August 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के रजत जयंती पदक का किया अनावरण

    मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर की थी राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा

    25 वर्षों के छत्तीसगढ़ पुलिस बल के कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस को मिला सम्मान

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस बल को समर्पित रजत जयंती पदक का विमोचन किया। उन्होंने पुलिस बल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदक प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी, जिस पर त्वरित अमल करते हुए आज इस पदक का विमोचन किया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके समर्पण को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपरा की पहचान को आत्मसात करता है। पदक गोल आकार का एवं चांदी के रंग का होगा, जिसके अग्र भाग में साल वृक्ष तथा पीछे के भाग में पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित रहेगा और इसे रिबन के साथ धारण किया जाएगा। वर्दी के बाईं ओर जेब के ऊपर यह पदक अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीरता पदक, राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक के पश्चात वरीयता क्रम में लगाया जाएगा।
    पदक में अंकित पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और पुलिस बल की टीम भावना का प्रतीक है, जबकि साल वृक्ष मजबूती, दृढ़ता, दीर्घायु, संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन तथा मौन रहकर भी प्रभावशाली योगदान का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की भांति यह पदक भी पुलिस बल के समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा और छत्तीसगढ़ पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनेगा।
    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, पुलिस महानिर्देशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर /महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

    डीके कॉलेज बलौदाबाजार में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन

    रायपुर /

    दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार में आयोजित 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का मंगलवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
    राज्य स्तरीय इस शिविर में प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों के कुल 270 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। सात दिनों तक चले शिविर के दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा होती है और यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे शिविर युवाओं को अनुशासन, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं, जो जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
    उन्होंने संगत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति के व्यक्तित्व को सकारात्मक रूप से गढ़ती है, इसलिए युवाओं को सदैव अच्छे विचारों और मूल्यों से जुड़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का स्मरण कराते हुए उन्होंने युवाओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई पहल कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को यहीं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं संस्थान उपलब्ध हो सकें।
    समापन समारोह में पूर्व विधायक श्री प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष श्री विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जितेन्द्र महले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।

     

    ⚡ 48 घंटे में पैसा खातों में, प्रतिदिन 3 लाख मीट्रिक टन की खरीदी

    रायपुर ।
    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक 23.48 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचकर इस व्यवस्था का सीधा लाभ उठाया है। सरकार की पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली के चलते किसानों में उत्साह का माहौल है और खरीदी केंद्रों पर व्यापक सहभागिता देखने को मिल रही है।

    धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को ₹29,597 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इतनी बड़ी राशि का सुचारू और त्वरित हस्तांतरण राज्य की मजबूत वित्तीय प्रबंधन क्षमता और किसान हितैषी नीतियों का प्रमाण है।

    इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर धनराशि मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। त्वरित भुगतान के कारण किसान आगामी कृषि कार्यों की योजना भी आसानी से बना पा रहे हैं।

    आगामी तीन दिनों में लगभग 1.5 लाख और किसानों के धान विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुँचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले ही सुनिश्चित कर ली हैं। तौल, परिवहन, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

    इसी अवधि में 70,000 से अधिक नए टोकन जारी किए जाने की संभावना है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 22,000 टोकन जारी किए जा रहे हैं। टोकन व्यवस्था ने भीड़ नियंत्रण, समय की बचत और व्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है।

    राज्य में प्रतिदिन औसतन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है, जो इस अभियान की व्यापकता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। इतनी बड़ी मात्रा में खरीदी के बावजूद गुणवत्ता परीक्षण, तौल और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो।

    कुल मिलाकर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी किसान-केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। समयबद्ध टोकन, तेज़ खरीदी और 48 घंटे के भीतर भुगतान ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और यह अभियान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित हो रहा है।

     

    ? फर्जी अनुज्ञा पत्र और कूट रचना पर संचालक के खिलाफ FIR

    रायपुर, ।
    कृषि उपज मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए ई-मंडी प्रणाली में हुए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स के विरुद्ध गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने फर्म को सीलबंद कर दिया है तथा संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

    अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने 11 जनवरी 2026 को फर्म का स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। जांच प्रतिवेदन 14 जनवरी 2026 को प्रस्तुत किया गया, जिसमें ई-मंडी/एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों, स्टॉक पंजी (बी-1) तथा बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेखों का सूक्ष्म मिलान किया गया।

    जांच के दौरान यह सामने आया कि फर्म द्वारा ई-मंडी पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों की तुलना में स्टॉक पंजी में धान की जावक मात्रा अधिक दर्शाई गई। कई मामलों में पीडीएफ दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर धान की मात्रा बढ़ाई गई, बिना वैध ई-मंडी अनुज्ञा पत्र के धान का परिवहन किया गया तथा चेक पोस्ट पर संशोधित व भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।

    जांच दल के अनुसार कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना कर लगभग 5,656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया। इस फर्जीवाड़े से छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के अंतर्गत मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क एवं निराश्रित शुल्क सहित लगभग ₹2.48 लाख के कर अपवंचन की संभावना पाई गई है।

    इन गंभीर तथ्यों के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगरी के निर्देशानुसार शिवम ट्रेडर्स को मौके पर ही सीलबंद कर दिया गया। साथ ही फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध कूट रचना कर फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार करने एवं अवैध परिवहन के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 339 एवं 340 के तहत थाना बोराई में FIR दर्ज की गई है।

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता, किसानों के हितों की रक्षा तथा शासकीय राजस्व का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर अपवंचन, दस्तावेजों में छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा मंडी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च

    मुख्यमंत्री ने की फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा

    रायपुर  / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    इस अवसर पर श्री अजीत महापात्र, श्री शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक श्री विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह, श्री सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    रायपुर, ।
    देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 07 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर प्रवास पर रहेंगी। वे बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

    राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को लेकर आज मंत्रालय, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्तर पंडुम के संभागीय कार्यक्रम के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

    मुख्य सचिव श्री विकास शील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति महोदया के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधा, यातायात प्रबंधन, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल की तैयारियां, स्वच्छता, बिजली-पानी तथा आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर कलेक्टर से जगदलपुर में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही रायपुर कलेक्टर को भी राष्ट्रपति दौरे से संबंधित समन्वय एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देशित किया गया।

    बैठक में जनसंपर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम बस्तर संभाग की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष गरिमा प्राप्त होगी।

    रायपुर /भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में संपन्न हुई ‘Mother of All Deals’ यानी IndiaEUTradeDeal भारत को एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर नए शिखर तक पहुँचाने वाली सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह युगांतरकारी डील भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का विश्वसनीय, सशक्त और प्रभावशाली केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह समझौता भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा तथा देश को वैश्विक व्यापार की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता केवल व्यापारिक करार भर नहीं है, बल्कि यह भारत के करोड़ों युवाओं के सपनों को पंख देने वाला अवसर है। इससे रोजगार, निवेश, तकनीक और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को नई दिशा और गति मिलेगी।

    उन्होंने आगे कहा कि #IndiaEUTradeDeal देश की आर्थिक आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक सुदृढ़ आधार बनेगा। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए भारत को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की ओर अग्रसर करेगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह भारत की सामूहिक शक्ति, नीति-निर्माण क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

    देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

    नई दिल्ली /77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

    झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

    झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

    झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
    पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

    मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में फहराया तिरंगा

     बिलासपुर / लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

    मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

    समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

    विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

    मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

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