August 01, 2026
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    सेहत टिप्स /शौर्यपथ / विटामिन सी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए अपनी डाइट में विटामिन सी से भरपूर चीजों को शामिल करें. आमतौर पर फलों का सेवन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आप अपनी डाइट में संतरा, नींबू, अनानास, पपीता जैसे फलों को शामिल कर सकते हैं. आपको बता दें कि अगर हमारी इम्यूनिटी मजबूत है तो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं विटामिन सी की कमी से शरीर में कमजोरी, बालों का झड़ना और स्किन से संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
    विटामिन सी से भरपूर चीजें-
    1. संतरा-
    संतरे में केवल विटामिन सी ही नहीं बल्कि, फाइबर और थियामिन और पोटैशियम जैसे खनिज भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं.
    2. अनानास-
    अनानास एक खट्टा मीठा रसीला फल है ये विटामिन सी का अच्छा सोर्स माना जाता है. अनानास को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसको आप जूस, स्मूदी के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.
    3. अमरूद-
    अमरूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. अमरूद के सेवन से शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद मिल सकती है.
    4. पपीता-
    पपीते को विटामिन सी और फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. पपीते के सेवन से इम्यूनिटी को मजबूत, स्किन हो हेल्दी और वजन को कंट्रोल कर सकते हैं.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों के मौसम में कई चीजें खानी की मनाही होती है खासतौर पर जिनकी तासीर गर्म हो. गर्म तासीर वाली चीजों का ज्यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है और लहसुन भी उन्हीं में से एक है. लहसुन किचन में मौजूद एक ऐसी सामग्री है जिसे स्वाद और सेहत के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन को आमतौर पर दाल सब्जी में तड़के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आपको बता दें कि लहसुन में एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, मैंगनीज, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम और विटामिन जैसे गुण पाए जाते हैं. जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं गर्मी के मौसम में लहसुन का जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. तो चलिए जानते हैं गर्मी में लहसुन खाने से होने वाले नुकसान.
    गर्मी में लहसुन खाने के नुकसान-
    1. मुंह से बदबू-
    अगर किसी को मुंह से बदबू आने की शिकायत है, तो उन्हें लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि लहसुन खाने से मुंह की बदबू और बढ़ सकती है.
    2. पेट में जलन-
    गर्मी के मौसम में अगर आप लहसुन का जरूरत से ज्यादा सेवन करते हैं तो इससे आपके पेट में जलन हो सकती है.
    3. एलर्जी-
    अगर आपको लहसुन खाने से स्किन में रैशेज, लाल निशान हो रहे हैं तो आप इसका सेवन करने से बचें.
    4. कब्ज-
    एसिडिटी की समस्या से पेट दर्द, पेट फूलना और गैस बनने लगती है और ऐसे में लहसुन का सेवन करना इस समस्या को और बढ़ा सकता है.
    5. सिरदर्द-
    गर्मियों के मौसम में कच्चे लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है. इसलिए सिरदर्द में लहसुन का सेवन करने से बचें.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /नींबू एक ऐसा फल है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अनगिनत फायदे प्रदान करता है. इसमें विटामिन सी, लेमोनीन, पोटेशियम, फाइबर और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. गर्मियों में नींबू का बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है. यहां हम नींबू के कुछ ऐसे गुणों के बारे में बता रहे हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए चमत्कार कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं नींबू में ऐसा क्या है जो इसे इतना फायदेमंद माना जाता है.
    नींबू स्वास्थ्य के लिए क्यों इतना फायदेमंद? |
    1. विटामिन सी का भंडार: नींबू विटामिन सी का एक बड़ा स्रोत है. इसमें विटामिन सी ज्यादा मात्रा में होने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हमें कई बीमारियों से बचाता है.
    2. पाचन में मददगार: नींबू का उपयोग पाचन को सुधारने में मदद कर सकता है. गर्म पानी में नींबू का रस पीना पाचन को सुधार सकता है और अपच को कम कर सकता है.
    3. वजन कम करना: नींबू में पाए जाने वाले फाइबर की मात्रा हमारे वजन को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है. फाइबर भरपूर मात्रा में होने से हमें लंबे समय तक भोजन की भूख नहीं लगती है और हम खाने की मात्रा को कम करते हैं.
    4. स्किन केयर: नींबू में मौजूद विटामिन सी के कारण यह त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. विटामिन सी त्वचा को चमक देता है, साथ ही उसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं.
