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April 07, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

- नगरीय प्रशासन मंत्री ने 8 करोड़ 71 लाख 50 हजार रूपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
- 1 करोड़ 37 लाख रूपए के विकास कार्य, विभिन्न समाजों के भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार की घोषणा
- मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा
- श्रम विभाग के विभिन्न योजनाओं के तहत 40 लाख 90 हजार रूपए की राशि का चेक हितग्राहियों को प्रदान की गई
-राजीव गांधी आश्रय योजनांतर्गत 192 हितग्रहियों को पट्टा वितरण किया गया

राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आज डोंगरगांव में 8 करोड़ 71 लाख 50 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर 3 करोड़ 34 लाख 50 हजार रूपए का लोकार्पण एवं 5 करोड़ 37 लाख रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 40 लाख 90 हजार रूपए का चेक प्रदान किया। मंत्री डॉ. डहरिया ने 1 करोड़ 37 लाख रूपए विकास कार्य, विभिन्न समाजों के भवन निर्माण एवं जीर्णोद्धार की घोषणा की। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में राजीव गांधी आश्रय योजनांतर्गत 192 हितग्राहियों को पट्टे का वितरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल, विधायक खैरागढ़ देवव्रत सिंह, अंत्यावसायी वित्त निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के विकास कार्यों में तेजी आई है। नगरीय निकाय के विकास में प्रदेश सबसे आगे रहा है। राज्य में सर्वाधिक किसान निवास करते है। किसानों के समृद्ध और मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा। शासन द्वारा किसानों की कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ और समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में किसान को समृद्ध बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। सिंचाई कर भी माफ किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सभी क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में बहुत सारी योजनाएं लागू की गई हैं, जिसके माध्यम से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। इसका श्रेय शहर के नागरिकों को जाता है। जिन्होंने इस पर ध्यान दिया। नगर निगम क्षेत्रों में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टे का वितरण किया जा रहा है। जिससे पट्टे मिलने से हितग्राहियों के लिए मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत घर बनाया जा रहा है।
इसी तरह स्लम एरिया में रहने वाले हितग्राहियों को मोर मकान मोर चिन्हारी योजना के अंतर्गत मकान, बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा मुख्यमंत्री मितान योजना लाने पर विचार कर रही है। जिसके तहत सभी शासकीय सेवाएं घर पहुंच माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जल आवर्धन योजना के तहत घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। नगरीय निकाय क्षेत्रों को टैंकर मुक्त करने पर कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को राशि उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से राशि का उपयोग बाजार में हो रहा है और प्रदेश के बाजार में मंदी का असर नहीं पड़ा है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू ने विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए स्थल का चयन सभी की सहमति से किया जाता है। जिसमें पार्षदए, पत्रकार, समाजसेवी तथा अन्य नागरिकों की सलाह ली जाती है। अंत्यावसायी वित्त निगम के अध्यक्ष श्री धनेश पाटिला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की संस्कृति और विकास को बढ़ावा देते हुए कार्य कर रहे है। उन्होंने किसानों के लिए अनेक योजनाएं लागू की है और लगातार विकास के कार्य कर रहे है। जिसके माध्यम से किसान समृद्ध और मजबूत हो सके। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भुनेश्वर बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण में भी शहर में लगातार विकास कार्य जारी रहा है। शासन द्वारा राजीव गांधी आश्रय योजना लाई गई है, जिसमें पट्टा वितरण कर हितग्राहियों को मालिकाना हक दिया जा रहा है। शासन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को पहचान देने के लिए इस पर लगातार कार्य कर रही है। शासन द्वारा नरवा, गरूवा, घुरूवा एवं बाड़ी योजना, लोककला पंडवानी, सुआ, नाचा और लोकव्यंजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई है। विधायक खैरागढ़ श्री देवव्रत सिंह ने कहा कि नगरीय कल्याण विकास में लगातार कार्य चल रहा है और इन दो सालों में डोंगरगांव का भी विकास तेजी से हुआ है।
कार्यक्रम में मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत व्यवसायिक परिसर में 100 नग दुकान बनाने और डोंगरगांव में मुख्यमंत्री पालिका बाजार बनाने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रूपए, मुखियार समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, संत रविदास भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, पटेल समाज भवन निर्माण के लिए 7 लाख रूपए एवं सतनामी समाज भवन जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने डोंगरगांव में 1 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से वृद्धाश्रम, 11 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 2 में चिल्ड्रन पार्क, 13 लाख रूपए की लागत से निषाद समाज भवन, 10 लाख रूपए की लागत से वैष्णव समाज भवन, 4 लाख रूपए की लागत से महिला ब्राम्हण समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से राजपूत समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, 6 लाख 50 हजार रूपए की लागत से सेन समाज भवन, 5 लाख रूपए की लागत से अतिरक्ति कक्ष सतनाम समाज एवं सामुदायिक भवन मटिया तथा 1 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से ग्राम कोनारी में आईटीआई भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 2 करोड़ रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 2 के पुष्प वाटिका, 1 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से खेल मैदान (स्टेडियम), 40 लाख रूपए की लागत के हाट बाजार, 20 लाख रूपए की लागत का गौठान निर्माण, 67 लाख रूपए की लागत के ड्रेनेज सिस्टम, 30 लाख रूपए के पौनी पसारी, 25 लाख रूपए लागत के ओपन थियेटर, 5 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 11 में गार्डन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर नगरीय प्रशाासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने श्रम विभाग के विभिन्न योजनाओं के तहत 40 लाख 90 हजार रूपए की राशि हितग्राहियों को प्रदान की। भगिनी प्रसूति सहायता योजनांंतर्गत 66 महिला श्रमिकों को 3 लाख 30 हजार रूपए की सहायता राशि, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 15 श्रमिकों के परिजनों को 15 लाख रूपए की सहायता राशि, असंगठित कर्मकार भगिनी प्रसूति सहायता योजना के तहत 46 महिला श्रमिकों को 4 लाख 60 हजार रूपए की सहायता राशि, मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 18 श्रमिकों के परिजनों को 18 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर नगर पंचायत