July 31, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

      रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार 3 अगस्त को आरंग में विभिन्न छात्रावासों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 3 अगस्त को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से कार से प्रस्थान कर दोपहर 12.40 बजे आरंग में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां आयोजित कार्यक्रम में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग एवं मंदिर हसौद तथा अनुसूचित जाति कन्या आश्रम भवन आरंग एवं कोसरंगी का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.50 बजे मुख्यमंत्री निवास रायपुर लौट आएंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / हरेली के उल्लास को संजोने मुख्यमंत्री निवास परंपरागत तरीके से सजाया जा रहा है। हरेली के दिन 4 अगस्त को यहां किसान भाइयों के हल खुरपी नजर आयेंगे। गेड़ी में लोगों का उत्साह नजर आयेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल सहयोगी तथा अतिथिगण इस अवसर पर हरेली का आनंद लेंगे और परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना करेंगे।
      हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री सबसे पहले विधिविधान से कृषि उपकरणों की पूजा करेंगे। हरेली के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ अंचल में लोग अपने अपने लोकगीत गाते हैं और नृत्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अंचल के सभी नृत्य एवं लोकगीतों का आयोजन करने कहा है ताकि पूरा छत्तीसगढ़ समवेत रूप में मुख्यमंत्री निवास में अपने पूरे सांस्कृतिक वैविध्य में नजर आये।
      करमा, राउत नाचा के सुंदर गीतों और लयबद्ध नृत्य के साथ आयोजन की शुरूआत होगी। फिर परंपरागत खेलों का आयोजन होगा। इसमें डंडा, भौंरा, बांटी जैसे खेल होंगे। हरेली आयोजन में सबसे यादगार गेड़ी होती है गेड़ी में चलकर लोग पुराने दिनों को याद करेंगे।
      मुख्यमंत्री इस अवसर पर हरेली त्योहार से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करेंगे। साथ ही वे जनमानस को हरेली का संदेश भी देंगे। इस बार हरेली इस मायने में भी खास है कि पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का संदेश दिया है और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में लोग बढ़चढ़कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। चूंकि हरेली त्योहार प्रकृति का ही त्योहार है इसलिए मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रदेश के नागरिकों से कहा है कि धरती मां ने हमें अमूल्य संसाधन दिये हैं। छत्तीसगढ़ की धरती बहुत सुंदर धरती है। अपनी धरती मां का श्रृंगार करने एक पेड़ जरूर लगाएं। इस दिन पूरे प्रदेश में लोग पौधे लगाएंगे।
     हरेली त्योहार में सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ ही  किसान भाइयों को भी कृषि उपकरणों का वितरण किया जाएगा।

    महतारी वंदन योजना की 6 वीं किश्त में महिलाओं को मिलेगी एक-एक हजार रूपए की राशि
    महतारी वंदन एप का होगा शुभारंभ ,एक पेड़ मां के नाम अभियान का होगा शुभारंभ
    3061 महिला स्व-सहायता समूहों को वितरित करेंगे 100 करोड़ रूपए का ऋण
    बस्तर जिले को 9.31 करोड़ के विकास कार्यों की देंगे सौगात

         रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर प्रवास के दौरान 01 अगस्त को वहां आयोजित जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000-1000 रूपए की 6 वीं किश्त जारी कर राखी त्यौहार का उपहार देंगे। इस मौके पर वे महतारी वंदन एप का भी शुभारंभ करेंगे।
    गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को उनके आर्थिक सशक्तिकरण के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है।
    सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय 2752 महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए वित्तीय समावेशन के तहत 100 करोड़ का बैंक लोन का भी वितरित करेंगे। कार्यक्रम में शहीद गुण्डाधूर की प्रतिमा के अनावरण के साथ ही नारी शक्ति से जल शक्ति रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे।
    एक पेड़ माँ के नाम
    मुख्यमंत्री साय एक पेड़ माँ के नाम महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर महतारी वंदन योजना के हितग्राही के साथ ही उद्योग विभाग, श्रम विभाग सहित अन्य विभाग के हितग्राहियों को भी सामग्री वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम का वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ वृक्षों के रोपण का लक्ष्य है। एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण एंव वन विभाग द्वारा वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 95 लाख 85 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है।
    विकास कार्यो का लोकार्पण
    मुख्यमंत्री साय जगदलपुर में 9 करोड़ 31 लाख से अधिक राशि के विकास कार्यों लोकार्पण करेंगे। इनमें 48.03 लाख की लागत से अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय जगदलपुर, तोकापाल और लोहांडीगुड़ा तथा 66.49 लाख की लागत से नवीन तहसील कार्यालय जगदलपुर का जीर्णाेद्धार के साथ 2.50-2.50 करोड़ की लागत से निर्मित लोहांडीगुड़ा और बुरगुम थाना का शामिल हैं।
    इसी प्रकार जिला अस्पताल (महारानी अस्पताल) परिसर में डीएमएफटी मद के तहत 01 करोड़ 72 लाख 76 हजार की लागत से स्थापित माडुलर किचन एवं सामग्री युक्त अन्नपूर्णा रसोईघर का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही महारानी लक्ष्मी बाई अस्पताल परिसर में प्रधानमन्त्री भारतीय जन औषधि केंद्र का भी शुभारंभ किया जाएगा।
    महतारी वंदन एप
    महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को और सुदृढ़ बनाने के लिए महतारी वंदन मोबाईल ऐप का भी शुभारंभ किया जा रहा है। इस एप के माध्यम से हितग्राहियों को प्रतिमाह हुए भुगतान और यह राशि किस खाते में प्राप्त हुई है की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
    महतारी वंदन योजना के किसी हितग्राही की असामायिक मृत्यु हो जाती है तो इसकी सूचना भी इसी मोबाईल ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। इस एप के जरिए शिकायतें भेजी जा सकती है तथा निराकरण की स्थिति भी देखी जा सकती है। यदि किसी हितग्राही को उसे प्राप्त हो रहे लाभ त्याग करना हो तो भी मोबाईल ऐप के माध्यम से लाभ त्याग कर सकेगी। इसके अलावा शासन द्वारा योजनांतर्गत समय-समय जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की सूचना भी इसी मोबाईल ऐप के माध्यम से हितग्राहियों को प्राप्त हो सकेंगी।
    महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की सुविधा के लिए बनाया गया यह मोबाईल ऐप एन्ड्रायड बेस है तथा इसे प्लेस्टोर से https://play.google.com/store/apps/details\id com-mahtarivandanyojan डाउनलोड किया जा सकता है।

    आईबीसी 24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री
    33 जिलों की 37 टॉपर बेटियों सहित 42 विद्यार्थी हुए सम्मानित

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस पुरस्कार से बेटियों का ना सिर्फ मनोबल बढ़ा है बल्कि उन्हें आर्थिक मदद भी मिल रही है। ये बहुत खुशी की बात है। गरीब परिवार के होनहार बच्चों के लिए अपना भविष्य गढ़ने के लिए ये बड़ी मदद है। सबसे अच्छी बात है कि यह पुरस्कार सही समय पर दिए जा रहे हैं। कॉलेज के दाखिले अभी चल रहे हैं। हमारे टॉपर बेटे-बेटियों को स्कॉलरशिप मिलने से आगे की पढाई सुगमता से हो पायेगी।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर विशेष जोर है। बेटियों की पढ़ाई में स्कूल की दूरी बाधा ना बने, इसलिए हमने सरस्वती सायकल योजना की फिर से शुरुआत की है। गरीब परिवारों के बच्चे जो जीवन में बड़े सपने देख रहे हैं और प्रशासनिक अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। ऐसे अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के लिए देश की राजधानी दिल्ली में ट्राइबल यूथ होस्टल की सुविधा हमारी सरकार दे रही है। हमने इस हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाते हुए 80 से 185 सीटर कर दिया है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दिल्ली में पढ़ाई के लिए निःशुल्क व्यवस्था मिल सके।
    इसी प्रकार श्रमवीर परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता हम कर रहे हैं। इन बच्चों को हम 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दे रहे हैं, जिसमें एक लाख उन्हें स्कूटी खरीदने के लिए और 1 लाख की राशि उनकी आगे की पढ़ाई के लिए है।
    शिक्षा की गुणवत्ता बढाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री योजना की शुरुआत की है। छत्तीसगढ़ के 211 स्कूल इस योजना में शामिल हैं, हमें उम्मीद है कि यह संख्या और बढ़ेगी। पीएम श्री योजना के तहत एक स्कूल को 2 करोड़ की राशि दी जा रही है। इस राशि की मदद से स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शिक्षा के गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमने नई शिक्षा नीति को भी लागू कर दिया है। बच्चों की स्किलिंग पर हमारा विशेष जोर है ताकि शिक्षा के साथ वे रोजगार के लिए भी पूरी तरह से तैयार हों। कार्यक्रम को आईबीसी 24 के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना वोहरा तथा आईबीसी समूह के सदस्यगण उपस्थित थे।

    डायमंड स्टेट कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित
         रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ अब माओवाद उन्मूलन के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है। हम राज्य में माओवाद प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। माओवाद के रास्ते को छोड़कर वापस लौटने वालों के लिए हम बेहतर पुनर्वास नीति तैयार करेंगे और इसके लिए हमारे गृह मंत्री असम प्रवास पर भी हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्यूज 18 के डायमंड स्टेट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पिछले 6 माह में 150 नक्सलियों को मार गिराया गया है। सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद है। गोली का जवाब गोली और बोली का जवाब बोली से ही दिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का सपना साकार करने के लिए ही छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ। नवनिर्माण के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर विकास के रास्ते आगे बढ़ रहा है। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम किया जा रहा है। मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए हमने किसानों को धान के दो वर्षों का बकाया बोनस, 3100 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, माता-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्हें प्रति माह 1 हजार रूपये की राशि देने का काम हम कर रहे हैं।
    श्री साय ने आगे कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच कराई जा रही है और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के घर-घर में नल से जल की व्यवस्था करने का काम, अमृत मिशन के माध्यम से जल पहुंचाने का काम, बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं, धुएं से मुक्ति के लिए उज्ज्वला योजना से लोगों जीवन को आसान बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में शौचालय मान-सम्मान से जुड़ा विषय था। बरसात के दिनों में जो कठिनाइयां माता बहनों को होती थी, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। आज इस मिशन से देश में बड़ा परिवर्तन लाया है।
    उन्होंने रामलला दर्शन योजना और शक्तिपीठ सर्किट के निर्माण के संबंध में भी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने व्यक्तिगत जीवन संघर्ष और राजनीतिक जीवन से जुड़ी जानकारियां भी दी।

      सेहत /शौर्यपथ / समय पर दांतों की दिक्कतों पर ध्यान ना दिया जाए तो दांतों में पीलापन और सड़न बढ़ने लगती है जिससे दांतों के टूटने की नौबत आ जाती है. ऐसे में दांतों की समय रहते देखरेख करना जरूरी होता है. दांतों की सही तरह से सफाई ना करने, दांतों को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें खाने और कुछ अन्य कारणों से भी दांतों में दर्द  और मसूड़ों में सूजन रहने लगती है. अगर आप भी दांतों की इन्हीं दिक्कतों से दोचार हो रहे हैं तो यहां कुछ ऐसे नुस्खे दिए जा रहे हैं जो इन दिक्कतों से छुटकारा दिलाने में असरदार होते हैं. इन नुस्खों को आजमाना आसान है और इनका असर भी कमाल का दिखता है.
    दांतों के दर्द और मसूड़ों की सूजन के उपाय  |  
    नमक का पानी
    नमक के पानी से कुल्ला करने पर दांतों से जुड़ी दिक्कतें कम हो सकती हैं. नमक के पानी से दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया दूर होते हैं. ये बैक्टीरिया ही मसूड़ों की सूजन की वजह हो सकते हैं. एक चम्मच नमक को एक गिलास हल्के गर्म पानी में डालकर मिलाएं और मुंह में रखकर यहां से वहां घुमाने के बाद थूककर निकाल दें. नमक के पानी से इस तरह रोजाना कुल्ला किया जा सकता है.
    लहसुन
    एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर लहसुन दांतों के दर्द को दूर करने में अच्छा असर दिखा सकता है. लहसुन के इस्तेमाल से बेसिक ओरल हाइजीन भी बना रहता है. कच्चे लहसुन को घिसकर दर्द वाले दांत पर रख सकते हैं. यह मसूड़ों की तकलीफ भी कम करता है.
    हल्दी
    हल्दी से मसूड़ों की सूजन कम हो सकती है. हल्दी को इंफ्लेमेशन वाले हिस्से पर लगाएं और कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें. बाद में मुंह धोकर साफ किया जा सकता है. हल्दी को पानी में डालकर इसका इस्तेमाल माउथवॉश की तरह भी कर सकते हैं.
    बेकिंग सोडा
    बेकिंग सोडा भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों का अच्छा स्त्रोत होता है. इससे दांत का दर्द कम होने, पीले दांत साफ होने और एंटी-बैक्टीरियल गुण होने के चलते मुंह से बैक्टीरिया दूर होने में सहायता मिलती है. 2 चम्मच बेकिंग सोडा  को हल्के गर्म पानी में मिलाएं और उसे मुंह में 30 सेकंड घुमाने के बाद मुंह धोकर साफ कर लें. कुछ दिन के इस्तेमाल से असर दिखने लगता है.
    नारियल का तेल
    ऑयल पुलिंग में नारियल के तेल का इस्तेमाल होता है. नारियल के तेल को मुंह में डालकर यहां से वहां घुमाकर ऑयल पुलिंग की जाती है. इससे दांतों की सड़न ठीक होने में असर दिखता है और साथ ही दांत के दर्द से भी छुटकारा मिल जाता है. नारियल के तेल से मुंह के बैक्टीरिया भी दूर होने लगते हैं. मुंह में एक चम्मच नारियल का तेल लेकर उसे 30 से 40 सेकंड मुंह में घुमाने के बाद धोकर हटा सकते हैं.

    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / बच्चों के वर्तमान ही नहीं बल्कि उनके भविष्य को शेप देने का काम भी परवरिश करती है. अगर बच्चे की परवरिश सही तरह से ना की जाए तो बच्चों की अपनी आदतें अच्छी होने के बजाय खराब हो सकती हैं. अक्सर ही बच्चे जो कुछ माता-पिता को करते देखते हैं और जो गुण-अवगुण उन्हें अपने पैरेंट्स में नजर आते हैं अपने अंदर ढालने लगते हैं. इसीलिए पैरेंट्स को पैरेंटिंग स्टाइल  पर खासा ध्यान देने की जरूरत होती है. अगर आपका पैरेंटिंग स्टाइल सही नहीं होगा तो इसका सीधा असर आपके बच्चे पर पड़ेगा. कई बार गलत पैरेंटिंग स्टाइल की वजह से ही बच्चे जिद्दी हो जाते हैं और पैरेंट्स की बात नहीं मानते. अगर आप भी चाहते हैं कि बच्चा आज्ञाकारी बने और आपकी बात सुने तो माता-पिता होने के नाते आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.
    पैरेंटिंग का गलत तरीका
    बच्चे पर ध्यान ना देने की आदत
    अगर आप बच्चे को निग्लेक्ट करने वाला पैरेंटिंग स्टाइल अपनाते हैं यानी कि बच्चे पर कुछ खासा ध्यान नहीं देते हैं तो इससे बच्चे के सेल्फ कोंफिडेंस पर असर पड़ता है. बच्चे के लिए अपने माता-पिता से अपनी भावनाएं साझा करना मुश्किल हो जाता है और वह जिद्दी या चिढ़चिढ़ा भी हो सकता है.
    जरूरत से ज्यादा सख्त होना
    कई बार बच्चे को अनुशासन सिखाने के चक्कर में पैरेंट्स बच्चे के साथ जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाते हैं. ऐसा करने पर बच्चे में डर पनपने लगता है. बच्चे को गलती करने खासा डर लगने लगता है क्योंकि उसे लगता है कि अगर उससे कोई भूल हुई तो उसे पैरेंट्स के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा.
    अपनी आकांक्षाएं बच्चे पर थोपना
    अगर बच्चे के ऊपर आकांक्षाओं का, हमेशा फर्स्ट आने या सबसे आगे निकलने का, बोझ होगा तो उसके लिए अपनी जिंदगी को सामान्य तरीके से जीना मुश्किल हो जाएगा. बच्चा हर समय यही सोचता रह जाएगा कि कहीं माता-पिता को निराश ना कर दे या फिर उनके सामने असफलता का मुंह ना देखना पड़े. इससे बच्चा असहज और अंडरकोंफिडेंट हो जाता है और कई बार इन भावनाओं को छिपाने के लिए वह चिड़चिड़ा या बात ना मानने वाला रवैया अपना लेता है.
    हर समय चिल्लाना
    बच्चे की गलती हो या ना हो लेकिन उसपर हर समय चिल्लाते रहने पर बच्चे में चिड़चिड़ापन आने लगता है. माता-पिता का चीखना और चिल्लाना बच्चे के मन को आहत करता है. इससे बच्चे का आत्मविश्वास कम होता है, वह झेंपने लगता है और कई बार बच्चा पैरेंट्स की तरह ही चीखने और चिल्लाने वाला व्यवहार अपनाने लगता है.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और सावन के महीने में हर दिन कोई ना कोई त्योहार होता है. खासकर सावन के महीने में पड़ने वाली एकादशी की तिथि बहुत शुभ मानी जाती है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु  को समर्पित कामिका एकादशी का पावन त्योहार मनाया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु का निमित्त व्रत  करने के साथ-साथ उनकी सच्चे मन से आराधना करने से साधकों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और कहा जाता है कि मृत्यु के बाद बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है. जानिए इस बार सावन में कामिका एकादशी कब मनाई जाएगी और इस दिन कौन से योग बन रहे हैं.
    सावन में कब मनाई जाएगी कामिका एकादशी
    सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 30 जुलाई को शाम 4:44 पर शुरू हो जाएगी, वहीं इसका समापन 31 जुलाई को शाम 3:55 पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी 31 जुलाई के दिन मनाई जाएगी. वहीं, एकादशी का व्रत करने वाले लोग 1 अगस्त को सुबह 5:43 से लेकर 8:24 तक व्रत का पारण कर सकते हैं.
    कामिका एकादशी पर बन रहे शुभ संयोग
    ज्योतिषियों के अनुसार, कामिका एकादशी पर इस बार कई विशेष संयोग बन रहे हैं. सबसे पहले दोपहर 2:14 पर ध्रुव योग का निर्माण होने जा रहा है, इस योग में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से साधकों को अक्षय फल की प्राप्ति होती है और भविष्य में काम में सफलता मिलती है. इतना ही नहीं कामिका एकादशी पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है, ऐसे में इस दिन आप कभी भी कोई शुभ काम कर सकते हैं.
    कामिका एकादशी पर बन रहा शिववास योग
    शिववास योग  में देवों के देव महादेव अपनी अर्धांगिनी मां पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान होते हैं. कामिका एकादशी पर दोपहर में 3:55 पर शिववास योग बन रहा है. इसके बाद भोलेनाथ नंदी पर सवार होंगे, ऐसे में कहा जाता है कि शिववास योग में भगवान शिव का अभिषेक करने से साधकों के सभी दुख नष्ट होते हैं और उन्हें सुख की प्राप्ति होती है. कामिका एकादशी पर शिववास योग के अलावा बालव और कौलव करण के योग भी बन रहे हैं, साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है.

     व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरितालिका तीज का व्रत रखा जाता है. महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखकर भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करती हैं. उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में महिलाएं तीज व्रत रखती हैं और कई राज्यों में इस व्रत को निर्जला रखा जाता है. सौभाग्य के इस व्रत की तैयारी महिलाएं बहुत पहले से करने लगती हैं. हरतालिका तीज व्रत के दिन नए वस्त्र धारण करने और सुहाग की चीजें दान करने का अत्यधिक महत्व होता है. यहां जानिए इस साल कब रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत.
    हरतालिका तीज का व्रत |
    इस बार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 5 सितंबर, गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरू होकर 6 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 3 बजकर 1 मिनट तक है. तीज का व्रत 6 सितंबर के दिन ही रखा जाएगा.
    हरतालिका तीज की पूजा विधि
    हरितालिका तीज के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि के बाद मिट्‌टी से भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की स्थापना करें. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. उन्हें तिलक लगाएं और दुर्वा चढ़ाएं. इसके बाद विधि-विधान से भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की जाती है. माता पार्वती को सुहाग की चीजें लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी आदि चढ़ाएं और हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करें.
    क्यों किया जाता है हरतालिका तीज का व्रत
    विवाहित महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का व्रत बहुत महत्व है. इस दिन महिलाएं अपने सुहाग को अखंड रखने के लिए व्रत रखती हैं और भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं. मान्यता है कि माता पार्वती  ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए मिट्‌टी से उनकी प्रतिमा बनाकर कठोर तप किया था और भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था. इस व्रत को करने से विवाहित महिलाओं को भगवान शिव की कृपा से अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है.

