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NULM की भूमिका संग्धिग्ध ! सर्वे रिपोर्ट को नजरअंदाज के बाद एक ही व्यक्ति को दो दूकान का आबंटन , आखिर कब तक मौन रहेंगे आयुक्त लोकेश चंद्राकर ..
दुर्ग / शौर्यपथ /
सड़क पर व्यापार करने वालों को व्यवस्थित रूप से दुकान संचालक के लिए जिला कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा द्वारा दिए गए सुझाव निर्देशों के बाद नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा जिला अस्पताल परिसर के सामने एवं रवि शंकर स्टेडियम के सामने दो-दो फूड जोन और वेंडर जोन बनाए गए और इनका उन्हीं व्यक्तियों को दिया जाना निश्चित किया गया जो सड़कों पर दुकान लगाकर व्यापार कर रहे हैं ताकि सड़क पर दुकान लगाकर व्यापार करने वाले सुरक्षित बाजार पर व्यापार कर सके और शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ ही सड़क पर व्यापार करने वाले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो .
परंतु दुर्ग नगर पालिक निगम के द्वारा जिस विभाग से सड़क पर दुकान लगाने वाले विक्रेताओं का सर्वे कराया गया उन विक्रेताओं को तो दुकान नहीं मिला वहीं कई ऐसे विक्रेता भी सामने आए हैं जिन्हें दो-दो बार दुकान मिल चुका है और शायद यही वजह है कि अपात्र व्यक्तियों को भी दुकान मिल गई अपात्र व्यक्तियों के दुकान मिलने के मामले के मौन साधना इन विक्रेताओं की मजबूरी बन गई जिसका फायदा एन यु एल एम विभाग नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा भरपूर उठाया गया. चर्चा यहां तक भी आ रही है कि इस कार्य के लिए एन यु एल एम किसी के अधिकारियों एवं सर्वे अधिकारियों द्वारा रकम की परदे के पीछे लेनदेन भी हुई है .
आयुक्त लोकेश चंद्राकर ( नगर पालिक निगम दुर्ग )
बता दें कि जिला अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों को कुछ साल पहले गौरव पथ पर एलआईसी ऑफिस के सामने दुकान आवंटित किया गया था किंतु सड़क पर व्यापार लगाने वाले यह संचालक एलआईसी के सामने स्थित दुकानों को किराए में देकर एक बार फिर जिला अस्पताल परिसर के सामने पहुंच गए और सर्वे में अपने नाम अंकित कराकर एक बार फिर महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थान पर दुकान कब्जा कर लिया शायद इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए नगर निगम की एन यु एल एम विभाग द्वारा ऐसे अपात्र लोगों को और निगम के कर्मचारियों के रिश्तेदारों को भी दुकान आवंटित कर दिया गया जो की पात्र नहीं है अब देखना यह है कि इस मामले पर आयुक्त लोकेश चंद्राकर किस तरह संज्ञान लेते हैं क्योंकि सर्वे के समय भी दुर्ग नगर पालिक निगम की आयुक्त लोकेश चंद्राकर थे और वर्तमान समय में भी लोकेशन चंद्राकर ही नगर पालिका निगम दुर्ग की आयुक्त हैं ऐसे में अब आम जनता या उम्मीद कर रही है कि नगर पालिका निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर मामले को संज्ञान में लेकर इसकी बारीकी से जांच करेंगे एवं अपात्र लोगों को बेदल्खी कर सर्वे कार्य में एवं आवंटन कार्य में कोताही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे..
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
