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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन, राज्यों की सहमति से तैयार होगा वैज्ञानिक कृषि मॉडल
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्यों के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करना देश की कृषि व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक गंभीर और दूरदर्शी पहल है, जिससे किसानों को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप खेती की स्पष्ट दिशा मिलेगी।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रोडमैप राज्यों की सहमति और उनकी आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा तथा इसे किसी भी राज्य पर थोपा नहीं जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर Rajasthan, Andhra Pradesh और Uttar Pradesh ने इस पहल के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।
इस कार्य में Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) और कृषि मंत्रालय मिलकर राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
नए कृषि रोडमैप के तहत देश के 12 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक राज्य के लिए उपयुक्त फसल प्रणाली तय की जाएगी।
इस योजना में मुख्य रूप से:
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Purple Revolution (लैवेंडर खेती) की सफलता को देखते हुए अन्य राज्यों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विशेष कृषि क्रांतियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह रोडमैप किसानों के लिए एक वैज्ञानिक दस्तावेज की तरह काम करेगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा:
रोडमैप तैयार होने के बाद राज्यों की आर्थिक, तकनीकी और संरचनात्मक जरूरतों का विश्लेषण कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
देश की कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रत्येक राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप बनने से किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती का स्पष्ट मार्ग मिलेगा, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
दुर्ग।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर नोटिस जारी किया जाएगा।
बैठक में नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, स्वामित्व योजना, जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। जिले में अविवादित नामांतरण के 16,646 प्रकरणों में से 15,385 का निराकरण (92.42%) किया जा चुका है, जबकि 1,237 मामले लंबित हैं और 115 प्रकरण समय-सीमा से बाहर हैं।
कोटवारी भूमि पर सख्ती:
कलेक्टर ने कोटवारी भूमि के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए। 90 प्रकरणों में से अब तक 32 में सिविल वाद दायर हुआ है, जबकि 57 लंबित हैं। सभी तहसीलदारों को ग्रामवार खसरा सूची तैयार कर पंजीयन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
सीमांकन प्रकरणों में देरी पर नाराजगी:
कुल 1,242 सीमांकन प्रकरणों में 1,080 का निराकरण हुआ है, जबकि 162 लंबित और 65 समय-सीमा से बाहर हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना की प्रगति:
जिले के 381 गांवों में ड्रोन सर्वे पूर्ण, 379 में मैप तैयार, जबकि 106 गांवों में अंतिम प्रकाशन हो चुका है। शेष 273 गांवों में कार्य जारी है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मैदानी निरीक्षण अनिवार्य:
नक्शा बटांकन और भू-अर्जन मुआवजा मामलों में तेजी लाने तहसीलदारों को फील्ड निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतमाला परियोजना सहित सभी लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र भुगतान पर जोर दिया गया।
अन्य निर्देश:
जाति प्रमाण पत्र के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण
तकनीकी कारणों से लंबित प्रकरणों के समाधान हेतु उच्च स्तर पर पत्राचार
भूमि आबंटन आवेदनों का प्राथमिकता से निपटारा
बैठक में एडीएम, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
नई दिल्ली/गुवाहाटी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिससे राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर विवाद गहरा गया है।
क्या है पूरा विवाद?
5 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें कथित तौर पर तीन देशों के पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने की बात शामिल थी। इन आरोपों को रिनिकी शर्मा ने पूरी तरह फर्जी बताते हुए गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी खेड़ा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को “नकली और मनगढ़ंत” बताया है।
हाईकोर्ट का रुख सख्त
24 अप्रैल 2026 को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि एक निजी व्यक्ति को इस तरह विवाद में घसीटना गंभीर मामला है।
अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली अस्थायी राहत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी और खेड़ा को असम की अदालत जाने को कहा था। अब हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद खेड़ा ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की है।
आगे क्या?
अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि खेड़ा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर संवैधानिक और आपराधिक कानून की कसौटी पर आ चुका है।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राज्यसभा के सभापति को राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए याचिका सौंपे जाने का दावा सामने आया है। आरोप है कि संबंधित सांसदों ने दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) का उल्लंघन किया है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या विश्वसनीय सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। विशेष रूप से राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की बात भी स्थापित तथ्यों से मेल नहीं खाती, जिससे इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक और संवैधानिक जानकारों के अनुसार, यदि कोई सांसद स्वेच्छा से पार्टी छोड़ता है या व्हिप का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही संभव है। लेकिन इसके लिए स्पष्ट साक्ष्य, औपचारिक प्रक्रिया और सभापति का निर्णय आवश्यक होता है।
कानूनी स्थिति क्या कहती है?
दलबदल कानून के तहत, यदि किसी दल के 2/3 सांसद एक साथ विलय का दावा नहीं करते, तो व्यक्तिगत स्तर पर पार्टी बदलने पर अयोग्यता लागू हो सकती है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय राज्यसभा के सभापति द्वारा लिया जाता है, जिसे न्यायालय में चुनौती भी दी जा सकती है।
निष्कर्ष:
फिलहाल यह मामला दावों और अटकलों के स्तर पर है। जब तक आधिकारिक पुष्टि या दस्तावेज सामने नहीं आते, इसे सत्यापित खबर के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत स्मृतिनगर चौकी के एचएससीएल कॉलोनी में एक महिला ने आरक्षक की पत्नी और उसके मासूम बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस हमले में आरक्षक की दो बेटियां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज ने आरक्षक ललितेश यादव के घर में घुसकर उसकी पत्नी रीना यादव और 8 वर्षीय बेटे आदित्य यादव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले में बच्चे पर 14 से अधिक और महिला पर लगभग 18 वार किए गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
हमले के दौरान घर का पूरा कमरा खून से सन गया था, जो घटना की भयावहता को दर्शाता है।
हमले के दौरान रीना यादव ने अपनी बेटियों को बचाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई, जबकि दूसरी किसी तरह बाहर निकलकर पड़ोसियों को सूचना देने में सफल रही। दोनों बच्चियां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आरोपी महिला को पकड़ लिया। लोगों ने उसके हाथ से चाकू छीनकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला और आरक्षक ललितेश यादव के बीच वर्ष 2024 में फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ था। यह संबंध धीरे-धीरे व्यक्तिगत रिश्ते में बदल गया।
बताया जा रहा है कि आरक्षक ने आरोपी महिला को रायपुर में अलग मकान लेकर रखा था। हाल के दिनों में वह आशानगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही थी। घटना से एक दिन पहले भी वह आरक्षक के घर पहुंची थी, लेकिन समझाकर वापस भेज दिया गया था।
24 अप्रैल को आरक्षक ललितेश की मैरिज एनिवर्सरी थी। परिवार को यूपी भेजने के लिए रिजर्वेशन भी कराया गया था। इसी बीच पत्नी रीना ने आरोपी महिला को घर आने की जानकारी दी। आरोपी घर पहुंची, जहां उसने खाना भी खाया।
बताया जाता है कि उसी दौरान अचानक उसने सो रहे बच्चे पर हमला कर दिया और फिर रीना यादव को भी निशाना बनाया। जब बेटियां बचाने आईं, तो उन पर भी हमला कर दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद को घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
“मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा।”
जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के समापन अवसर पर रविवार शाम आयोजित विशेष प्रेरक सत्र में देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने युवाओं को जीवन के मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में फिट रहना, सकारात्मक सोच बनाए रखना और परिवार के साथ मिलकर आगे बढ़ना ही सफलता का सबसे मजबूत आधार है।
24 और 25 अप्रैल को शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस फेस्ट में युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में
अपने संबोधन में सौरभ द्विवेदी ने कहा कि बदलते समय में निरंतर सीखना और खुद को अपडेट रखना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से मेंटल हेल्थ पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित जीवनशैली ही दीर्घकालिक सफलता का आधार बनती है।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे भ्रामक सूचनाओं और अनावश्यक आलोचनाओं से दूर रहें, अपने विवेक से निर्णय लें और परिवार के मार्गदर्शन को महत्व दें।
“परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए उनके साथ जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है।”
महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में माताओं और बहनों की भूमिका केंद्रीय है। जब महिलाएं घर के साथ आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय होती हैं, तो प्रगति को नई गति मिलती है। साथ ही उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और संतुलन को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बच्चों को विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सावधान रहने का संदेश देते हुए कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही सशक्त समाज का निर्माण करती है।
