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रसोई टिप्स /शौर्यपथ / भारतीय रसोई में एक से बढ़कर एक मसाले होते हैं. ये मसाले खाने का स्वाद तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही इनसे सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं सो अलग. कुछ मसाले पेट के लिए अच्छे होते हैं तो कुछ सिर के दर्द से छुटकारा दिलाते हैं और कुछ के सेवन से शरीर की सूजन दूर हो जाती है. यहां भी एक ऐसे ही फायदेमंद मसाले की बात की जा रही है. यह मसाला है धनिया. विटामिन ए, सी और के से भरपूर धनिया के दाने सेहत को कई फायदे देते हैं. इन दानों में आयरन और पौटेशियम भी होता है. धनिया के दानों का पानी बनाकर पिया जा सकता है. धनिया का पानी बनाने के लिए एक से 2 कप पानी को पतीले में डालकर आंच पर चढ़ाएं और इसमें एक चम्मच धनिया के दाने डाल दें. जब पानी पक जाए और पानी का रंग बदल जाए तो इसे आंच से उतारें. इस गर्म पानी को सुबह खाली पेट पिया जा सकता है. यहां जानिए धनिया का पानी सेहत को कौन-कौनसे फायदे देता है.
धनिया का पानी पीने के फायदे |
धनिया का पानी पीने पर पाचन को कई फायदे मिलते हैं. पेट फूलने से लेकर पेट में गैस बनने और दस्त तक की दिक्कत को कम करने के लिए धनिया का पानी बनाकर पिया जा सकता है.
इस पानी को पीने पर हाई ब्लड शुगर लेवल्स कंट्रोल होने लगते हैं. इस चलते डॉक्टर की सलाह लेकर डायबिटीज के मरीज धनिया का पानी पीना शुरू कर सकते हैं.
धनिया के पानी में कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं और साथ ही शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को दूर रखते हैं. इससे एजिंग की प्रक्रिया धीमी पड़ने लगती है और क्रोनिक बीमारियों का खतरा कम होता है सो अलग.
इस मसाले के पानी से शरीर को एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी मिलते हैं. शरीर की इंफ्लेमेशन कम होती है और इंफ्लेमेटरी बीमारियां भी दूर रहती हैं.
वजन घटाने में भी धनिया के पानी के फायदे नजर आते हैं. धनिया के दाने फाइबर से भरपूर होते हैं. फाइबर का सेवन पेट को लंबे समय तक भरे होने का एहसास देता है जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है और एक्सेस फूड इंटेक कम होता है. इस चलते धनिया का पानी पीने पर वजन कम होने में असर दिख सकता है.
धनिया का पानी एक अच्छी डिटॉक्स ड्रिंक की तरह भी असर दिखाता है. शरीर में अक्सर ही टॉक्सिंस जमना शुरू हो जाते हैं जिससे अलग-अलग तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें तो होती ही हैं, साथ ही त्वचा पर भी इन टॉक्सिंस का बुरा असर दिखता है. ऐसे में धनिया के पानी से शरीर डिटॉक्स हो जाता है और सेहत के साथ-साथ स्किन भी अच्छी रहती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हेल्दी और फिट रहना भला किसे पसंद नहीं है. आज के समय में हर कोई अपनी सेहत के प्रति सचेत है और हेल्दी रखने के लिए वो हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना पसंद करते हैं. हेल्दी डाइट हमें सेहतमंद रखने में अहम भूमिका निभाती है. अगर आप भी हेल्दी और फिट रहने के लिए नेचुरल फूड्स का सेवन करना पसंद करते हैं तो एक बात का खास ख्याल रखें कि जो फल या सब्जी आप खा रहे हैं वो सेहत के लिए अच्छे हैं. वरना बिना सोच सोच समझ कर खाई गई चीजें आपकी सेहत को खराब करने का काम कर सकती हैं. आपको बता दें कि बहुत से फूड्स की गुठली से लेकर पत्तियों तक में खतरनाक केमिकल और जहरीले पदार्थ पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं. तो चलिए जानते हैं किन फूड्स का सेवन सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक.
सेहत के लिए खतनाक हो सकती हैं ये चीजें-
1. चेरी के बीज-
चेरी एक ऐसा फल है जिसे खाना हम सभी पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि चेरी के बीज का सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. चेरी के बीज में जहरीला एसिड पाया जाता है, इसलिए जब भी चेरी को खाएं ध्यान से खाएं. चेरी के बीच खा लेने से शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं.
2. कड़वे बादाम-
कड़वे बादाम खाने से हमेशा बचना चाहिए. इनमें एमिगडलिन नाम का केमिकल पाया जाता है जो शरीर में साइनाइड बनाने का काम कर सकता है.
3. जंगली मशरूम-
जंगली मशरूम खाने से पेट में दर्द, दस्त और उल्टी, डिहाइड्रेशन और लिवर की समस्या हो सकती है. इसलिए मशरूम को मार्केट से खरीदते समय सावधानी बरते वरना ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों के दिनों में खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि इस मौसम पाचन क्रिया बहुत स्लो हो जाती है. जिसके कारण हमें डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना होता है, जो हमारे हाजमे को दुरुस्त रखे. इसलिए गर्मी के मौसम में लोग लिक्विड फूड को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं. गर्मी के मौसम में लोग फल और सब्जियों का जूस खूब पीते हैं. इसके अलावा सत्तू पीते हैं या फिर खाते हैं. यह गर्मियों का सूपरफूड माना जाता है. इसको आप अगर दूध में मिलाकर पीते हैं तो यह पेट को ठंडा रखने के साथ 3 और फायदे शरीर को पहुंचाएंगी. तो आइए जान लेते हैं.
1- सबसे पहले बात करते हैं इसके पोषक तत्वों की - सत्तू प्रोटीन का रिच सोर्स है. इसके अलावा, सत्तू में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं.जब इसे दूध के साथ मिक्स करके पिया जाता है, तो यह पोषण प्रोफाइल को बढ़ाता देता है.
2- गर्मी के मौसम में शरीर का एनर्जी लेवल थोड़ा स्लो हो जाता है, ऐसे में इसका सेवन आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा. इसके अलावा जिन लोगों को बॉडी में खून की कमी हो गई है, उन्हें इसे जरूर खाना या पीना चाहिए.
3- गर्मी में पाचन तंत्र लोगों का थोड़ा कमजोर हो जाता है, ऐसे में इसका सेवन पेट संबंधी परेशानियों से जैसे- गैस, अपच, लूज मोशन आदि में राहत देता है.
4- दूध के साथ सत्तू का सेवन करने से वेट लॉस में मदद मिलती है. इसे आप वेट लॉस डाइट का एक हिस्सा भी बना सकते हैं.
5- यह आपकी हड्डियों को भी मजबूत रखने का काम करता है. इसके अलावा यह आपकी बॉडी को भी हाइड्रेट रखता है. लेकिन इसको रेग्यूलर डाइट का हिस्सा बनाने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लीजिए.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में अमावस्या का खास महत्व होता है और खासकर वैशाख के महीने में पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को वैशाख अमावस्या कहते हैं. कहा जाता है कि इसी दिन से त्रेता युग की शुरुआत हुई थी, ऐसे में इस अमावस्या का खास महत्व होता है. लेकिन, इस बार इसकी तिथि को लेकर भक्तों के मन में बहुत उलझन है कि यह कब मनाई जाएगी. कुछ लोग 7 मई, मंगलवार और कुछ लोग 8 मई, बुधवार को अमावस्या की तिथि मान रहे हैं. ऐसे में जानिए उदया तिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या कब मनाई जाएगी और किस समय आप दान-पुण्य और स्नान कर सकते हैं.
वैशाखअमावस्या कब है
वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 7 मई को सुबह 11:41 से शुरू हो गई है जो कि 8 मई को सुबह 8:52 पर खत्म होगी, ऐसे में उदया तिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 8 मई को मान्य है. वैशाख अमावस्या में स्नान करने का शुभ मुहूर्त 8 मई को सुबह 4:10 से 4:52 तक है, जबकि दान-पुण्य करने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:34 से सुबह 7:15 तक रहेगा. ऐसे में ज्योतिषियों के अनुसार 8 मई 2024, बुधवार के दिन ही वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी.
वैशाख अमावस्या पर क्या करें
इस दिन स्नान-दान करने की परंपरा है. इतना ही नहीं इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण या कर्मकांड करने का भी महत्व होता है. वैशाख अमावस्या के दिन स्नान करते हुए जल में तिल प्रवाहित करने चाहिए, इससे साधकों के जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. वैशाख अमावस्या के दिन सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य देना भी बहुत शुभ माना जाता है और आप किसी गरीब या पंडित को दान पुण्य भी कर सकते हैं. कहते हैं कि वैशाख अमावस्या पर कुछ उपाय करने से काल सर्प दोष को भी दूर किया जा सकता है, इस दिन पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करके पूजा की जाती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अंडा सबसे आम और पसंदीदा ब्रेकफास्ट ऑप्शन्स में गिना जाता है, अंडे को अपने आहार में शामिल करना और उन्हें पूरा खाना एक सुपर हेल्दी ऑप्शन है. लेकिन बहुत से लोग अंडे को पूरा नहीं खाते. अंडे के पीले भाग से लोग परहेज करते हैं, क्योंकि उसमें फैट और कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है. पुराने समय में लोग कहते थे कि अंडे का पीला भाग शरीर में गर्मी पैदा करता है, इसलिए इससे परहेज करना चाहिए. लेकिन क्या ये सिर्फ कही-सुनी बातें हैं या सच में अंडा का पीला भाग खाने से नुकसान हो सकता है? आइए आपके इन सवालों के जवाब यहां जानते हैं.