डोंगरगांव के अध्यक्ष हीराभाई निषाद, उपाध्यक्ष ललित लोढ़ा, एसडीएम डोंगरगांव हितेश पिस्दा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरबी तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने कहा है कि आम बजट 2021 में सरकार का सारा का सारा जोर सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में बेचने पर है। रेल्वे, खनन, एयरपोर्ट, एअर इंडिया, बीपीसीएल, खान, खनन क्षेत्र की कंपनियां, ंबीमा क्षेत्र में 49 से एफडीआई 74 प्रतिशत करना जैसे तमाम क्षेत्र हैं, जिनको निजी हाथों में मनमाने तरीके से सौंपने की नीति/घोषणा इस बजट में सरकार द्वारा किया गया है।
सवाल है कि निजी क्षेत्र जनहित और राष्ट्रहित के काम कितना करेंगे, यह बात देश के बड़े औद्योगिक घरानों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार की गलत नीतियों के कारण चंद निजी कंपनियों की आय देश की संपत्ति के दोहन के बाद तकरीबन हर वर्ष दोगुनी होती जा रही है, यह नितान्त चिंता की बात है। रेलवे जैसा विभाग, देश में सबसे ज्यादा रोजगार देता है, इसे निजी हाथों में सौंपने का क्या कारण है? सरकार कारण नहीं बताती, मनमानी तरीके से राष्ट्र की संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने का उपक्रम चला रही है। सरकार सब कुछ निजी हाथों में बेचने पर आमादा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आज बेरोजगारी चरम पर है और जो क्षेत्र रोजगार दे सकता है, उसे सरकार निजी हाथों में सौप रही हैं। नौजवानों का भविष्य अंधकार में है, हम अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा रहे हैं, अच्छे बेहतर जॉब-नौकरी के लिए पर उनका भविष्य सरकार अंधकार की ओर ले जा रही है, यह बजट से प्ररिलक्षित हो रहा है।
जहां तक किसानों की बात है, इस बजट में किसानों के लिए आश्वासनों के अलावा और कुछ नहीं दिखता है। पूरा का पूरा बजट किसानों की आय आश्वासनों के जरिए डेढ़ गुणा करने की बात के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जबकि सरकार कहती है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी कर देगी, दोगुना होगी या डेढ गुणा, यह विरोधाभासी बातें किसानों के लिए, इस बजट में है।
दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार के राज में कृषि उपकरण पर 4 से 12 प्रतिशत टैक्स था लेकिन भाजपा सरकार जीएसटी लागू किया और कृषि में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर 28 प्रतिशत तक टैक्स लगा दिया है। यह किसानों के साथ भद्दा मजाक है, इतना ज्यादा कृषि उपकरणों पर टैक्स किसानों के साथ धोखा है। जहां तक एमएसपी की बात है तो सरकार मात्र आश्वासन दे रही है की एमएसपी थी है और रहेगी। इसके अलावा कुछ नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि एमएसपी के लिए कोई कानून है ही नहीं। वह सरकार के घोषणा के आधार पर एक एक्सक्यूटिव आदेश के जरिए लागू है। इसीलिए देश भर के 6 प्रतिशत किसानों को ही एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है। फिर सवाल है कि एमएसपी जब कानून ही नहीं है तो जब नए कानून के तहत निजी क्षेत्र किसानों की उपज खरीदेगा तो वह एमएसपी दर पर अनाज क्यों खरदेगा, जब कोई कानून ही नहीं है, तो मनमाने तरीके से किसानों के उत्पाद को निजी क्षेत्र खरीदेगा। जिसके आसानी के लिए सरकार पहले ही कानून दी है। ऐसे हालात में सरकार खुद किसानों को गुमराह कर रही है कि एमएसपी था, है, रहेगा। ऐसे में किसान का कल्याण कैसे होगा ?
सरकार यह भी कह रही है कि वह तो निजी हाथों में सब कूछ सौंप ही रही है, राज्यों को भी प्रोत्साहन देगी कि वह भी निजी हाथों में अपने-अपने उपक्रमों को सौंपने की प्रक्रिया अपनाएं।
किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए डीजल का इस्तेमाल करता है। डीजल पर सात से आठ प्रतिशत वृद्धि इस 1 साल में प्रति लीटर हुई है जबकि एमएसपी पर प्रति कुंटल चंद रुपए बढ़ाने की घोषणा सरकार करती है। वह भी गारंटी नहीं है कि वह एमएसपी दर पर खरीदेगी। जब सरकार डीजल पर प्रति लीटर वृद्धि करती है तो क्यों नहीं किसानों द्वारा उत्पादित खद्यान्न पर प्रति किलो की दर से एमएसपी दर में इजाफा किया जाए, जैसे डीजल और पेट्रोल पर वृद्धि हो रही है। अगर वाकई किसानों की आय बढ़ानी है, किसानों की आय दोगुनी करनी है तो सरकार कुंटल की बजाय प्रति किलो की दर पर एमएसपी की दर बढ़ाए और बाध्यकारी कानूनी खरीदने के लिए लाए।
इस बजट में ज्यादातर चीजें आश्वासनों पर है, एमएसपी, पर्यावरण स्वच्छ करने के लिए बड़ी राशि की घोषणा की गई है। गंगा निर्मल स्वच्छ बनाने की योजना में अरबों रुपया लगा दिया गया पर गंगा कितनी निर्मल-स्वच्छ हुई, यह किसी से छिपा नहीं है। सरकार की नीतियों से पर्यावरण कितना स्वच्छ होगा, यह बात भविष्य की गर्त में है लेकिन पिछले कुछ वर्षों का सरकारी कामकाज देखा जाए तो पर्यावरण के मामले में मात्र किसानों पर उनके अवशेष जलाने पर फाइन लगाने से ज्यादा और कुछ सरकार ने नहीं किया है। यह आश्वासनों से काम चलाने वाली सरकार है, जमीनी धरातल पर उतरने वाली नहीं।
इस बजट में आधी आबादी यानी महिलाओं की उपेक्षा साफ नजर आती है। महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। आधी आबादी की उपेक्षा, निंदनीय है। सब कुछ ऑनलाइन करने पर सरकार का जोर है। पर सरकार यह भूल रही है कि देश में कितने टेक्नोलॉजी साधन-सम्पन्न लोग हैं, जो ऑनलाइन के जरिए सब कुछ पा लेंगे। लॉकडाउन में शिक्षा पूरी तरह ऑनलाइन थी, इसमें क्या दिक्कतें आई, समस्याओं की वजह से बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा, इसका मूल्यांकन करना चाहिए था। ऑनलाइन के फायदे और दूष्प्रभाव दोनों हैं। किसान, आम आदमी और मजदूर ऑनलाइन व्यवस्था से लाभ कितना उठा पाएगा, यह बात किसी से छिपी नहीं है। ऑनलाइन की व्यवस्था से आम आदमी को गुमराह करने जैसा है। वन नेशन वन राशन कार्ड पर सरकार लंबे समय से काम कर रही है, धरातल पर इस दिशा में कितना काम हुआ है। सरकार आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर रही है। आश्वासनों, निजी हाथों में सरकारी कंपनियों को सौपने के अलावा इस बजट में और कुछ नजर नहीं हा रहा है।

अंतिम तिथि तक -1,83,529 किसानों से 7 लाख,98 हजार 274.32 मेट्रिक टन धान का उपार्जन लक्ष्य के विरूद्ध 97.78 फ़ीसदी धान की खरीदी जांजगीर-चाम्पा / शौर्यपथ / कृषि प्रधान छत्तीसगढ़…

धमतरी / शौर्यपथ / जिले के धमतरी विकासखंड के ग्राम पंचायत भटगांव में छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण योजना नरूवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी के तहत हुए नवाचार का स्थल भ्रमण में आये गौरेला-पंेड्रा-मरवाही के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर. के. खुंटे के नेतृत्व में उनके अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा किया गया। सर्वप्रथम भ्रमण दल द्वारा ग्राम पंचायत भटगांव का अवलोकन किया गया जिसमें लगभग 03 एकड़ बंजर भूमि में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के सहयोग से चारागाह विकसित किये गये हैं। जय भवानी महिला स्वसहायता समूह द्वारा लेमनग्रास, एलोविरा की खेती की जा रही है। समूह की महिलाओं द्वारा 15 क्ंिवटल लेमनग्रास पत्ती निकालकर मल्टीयुटीलिटी सेंटर छाती में विक्रय किया गया जिससे 50 हजार रूपये की भी आमदनी हुई। इसके अतिरिक्त हरी सब्जी बरबट्टी, धनिया, मैथी, प्याज भाजी, टमाटर, लौकी का उत्पादन कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वर्मी टैंक संरचना तकनीकी मापदण्ड अनुरूप होने से गुणवत्तापूर्ण वर्मीखाद का उत्पादन हो रहा है। समूह की महिलाओं ने सब्जी वर्गीय फसल उत्पादन की भी विस्तृत जानकारी दी गई। तत्पश्चात् भ्रमण दल द्वारा नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गुहाननाला में वन अधिकार अधिनियम के तहत 21 पट्टाधारी परिवार के भूमि में निर्माण से पूर्व की स्थिति से अवगत कराया गया उक्त जमीन पूर्व में भर्री एवं टिकरा पड़ी हुई थी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 10 हितग्राहियों के कुल 07 एकड़ भूमि का सुधार किया गया। 03 हितग्राहियों के निजी जमीन पर डबरी निर्माण कराया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल को अवगत कराया कि गुहाननाला के वन अधिकार पट्टा प्राप्त जमीन में विभिन्न विभागों के अभिसरण से कार्ययोजना तैयार कर कार्य करवाया गया है।
मनरेगा योजनांतर्गत भूमि सुधार कार्य, डबरी निर्माण कार्य एवं फलदार पौध रोपण हेतु गड्ढा खुदाई कार्य व तीन वर्ष के लिए देखरेख हेतु उद्यानिकी विभाग द्वारा तथा जिला खनिज न्यास मद से चैनलिंक फैंसिंग व ड्रीप स्थापना कार्य, कृषि विभाग द्वारा जिला खनिज न्यास मद से बोरवेल कार्य व आत्मा योजनांतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रागी, उड़द, दाल प्रदर्शन तथा इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी मिनी किट एवं गेंदाफूल रोपण का कार्य वन अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त भूमि में कराया गया है। वहीं एफ.आर.ए. जमीन में पौध रोपण हेतु प्रयुक्त वर्मी खाद गौठान समिति से क्रय कर उपयोग में लाया जा रहा है तथा मल्टीयुटीलिटी सेंटर में समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित चैनलिंक फैंसिंग व सीमेंट पोल का भी उपयोग किया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ने बताया कि- एफ.आर.ए. भूमि के कार्यों का उद्देश्य वन अधिकार पट्टा प्राप्त एक चक में भूमि (कम से कम 10 एकड़) का चयन कर समस्त विभागों की योजनाओं के समन्वय से कार्ययोजना तैयार कर हितग्राहियों को आर्थिक लाभ प्रदाय किया जा रहा है। फलदार आम वृक्षारोपण का लाभ 03 से 05 वर्ष के पश्चात प्राप्त होगा किंतु इस समयावधि में आर्थिक लाभ हेतु कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खरीफ एवं रबी में उन्नत किस्म के बीज फूल प्रदर्शन इत्यादि के माध्यम से साल भर आय प्राप्ति के साधन उपलब्ध करवाये गये हैं तथा तीन साल तक पौधे की देखरेख हेतु महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों का मजदूरी भुगतान रोपित पौधे की गणना की हिसाब से दी गई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल के अधिकारियों को गुहाननाला के लाभान्वित हितग्राही श्रीमती राधिका नेताम ने 20 डिसमील जमीन में बरबट्टी सब्जी उत्पादन कर 07 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की है। हीरालाल मरकाम ने आधा एकड़ भूमि में बरब्टी, मिर्च, धनिया पत्ती से 40 हजार रूपये कमाकर आत्मनिर्भर हुआ। कु. पुष्पा मरकाम ने 05 डिसमील जमीन लौकी, सेमी, बरब्टी से 15 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त किया। श्रीमती कुंती बाई ने आधा एकड़ जमीन में टमाटर, मिर्च, बैगन, बरब्टी, धनिया, मिर्च के उत्पादन से 16 हजार रूपये की आमदनी की। कुपोषण को दूर करने में कुंती बाई द्वारा उत्पादित सब्जी संजीवनी की तरह काम आया ।
संजय मरकाम ने एक एकड़ भूमि में मल्लिका प्रजाति के 60 नग आम का पौधा रोपण किया गया है वहीं गेंदा फूल से 05 हजार रूपये, बरब्टी से 15 हजार रूपये, सेमी से 10 हजार रूपये की आमदनी होना बताया। नगरी विकासखंड में हितग्राही द्वारा विभिन्न विभागों के अभिसरण से अर्जित आमदनी और प्रयोग को देखकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के भ्रमण दल के अधिकारी काफी अभीभूत हुए उन्होंने इस प्रयोग को अपने क्षेत्र में करने की बात कही। एक दिवसीय भ्रमण दल में धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आर. के. खुंटे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, ओ.पी. शर्मा परियोजना अधिकारी,अहिरवार उपसंचालक कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, तकनीकी सहायक के साथ सहायक परियोजना अधिकारी धमतरी मनरेगा जिला पंचायत, डी.एस. कुशवाहा सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग धमतरी, पी.आर. साहू मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी, एनआरएलएम, प्रदान टीम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

31जनवरी को पोलियो दिवस के अवसर पर नगर पंचायत नगरी के आंगन बाड़ी केंद्र जंगल पारा में नगर पंचायत नगरी के महिला एवं बाल विकास विभाग के सभापति श्रीमती
ललीता साहु,पार्षद जितेन्द्र साहु,एवं षार्षद श्रीमती सुनीता निर्मलकर ने शुन्य से पांच वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की।तथा उन्होंने बच्चों की सुरक्षा में चुक न हो इसके लिए माताओं को बच्चों को इसकी सभी खुराक अनिवार्य रुप से पिलाने के लिए प्रेरित किया। बाहर से आए हुए अतिथि बच्चों को भी पोलियो दवा की खुराक पिलाई गई।दुसरे दिन भी आंगन बाड़ी कार्यकर्त्ता दवा पीने से बचे हुए बच्चों को घर घर घुमकर पोलियो की दवा का खुराक पिलाकर अपने दायित्व का निर्वहन किए।इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती दमयंती साहु, सुशीला गिरी,सहायिका नीरा भरेवा,जानकी साहु, वार्ड की आशा,टुकेश्वरी साहु, गायत्री निषाद,अश्वनी खरे आदि उपस्थित थे।

शासन के निर्देशानुसार संकुल केंद्र सेमरा एवं संकुल केंद्र टांगा पानी के समस्त शिक्षकों का राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आवश्यक परिचर्चा कार्यशाला का आयोजन किया गया । उक्त कार्यशाला हायर सेकेंडरी स्कूल बिरगुड़ी में आयोजित की गई । कार्यशाला में पूर्व बीआरसी के एल कौशिक संकुल समन्वयक प्रकाश चंद साहू संकुल सेमरा जसपाल खनूजा संकुल टांगा पानी के साथ दोनों स्कूलों के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल हुई । सभी शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा दी गई बिंदुओं पर बहुत अच्छे ढंग से प्रस्तुतीकरण किया गया । विशेष सहयोग के रूप में आर्यन (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन) ने PPT के माध्यम से कार्यशाला में मुख्य बिंदुओं को प्रस्तुत किया ।कार्यशाला का आयोजन सुचारू रूप से किया गया ।

नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरगांव के ग्रामीणों ने 25 जनवरी सोमवार को जनदर्शन पहुँचकर ज्ञापन सौंपा।जनदर्शन एवं जिला सीईओ को ज्ञापन देने के बाद ग्राम समिति उमरगांव के अध्यक्ष कृष्णा मारकोले ने कहा कि ग्राम पंचायत उमरगांव के पूर्व सरपंच मोहन पुजारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप तथ्यहीन एवं बेबुनियाद है, उन्होंने आगे बताया कि पूर्व सरपंच मोहन पुजारी अपने दो बार के सरपंच पद के 10 वर्षीय कार्यकाल में गांव के लोगों के साथ मिलजुल कर विकास कार्य का योजना बनाते थे तथा विभिन्न निर्माण कार्यों को तय मानकों के अनुसार एवं उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूर्ण कराते थे।ग्राम पटेल लिलम्बर शेष ने बताया की पूर्व सरपंच द्वारा समय समय पर ग्रामसभाओं का आयोजन कराते थे एवं  कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों को ग्राम सभाओं, विशेष ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायत के बैठकों एवं सामाजिक अंकेक्षण दल के समक्ष प्रस्तुत कर उसका वाचन कर अनुमोदन कराते थे जिसमें उस समय किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं हुई थी, यह की पूर्व सरपंच के 10 वर्षीय कार्यकाल बहुत ही अच्छा एवं निर्विवाद रहा है। मोहन पुजारी के सरपंच पद से हटते ही उनसे व्यक्तिगत ईर्ष्या,द्वेष व दुर्भावना रखने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा भ्रष्टाचार का बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी राजनैतिक व सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है जो कि अनुचित है।ग्रामीणों ने बताया पूर्व सरपंच के कार्यकाल में हुए विभिन्न निर्माण कार्यों में हमें कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी बताया की कुछ शिकायतकर्ता ऐसे है जिन्होंने प्रत्येक ग्रामसभाओं में उपस्थिति दिये हैं और निर्माण कार्यो का बकायदा अनुमोदन भी किये हैं और कुछ शिकायतकर्ता मोहन पुजारी के कार्यकाल में पंचायत को झांककर तक नही देखे है और निर्माण कार्यस्थल पर कदम तक नही रखे और तो और किसी भी ग्रामसभा में उपस्थित तक नही हुए है ऐसे लोग षड्यंत्र रचकर निराधार शिकायत किये हैं।ग्रामीणों ने शिकायत को सिरे से ख़ारिज करने की मांग की है।ज्ञापन देने वालों में पंच मंशा राम सोम, भगवान कुंजाम, शोभित राम नेताम, ग्राम समिति उपाध्यक्ष लखन पुजारी, सचिव जनक साहू, बेददास मानिकपुरी, महेश अग्रवाल, अंगेश हिरवानी, देवेन्द्र सेन, मेघराज ध्रुव सहित ग्रामीण शामिल रहे।
*पूर्व सरपंच मोहन पुजारी का कहना है मेरे 10 वर्ष के सरपंच कार्यकाल में विभिन्न निर्माण कार्यों को तकनीकी मानकों के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ व विभागीय ऑडिट के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार कराया हूँ मेरे सरपंच पद से हट जाने के बाद भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगा रहे हैं इससे साफ जाहिर होता है की मेरे समाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।*

2 फरवरी, मंगलवार को नगरी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अमाली में मंडाई, मेले का आयोजन किया जायेगा।
ग्राम सरपंच जगन्नाथ कश्यप व ग्राम पटेल हरचंद साहू ने जानकारी दी।

नगरी के समाज सेवी सन्नी छाजेड ने वनविभाग,छ ग शासन से जलाऊ चट्टे कि किमत कम करने की मांगता कि है।
उनका कहना है कि गरीब परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर दह संस्कार केलिये 2500 रूपय में एक चट्टा लकडी खरीदना बेहद मुश्किल होता है ऐसे में उन गरीब परिवारों का ध्यान रखते हुये, शासन को कम किमत में लकड़ी उपल्बध कराने की मांग कि जा रही है।

रायपुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा द्वारा बच्चों को दो बूंद पोलियो की खुराक पिलाकर किया गया ।
इस अवसर पर ज़िला रायपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल, जिला टीकाकरण अधिकारी रायपुर डॉ.अनिल कुमार परसाई, डब्ल्यूएचओ के स्थानिय प्रतिनिधि डॉ.नितिन पाटिल, सहायक सांख्यिकी अधिकारी दिलीप बंजारे,मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे, और ,कार्यालय सहायक राज यदु, मौजूद रहे।
अभियान के शुभारंभ की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ. मीरा बघेल ने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 31 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा जिसमें जिले के 3.42 लाख से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने की जिम्मेदारी राज्य से दी गई है ।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा ने कहा कि पल्स पोलियो की दो बूंद खुराक पोलियो से होने वाली हानि को रोकती है । सभी माताएं अपने शिशुओं को पोलियो बूथ तक लेकर जाएं और उन्हे दो बूंद जिंदगी की पिलवाकर मजबूत बनाएं ।
जिला टीकाकरण अधिकारी रायपुर डॉ.अनिल कुमार परसाई ने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियानके अंर्तगत शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक ‘’दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार’’ मंत्र के साथ पिलाई जा रही है । इसके लिए 31 जनवरी को बूथ में एवं 1 तथा 2 फरवरी को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चो को पोलियो की खुराक दी जाएगी ताकि कोई भी बच्चा खुराक पीने से वंचित न रहे।
इस बार जिले में 3.42 लाख से अधिक बच्चों का लक्ष्य डायरेक्टरेट आफ हेल्थ सर्विसेज (डीएचएस) से मिला है । जिले में 1,370 से अधिक बूथ बनाए जाएंगे जिसमें प्रत्येक बूथ पर 4 सदस्यों की टीम मौजूद रही।
प्रत्येक पांच बूथ पर एक सुपरवाइजर की व्यवस्था थी जिसमें 274 लोगों व्यवस्था में रहे । प्रत्येक बूथपर 4 टीका कर्मी की व्यवस्था की गई और कुल 5,480 टीकाकर्मियों का सहयोग रहा । 40 ट्रांजिट टीमें का गठन किया गया था और प्रत्येक टीम में 4 सदस्य थे । कुल 160 सदस्यों की टीम बनाई गई थी, 8 ट्रांजिट पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की गई थी और 45 मोबाइल टीमों की व्यवस्था की गई थी जिसमें कुल 180 सदस्य मौजूद थे । 9 मोबाइल पर्यवेक्षकों की व्यवस्था कार्यक्रम को सफल बनाने में की गई थी।
डॉ. परसाई ने कहा:“पल्स पोलियो अभियान को सफल करने के लियें महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केन्द्रों को भी संचालित किया गया था। विशेष रुप में हाई रिस्क एरिया, रेल्वे बस्ती, घुमन्तु परिवार, ईंट भट्ठा, अर्बन स्लम आदि का चिन्हांकन एवं पल्स पोलियो के हितग्राही 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का चिन्हांकन किया गया एवं सभी चिन्हांकित पोलियो बूथ पर पोलियों की खुराक निर्धारित समय पर पिलाई गई”।
यह भी नहीं चूके इस बार
ग्राम चिचोली के 34 वर्षीय किशन साहू, जो पोलियो के कारण दिव्यांग है, उन्होंने अपनी 4 वर्षीय बेटी सारिका और 2 वर्षीय बेटे ज्ञानेश, को दो बूंद जिंदगी की पिलाकर पोलियो पर विजय हासिल कराई है वही नीलम बघेल प्रगति नगर, मोवा निवासी के अपने 4 वर्षीय भतीजे सूर्यांश और ढाई वर्षीय भतीजे करन बघेल को पोलियो की दो बूंद खुराक पिलाकर राष्ट्रीय सघन पोलियो अभियान को सफल बनाया है ।
किशन साहू कहते हैं कि 0 से 5 साल के बच्चों के माता-पिता को चाहिए कि वह नियमित रूप से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान में अपने बच्चों को पोलियो बूथ पर दो बूंद अवश्य पिलवाने के लिए जाना चाहिये । यह एक सम्मान का कार्य है । गर्व का कार्य है, यदि आपका बच्चा पोलियो की खुराक पीने से चूक जाता है तो उसका खामियाजा उसे जीवन भर भुगतना पड़ सकता है ।
वही नीलम बघेल का कहना है:``ग्रामीण परिवेश होने के कारण माता-पिता नहीं जानते थे कीपोलियो को रोकने की खुराक मौजूद है| अगर वह यह जानते तो आज मैं भी आम लोगों की तरह सामान्य होता दिव्यांग नहीं। मैं नियमित रूप से अपने भतीजे और भतीजी को लेकर अभियान के दिन बूथ पर आता हूं । साथ ही अपने क्षेत्र के लोगों से भी बूथ तक पहुंचे और अपने बच्चों को दो बूंद जिंदगी की खुराक के लिए प्रेरित भी करता हूं ।‘’

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