    5. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या: लेमन में पाए जाने वाले पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. यह ब्लड प्रेशर को सामान्य लेवल पर रखने में मदद कर सकता है और हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देता है.
    नींबू का नियमित सेवन करने से हम अपने स्वास्थ्य को संतुलित रख सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं. इसके अलावा लेमन कई सारे व्यंजनों और ड्रिंक्स में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे हम अपने भोजन को स्वादिष्ट और पौष्टिक बना सकते हैं.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ / गर्मियां जोरों पर हैं ऐसे में अपनी डाइट में लिक्विड चीजों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें. क्योंकि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है. लेकिन शरीर में बार-बार पानी की कमी से शरीर कमजोर पड़ने लगता है. इस मौसम में शरीर से पसीने के माध्यम से पानी निकलता है. इसलिए शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए आप अपनी डाइट नारियल पानी को शामिल कर सकते हैं. नारियल पानी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. नारियल पानी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे, एंटीऑक्सीडेंट्स, अमीनो- एसिड, एंजाइम्स, विटामिन सी आदि. रोजाना सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं नारियल पानी पीने से होने वाले फायदे.
    नारियल पानी पीने के फायदे-
    1. सिरदर्द-
    तेज धूप और गर्मी के कारण कई लोगों के सिर में अचानक दर्द होने लगता है या बाहर से लौटने पर ये दर्द होता है. इसके पीछे का कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है. अगर आपको भी ऐसी समस्या होती है तो आप नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं. इससे आपको राहत मिल सकती है.
    2. डायबिटीज-
    डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है नारियल के पानी का सेवन. दरअसल इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज की समस्या होती है.
    3. वजन घटाने-
    नारियल पानी पीने से शरीर को सभी आवश्यक तत्व मिल जाते हैं. साथ ही इसे पीने से बहुत देर तक पेट भरा रहता है जिससे अधिक खाने से बच सकते हैं और वजन को कम कर सकते हैं.
    4. एनर्जी-
    अगर आपको थकान महसूस होती है तो आप रोजाना सुबह नारियल पानी का सेवन करें. इससे थकान, कमजोरी की समस्या को दूर किया जा सकता है.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन धर्म में भगवान काल भैरव का विशेष स्थान है. उनकी उपासना महत्वपूर्ण मानी जाती है. वैदिक पंचांग बताता है कि हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. इस बार 1 मई, 2024 बुधवार को कालाष्टमी की पूजा की जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन में सुख और समृद्धि आती है और हर रोग-दोष का नाश हो जाता है. ऐसी मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन अगर व्रत और पूजा करने के साथ 'श्री भैरव चालीसा' का पाठ किया जाए तो काल भैरव की सदैव कृपा बनी रहती है.
    कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त
    वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर 1 मई, 2024 की सुबह 5.45 बजे से कालाष्टमी के शुभ मुहूर्त की शुरुआत होगी, जो अगले दिन 2 मई की सुबह 4.01 बजे तक चलेगी. बुधवार को ही काल भैरव देव की पूजा की जाएगी. दिन में किसी भी वक्त भगवान की आराधना कर सकते हैं. ज्योतिषों का मानना है कि इस व्रत का पूरा लाभ पाने के लिए प्रदोष काल में पूजा करना सबसे अच्छा साबित होगा.
    कालाष्टमी व्रत का महत्व
    हिंदू धर्म में कालाष्टमी व्रत का अपना विशेष महत्व है. इस दिन साधक श्रद्धाभाव से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं. शिव मंदिर सजाए जाते हैं. रात में पूजा की जाती है. देर रात यानी निशा काल में बाबा काल भैरव की आराधना होती है. तंत्र-मंत्र सीखने वाले साधक कालाष्टमी की रात में ही विशेष विद्या सिद्धि प्राप्ति की आराधना करते हैं.
    कालाष्टमी का योग
    ज्योतिष के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कालाष्टमी का शुभ योग बन रहा है. संध्याकाल 8 बजकर 02 मिनट तक यह योग बन रहा है. इसके बाद शुक्ल योग बन जाएगा. इस तिथि पर शिव वास का भी योग है.
    श्री भैरव चालीसा का पाठ
    मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन श्री भैरव चालीसा का पाठ करने से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं और हर तरह की सुख-सुविधाएं देते हैं, दुखों का नाश हो जाता है. ऐसे में साधकर को विधिवत पूजा करने के बाद इस पाठ को करना चाहिए.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / कहते हैं कि देवों के देव महादेव सब देवों में सबसे भोले हैं. अगर सच्चे मन से उनकी पूजा अर्चना की जाए तो वो भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं. खासकर सोमवार के दिन अगर भांग, धतूरा, बेलपत्र  आदि अर्पित करके उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाए तो वो साधकों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. कहते हैं कि भगवान शिव  की पूजा करने से व्यक्ति के हर दुख दूर होते हैं और उसे सुखों की प्राप्ति होती है. ऐसे में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के दौरान आपको भगवान शिव के किस स्तोत्र का जाप करना चाहिए और इसके फायदे क्या होते हैं जानिए यहां.
    करें श्री शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र का पाठ
    त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं
    त्रिजन्म पापसंहारम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्चिद्रैः कोमलैः शुभैः।
    तवपूजां करिष्यामि ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    कॊटि कन्या महादानं तिलपर्वत कोटयः।
    काञ्चनं क्षीलदानेन ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    काशीक्षेत्र निवासं च कालभैरव दर्शनं।
    प्रयागे माधवं दृष्ट्वा ऎकबिल्वं शिवार्पणं।।
    इन्दुवारे व्रतं स्थित्वा निराहारो महेश्वराः।
    नक्तं हौष्यामि देवेश ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    रामलिङ्ग प्रतिष्ठा च वैवाहिक कृतं तधा।
    तटाकानिच सन्धानम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    अखण्ड बिल्वपत्रं च आयुतं शिवपूजनं।
    कृतं नाम सहस्रेण ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    उमया सहदेवेश नन्दि वाहनमेव च।
    भस्मलेपन सर्वाङ्गम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    सालग्रामेषु विप्राणां तटाकं दशकूपयो:।
    यज्नकोटि सहस्रस्च ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    दन्ति कोटि सहस्रेषु अश्वमेध शतक्रतौ।
    कोटिकन्या महादानम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    बिल्वाणां दर्शनं पुण्यं स्पर्शनं पापनाशनं।
    अघोर पापसंहारम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    सहस्रवेद पाटेषु ब्रह्मस्तापन मुच्यते।
    अनेकव्रत कोटीनाम् ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    अन्नदान सहस्रेषु सहस्रोप नयनं तधा।
    अनेक जन्मपापानि ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    बिल्वस्तोत्रमिदं पुण्यं यः पठेश्शिव सन्निधौ।
    शिवलोकमवाप्नोति ऐकबिल्वं शिवार्पणं।।
    श्री शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र के फायदे
    श्री शिव बिल्वाष्टकम् इतना शक्तिशाली स्तोत्र है कि माना जाता है कि इसे पढ़ने भर से साधकों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र अर्पित करने के दौरान अगर शिव बिल्वाष्टकम् स्तोत्र का पाठ किया जाए तो भगवान भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं और मनुष्य को सभी पापों से छुटकारा मिलता है. वो असीम सुखों की प्राप्ति करता है और भगवान भोलेनाथ की कृपा हमेशा पाता हैं.

       शौर्यपथ /लौंग एक लोकप्रिय मसाला है जिसका भोजन बनाने में उपयोग किया जाता है. लौंग का उपयोग भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ साथ पूजा-पाठ, तर्पण और टोटकों में किया जाता है.  ज्योतिष शास्त्र में लौंग का बहुत महत्व है, जिससे कई तरह की समस्याओं से छुटकारापाया जा सकता है. आइए जानते हैं लौंग के कुछ ऐसे उपाय  जिनसे धन की कमी से लेकर गृह कलह तक से मिल सकती है राहत.
    धन की कमी दूर करने का उपाय
    कई लोग मेहनत करने के बावजूद धन की कमी का सामना करते हैं. माना जाता है कि इस परेशानी को लौंग के उपाय से दूर करने में मदद मिल सकती है. धन की कमी दूर करने के लिए सोने से पहले चांदी की कटोरी में लौंग के साथ कपूर जलाना चाहिए. इस उपाय से आर्थिक तंगी दूर होने लगती है.
    कलह दूर करने के उपाय
    लौंग के उपाय से नकारात्मक एनर्जी दूर होती है. कलेश और लडाई झगड़े को घर से दूर रखने के लिए सुबह लौंग और कपूर जलाना चाहिए. माना जाता है कि इस उपाय से घर की एनर्जी सकारात्मक होने लगती है और घर के सदस्यों के बीच का मनमुटाव दूर हो जाता है.
