August 01, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

      ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों में त्वचा से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं और इन्हीं में से एक है टैनिंग की दिक्कत. इस मौसम में धूप के संपर्क में त्वचा आती है तो रंगत गहरी होने लगती है जिसे टैनिंग कहते हैं. ज्यादातर यह टैनिंग  माथे और गालों पर नजर आती है. सूरज की हानिकारण किरणें त्वचा को टैन ही नहीं करतीं बल्कि स्किन डैमेज का भी कारण बनती हैं. वहीं, धूप की वजह से सन बर्न भी हो सकता है. यहां ऐसे कुछ फेस पैक्स  बनाने के तरीके दिए गए हैं जो चेहरे से टैनिंग को हल्का करते हैं और त्वचा को निखार देते हैं. जानिए इन होममेड फेस पैक्स को बनाने के तरीके.
    टैनिंग कम करने के लिए फेस पैक्स |
    दही और टमाटर - इस फेस पैक को बनाने के लिए दही और टमाटर की जरूरत होगी. एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर इस फेस पैक से स्किन को लैक्टिक एसिड भी मिलता है जो त्वचा को निखारने में असरदार होता है. सबसे पहले एक टमाटर लें और उसके रस को कटोरी में निकाल लें. अब इसमें एक चम्मच दही डालकर मिक्स करें. चेहरे पर इस फेस पैक को 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. त्वचा निखर जाएगी.
    बेसन और हल्दी - बेसन और हल्दी के इस फेस पैक से चेहरे पर नजर आने वाली टैनिंग और डेड स्किन सेल्स हट जाती हैं. कटोरी में 2 चम्मच बेसन  और आधा चम्मच हल्दी डालें और दूध के साथ फेस पैक तैयार कर लें. चेहरे पर सूखने तक लगाए रखें और फिर धोकर छुड़ा लें. इस पैक को चेहरे के अलावा हाथ-पैरों की टैनिंग छुड़ाने के लिए भी लगाया सकता है.
    खीरा और आलू - खीरा स्किन को हाइड्रेशन देता है और आलू के रस से स्किन को ब्लीचिंग गुण मिलते हैं. धूप से प्रभावित स्किन पर इन दोनों ही चीजों के रस को मिलाकर लगाने पर फायदे दिखता है. बराबर मात्रा में खीरे और आलू का रस मिला लें और रूई की मदद से चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ कर लें.
    शहद और नींबू - फेस पैक बनाने के लिए नींबू के रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाएं और इस मिश्रण को चेहरे पर आधा घंटा लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. स्किन को हल्के हाथों से साफ करते हुए धोएं. हफ्ते में एक से दो बार यह फेस पैक लगाया जा सकता है.
    पपीता और शहद - स्किन को एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ब्लीचिंग गुण देने वाले इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको पपीते के 4 से 5 टुकड़े लेने हैं और मसलकर कटोरी में निकालने हैं. इसमें एक चम्मच शहद  डालें और पेस्ट बना लें. चेहरे पर इस पेस्ट को 20 से 30 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. त्वचा पर निखार आता है.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ / बढ़ती उम्र के साथ हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर दिखने लगता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक सरल सुबह की शुरुआत एक ऐसी चीज से की जा सकती है जो हमें बुढ़ापे के लक्षणों से दूर रख सकती है? अगर नहीं, तो यहां आज हम ऐसे घरेलू नुस्खे के बारे में बता रहे हैं जिसे सुबह खाली पेट करने से चेहरे पर रौनक और चमक आ सकती है. ये नुस्खा झुर्रियों को दूर कर स्किन पर कसावट लाने में भी मदद कर सकता है. साथ ही साथ मोटापा और खराब पाचन वालों के लिए भी ये काफी फायदेमंद हो सकता है. आइए जानते हैं उस रामबाण उपाय के बारे में जो आपको जवां और हेल्दी रखने में मदद कर सकता है.
    नींबू पानी का सेवन लाभकारी हो सकता है जब इसे खाली पेट पिया जाता है. नींबू में विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा होती है, जो आपके स्वास्थ्य को संतुलित रखने में मदद करती है.
