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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। जगदलपुर के राजमहल परिसर के मीना बाजार में चल रहे मौत के कुएँ की जांच अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन गई है। हमारी पूर्व प्रकाशित खबर के बाद RTO विभाग की उड़नदस्ता टीम ने भौतिक निरीक्षण तो किया, लेकिन जांच का हाल ऐसा रहा मानो सुरक्षा नहीं, औपचारिकता की जांच की गई हो।
टीम ने रिपोर्ट में बताया कि “सभी दस्तावेज वैध पाए गए”, पर सवाल यह है कि जिन पुरानी गाड़ियों से यह जोखिम भरा खेल चल रहा है, क्या वे तकनीकी रूप से चलने योग्य हैं? क्या किसी विशेषज्ञ ने वाहनों की फिटनेस, ब्रेकिंग सिस्टम या सुरक्षा संरचना की जांच की? रिपोर्ट में इसका कोई ज़िक्र नहीं — क्योंकि यहाँ मामला किसी आम नागरिक का नहीं, मेला प्रबंधन और रसूखदारों का है।
दोहरी नीति पर सवाल:
हैरानी की बात यह है कि सड़क पर अगर कोई गरीब मजदूर या आम व्यक्ति अपनी पुरानी मोटरसाइकिल या बिना कागज़ की गाड़ी लेकर निकल जाए, तो यही विभाग पूरा कानून सिर पर उठाकर चलानी काट देता है। उसे रोकने, डराने और वसूली करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। लेकिन जब वही कानून मौत के कुएँ के अंदर टूटता है, तब सबकी आँखें मूँद ली जाती हैं — क्योंकि वहाँ बड़े लोगों का परिचय और रसूख काम आता है। यही विभाग जो सड़क पर आम जनता से नियम पालन की दुहाई देता है, अब खामोश है जब नियमों की धज्जियाँ उनके सामने उड़ाई जा रही हैं। क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए बना है? क्या विभाग की सख्ती सिर्फ उन पर दिखती है जिनका कोई सियासी या अफसरशाही परिचय नहीं होता?
स्थानीय नागरिकों की नाराज़गी:
नागरिकों ने कहा कि अगर यही लापरवाही किसी आम व्यक्ति के मामले में हुई होती तो RTO का पूरा अमला उसके पीछे पड़ गया होता। पर यहाँ विभाग ने न फिटनेस जाँची, न सुरक्षा का ब्यौरा लिया — बस फाइलें पलट कर “सब वैध है” का ठप्पा लगा दिया।
निष्कर्ष:
जिले में नियमों की परिभाषा अब चेहरों से तय होने लगी है। मौत के कुएँ में जहाँ जनता की जान दांव पर है, वहाँ प्रशासन कागज़ों में फिटनेस और रसूख में इंसाफ ढूँढ रहा है।
सवाल अब जनता पूछ रही है —
क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए है और सुरक्षा सिर्फ रसूख वालों की सुविधा के लिए? क्यूंकि RTO उड़नदस्ता की यह जांच साबित करती है कि विभागीय कार्यवाई अब भी कागज़ों में ही सक्रिय है। मौत का कुआँ आज भी घूम रहा है — फर्क बस इतना है कि अब यह कानून की आंखों के सामने घूम रहा है।
श्रद्धालुओं ने भावुकता के साथ माता मावली को किया विदा
By - नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व का एक अत्यंत भावुक और गरिमामय अध्याय मंगलवार को समाप्त हुआ। लगभग 75 दिनों तक चलने वाले इस अद्वितीय और अद्भुत सांस्कृतिक महापर्व की अंतिम रस्म मावली विदाई के साथ इसका समापन हो गया। हजारों की संख्या में जुटे भक्तों द्वारा अपार श्रद्धा के बीच आराध्य देवी मावली माता की डोली और छत्र को ससम्मान विदा किया गया। परंपरा के निर्वहन में माता की डोली को जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर से गाजे-बाजे और भव्य शोभायात्रा के साथ साथ जिया डेरा तक ले जाया गया। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, बस्तर दशहरा समिति के पारम्परिक सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, नाईक-पाईक और कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दर राज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई ’माई जी’ की विदाई