    परेशानियों से बचने का उपाय
    जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए हर मंगलवार को हनुमान मंदिर में भगवान के सामने दीपक में पांच लौंग जलाने चाहिए. माना जाता है कि इस उपाय से परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
    सेहत के लिए
    घर के सदस्यों के बार-बार बीमार पड़ने पर भी लौंग का उपाय अपनाया जा सकता है. परिजनों को रोग मुक्त रखने के लिए सुबह शाम कटोरी में कपूर के साथ लौंग की कलियां जलानी चाहिए. 

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आमतौर पर लोग पानी को प्लास्टिक की बॉटल में स्टोर करते हैं. जबकि प्लास्टिक की बॉटल में पानी रखना सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है. ऐसे में आप चाहें तो पानी रखने के लिए तांबे की बॉटल या फिर तांबे की किसी भी बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि तांबा यानी कॉपर के बर्तन में पानी रखकर इसका सेवन करने से सेहत को एक नहीं बल्कि कई सारे फायदे होते हैं. दरअसल कॉपर के बर्तन में जब पानी को आठ घंटे या उससे ज्यादा समय तक रखा जाता है. तब  तांबे के कुछ अंश पानी में घुल जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. तो आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में पानी रखकर पीने के फायदे क्या हैं.  
    तांबे के बर्तन में पानी रखकर पीने के फायदे |
    1. कैंसर से लड़ने में मददगार
    फ्री रेडिकल्स और उनके हानिकारक प्रभाव ही कैंसर के प्रमुख कारण रहे हैं. तांबा एक ऐसा प्रसिद्ध एंटीऑक्सीडेंट है, जो सभी फ्री रेडिकल्स के खिलाफ लड़ता है और उनके नकारात्मक प्रभावों को खत्म करने में मदद कर सकता है. इसके साथ ही तांबा मेलेनिन के उत्पादन में मदद करता है, जो सूर्य के हानिकारक यूवी किरणों से बचाव भी करता है.
    2. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकता है
    अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, तांबा कोलेस्ट्रॉल और ट्रिग्लिसराइड स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है. अगर किसी की बॉडी में कॉपर की कमी बचपन से ही हो गई है, तो यह हाइपोटेंशन के विकास का कारण बनती है. अगर किसी वयस्क की बॉडी में तांबे की कमी है, तो उनको हाइपरटेंशन की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है.
    3. एनीमिया से बचाव कर सकता है
    तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से एनीमिया की दिक्कत से राहत मिल सकती है. बता दें कि शरीर में तांबे की कमी से हेमेटोलॉजिकल विकार हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कम सफेद रक्त कोशिकाएं भी होती हैं. तांबा खाद्य को हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है. यह शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मददगार साबित होता है, जिसकी कमी से एनीमिया होता है.
    4. गठिया और जोड़ों की सूजन से राहत
    कॉपर में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित रोगियों को काफी राहत प्रदान करते हैं. इसके साथ ही तांबे में हड्डियों को मजबूत करने वाले गुण होते हैं. तांबे के बर्तन में रखा पानी गठिया के लिए बेहतर इलाज साबित हो सकता है.
    5. पाचन में सहायक
    आयुर्वेद का दावा है कि "ताम्र जल" पीने से पेट डिटॉक्सीफाई और साफ होता है. कॉपर में ऐसे गुण भी होते हैं जो क्रमाकुंचन (पेट की परत का लयबद्ध विस्तार और संकुचन) को उत्तेजित करते हैं, पेट की परत की सूजन को कम करते हैं और बेहतर पाचन में सहायता करते हैं. कॉपर के बर्तन में रखा पानी पीना पेट के अल्सर, अपच और पेट के संक्रमण को दूर करने के लिए एक बेहतर तरीका हो सकता है.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती हैं. इन्ही में से एक है हड्डियों का कमजोर होना. दरअसल बढ़ती उम्र के साथ बोन डेंसिटी कम होती जाती है, जिसके चलते स्केलेटन सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. अगर इन को नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर आपको अर्थराइटिस  और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है. इतना ही नहीं अगर बढ़ते बच्चों को भी कैल्शियम, विटामिन डी जैसे पोषक तत्व न मिलें तो आगे चलकर उनको भी हड्डियों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में आप चाहें तो कुछ चीजों को अपनी और उनकी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. जिनके सेवन से हड्डियों को पर्याप्त पोषण तो मिलेगा ही साथ ही बोन डेंसिटी भी बूस्ट होगी. तो आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में.
    हड्डियों को मजबूती देने वाली चीजें
    1. पालक
    पालक में अच्छी मात्रा में कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन और कई तरह के जरूरी मिनरल्स होते हैं. जो बोन डेंसिटी को बढ़ाने में मददगार होते हैं. पालक के सेवन से हड्डियों की मजबूती बढ़ती है. ऐसे में आप चाहें तो रोजाना एक कप पालक को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
    2. पनीर
    हड्डियों की मजबूती बढ़ाने के लिए 'चीज' एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. ये बॉडी में कैल्शियम की जरूरत को पूरा करता है, लेकिन चीज का सेवन आपको सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि फुल फैट चीज में कैलोरी और सैचुरेटेड फैट भी काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है.
    3. अंजीर
    अंजीर में कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे स्केलेटन सेविंग तत्व पाए जाते हैं. जो हड्डियों की मजबूती बढ़ाने में मदद करते हैं. ऐसे में आप अंजीर को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. अगर आपको अंजीर ताजे फल के रूप में नहीं मिलता है, तो आप सूखे अंजीर का सेवन कर सकते हैं.
    4. प्लांट बेस्ड मिल्क
    कोकोनट, आलमंड और सोयाबीन जैसे प्लांट बेस्ड मिल्क कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होते हैं. ये दोनों पोषक तत्व बोन हेल्थ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में इनको अपने आहार मे शामिल करके आप हड्डियों की मजबूती को बढ़ावा दे सकते हैं.
    5. योगर्ट
    योगर्ट भी हड्डियों को मजबूती देने में अच्छी भूमिका निभा सकता है. योगर्ट में काफी मात्रा में विटामिन डी और कैल्शियम मौजूद होता है. रोजाना एक कटोरी योगर्ट को अपनी डाइट में शामिल करके आप हड्डियों को मजबूती देने में कामयाब हो सकते हैं. 

    नई दिल्ली/शौर्यपथ / बीते कई दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज यानी सोमवार, 29 अप्रैल, 2024 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों  में गिरावट दर्ज की गई. ऐसे में अगर आप अक्षय तृतीयाके मौके पर सोने-चांदी की खरीदारी करने या सोने में निवेश करने  का सोच रहे हैं तो अपने लिए अच्छी खबर है. यहां हम आपको सोने-चांदी के लेटेस्ट रेट  के बारे में बताने जा रहे हैं. जिससे आपको पता लग जाएगा कि आज सोना-चांदी में निवेश करना कितना फायदेमंद रहेगा. आईए जानते हैं...
    Spot Gold गिरकर 2,327.09 डॉलर प्रति औंस पर
    इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो इस साल जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होनेऔर इस सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक के चलते सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई. 0334 जीएमटी पर, हाजिर सोना 0.5% गिरकर 2,327.09 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. अमेरिकी सोना वायदा  0.4% गिरकर 2,338.30 डॉलर पर पहुंच गया. वहीं, हाजिर चांदी 0.3% बढ़कर 27.24 डॉलर प्रति औंस हो गई.
    MCX पर घटे सोने-चांदी के रेट
    वहीं, आज ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ भारत में भी सोना-चांदी  अपने ऑल टाईम हाई से सस्ता हो गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज  पर 5 जून, 2024 को मैच्योर होने वाला वायदा सोने की कीमत 276 रुपये या 0.39 फीसदी का मामूली गिरावट के बाद एमसीएक्स पर 71,224 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, इससे पिछे दिन सोना 71,500 रुपये पर बंद हुआ था.
    चांदी की कीमत 82,449 रुपये प्रति किलोग्राम
    इसी तरह, 5 जुलाई, 2024 को मैच्योर होने वाली वायदा चांदी की कीमत में 47 रुपये या 0.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई . एमसीएक्स पर चांदी 82,496 रुपये के पिछले बंद के मुकाबले 82,449 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है.
    आज दिल्ली में सोने के दाम
    देश की राजधानी दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 66,990 रुपए प्रति 10 ग्राम है, जबकि  24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 73,070 रुपए प्रति 10 ग्राम है. 

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