    नींबू पानी के नियमित सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ |
    1. आंतरिक शुद्धि: नींबू पानी आंतरिक शुद्धि को बढ़ावा देता है और शरीर की जहरीली सामग्रीयों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है.
    2. पाचन को सुधारने में मददगार: नींबू पानी का सेवन पाचन को सुधार सकता है और अपच की समस्या को कम कर सकता है.
    3. वेट कंट्रोल: नींबू पानी पीने से भूख कम हो सकती है, जिससे आपका वजन कंट्रोल में रह सकता है और मोटापा नहीं बढ़ता है.
    4. चर्बी को कम करें: नींबू पानी में पोटैशियम की मात्रा होती है, जो शरीर में एक्सेस फैट को कम करने में मदद कर सकता है.
    6. वायरल इंफेक्शन से बचाव: नींबू पानी में विटामिन सी की मात्रा होती है, जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकती है.
    नींबू पानी का सेवन करने के लिए एक गिलास पानी में एक नींबू का रस मिलाएं और इसे खाली पेट पिएं. इसे नियमित रूप से सेवन करने से आपको बुढ़ापे के लक्षणों से राहत मिल सकती है.
    इसलिए, अब आप जानते हैं कि नींबू पानी का सेवन करने से आप अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं और बुढ़ापे के लक्षणों को दूर रख सकते हैं. तो आज ही से इसे अपने रूटीन में शामिल करें और हेल्दी जीवन का आनंद उठाएं.

     टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /आंखें हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे हम इस दुनिया की खूबसूरती को निहार सकते हैं. लेकिन आज के समय में न सिर्फ बड़े बल्कि छोटे बच्चों को भी मोटा चश्मा लगने लगा है. जिसके कारण उन्हें कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. आंखों पर लगा मोटा चश्मा न सिर्फ इंसान की खूबसूरती को कम करता है बल्कि कई जगहों पर इसकी वजह से लोगों का कॉन्फिडेंस भी कम हो जाता है. कमजोर आंखों की रोशनी  तेज करने के लिए आयुष मंत्रालय ने खाने के बाद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती है.
    आंखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय
    1. आंखों पर के छींटे मारे
    अगर आपको चश्मा चढ़ा है और आप इससे निजात पाना चाहते हैं तो सुबह उठने के बाद अपने मुंह में पानी भरें और ठंडे पानी से अपनी आंखों पर पानी के छींटें मारें यह प्रक्रिया दो से तीन बार करें इस दौरान मुंह में पानी भरा रहे इस बात का विशेष ध्यान रखें. नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे करके तेज होने लगेगी.
    2. इन चीजों का करें सेवन
    आंखों की रोशनी तेज करने के लिए आपको अपनी डाइट में नियमित रूप से घी, गेहूं, पुराने चावल, त्रिफला, ज्वार, अनार, मूंग की दाल और शतावरी को शामिल करना चाहिए.
    3. इस काढ़े का करें सेवन
    अगर आपको चश्मा लगा है और आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट के अनुसार नियमित रूप से आप त्रिफला के काढ़े का सेवन कर सकते हैं. यह आपकी आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होगा साथ ही त्रिफला चूर्ण को शहद और घी में मिलाकर सेवन करने से भी आंखों की रोशनी तेज होती है.
    4. तलवों की करें मसाज
    आयुष मंत्रालय के अनुसार अगर आप आंखों की रोशनी तेज करना चाहते हैं तो अपने तलवे की अच्छी तरह से मसाज जरूर करें. इसके अलावा तलवों में आयुर्वेदिक लेप लगाएं और बेस्ट क्वालिटी के जूते चप्पल पहनें.
    5. खाना खाने के बाद करें मसाज
    आयुष मंत्रालय के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद अगर आप गीले हाथों से अपनी आंखों की मसाज करते हैं तो आपकी आंखों की रोशनी तेज हो सकती है.

    आस्था /शौर्यपथ /मनी प्लांट से लेकर घर के गार्डन में कई सारे ऐसे पेड़ और पौधे होते हैं जो पैसों को आकर्षित करते हैं और घर से आर्थिक तंगी को दूर करते हैं. लेकिन, अगर आपको पैसों से संबंधित कुछ भी समस्या है या आपका धन घर में रुकता नहीं है, तो तुलसी के पौधे  पर ये 4 चीजें चढ़ाने से आर्थिक संकट न सिर्फ दूर होगा बल्कि माना जाता है कि मां लक्ष्मी पैसों की वर्षा करेंगी और कभी जिंदगी में पैसों की कमी नहीं होने देंगी. हिंदू धर्म में वैसे भी तुलसी के पौधे को मां के समान माना जाता है और जब मां को अपने मन से कोई बात कही जाए तो वो उसे पूरा जरूर करती हैं.
    तुलसी पर चढ़ाएं ये चीजें
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे में लक्ष्मी माता और विष्णु भगवान वास करते हैं, ऐसे में अगर रोज सुबह शाम तुलसी की सच्चे मन से पूजा की जाए, दीपक जलाया जाए और उन्हें यह चार चीजें अर्पित की जाएं तो आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
    श्रृंगार - तुलसी को हिंदू धर्म में मां के समान माना गया है और तुलसी पर श्रृंगार का सामान जैसे- सिंदूर, चुनरी, बिंदी, पायल आदि चीजें चढ़ाने से लक्ष्मी मां बहुत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.
    कच्चा दूध - वैसे तो आप तुलसी के पौधे पर पानी रोज चढ़ाते होंगे, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार के दिन तुलसी के पौधे पर कच्चा दूध चढ़ाना भी बहुत शुभ माना जाता है. कहते हैं ऐसा करने से विष्णु भगवान और मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा घर पर बनी रहती हैं.
    घी का दीपक - रोज शाम को तुलसी के पास एक घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए. कहते हैं कि ऐसा करने से धन की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है और घर में जो भी समस्याएं स्वास्थ्य से लेकर या फाइनेंशियल प्रॉब्लम  की हों, वह सभी दूर होती हैं.
    शुद्ध जल करें अर्पित - तुलसी पर अगर हम रोज सुबह नियम से शुद्ध जल अर्पित करें, तो इससे भी मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं और अपनी कृपा हमेशा भक्तों पर बनाए रखती हैं. अगर आप भी आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो इन 4 चीजों को मां तुलसी पर अर्पित कर सकते हैं.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन इस साल संकष्टी चतुर्थी  पड़ रही है. अप्रैल के महीने में पढ़ने वाली इस चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. माताएं इस दिन संतान की प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखते हैं. विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश और चंद्रमा  की विधि विधान से पूजा की जाती है. तो आईए जानते हैं विकेट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.
    संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
        चतुर्थी तिथि प्रारंभ - 27 अप्रैल, 2024, सुबह 08 बजकर 17 बजे
        चतुर्थी तिथि समाप्त - 28 अप्रैल, 2024, सुबह 08 बजकर 21 बजे
        संकष्टी के दिन चंद्रोदय का समय- रात 10 बजकर 23 बजे
     संकष्टी चतुर्थी पूजा की विधि
     संकष्टी चतुर्थी की पूजा करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश का जलाभिषेक करें.फिर भगवान श्री  गणेश को फूल, फल चढ़ाएं और पीला चंदन लगाएं.  भगवान गणेश को तिल के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं.  भोग लगाने के बाद विकट संकष्टी चतुर्थी की कथा पढ़े. ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें. इसके बाद भगवान श्री गणेश की आरती करें और चंद्रमा को देखकर प्रार्थना करें.  चंद्रमा को देखकर अपना व्रत खोलने और किसी भी तरह की गलती की माफ़ी के लिए क्षमा प्रार्थना करें.
     चंद्रमा निकलने का समय
     27 अप्रैल 2024 को रात 10: 30 मिनट पर सूर्योदय होगा.  हालांकि अलग अलग शहरों में चांद निकलने के समय में थोड़ा सा अंतर हो सकता है.  चंद्रोदय और चंद्रमा दर्शन के बाद व्रत संपूर्ण माना जाता है.
    गणेश जी की आरती
     जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    एक दंत दयावंत,
    चार भुजा धारी ।
    माथे सिंदूर सोहे
    मूसे की सवारी ॥
    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    पान चढ़े फल चढ़े,
    और चढ़े मेवा ।
    लड्डुअन का भोग लगे
    संत करें सेवा ॥
    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    अंधन को आंख देत,
    कोढ़िन को काया ।
    बांझन को पुत्र देत
    निर्धन को माया ॥
    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    'सूर' श्याम शरण आए,
    सफल कीजे सेवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥
    दीनन की लाज रखो,
    शंभु सुतकारी ।
    कामना को पूर्ण करो
    जाऊं बलिहारी ॥
    जय गणेश जय गणेश,
    जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती
    पिता महादेवा ॥

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त कहे जाने वाले हनुमान जी  भक्तों का हर संकट दूर कर देते हैं. बल और भयमुक्त जीवन का वरदान देने वाले हनुमान जी की पूजा से सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं और साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हनुमान जी की कृपा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और इसीलिए बजरंग बली  के भक्त हर दिन उनकी पूरे मन से आराधना करते हैं. बजरंग बली बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. उनकी पूजा के समय उनको कुछ खास फूल अर्पित किए जाएं तो उनकी कृपा बरसती है. चलिए जानते हैं कि हनुमान जी को कौन से फूल पसंद हैं जिनको अर्पित करके आप उनका आशीर्वाद पा सकते हैं.
    हनुमान जी को पसंद हैं ये फूल
    हनुमान जी का प्रिय रंग लाल है. लाल चोला, लाल सिंदूर लगाए और लाल लंगोट पहने हनुमान जी की हर मंदिर में पूजा होती है. इसी तरह लाल रंग के फूल भी हनुमान जी को बेहद प्रिय हैं. इसलिए भक्तों को हनुमान जी की आराधना करते वक्त लाल रंग के फूल अर्पित करने चाहिए. हनुमान जी को गेंदे का फूल भी बेहद पसंद हैं. उनका पसंदीदा रंग केसरिया भी है और गेंदा चूंकि केसरिया रंग का होता है, इसलिए उनकी पूजा में आपको गेंदे का फूल भी अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने पर साधक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हनुमान जी की पूजा करते वक्त उनको फूल अर्पित करने के साथ साथ अगर आप गेंदे की माला उनको पहनाएंगे तो बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होंगे.
     हनुमान जी को अर्पित करें गुलाब का फूल   
    गेंदे के साथ साथ हनुमान जी को गुलाब का फूल भी प्रिय है. मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करते समय उनको गुलाब का फूल अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने पर साधक के परिवार को शुभ फल प्राप्त होते हैं. गुलाब के साथ साथ लाल गुड़हल का फूल भी हनुमान जी को अर्पित करना काफी शुभ माना जाता है. ऐसा करने पर साधक के जीवन में खुशहाली आती है और उसके मनोरथ पूरे होते हैं. इसके साथ साथ लाल कनेर का फूल भी हनुमान जी को बेहद पसंद आता है. आप उनकी पूजा के समय इस फूल को चढ़ाकर मनोकामना मांगेंगे तो जरूर पूरी होगी.

    शौर्यपथ / हेल्दी रहने के लिए सही खान-पान और हेल्दी रूटीन के साथ पूरी नींद होना भी बहुत जरूरी है. वहीं रात में नींद पूरी न हेने का असर हमारे पूरे शरीर में देखने को मिलता है, कुछ लोग दिनभर काम करने, थकने के बाद मिनटों में सो जाते है. वहीं, कुछ लोग थकान के बाद भी रात को घंटों करवट बदलते रहते हैं, लेकिन नींद आने में मुश्किल होती है. जब नींद पूरी नहीं होती है, तो इसकी वजह से डाइजेशन, हार्मोनल बैलेंस भी बिगड़ने लगता है और इंसान चिड़चिड़ा हो जाता है. वहीं अच्छी नांद के लिए कई नुस्खे कारगर हैं. आज हम आपको ऐसे आयुर्वेदिक हर्ब के बारे में बताएंगे, जो नींद आने की परेशानी को दूर सकते है.