    व्रत /त्यौहार /शौर्यपथ / सावन का पवित्र महीना 22 जुलाई से शुरू हो चुका है, जो 19 अगस्त तक चलेगा. 29 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार  मनाया जा रहा है, इस दिन शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगती है और शिवलिंग पर जल अर्पित करने के साथ ही भांग, बेलपत्र  और धतूरा अवश्य चढ़ाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते समय आपको किस स्तुति का पाठ करना चाहिए? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सावन के पवित्र महीने में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते समय अगर आप इस स्तोत्र का पाठ करेंगे, तो इससे आपकी सभी मनोकामना पूर्ण होगी.
    शिव आह्वान मंत्र
    ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन ।
    तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।।
    वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने ।
    नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने ।
    आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।।
    त्र्यंबकाय नमस्तुभ्यं पंचस्याय नमोनमः ।
    नमोब्रह्मेन्द्र रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।।
    नमो दोर्दण्डचापाय मम मृत्युम् विनाशय ।।
    देवं मृत्युविनाशनं भयहरं साम्राज्य मुक्ति प्रदम् ।
    नमोर्धेन्दु स्वरूपाय नमो दिग्वसनाय च ।
    नमो भक्तार्ति हन्त्रे च मम मृत्युं विनाशय ।।
    अज्ञानान्धकनाशनं शुभकरं विध्यासु सौख्य प्रदम् ।
    नाना भूतगणान्वितं दिवि पदैः देवैः सदा सेवितम् ।।

    सर्व सर्वपति महेश्वर हरं मृत्युंजय भावये ।।
    शिव बिल्वाष्टकम्
    त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं ।
    त्रिजन्म पापसंहारम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्चिद्रैः कोमलैः शुभैः ।
    तवपूजां करिष्यामि ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    कोटि कन्या महादानं तिलपर्वत कोटयः ।
    काञ्चनं क्षीलदानेन ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    काशीक्षेत्र निवासं च कालभैरव दर्शनं ।
    प्रयागे माधवं दृष्ट्वा ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    इन्दुवारे व्रतं स्थित्वा निराहारो महेश्वराः ।
    नक्तं हौष्यामि देवेश ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    रामलिङ्ग प्रतिष्ठा च वैवाहिक कृतं तधा ।
    तटाकानिच सन्धानम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    अखण्ड बिल्वपत्रं च आयुतं शिवपूजनं ।
    कृतं नाम सहस्रेण ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    उमया सहदेवेश नन्दि वाहनमेव च ।
    भस्मलेपन सर्वाङ्गम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    सालग्रामेषु विप्राणां तटाकं दशकूपयो: ।
    यज्नकोटि सहस्रस्च ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    दन्ति कोटि सहस्रेषु अश्वमेध शतक्रतौ ।
    कोटिकन्या महादानम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    बिल्वाणां दर्शनं पुण्यं स्पर्शनं पापनाशनं ।
    अघोर पापसंहारम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    सहस्रवेद पाटेषु ब्रह्मस्तापन मुच्यते ।
    अनेकव्रत कोटीनाम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    अन्नदान सहस्रेषु सहस्रोप नयनं तधा ।
    अनेक जन्मपापानि ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    बिल्वस्तोत्रमिदं पुण्यं यः पठेश्शिव सन्निधौ ।
    शिवलोकमवाप्नोति ऐकबिल्वं शिवार्पणं ।।
    शिव स्त्रोत का उच्चारण करने के लाभ
    कहा जाता है कि सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव का जल अभिषेक करने के साथ ही अगर उन्हें बेलपत्र चढ़ाया जाए, तो इससे वह बहुत खुश होते हैं. बस ध्यान रखने योग्य बात यह है कि बेलपत्र में तीन पत्तियां हो और तीनों पत्तियां टूटी हुई ना हो. इसके ऊपर आप चंदन से ओम लिखें और इसे शिवलिंग पर अर्पित करें. इस दौरान अगर आप शिव आह्वान मंत्र और शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र का उच्चारण करते हैं, तो भगवान भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी विपदा को दूर कर खुश रहने का आशीर्वाद देते हैं.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision