August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    By- नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। मीना बाजार की तैयारियों में सुरक्षा की भयावह लापरवाही उजागर हुई है। राजमहल परिसर में जगह-जगह फैले बिजली के केबल कटे हुए हैं और उन पर कोई इन्सुलेशन या सुरक्षा कवच नहीं लगाया गया है। यह स्थिति न केवल लाखों आगंतुकों के लिए गंभीर जानलेवा खतरा पैदा कर रही है, बल्कि यह आयोजकों और जिम्मेदार अधिकारियों की गंभीर उपेक्षा को भी दर्शाती है।

    वर्तमान में, बीते दो-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे खुली और अधूरी केबलों पर नमी जम चुकी है। इस तकनीकी जोखिम के कारण केबलों में करंट लीक और शॉर्ट सर्किट की संभावना अत्यधिक बढ़ गई है। ऐसे हालात में किसी भी समय गंभीर इलेक्ट्रिक हादसा घट सकता है।

    मीना बाजार का उद्घाटन बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य अतिथियों ने किया। उद्घाटन के बाद लोगों का आना-जाना शुरू हो चुका है, और प्रशासन की यह मौन प्रतिक्रिया और लापरवाही आगंतुकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

    इस मामले पे जानकारों का कहना है कि इस तरह की अधूरी और नमी से प्रभावित केबलों में फैला करंट आगंतुकों और दुकानदारों के लिए इलेक्ट्रिक शॉक या बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। प्रशासन को तत्काल सुरक्षा उपाय लागू कर, केबलों को इन्सुलेट करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता है।

    By- नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ I बस्तर दशहरे का प्रमुख आकर्षण फूल रथ की दूसरी परिक्रमा गुरुवार को की गई। फूल रथ में सवार होने के बाद मां दंतेश्वरी के छत्र और डोली को बस्तर पुलिस के जवानों ने हर्ष फायर कर सलामी दी। बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलने वाला दुनिया का सबसे लंबा दशहरा उत्सव है, अपनी अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इन परंपराओं में "फूल रथ परिक्रमा" का विशेष महत्व है।

    बस्तर दशहरा के दौरान "जोगी बिठाई" के विधान के बाद अगले पांच दिनों तक फूल रथ परिक्रमा निकाली जाती है। यह एक महत्वपूर्ण रस्म है जिसमें मां दंतेश्वरी की छत्र को रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाता है। इस वर्ष नवरात्रि पर्व के दौरान तृतीया तिथि दो दिनों तक रहने के कारण 24 से 29 सितम्बर तक अर्थात 6 दिनों तक फूल रथ की परिक्रमा होगी। फूल रथ एक विशालकाय, दो-मंजिला लकड़ी का रथ होता है, जिसे विशेष रूप से इस उत्सव के लिए बनाया जाता है। इसे फूलों और अन्य पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया जाता है, इसीलिए इसे "फूल रथ" कहा जाता है। इस रथ को खींचने का कार्य जगदलपुर के आसपास के आए सैकड़ों ग्रामीण स्वेच्छा से करते हैं। वे सदियों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं।

    ऐसा माना जाता है कि मां दंतेश्वरी फूल रथ पर सवार होकर अपने भक्तों का सुख-दुख जानने के लिए नगर भ्रमण करती हैं। इस रथ का दर्शन करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रथ परिक्रमा से पहले और दौरान बस्तर पुलिस के जवानों द्वारा हर्ष फायर कर मां दंतेश्वरी के छत्र को सलामी दी जाती है, जो इस परंपरा के सम्मान और महत्व को दर्शाता है।

    जगदलपुर, शौर्यपथ I नगर पालिक निगम जगदलपुर द्वारा रजत जयंती वर्ष एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज विशेष अभियान एक दिन, एक घंटा, एक साथ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी मंदिर नगरगुड़ी परिसर से किया गया, जहां मंदिर परिसर एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। लोगों ने झाड़ू लगाकर गंदगी हटाई, कचरा एकत्र किया और स्वच्छता के महत्व पर नागरिकों को जागरूक किया।

    इस अवसर पर महापौर संजय पांडे ने कहा स्वच्छता न केवल हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी है, बल्कि यह हमारे शहर की पहचान और संस्कृति का भी प्रतीक है। एक दिन, एक घंटा, एक साथ जैसे अभियान लोगों में जिम्मेदारी और सामूहिकता की भावना जगाने का माध्यम हैं। मैं जगदलपुर के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे नियमित रूप से अपने आस-पास की सफाई रखें और इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें। मिलकर ही हम स्वच्छ और सुरक्षित जगदलपुर का सपना साकार कर सकते हैं।

    नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने कहा स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत रजत जयंती वर्ष में इस तरह के विशेष कार्यक्रम नागरिक सहभागिता को बढ़ाते हैं। जब लोग स्वयं आगे आकर सफाई करते हैं, तो स्वच्छता आदत में शामिल हो जाती है। नगर निगम का लक्ष्य है कि हर वार्ड, हर मोहल्ला स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बने, जिसके लिए हम लगातार जनसहभागिता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    अभियान के दौरान नागरिकों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, खुले में कचरा न फेंकने और साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प भी लिया। मालूम हो कि नगर निगम जगदलपुर द्वारा आयोजित यह अभियान स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

    स्वच्छता कार्यक्रम के बाद वाकथान का आयोजन, ली स्वच्छता की शपथ 

    रजत जयंती वर्ष एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के पश्चात आज नगर निगम द्वारा स्वच्छता वाकथान का आयोजन किया गया। यह वाकथान माँ दंतेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होकर गोल बाजार चौक, मिताली चौक होते हुए नगरगुड़ी के सामने संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संगठन, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, भाजपा कार्यकर्ता एवं नागरिकों ने भाग लिया। वाकथान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और स्वच्छ शहर बनाने का संदेश दिया गया। वाकथान के समापन के बाद उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली और प्रतिज्ञा ली कि वे अपने आसपास सफाई बनाए रखेंगे तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में महापौर संजय पांडे, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, सुरेश गुप्ता, कलावती कसेर, त्रिवेणी रंधारी, संग्राम सिंह राणा, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षद उमा मिश्रा, संतोष गौर, कुबेर देवांगन, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर रामनरेश पांडे, रतन व्यास, कोटेश्वर नायडू, धीरज कश्यप, धर्मेंद्र महापात्र, बादशाह खान, एच वाय कुकड़े, सुलता महाराणा, संतोष नाग, गोपाल भारद्वाज, विनय श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास, अमर सिंह, दामोदर कुमार, शक्ति वेल, रुपेश बीजोरा, राजपाल कसेर, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, शशिनाथ पाठक, दशरथ गुप्ता, पप्पू वर्मा, अभिषेक तिवारी, रितेश सिन्हा, योगेश मिश्रा, प्रभात चौहान, सुप्रीयो मुखर्जी, आनंद झा आदि उपस्थित रहे।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सेवा पखवाड़े कार्यक्रम के अंतर्गत लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के ग्राम मांदर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई।

    कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से संवाद किया और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाते हुए इस अवसर पर एक पेड़ भी “माँ” के नाम रोपा गया।

    कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ के आदर्शों पर अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार हमें समाज की असली शक्ति के महत्व को समझाते हैं और एक सशक्त, समृद्ध बस्तर के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की साय सरकार हमेशा पीड़ितों और जरूरतमंदों के साथ खड़ी है और बस्तर के विकास के लिए सभी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है ताकि बस्तर का विकास चौगुनी गति से होl चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने इस अवसर पर पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर राहत वितरण में भागीदारी निभाई और कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,भाजपा जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे, पूर्व विधायक लच्छुराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    By- नरेश देवांगन

    जगदलपुर, शौर्यपथ। गुरुवार को यातायात विभाग की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने दंतेश्वरी माता दर्शन हेतु जगदलपुर से दंतेवाड़ा जा रहे पद यात्री श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा का सराहनीय काम किया। टीम ने केवल सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, बल्कि लगातार पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के पैरों में पड़े छालों का भी ध्यान रखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के रूप में मरहम-पट्टी बाँधकर राहत प्रदान की। श्रद्धालुओं ने इस मानवीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा, “पैदल चलते-चलते जब पैरों में छाले पड़ गए थे, तब हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने हमारी मदद कर हमें राहत दी। यह हमारी यात्रा को और भी सुरक्षित और सुखद बना गया।” इस संवेदनशील सेवा ने श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा जगाया और प्रशासन की संवेदनशील छवि को और मजबूत किया।