    अच्छी नांद लाने में कारगर है अश्वगंधा
    1.  नींद न आने के पीछे अक्सर तनाव और निगेटिव थिंकिंग जिम्मेदार होती है. अश्वगंधा इसे दूर करने में काफी काम आता है.
    2.  यह कमजोरी दूर कर, शरीर को ताकत भी देता है.
    3.  अश्वगंधा का सेवन बहुत अधिक मात्रा में और लंबे समय तक नहीं करना चाहिए.
    4.  3 ग्राम से ज्यादा अश्वगंधा का सेवन नुक्सान कर सकता है.
    5.  अश्वगंधा को रुटीन में एक्सपर्ट की सलाह पर ही शामिल करें.
    6.   इतना ही नहीं, 3 महीने से अधिक समय के लिए इसे अपने रूटीन में शामिल नहीं करना चाहिए वरना सेहत पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है.
    7. अश्वगंधा एक प्राचीन हर्ब है. यह आयुर्वेदिक औषधिय गुणों से भरपुर होता है और अच्छी नींद लाने में मदद करता है.
    8. स्लीपिंग डिसऑर्डर को दूर करने में यह कारगर है. इसमें कई ऐसे कम्पाउंड होते है. जो नींद लाने में मदद करते हैं.
    9.  अच्छी नींद  लाने के साथ ही यह स्ट्रैस और एंग्जायटी को दूर करने में मददगार है.
      अनिद्रा के इलाज के लिए आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जानेंगे
    1.   आयुर्वेद में अभ्यंग यानी गर्म तेल से खुद की मालिश करने का विशेष महत्व है. इससे शरीर की कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है. अगर आप अनिद्रा से जूझ रहे हैं, तो तिल के तेल या नारियल के तेल से अपने पूरे शरीर की मालिश करें.
    2.   आयुर्वेद में ब्राह्मी का उपयोग एक शक्तिशाली औषधि के रूप में किया जाता है. अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. ब्राह्मी के तेल से सिर में मालिश करने से शरीर को आराम मिलेगा, जिससे अच्छी और गहरी नींद आ सकती है. आप इसका इस्तेमाल चूर्ण या गोली के रूप में भी कर सकते हैं. यह एकाग्रता और याददाश को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकती है.
    3.  रात में सोने से पहले गर्म दूध का सेवन करने से अच्छी और गहरी नींद लेने में मदद मिल सकती है. इसमें ट्रिप्टोफैन होता है, जो मस्तिष्क में सेरोटोनिन को बढ़ाता है, इससे न सिर्फ अच्छी नींद आएगी, बल्कि शरीर की कई समस्याएं भी दूर होंगी.
    5.   अश्वगंधा का इस्तमाल कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. इसमें मौजूद औषधीय गुण अनिद्रा की शिकायत को दूर कर सकते हैं. इसके लिए आप रोज सोने से पहले अश्वगंधा के चूर्ण या कैप्सूल का सेवन गर्म दूध के साथ कर सकते हैं. नियमित रूप से ऐसा करने से आपको काफी लाभ होगा.

     ब्यूटी टिप्स/शौर्यपथ/ बहुत सी महिलाएं लंबे बालों की इच्छा रखती हैं लेकिन बाल बढ़ने का नाम ही नहीं लेते हैं. कई बार बालों का झड़ना और उनमें पोषण की कमी होना भी बालों की ग्रोथ को प्रभावित करता है. ऐसे में अगर आप लंबे बालों की इच्छा रखती हैं और बाल कमर या घुटनों तक बढ़ाना चाहती हैं तो यहां बताए तरीके से बालों पर नारियल तेल  लगा सकती हैं. नारियल तेल में फैटी एसिड्स की अच्छी मात्रा होती है, खासतौर से लौरिक एसिड की जो बालों को स्वस्थ बनाने में असरदार होता है. इस तेल के इस्तेमाल से बाल बढ़ते हैं, डैमेज से बचते हैं, हेयर टेक्सचर बेहतर होता है और बालों को स्वस्थ बनने में मदद मिलती है. लेकिन, नारियल तेल को बालों पर सादा लगाने के बजाय इसमें 2 चीजें मिलाकर इफेक्टिव हेयर ग्रोथ ऑयल  तैयार किया जा सकता है. इस हेयर ऑयल का बालों पर अच्छा असर दिखता है और बाल लंबे बनते हैं सो अलग.