कार्यक्रम में महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अभिनाश मिश्रा, डीएफओ श्री कृष्ण जाधव, प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापक, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर महापौर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
“यूथ फेस्ट-2026” युवाओं के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सकारात्मक मार्गदर्शन का सशक्त मंच बनकर उभरा। यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने में सफल रहा, बल्कि युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा देने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय दांपत्य जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
इन घोषणाओं से स्थानीय आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के त्याग, भक्ति और सेवा भावना को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को नमन करते हुए उनके साथ अपने कार्यकाल के अनुभव भी साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 28 महीनों में राज्य सरकार ने सुशासन स्थापित करते हुए “मोदी की गारंटी” को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया—
ऊर्जा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 का जिक्र करते हुए बताया कि बकाया बिल पर 100% सरचार्ज छूट दी जा रही है।
साथ ही “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल केंद्रों के जरिए गांव-गांव में डिजिटल सेवाएं सुलभ बनाई जा रही हैं और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के नियंत्रण और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल, कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, जिला साहू संघ के अध्यक्ष श्री नंदलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
भरर का यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सामूहिक सहयोग का सशक्त संदेश बनकर सामने आया, जहां संस्कार और विकास—दोनों का सुंदर संगम देखने को मिला।
गुंडरदेही। क्षेत्र में चल रहे गो सम्मान आह्वान अभियान को ग्रामीण स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में परिक्षेत्र साहू समाज कांदूल द्वारा ग्राम सनोद में आयोजित भक्त माता कर्मा जयंती समारोह जनजागरण का प्रभावी मंच बन गया, जहां गौ सेवकों को विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों का खुला समर्थन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष डोमन लाल कोरसेवाड़ा, विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत सदस्य मीना साहू, जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, सहित गुलशन साहू, कौशल किशोर साहू, टोमन लाल साहू, उमा शंकर साहू (तहसील अध्यक्ष), खिलावन साहू (पूर्व जिला अध्यक्ष), केशव राम साहू (पूर्व तहसील अध्यक्ष), सरपंच हिलेश्वर निषाद, परिक्षेत्र अध्यक्ष धनेश्वर साहू, ग्रामीण अध्यक्ष सेतराम साहू समेत 20 से अधिक गांवों के पदाधिकारी व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अभियान के समर्थन में अपने विचार व्यक्त करते हुए राजमहंत डोमन लाल कोरसेवाड़ा ने कहा कि “सतनामी समाज लंबे समय से गो हत्या प्रतिबंध के पक्ष में रहा है। वर्तमान समय में इस विषय पर जनजागरण अत्यंत आवश्यक है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए।”
समारोह के दौरान वक्ताओं ने गौ संरक्षण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में अभियान को समर्थन देते हुए इसे समाजहित में महत्वपूर्ण पहल बताया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसमर्थन के विस्तार का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।
नई दिल्ली ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 133वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी को विकसित भारत की नींव बताया। उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों और जन-आंदोलनों को रेखांकित करते हुए नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का बड़ा मील का पत्थर बताया।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत की विंड एनर्जी क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और देश दुनिया में चौथे स्थान पर है।
प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
प्रधानमंत्री ने देशभर से उदाहरण साझा किए:
European Girls Mathematical Olympiad में:
प्रधानमंत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया और युवाओं से छुट्टियों में कुछ नया सीखने का आग्रह किया।
“विकसित भारत का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।”
इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री ने नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रीय अभियानों में भाग लेने का आह्वान किया।
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम ।
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 27-28 अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।
इस दौरान वे 27 अप्रैल को विशाखापत्तनम पहुंचकर प्रतिष्ठित आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेंगे।
आंध्र विश्वविद्यालय, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, अपने 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।
यह दौरा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत उपलब्धियों को सम्मानित करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
