July 30, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

        धमतरी / शौर्यपथ / धमतरी पुलिस जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, संग्रहण और बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चला रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देश पर शनिवार को थाना कुरूद एवं थाना सिहावा पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से अवैध शराब एवं बिक्री रकम जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    चारमाठा पुल के पास शराब बेचते आरोपी को कुरूद पुलिस ने दबोचा

    मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना कुरूद पुलिस ने ग्राम चारमाठा पुल के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। यहां अवैध रूप से शराब बेच रहे मुरारी दास वैष्णव (54 वर्ष), निवासी परसवदा, थाना कुरूद को गिरफ्तार किया गया।

    तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 17 पाव देशी मसाला शराब (करीब 3.06 लीटर) तथा बिक्री रकम सहित लगभग ₹2,000 मूल्य की सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत अपराध क्रमांक 220/26 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की।

    सिहावा पुलिस ने 3 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ आरोपी पकड़ा

    दूसरी कार्रवाई में थाना सिहावा पुलिस ने ग्राम रानीगांव मानस मंच के पास दबिश देकर मनीष मरकाम, पिता स्वर्गीय सुखराम मरकाम, निवासी रानीगांव, को अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बेचते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    आरोपी के कब्जे से 3 लीटर कच्ची महुआ शराब तथा बिक्री रकम सहित करीब ₹750 मूल्य की सामग्री जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(ए) के तहत अपराध क्रमांक 55/26 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

    अवैध शराब कारोबार पर रहेगी कड़ी निगरानी

    धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब के निर्माण, परिवहन अथवा बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

    शौर्यपथ की नजर

    53 पेटी अवैध शराब की बड़ी जब्ती के बाद धमतरी पुलिस लगातार छोटे और बड़े सभी स्तरों पर कार्रवाई कर यह संदेश दे रही है कि जिले में अवैध शराब कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है। नियमित कार्रवाई और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से पुलिस शराब तस्करी और अवैध बिक्री के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है।

    458 लीटर शराब के साथ 2.23 लाख रुपये से अधिक का जखीरा बरामद, अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

    धमतरी / शौर्यपथ / जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 पेटी अवैध शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 458 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 2,23,680 रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस शराब की अंतरराज्यीय सप्लाई चेन, परिवहन, भंडारण और वितरण नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।

    पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी के मार्गदर्शन में जिलेभर में अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना अर्जुनी पुलिस को मुखबिर से ग्राम धौराभाठा में भारी मात्रा में अवैध शराब रखे जाने की सूचना मिली।

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अर्जुनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से खिलानंद साहू उर्फ गोलू साहू (33 वर्ष) एवं कमलेश साहू (32 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम धौराभाठा, को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

    जप्त शराब का विवरण
    देशी प्लेन शराब (शोले) – 40 पेटी (1920 पौवा) – 345.600 लीटर
    देशी मसाला शराब (शोले) – 5 पेटी (240 पौवा) – 43.200 लीटर
    जम्मू व्हिस्की – 8 पेटी (384 पौवा) – 69.120 लीटर

    कुल जब्ती:

    53 पेटी अवैध शराब
    2544 पौवा (लगभग 458 लीटर)
    अनुमानित कीमत – ₹2,23,680

    पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

    सप्लाई नेटवर्क की होगी गहन जांच

    धमतरी पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल अवैध भंडारण तक सीमित नहीं है। शराब की सप्लाई चेन, परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। इस अवैध कारोबार में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।

    शौर्यपथ की नजर

    धमतरी पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है। बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि जिले में सक्रिय संगठित तस्करी नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और शराब की आपूर्ति किन क्षेत्रों तक की जा रही थी।

       गुंडरदेही / नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन,नगर पंचायत के सीएमओ कोमल ठाकुर, नगर पंचायत उपाध्यक्ष विजय सोनकर,पार्षद हरीश निषाद, शैल महोबिया, एल्डरमैन गोकुल निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ स्वामी आत्मानंद शासकीय हाई स्कूल का निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर एवं मैदान में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद तत्काल सफाई कार्य कराया गया। इस दौरान स्कूल मैदान के उस मार्ग का भी निरीक्षण किया गया, जहां से प्रतिदिन छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। लगातार बारिश के कारण वहां अत्यधिक कीचड़ हो गया था, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई हो रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने तत्काल मुरूम, गिट्टी एवं डस्ट डलवाकर मार्ग को व्यवस्थित कराया, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके पश्चात कन्या पूर्व माध्यमिक शाला का भी निरीक्षण किया। यहां शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन से चर्चा कर विद्यालय की विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली गई। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में कक्षों की कमी के कारण विद्यार्थियों को बैठाने में कठिनाई होती है।
    इस पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने तत्काल प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर कन्या पूर्व माध्यमिक शाला में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और इस संबंध में मंत्री से चर्चा कर शीघ्र स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
    अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि नगर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण प्रदान करना नगर पंचायत की प्राथमिकता है। विद्यालयों में जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

    दुर्ग / जल संरक्षण की दिशा में किए गए छोटे-छोटे प्रयास किस तरह ग्रामीणों की जिंदगी बदल सकते हैं, इसका प्रेरणादायक उदाहरण धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में देखने को मिला है। यहां विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत भागवत के खेत के पास निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल को सहेजने का काम किया है, बल्कि भू-जल स्तर बढ़ाने, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने और किसानों की आय में वृद्धि का भी रास्ता खोला है।

    इस चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें 2.80 लाख मजदूरी तथा 13.20 लाख सामग्री का प्रावधान रखा गया। निर्माण कार्य पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख की राशि व्यय हुई, जिसमें 2.79 लाख मजदूरी एवं 12.55 लाख सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ। इससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई तथा मजदूरी के माध्यम से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली। 12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता वाले इस चेक डेम ने पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती दी है। पहले बारिश का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, लेकिन अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे जमीन में समा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले से बेहतर बनी रहती है।

    इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह और श्री केवल पचरू सहित कई किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ रबी और सब्जी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई मिलने से उत्पादन बढ़ा है, खेती की लागत घटी है और किसानों की आय में लगातार इजाफा हो रहा है। तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार, चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है और इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकती है। यह संरचना केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत देने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक का कहना है कि चेक डेम बनने के बाद वर्षा का पानी गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेती आसान और अधिक लाभकारी बनी है। वहीं किसानों का भी मानना है कि अब खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, समय पर सिंचाई मिल जाती है और फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह साबित करता है कि यदि वर्षा जल की हर बूंद को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए, तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

     

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                                                                                        दुर्ग  / "वाद से समाधान, मध्यस्थता से सम्मान और सौहार्द से सशक्त समाज का निर्माण" के मूल उद्देश्य को साकार करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के० विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी "Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India" स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा 25 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक पांच दिवसीय कम्यूनिटी मीडियेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के चतुर्थ तल स्थित नवीन सभागार में किया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 25 जुलाई 2026 को प्रातः 08:45 बजे आयोजित होने वाले भव्य उद्घाटन समारोह के साथ किया जाएगा।

    कम्यूनिटी मीडियेशन अर्थात् सामुदायिक मध्यस्थता ग्रामीण भारत में सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द एवं वैकल्पिक विवाद समाधान की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले सामाजिक, पारिवारिक, पड़ोसी, भूमि एवं अन्य सामुदायिक विवादों का न्यायालयों तक पहुँचने से पूर्व ही आपसी संवाद, सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" के निर्माण के संकल्प के साथ जिले के पांच ग्राम घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल का चयन किया गया है, जहाँ कम्यूनिटी मीडियेशन की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने एवं सामुदायिक मध्यस्थता तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएँ एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन ग्रामों से चयनित 15 कम्यूनिटी मीडियेटर्स इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे, जिन्हें Potential Trainers द्वारा कम्यूनिटी मीडियेशन की संपूर्ण प्रक्रिया, उसके व्यावहारिक पक्षों एवं विवाद समाधान के कौशलों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने हेतु मल्टी सेक्टोरियल एप्रोच (Multi-Sectoral Approach) को अपनाया गया है। इसके अंतर्गत राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जिला दुर्ग स्थित समस्त विधि महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs), स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी।

    *विपक्ष जनता की आवाज़, सरकार सवालों से मुंह मोड़ रही*

    दुर्ग। पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि विपक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की आवाज़ को मजबूती से सरकार तक पहुंचाना और जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही तय करना है।

    गुरुवार को जारी बयान में श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी लगातार युवाओं, छात्रों और आम जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर संसद तक उठा रहे हैं। 

    उन्होंने आरोप लगाया कि "इस देश का दुर्भाग्य है कि सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय आवाज़ उठाने वालों को दबाने का प्रयास कर रही है।" 

    श्री साहू ने की कहा, "भाजपा याद रखे, लोकतंत्र में आवाज़ दबाने से सवाल खत्म नहीं होते। देश का युवा न्याय मांग रहा है, जवाब मांग रहा है और कांग्रेस उनकी आवाज़ बनकर मजबूती से खड़ी है।"

    पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन सभी मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी है और सदन के अंदर व बाहर संघर्ष जारी रखेगी।

    गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने कहा

         रायपुर / शौर्यपथ / लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश के विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आज आयोजित बैठक में जिलों के कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न संभागों के कार्यपालन अभियंता, ठेकेदार और जेल अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।
    लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरकों, बाउंड्रीवॉल्स, शौचालयों और वॉच टॉवर्स के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ ही सभी जेलों के अधीक्षकों से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित दौरा कर कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों को भी निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूरा करने को कहा।
    श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए जेल परिसर के भीतर निर्माण सामग्रियों के परिवहन की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने जेल अधीक्षकों को श्रमिकों को रोज काम के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बैठक में कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से राहत मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मैदानी अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को तेज गति से काम कर कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा।

    इन कार्यों की हुई समीक्षा
    लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में रायपुर केन्द्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों-परिजनों के लिए शेड व शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता के विशेष जेल, जिला जेल धमतरी और गरियाबंद में बाउंड्रीवॉल, जिला जेल जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद तथा उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। विभागीय सचिव ने कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के कार्य, केन्द्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए बैरक एवं शौचालय निर्माण, जिला जेल दंतेवाड़ा में शौचालय निर्माण, जिला जेल सुकमा की मुख्य दीवारों के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग तथा वॉच टॉवर निर्माण एवं उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    अमलीडीह से कामनबोड़ तक बनेगी 1.40 किमी लंबी सड़क, मार्ग में 5 पुलियों का भी होगा निर्माण

    शीतला मंदिर में भवन के लिए 6.50 लाख रुपये की घोषणा की

    रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम अमलीडीह से कामनबोड़ तक 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 1.40 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है, जिसके पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने शीतला माता मंदिर में भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपये की घोषणा कर ग्रामीणों को एक और सौगात दी।
    भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, पुल-पुलिया सहित सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं, निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सड़क, आवास, बिजली, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के कार्य को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। सरकार बनने के बाद प्रदेशभर में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिससे हजारों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह सहित कुरुवा पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में पिछले दो वर्षों के दौरान 255 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आवास के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
    उन्होंने बिजली व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फीडर सेपरेशन का व्यापक अभियान चलाया गया है। पहले एक फीडर से 8 से 9 गांव जुड़े रहते थे, जिसके कारण किसी एक गांव में तकनीकी खराबी आने पर कई गांवों की बिजली प्रभावित होती थी। अब इसे घटाकर 4 गांव प्रति फीडर कर दिया गया है, जिससे खराबी का त्वरित निराकरण और शीघ्र बिजली बहाली संभव हो सकेगी।
    उन्होंने बताया कि अमलीडीह में 52 लाख रुपए की लागत से फीडर सेपरेशन का कार्य कराया गया है। साथ ही कृषि पंपों के लिए अलग फीडर की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित और बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलेगी। अमलीडीह बस्ती क्षेत्र में 7 लाख रूपए की लागत से 1.20 किलोमीटर एलटी केबलिंग तथा 25 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी।
    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह में सड़क और बिजली के अलावा सीसी रोड, चेक डैम सहित अनेक विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के पूरा होने से गांव में आधारभूत अधोसंरचना मजबूत होगी, कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक गांव बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित होकर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बने।
    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पटेल, जनपद उपाध्यक्ष अशोक पटेल, परेटन वर्मा, लाला राम साहू, भूखन साहू, परदेशी पटेल, जलेश्वर वर्मा, सरपंच श्रीमती दुर्गा संतराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

        रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना, अर्थात डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन (Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion), के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत इस नीति को विकसित किया है।

    छत्तीसगढ पहला राज्य महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति को अपनाया है। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने तथा राज्य के पांच लाख परिवारों और 10,000 संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रशिक्षित 'सोलर दीदी' की जा रही है तैयार

    योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासनों के सहयोग से 12 जिलों के 13 संकुल स्तरीय संघो (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और जनजागरूकता का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित 'सोलर दीदी' तैयार की जा रही हैं, जो अपने ही क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

    प्रधानमंत्री के 'लखपति दीदी' विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर

    सौर ऊर्जा प्रणाली को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह वित्तीय मॉडल जहां स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है, वहीं महिला संचालित उद्यमों को टिकाऊ व्यवसाय विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह पहल प्रधानमंत्री के 'लखपति दीदी' विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।

    महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच

    यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच को भी प्रतिबिंबित करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने पर बल देते रहे हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका को सतत ग्रामीण विकास का आधार मानते हैं। द्वीप्ति योजना इन दोनों प्राथमिकताओं को एक साथ जोड़ते हुए महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की मुख्यधारा में ला रही है।

    ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से है जोड़ना

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि अब तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से लाभार्थी तक सीमित रही है। ड्वीप्टि योजना इस सोच को बदलते हुए महिलाओं को विक्रेता, तकनीशियन, प्रबंधक और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के लखपति दीदी विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से जोड़ती है।

    कबीरधाम में नीति से धरातल तक पहुंची पहल

    द्वीप्ति योजना का प्रभाव अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कबीरधाम इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले शुरुआती जिलों में शामिल है। सीएसपीडीसीएल- आरएपीएम, रायपुर के सहयोग से जिला पंचायत कबीरधाम (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन, कवर्धा को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया। टाटा के तकनीकी सहयोग से बिहान के स्व-सहायता समूहों की लगभग 35 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर जिले की पहली 'सोलर दीदी' टीम तैयार की गई।

    पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर में

    योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती अंजनी पटेल इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं।

    श्रीमती अंजनी पटेल ने कहा, "इस कार्य ने हमारे लिए आजीविका का नया रास्ता खोला है। हमें गर्व है कि अब स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं सोलर सिस्टम स्थापित कर रही हैं। इससे यह विश्वास बढ़ा है कि यह अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।"

    सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर

    कबीरधाम कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि यह पहल आजीविका संवर्धन और अक्षय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि यह मॉडल महिलाओं के लिए कौशल आधारित और टिकाऊ आजीविका विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर सिस्टम की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। कबीरधाम जिले में अब तक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लगभग 40 ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं तथा कई संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं।

    राज्य के अन्य जिलों में द्वीप्ति योजना के विस्तार के साथ महिला नेतृत्व वाले पंजीकृत महासंघों, प्रशिक्षित स्थानीय तकनीशियनों और आसान वित्तीय व्यवस्था पर आधारित यह मॉडल छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर लागू किए जाने योग्य एक प्रभावी उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

    द्वीप्ति योजना एक नजर में
    • अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जाएंगे।
    • 50,000 हरित रोजगार सृजित होंगे।
    • 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
    • 10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ा जाएगा।
    • 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत।
    • कबीरधाम में 35 महिलाओं को 'सोलर दीदी' के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
    • कबीरधाम जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए।

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