    दुर्ग। शौर्यपथ।

    राजनीति की ऊँचाइयाँ जब किसी नेता को मंत्री पद तक ले जाती हैं, तब अक्सर जीवन में प्रोटोकॉल और व्यस्तताओं का ऐसा जाल बुन जाता है कि पुराने मित्र और रिश्ते धीरे-धीरे पीछे छूट जाते हैं। परंतु यह भी एक सच्चाई है कि जो मित्र सच्चे होते हैं, वे किसी पद या ताज के मोह के कारण नहीं, बल्कि अपनत्व और आत्मीयता की डोर से जुड़े रहते हैं।

    इसी सत्य को सहजता से परिभाषित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज सुबह दुर्ग शहर में अपने पुराने मित्र मंडली के बीच सामान्य चाय-नाश्ते की चर्चा में शामिल हुए। गंजपारा स्थित एक होटल में बिना किसी औपचारिकता और प्रोटोकॉल के, मंत्री अपने साथियों के साथ पुराने दिनों की यादें ताजा करते नज़र आए।

    जहां राजनीति और सरकारी दायित्वों का बोझ हर पल मंत्री के कंधों पर होता है, वहीं यह दृश्य शहरवासियों के लिए चर्चा का विषय बन गया कि इतना बड़ा पद पाने के बावजूद भी मंत्री यादव अपने आत्मीय रिश्तों को जीवित रखना नहीं भूले। यह इस बात का प्रतीक है कि पद भले ही अस्थायी हो, मगर मित्रता जीवन की अमूल्य धरोहर है जो हर परिस्थिति में साथ रहती है।

    राजनीति और जिम्मेदारियों की कठोर राह में जब कोई नेता अपने पुराने दिनों की स्मृतियों और दोस्तों के संग बिताए पलों को सहेजकर आगे बढ़ता है, तब यह संदेश और गहरा हो जाता है कि –

    ? “मंत्री है तो क्या हुआ, इंसानियत और मित्रता ही असली पहचान है।”

    दुर्ग। शौर्यपथ। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था सुधार की दिशा में उठाए जा रहे सख्त कदमों के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव की कार्यप्रणाली का बड़ा असर…

    दुर्ग कांग्रेस: नए चेहरों से ही मिलेगी मजबूती

    आज की राजनीति में कांग्रेस को अपने संगठन में बड़ा बदलाव लाने की सख्त जरूरत है। दशकों से चली आ रही परिवारवाद की राजनीति ने पार्टी को कमजोर किया है, जिससे कई समर्पित कार्यकर्ता अपनी पूरी जिंदगी पार्टी के लिए काम करते रहे, लेकिन उन्हें कभी शीर्ष नेतृत्व में जगह नहीं मिली। अगर कांग्रेस इस परिवारवाद से हटकर नए और अनुभवी चेहरों को मौका देती है, तो यकीनन वह मजबूत होगी।

    अगर हम बात दुर्ग कांग्रेस की करें, तो मौजूदा समय में यह संगठन काफी कमजोर दिखाई देता है। इसकी निष्क्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्ग जिला मुख्यालय में होने वाले हर विरोध प्रदर्शन या आंदोलन की कमान अक्सर दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष के हाथ में होती है, और बाकी सभी बड़े नेता उनके पीछे-पीछे चलते नजर आते हैं। चाहे वो पूर्व सांसद प्रत्याशी राजेश साहू हों, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा और धीरज बाकलीवाल हों, या पूर्व विधायक अरुण वोरा, सभी आज एक ही अगुवाई में आंदोलन करते दिखते हैं। मंच पर अपनी वरिष्ठता का हवाला देकर ये नेता अपनी जगह तो बना लेते हैं, लेकिन संगठन में इनकी सक्रिय भागीदारी कहीं नजर नहीं आती।

    क्या सिर्फ मंच की राजनीति से काम चलेगा?