मां दंतेश्वरी मंदिर के समीप निर्मित आकर्षक मंच पर माई जी की डोली को रखा गया, जिसे श्रद्धालुओं ने दर्शन किया और बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव द्वारा परंपरा के अनुसार माई जी की आरती की गई। पुलिस जवानों द्वारा हर्ष फायर कर सलामी दिए जाने के बाद कमलचंद्र भंजदेव ने माई जी की डोली को अपने कंधे पर धारण किया और जिया डेरा के लिए रवाना हुए। विदाई समारोह को बेहद गरिमामय बनाया गया। राज परिवार के सदस्यों ने स्वयं मावली माता की डोली को अपने कंधों पर उठाकर इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया। भक्तों ने पूरे रास्ते फूलों की वर्षा कर और जयकारे लगाकर अपनी माई जी को भावभीनी विदाई दी। डोली विदाई की यह रस्म बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि 600 वर्ष से अधिक पुरानी बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन भी है। इस विदाई के साथ भक्तों ने अगले वर्ष फिर से उत्सव की शुरुआत की उम्मीद लिए देवी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद माँगा।
श्रद्धा और सम्मान से सजी विदाई यात्रा
शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज थी, वहीं माता मावली की डोली के सामने उनके साज-श्रृंगार के सामान कांवरिया कावड़ में लेकर चल रहे थे। पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं, इस विदाई यात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह माई जी का स्वागत किया, पूजा-अर्चना की और भावुकता के साथ उन्हें विदाई दी। जिया डेरा से माता मावली की डोली एवं छत्र को एक सुसज्जित वाहन से दंतेवाड़ा के लिए रवाना किया गया।
जगदलपुर, शौर्यपथ। जन अधिकार सामाजिक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ की बस्तर संभाग स्तरीय प्रथम बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन 5 अक्टूबर को बोधघाट, जगदलपुर में किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाना और सामाजिक सरोकारों को लेकर कार्ययोजना तैयार करना रहा।
इस संबंध में प्रदेश महासचिव विपिन कुमार तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को अवगत कराया कि बैठक का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष दादा चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बस्तर संभाग के सातों जिलों के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बीजापुर जिला संरक्षक श्री तेलैया ने की, जबकि संचालन श्री के.के. भटनागर, जिला अध्यक्ष बस्तर ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष दादा चंद्रिका सिंह ने संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि संगठन जनता की आवाज़ है, जिसे शासन-प्रशासन तक पहुँचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे संगठन के 31 बिंदुओं पर समाजहित में निरंतर कार्य करते रहें और जनता की समस्याओं को पत्राचार, मुलाकात एवं संवाद के माध्यम से संबंधित विभागों तक पहुँचाएं।
बैठक में प्रदेश प्रभारी कर्मवीर सिंह जादौन, प्रदेश महासचिव कृष्ण कुमार साहू, विपिन तिवारी, सत्यभान सिंह जादौन, लाला लहरे, अनिल ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष कोटेश्वर राव चापडी, राजेश माने, महेंद्र कुमार साहू, श्रीमती सत्यशीला मेश्राम, जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांडे, ए. सुधाकर, श्रीमती जयंती परते,श्रीमती राव, श्रीमती माधवी सरकार, श्रीमती सुनीता शोरी, श्रीमती हेमलता नेताम, अशोक जयसवाल, चंद्रिका देवांगन, तुलसीराम बघेल, जितेंद्र सेठिया, शंकरलाल श्रीवास्तव, विनय मंडल, शिवा स्वर्णकार, ईश्वर लाल कश्यप सहित बस्तर संभाग के सातों जिलों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर सभी पदाधिकारियों ने निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने एवं संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
0 देश—विदेश की 63 टीमें उतरी मैदान में,मशाल रैली और रंगीन गुब्बारों से हुआ भव्य शुभारंभ
राजनांदगांव। शौर्यपथ/ दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में सोमवार को सीबीएसई नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2025-26 का भव्य शुभारंभ उत्साह और जोश के बीच हुआ। उद्घाटन समारोह में सैनिक कैडेटों द्वारा आयोजित प्रेरणादायी मशाल रैली और रंग-बिरंगे बैलून उड़ाने के साथ कार्यक्रम की शानदार शुरुआत हुई। पूरे परिसर में खिलाड़ियों एवं अतिथियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
इस वर्ष की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा दुबई, कुवैत, मस्कट और ओमान की टीमें भी हिस्सा ले रही हैं, जिससे आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त हुआ है। कुल 63 टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखा गया।
मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डीपीएस के छात्र आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। खेल केवल शारीरिक कौशल का नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम वर्क और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है।
चेयरमैन सौरभ कोठारी ने शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं सीबीएसई ऑब्जर्वर शैलेंद्र मोहन उपाध्याय ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और अंतरराष्ट्रीय मित्रता की भावना को मजबूत बनाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश्वर राव कालवा ने खिलाड़ियों को रणनीति, एकाग्रता और खेल भावना के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। विद्यालय की प्राचार्या ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता की रूपरेखा, नियमावली और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
यह आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम बना है। डीपीएस राजनांदगांव ने शिक्षा के साथ खेल क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए इस नेशनल चैंपियनशिप को सफल आयोजन का रूप दिया है। आने वाले दिनों में होने वाले रोमांचक मुकाबले खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र रहेंगे।
कोंडागांव, शौर्यपथ। कोंडागांव शहर मंडल अध्यक्ष कुलवंत चहल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि कोंडागांव लोकप्रिय विधायक सुश्री लता उसेंडी निरंतर क्षेत्र की जनता के लिए कार्य कर रही है नवीन कार्य के साथ ही उनकी मांगों को पूरा करने में लगी है। और करे भी क्यो नहीं जब प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने विकास की रोशनी फैलाने का जो संकल्प लिया है उसे पूरा भी कर रहे हैं। शहर मंडल अध्यक्ष कुलवंत सिंह चहल ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद कोंडागांव में जिस गति से विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखकर कांग्रेस बुरी तरह तिलमिला उठी है। प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है, विकास की गंगा बह रही है, मगर कोंडागांव के कांग्रेसियों को यह सब पच नहीं रहा। उन्हें तो बस आमजन को बस सब्ज बाग दिखाना आता है, धरातल में सब शून्य है।
श्री चहल ने कहा कि कांग्रेसियों की स्थिति अब ऐसी हो गई है कि जिले में हो रहे हर विकास कार्य से उनका पेट दर्द करने लगता है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने अपने शासन में केवल दिखावा किया, ढिंढोरा पीटती रही कि विकास हो रहा है, जबकि धरातल पर कुछ नहीं था। अब जब हमारी सरकार ने कार्यों की गति तेज़ की है, तो कांग्रेसियों का खाना तक हजम नहीं हो रहा।”
उन्होंने बताया कि हाल ही में कोंडागांव की लोकप्रिय विधायक एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी द्वारा कई नए विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिसे देखकर कांग्रेस के पेट में मरोड़ शुरू हो गई। बौखलाए कांग्रेसी अब प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव के 2 माह पूर्व कुछ कागजो में कुछ मंचो द्वारा तो खुद ही नारियल फोड़ लोगो को गुमराह करने का प्रपंच रचा था, यहाँ तक ये भी देखने को आया है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक ने एक ही कार्य का पांच बार से ज्यादा एक ही कार्य का भूमिपूजन किया था। पर स्वीकृति नही ला पाए।
श्री चहल ने कहा कि कांग्रेस का दावा कि “पहले ही भूमि पूजन किया गया था” पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। कांग्रेस शासन में यह कार्य केवल कागज़ों पर रह गया था। अब भाजपा सरकार ने उसी मार्ग का वास्तविक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है।
श्री चहल ने व्यंग्य करते हुए कहा, लगता है विपक्ष में बैठने का ग़म अभी तक कांग्रेस के सर से उतरा नहीं, तभी उनकी याददाश्त भी कमजोर हो गई है। कांग्रेसियों ने आज फिर ओछी हरकत की उन्होंने कलेक्टर को सौपे ज्ञापन में कहा हैं कि भाजपा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नही पूछती। कभी मौके पर जाकर देखे की वहां के जनप्रतिनिधि का नाम शिलान्यास के पत्थरों पर अंकित है ।उन्होंने अपनी उपस्थित दी या नही ये उनकी जवाबदारी। इससे बेहतर होता, वे प्रेस विज्ञप्ति जारी करने से पहले पुराने स्वीकृति पत्र को एक बार पढ़ लेते की कितने कामो को स्वीकृति मिली है और कितने काम कागजो में है, जिनकी स्वीकृति विधायक महोदय के द्वारा करवाया जा रहा है।ये पब्लिक है ये सब जानती है।
0 कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत पर्यवेक्षक की पत्रकारवार्ता, जिला अध्यक्ष चयन प्रक्रिया पर बोले सापरा
राजनांदगांव/शौर्यपथ / कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2025 को संगठन सृजन और सुधार का वर्ष घोषित करते हुए पूरे देश में संगठन पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की है। इसी क्रम में राजनांदगांव पहुंचे कांग्रेस पर्यवेक्षक चरण सिंह सापरा ने रविवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि अब कांग्रेस में नेतापुत्र नहीं, बल्कि भूमिपुत्र आगे बढ़ेंगे। सच्चे, निष्ठावान और जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में स्थान मिलेगा।
सापरा ने बताया कि अहमदाबाद में हुए कांग्रेस अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया था कि 2025 को संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का वर्ष बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य है कि जो कार्यकर्ता वर्षों से बूथ, ब्लॉक और मंडल स्तर पर पार्टी का झंडा उठाए हुए हैं, उन्हें अब नेतृत्व में लाया जाए।
उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी से लेकर ब्लॉक और मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनाधार का आकलन किया जा रहा है। सापरा ने दो टूक कहा “भूमिपुत्र तो जमीनी स्तर पर मेहनत करते रहते हैं, लेकिन नेतापुत्र पदों पर पहुंच जाते हैं — अब यह अंतर खत्म होगा,” ।
सापरा ने यह भी स्पष्ट किया कि नए जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह पद अब स्थायी नहीं रहेगा, परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा तो बदलाव संभव है। पत्रकारवार्ता के दौरान सापरा ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति फैला रही है। कांग्रेस संगठन इस नफरत के खिलाफ तिरंगे के साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने बताया कि वे जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। सापरा ने कहा हम सिर्फ पदाधिकारियों से नहीं, हर उस साधारण कार्यकर्ता से मिल रहे हैं जो कांग्रेस के विचार और झंडे के साथ खड़ा है। यही सच्ची लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
प्रेस वार्ता में सह-पर्यवेक्षक विधायक संदीप साहू, विधायक भोलाराम साहू, पीसीसी उपाध्यक्ष वीरेश ठाकुर, पीसीसी महामंत्री शाहिद भाई, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा, भागवत साहू, पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, प्रदेश प्रवक्ता रूपेश दुबे, सूर्यकांत जैन, कमलजीत पिंटू, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, संयुक्त सचिव आफताब आलम तथा पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
इटावा। शौर्यपथ। कालका एक्सप्रेस के इंजन से एक ‘फर्जी लोको पायलट’ को गिरफ्तार किया गया है, जिसने रेलवे सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया। लोको पायलट की वर्दी, नकली आईडी कार्ड, लाल-हरी झंडी और लॉगबुक के साथ पकड़ा गया युवक आकाश कुमार दो साल से ट्रेनों के इंजनों में सफर कर रहा था।
*किराया बचाने का बहाना या कुछ और?*
फिरोजाबाद के कौसल्या नगर निवासी आकाश ने दावा किया कि वह ट्रेन का किराया बचाने के लिए यह सब करता था। लेकिन रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञ इसे सिर्फ ‘किराया बचाने की चाल’ मानने को तैयार नहीं। जीआरपी को शक है कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है, जो बेरोजगार युवाओं को ठग रहा हो।
*रेलवे सुरक्षा पर सवाल*
यदि यह युवक असली लोको पायलट बनकर ट्रेन चलाने की कोशिश करता, तो हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। जीआरपी ने युवक को जेल भेज दिया है और उसके पीछे की साजिश की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
क्या आकाश वाकई अकेला था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है? पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
दुर्ग। शौर्यपथ। आगामी त्योहारी सीजन में कानून व्यवस्था को और सख्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार जिले के 11 निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से तबादला किया गया है।
जारी सूची के अनुसार—
निरीक्षक नितिन वर्मा को राहत केंद्र दुर्ग से थाना प्रभारी भिलाई नगर
निरीक्षक गोविंद कुमार सिंह को राहत केंद्र दुर्ग से थाना प्रभारी जामुल
निरीक्षक संतोष कुमार चवले को राहत केंद्र दुर्ग से थाना प्रभारी अमलेश्वर
निरीक्षक प्रशांत मिश्रा को थाना भिलाई नगर से सिविल लाइन
निरीक्षक प्रभात त्रिपाठी को थाना जामुल से राहत केंद्र दुर्ग
निरीक्षक प्रकाशराव को थाना पुलगांव से राहत केंद्र दुर्ग
एसआई अमित आडवाणी को थाना भिलाई नगर से अंजोरा
एसआई इमरान सैयद को थाना पुलगांव से चौकी प्रभारी नगपुरा
एएसआई जयकुमार देशमुख को थाना पुलगांव से चौकी प्रभारी नगपुरा
एसआई रितेश साहू को चौकी प्रभारी अंजोरा से थाना भिलाई-3
एसआई सोनराम यादव को थाना प्रभारी नगपुरा से थाना भिलाई-3
इस व्यापक फेरबदल को त्योहारी सीजन में सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे बड़े आयोजनों के बाद आने वाले हिन्दू धर्म के सबसे बड़े पर्व दीपावली के मद्देनज़र यह कदम कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए अहम साबित होगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज इंदिरा मार्केट दुर्ग में स्थानीय व्यापारियों से सौहार्दपूर्ण चर्चा करते हुए जीएसटी रिफार्म (जीएसटी 2.0) के प्रभाव और लाभों पर विस्तार से विचार-विमर्श करने स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव दुर्ग के इंदिरा मार्केट पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए जीएसटी सुधार व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण और दूरगामी साबित होंगे।
स्थानीय व्यापारियों के साथ शहर के प्रसिद्ध मार्केट में व्यापारियों से चर्चा के दौरान मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने यह साझा किया कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं एवं छोटे व्यवसायिक उत्पादों पर कर दरों में कमी से आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इसके साथ ही बाजार में माँग में वृद्धि होने से व्यापार को भी गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा।
इंदिरा मार्केट में दुकानदारों से सौहार्दपूर्ण भेंट कर उन्हें गुलाब पुष्प भेंट स्वरूप प्रदान किए गए तथा जीएसटी दर निर्धारण से संबंधित पोस्टर अपने प्रतिष्ठानों पर लगाने का आग्रह किये। दुकानदारों से संवाद के दौरान उन्हें स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने और “वोकल फॉर लोकल” अभियान को बढ़ावा देने की अपील किये। यह पहल न केवल स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार, श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री महेन्द्र लोढ़ा, चेम्बर के प्रतिनिधि श्री अशोक राठी सहित अनेक व्यापारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ /
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में जिले के सभी राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “राजस्व विभाग प्रशासन की रीढ़ है, यहाँ की तत्परता सीधे जनता के विश्वास से जुड़ी है।”
बैठक में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, डायवर्सन, वृक्ष कटाई, त्रुटि सुधार, अभिलेख शुद्धता, कृषक पंजीयन, ई–डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी, गिरदावरी, धान खरीदी और भूमि आबंटन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि शासकीय विभागों से भूमि आबंटन के लिए प्राप्त आवेदनों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि चिन्हांकित स्थलों का मैदानी निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करें और नक्शा बटांकन कार्य शीघ्र पूर्ण करें।
साथ ही, शासकीय भूमि पर हुए कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि कृषक पंजीयन कृषि डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र किसानों का पंजीयन प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए तथा ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कर किसानों को सूचित किया जाए।
धान खरीदी को लेकर भी उन्होंने विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि जिले की 20 नई समितियों को राजस्व रिकॉर्ड में अपडेट किया जाए ताकि खरीदी कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
कलेक्टर सिंह ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व वसूली की स्थिति पर विशेष चर्चा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि सीमांकन प्रतिवेदन की तिथि निर्धारित कर कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नक्शा बटांकन के लिए टीम बनाकर कार्यवाही में तत्परता लाई जाए।
अभिलेख शुद्धता के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (DSC) को एक सप्ताह के भीतर अद्यतन करने भी कहा गया।
कलेक्टर ने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों, भारतमाला परियोजना से संबंधित कार्यों और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6–4 के मामलों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य होगी, और प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिलनी चाहिए।
जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को भी गंभीरता से लेकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की सूची को अद्यतन करने कहा।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि “अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ न मिले, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जवाबदेही होगी।”
कलेक्टर सिंह ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी (SDM), तहसीलदार, और नायब तहसीलदार परस्पर समन्वय से सभी भू-अभिलेख संबंधी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि “राजस्व कार्यों में लापरवाही या विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।”
बैठक में अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह,
एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, श्री सोनल डेविड, श्री महेश राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस,
तथा सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एएसएलआर अधिकारी उपस्थित रहे।
“राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की संतुष्टि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि हर प्रकरण का समाधान समयसीमा में हो और जनता को राहत मिले।”
भिलाई / शौर्यपथ / म्युल एकांउट का उपयोग कर सायबर ठगी के प्रकरण में 01 आरोपी को सुपेला पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है। आरोपी द्वारा स्वयं के बैंक खाता को सायबर ठगी की रकम प्राप्त करने में उपयोग किया जाता था। खाता में सायबर ठगी से प्राप्त 44,250 रूपये एवं 3,85,231 रूपये जमा किया गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि दुर्ग पुलिस द्वारा सायबर क्राईम रोकने एवं सायबर क्राईम में संलिप्त अपराधियो के विरूद्ध लगातार अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है, इसी क्रम में सायबर क्राईम में म्यूल अकाउंट का प्रयोग कर सायबर क्राईम को अंजाम देने वाले 01 आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है। अभियान के तहत समन्वय पोर्टल के माध्यम से उत्कर्ष स्माल फायनेंस बैंक शाखा सुपेला के एक बैक खाता में साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम के जमा होने की जानकारी प्राप्त होने पर उक्त खाता के संबंध में अपराध कायम किया जाकर जानकारी प्राप्त की गई।
विवेचना में पाया गया कि उक्त म्यूल खाता के धारक मुकेश नायक पिता अभ्रत नायक उम्र 36 साल पता सेक्टर 04 सडक 16, 7/बी सर्वेंट क्वाटर थाना भिलाई नगर द्वारा उक्त खाता खुलवाकर जानबूझकर छलपूर्वक बेईमानी से खाते में ऑन लाईन ठगी की रकम प्राप्त कर 43400 रुपये अवैध धनलाभ अर्जित किया गया है
आरोपी मुकेश नायक के विरूद्ध अपराध क्रमांक 1164/2025 धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया जाकर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, उनि दीपक चौहान, सउनि अमर दास गंगेले, की सराहनीय योगदान रहा।
भिलाई / शौर्यपथ संवाददाता।
भिलाई इस्पात संयंत्र के भीतर कॉपर केबल चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। CISF की सतर्कता से दो ठेका श्रमिकों को 60 किलो तांबे की केबल के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया, जो संयंत्र से चोरी कर बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भिलाई भट्टी पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
घने जंगल में संदिग्ध गतिविधि, CISF ने किया पीछा
घटना 4 अक्टूबर की सुबह लगभग 9 बजे की है। CISF के प्रधान आरक्षक अरविंद एक्का रोलिंग मिल गेट पर तैनात थे, तभी उन्होंने गेट के बाहर जंगल क्षेत्र में दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा। संदेह होने पर उन्हें रोका गया और तलाशी में बैग में छिपाई गई कॉपर केबल (स्क्रैप) बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम
सुरेंद्र कुमार देवांगन (30 वर्ष), पिता ललित कुमार देवांगन — ठेका फर्म G.R. एंटरप्राइजेज का कर्मचारी और जगदीश नायक (25 वर्ष), पिता किशोर नायक — दोनों शंकर पारा, स्टेशन मरोदा (वार्ड-62, सिविक सेंटर, भिलाई) निवासी बताए।
अंदर से निकला कर्मचारी, बाहर से साथी — प्लांट के भीतर से की चोरी
पूछताछ में सामने आया कि सुरेंद्र देवांगन प्लेट मिल में क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है, जबकि जगदीश नायक बाहरी व्यक्ति था जो बिल्डिंग नंबर-14 के पिछले हिस्से से अवैध रूप से संयंत्र में घुसा था। दोनों ने मिलकर यूआरएम (URM) क्षेत्र से कॉपर केबल चोरी की और उसे बैग में भरकर बाहर निकालने की कोशिश की। CISF उप निरीक्षक रामकुमार धीरन (55 वर्ष) की रिपोर्ट पर भिलाई भट्टी थाना में मामला दर्ज किया गया।
बरामद सामग्री को बीएसपी के महाप्रबंधक (PBS) जी.पी. कुर्रे के समक्ष प्रस्तुत करने पर उन्होंने उसे संयंत्र की संपत्ति के रूप में पहचान की और प्रमाण पत्र जारी किया। बरामद कॉपर वायर की कीमत लगभग ₹39,000 आँकी गई है।
बाइक, मोबाइल और वायर सहित माल जब्त — पुलिस ने दर्ज किया अपराध
CISF ने दोनों आरोपियों से बरामद दो मोटरसाइकिलें (CD Deluxe CG07 AP 6757 और Pulsar CG07 CW 1942),दो मोबाइल फ़ोन और चोरी की कॉपर वायर पुलिस को सुपुर्द किए।
भिलाई भट्टी पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 3(5) एवं
छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 25, 26 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार,
“भिलाई इस्पात संयंत्र एक प्रतिबंधित औद्योगिक क्षेत्र है।
ऐसे क्षेत्र से की गई चोरी को संज्ञेय अपराध माना जाता है।”
सुरक्षा बलों की तत्परता से बची बड़ी चोरी
CISF की चौकसी और समय रहते की गई कार्रवाई से संयंत्र के भीतर औद्योगिक चोरी की एक बड़ी साजिश नाकाम रही। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि CISF और BSP की संयुक्त सुरक्षा प्रणाली संयंत्र की परिसंपत्तियों की रक्षा में पूरी तरह सक्षम है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