    लंबे बालों के लिए होममेड ऑयल |
    इस तेल को बनाने के लिए नारियल तेल, गुड़हल के फूल और मेथी के दानों की जरूरत होगी. गुड़हल के फूल में विटामिन सी, विटामिन बी6 और आयरन की अच्छी मात्रा होती है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं और इस फूल से हेयर फॉलिकल्स को भी फायदा मिलता है. वहीं, मेथी के दानों में विटामिन, खनिज और एंटी-ऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है.
    बाल बढ़ाने वाला तेल बनाने के लिए सबसे पहले नारियल के तेल को पकने के लिए आंच पर रखें और इसमें 2 चम्मच मेथी के दाने और 4 से 5 गुड़हल के फूल  डाल लें. इस तेल को पकाएं और पक जाने के बाद ठंडा होने के लिए अलग रख दें. तेल ठंडा हो जाने के बाद इसे छानकर शीशी में भरें. हेयर ग्रोथ ऑयल तैयार है. इस तेल को बालों पर लगाकर मालिश करें और कम से कम एक से डेढ़ घंटा लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें. इस तेल को बालों पर रातभर लगाकर भी रखा जा सकता है. बाल बढ़ने में असर दिख सकता है.
    लंबे बालों के लिए नारियल के तेल में करी पत्ते डालकर भी तेल बनाया जा सकता है. आधा कटोरी नारियल का तेल लेकर उसमें मुट्ठीभर करी पत्ते डालें और जब पत्ते चटक जाएं और पककर काले हो जाएं तो आंच बंद कर लें. इस तेल को बालों पर आधा घंटा लगाकर रखा जा सकता है. हफ्ते में 2 से 3 बार इस तेल को बालों पर लगाया जाए तो बाल बढ़ने में असर दिख सकता है, साथ ही बालों में चमक आती है सो अलग.

    ब्यूटी टिप्स/शौर्यपथ / उम्र बढ़ने लगती है तो चेहरे पर उम्र के निशान पड़ना भी शुरू हो जाते हैं. त्वचा की सही तरह से देखरख ना करने पर कम उम्र में भी चेहरे पर फाइन लाइंस दिखने लगती हैं और महसूस होता है जैसे व्यक्ति समय से पहले ही बूढ़ा होने लगा है. ऐसे में स्किन का वक्त रहते ध्यान रखना जरूरी होता है. यहां कुछ ऐसे ही फेस पैक्स दिए जा रहे हैं जो त्वचा को टाइटनिंग इफेक्ट्स देते हैं. इन फेस पैक्स को घर पर ही बनाकर लगाया जा सकता है. ये फेस पैक्स स्किन को टाइटनिंग इफेक्ट्स देने के साथ ही ग्लोइंग भी बनाते हैं. बेसन, खीरा, एलोवेरा और पपीता जैसी एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजों से इन फेस पैक्स को बनाया जाता है.
    स्किन टाइटनिंग फेस पैक्स |
    खीरे का फेस पैक बनाने के लिए आधा खीरा लें और उसे एक चम्मच दही के साथ ब्लेंडर में डाल लें. इस तैयार फेस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. चेहरे पर ताजगी भी आएगी और स्किन को टाइटनिंग इफेक्ट्स भी मिलते हैं. हफ्ते में एक बार इस फेस पैक को लगाया जा सकता है.
    झुर्रियां कम करने के लिए पपीते का फेस पैक भी बनाकर लगाया जा सकता है. इस फेस पैक को बनाने के लिए 2 चम्मच पपीते का पेस्ट लें और उसमें एक चम्मच शहद मिला लें. इस पैक को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर धोकर हटा लें.