    मंच पर पहुंचने की इस राजनीति के भरोसे अगर दुर्ग कांग्रेस के नेता बैठे रहे, तो वे आम जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान कभी नहीं बना पाएंगे। जबकि, आज की राजनीति में जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की जरूरत है। आज दुर्ग में भाजपा के पास गजेंद्र यादव जैसे कैबिनेट मंत्री, ललित चंद्राकर जैसे दर्जा प्राप्त मंत्री और सरोज पांडे जैसी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। भाजपा में नए कार्यकर्ताओं को भी यह उम्मीद रहती है कि संगठन उन्हें कभी भी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकता है।

    वहीं, कांग्रेस में कार्यकर्ता आपस में यही चर्चा करते रहते हैं कि आखिर कब तक वे सिर्फ झंडे उठाएंगे और सड़कों पर लड़ते रहेंगे। हाल ही में हुए 'वोट चोर गद्दी छोड़' आंदोलन में कई समर्पित कार्यकर्ताओं को मंच पर जगह नहीं मिली, और पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा और धीरज बाकलीवाल जैसे अनुभवी नेता भी दरकिनार नजर आए। दूसरी तरफ परिवार वाद के मंचाधीन वर्चस्व को  प्रमुख स्थान पर देखकर एक बार फिर कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या उनका इस्तेमाल सिर्फ झंडे और डंडे के लिए ही होता रहेगा?

    भविष्य की राह और कार्यकर्ताओं का विश्वास

    वर्तमान और पिछली राजनीति में काफी अंतर आ गया है। कांग्रेस संगठन को यह बदलाव स्वीकार करना होगा। दुर्ग में राजेंद्र साहू, धीरज बाकलीवाल, क्षितिज चंद्राकर, जयंत देशमुख, दीपक दुबे, विजेंद्र पटेल, अभिषेक बोरकर, और अयूब खान जैसे कई युवा और अनुभवी नेताओ की लंबी फौज हैं, जिन्हें जिले की जिम्मेदारी दी जा सकती है। ये नेता हर क्षेत्र में आम जनता के बीच अपनी एक अलग छवि बनाए हुए हैं और सभी को साथ लेकर बखूबी काम कर सकते हैं।

    राजनीति की यह मांग अब बढ़ती जा रही है कि सालों से जमे पुराने चेहरों की जगह नए चेहरों को सामने लाया जाए। एक ही चेहरे से आम जनता भी ऊब चुकी है। नए और ऊर्जावान नेता ही राजनीति में आम जनता के बीच पकड़ को मजबूत करते हैं। अगर कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती रही, तो कोई बड़ी बात नहीं है कि आने वाले समय में दुर्ग कांग्रेस मुट्ठी भर लोगों तक सिमट कर रह जाएगी और दुर्ग में भाजपा का वर्चस्व और मजबूत होगा। कांग्रेस को यह समझना होगा कि जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। अगर उन्हें सही सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिलेगी, तो पार्टी कमजोर होगी और जनता का विश्वास भी खो देगी। दुर्ग कांग्रेस को अब अपनी इस पुरानी राजनीति को छोड़कर भविष्य की ओर कदम बढ़ाना होगा। तभी वह विपक्ष की भूमिका को मजबूती से निभा पाएगी और आम जनता के बीच अपनी पहचान बना पाएगी।

    क्षेत्र में चल रही राजनीतिक चर्चाओं केआधर पर

    दुर्ग। शौर्यपथ।

    दुर्ग जिला भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है, जिसमें संगठन ने 18 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह कदम भाजपा के संगठन को बूस्ट देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भाजपाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की अध्यक्षता में दुर्ग जिला भाजपा की 18 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।

    कार्यकारिणी में 6 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 मंत्री, 2 कोषाध्यक्ष व सह-कोषाध्यक्ष तथा 2 कार्यालय मंत्री नियुक्त किए गए हैं, जिससे सभी वर्गों और अनुभवी कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व मिला है।

    कार्यकारिणी की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से की गई है, जिससे भाजपा की संगठनात्मक शक्ति बढ़ाने का संदेश गया है।

    पदाधिकारियों से संगठन की नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने और लाभकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने की अपेक्षा जताई गई है।

    इससे पार्टी की स्थानीय रणनीति और सम्पर्क शक्ति मजबूत होगी, साथ ही सामाजिक संतुलन और युवा नेताओं का समावेश पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

    पदाधिकारियों की सूची में विविधता और अनुभव

    उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष, सह-कोषाध्यक्ष आदि सभी पदों पर अनुभवी और सक्रिय नेताओं को मौका दिया गया है — जो संगठनात्मक मजबूती की दृष्टि से सुखद और प्रेरणादायक है।

    भाजपा की नई टीम से स्थानीय राजनीति में तेज़ बदलाव और संगठन को चुनावी रूप से तैयार रखने की उम्मीद जताई जा रही है।

    यह कार्यकारिणी दुर्ग जिले की भाजपा संगठन को नयी ऊर्जा और दिशा देने के लिए बनी है।

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