August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

     ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में हुए मनरेगा के कार्यों का विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
      मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण
      छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है।
      इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
      मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
      इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चन्द्राकर, सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    By- नरेश देवांगन 

    ​जगदलपुर, शौर्यपथ। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत के साथ, एक सदियों पुरानी और अनूठी परंपरा 'जोगी बिठाई' भी सम्पन्न हो गई है। यहां बड़े आमाबाल के रघुनाथ नाग जोगी बनकर नौ दिन की कठोर तपस्या पर बैठे। मंगलवार को सिरहासार में आयोजित जोगी बिठाई रस्म के अवसर पर जगदलपुर के विधायक किरण देव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन सहित मांझी, चालकी, नाइक, पाइक, मेंबर, मेंबरिन तथा जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

    यह रस्म बस्तर दशहरा को बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से निभाई जाती है। इस वर्ष भी, हल्बा समुदाय का एक युवक नौ दिनों के उपवास और योग की मुद्रा में जगदलपुर के सिरहासार भवन में बैठ गया है।

     

    क्या है 'जोगी बिठाई' की रस्म?

    ​यह रस्म हल्बा जाति के एक पुरुष द्वारा लगभग 600 सालों से निभाई जा रही है। जोगी पितृमोक्ष अमावस्या के दिन सिरहासार भवन पहुंचता है और दशहरा की शुरुआत से लेकर नौ दिनों तक उपवास पर रहता है। इस दौरान वह केवल फल और दूध का सेवन करता है। इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर दशहरा का भव्य आयोजन बिना किसी विघ्न के सफलतापूर्वक पूरा हो।

     

    कैसे निभाई जाती है यह रस्म?

    ​जोगी के रूप में बैठने वाले व्यक्ति को कई विशेष प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले, वह अपने पितरों का श्राद्ध करता है। इसके बाद, उसे नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और मावली माता मंदिर ले जाया जाता है, जहां तलवार की पूजा होती है। पूजा के बाद, जोगी तलवार लेकर सिरहासार भवन लौटता है और एक कुंड में योगासन की मुद्रा में बैठ जाता है। इस दौरान उसे बुरी नजर से बचाने के लिए चारों ओर कपड़े का पर्दा लगाया जाता है। नौ दिनों तक जोगी इसी अवस्था में रहकर बस्तर की शांति के लिए तपस्या करता है।

     

    ​पौराणिक कथा: महाराजा का सम्मान

    ​इस रस्म से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि बहुत साल पहले, दशहरा के दौरान एक हल्बा युवक ने निर्जल उपवास रखकर तपस्या शुरू कर दी थी। जब तत्कालीन महाराजा को इस बात का पता चला, तो वह स्वयं युवक से मिलने गए। युवक ने महाराजा को बताया कि उसने यह तपस्या दशहरा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए की है। इससे प्रसन्न होकर, महाराजा ने उसके लिए सिरहासार भवन का निर्माण करवाया और इस परंपरा को हमेशा के लिए जारी रखने का आदेश दिया।

     

    ​आज भी यह रस्म उसी सम्मान और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है, जो बस्तर दशहरा को न केवल एक पर्व, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत बनाती है।

      गरियाबंद / शौर्यपथ। जिले से मारपीट और जानलेवा हमले का गंभीर मामला सामने आया है। पीडब्ल्यूडी में डेलीवेज पर कार्यरत एक कर्मचारी को उसके घर के पास पुरानी रंजिश के चलते देर रात गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि वार्ड क्रमांक 08 डाक बंगला पारा निवासी गजेन्द्र बघेल ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

    आधी रात हुआ हमला

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित सोमवार 22 सितंबर की रात लगभग 12:15 बजे अपने साथी ऋतुराज देववंशी के साथ दुर्गा पंडाल की सजावट का काम खत्म कर घर लौट रहा था। जैसे ही वह घर के पास पहुंचा, तभी गजेन्द्र बघेल वहां आया और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू कर दिया।

    गालियाँ, धमकी और फिर हमला

    पीड़ित का कहना है कि गजेन्द्र बघेल ने आते ही अश्लील गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर आरोपी ने जमीन पर पड़ी टाइल्स उठाकर उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। इससे उसके सिर से खून बहने लगा और वह लहूलुहान हो गया।

    साथी बना प्रत्यक्षदर्शी

    घटना के समय मौजूद ऋतुराज देववंशी ने पूरी वारदात अपनी आँखों से देखी और बीच-बचाव किया। इसके बाद घायल ने राजकुमार यादव को पूरी बात बताई। पीड़ित ने शिकायत में लिखा कि आम जगह पर गाली-गलौच और हमला उसके लिए बेहद अपमानजनक रहा और जान से मारने की धमकी ने उसे भयभीत कर दिया है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पीड़ित ने मामले की लिखित रिपोर्ट गरियाबंद पुलिस को सौंपी और उचित कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि घटना पुरानी रंजिश के चलते हुई। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

     सांसद विजय बघेल करेंगे उद्घाटन, विभिन्न खेलों का होगा आयोजन

    दुर्ग / शौर्यपथ / खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2025 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्घाटन सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में होगा। उद्घाटन समारोह गुरुवार 25 सितंबर 2025 को दोपहर 12 बजे  भिलाई विद्यालय, सेक्टर-2 भिलाई दुर्ग में आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग (ग्रामीण) विधायक  ललित चंद्राकर करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वैशालीनगर विधायक राकेश सेन, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे उपस्थित रहेंगी।
        ज्ञात हो कि राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों का प्रदर्शन होगा। जिसमें फेंसिंग, नेटबॉल, ट्रैक साइक्लिंग, लॉन टेनिस, जूडो और टेबल टेनिस (बालक/बालिका) जैसे रोमांचक खेल शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में राज्य भर के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग दुर्ग द्वारा उक्त क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

    भाजपा राज में प्रशासनिक अराजकता हावी
    जब भाजपा के कार्यकर्ता प्रताड़ित किये जा रहे तब आम आदमी का क्या होगा

    रायपुर/ शौर्यपथ राजनीती / पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने भाजपा सरकार के बदनुमा चेहरे को दिखाया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र प्रदेश में फैली प्रशासनिक अराजकता को बयान करता है। भाजपा राज में प्रशासनिक अराजकता हावी है। ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में सिल-सिलेवार बताया है कि किस प्रकार से प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ताओं और पत्रकार को प्रताड़ित कर रहे है। जब भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह हाल है तो आम आदमी के साथ यह अधिकारी कैसा सलूक करते होगें, इसकी कल्पना की जा सकती है। ननकी राम कंवर का यह आरोप गंभीर है कलेक्टर डीएमएफ फंड का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तिगत लाभ ले रहे। कोरबा के डीएमएफ फंड की राशि के खर्चे की जांच करवाई जानी चाहिये।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है प्रदेश के कलेक्टर लोकहित में काम नहीं करते है, व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिये अपने संवैधानिक शक्ति का दुरुपयोग कर रहे है। अधीनस्थों पर दबाव बनाकर अनैतिक काम कराया जाता है, जो न्यायहित में नहीं है तथा लोकतंत्र के लिये खतरा है। कलेक्टर सरकार के प्रतिनिधि है, वे वही करते है जैसा सरकार चाहती है। कलेक्टर गलत कर रहे मतलब सरकार उनसे वैसा करवा रही है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ननकी राम कंवर ने तो केवल एक जिले के कलेक्टर के बारे में पत्र में लिखा है। पूरे प्रदेश में यही हालात है। ननकी राम कंवर के पहले भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष आदिवासी नेता रवि भगत ने भी बेलगाम नौकरशाही और मंत्री के मनमानी को उजागर किया था। सरकार की कमजोर पकड़ के कारण प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है। पिछले एक साल में राज्य में काम करने की संस्कृति समाप्त हो गई है। आम आदमी अपने रोजमर्रा के कामो के लिये सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है, किसी की कही सुनवाई नहीं हो रही है।

    बचत उत्सव मोदी सरकार की जीएसटी पर लूट पर पर्दा की कोशिश, जनता समझ रही - कांग्रेस

    रायपुर / शौर्यपथ / जीएसटी रिफॉर्म के बाद भाजपा को बचत उत्सव नहीं बल्कि 8 साल के अनवरत लूट के लिए “प्रायश्चित दिवस” मनाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म के बाद स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार ने अनियमित जीएसटी लगाकर गरीब जनता ,माध्यम वर्गी परिवार किसानों आम लोगो की बचत को 8 सालों में लूटकर 55 लाख करोड रुपए अतिरिक्त कमाई की है, इससे सभी वर्गों की आर्थिक हालत खराब हुई है। जीएसटी रिफॉर्म मोदी सरकार की अपनी गलतियों की प्रायश्चित है, भाजपा को मोदी सरकार की गलतियों के कारण आम जनता को जो मानसिक, आर्थिक, व्यापारिक नुकसान हुआ है उसके लिए घर-घर जाकर माफी मांगनी चाहिए और प्रायश्चित दिवस मनाना चाहिए।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता 8 साल से महंगाई  डायन से पीड़ित  थी और जब महंगाई कम करने मांग विपक्ष उठाता रहा है तब भाजपा के नेता महंगाई के लिए अंतरराष्ट्रीय कारणों को जिम्मेदार बताते थे। जबकि सच्चाई यह है देश में खाद्यान्न सामग्री आवश्यक वस्तुओं के कीमतें कृषि यंत्रों पुस्तक, कॉपी, दवाईयां, एवं ऑटोमोबाइल व अन्य जरूरी सामानों के कीमतों के लिए मोदी सरकार के द्वारा मनमानी तरीके से थोपी गई जीएसटी कारण था। छोटे उद्योग, स्वदेशी उत्पादक, एमएसएमई बर्बाद हो गये, बरोजगारी और महंगाई बेतहाशा बढ़ गई।  जीएसटी रिफॉर्म के बाद आज खुद सरकार स्वीकार कर रही है कि महंगाई जीएसटी के अनियंत्रित स्लैबों के कारण था। जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा है ऐसे में जीएसटी के कारण जो आम जनता को आर्थिक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कैसे होगी।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म में भी गोलमाल आज भी जीएसटी की दो नहीं बल्कि 6 स्लैब है। पुस्तक से 5 प्रतिशत जीएसटी हटाया गया है लेकिन पुस्तक जिस पेपर पर छपता है उस पेपर पर 18 पर्सेंट जीएसटी लगा दिया गया है, जो पहले 12 प्रतिशत के स्लैब में था। 2500 से अधिक मूल्य के रेडीमेड गारमेंट और फूटवियर जो पहले 12 प्रतिशत में था उसमें भी 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करके 18 प्रतिशत के स्लैब में ला दिया गया है। पूजन सामाग्री अगरबत्ती, लोभांग पर भी जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया गया है। यही नहीं 40 वस्तुओ पर जीएसटी की दरे बढ़ाई गई है। 19 वस्तुओं को 12 प्रतिशत से बढ़ा कर 18 प्रतिशत तथा 17 वस्तुओं पर 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत के भारीभरकम स्लैब में रखा गया है, अभी भी 35 से अधिक कृषि उत्पाद जीएसटी के दायरे में है, कफन पर भी यह सरकार बेरहमी से जीएसटी वसूल रही है। जीएसटी रिफॉर्म के पहले कई बड़ी कंपनियों ने अपने उत्पाद के दाम में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि किया है ऐसे में जीएसटी रिफॉर्म से महंगाई कम होगा यह जनता को गुमराह करने वाला है। फिर भाजपा किस मुंह से बचत दिवस मना रही है जबकि लोगों की बचत खत्म करने के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार हैं ऐसे में भाजपा को प्रायश्चित दिवस मनाना चाहिए। घर-घर जाकर जनता से माफी मांगना चाहिए और जीएसटी  रिफॉर्म का पारदर्शी तरीके लाभ जनता को मिले यह सुनिश्चित करना चाहिए।

    गृह मंत्री विजय शर्मा को झंडा विवाद कराने में मास्टरी हासिल है -- कांग्रेस

    रायपुर/ शौर्यपथ / कवर्धा जिले के कामठी में दो समुदायों के बीच में विवाद सरकार की लापरवाही और अक्षमता का परिणाम है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेहद चिंता का विषय है कि सरकार जिसका काम राज्य की कानून व्यवस्था बना कर रखना है, वही सरकार दो समाजों में आपसी झगड़े करवा रही है। सरकार चाहती तो यह घटना रोकी जा सकती थी। कवर्धा के कामठी गांव में जो कुछ हुआ उसके पीछे सरकार की अकर्मण्यता है। यह विवाद दो सालों से चल रहा था, सरकार ने दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता क्यों नहीं करवाया? बातचीत कर तनाव समाप्त कराने के बजाए सरकार ने वहां पर पुलिस से लाठीचार्ज क्यों करवाया? बेहद आपत्तिजनक है कि महिलाओं पर मर्द पुलिसवालों ने प्रहार किया।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गृह मंत्री की नासमझी और अक्षमता से यह स्थिति निर्मित हुई है। कवर्धा गृहमंत्री का गृह जिला है। कवर्धा में लगातार आपराधिक घटनाएं और सामाजिक तनाव की घटनाएं बढ़ गई है। गृह मंत्री स्वयं वहां पर विवाद को बढ़ावा देते है। लोहारीडीह, पंडरिया और कवर्धा शहर की अनेकों घटनाओं में गृह मंत्री ने अपने पद की मर्यादा के अनुसार आचरण नहीं किया और कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गृह मंत्री का आज भी आचरण बजरंग दल और भाजयुमो के कार्यकर्ता की भांति है। उनके बस में राज्य की कानून व्यवस्था संभालना नहीं है। कुछ दिनों पूर्व भी जब दो समुदायों के बीच झंडा को लेकर विवाद हुआ था तब भी गृह मंत्री भाजयुमो के अध्यक्ष को वहां झंडा लगाने भेजे थे। गृह मंत्री विजय शर्मा को झंडा विवाद कराने में मास्टरी हासिल है, वे कवर्धा झंडा कांड जैसा माहौल पूरे प्रदेश में बना कर राजनैतिक फायदा लेने की कोशिश में रहते है, जिसके कारण पूरे प्रदेश की शांति व्यवस्था खतरे में पड़ती है।

      राज्य शासन ने नियमों में किया संशोधन, पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से कराए जाने वाले कार्यों में अब प्रकाश व्यवस्था भी शामिल
      उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में स्ट्रीट लाइटिंग के कार्यों को पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से भी कराए जाने की व्यवस्था के दिए थे निर्देश   

     रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश के नगरीय निकायों में अब स्ट्रीट लाइटिंग (प्रकाश व्यवस्था) के कार्य पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से भी कराए जा सकेंगे। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इन निधियों से किए जाने वाले कार्यों की सूची में अतिरिक्त नवीन कंडिका जोड़ते हुए अब वार्षिक पात्रता राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत राशि प्रकाश व्यवस्था हेतु व्यय करने की अनुमति प्रदान की है। राज्य शासन ने इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।

    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से किए जाने वाले कार्यों में प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से किए जाने वाले कार्यों में प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल करने संबंधी परिपत्र मंत्रालय से सभी नगरीय निकायों को भेजा है।
      नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने हाल ही में 19 सितम्बर को प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए की पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि जारी की है। विभाग द्वारा निकायों को पार्षद निधि के कुल 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए तथा महापौर/अध्यक्ष निधि के कुल 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए आबंटित किए गए हैं।

        भिलाई / शौर्यपथ / नवरात्रि के पावन पर्व पर युवा खेल एवं सांस्कृतिक मंडल द्वारा इस वर्ष भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ स्थापना पूजा के साथ आज विधि-विधान से किया गया। इस बार का पंडाल अपने अनूठे “ड्रैगन थीम” और आकर्षक कलात्मकता के कारण भक्तों और दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना है।
       पंडाल में चलित ड्रैगन की झाँकियाँ, रंग-बिरंगी रोशनी, पहाड़ और जंगल की अद्भुत सजावट दर्शकों को अलौकिक अनुभूति कराएगी। इसके बीच विराजमान विशाल ड्रैगन और 13 फीट ऊँची माँ दुर्गा की प्रतिमा आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर सभी को भक्ति में डुबो देगी।
      समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए भोजन स्टॉल, मेले, झूले और निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था भी की है, ताकि परिवारजन और श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के उत्सव का आनंद उठा सकें।
      गौरतलब है कि युवा खेल एवं सांस्कृतिक मंडल ही छत्तीसगढ़ की वह संस्था है, जो लगातार तीनों प्रमुख पर्व — श्री गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा और दशहरा — को पूरे उल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाती आ रही है। इस वर्ष समिति का आयोजन 30वें दशहरा पर्व का भी हिस्सा है।
      समिति के अध्यक्ष चन्ना केशवलू ने नगरवासियों और प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित इस अद्वितीय पंडाल में पहुँचकर माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें और भक्ति, आस्था एवं उल्लास से ओतप्रोत इस सांस्कृतिक संगम का हिस्सा बनें।

       रायपुर / शौर्यपथ / महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में अपने छठे दिन स्वास्थ्य शिविरों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ एक बार फिर प्रभाव छोड़ा। 17 सितम्बर से शुरू हुआ यह राष्ट्रव्यापी अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा और मातृ, शिशु तथा पारिवारिक स्वास्थ्य को नई दिशा देने का संकल्प लिए हुए है।

    अभियान के छठे दिन एम्स रायपुर के बायोकैमिस्ट्री विभाग ने एसोसिएशन ऑफ बायोकैमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर सोसाइटी (ABCW) के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, धरसीवा ब्लॉक में गर्भावस्था एवं नवजात शिशु जांच पर विशेष शिविर आयोजित किया। इसमें 150 से अधिक प्रतिभागियों—मितानिनों, प्रशिक्षकों, स्वास्थ्य अधिकारियों, लैब तकनीशियनों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं—ने हिस्सा लिया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन और ग्लूकोज जांच की गई तथा उन्हें मातृ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
    कार्यक्रम में प्रो. (डा.) एली मोहापात्रा, डीन एवं विभागाध्यक्ष, बायोकैमिस्ट्री और अध्यक्ष ABCW, तथा डा. सुप्रवा पटेल, प्रोफेसर बायोकैमिस्ट्री एवं मानद महासचिव, ABCW ने उच्च रक्तचाप, एनीमिया, मधुमेह, जन्मजात हाइपोथायरायडिज़्म, जी6पीडी कमी और सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
    इसी क्रम में बाल रोग विभाग, एम्स रायपुर ने स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूट्रिशन के सहयोग से बाल एवं मातृ स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर गर्भावस्था देखभाल, संस्थागत प्रसव, मातृ पोषण और गर्भधारण के बीच उचित अंतर (HTSP) जैसे अहम विषयों पर संदेश दिए। वहीं, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के विद्यार्थियों ने मातृ पोषण और कैल्शियम अनुपूरण पर विषयगत प्रस्तुतियां दीं। इन सत्रों में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और गर्भावस्था देखभाल, शिशु पोषण तथा प्रसवोत्तर देखभाल से जुड़े प्रश्न पूछे।
    17 सितम्बर को आरएचटीसी कुरूद से आरंभ हुआ यह अभियान अब एक व्यापक पहल का रूप ले चुका है, जो मातृ, शिशु और पारिवारिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों को शामिल कर रहा है। छठे दिन की गतिविधियों ने एक बार फिर यह संदेश दृढ़ किया कि — “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।”

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