    बेसन भी त्वचा को टाटनिंग इफेक्ट्स देता है. बेसन फेस पैक  को बनाने के लिए एक चम्मच बेसन में एक चम्मच दही और जरूरत के अनुसार गुलाबजल मिला लें. पेस्ट बनाकर चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखें और फिर धोकर हटाएं. त्वचा बेदाग और झुर्रियों से मुक्त बनती है.
    चेहरे पर एलोवेरा जैल लगाकर भी टाइटनिंग इफेक्ट्स पाए जा सकते हैं. एलोवेरा स्किन को हाइड्रेटिंग इफेक्ट्स भी देता है. ताजा एलेवोरा का गूदा लेकर चेहरे पर मलें और 20 मिनट बाद धोकर हटा लें. आप इसे लगाए भी रख सकते हैं. बाजार से खरीदा हुआ एलोवेरा जैल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
    एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर केले का फेस पैक भी बेहद फायदेमंद होता है. इस फेस पैक को लगाने पर त्वचा की कसावट बढ़ती है. इसे बनाने के लिए एक चम्मच दही में आधा केला मसलकर मिलाएं और चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर रख लें.

    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / प्याज तो आप रोज खरीदते  होंगे और हर दिन इसका इस्तेमाल सब्जी में करते होंगे. प्याज को लोग अलग-अलग तरीके से  स्टोर करते हैं. जैसे कि कोई टोकरी में रखता है तो कुछ लोग बाकि सब्जियां या फलों की तरह फ्रिज  में रखते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्याज को भी रखने का एक सही तरीका होता है. फ्रिज में कटा हुआ प्याज रखना भी सही नहीं होता है. वहीं एक्सपर्ट ने प्याज को स्टोर करने के कई तरीके बताएं, आइए जानते हैं.
    प्याज स्टोर करने का सही तरीका |
    एक्सपर्ट  के अनुसार प्याज को 45 से 50 डिग्री फारेनहाइट (रेफ्रिजरेशन लेवल से ठीक ऊपर) पर स्टोर करना चाहिए.  प्याज को कभी भी बैग में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इन्हें भी सांस लेने के लिए हवा की आवश्यकता होती है. साथ ही आप आलू के साथ भी प्याज न रखें, क्योंकि आलू नमी उत्सर्जित कर सकता है, जो प्याज  के सड़ने की गति को बढ़ा देता है.
    नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चला है कि प्याज को 40-50°F (4-10°C) तापमान पर स्टोर करना सबसे बेस्ट होता है. इस तापमान पर प्याज अपनी विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से बनाए रखते हैं, 10 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान अंकुरण के लिए ऑप्टिमल पाया गया. इतना ही नहीं प्याज में अंकुरण संकेत हा कि प्याज खराब हो गया है.
    कटे प्याज को न रखें फ्रिज में |
    - कई बार सलाद या सब्जी में डालने के बाद थोड़ा कटा हुआ प्याज बच जाता है, जिसे लोग रेफ्रिजरेटर में रख देते हैं. आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. क्योंकि वे नमी को जल्दी सोख लेते हैं, जिससे उसमें बैक्टेरिया और फफूंद लगने लगते हैं. वहीं आप प्याज को मैरिनेट कर सकते हैं, तेल प्याज को नमी सोखने से रोकता है.
    - रेफ्रिजरेटर में ठंडा और ह्यूमिड वातावरण होता है, जो रसदार और पत्तेदार सब्जियों में नमी बनाए रखता है. ठंडे तापमान में प्याज सही से फिट नहीं हो पाता है और वो स्टार्च को चीनी में बदलना शुरू  कर देता  है. अगर तापमान या ह्यूमिडिटी बहुत ज्याद होगा तो वे अंकुरित होना या सड़ने लगते हैं.
    प्याज स्टोर करने के कुछ टिप्स-
    –  प्याज को ठंडे, सूखे, हवादार क्षेत्र में रखें.
    –  स्टोर करने का तापमान 45-55°F बनाए रखें.
    -  आपको ये याद रहे कि प्याज को कभी भी प्लास्टिक में न लपेटकर रखें  या फिर प्लास्टिक की थैलियों में न रखें. इससे हवा सर्कुलेट न होने पर प्याज का शेल्फ लाइफ कम हो जाएगा.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision