेन्यू ए में पेवर ब्लाक लगाने का कार्य 25 लाख की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य है जो स्वीकृति के सूची में सम्मिलित है, जो शहर विकास के लिए अति महत्वपूर्ण कार्य है!
भिलाई / शौर्यपथ / शुक्रवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में एमजे स्कूल की डायरेक्टर श्रीलेखा विरुलकर ने बताया कि एमजे स्कूल मां जगदम्बे एजुकेशनल सोसाइटी का एक नया उपक्रम है। 5 एकड़ के परिसर में फैला यह स्कूल बेहतरीन अध्ययनकक्षों के अलावा इनडोर जिम, 2 एकड़ के गार्डन एरिया, प्ले ग्राउण्ड सहित अन्य सुविधाओं से लैस है। स्कूल में घुड़सवारी, तीरंदाजी सहित ऐसी अनेक सुविधाएं हैं जो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करती हैं। एमजे एजुकेशनल सोसाइटी पिछले दो दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है। एमजे स्कूल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्कृति एवं शिक्षण पद्धतियों का खूबसूरत तालमेल देखने को मिलेगा। वैश्वीकरण के इस युग मे इसकी नितांत आवश्यकता महसूस की जाती है। एमजे स्कूल में 500 वर्ग मीटर के क्लास रूम हैं जिसमें 2 विद्यार्थियों के बीच 6 मीटर की दूरी होगी। स्कूल में प्रत्येक विद्यार्थी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पाठ्यक्रम के अलावा अनेक गतिविधियां होंगी जिससे छात्र का सर्वांगीण विकास हो। इनमें भाषण, वाद-विवाद, अध्ययनयात्रा, कैंप, आदि का गतिविधियों का नियमित संचालन किया जाएगा। सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला में नर्सरी से लेकर सभी क्लास के बच्चों की पहुंच होगी जहां वे खेल-खेल विज्ञान से जुड़ेंगे। यह बच्चों में वैज्ञानिक अभिरुचि उत्पन्न करने में सहायक सिद्ध होगी।एमजे स्कूल प्रत्येक विद्यार्थी की जिज्ञासा, प्रतिस्पर्धा एवं अवलोकन के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ उसमें उत्तरोत्तर प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक क्लासरूम में रंग-बिरंगी रुचिकर बाल साहित्य से सजी लाइब्रेरी है जो बच्चों को पुस्तकों से जोड़ेगी और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार कुछ पढऩे के लिए प्रेरित करेगी। इससे बच्चों का स्क्रीन टाइम (मोबाइल या टीवी पर बिताया जाने वाला समय) स्वयं ही कम हो जाएगा।
बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिमाह हेल्थ चेकअप के साथ ही समयबद्ध टीकाकरण किए जाने का भी व्यवस्था की गई है। स्कूल द्वारा महीने में कम से कम दो बार बच्चों के पालकों के साथ परामर्श बैठकें की जाएंगी। हम बच्चों को पढऩे का उपयुक्त परिवेश देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बच्चों के समुचित, संतुलित एवं पूर्ण शारीरिक विकास के लिए स्कूल में आंतरिक मिनी जिम की व्यवस्था है। इसका लाभ बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए प्ले स्टेशन, हॉर्स राइडिंग (घुड़सवारी), आर्चरी (तीरंदाजी) एवं अन्य एडवेंचर स्पोट्र्स की भी व्यवस्था की गई है। एडवेंचर स्पोट्र्स के अन्य आकर्षणों में रॉक क्लाइंबिंग एवं रोप क्लाइंबिंग भी शामिल है जो बच्चों के कोर स्ट्रेंथ को विकसित करेगा।शाला परिसर में एक टॉय ट्रेन (छोटी रेलगाड़ी) है जो बगीचे के चक्कर लगाएगी। चारों तरफ हरियाली, विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे बच्चों को प्रकृति से जोड़ेगी। यहां बच्चों का परिचय लगभग सभी पालतू एवं जंगली जानवरों से होगा जिससे उन्हें प्रकृति को समझने में मदद मिलेगी।
बच्चों को यातायात के नियमों से परिचित कराने एवं उनमें ड्राइविंग स्किल्स विकसित करने के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार, जीप एवं स्कूटी स्कूल में उपलब्ध है। शारीरिक एवं मानसिक संतुलन स्थापित करने तथा इसे एक्टिविटी से जोडऩे के लिए म्यूजिक एंड डांस स्टूडियो है। ड्राइंग एवं पेंटिंग के साथ-साथ बच्चे संगीत एवं नृत्य को भी बतौर हॉबी सीख पाएंगे।स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए अनेक उपाय किये गये हैं। पूरा स्कूल परिसर सीसी टीवी कैमेरा की निगरानी में रहेगी जिसकी मानीटरिंग मल्टी लेवल पर की जाएगी। इसके अलावा शाला परिसर में तीन फीट की ऊंचाई तक दीवारों की पैडिंग की गई है ताकि टकराने पर भी बच्चों को चोट न लगे। फर्नीचर्स की किनारियों पर भी सुरक्षा परत है। डोर सेफ्टी का भी ख्याल रखा गया है।श्रीमती विरुलकर ने बताया कि यह स्कूल इसी शिक्षा सत्र से शुरु होने था लेकिन कोरोना काल के कारण विलंब होने से यह सत्र आगामी वर्ष 2021-22 से शुरु होगा। इसकी सारी प्रक्रियाएं अपने अंतिम चरण में है। पत्रकारवार्ता के दौरान मुनमुन चटर्जी, श्वेता भाटिया, अर्चना त्रिपाठी, अमित सर, जुनेटों से हरिश शर्मा उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग एनएसयूआई के तत्वावधान में दुर्ग निगम के बाजार और सडकों से वर्षाजल निकासी समस्या के समाधान के लिए दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू ने बताया कि दो रोज पूर्व सुबह तेज बारिश होने के कारण यातायात व्यवस्था से लेकर आम नागरिकों को कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ा, जिससे नागरिकों के मन में नगर निगम के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के प्रति वादा करके भूल जाने जैसे व्यक्तव्य उत्पन्न हो रहा है। दुर्ग निगम के गैर जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा पूर्व में ही सतत निगरानी कर व्यवस्था को दुरूस्त कर लिया जाता तो यह स्थिति आज उत्पन्न नही होती। यह बात एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने महापौर के संज्ञान में लेकर के आया और बताया कि मां शीतला सब्जी मार्केट सिविल लाईन दुर्ग में भी बारिश होने से पानी अंदर चले जाने के कारण वहां पानी का भराव हो गया है। इस कारण वहां के सब्जी व्यापारियों से ग्राहक सब्जी लेने बचते रहे जिसका सीधा असर उसदिन सब्जी व्यापारियों और छोटे व्यवसायी पर पड़ा और उनको अपना सामान पश्ुाओं को खिलाने और कचरे में फेंकने पर मजबूर हो गये जिसके कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दुर्ग एनएसयूआई ने महापौर से मांग की है कि वे दुर्ग निगम क्षेत्र के बाजार एवं सड़कों से वर्षाजल निकासी समस्या के समाधान के लिए निगम के अधिकारी और एनएसयूआई के पदाधिकारी के साथ स्थल निरीक्षण कर इस इसकी वास्तविक स्थिति से अवगत होकर इस समस्या से निजात दिलाने का कार्य करें।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निर्माणाधीन मकान से इलेक्ट्रॉनिक सामग्री चोरी करने वाले आरोपी को उतई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया । यूपी के पास से चोरी किया गया इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जप्त किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि पीडि़ता ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराए की उसका नवनिर्मित मकान ग्राम उमरपोटी में बन रहा है। 14 जून 2020 को इलेक्ट्रॉनिक फिटिंग सामान का खरीदारी कर उसे लगवाने हेतु अपने नवनिर्मित भवन में रखी थी । जिससे घटना दिनांक समय को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर के अंदर घुस कर ताला तोड़कर चोरी कर ले गए जिस पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 183 ऑब्लिक 2020 धारा 454 380 भा द वि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
घटना दिनांक समय को घर से निकलते समय पड़ोसी के द्वारा दो संदिग्धों का वीडियो बनाया गया था। उक्त वीडियो को पीडि़ता को दिखाने पर यह ज्ञात हुआ कि वह व्यक्ति पीडि़ता के निवास में काम करने वाला बिजली फिटर नारायण निवासी मडोदा है। जिसका पता तलाश करने हेतु तत्काल टीम भेजी गई जिससे पता चला की आरोपी घटना दिनांक से ही फरार चल रहा है तथा उसका एक अन्य रूपेंद्र पाटिल पिता गजानन पाटिल उम्र 30 साल निवासी तेलुगु पारा नेवाई को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ किया जिसमें अपने एवं अपने दोस्त नारायण के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया तथा चोरी किए गए सामान को आधा-आधा बांटना बताएं जिस पर उक्त आरोपी से उसके हिस्से के सामान को विधिवत जप्त किया गया। जिसकी कीमती लगभग 15,500 है । मुख्य आरोपी नारायण घटना दिनांक से फरार है । आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया । उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश पुरिया ,प्रधान आरक्षक अश्वनी देशलहरे, आरक्षक कौशलेंद्र बघेल ,आरक्षक अजय ढीमर , की सराहनीय भूमिका रही*
रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार के केबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आज दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण जन स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की। केबिनेट सचिव ने राज्यवार कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए के निर्देश दिए। केबिनेट सचिव ने गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी नई गाईडलाईन का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ से वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भाग लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निकारिका बारिक सिंह ने केबिनेट सचिव को राज्य के 6 जिले जहां कोरोना के एक्टिव केश ज्यादा हैं की जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने केबिनेट सचिव से राज्य में टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य के प्राईवेट अस्पतालों में ट्रूनाट टेस्टिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, इस पर केबिनेट सचिव श्री गौबा ने भारत शासन के डी जी आई सी एम.आर. को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
वीडियों कान्फ्रेंसिंग में खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी शामिल हुए। केबिनेट सचिव ने सभी राज्यों में ज्यादा से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग पर जोर दिया है और कोरोना पाजीटिव मरीजों के त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। केबिनेट सचिव ने राज्यों में आई सी यू बेड और वैंटिलेटर की सुविधाओं की भी समीक्षा की। वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
