August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      रायपुर/ शौर्यपथ / Óमहासमुंद जिले के सेनभाठा, बागबाहरा में धान का टोकन ना मिलने की वजह से एक किसान मनोबोध गाढ़ा के आत्महत्या के प्रयास को सरकार की प्रताडऩा करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी बाधित है, भाजपा सरकार की मंशा किसानों से उनके रकबा के आधार पर तय 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करने की नहीं है, पिछले 3 दिनों से किसान मनोबोध टोकन के लिए चक्कर लगा रहा था आज हताश और निराशा होकर किसान ने अपना गला ही काट लिया, सरकार के फर्जी दावों की हकीकत सामने हैं। पूरे प्रदेश में लगभग यही स्थिति है, किसानों को रकबा के अनुपात में जीतने धान का टोकन काटा गया है उतनी खरीदी भी नहीं की जा रही है। सरकार और प्रशासन की अक्षमता से किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हैं, बागबाहरा के किसान मनोबोध गाढ़ा की हालत नाज़ुक है। सरकार उसके इलाज का समुचित प्रबंध कराए।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि किसान विरोधी भाजपा सरकार ने अपने ही पूर्व निर्धारित लक्ष्य से कम धान खरीदने का षड्यंत्र करके एनआईसी के द्वारा लक्ष्य घटाकर सोसाइटियों को किसानों से कम खरीदी के लिए बाध्य किया जा रहा है। जिन किसानों का टोकन 10 दिन पहले कट गया है उनसे भी खरीदी नहीं की जा रही है, तौलाई के लिए घुमाया जा रहा है। टोकन के लिए किस भटक रहे हैं, भाजपा सरकार की मंशा धान खरीदी करने की नहीं है, किसान समिति के चक्कर लगा लगाकर हताश हो चुके हैं, बागबाहरा की घटना इस सरकार के किसान हत्यारी सरकार होने का प्रमाण है।

      कवर्धा / शौर्यपथ / कवर्धा शहर के विकास को नई दिशा देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले गौरव पथ का विधिवत भूमिपूजन किया। यह बहुप्रतिक्षित मार्ग राजनांदगांव बायपास (पिलारी नहर) से नवीन बाजार तक तैयार किया जाएगा, जिससे शहर की यातायात सुविधा, व्यापारिक गतिविधियां और शहरी सौंदर्य में उल्लेखनीय सुधार होगा।
    भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद संतोष पाण्डेय, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव पथ केवल सड़क नहीं बल्कि कवर्धा के भविष्य को गति देने वाला विकास मार्ग है। उन्होंने बताया कि शहर में दो आधुनिक चौपाटियों का निर्माण, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, मेडिकल कॉलेज के लिए 300 करोड़ से अधिक की स्वीकृति, सड़क उन्नयन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
    सांसद संतोष पाण्डेय ने इसे कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि नई सरकार के संयुक्त प्रयासों से शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू हुए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन 11 दिसंबर को किया जाएगा, जो स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
    करीब 2 किलोमीटर लंबा गौरव पथ रामनगर, शिवाजी कॉलोनी, शांतिदीप कॉलोनी और नवीन बाजार के हजारों नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और शहर को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल

    raipur / shouryapath / सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
    इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री साय

     RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा ने आज भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है।

    अपर मुख्य सचिव श्री राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।

    प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा, अधीक्षण यंत्री श्री विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री श्री शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।

       durg / shouryapath / कीटनाशक प्रबंधन की सुरक्षित प्रणाली को बढ़ावा देने अग्रणी राष्ट्रव्यापी संगठन पेस्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन पुणे (पीएमए) ने जाने-माने कीटनाशक प्रबंधक प्रोफेशनल मोहम्मद मजहर नदीम को छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय प्रमुख के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इंडस्ट्री में उनके लम्बे अनुभव, उत्कृष्ट कार्य और निरंतर समर्पण को ध्यान में रखते हुए की गई है।
    नवनियुक्त रीजन चीफ़ मोहम्मद मजहर नदीम ने इस अवसर पर कहा-यह मेरे लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी और मुझ पर जताया गया विश्वास है। उन्होंने इस नियुक्ति के लिए पीएमए के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार जताया है।
    उन्होंने आगे कहा कि वे छत्तीसगढ़ में पेस्ट कंट्रोल क्षेत्र से जुड़े सभी सेवा प्रदाता, तकनीशियन और उपभोक्ताओं के लिए नए स्तर पर सहयोग, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे। पीएमए के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि नई जिम्मेदारी के साथ मोहम्मद मजहर नदीम छत्तीसगढ़ रीजन में संगठनात्मक मजबूती, सेवा गुणवत्ता और इंडस्ट्री विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरूण साव आज अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर राजनांदगांव में आयोजित अस्मिता हॉकी लीग प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विजेता टीम को पुरस्कार वितरण किया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि अस्मिता हॉकी लीग के प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के यादगार पल में आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हॉकी देश के महत्वपूर्ण खेल विधाओं में शामिल है और हॉकी खेल में देश की बेटियां बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है। शासन द्वारा खेल के क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष आयोजन किए जा रहे है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। खेल मंत्रालय सभी राज्यों के साथ मिलकर वर्ष 2047 तक खेलों के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने एवं खेल और खिलाडिय़ों के विकास करने के लिए योजना बनाकर कार्य कर ही है। उन्होंने प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
    उन्होंने प्रशिक्षकों द्वारा बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, कोमल सिंह राजपूत, सचिन बघेल, श्रीमती गीता साहू, सौरभ कोठारी, रमेश पटेल, राजेंद्र गोलछा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हॉकी संघ फिरोज अंसारी, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी, खिलाड़ी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण हेतु किया अंशदान
    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।
    मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।

    40.44 करोड़ की मंजूरी, 8762 हे. भूमि होगी सिंचित
    जगमड़वा और बरोदा खुर्द जलाशय के कार्यों को मिली रफ्तार, सूतियापाट नहर का विस्तारीकरण जोरों पर
    नई परियोजनाओं के लिए बन रही कार्ययोजना,जलाशयों और बैराजों का होगा विस्तार

    रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के कृषक हितैषी पहल और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से बीते दो वर्षों में कवर्धा विधानसभा में सिंचाई सुविधा में तेजी से विस्तार हुआ है। उनके प्रयासों से इन दो सालों में 11 कार्यों के लिए 40.44 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। विभिन्न प्रगतिशील सिंचाई परियोजनाओं के पूरे होने से 8762 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सिंचाई के लिहाज से महत्वपूर्ण कई परियोजनाओं के कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। ताकि किसानों तक इन सुविधाओं का लाभ पहुंच सके। गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता विस्तार को देखें तो अलग अलग प्रोजेक्ट्स से 2834 हेक्टेयर क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है।
    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लगातार कवर्धा में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रयास किए। उन्होंने सूखेग्रस्त क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर किसानों से संवाद भी किया है। साथ ही लगातार बैठकों में भू-अर्जन और वन स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण प्रकरणों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं से जिले में सिंचाई क्षमता में व्यापक वृद्धि होगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का लक्ष्य है कि कवर्धा जिला सिंचाई सुविधाओं के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो।
    40.44 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति
    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से दिनांक 1 दिसंबर 2025 तक जिले में सिंचाई विस्तार के 11 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 40.44 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे 1977 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।
    प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मिली गति
    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों से कवर्धा के प्रमुख महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, इनसे संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों, वन प्रकरणों की स्वीकृति आदि को गति प्रदान की जा रही है। जिनमें बरोदा खुर्द जलाशय, जगमडवा जलाशय, घटोला परियोजना और सुतियापाट नहर विस्तारीकरण योजना शामिल है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुतियापाट नहर विस्तारीकरण कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसे तेजी से प्रारंभ करवाया। किसानों की मांग के अनुरूप नहरों का समावेश योजना में किया गया है। इन प्रगतिशील परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जिले में कुल 8,762 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
    नई परियोजनाओं के लिए निर्देश, जलाशयों और बैराजों का होगा विस्तार
    कबीरधाम जिले में अनेक नाले और नदियां प्रवाहित होती हैं, जिनमें अब तक कई जलधाराओं पर योजनाएं विकसित नहीं हुई थीं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन्हें बजट में शामिल करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिनमें करीयामा जलाशय (सकरी नदी), नीर जलाशय, बोडला, कर्रनाला बैराज से फीडर नहर, टाटावाही जलाशय निर्माण, मिन्मिनिया जलाशय (छिपिआमा पालक नाला), मुडघुसरी जलाशय से संबंधित कार्य सम्मिलित है।

      कवर्धा / शौर्यपथ / कवर्धा शहर के विकास को नई दिशा देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले गौरव पथ का विधिवत भूमिपूजन किया। यह बहुप्रतिक्षित मार्ग राजनांदगांव बायपास (पिलारी नहर) से नवीन बाजार तक तैयार किया जाएगा, जिससे शहर की यातायात सुविधा, व्यापारिक गतिविधियां और शहरी सौंदर्य में उल्लेखनीय सुधार होगा।
    भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद संतोष पाण्डेय, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव पथ केवल सड़क नहीं बल्कि कवर्धा के भविष्य को गति देने वाला विकास मार्ग है। उन्होंने बताया कि शहर में दो आधुनिक चौपाटियों का निर्माण, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, मेडिकल कॉलेज के लिए 300 करोड़ से अधिक की स्वीकृति, सड़क उन्नयन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
    सांसद संतोष पाण्डेय ने इसे कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि नई सरकार के संयुक्त प्रयासों से शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू हुए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन 11 दिसंबर को किया जाएगा, जो स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
    करीब 2 किलोमीटर लंबा गौरव पथ रामनगर, शिवाजी कॉलोनी, शांतिदीप कॉलोनी और नवीन बाजार के हजारों नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और शहर को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगा।

       नई दिल्ली / शौर्यपथ  / देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से जूझ रही है, जहां पिछले चार-पांच दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और लाखों यात्री परेशान हैं।
    सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ओपन लेटर में पायलटों ने सीईओ पीटर एल्बर्स सहित शीर्ष प्रबंधन पर वर्षों की बदइंतजामी, कर्मचारियों की थकान नजरअंदाज करना और टॉक्सिक वर्क कल्चर फैलाने का आरोप लगाया है।
    पत्र का दावा है कि 2006 में स्थापित इंडिगो की प्रारंभिक सफलता लालच और अहंकार में बदल गई, जिससे कंपनी डूबने की कगार पर पहुंच गई।
    पायलटों के आरोप: थकान, डर और अपमान की संस्कृतिअनाम लेखक ने खुद को लंबे समय से इंडिगो का गवाह बताया और कहा कि पायलटों की नाइट ड्यूटी बिना अतिरिक्त वेतन के बढ़ा दी गई, जबकि थकान की शिकायत पर उन्हें धमकाया-डराया गया।
    पत्र में प्रबंधन द्वारा अपमानजनक टिप्पणियां जैसे "भिखारी विकल्प नहीं चुन सकते" का जिक्र है, जो टॉक्सिक माहौल को उजागर करता है।इसके अलावा, योग्यता की अनदेखी कर अनाड़ी लोगों को बड़े पद दिए जाने से संकट गहराया।
    जिम्मेदार नामों की सूची: आठ शीर्ष अधिकारियों पर इल्जामकथित पत्र ने संकट के लिए आठ अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार ठहराया:
    पीटर एल्बर्स (सीईओ): संकट के दौरान नीदरलैंड में छुट्टी पर।
    जेसन हर्टर, अदिति कुमारी, तपस डे, राहुल पाटिल।
    इसिडोर पोरक्वेरास (सीओओ), असीम मित्रा (एसवीपी फ्लाइट ऑपरेशंस), अक्षय मोहन।
    ये निर्णयों ने मिलकर उड़ानों को प्रभावित किया, जहां 2 दिसंबर से 850 से अधिक उड़ानें प्रतिदिन रद्द हुईं।
    डीजीसीए का नोटिस और सरकारी हस्तक्षेप
    डीजीसीए ने सीईओ एल्बर्स को शो-कॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा, जिसमें योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में चूक का उल्लेख है। सरकार ने किरायों पर सीमा लगाई और रिफंड तुरंत शुरू करने का आदेश दिया, जबकि इंडिगो ने एफडीटीएल नियमों का हवाला देकर रोस्टर सुधार का भरोसा दिया।
    विपक्ष ने 65% बाजार हिस्सेदारी वाली इंडिगो की मोनोपोली को जेट, किंगफिशर और गो फर्स्ट के बंद होने से जोड़कर सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए।
    मोनोपोली का सबक: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा?इंडिगो की 62-65% हिस्सेदारी ने पूरे हवाई यातायात को बंधक बना लिया, जहां अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया समूह (27%) के किराए चढ़ गए। जेट एयरवेज (2019), किंगफिशर (2012) और गो फर्स्ट (2023) के पतन से निजीकरण के दुष्परिणाम सामने आ चुके हैं।यह संकट अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल कर रहा है और सरकार को एकाधिकार रोकने पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रहा है।

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