August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

       RAIPUR / JAGDALPUR / SHOURYAPATH / केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

    RAIPUR / SHOURYAPATH /  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में 4 और 5 अक्टूबर 2025 को ‘नासा इंटरनेशनल स्पेस ऐप्स चैलेंज 2025’ का ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है। पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित यह विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक वैश्विक हैकाथॉन राज्य की तकनीकी क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर रहा है।

    दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से हिस्सा लिया, जिनमें से 200 से अधिक प्रतिभागी छत्तीसगढ़ से हैं। 48 घंटे तक चलने वाले इस नवाचार महोत्सव का आयोजन एनआईटी रायपुर के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन तथा इनोवेशन सेल द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

    उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. (श्रीमती) ए. बी. सोनी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर, तथा विशेष अतिथि डॉ. समीर बाजपेई, प्रमुख, करियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी) उपस्थित रहीं। इस अवसर पर डॉ. सौरभ गुप्ता, फैकल्टी इंचार्ज, इनोवेशन सेल एवं कॉसाइन, डॉ. रम्या सेल्वा राज, फैकल्टी इंचार्ज, इंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) और डॉ. कपिल सोनी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।

    डॉ. सौरभ गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष एनआईटी रायपुर को छत्तीसगढ़ के लोकल लीड के रूप में चुना गया है, जो संस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिभागी परिसर में प्रत्यक्ष रूप से इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

    मुख्य अतिथि डॉ. ए. बी. सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि “सच्चा नवाचार नेतृत्व और सहयोग से उत्पन्न होता है, जो समाज पर वास्तविक प्रभाव डालता है।” उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।

    प्रतिभागियों ने नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) और इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) जैसे संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए गए ओपन-सोर्स डेटा का उपयोग कर अंतरिक्ष अन्वेषण और सतत विकास से संबंधित नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए। इस आयोजन के माध्यम से एनआईटी रायपुर ने छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष नवाचार के मानचित्र पर स्थापित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुँचे। जगदलपुर में स्थित मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर मंत्री, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री मूरिया दरबार, लाल बाग में प्रदर्शनी का अवलोकन, बस्तर दशहरा लोकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे हैं।

    ​हवाई अड्डे पर वन मंत्री केदार कश्यप, जनजाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ,बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, विधायक कांकेर आशाराम नेताम जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय, ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, पूर्व विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और डी जी पी अरुण देव गौतम, प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदर राज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने स्वागत किया।

    विजयादशमी पर्व पर दुर्ग में रावण दहन, बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण हेतु 7 लाख की घोषणा

      दुर्ग / शौर्यपथ /

       प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विजयादशमी पर्व के अवसर पर नगर के बैगा पारा मिनी स्टेडियम और ऋषभ ग्रीन सिटी में आयोजित दशहरा उत्सव एवं रावण दहन कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम की आरती एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों और नगरवासियों की सुख-शांति व समृद्धि की मंगलकामना की।
      मंत्री यादव ने विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें सत्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा –
    "मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमें समाज में भाईचारा, समरसता और मानवीय मूल्यों को सशक्त करना होगा। यही मार्ग हमें एक सशक्त और सभ्य समाज की ओर ले जाएगा।"
      उन्होंने आगे कहा कि रामराज्य की परिकल्पना केवल शासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन में नैतिकता, न्याय और समानता को स्थापित करने का संदेश देता है। वर्तमान समय में श्रीराम के आदर्श और दशहरा पर्व की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।

    बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण की घोषणा
      दशहरा उत्सव के दौरान मंत्री  यादव ने बड़ी घोषणाएँ करते हुए कहा कि जय शीतला यंग क्लब को वे प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये प्रदान करेंगे। साथ ही, बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण हेतु 7 लाख रुपये देने की घोषणा की।
      नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी स्टेडियम के समतलीकरण का कार्य जल्द शुरू करने का भरोसा दिलाया।
      इस अवसर पर जय शीतला यंग क्लब के अध्यक्ष संजय यादव सहित समिति के सदस्यों ने मंत्री व महापौर का आभार व्यक्त किया। यह क्लब अपने 50वें वर्षगांठ रावण दहन समारोह का आयोजन कर रहा था।

    भव्य रावण दहन और सुरक्षा व्यवस्था
      स्व. हेमचंद यादव के बाद यह पहला अवसर था जब किसी कैबिनेट मंत्री ने इस रावण दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।
    जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से गूंजते इस कार्यक्रम में शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी।
    भव्य आयोजन को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी तापेश्वर नेताम ने स्वयं पुलिस बल के साथ सुरक्षा मोर्चा संभाले रहे।

    गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ 50वाँ वर्ष
      बैगा पारा मिनी स्टेडियम में आयोजित यह दशहरा उत्सव और रावण दहन जय शीतला यंग क्लब की 50वीं वर्षगांठ का प्रतीक रहा, जो सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देता है। मंत्री गजेन्द्र यादव की घोषणाओं से स्टेडियम का रूपांतरण अब और भी तेज़ी से होगा, जिससे आगामी आयोजनों को नई दिशा मिलेगी।

    By- नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व में सोमवार को रथ परिक्रमा की अंतिम और सबसे अनूठी रस्म 'बाहर रैनी' निभाई गई। इस दौरान राज परिवार के सदस्य ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए माड़िया आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ 'नवाखानी' (नए चावल की खीर) खाई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, महापौैर संजय पांडे सहित जनप्रतिनिधिगण भी शामिल रहे। नवाखानी के बाद विशालकाय विजय रथ की वापसी हुई। यह रस्म बस्तर की अनूठी सामाजिक समरसता और आदिवासी संस्कृति की झलक पेश करती है।

     

    ​परंपरा: रथ चोरी और राजा का मान-मनौव्वल

    ​दरअसल, विजयादशमी की रात (भीतर रैनी) को माड़िया समुदाय के ग्रामीणों ने परंपरानुसार आठ पहियों वाले विशाल रथ को चुराकर नगर के समीप कुम्हड़ाकोट जंगल में छिपा दिया था। यह रस्म उस ऐतिहासिक घटना को याद करती है जब एक बार ग्रामीणों ने राजा से असंतुष्ट होकर रथ चुरा लिया था।

    ​शुक्रवार दोपहर राज परिवार के सदस्य, राजगुरू और मांझी-मुखिया पूरे लाव-लश्कर और गाजे-बाजे के साथ रथ को वापस लाने के लिए कुम्हड़ाकोट पहुँचे। यहाँ राजा द्वारा ग्रामीणों से रथ वापस करने के लिए मान-मनौव्वल किया गया।

     

    नवाखानी से हुआ सद्भाव

    ​माड़िया समुदाय ने रथ लौटाने के लिए शर्त रखी कि राजा उनके साथ नवाखानी खाएँगे। राज परिवार ने सहर्ष इस शर्त को स्वीकार किया। नए चावल से बने इस प्रसाद को सभी ने एक साथ ग्रहण किया, जो राज और आदिवासी समुदाय के बीच गहरे पारंपरिक संबंध और सद्भाव का प्रतीक है।

    ​नवाखानी की रस्म पूरी होने के बाद माँ दंतेश्वरी का छत्र विधि-विधान के साथ रथ पर विराजित किया गया। माड़िया समुदाय के लोगों ने भारी उत्साह के बीच विजय रथ को जंगल से वापस खींचकर दंतेश्वरी मंदिर के सिंहद्वार तक पहुँचाया।

    ​बाहर रैनी रस्म के समापन के साथ ही बस्तर दशहरा की रथ परिक्रमा पूरी हो गई। 75 दिनों तक चलने वाला यह अनोखा पर्व अब आगामी रस्मों-काछन जात्रा और कुटुम्ब जात्रा- के साथ अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।

    छत्तीसगढ़ में महिला स्वास्थ्य को मिला नया आयाम, बढ़ी ग्रामीण अंचलों में जागरूकता
    स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान: 31 हज़ार शिविरों में 22 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच
    नवरात्रि में जुड़ा स्वास्थ्य का संकल्प – महिलाओं ने लिया जागरूकता का व्रत
    36 हज़ार से अधिक हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना व पीएम-जय कार्ड का वितरण

    रायपुर / शौर्यपथ /  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने छत्तीसगढ़ में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बीते पखवाड़े भर में प्रदेशभर में 31 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 22 लाख लोगों ने जांच और उपचार की सेवाएं प्राप्त कीं। विशेष बात यह रही कि इन शिविरों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि अब ग्रामीण अंचलों में भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रही हैं। यह सहभागिता अभियान के उस मूल विचार को सशक्त करती है, जिसके अनुसार जब महिला स्वस्थ होती है, तभी पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।
      इन शिविरों में महिला स्वास्थ्य, पोषण और अनीमिया जांच को विशेष प्राथमिकता दी गई। इस दौरान पाँच लाख से अधिक लोगों की अनीमिया जांच की गई। यह न केवल जांच की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार महिलाओं में खून की कमी जैसी पुरानी समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम उठा रही है। शिविरों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, बच्चों का टीकाकरण, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टीबी, कैंसर और सिकल सेल जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया। परिणामस्वरूप 1.91 लाख गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, 2.72 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग हुई, 3.72 लाख लोगों की टीबी जांच की गई और 67 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए।
       अभियान अंतर्गत महिला स्वास्थ्यकर्मियों और विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की महत्ता, स्वच्छता और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर परामर्श दिया। यह पहल उपचार से आगे बढ़कर समय रहते रोगों की पहचान और रोकथाम की दिशा में भी कारगर सिद्ध हो रही है। लगभग 13 लाख लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया, जिससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच बदलने का प्रयास भी है।
      अभियान की व्यापकता का अनुमान इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि इसे नवरात्रि महोत्सव से जोड़कर महिला स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण की अभिनव पहल की गई। राज्य के विभिन्न जिलों में नवरात्रि के दौरान माता पंडालों और गरबा स्थलों पर हजारों महिलाओं ने ‘स्वस्थ नारी–सुरक्षित परिवार’ का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।
      राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा है। इस दौरान 36,186 हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड वितरित किए गए, जिससे अब उन्हें उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक निःशुल्क पहुंच मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का एक मॉडल बनकर उभर रहा है। गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक पहुँचते हुए यह पहल दर्शाती है कि जब नीतियां ज़मीन पर उतरती हैं, तो बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर दिखाई देता है।

    टीबी उन्मूलन की दिशा में केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता
      भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी दिशा में लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहे हैं।‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के दौरान ही 3,72,985 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिनमें लक्षण पाए जाने पर तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई। टीबी रोगियों के पोषण और सहयोग के लिए 7,000 से अधिक ‘निक्षय मित्रों’ को पंजीकृत किया गया है, जो उन्हें पोषण आहार और मानसिक संबल प्रदान कर रहे हैं।
      "स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की नींव है और इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने व्यापक सफलता हासिल की है। बीते पखवाड़े में आयोजित हजारों शिविरों में लाखों लोगों ने जांच व उपचार कराए, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि अब ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इस अभियान में महिला स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों की जांच के साथ-साथ परामर्श और जागरूकता पर भी जोर दिया गया है, जिससे यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित न रहकर सामाजिक सशक्तिकरण का मॉडल बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत 2025 संकल्प की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
    -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
      "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लाखों महिलाओं को अनीमिया, सिकल सेल और टीबी जैसी बीमारियों की जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली है।  राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे और यह अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है।"

    मुख्यमंत्री साय करमा परब पर्व 2025 में हुए शामिल

       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित अखिल भारतीय वनवासी आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ रायपुर द्वारा आयोजित करमा पूजा परब 2025 महोत्सव में शामिल हुए।
     मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान करमा राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा परब हमारी संस्कृति और हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। करमा परब हमारे प्रकृति-प्रेम और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने सभी को करमा परब की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
      इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी तथा उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ से जुड़े परिवार और सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक चल रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें अल्पसंख्यक समाज से जुड़े वरिष्ठजन, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष साजन जोसेफ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, महापौर अलका बाघमार, मोर्चा प्रभारी अबरार सिद्दीकी, महामंत्री दिलीप साहू, विनोद अरोरा, सभापति श्याम शर्मा, उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, मंत्री गायत्री वर्मा, कार्यालय मंत्री आसिफ अली, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमजद अली तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

    भाजपा का मूल मंत्र सेवा और राष्ट्रवाद – कौशिक

    अपने संबोधन में जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि भाजपा सदैव सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र पर कार्य करती है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि “सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन भाजपा का ध्येय केवल सेवा और राष्ट्रवाद है।”

    हर वर्ग का ख्याल रखती है भाजपा सरकार – सिद्दीकी

    जिला प्रभारी अबरार सिद्दीकी ने कहा कि विपक्ष अल्पसंख्यकों को भड़काने का कार्य करता है, जबकि भाजपा बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग का ध्यान रखती है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा को भाजपा की कार्यशैली की नींव बताया।

    “सर्वे भवंतु सुखिनः” की भावना से कार्य – महापौर

    महापौर अलका बाघमार ने कहा कि भाजपा सरकार सर्वे भवंतु सुखिनः की भावना से कार्य करती है। उन्होंने बताया कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत ब्लड डोनेशन कैंप में अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सबसे अधिक रही।

    सम्मानित हुए समाजसेवी और वरिष्ठजन

    इस अवसर पर समाजसेवा व मानव कल्याण में योगदान देने वाले जयचंद डोंगरे, ओबेद दास, डॉ. जोसमोन, डॉ. सी.एन. विनोद, रूपेश डेनियल, अमित कुमार, पाल सोमनाथ, सुशील बाग, राहुल मसीह, ऐजे मैथ्यू, स्व. मोहम्मद इस्माइल फिरोजी, मीर कासिम, अरमान आलम, असलम कुरैशी सहित कई प्रमुख जनों को सम्मानित किया गया।

    बड़ी संख्या में रहे अल्पसंख्यक समाज के लोग उपस्थित

    कार्यक्रम में भाजपा नेता श्याम शर्मा, राजीव पांडेय, गायत्री वर्मा, अमजद अली, शशि द्वारका साहू, खालिद रिजवी, फिरोज सिद्दीकी, महेश जैन, डॉ. मनोज जैन सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन भाजपा मीडिया प्रभारी राजा महोबिया और सोशल मीडिया संयोजक रजनीश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भाजपा के प्रति समर्थन और आभार व्यक्त किया।

    रायपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
      विमानतल पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री राम विचार नेताम ,पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, आईजी अमरेश मिश्रा, संभागायुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत किया।
     उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ जगदलपुर प्रवास पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

    रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    भव्य आतिशबाजी देखने को उमड़ी भारी भीड़
      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए। श्री साय ने कहा विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की अंततः जीत होती है।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय श्रीराम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु श्रीराम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
      इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यहां दहशरा मनाने की परंपरा लगभग 150 साल पुराना इतिहास है। प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है। आज विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की,अधर्म पर धर्म की जीत का का प्रतीक है। विधायक सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
      इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि गण  दूधाधारी मठ से जुड़े पदाधिकारी,खम्हारडीह सार्वजिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

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