Google Analytics —— Meta Pixel
March 10, 2026
Hindi Hindi

जिला अस्पताल की पार्किंग बनी ‘वसूली केंद्र’ ? तय ₹5 की जगह ₹10, ₹15 की जगह ₹20–25 वसूली… जीवनदीप समिति और प्रशासन पर उठे सवाल Featured

  • devendra yadav birth day

कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जीवनदीप समिति के अधीन पार्किंग ठेका, फिर भी नियमों की अनदेखी… पर्ची लेकर वापस लेना भी संदेह के घेरे में ?

दुर्ग।

देशभक्ति, राष्ट्रसेवा और सुशासन की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत देकर सरकार बनाने का अवसर दिया था। प्रदेश सरकार लगातार जनहित के कार्यों और सुशासन की प्रतिबद्धता का संदेश देती रही है, लेकिन दुर्ग जिला अस्पताल परिसर में चल रही वाहन पार्किंग व्यवस्था इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग का ठेका जीवनदीप समिति की अनुशंसा से दिया जाता है, जिसमें वर्तमान समय में भाजपा समर्थित समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इस समिति के प्रमुख जिला कलेक्टर होते हैं। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में पार्किंग ठेकेदारों द्वारा आम जनता से निर्धारित शुल्क से दुगुनी-तिगुनी राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

तय शुल्क कुछ और, वसूली कुछ और

जिला अस्पताल कार्यालय के प्रभारी स्टीवर्ड के अनुसार पार्किंग का ठेका गोपीनाथ मांडले के नाम पर है, जिसे प्रतिदिन लगभग ₹4100 की राशि जमा करनी होती है।

नियमों के अनुसार पार्किंग शुल्क इस प्रकार निर्धारित है—

दोपहिया वाहन : ₹5

चारपहिया वाहन : ₹15

लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत बताई जा रही है। अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि

दोपहिया वाहन से ₹10

चारपहिया वाहन से ₹20 से ₹25 तक

की राशि खुलेआम वसूली जा रही है।

पर्ची देकर वापस ले लेना भी सवालों में

एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पार्किंग ठेकेदार वाहन खड़ा करते समय पर्ची तो देते हैं, लेकिन वाहन निकालते समय वही पर्ची वापस ले लेते हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पर्चियां ही वापस ले ली जाती हैं तो वास्तविक वसूली का रिकॉर्ड कैसे सुरक्षित रहेगा।

नियमों के अनुसार बोर्ड भी नहीं

जिला अस्पताल कार्यालय के प्रभारी स्टीवर्ड के मुताबिक पार्किंग स्थल पर शुल्क दरों का स्पष्ट बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, लेकिन पूरे पार्किंग परिसर में ऐसा कोई बोर्ड दिखाई नहीं देता। इससे आम लोगों को निर्धारित शुल्क की जानकारी ही नहीं मिल पाती और ठेकेदार मनमाने तरीके से वसूली कर रहे हैं।

किसकी शह पर चल रही मनमानी?

यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जीवनदीप समिति, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद यदि पार्किंग ठेकेदार तय दर से अधिक वसूली कर रहे हैं तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है?

सुशासन के दावे और जमीनी हकीकत

प्रदेश सरकार समय-समय पर यह संदेश देती रही है कि आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में विनायक ताम्रकार के निष्कासन जैसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी अनुशासन के मामले में सख्त रुख अपनाती है।

ऐसे में अब नजर इस बात पर टिकी है कि जिला अस्पताल की पार्किंग में हो रही कथित अतिरिक्त वसूली के मामले में जीवनदीप समिति, अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन किस तरह की जांच और कार्रवाई करते हैं।

सीसीटीवी और रिकॉर्ड से खुल सकती है सच्चाई

अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और वाहनों के आवक-जावक का रिकॉर्ड भी मौजूद है। ऐसे में यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करे तो वाहन मालिकों से पूछताछ और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक स्थिति आसानी से सामने आ सकती है।

अब देखना यह होगा कि जिला अस्पताल प्रबंधन और जीवनदीप समिति इस मामले की गंभीरता को समझते हुए अधिक वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करते हैं, या फिर यह मामला यूं ही दबा रहेगा और अस्पताल आने वाली आम जनता की जेब लगातार ढीली होती रहेगी।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)