August 13, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35244)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5876)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ / राजीव गांधी किसान न्याय योजना में खरीफ 2020 में जिन कृषकों के द्वारा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी फसल ली गई है, उनके बोये गये रकबे का पंजीयन संबंधित सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ हो गया है। योजना में प्रावधानित फसलों के रकबे का पंजीयन हेतु कृषक पंजीयन फार्म में अपना पूर्ण विवरण भरकर अपने संबंधित सेवा सहकारी समिति में सत्यापन एवं पंजीयन हेतु जमा कर सकते हैं। सहकारी समितियों को कृषकों का पंजीयन 30 नवम्बर 2020 तक अनिवार्य रूप से करना होगा।
    कृषकों के आवेदन पत्र का सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भूईयाँ पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम के गिरदावरी के आकड़ों के आधार पर किया जायेगा। सत्यापन उपरांत कृषक को संबंधित सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। समय-सीमा में पंजीयन कराने वाले कृषकों को फसल हेतु आदान सहायता राशि देने का प्रावधान शासन द्वारा निर्धारित है। इन फसलों हेतु आदान सहायता राशि की गणना संबंधित फसलों के गिरदावरी के अनुसार भूईया पोर्टल में संधारित रकबा के आधार पर आनुपातिक रूप से की जाएगी। इस प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त कृषकों के डेटाबेस के आधार पर नोडल बैंक द्वारा आदान सहायता राशि सीधे कृषकों के खातों में अंतरित की जाएगी।
    अपंजीकृत कृषकों को योजनान्तर्गत आदान सहायता अनुदान की पात्रता नहीं होगी। योजनान्तर्गत शामिल फसलों के अतिरिक्त अन्य फसल जैसे धान, मक्का एवं गन्ना पर आदान सहायता राशि देय नहीं होगी। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीयन आवेदन प्राप्त कर सकते है।

    मंत्री गुरु रूद्रकुमार : हाथकरघा संघ ने लांच की 'रामायण साड़ी' रायपुर / शौर्यपथ / ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की विशेष पहल पर जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर के सिद्धहस्त बुनकरों…

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल ने आज शहर में चल रहे विकास कार्यो के अंतर्गत गवली पारा और राजेन्द्र पार्क क्षेत्र और सिकोला बस्ती वार्ड का भ्रमण कर निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया गया । उन्होनें गवलीपारा में पुलिया निर्माण को तीन दिनों में पूरा कर अवगत कराने अधिकारी और ठेकेदार को निर्देश दिये । इस दौरान लोक कर्म प्रभारी अब्दुल गनी, एल्डरमेन अजय गुप्ता सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया व अन्य उपस्थित थे ।
    नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा वार्ड 31 लंगूरवीर वार्ड के गवली पारा में अमृत मिशन का पाइप लाईन विस्तार कार्य के दौरान पुलिया को तोड़ दिया गया था जिसका निर्माण किया जा रहा है। महापौर के द्वारा निरीक्षण दौरान गवली पारा स्थित पुलिया का निरीक्षण करते हुये कहा उन्होनें कहा यह मार्ग अधिक आवाजाही वाला है आम नागरिक परेशान हो रहे हैं। उन्होनें अमृत मिशन के ठेकेदार को बुलाकर तीन दिनों में पुलिया निर्माण पूरा कर अवगत कराने कहा। महापौर ने वार्ड 29 में राजेन्द्र पार्क से दादा-दादी, नाना-नानी पार्क तक सड़क किनारे लगाये जा रहे पेवर ब्लाक कार्य का अवलोकन किया गया । उन्होनें सड़क के दूसरे साईड भी पेवर ब्लाक निर्माण करने का प्रस्ताव बनाने अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होनें कहा सडृक को बीच में खुला न छो?ें, मार्ग में चलने वाले दिव्यांगों के अनुसार रेम्प भी बनायें । सडक के क्राम में भी पेवर ब्लाक लगायें । साथ ही कार्यो की गुणवत्ता का ध्यान अवश्य रखें । भ्रमण के दौरान महापौर ने वार्ड 16 सिकोला बस्ती के पार्षद खिलावन मटियारा से भी मुलाकात कर उनके वार्ड में चल रहे विकास कार्यो की जानकारी ली ।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक और लैब को कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच की अनुमति प्रदान की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा वाले लैबों की कुल संख्या 11 हो गई है। इनमें सात शासकीय और चार निजी क्षेत्र के लैब हैं। प्रदेश में रायपुर स्थित एम्स सहित सभी सात शासकीय मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा है। वहीं निजी क्षेत्र के दो मेडिकल कॉलेजों रिम्स रायपुर एवं श्रीशंकराचार्य भिलाई सहित रायपुर के लाइफवर्थ अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। राज्य शासन द्वारा आज रामकृष्ण केयर अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की अनुमति दी गई है।
    स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में सैंपलों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रदेश में जांच की सुविधा लगातार बढ़ाई जा रही है। अब 11 आरटीपीसीआर लैबों के साथ रोजाना आरटीपीसीआर जांच की क्षमता आठ हजार हो चुकी है। कोविड-19 की पहचान के लिए इस पद्धति से जांचे गए सैंपल के परिणाम सबसे सटीक होते हैं। इसमें गलत परिणाम की आशंका सबसे कम होती है। कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर जांच को सबसे अच्छा माना जाता है।
    प्रदेश में अभी प्रतिदिन 32 हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। इसमें ट्रू-नाट पद्धति और रैपिड एंटीजन किट से की जा रही जांच भी शामिल है। जांच की संख्या बढऩे से पिछले चार सप्ताह में संक्रमण की दर में कमी आई है। 25 नवम्बर को संक्रमण दर (स्क्कक्र) 5.5 प्रतिशत, 15 नवम्बर को 8.5 प्रतिशत, 01 नवम्बर को 8.6 प्रतिशत तथा 15 अक्टूबर को 10 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    रायपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले में लगभग ढाई वर्ष पूर्व हुई सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के इलाज के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरीज की गंभीर स्थिति को…

    संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार में मुख्यमंत्री के संदेश को सुना बच्चों ने
    राज्य स्तरीय वेबिनार में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और पालक शामिल हुए

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविधान दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वेबिनार में अपने संदेश में कहा कि व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता सुनिश्चित करना हमारे संविधान का अंतिम लक्ष्य है। हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने महान संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जब तक हमारा संविधान सुरक्षित है तभी तक हमारा देश और यहां रहने वाला हर व्यक्ति और उसका भविष्य सुरक्षित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी और संविधान निर्माताओं को नमन किया। वेबिनार का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और पालक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नई पीढ़ी के मन में अपने संविधान के प्रति आस्था और गौरव का भाव जगाने के लिए छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना के वाचन और संविधान के महत्वपूर्ण अंशों पर चर्चा की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित समस्त संविधान निर्माताओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे महान नेताओं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे मनिषियों ने यह सुनिश्चित किया कि हमारा देश अपने संविधान पर चलेगा। हमारा संविधान हम सब भारतीय मिलकर बनाएंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान के निर्माण में देश के हर वर्ग, हर समाज और हर क्षेत्र के विचारकों, चिंतकों और विधि विशेषज्ञों की भूमिका रही। गौरवशाली संविधान बनाने का काम पूरा करते हुए 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने इसे अंगीकार कर लिया, इसलिए आज का दिन संविधान दिवस कहलाया और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया। उन्होंने कहा कि संविधान की रचना उदारता और समग्रता के साथ की गई, उसमें न सिर्फ संविधान निर्माण प्रक्रिया में शामिल सभी लागों को भावनात्मक रूप से जोड़ा गया, बल्कि आने वाली पीढियों और जन-जन को, यह संविधान अपनेपन से जोड़ता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसे हम भारत के लोगों ने स्वयं बनाया और स्वयं समर्पित किया है। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का पठन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अपने संविधान में बताए गए रास्ते पर चलने के लिए संकल्पबद्व हो।
    स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बेबीनार में अपने संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्कूलो में प्रार्थना के दौरान संविधान के विषय में चर्चा की जाए, ताकि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप विद्यालय की व्यवस्था संचालन में बच्चों की भूमिका सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि संविधान महज एक किताब नहीं, वरन वह भारत की आत्मा है। संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है। मंत्री डॉ. टेकाम ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौरान और बाद में अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए अपना नियम, कानून या संविधान बनाए और सभी मिलकर अपने स्कूल या क्षेत्र में इसका पालन करे।
    संचालक लोक शिक्षण संचालनालय श्री जितेन्द्र शुक्ला ने बेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में शासन के मंत्रियों की तरह बच्चों को मंत्री बनाया जाए तथा उन्हें तदनुरूप भूमिका भी प्रदान की जाए, ताकि वे संवैधानिक प्रक्रियाओं से परिचित होते रहें। छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रो. व्ही. के. गोयल ने संविधान की उद्देशिका का वाचन किया तथा संविधान के महत्व पर चर्चा की। सहायक संचालक समग्र शिक्षा डॉ. एम. सुधीश ने संविधान से संबंधित गतिविधियों के आयोजन के संबंध में चर्चा की। विषय विशेषज्ञ के पैनल में श्रीमती अर्चना वर्मा सहायक प्राध्यापक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, श्रीमती प्रीति शुक्ला सहायक प्राध्यापक, धर्मेश शर्मा व्याख्याता, राजकुमार गेण्ड्रे व्याख्याता और विश्वदीप शुक्ला भूतपूर्व प्राचार्य केन्द्रीय विद्यालय सम्मिलित हुए। इन्होंने संविधान के दर्शन प्रस्तावना, स्त्रोत, महत्व, विशेषताएं एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओ पर सारगर्भित जानकारी वेबीनार में दी। वेबिनार का प्रसारण सोशल मीडिया पर भी किया गया।
    कार्यक्रम का संचालन राज्य मीडिया प्रभारी प्रशांत कुमार पाण्डेय ने किया। आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के उपसचिव जे. के. अग्रवाल ने किया। आयोजन में कुणाल, रोहित, भास्कर देवांगन ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / भोपाल उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में BJP सरकार लव जिहाद पर कानून लाने जा रही है. शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लव जिहाद…
    हैदराबाद / शौर्यपथ / ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच हैदराबाद से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने…

    शौर्यपथ दैनिक/धमतरी ब्यूरो
    *राजशेखर नायर*

    धर के आंगन में खेल रही मासूम बालिका का  पानी के ड्रम में डूबने से मासूम की मौत हो गई।

    सिहावा थाने से मिली जानकारी के अनुसार। ग्राम पंचायत सांकरा के छिंदीटोला निवासी, सहदेव मरकाम की डेढ़ वर्षीय बालिका रागिनी घर के आंगन में खेल रही थी ।
    खेलते खेलते आंगन में रखे पानी की स्टील ड्रम में सर के बल गिर जाने से मौत हो गई।

    वास्तु शाश्त्र /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गाय की पूजा की जाती है और मान्यता है कि…

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision