July 31, 2026
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      नई दिल्ली/शौर्यपथ /गर्मी की मार झेल रही दिल्ली को बारिश होने से थोड़ी राहत मिली है. राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में बारिश हो रही है, इसी के साथ मौसम भी सुहाना हो गया. बारिश होने के साथ ही दिल्लीवासी तपती गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं. अब तापमान भी पहले से थोड़ा नीचे गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से राष्ट्रीय राजधानी का एक वीडियो पोस्ट किया गया. जिसमें आर.के. पुरम इलाके में बारिश होती दिखाई दे रही है.
    दिल्ली में भीषण गर्मी का सितम
    दिल्ली में बीते कुछ सप्ताह में लोग गर्मी से बेहाल है. इस साल हीट वेव जितने दिनों का रहा है उसने बीते कई दशकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इस गर्मी में जितने दिनों के लिए हीटवेव की स्थिति देखने को मिली है वो बीते 74 सालों में सबसे ज्यादा है. पिछले दिनों ही इस सीजन में दिल्ली का न्यूनतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे 60 साल पुराना गर्मी का रिकॉर्ड भी टूट गया. इतनी भीषण गर्मी के बीच पूरी दिल्ली बारिश का इंतजार कर रही थी. ऐसे में आज हुई बारिश ने लोगों को गर्मी के सितम से निजात जरूर दिलाई है.
    गर्मी ने तोड़े कई पुराने रिकॉर्ड
    दिल्ली में इस बार बात सिर्फ हीटवेव की ही नहीं है. इस साल मई और जून के मध्य तक जिस तरह की गर्मी दिल्ली में देखी गई है वो कई रिकॉर्ड पहले ही तोड़ चुकी है. पिछले महीने 29 मई को दिल्ली  तापमान 46.8 दर्ज किया गया था. आपको बता दें कि 29 मई 1944 में दर्ज किए गए 47.2 डिग्री के बाद दूसरा सबसे अधिक तापमान है. 1998 में दिल्ली का तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
    सुबह से ही दिल्ली में छाए रहे बादल
    दिल्ली में शुक्रवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के लिए सामान्य तापमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली के कुछ हिस्सों में आज दिन में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई थी. वहीं, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया था.  आईएमडी ने दिल्ली में शनिवार और रविवार को बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे दिल्लीवासियों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.
    दिल्ली में राहत
    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली में सप्ताहांत के दौरान भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने का अनुमान जताया है क्योंकि शनिवार और रविवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है..आईएमडी ने शुक्रवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था. दिल्ली में अधिकतम तापमान के करीब 40 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से वंचित सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़े 50 लोगों के शव बरामद किए गए. हालांकि, पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उनकी मौत गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण हुई है या किसी अन्य वजह से.
    शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘‘अच्छा'', 51 से 100 के बीच ‘‘संतोषजनक'', 101 से 200 के बीच ‘‘मध्यम'', 201 से 300 के बीच ‘‘खराब'', 301 से 400 के बीच ‘‘बहुत खराब'' और 401 से 500 के बीच ‘‘गंभीर'' माना जाता है.
    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 157 दर्ज किया गया, जो कि 'मध्यम' श्रेणी में आता है. शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘‘अच्छा'', 51 से 100 के बीच ‘‘संतोषजनक'', 101 से 200 के बीच ‘‘मध्यम'', 201 से 300 के बीच ‘‘खराब'', 301 से 400 के बीच ‘‘बहुत खराब'' और 401 से 500 के बीच ‘‘गंभीर'' माना जाता है.

    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बढ़ती उम्र का असर फेस पर झुर्रियों और फाइन लाइन के रूप में नजर आता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बढ़ती उम्र में कोलेजन का उत्पादन शरीर में कम होने लगता है. जिसके चलते फेस की चमक कम होने लगती है. ऐसे में हम यहां पर आपको कुछ फेशियल एक्सरसाइज के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आपके चेहरे की चमक बढ़ती उम्र में जवां नजर आ सकता है. रात में तलवों पर इस तेल से 5 मिनट कर लीजिए मालिश, चैन की आएगी नींद, चेहरा जाएगा निखार और पीरियड में पेन होगा कम
    3 फेशियल एक्सरसाइज
    अपनी तर्जनी और मध्यमा उंगलियों का उपयोग करके 'V' आकार बनाएं. अब अपनी उंगलियों को अपनी आंखों के नीचे के किसी भी कोने पर बहुत ही हल्के दबाव के साथ रखें. फिर अपनी आंखों को 6 बार सिकोड़ें और 6वीं बार एक सेकंड के लिए रोकें और फिर छोड़ दें.
    यह फेस योगा एक्सरसाइज आपकी त्वचा को सचमुच में ठीक करती है. यह आपकी आंखों की मांसपेशियों पर काम करती है और त्वचा को मोड़ने से रोकती है, जिससे महीन रेखाएं और झुर्रियां नहीं पड़ती हैं. लेकिन शुरू करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आपकी त्वचा को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए नमीयुक्त रखा जाए. यह व्यायाम गर्दन और जबड़े की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे ढीलापन कम होता है और जबड़े और गर्दन की रेखा अधिक स्पष्ट दिखती है.
    अपनी पीठ सीधी और कंधों को आराम देते हुए बैठें या खड़े हों. अपने सिर को थोड़ा पीछे झुकाएं और छत की ओर देखें.अपने होठों को कसकर बंद करें और अपनी जीभ को तलुओं पर रखें. धीरे-धीरे अपने निचले होंठ को अपने ऊपरी होंठ के ऊपर लाएं, जबकि अपने होठों को बंद रखें और अपनी जीभ को अपने मुंह की छत पर दबाएं. इस स्थिति में 5 सेकंड तक रहें, फिर आराम करें. व्यायाम को 5-10 बार दोहराएं, प्रत्येक हरकत के साथ अपनी गर्दन और जबड़े की मांसपेशियों को काम करते हुए महसूस करें.

      आस्था /शौर्यपथ /मंत्रों का उच्चारण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए दोहराया जा सकता है. जब इरादे और ध्यान के साथ दोहराया जाता है, तो मंत्र हमारे विचारों, भावनाओं और व्यवहारों में स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं. मंत्रों के लाभ जबरदस्त हैं. तनाव कम करने से लेकर नींद में सुधार, ध्यान केंद्रित करने हमारे समग्र स्वास्थ्य और मानसिक फिटनेस में सुधार करने तक में मंत्रों का विशेष योगदान होता है. ऐसे में हमने 5 शक्तिशाली प्राचीन मंत्रों की लिस्ट के बारे में आपको बताने वाले हैं, जो आप हर रोज 5 मिनट तक कर लेते हैं तो फिर आपकी सेहत को एक नहीं कई फायदे मिलेंगे.
    ओम सो हम
    ओम सो हम, हमारे सबसे पसंदीदा मंत्रों में से एक है. यह सरल है और बहुत खूबसूरती से हमारी सांसों को नियंत्रित करता है, साथ ही हमारे दिमाग को शांत करता है. इस मंत्र का सिर्फ 5 मिनट जाप करने से सिरदर्द दूर हो सकता है और आंतरिक शांति का एहसास हो सकता है.
    ओम मणि पद्मे हुं
    यह मंत्र बौद्ध धर्म से आया है और करुणा के बोधिसत्व से संबंधित है. यह बौद्ध धर्म द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख मंत्रों में से एक है और करुणा और प्रेम की भावनाओं को जगाने के लिए इसे कई बार गाया जाता है.
    ओम नमः शिवाय
    ओम नमः शिवाय मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और हिंदू धर्म में सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक है. इस मंत्र को बार-बार दोहराने से पारलौकिक विधा या शुद्ध एकाग्रता की स्थिति प्राप्त होती है.
    लोकाः समस्ता सुखिनो भवन्तु -
    सकारात्मक ऊर्जा और सार्वभौमिक कल्याण के लिए मंत्र यह एक प्राचीन संस्कृत प्रार्थना है, जिसे अक्सर योग अभ्यास के अंत में पढ़ा जाता है.यह प्रार्थना हमें अपने अहंकार से दूर ले जाती है और सभी प्राणियों में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम को प्रसारित करने में मदद करती है.
    तयाता ओम बेकांज़े
    यह मंत्र लोकप्रिय रूप से मेडिसिन बुद्ध मंत्र के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह हमारे दर्द और पीड़ा को ठीक करता है. यह मृत्यु और पुनर्जन्म के दर्द और दैनिक जीवन की हमारी सभी समस्याओं को दूर करता है. किसी भी दुख और दर्द को कम करने के लिए इस शक्तिशाली मंत्र को दोहराएं.

       व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि बहुत शुभ मानी जाती है, इस दिन पूरा चंद्रमा निकलता है और इसकी पूजा-अर्चना करने के साथ ही पूर्णिमा तिथि पर अगर व्रत किया जाए, देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना की जाए, तो शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जून 2024, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य, सत्यनारायण कथा, व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य देना बहुत शुभ माना जाता है और ज्येष्ठ पूर्णिमा पर इस बार कई अद्भुत संयोग भी बन रहे हैं, जिनका प्रभाव तीन राशि के जातकों पर विशेष रूप से पड़ने वाला है.
    ज्येष्ठ पूर्णिमा इन राशियों के लिए होगी शुभ
    वृषभ राशि - वृषभ राशि के जातकों के लिए यह पूर्णिमा तिथि बहुत ही शुभ होने वाली है. उन्हें किसी भी प्रकार के मानसिक दुख-दर्द से छुटकारा मिलेगा और उनकी जिंदगी में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होगा, भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, आय के नए साधन बनेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. करियर में जो भी समस्याएं आ रही हैं वो खत्म होंगी और बिजनेस में भी लाभ के योग हैं.
    कर्क राशि - कर्क राशि के जातकों के लिए भी ज्येष्ठ पूर्णिमा शुभ फल देने वाली है. इस दौरान परिवार में चल रहे कोई भी पैतृक विवाद का निपटारा होगा. विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं, धन के नए स्रोत मिलेंगे. आप तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं और प्रेम संबंधों में भी मजबूती आएगी.
    धनु राशि - धनु राशि के जातकों के लिए भी ज्येष्ठ पूर्णिमा शुभ फल देने वाली होगी, यह समय आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा. अचानक से धन की प्राप्ति होगी, आपके बिजनेस में ग्रोथ की संभावना है, रुका हुआ जो भी काम है वह पूरा होगा और दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी. समाज में आपका मान सम्मान बढ़ेगा.

     शौर्यपथ /मई और जून में आम तौर पर खूब शादियां होती हैं लेकिन इस साल शुक्र के अस्त होने के कारण इन दोनों माह में विवाह के मुहूर्त नहीं थे. अब 61 दिन बाद शुक्र के उदय होने के कारण जुलाई में विवाह के मुहूर्त  बन रहे हैं. जुलाई माह में विवाह के 6 मुहूर्त हैं. इसके बाद सीधे नवंबर और दिसंबर में ही शादियां हो पाएंगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह के मुहूर्त के लिए गुरु, शुक्र और सूर्य का उदय रहना जरूरी माना जाता है. इस वर्ष 29 अप्रैल को शुक्र और 6 मई का गुरु अस्त हो गए थे जिसके कारण मई और जून में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं थे. आइए जानते हैं कब होंगे शुक्र उदय और जुलाई में किस किस दिन बन रहे हैं विवाह के मुहूर्त.
    शुक्र का उदय
    आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि यानी 29 जून को रात के 7 बजकर 52 मिनट पर शुक्र उदय होने वाले हैं. शुक्र के उदय होने के बाद मांगलिक कार्यों के मुहूत बनेंगे.
    जुलाई में विवाह के मुहूर्त
    29 जून को शुक्र के उदय होने के बाद जुलाई माह में मांगलिक कार्य के मुहूर्त बन रहे हैं. जुलाई माह में 7, 9, 11, 12, 13 और 15 तारीख को विवाह के मुहूर्त हैं. इसके बाद नंवबर माह में 17, 18, 22, 23, 24, 25 और 26 का जबकि दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9, 10, 13, और 14 को विवाह के मुहूर्त बन रहे हैं.
    मांगलिक कार्यों में शुक्र का महत्व
    शुक्र धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य और सुख समृद्धि के स्वामी है इसलिए मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए शुक्र का उदय होना जरूरी माना जाता है. शुक्र, गुरु और सूर्य के उदय होने पर हर तरह के मांगलिक और शुभ कार्यों के मुहूर्त बनते हैं. इस वर्ष 29 अप्रैल को शुक्र और 6 मई का गुरु अस्त हो गए थे इसीलिए मई और जून में शादियां नहीं हुई. अब 61 दिन के बाद शुक्र के उदय होने के बाद जुलाई में विवाह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे जरूरी मील माना जाता है. हेल्दी और फिट रखने में नाश्ता अहम भूमिका निभाता है. कई लोग वजन को कम करने के चक्कर में नाश्ता छोड़ देते हैं. लेकिन जो लोग ऐसा सोचते हैं वो गलत है. क्योंकि नाश्ता न करने की वजह वजन घटने की जगह बढ़ सकता है. क्योंकि आप जब सुबह नाश्ता नहीं करते हैं तो आपको बार-बार भूख लग सकती है जिसके चलते आप फास्ट फूड और अनहेल्दी चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं. अगर आप भी नाश्ते में हेल्दी और क्विक डिश की तलाश कर रहे हैं तो आप इस राजस्थानी मक्की ढोकला को ट्राई कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की रेसिपी.
    राजस्थानी मक्की का ढोकला एक वेजिटेरियन, स्पंजी और नमकीन स्टीम्ड रेसिपी है. इसे मक्के के आटे, कुटी हुई हरी मटर और अन्य स्वादिष्ट सामग्री से बनाया जाता है. स्वाद से भरपूर होने के साथ-साथ यह बहुत हेल्दी भी है क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व होते हैं.
    कैसे बनाएं मक्की का ढोकला रेसिपीः
    इस राजस्थानी रेसिपी को बनाने के लिए आपको बस एक बड़े बाउल में मक्के का आटा, नमक, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और तेल मिलाना है. इसे अपने हाथों से अच्छी तरह मिला लें. अब आटे के मिश्रण में एक चुटकी बेकिंग सोडा, मेथी के पत्ते मिला लें. नरम आटा गूंथने के लिए आवश्यकतानुसार पानी डालें. आटे से एक छोटा सा हिस्सा लें और एक गोलाकार डिस्क बनाएं और अपनी उंगली का उपयोग करके एक छोटा सा बीच में छेद कर दें. लास्ट स्टेप में ढोकला को लगभग पकने तक स्टीमर में रखना है. ढोकलों के पक जाने के बाद, ढोकला के ऊपर एक बड़ा चम्मच देसी घी डालें. इसे मूंग दाल, तीखी पुदीने की चटनी के साथ सर्व करें.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आइसक्रीम का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है. गर्मियों के मौसम में बच्चे से लेकर बड़े तक इसे खाना पसंद करते हैं. गर्मियों के मौसम में ठंडीृ-ठंडी आइसक्रीम खाने को मिल जाए तो मजा ही आ जाता है. लेकिन हाल ही में आइसक्रीम को लेकर ऐसी खबरे आईं हैं जिसे सुनने के बाद आइसक्रीम खाने का मन शायद ही करें. तीन दिन पहले मुंबई के मलाड में आईसक्रीम से इंसान की कटी हुई उंगली निकलने के बाद, अब नोएडा में आइसक्रीम के अंदर कनखजूरा मिला है. नोएडा की रहने वाली एक महिला ने एक कंपनी की वनिला फ्लेवर की आइसक्रीम मंगाई. महिला का दावा है, कि उनके पास डिलीवर हुई आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा निकला है.
    आपको बता दें कि नोएडा सेक्टर-12 में रहने वाली महिला ने बताया कि शनिवार को उनके बच्चों ने आइसक्रीम खाने की जिद की. गर्मी बहुत थी इसलिए उन्होंने ऑनलाइन सामान डिलीवरी करने वाली साइट के माध्यम से वनिला आइसक्रीम 195 रुपये की मंगा ली. जब उन्होंने उसे खोलकर देखा तो उसके अंदर कनखजूरा जमा हुआ दिखाई दिया. यह देखकर वह बहुत ज्यादा घबरा गई. इसके तुरंत बाद उन्होंने सामान की डिलीवरी करने वाली कंपनी में शिकायत दी.
    पीड़ित महिला ने आइसक्रीम के डिब्बे का एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला. जिसमें वह आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरे को दिखा रही हैं. उन्होंने आइस क्रीम कंपनी के साथ ही अन्य सरकारी एजेंसियों को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए शिकायत की.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अमरूद एक ऐसा फल है जिसे खाना हर कोई पसंद करता है. अमरूद में मैग्नीज, पोटैशियम, विटामिन, विटामिन सी, मिनरल, लाइकोपीन, फाइबर के गुण पाए जाते हैं. अमरूद के गुणों का आयुर्वेद में भी जिक्र है. आयुर्वेद में अमरूद को कई बीमारियों के इलाज के लिए भी लाभदायक बताया गया है. अमरूद की तासीर ठंडी होती है. गर्मियों के मौसम में अमरूद ही नहीं, इसकी पत्तियां भी सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं. तो चलिए जानते हैं अमरूद की पत्तियों से होने वाले फायदे-
    खाली पेट अमरूद की पत्तियां खाने के फायदे-  
    1. पाचन-  
    अगर आपको पाचन या पेट से जुड़ी समस्या है तो आपके लिए अमरूद की पत्तियां फायदेमंद हो सकती हैं. सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से पाचन और पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है.
    1. मोटापा-
    वजन को घटाने के लिए अमरूद ही नहीं इसकी पत्तियां भी काफी गुणकारी मानी जाती हैं. सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से पेट बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद मिल सकती है.
    3. इम्यूनिटी-
    मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई संक्रमण से बचाने में मददगार है. अमरूद की पत्तियों में विटामिन-C पाया जाता है. विटामिन सी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मददगार है.
    4. डायबिटीज-
    सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
    5. ब्लड प्रेशर-
    अमरूद के पत्तों में पोटैशियम और फाइबर की मात्रा होती है, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमदं है अमरूद की पत्तियों का सेवन.
    6. कोलेस्ट्रॉल-
    सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां खाने से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है भारत में 17 जून को मनाई जाएगी. जबकि कुछ हिस्सों में आज यानि 16 जून को मनाई जा रही है. आपको बता दें कि इस दिन सुबह बकरे की कुर्बानी दी जाती है, लोग नहाने के बाद नए कपड़े पहनते हैं, घर पर पकवान बनाए जाते हैं, मस्जिद में नमाज अदा की जाती है, घर पर दोस्तों और रिश्तेदारों का आना जाना रहता है और सभी एक-दूसरे को बकरा ईद की मुबारकबाद देते हैं. ऐसे में हम आपके लिए लाएं हैं कुछ खास बकरीद की विशेज, जिन्हें अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजकर उनकी खुशियां दोगुना कर सकते हैं.
    ईद उल-अज़हा मुबारक शायरी -
    अल्लाह की रहमत छाई है
    खुशियां कितनी लाई है
    कयामत ने बात दोहराई है
    देखो फिर से बकरीद आई है
    बकरीद की मुबारकबाद
    अल्लाह ने अता फरमाया है,
    एक बार फिर से बंदगी की राह पर चलाया है,
    अदा करना अपना फर्ज सभी के लिए,
    ईद-उल-अजहा खुशियां लाए आपके लिए.
    मुबारक मौका अल्‍लाह ने अता फरमाया,
    एक बार फिर बंदगी की राह पे चलाया,
    अदा करना अपना फर्ज तुम खुदा के लिए,
    खुशी से भरी हो ईद-उल-अजहा आपके लिए.
    बकरीद मुबारक!
    दिलों का प्यार हुआ है मुबारक,
    ईद के त्यौहार ने दे दी है दस्तक,
    पूरी होगी हर हसरत,
    क्योंकि हमारे दिल की है यही चाहत
    बकरा ईद मुबारक
    ईद का मौका और दिलों का मिलना
    ऐसा ही है जैसे किसी बाग में बहार का खिलना
    यूं ही नहीं मिलती किसी को खुदा की नेमत
    आप हमसे मिले हैं यह है हमारी किस्मत
    ईद का त्यौहार आपको मुबारक हो
    आपकी हर ख्वाहिश है हमारे लिए हुकुम,
    आपकी हर मुस्कुराहट है हमारे दिल का सुकून
    मिले हर कदम पर आपको रजा ए खुदा
    फना हो जाए लब्ज-ए-गम हम करते हैं यही दुआ
    आपको और आपके परिवार को मिले रहमत
    आप हमेशा रहें यूं ही सलामत
    बकरा ईद की मुबारकबाद

       व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर चंद्र महीने में 2 चतुर्थी तिथि होती हैं. एक पूर्णिमा को कृष्ण पक्ष में आती है जिसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है, जबकि दूसरी अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष में आती है, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. साल में 12 संकष्टी चतुर्थी व्रत होते हैं और कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी उनमें से एक है. हर महीने में भगवान गणेश के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है.
    कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 की तिथि और समय
    पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 25 जून को देर रात 01 बजकर 23 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 25 जून को रात 11 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में 25 जून को कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा.
    कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अमावस्यांत कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह में आती है. उत्तर भारतीय हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह आषाढ़ महीने में आती है. ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश ने कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी पर अपने सभी भक्तों के लिए पृथ्वी पर अपनी उपस्थिति दी थी.
    कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी महत्व
    प्रत्येक महीने भगवान गणेश की पूजा एक अलग नाम और पीठ के साथ की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह दिन है जब भगवान शिव ने भगवान गणेश को सर्वोच्च देवता घोषित किया था. कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भक्तों को जीवन में आने वाली हर समस्या से दूर रखा जाता है और सभी दोषों और बुराइयों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा, यह एक ऐसा दिन है जो सभी कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करता है और भक्तों को स्वास्थ्य, धन और समृद्धि प्रदान करता है.
    कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
    कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 पर, चंद्रमा को देखने का विशेष महत्व है, श्रद्धालु सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान करते हैं और दिन भर भगवान गणेश की पूजा करते हैं. कई श्रद्धालु कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत करते हैं, जिसमें उन्हें फल और दूध से बने उत्पाद खाना होता है.
    भगवान गणेश की मूर्ति को दूर्वा घास और फूलों से सजाया जाता है. भगवान गणेश के वैदिक मंत्रों का जाप करना चाहिए. शाम को, चंद्रमा को समर्पित संकष्टी पूजा की जाती है. इस दिन  भगवान गणेश का पसंदीदा भोजन जैसे मोदक शामिल होता है तैयार किया जाता है. इस दिन गणेश आरती के बाद, सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया जाता है.

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