जानिए क्या है अंडे की जर्दी खाने के फायदे |
अंडे की जर्दी में पाए जाने वाले पोषक तत्व
कई मेडिकल प्रैक्टिशनर मानते हैं कि अंडे की जर्दी में हार्ट-हेल्दी फैट और गुड कोलेस्ट्रॉल होता है, जो आपके लिए फायदेमंद है. अंडे की जर्दी में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होने के अलावा, इसमें हृदय के लिए हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट भी होती है, जिसमें ओमेगा-3 एसिड भी शामिल है. अंडे की जर्दी यानी एड योर्क में जैसे राइबोफ्लेविन (विकास और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक), विटामिन और विटामिन बी-12 होता है. इसके साथ ही इसमें आयरन भी होता है. ऐसे मे अगर आप अंडे में से पीले भाग को हटा देते हैं तो आप इन पोषक तत्वों को मिस कर देते हैं.
अंडे की जर्दी में होता है गुड कोलेस्ट्रॉल
हमारे शरीर को टेस्टोस्टेरोन बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है, जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है. एक अंडे में करीब 186 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है, जो अंडे की जर्दी में ही मिलता है.
हेल्दी फैट
कनेक्टिकट विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अंडे की जर्दी में मौजूद फैट वास्तव में शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो भी जर्दी को तब तक न फेंकें जब तक कि आपका न्यूट्रिशनिस्ट आपके लिए खास तौर से ऐसा करने को कहते हैं. जो लोग मसल्स गेन करना चाहते हैं और बॉडी बिल्डिंग करते हैं उन्हें पूरा अंडा खाना चाहिए.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / पिछले कुछ सालों में ग्लास स्किन और कोरियाई ब्यूटी ट्रेंड्स ने काफी लोकप्रियता हासिल की है. हर लड़की चाहती है कि उसकी त्वचा एकदम खिली-खिली रहे. उसके चेहरे पर किसी तरह के दाग न रहे और उसे एक ग्लोइंग ग्लास स्किन मिले. मगर बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और खानपान की गड़बड़ी के अक्सर हमारी त्वचा में दाग-धब्बे, झुर्रियां और एक्ने आदि हो जाते हैं. आप जब त्वचा की इन समस्याओं से राहत पाएंगे, तो अपने त्वचा में निखार दिखने लगता है.
आपके किचन में मौजूद ऐसी कई सामग्रियां हैं, जो आपको ग्लोइंग और ग्लास स्किन पाने में मदद कर सकती हैं-
हल्दी से पाएं दमकती त्वचा
भारतीय घरों में उपयोग की जाने वाली प्रमुख साम्रगी. हल्दी अपने सूजनरोधी और त्वचा को निखारने वाले गुणों के लिए प्रसिद्ध है. यह पिग्मेंटेशन को कम करने में मदद कर सकती है, त्वचा की रंगत को एक समान कर सकती है और त्वचा को प्राकृतिक चमक प्रदान कर सकती है.
तिल का तेल देगा ग्लोइंग स्किन
तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट्स और आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर होता है जो त्वचा को पोषण देता है. यह त्वचा की बनावट में सुधार करने, महीन रेखाओं को कम करने और स्किन हेल्श को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
चंदन से पाएं दमकती त्वचा
चंदन का उपयोग इसके शीतलन और शुद्धिकरण प्रभावों के कारण सदियों से आयुर्वेद में किया जाता रहा है. यह रोमछिद्रों को खोलने, सूजन को कम करने और त्वचा को स्वस्थ चमक प्रदान करने में मदद करता है.
गुलाब जल से निखारें चेहरे की रंगत
गुलाब जल एक प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट है जो त्वचा को टोन और कसने में मदद करता है. इसमें हाइड्रेटिंग गुण भी हैं, जो इसे संवेदनशील त्वचा के लिए आदर्श बनाता है.
एलोवेरा से दूर करें त्वचा की हर समस्या
अपने मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए जाना जाने वाला एलोवेरा त्वचा को हाइड्रेट करने और जलन को शांत करने के लिए अच्छा है. यह त्वचा की लोच बनाए रखने में मदद करता है और जवां निखार पाने में मदद करता है.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /आज के समय में कब्ज एक ऐसी समस्या बन गई है जिससे अमूमन लोग परेशान रहते हैं. इसकी वजह खराब लाइफस्टाइल और खानपान भी हो सकता है. लंबे समय से कब्ज से पीड़ित रहने से कई तरह की गंभीर बीमारियों के शिकार भी हो सकते हैं. बता दें कि कब्ज की वजह से ना सिर्फ आपका पूरा दिन खराब होता है बल्कि इसका असर आपके मूड पर भी पड़ता है. कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कई तरह की दवाइयां मिलती हैं लेकिन इसको दूर करना और जड़ से खत्म करने के लिए आप देसी नुस्खों की भी मदद ले सकते हैं. आपके घर में मौजूद कुछ चीजें आपको इस समस्या से निजात दिला सकती हैं. आज हम आपको एक ऐसा ही देसी नुस्खा बताएंगे जो कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है.
डाइट
कब्ज को दूर करने के लिए आप अपनी डाइट में फाइबर युक्त चीजों को शामिल कर सकते हैं. यह पेट को साफ रखने में मदद करती है. बात करें ईसबगोल की तो ये भी कब्ज से राहत दिलाने में फायदेमंद हो सकता है. ईसबगोल में घुलनशील फाइबर होता है जो पेट को साफ करने में फायदेमंद साबित होता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व आंतों में जमा गंदगी को भी बाहर निकालने में मदद करते हैं.
कैसे करें सेवन
कब्ज से राहत पाने और पेट को अच्छे से साफ करने के लिए आप रात को सोने से पहले इसका सेवन दूध या फिर दही के साथ कर सकते हैं. यह फाइबर से भरपूर होता है जो आपका पेट साफ करने में मदद कर सकता है.
शौर्यपथ / हर साल मई के दूसरे रविवार को मातृ दिवस यानी मदर्स डे मनाया जाता है. हर साल इस दिन की तारीख बदलती रहती है और इस साल यह दिन 12 मई के दिन पड़ रहा है. मदर्स डे ना सिर्फ मां को समर्पित है बल्कि उनके त्याग, बच्चों के लिए समर्पण और खुद से ज्यादा बच्चों के लिए प्रेम की सराहना भी करता है. इस दिन बच्चे मां को मदर्स डे की शुभकामनाएंतो देते ही हैं, साथ ही उनके लिए गिफ्ट्स भी लाते हैं. ये गिफ्ट्स मां को थैंक्यू कहने का एक जरिया होते हैं और जो मुस्कुराहट मां के चेहरे पर दिखती है वो अतुल्य होती है. आप भी अगर अपनी मां के लिए मदर्स डे के गिफ्ट्स ढूंढ रहे हैं और उन्हें कुछ खास देना चाहते हैं तो यहां से आइडिया ले सकते हैं. यहां दिए गिफ्ट्स यूनिक भी हैं और मां को स्पेशल फील करवाने का काम भी करेंगे.
मदर्स डे के गिफ्ट आइडियाज |
मेकअप आ जूलरी बॉक्स - मां की अक्सर ही आदत होती है कि वे पूरे परिवार की जरूरतों का तो ख्याल रखती हैं लेकिन खुद को भूल जाती हैं. इसी तरह मेकअप या जूलरी बॉक्स ऐसी ही एक चीज है जो मां खुद के लिए खरीदती कभी नजर नहीं आती. वे अक्सर ही टिन के डिब्बे या किसी आइसक्रीम के डिब्बे में अपना पर्सनल सामान रखने लगती हैं. ऐसे में उन्हें खूबसूरत सा स्टोरेज बॉक्स दिया जा सकता है.
सेल्फ केयर किट - बाजार में कई तरह की सेल्फ केयर किट्स मौजूद होती हैं. मां को पेडिक्योर किट, मेनीक्योर किट, फेशियल किट, स्किन केयर किट, हेयर केयर किट या फिर मसाज किट दी जा सकती है. आप अपने बजट के अनुसार कोई भी किट चुन सकते हैं.
हैंडमेड पेंटिंग - बच्चों की दी किसी भी चीज को मां संझोकर रखती हैं. इतनी तो उनके पास अपनी तस्वीरें नहीं होंगी जितनी वे बच्चों की अपने कमरे में सजाकर रखती हैं. ऐसे में आप मां की ही किसी तस्वीर को लेकर पेंटिंग बनवा सकते हैं. खुद को इस तरह कागज पर देखकर यकीनन मां की आंखें भर आएंगी.
कोई डिवाइस दे सकते हैं - मां को रिडियो, इयरप्लग्स, कोई गेम, कोई किचन टूल या किसी और तरह का डिवाइस दिया जा सकता है. आजकल बाजार में अलग-अलग तरह के टूल्स की भरमार है. आपको बस किसी दुकान या सुपरमार्केट में जाना है और मां की पसंद के अनुसार कुछ चुन लेना है.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ / खानपान में धनिया और पुदीना के पत्तों का अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है. गर्मियों में इन पत्तों की ताजा चटनी बनाकर खाई जाती है, चावल या सलाद में गार्निश करने के लिए डाला जाता है, कूलिंग ड्रिंक्स बनाई जाती हैं और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए इन पत्तों का इस्तेमाल होता है. लेकिन, दिक्कत तब आती है जब बाजार से लाने के अगले दिन से ही ये पत्ते सड़ने-गलने लगते हैं. अक्सर ही धनिया और पुदीना के पत्तेकाले या पीले पड़ना शुरू हो जाते हैं. इन सड़े हुए पत्तों को फिर सीधा कूड़ेदान के हवाले करना पड़ता है. ऐसे में अगर आप भी धनिया और पुदीना के पत्तों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखना चाहते हैं तो यहां बताए नुस्खे आजमा सकते हैं. इन ट्रिक्स और टिप्स से पुदीना और धनिया के पत्ते लंबे समय तक ताजा बने रहते हैं.
धनिया और पुदीना के पत्ते ताजा कैसे रखें |
जब भी धनिया और पुदीना के पत्ते घर लाए जाते हैं तो सही तरह से स्टोर करके रखना जरूरी होता है. इन पत्तों को स्टोर करने के लिए ताजे पत्तों की जड़ें काटकर अलग कर दें. अब एक कंटेनर लें और उसमें पानी और एक चम्मच हल्दी का पाउडर डालकर मिक्स करें. धनिया और पुदीना के पत्ते इस पानी में आधे घंटे डुबोकर रखें और उसके बाद अच्छी तरह धोकर पेपर टावल पर बिछाएं और सुखा लें. इसके बाद कंटेनर में पेपट टावल बिछाएं और उसपर इन पत्तों को बिछाएं, उसके ऊपर एक और टावल बिछाकर फिर से पत्तों को रखें. इस तरीके से धनिया और पुदीना के पत्ते अलग-अलग रखे जाएं तो 2 से 3 हफ्तों तक ताजा बने रह सकते हैं.
इन पत्तों को ताजा रखने के लिए एक और तरीका आजमाया जा सकता है. इसके लिए आपको एक गिलास की जरूरत होगी. कांच का गिलास लें और उसमें पानी भरें. अब धनिया और पुदीना के पत्ते लेकर उनकी जड़ें काट लें और इस गिलास में इन पत्तों का तना डुबोकर रखें. अब इस गिलास को जस का तस उठाकर फ्रिज में रख दें. पत्तों को खुला छोड़ने के बजाय उन्हें किसी प्लास्टिक के बैग जैसे जिप लॉक बैग (Zip lock bag) से ढक दें. इस तरह पुदीना और धनिया के पत्ते स्टोर किए जाएं तो लंबे समय तक ताजा बने रहते हैं.
धनिया और पुदीने के पत्ते ताजा रखने के लिए बहुत से लोग इन पत्तों को मलमल के कपड़े में या ब्राउन पेपर में लपेटकर रखते हैं. इससे पत्तों की ताजगी बनी रहती है.
जब आप धनिया या पुदीना के पत्ते खरीदकर लाते हैं तो इन पत्तों को साफ करना शुरू करें. जो भी खराब पत्ते हों उन्हें निकालकर अलग कर लें. अब इन साफ पत्तों को किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रख लें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अक्सर ही महिलाएं चेहरे पर केमिकल वाली चीजों का इस्तेमाल करती हैं. ब्लीच स्किन को निखारती है. लेकिन, केमिकल वाली ब्लीच के कई नुकसान भी हैं. अगर ध्यान ना दिया जाए तो केमिकल वाली ब्लीच स्किन को जला भी सकती है. वहीं, ब्लीच से आंखों में भी तकलीफ होने लगती है. बहुत से लोगों को ब्लीच से एलर्जी भी होती है. ऐसे में यहां जानिए घर की कौनसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल नेचुरल ब्लीच की तरह किया जा सकता है. ये चीजें स्किन को चांदी सा निखार देती हैं और इनसे त्वचा पर साइड इफेक्ट्स भी नजर नहीं आते हैं.
ब्लीचिंग गुणों से भरपूर चीजें
नींबू और शहद - चेहरे पर नींबू के रस और शहद को साथ मिलाकर लगाने पर त्वचा को प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण मिलते हैं. एक कटोरी में एक चम्मच दूध, एक चम्मच शहद और एक चम्मच ही नींबू का रस मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. चेहरे को पानी से धोकर इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाएं. इसे स्किन पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. चेहरे पर सोने सा निखार नजर आने लगता है.
आलू का रस - ब्लीचिंग गुणों वाले आलू को चेहरे पर लगाने से टैनिंग जैसी दिक्कतें भी दूर हो जाती हैं. एक आलू लेकर छीलें और फिर घिसकर निचोड़ लें, रस को कटोरी में निकाल लें. इस रस को जस का तस ही चेहरे पर लगाया जा सकता है. रूई की मदद से आलू के रस को चेहरे पर मलें और तकरीबन 20 मिनट रखने के बाद चेहरा धोकर साफ करें. आलू के रस से त्वचा को एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी के गुण मिलते हैं. इससे चेहरे पर जमी डेड स्किन सेल्स भी हट जाती हैं.
दही - चेहरे पर लगाने के लिए एक चम्मच दही लें और उसमें एक चम्मच ही शहद मिला लें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट लगाकर रखने के बाद हल्के हाथों से मलते हुए धो लें. स्किन को लैक्टिक एसिड के गुण और विटामिन बी मिलता है जो त्वचा को निखारने में कारगर हैं. दही के इस्तेमाल से चेहरे पर नजर आने वाले दाग-धब्बे भी हल्के होने लगते हैं.
चावल का आटा - घर में ही ब्लीच करना चाहती हैं तो इस नुस्खे को जरूर आजमाकर देख लें. यह नुस्खा बिल्कुल ब्लीच की तरह ही असर दिखाता है. एक कटोरी में 2 से 3 चम्मच चावल का आटा डालें और इसमें जरूरत के अनुसार दूध डालकर पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और आधे घंटे बाद चेहरा धोकर साफ करें. त्वचा पर बेदाग निखार दिखता है और ऐसा लगता है जैसे चेहरे पर ब्लीच ही लगाई हो.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / स्किन केयर का एक बेहद जरूरी स्टेप है सनस्क्रीन. मौसम चाहे कोई भी और आप घर के अंदर हों या बाहर, चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी होता है. सनस्क्रीन त्वचा पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाती है जिससे चेहरा धूप से बचा रहता है और स्किन डैमेज का खतरा कम होता है. वहीं, सनस्क्रीन लगाने से सन टैनिंग नहीं होती है. लेकिन, सनस्क्रीन सही तरह से ना लगाई जाए और दिन में सिर्फ एक बार ही लगाई जाए तो इससे त्वचा दिन के समय कभी भी धूप से झुलस सकती है. वहीं, सनस्क्रीन का इस्तेमाल ना करने वालों में एजिंग की प्रक्रिया तेज देखी जाती है और त्वचा पर झाइयां तक नजर आने लगती हैं. ऐसे में सनस्क्रीन को कब लगाना चाहिए, दिन में कितनी बार लगाना चाहिए और इसे दोबारा कितने समय के अंतराल पर लगाना चाहिए, जानिए यहां.
सनस्क्रीन कितनी बार लगानी चाहिए
त्वचा के लिए SPF 30 वाली सनस्क्रीन बेस्ट होती है. इस सनस्क्रीन या सनब्लॉकको लगाने के लिए हाथों पर अच्छीखासी मात्रा में लें और फिर पूरे चेहरे पर मल लें. आमतौर पर दो उंगलियों के बराबर सनस्क्रीन ली जाती है. गर्मियों में वॉटर रेसिस्टेंस वाली सनस्क्रीन ही चुनें और सनस्क्रीन आपके स्किन टाइप के अनुसार ही हो इस बात का खास ख्याल रखें.
अब बात आती है कि सनस्क्रीन चेहरे पर कितनी बार लगानी चाहिए या किस तरह लगानी चाहिए. सनस्क्रीन को मेकअप का हिस्सा ना मानें बल्कि यह स्किन केयर का हिस्सा है इसीलिए इसे मेकअप से पहले चेहरे पर लगाया जाता है. चेहरा धोने के बाद जब आप मॉइश्चराइजर लगाते हैं तो उसके बाद सनस्क्रीन को लगाएं. इसके बाद चेहरे पर मेकअप करें. इस बात का खास ध्यान रखें कि आप सिर्फ चेहरे पर ही सनस्क्रीन ना लगाएं बल्कि अपने गले, गर्दन और कानों पर ही सनस्क्रीन मलें.
हर 2 घंटे में सनस्क्रीन लगाने के लिए कहा जाता है, खासकर तब जब आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं. सन एक्सरोजर से स्किन को बचाए रखने के लिए हर 2 घंटों के अंतराल पर सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, कई बार ऑफिस या बाहर कहीं सनस्क्रीन लगाने में दिक्कत हो सकती है और क्रीम से मेकअप खराब होने की संभावना रहती है. ऐसे में सनस्क्रीन स्टिक या लूज पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है जो मेकअप को सेट करता है और साथ ही सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा को प्रोटेक्शन देता है सो अलग.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / सफेद रंग एक ऐसा रंग है जिसे पहनने के बाद इंसान डीसेंट दिखने लगता है. सफेद रंग के कपड़े हर किसी को पहनना पसंद होता है लेकिन अधिक देखभाल के कारण बहुत कम लोग ही सफेद रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं क्योंकि सफेद कपड़े बहुत जल्दी गंदे हो जाते हैं. खास कर शर्ट, टी शर्ट और मोजे. अगर आप भी सफेद कपड़े पहनने के शौकीन हैं और हमेशा इन्हें चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ टिप्स और ट्रिक्स हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं. जो आपके बहुत काम के हो सकते हैं. किचन में रखे इन इंग्रीडिएंट्स से आप अपने सफेद कपड़ों की सफेदी बढ़ा सकते हैं.
किचन में रखी इन चीजों से चमकाएं अपने कपड़े
किस तरह धोएं सफेद कपड़े?
सफेद कपड़ों की सफेदी लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए अब तक काफी मशक्कत करनी पड़ती होगी. लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान आपके सफेद कपड़ों को सफेद बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. ये तीन चीजों का एक पॉवरफुल मिश्रण है जो आपके कपड़ों को पहले से ज्यादा सफेद रखने में सहायक होगा.
पहला स्टेप : सबसे पहले कोई भी सफेद कपड़ा लें और उसे पूरी तरह से गर्म पानी के एक बर्तन में डुबा दीजिए. उसके बाद एक-चौथाई कप हाइड्रोजन पेरोक्साइड, एक कप बेकिंग सोडा और एक चम्मच डिश सोप मिलाएं. इस पावरफुल मिश्रण से आप सफेद कपड़ों के जिद्दी से जिद्दी दाग हटा सकते हैं और अपने सफ़ेद कपड़ों को चमकदार बना सकते हैं.
दूसरा स्टेप : दूसरे स्टेप में आप सफेद कपड़े पर लगे दाग के आधार पर, डिश सोप की मात्रा को बढ़ा और घटा सकते हैं. अगर आपके कपड़े पर बड़ा दाग है तो अधिक डिश सोप लें और छोटा है तो कम में भी काम हो सकता है. इस दाग पर ये मिश्रण डाल दें.
तीसरा स्टेप : इसके बाद इसे हमेशा की तरह वॉशिंग मशीन में धोने से पहले कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए भीगने के लिए छोड़ दें. उसके बाद अपने सफेद कपड़े को धोएं इसके परिणाम आपको चौंका देगा.
खाना खजाना /शौर्यपथ / सिंपल फूड से कम्फर्टिंग कुछ और कुछ हो ही नहीं सकता है. हम सभी कितना भी बाहर का खा लें. लेकिन जब बात घर के खाने की होती है तो उसकी तुलना किसी भी फूड से नहीं की जा सकती है. सफेद सादे चावल के साथ कढ़ी का एक बाउल पहला कम्फर्ट फूड है जिसके बारे में हम सोच सकते हैं. यह जल्दी, सरल है और हमें खुश करने वाला है. दही बेस्ड रेसिपी रिजनल रेसिपी में कई अंतर हैं. आपको कढ़ी बनाने के विधि में राज्य और क्षेत्र में अंतर दिखाई दे जाएगा. सिंधियों के पास इसे बनाने का अपना यूनिक तरीका है. (सिंधी कढ़ी), पंजाबी में स्वादिष्ट, कुरकुरे पकौड़े शामिल हैं. यहां, हम आपको पंजाबी कढ़ी पकौड़ा की स्वादिष्ट और आसान रेसिपी बता रहे हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के रेसिपी पर चलते हैं.
कैसे बनाएं पंजाबी कढ़ी पकौड़ा रेसिपी-
कढ़ी पकौड़ा बनाने के लिए आपको सबसे पहले बेसन, बेकिंग सोडा, दही, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, कटी हुई हरी मिर्च, अजवाइन, बारीक कटी मेथी और धनिया पत्ती, मोटे तौर पर कटी हुई प्याज, नमक, स्वाद के लिए अदरक का पेस्ट चाहिए और पानी, आवश्यकतानुसार. अब, सब कुछ का एक स्मूद बैटर बनाएं.
पकौड़े को गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करें, फिर एक तरफ रख दें.
कढ़ी के लिए, बेसन और दही को एक मिक्सिंग बाउल में लें और तब तक फेंटें जब तक यह स्मूद न हो जाए. सुनिश्चित करें, कोई गांठ नहीं बने.
अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह से फेंट लें.
आवश्यकतानुसार पानी डालें और अच्छी तरह से फेंटें, जिससे एक पतला और चिकना बैटर तैयार हो.
एक कढाई में घी डालें, उसमें हिंग, मेथी के बीज, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, धनिया के बीज डालें और उन्हें फेंटे.
कटा हुआ मीडियम आकार का प्याज, अदरक का पेस्ट डालें और प्याज को गोल्डन होने तक फ्राई करें.
कढ़ी में मिक्सचर डालें और धीमी आंच पर कम से कम 5 मिनट तक उबलने दें.
कढ़ी में पकौड़े डालें और 5 मिनट के लिए और उबालें.
लास्ट में, कढ़ी पर कुछ लाल मिर्च पाउडर डालें और जीरा और लाल मिर्च का तड़का डालें और सर्व करें.
कढ़ी बनकर तैयार है आप इसे चावल या रोटा के साथ इंजॉय कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शहतूत गर्मियों के मौसम का खास फल है, इसे अंग्रेजी में 'Mulberries' भी कहा जाता है. इनमें विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. यदि आपने पहले कभी रेसिपीज में इन मीठे और रसीले बेरीज का उपयोग नहीं किया है, तो इस गर्मी में हमारे द्वारा बताई गईं शहतूत रेसिपीज को ट्राई कर सकते हैं. ब्रेकफास्ट से लेकर स्वीट तक, शहतूत का उपयोग कई प्रकार के व्यंजनों में किया जा सकता है, जिससे आपके व्यंजनों में फल का फ्लेवर एड हो जाता है. क्या आप यह जानने के लिए एक्साइटेड हैं? तो बिना किसी देरी के किचन में जाएं और इन शहतूत रेसिपीज को ट्राई करें.
यहां 5 शहतूत रेसिपीज हैं जिन्हें आप ट्राई कर सकते हैं-
1. शहतूत स्मूथी बाउल-
यदि आपको बैंगनी रंग पसंद है, तो आपको यह शहतूत स्मूदी बाउल रेसिपी पसंद आएगी. एक ब्लेंडर जार लें और उसमें फ्रोजन शहतूत, फ्रोजन केले, कुछ प्रोटीन पाउडर, ओट्स, शहद और थोड़ा सा दूध डालें. एक गाढ़ी स्मूथी में ब्लेंड करें और इसे स्मूथी बाउल में डालें. शहतूत और केले से गार्निश कर इंजॉय करें.
2. शहतूत लाइम कूलर-
अगर आप पूरी गर्मियों में नींबू पानी पीने से ऊब गए हैं, तो इसमें शहतूत के साथ फ्रूटी पंच मिलाएं. बस शहतूत को एक ब्लेंडर में पिंक सॉल्ट और कुछ मेपल सिरप के साथ मिलाएं. लिक्विड को छान लें. पानी, नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां और बर्फ डालें.
3. शहतूत और सेब की चटनी-
यहां एक मीठी और मसालेदार चटनी रेसिपी है, जो फलों का उपयोग करके तैयार की गई है. इस चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में जैतून का तेल गर्म करें और उसमें प्याज को हल्का गोल्डन होने तक भून लें. सेब और कारमेलाइज़ सेब को हल्का ब्राउन करें. शहतूत, शहद, सेब साइडर सिरका, कसा हुआ अदरक, नमक और कुछ चिली फ्लेक्स सेब के सॉफ्ट होने तक पकाएं. इसे ठंडा होने दें और एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रखें. रेफ्रिजरेट करें और अपने मील के साथ इंजॉट करें.
4. शहतूत तुलसी मार्गरीटा-
यह समर कॉकटेल को और अधिक फ्रेश बनाता है. जबकि बहुत से लोग गर्मियों के कॉकटेल में आम का उपयोग करते हैं और शहतूत अभी भी उतना पॉपुलर नहीं है. खैर, हम आपको बता दें कि कॉकटेल में इन बेरीज का फ्लेवर लाजवाब होता है. शहतूत, चीनी और तुलसी को मडलर की सहायता से मसल लें. फिर नींबू का रस, टकीला और क्लब सोडा मिलाएं. बर्फ के टुकड़े डालें और सर्व करें!
5. शहतूत पाई-
एप्पल पाई को भूल जाइए, गर्मियों का मौसम मीठे शहतूत पाई का आनंद लेने का है. एक मिक्सिंग बाउल में चीनी, आटा, बेकिंग पाउडर और नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं. दूध और मेल्ट हुआ बटर डालें और स्मूद होने तक फेंटें. बैटर को चिकने फ़्लान टिन में डालें. बैटर के ऊपर शहतूत को धीरे से डालें, उन्हें साइड से दूर रखें. ऊपर से चीनी छिड़कें. पाई को पहले से गरम ओवन में रखें और गोल्डन होने तक लगभग 25 मिनट तक बेक करें.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
