July 30, 2026
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    मुख्यमंत्री ( सफलता की कहानी )

    मुख्यमंत्री ( सफलता की कहानी ) (252)

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'मोर आवास मोर अधिकार' कार्यक्रम में अपने प्रशासनिक और राजनीतिक जीवन का एक भावुक और अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसेवा की नई मिसाल कायम करते हुए हितग्राहियों के पांव पखारकर उनका आशीर्वाद लिया।
       मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके माध्यम से जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को यह संदेश भी दिया है की वे स्वयं को आम जनता से ऊपर न समझकर स्वयं को जनता का सेवक समझें और मानवीय दृष्टिकोण से आदर के साथ आमजन की समस्याओं को सहृदयतापूर्वक सुनकर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय के द्वारा हितग्राहियों के पांव पखार कर आशीर्वाद लेना छत्तीसगढ़ में  जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच विश्वास और सेवा का प्रतीक बन गया है।

     रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के हो रहे विस्तार का लाभ पड़ोसी राज्य झारखंड को भी मिल रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर दूर जशपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लोदाम झारखंड बॉर्डर के समीप है। यहां पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोदाम में झारखंड के आसपास के गावों के लोग अपना इलाज कराने आते हैं। इसके साथ ही उनका आयुष्मान कार्ड भी यहां पर बन रहा है।
      लोदाम सीएचसी की बीपीएम के अनुसार झारखंड के मांझा टोली सहित अन्य ग्राम पंचायतों के लोग यहां की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण इलाज के लिए आते हैं। पिछले 4 महीनों में यहां झारखंड के 27 निवासियों की सामान्य प्रसव सफलतापूर्वक कराई गई है। इसके अलावा 10 से अधिक टाइफाइड के मरीजों की जांच और उपचार किया गया है। इसके अलावा अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी लोग यहां आते हैं। लोदाम सीएचसी में एक्सरे, ब्लड टेस्ट, सामान्य प्रसव, आयुष्मान कार्ड जैसी सेवाओं सहित अन्य बीमारियों के इलाज की भी सुविधा है।
      मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। इसी के तहत जशपुर जिले में 18 एबीबीएस और 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना के साथ ही मेडिकल उपकरणों की खरीदी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है।

    रायपुर / शौर्यपथ / सरगुजा जिले के पहाड़ी कोरवा बाहुल्य ग्राम रामनगर की श्रीमती संगीता पहाड़ी कोरवा कहती हैं कि हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु भईया हर महीने एक हजार रूपये हमारे बैंक खाते में भेजते हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिले पैसों से काफी मदद हो जाती है। इन रुपयों को घर के छोटे-मोटे खर्चे, बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के समान खरीदने में खर्च करते हैं।
    इसी तरह ग्राम रामनगर (बरपारा) निवासी श्रीमती गुलाबी भी महतारी वंदन योजना की हितग्राही हैं। वे कहती हैं कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीना एक हजार रुपए की राशि सीधे खाते में मिल जाती हैं। इस पैसे से घरेलू खर्चे में काफी मदद हो जाती है और हाथ में पैसा हो तो आत्मविश्वास रहता है।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 2 सितंबर को महतारी वंदन योजना के सातवीं किस्त की राशि के रूप में 01-01 हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के खाते में अंतरित किये। सरगुजा जिले में 7वीं किश्त में जिले की 2 लाख 32 हजार 840 महिलाओं के खाते में 21 करोड़ 48 लाख रुपए अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बटन दबाकर प्रथम किश्त की राशि जारी की थी। योजना के तहत पहले चरण में राज्य के करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है, जिनके बैंक खाते में योजना की 7वीं किश्त ट्रांसफर कर दी गई हैं।

    नौकरी के साथ ही पहाड़ी कोरवा सागर की सज गई नई उम्मीदें
    पहले रोजी-मजदूरी करता था, अब शिक्षक के रूप में निभा रहे जिम्मेदारी

    रायपुर / शौर्यपथ / पहाड़ी कोरबा सागर कुछ माह पहले तक एक मजदूर था। हाथ में कुछ काम नहीं होने की वजह से वह गाँव में एक ठेकेदार के पास जाकर ईंट ढोने का काम किया करता था। इससे उन्हें जी भर के परिश्रम करनी पड़ती थी और पैसे भी कम मिलते थे। घर में माता-पिता की जिम्मेदारी उठाने और अपना खर्च निकालने के लिए सागर को यह काम हर हाल में तब भी करना पड़ता था जब कभी उसे शारीरिक थकावट महसूस होती थी। वह चाहकर भी ऐसी नौकरी नहीं कर पा रहा था, जिससे उसका ईंट ढोने के कार्य से पीछा छूटे।
      विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा सागर के लिए रोजी-रोटी की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन गई थी, क्योंकि उनके हाथों को हर दिन काम मिल जाए यह भी जरूरी नहीं था। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जब जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के योग्य बेरोजगार युवकों को नौकरी देने की शुरुआत की गई तो पहाड़ी कोरवा सागर ने भी अपना आवेदन जमा किया। पहाड़ी कोरवा सागर के दस्तावेजों की जाँच के पश्चात उसका चयन कर लिया गया। विषम परिस्थितियों में रहकर गरीबी के बीच मजदूरी करने वाला पहाड़ी कोरवा सागर के हाथ से अब कोई ईंट नहीं उठता बल्कि इन्हीं परिश्रमी हाथों को चाक और किताबों का साथ मिल गया है। पहाड़ी कोरवा सागर अब प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को शिक्षा देकर आगे बढ़ने का संदेश दे रहा है।
      कोरबा ब्लॉक के ग्राम चीतापाली में पदस्थ पहाड़ी कोरवा सागर ने बहुत संघर्षों से बारहवीं पास किया। इस बीच कोई काम नहीं होने की वजह से वह अपने पिता की तरह मजदूरी का काम करने लगा। जंगल से निकलकर पहले पढ़ाई फिर मजदूरी करना और घर का खर्च उठाना यह सब उसके संघर्षमय जीवन की कहानी थी। सागर ने बताया कि पिताजी सहित उनके परिवार के अधिकांश सदस्य बहुत गरीब है और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह बारहवीं तक की पढ़ाई कर पायेगा। सागर ने बताया कि 2022 में 12वीं पास करने के बाद उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी। इस बीच ट्रैक्टर में ईंट उठाकर डालने और उसे ढो कर उतारने का काम करना पड़ता था। इस बीच शरीर में दर्द होने के बाद भी काम करना पड़ता था। सागर ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं होता कि वह शिक्षक बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा हम पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी देकर बहुत बड़ा उपकार किया गया है। उन्होंने बताया कि नौकरी लगने से घर-परिवार से लेकर रिश्तेदारों और समाज में खुशी का वातावरण है। पहाड़ी कोरवा सागर का कहना है कि अब उसकी पूरी दिनचर्या बदल गयी है। स्कूल में पढ़ाने के साथ ही बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है जो आने वाले समय में अपने बच्चों को सिखाने के काम आएंगे। स्कूल में टाइम के अनुसार उन्हें पढ़ाना होता है। इस कार्य से उसे बहुत खुशी महसूस हो रही है। वह कहता है कि नौकरी भले ही उन्हें डीएमएफ से मानदेय आधार पर मिली है लेकिन यह उसकी खुशियों की वह सीढ़ी है जिससे आने वाले कल का नया भविष्य तैयार हो पायेगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत बन पाएगी।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार और संवेदनशील सरकार ने आवासहीन परिवारों को पक्की छत देने के लिए कृत संकल्पित है। यह योजना न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थिर आवास भी प्रदान करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में गरीब परिवारों को उनका खुद का पक्का मकान मिल रहा है। बलरामपुर जिला के सुरजन कोरवा ने पक्के आवास के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। वे बताते हैं जिले के विकासखण्ड राजपुर के ग्राम पचायत सरगढ़ी के ग्राम गोविन्दपुर के निवासी है। पक्के मकान से पहले वो लकड़ियों और पैरा से बनाए गए झोपड़ी में रहने को मजबूर थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा रहते थे। बेटे की असामायिक मृत्यु हो जाने से घर की हालात और भी खराब हो गई। एक तरफ बेटे के जाने का दुःख और दूसरे तरफ घर की परिस्थितियां उनके मन को चिंतित कर रही थी। लकड़ी और पैरा से बने घर में उन्हें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा था, जहां एक तरफ जीव-जन्तु का डर वहीं दूसरी ओर मौसम की मार पेरशानियों को कम नहीं कर रही थी। आगे वे बताते हैं कि मजदूरी कर वह अपना जीवन यापन करते हैं। ऐसे में घर बनाने के लिए असहाय थे। तब पीएम जनमन के तहत उनको पक्का आवास मिला।
       सुरजन ने जनमन अभियान से हुए परिवर्तन के बारे में बताया कि आज उनका खुद का पक्का आवास है। वे कहते हैं हम जैसे आदिवासी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री संवेदनशीलता दिखाते हुए प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। श्री सुरजन के पास आज आधार कार्ड भी है जिसके माध्यम से अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम है और जनमन शिविरों में भी जाकर योजनाओं की जानकारी लेते हैं। ताकि शासन की योजना का लाभ उठा सकें।
       राज्य शासन के द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनके सामाजिक और आर्थिक विकास में सहयोग प्रदान की जा रही है। जिससे वो विकास के पथ पर अग्रसर हो रहे है। बलरामपुर जिले में पहाड़ी कोरवा समुदाय का एक विशेष स्थान है। जहां शासन-प्रशासन के प्रयासों से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों को बेहतर जीवन शैली के लिए मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास जारी है। वैसे तो एक तरह से देखा जा सकता है कि पीवीटीजी परिवारों की स्थितियों में सुधार के लिए कई पहल किए गए हैं। लेकिन जब से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुशासन आया तब से पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पीवीटीजी बसाहटों में पहल तेज हुई है।जहां पीवीटीजी समुदाय के लोगों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन्ही प्रयासों का नतीजा है कि प्रधानमंत्री न्याय महाभियान अंतर्गत पहाड़ी कोरवा सदस्यों को शासन की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जनमन आवास, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशनकार्ड,  आदि महत्वपूर्ण योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।

    संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश
    ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट
    पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों  में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके।
      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के  मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके ।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है।
      उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश  पर अनुसूचित और  गैर अनुसूचित क्षेत्रों में तैनात डाक्टरों  के  वेतन  में  46 फीसदी  तक की  बढ़ोतरी  की गई  है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और  स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम उठाया  है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सीनियर रेसीडेंट से लेकर प्राध्यापकों के वेतन में हुई ऐतिहासिक वृद्धि की  गई  है।
      प्राध्यापक को अब अनुसूचित क्षेत्र में 2 लाख 25 हजार तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में मिलेगा 1 लाख 90 हजार रूपए वेतन अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 46 फीसदी तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 23 फीसदी की वेतन वृद्धि की  गई  है।

    मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बनी लोगों का आशा का केंद्र
    समस्या सुनते ही आधी रात की गई त्वरित निराकरण
    मुख्यमंत्री साय का जताया आभार

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर बेहद ही संवेदनशील है, यही वजह है कि लोक कल्याण के कार्यों में तेजी आई है तथा तत्काल समय पर समाधान भी मिल जाता है। आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण होने से लोगों में बहुत उत्साह है।
      मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी अमला आम आदमी को राहत पहुंचाने पूरी तरह से सक्रिय है। दिन हो या रात समय की परवाह किए बिना समस्या का त्वरित गति से निराकरण किया जाता है। बिजली की समस्या से जूझ रहे पत्थलगांव क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों को आधी रात को भी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भेजे एक व्हाट्सऐप मैसेज से राहत मिल गई।
      पत्थलगांव के सुरेशपुर, बहनाटांगर, सुसडेगा, मुड़ेकेला ग्रामीण क्षेत्र में बिजली समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों द्वारा गुरुवार की दरमियानी रात को मुख्यमंत्री कार्यालय में व्हाट्सअप मेसेज के जरिये बिजली गुल रहने सम्बन्धी समस्या की जानकारी दी गयी। कैंप कार्यालय के निर्देश पर आधी रात को बिजली कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र में बिजली सुधार कार्य करवाकर बिजली को सुचारू रूप से चालु किया गया। बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय के माध्यम से एक व्हाट्सअप मेसेज पर समाधान मिलने पर नागरिकों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।
      बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय में अब तक जशपुर सहित अन्य जिलों के बिजली व्यवस्था, राशन व्यवस्था, स्वास्थ्य लाभ, दिव्यांग व बुजुर्ग पेंशन संबंधित एव अन्य समस्त समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंचने वाले हजारों लोगों को अब तक तत्काल राहत पहुंचाई जा चुकी है। गौरतलब है की  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई है की आम नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम कैम्प कार्यालय के टोल फ्री नंबर 07764-250061, 07764-250062, 07764-250068 पर घर बैठे कॉल कर सकते हैं। कॉल करने पर उनकी समस्या का समाधान के लिए तत्काल कार्यवाही की जाती है।

    पहाड़ी कोरवा बस्ती में जनमन शिविर का आयोजन
        रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम पंचायत बालादरपाठ में जनमन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें इन परिवारों की समस्याओं का समाधान किया गया।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के आर्थिक-सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए हमारी सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है और विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आजीविका के नए अवसरों के सृजन के लिए कृषि और अन्य छोटे व्यवसायों के लिए सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे इन परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।
      मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पहाड़ी कोरवा परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही, इनकी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को संजोने और उसे बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले के बागतराई गांव के सभी घरों में अब नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। इससे गांवों की महिलाओं ने खुशी का माहौल है। पानी की व्यवस्था के लिए न उन्हें अब हैण्डपंप चलाने की झंझट रही, न ही कुंए से पानी निकालने की मशक्कत। बागतराई के ग्रामीण परिवारों को यह सुविधा जल जीवन मिशन के माध्यम से सुलभ हुई है।  
      यहां यह उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बागतराई के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए 240 मीटर डिस्ट्रीब्यूशन एवं 4600 मीटर राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछायी गई है। इससे गांव के 242 परिवारों को नल कनेक्शन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगा है।
      बागतराई निवासी श्रीमती रश्मि राजपूत अपने घर में नल से जल की आपूर्ति पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सरकार ने हम ग्रामीणों को बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध करा दी है। अब गांव के सभी घरों में नल से पानी आने लगा है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि उनके विवाह को 11 वर्ष हो चुका है। उन्होंने यह नहीं सोचा था कि कभी उनके घर में नल लगेगा और पानी आएगा। लेकिन यह आज हकीकत बन गया है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि पूर्व में कुएं, हैंडपंप और तालाब से पानी भरना पड़ता था, जिसमें मेहनत और काफी समय लगता था। सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल लगाकर पेय जल की समस्या का स्थायी निदान कर दिया है। उन्होंने गांव के प्रत्येक घर में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया है।

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