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खेल /शौर्यपथ / मोहम्मद कैफ का नाम आते ही, जो सबसे पहली याद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को आती है, वो है लॉर्डस का मैदान. जहां सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद फैन्स को लगा था कि नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल टीम इंडिया अब हार गई, मगर 2002 में उन दिन चमत्कार हुआ और यह चमत्कार मोहम्मद कैफ ने किया. कैफ के इसी चमत्कार ने सौरव गांगुली को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने के लिए मजबूर कर दिया था. आज यानी 1 दिसंबर को मोहम्मद कैफ अपना 40वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.
प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में जन्में कैफ ने मेवा लाल अयोध्या प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज सोरांव से 12वीं तक की पढ़ाई की है. इसके बाद वे क्रिकेट की दुनिया में ही रच बस गए. बचपन से ही उनका मन क्रिकेट में बसता था और वे प्रयागराज से कानपुर आ गए. यहां पर वे ग्रीन पार्क स्टेडियम के हॉस्टल में रहने लगे. यहीं से उनका सफर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचा.
भारत को बनाया पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन
घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत से उन्हें भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह मिल गई. साल 2000 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्हें कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने टीम इंडिया को इस कैटेगरी में वर्ल्ड चैंपियन बना दिया. उनके नेतृत्व में भारत ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. इसी साल उन्हें दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया. दो साल बाद ही वे वनडे टीम का हिस्सा बन गए और उन्होंने 2003 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया. उस समय वे युवराज सिंह के साथ मिलकर भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ हुआ करते थे.
2002 में दादा को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने को किया मजबूर
इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली गई उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है. कैफ ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मैच में नाबाद 87 रनों की पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. कैफ ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में 325 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई भारतीय पारी को युवराज सिंह के साथ संभाला था और छठे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई थी. इस जीत के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर जश्न मनाया था.
सचिन के आउट होने के बाद कैफ का परिवार फिल्म देखने चला गया था
मोहम्मद कैफ ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि नेटवेस्ट सीरीज 2002 में सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद हर किसी को लग रहा था कि मैच खत्म हो गया है. इलाहाबाद में रह रहे कैफ के परिवार को भी यही लगा था. इसीलिए उनके पिता भी परिवार के साथ देवदास फिल्म देखने के लिए चले गए थे. लेकिन पीछे से उनके बेटे ने देश को यह जीत दिला दी थी.
स्लेजिंग कर नासिर ने तोड़ने की कोशिश की
मोहम्मद कैफ ने बताया था कि जब वह बल्लेबाजी करने आए तो नासिर हुसैन ने स्लेज किया और उन्हें यह समझने में समय लगा. दरअसल नासिर ने कैफ को बस ड्राइवर कहा था. जिसके बाद कैफ ने कहा कि यह बस ड्राइवर के लिए बुरा नहीं है. कैफ ने कहा कि टीम को 326 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल करना था और बल्लेबाजी पर आने से पहले हमारा मूड सही नहीं था. युवराज और मैं यूथ टीम में ही साथ थे और हम दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझते थे. युवी अपने शॉट्स खेल रहे थे और मैंने भी रन निकालने शुरू किए. मैच धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा.
मोहम्मद कैफ का क्रिकेट करियर
कैफ ने भारत के लिए 125 वनडे मैच खेले जिनमें 32.01 की औसत से 2753 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रहा. उन्होंने अपने वनडे करियर में दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए. कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच भी खेले. खेल के लंबे प्रारूप में कैफ का औसत 32.84 का रहा जिसकी मदद से उन्होंने 22 पारियों में 624 रन बनाए हैं. टेस्ट में कैफ के नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 148 है. कैफ को भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स में से एक माना जाता है. वह 2003 में विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे. कैफ ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेला था. वह अभी आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम का हिस्सा हैं.
खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दूसरे वनडे इंटरनैशनल मैच में हार का सामना करना पड़ा। रविवार को खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 51 रनों से जीत दर्ज की और साथ ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली। सीरीज के पहले दोनों मैचों में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने काफी निराश किया है। रविवार को ऑस्ट्रेलिया ने 389 रन बनाए, जिसमें स्टीव स्मिथ की सेंचुरी के अलावा डेविड वॉर्नर, आरोन फिंच, मार्नस लाबूशेन और ग्लेन मैक्सवेल की हाफसेंचुरी शामिल थी। यह लगातार दूसरा मैच था, जिसमें टीम इंडिया को 370+ लक्ष्य मिला था। पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर इस दौरान विराट कोहली की कप्तानी से कुछ खास खुश नहीं दिखे। उन्होंने विराट की कप्तानी की आलोचना की है।
गंभीर ने कहा कि वह इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि विराट ने नई गेंद के साथ जसप्रीत बुमराह को महज दो ओवर ही क्यों दिए। गंभीर ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के पोस्ट मैच शो में कहा, 'सच कहूं तो मुझे उनकी कप्तानी समझ में नहीं आई। हम लगाता इस बारे में बात कर चुके हैं कि शुरुआत में विकेट लेना कितना अहम है अगर हमें इस तरह के बैटिंग लाइन-अप को रोकना है, फिर आप अपने मुख्य गेंदबाज से दो ओवर करवाते हैं। वनडे में ज्यादार गेंद 4, 3, 3 ओवर के तीन स्पेल करते हैं या फिर चार-चार ओवर के स्पेल।'
उन्होंने कहा, 'लेकिन अगर आप अपने मुख्य तेज गेंदबाज को महज दो ओवर करवाते हैं, तो इस तरह की कप्तानी मुझे समझ नहीं आती। इस तरह की कप्तानी को मैं एक्सप्लेन भी नहीं कर सकती हूं। यह टी20 क्रिकेट नहीं है। मुझे यह फैसला समझ नहीं आया और इसका कोई कारण नजर नहीं आता, यह खराब कप्तानी थी।' गंभीर ने साथ ही कहा कि भारत वॉशिंगटन सुंदर या शिवम दुबे जैसे क्रिकेटरों का इस्तेमाल कर सकता है, जो छठे गेंदबाज का रोल अदा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, 'अगले मैच में वॉशिंगटन सुंदर या शिवम दुबे या ऐसे किसी खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जगह दी जा सकती है, जिससे समझ आए कि वह वनडे फॉर्मैट में कैसा करते हैं, लेकिन अगर आपके पास ऑस्ट्रेलिया में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, तो यह सिलेक्टर्स की गलती है।'
खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेल जा रहे पहले वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर और आरोन फिंच ने टीम को बेहतरीन शुरुआत दी है और ऑस्ट्रेलिया ने बिना कोई विकेट गंवाए 70 रन बना लिए हैं। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मैच में कमेंट्री के दौरान एडम गिलक्रिस्ट से बड़ी चूक हो गई, उन्होंने पिता के निधन के लिए सिराज की जगह नवदीप सैनी का नाम ले लिया, गिलक्रिस्ट ने हालांकि अपनी इस गलती के लिए थोड़ी देर बाद ही मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी दोनों से माफी मांगी।
अभी कुछ दिन पहले मोहम्मद सिराज के पिता का निधन हो गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में होने के चलते सिराज अपने पिता के अंतिम संस्कार में नहीं गए थे और उन्होंने बीसीसीआई को भी अपना फैसला बता दिया था। मोहम्मद सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया की टेस्ट टीम का हिस्सा है। सिडनी में खेले जा रहे पहले वनडे मैच में एडम गिलक्रिस्ट इस बात को लेकर कंफ्यूज हो गए और उन्होंने पिता के निधन होने की बात करते हुए मोहम्मद सिराज की जगह नवदीप सैनी का नाम ले लिया। हालांकि, गिलक्रिस्ट ने अपने ट्विटर पर इस बात के लिए इन दोनों ही भारतीय तेज गेंदबाजों ने तुरंत माफी भी मांगी है।
सीरीज के पहले वनडे मैच में भारतीय टीम ने बतौर ओपनर मयंक अग्रवाल को मौका दिया है, जबकि नवदीप सैनी को तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। केएल राहुल इस मैच में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते दिखाई देंगे। कुलदीप यादव पहले वनडे मैच में अपनी जगह बनाने में नाकाम रहे हैं और आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई है।
खेल /शौर्यपथ / दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार 1986 विश्व कप में अर्जेंटीना की जीत के नायक डिएगो माराडोना का बुधवार को निधन हो गया। पेले की ही तरह 10 नंबर की जर्सी पहनने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिने जाने वाले माराडोना 60 वर्ष के थे। पिछले लंबे समय से वे कोकीन की लत और मोटापे से जुड़ी कई परेशानियों से जूझ रहे थे। माराडोना का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। दो सप्ताह पहले ही उनके दिमाग का ऑपरेशन हुआ था।
अर्जेंटीना में 3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है। दुनियाभर के फुटबॉलप्रेमियों में इस खबर से शोक की लहर दौड़ गई है और सोशल मीडिया पर इस महान फुटबॉलर को श्रृद्धांजलि दी जा रही है। फीफा ने उन्हें 2001 में ब्राजील के पेले के साथ खेल के इतिहास के दो महानतम खिलाड़ियों में शामिल किया था। दो सप्ताह पहले ही दिमाग के ऑपरेशन के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी।
विश्व कप 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ‘खुदा का हाथ’ वाले गोल के कारण फुटबॉल की किवदंतियों में अपना नाम शुमार कराने वाले माराडोना दो दशक से लंबे अपने कैरियर में फुटबालप्रेमियों के नूरे नजर रहे। माराडोना ने बरसों बाद स्वीकार किया था कि उन्होंने जान-बूझकर गेंद को हाथ लगाया था। उसी मैच में चार मिनट बाद हालांकि उन्होंने ऐसा शानदार गोल दागा था जिसे फीफा ने विश्व कप के इतिहास का महानतम गोल करार दिया।
अर्जेंटीना ने उस जीत को 1982 के युद्ध में ब्रिटेन के हाथों मिली हार का बदला करार दिया था। माराडोना ने 2000 में आई अपनी आत्मकथा ‘ आई एम डिएगो’ में लिखा था- वे मैच जीतने की कोशिश से बढ़कर कुछ था। हमने कहा था कि इस मैच का जंग से कोई सरोकार नहीं है लेकिन हमें पता था कि वहां अर्जेंटीनाइयों ने अपनी जानें गंवाई थीं। यह हमारा बदला था। हम अपने देश के लिये खेल रहे थे और यह हमसे बड़ा कुछ था।
नशे की लत और राष्ट्रीय टीम के साथ नाकामी ने बाद में माराडोना की साख को ठेस पहुंचाई लेकिन फुटबॉल के दीवानों के लिए वे ‘गोल्डन बॉय’ बने रहे। साहसी, तेजतर्रार और हमेशा अनुमान से परे कुछ करने वाले माराडोना के पैरों का जादू पूरी दुनिया ने फुटबॉल के मैदान पर देखा। विरोधी डिफेंस में सेंध लगाकर बाएं पैर से गोल करना उनकी खासियत थी। उनके साथ इतालवी क्लब नपोली के लिए खेल चुके सल्वाटोर बागनी ने कहा कि वे सब कुछ दिमाग में सोच लेते थे और अपने पैरों से उसे मैदान पर सच कर दिखाते थे।
बढते मोटापे से करियर के आखिर में उनकी वह रफ्तार नहीं रह गई थी, वहीं 1991 में उन्होंने कोकीन का आदी होने की बात स्वीकारी और 1997 में फुटबॉल को अलविदा कहने तक इस लत ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। वे दिल की बीमारी के कारण 2000 और 2004 में अस्पताल में भर्ती हुए। नशे की लत के कारण उनकी सेहत गिरती रही। वे 2007 में हेपेटाइटिस के कारण अस्पताल में भर्ती हुए।
अर्जेंटीना के कोच के रूप में उन्होंने 2008 में फुटबॉल में वापसी की लेकिन दक्षिण अफ्रीका में 2010 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल से टीम के बाहर होने की गाज उन पर गिरी। इसके बाद वे संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल वस्ल के भी कोच रहे।
शोक में डूबा खेल समुदाय : महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के निधन से भारतीय खेल समुदाय भी शोक में डूब गया और सोशल मीडिया पर इस महानायक को श्रृद्धांजलि दी गई । भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि उन्होंने अपने नायक को खो दिया।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई प्रमुख गांगुली ने लिखा कि मेरा हीरो नहीं रहा। माय मैड जीनियस रेस्ट इन पीस। मैं आपके लिए फुटबॉल देखता था। गांगुली ने 2017 में कोलकाता में माराडोना के साथ एक चैरिटी मैच भी खेला था।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि फुटबॉल और विश्व खेल जगत ने आज महानतम खिलाड़ियों में से एक खो दिया। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे डिएगो माराडोना। आपकी कमी खलेगी।
भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने ट्वीट किया कि अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना फुटबॉल के मैदान पर एक जादूगर की तरह थे। फुटबॉल ने आज एक नगीना खो दिया। उनका नाम फुटबॉल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज रहेगा।
स्टायलिश बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने लिखा कि खेल के महानायकों में एक-एक डिएगो माराडोना का निधन। खेल जगत के लिए दु:खद दिन। उनके परिवार, दोस्तों और हितैषियों के प्रति संवेदना।
भारत के पूर्व हॉकी कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने लिखा कि तमाम यादों और पागलपन के लिए धन्यवाद। भारत के पूर्व फुटबॉलर आई एम विजयन ने लिखा कि फुटबॉल के भगवान, भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को महान फुटबाल खिलाड़ी डिएगो माराडोना के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि 'जादूगर' माराडोना ने यह दिखाया कि फुटबाल क्यों खूबसूरत खेल है। उन्होंने ट्वीट किया कि महान खिलाड़ी माराडोना हमें छोड़कर चले गए। वे एक जादूगर थे जिन्होंने हमें दिखाया कि फुटबाल क्यों खूबसूरत खेल है। कांग्रेस नेता ने माराडोना के परिजन, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना प्रकट की।
खेल / शौर्यपथ / वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट 12 साल से अधिक समय गुजार चुके भारतीय कप्तान और रन मशीन विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे इंटरनैशनल सीरीज में सबसे तेज 12,000 रन बना सकते हैं और क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। विराट के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 27 नवंबर से शुरू होने वाला दौरा कई मायनों में निजी तौर पर अहम साबित होने वाला है। भारत को इस दौरे में तीन वनडे, तीन टी-20 इंटरनैशनल और चार टेस्ट खेलने हैं। हालांकि विराट टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेलकर पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट जाएंगे।
भारतीय कप्तान को सचिन के रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सबसे प्रबल दावेदार माना जाता है। विराट के पास वनडे सीरीज में सबसे तेज 12 हजारी बनने का मौका रहेगा। वह अभी इस उपलब्धि से महज 133 रन दूर हैं। तीन मैचों की इस सीरीज में विराट इस उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं। सीरीज में 133 रन बनाते ही विराट वनडे में 12 हजार रनों के शिखर पर पहुंचने वाले दुनिया के छठे खिलाड़ी बन जाएंगे। विराट के पास वनडे में सबसे तेज 12 हजारी बनने का भी मौका रहेगा और इस मामले में वह मास्टर ब्लास्टर सचिन का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सचिन ने 12,000 रनों तक पहुंचने के लिए 300 पारियां खेली थीं और 13 साल 73 दिन का समय लगाया था।
विराट के अभी 248 मैचों से 11,867 रन हैं और उन्होंने 239 पारियां खेली हैं। विराट ने अपने वनडे करियर की शुरुआत 18 अगस्त 2008 को की थी और वनडे क्रिकेट में उन्हें अभी 12 साल से कुछ अधिक समय हुआ है। इस आधार पर वह सचिन के पारियों और समय के दोनों रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। वनडे में अब तक पांच खिलाड़ियों ने 12,000 रन पूरे किए हैं। सचिन ने 463 मैचों में 18,426 रन, श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 404 मैचों में 14,234 रन, ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग ने 375 मैचों में 13,704 रन, श्रीलंका के सनत जयसूर्या ने 445 मैचों में 13,430 रन और श्रीलंका के महेला जयवर्धने ने 448 मैचों में 11,867 रन बनाए हैं।
धोनी, युवी, तेंदुलकर की इस मामले में बराबरी कर सकते हैं विराट
इस महीने 5 नवम्बर को अपना 32वां जन्मदिन मनाने वाले विराट इस सीरीज का दूसरा मैच खेलते ही वनडे में 250 मैच भी पूरे कर लेंगे और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह आठवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत में अब तक सचिन, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, युवराज सिंह और अनिल कुंबले ने 250 या उससे अधिक वनडे खेले हैं। विराट के पास इस दौरे में तीनों फॉर्मैट में 22,000 रन पूरे करने का भी मौका रहेगा। विराट के अभी तीनों फॉर्मैट में कुल 416 मैचों से 21,901 रन हैं। उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए 99 रनों की जरूरत है। तीनों फॉर्मैट में कुल सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड सचिन के नाम है, जिन्होंने 664 मैचों में 34,357 रन बनाए हैं। विराट इस मामले में वेस्ट इंडीज के ब्रायन लारा को पीछे छोड़ सकते हैं जिनके नाम 22,358 रन हैं।
पोंटिंग को छोड़ सकते हैं पीछे
विराट तीनों फॉर्मैट में कुल शतकों के मामले में ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग की बराबरी कर सकते हैं या उन्हें पीछे छोड़ सकते हैं। इस मामले में पोंटिंग के कुल 560 मैचों से 71 शतक हैं, जबकि विराट के 416 मैचों से 70 शतक हैं। विराट ने टेस्ट में 27 और वनडे में 43 शतक बनाए हैं। विराट का टी-20 में कोई इंटरनैशनल शतक नहीं है और इस फॉर्मैट में उनका बेस्ट स्कोर नॉटआउट 94 रन है। भारतीय कप्तान के पास टी-20 सीरीज में रोहित शर्मा से अपनी बढ़त आगे करने का मौका रहेगा। टी-20 इंटरनैशनल क्रिकेट में विराट और रोहित में लगातार नजदीकी होड़ चल रही है। विराट ने इस फॉर्मैट में 82 मैचों में 2794 रन बनाए हैं, जबकि रोहित ने 108 मैचों में 2773 रन बनाए हैं। रोहित को उनकी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया में वनडे और टी-20 सीरीज से आराम दिया गया है और वह चार टेस्टों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में लौटेंगे। टी-20 सीरीज में रोहित की अनुपस्थिति से विराट इस फॉर्मैट में अपने रनों की संख्या को आगे ले जा सकते हैं और रोहित से फासला बढ़ा सकते हैं।
खेल /शौर्यपथ / टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के किस खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में सबसे ज्यादा निराश किया। विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी टीम प्लेऑफ में तो पहुंची, लेकिन पहले ही एलिमिटेर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से हारकर बाहर हो गई। इस सीजन में आरसीबी की ओर से ऑस्ट्रेलियाई लिमिटेड ओवर कप्तान आरोन फिंच खेले, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके।
फिंच को आरसीबी ने 4.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। फिंच आरसीबी की ओर से 12 मैचों में 22.33 के मामूली औसत से 268 रन ही बना सके। फेसबुक पर अपलोड किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने कहा, 'आरोन फिंच आरसीबी के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी निराशा रहे। आरसीबी को उनसे काफी भरोसा था, और इसीलिए टीम मैनेजमेंट उन पर भरोसा दिखाता गया। उन्हें बल्लेबाजी के काफी मौके मिले। कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें मौका नहीं मिला। आप ऐसा मोइन अली के लिए कह सकते हैं कि वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन फिंच ने काफी मैच खेले।'
आकाश चोपड़ा ने कहा, 'लेकिन वह फॉर्म में बिल्कुल नजर नहीं आए। ना ही फॉर्म दिखी और ना ही रन दिखे। उन्हें ड्रॉप किया गया, लेकिन फिर से उन्हें वापस लाया गया क्योंकि जोशुआ फिलिप भी कुछ खास नहीं कर पाए। आपको फिंच से अपेक्षाएं रहती हैं, क्योंकि सोचिए देवदत्त पडीक्कल अच्छी फॉर्म में थे और अगर फिंच भी अच्छा खेलते तो विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर दबाव काफी कम रहता।
खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन समाप्त हो चुका है। मुंबई इंडियंस की टीम ने फाइनल मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 5 विकेट से हराकर आईपीएल के खिताब को पांचवीं दफा अपने नाम कर लिया है। मुंबई अपने टाइटल को इस साल डिफेंड करने में भी कामयाब रही है। टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने आईपीएल 2020 की अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम का नाम बताया है।
दिल्ली के खिलाफ मुंबई इंडियंस को मिली जीत के बाद एबी डिविलियर्स ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'शाबाश मुंबई इंडियंस, बिना किसी संदेह के इस साल की बेस्ट टीम' डिविलियर्स ने अपने ट्वीट के जरिए मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2020 की सबसे बेहतरीन टीम बताया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम इस सीजन आईपीएल के प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रही थी, लेकिन टीम को एलिमिनेटर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
एबी डिविलियर्स ने इस सीजन 15 मैचों में 158.74 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 454 रन बनाए, इस दौरान स्टार बल्लेबाज ने 5 हाफसेंचुरी भी लगा। डिविलियर्स ने एलिमिनेटर मैच में भी सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए बैंगलोर की टीम की तरफ से सबसे अधिक 56 रन बनाए थे, लेकिन इसके बावजूद टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 131 रन ही बना सकी थी।
खेल / शौर्यपथ /कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम को आईपीएल का दो बार खिताब जिताने वाले पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी पर जमकर बरसे हैं। गौतम गंभीर की कप्तानी में केकेआर की टीम ने साल 2012 और 2014 में आईपीएल की ट्रॉफी को अपने नाम किया था। इसके बाद, अगले छह सालों में टीम एक बार भी फाइनल तक नहीं पहुंच सकी है। आईपीएल 2020 में भी कोलकाता का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही थी।
गौतम गंभीर केकेआर की टीम पर सूर्यकुमार यादव को साल 2018 में रिलीज किए जाने को लेकर जमकर बरसे हैं और उन्होंने इसे टीम की सबसे बड़ी गलती बताया है। गंभीर ने ईसपीएन क्रिकइंफो के साथ बात करते हुए कहा, 'सूर्यकुमार यादव को मुंबई इंडियंस ने आसानी से हासिल नहीं किया है। केकेआर का यह पिछले 13 सालों में सबसे बड़ा नुकसान है। कोई जो युवा है, वो केकेआर की टीम में आाता है, चार साल खेलता है, बिल्कुल, हमारी उस समय की बल्लेबाजी को देखते हुए उनको वो बल्लेबाजी नंबर नहीं मिला, जहां उनको खेलना चाहिए था। मनीष पांडे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते थे, लेकिन सूर्यकुमार नंबर 6 या 7 पर बल्लेबाजी कर रहे थे। केकेआर आसानी के साथ सूर्यकुमार के आसपास बन सकती थी।'
बता दें कि सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल होने से पहले केकेआर की टीम का हिस्सा थे और वो इस टीम की तरफ से चार साल आईपीएल में खेले थे। हालांकि, बल्लेबाजी क्रम के चलते सूर्यकुमार का प्रदर्शन कोलकाता के लिए इतना अच्छा नहीं रहा था और 2018 में उनको टीम ने रिलीज कर दिया था। 2018 में सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल हुए थे और उसके बाद से तीनों ही सीजन में उनका बल्ला जमकर बोला है।
खेल /शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन खत्म हो चुका है। मुंबई इंडियंस की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिल्ली कैपिटल्स को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड पांचवीं बार आईपीएल के खिताब को अपने नाम कर लिया है। आईपीएल 2020 के समाप्त होने के बाद अब अगले साल होने वाले सीजन की तैयारियां शुरू होने लगी है। आईपीएल 2021 के लिए इस साल दिसंबर में ऑक्शन भी होना है, जहां टीमों में काफी फेरबदल देखने को मिल सकता है। इसी बीच, बीसीसीआई आईपीएल 2021 में 9वीं टीम को जोड़ने की तैयारी में है।
आईपीएल का ऑक्शन आमतौर पर दिसंबर में होता है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरल के चलते ऑक्शन में इस बार थोड़ी देरी हो सकती है। बीसीसीआई के प्रेसिडेंट सौरव गांगुली इस बात को पहले ही कह चुके हैं कि आईपीएल 2021 का सीजन मार्च और अप्रैल में खेला जाएगा और इसको देखते हुए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। द हिंदू की खबर के मुताबिक, आईपीएल ऑक्शन को साल 2021 की शुरुआत में करवाया जाएगा और आईपीएल का 14वां सीजन भारत में खेला जाएगा। कोरोना वायरस के चलते आईपीएल का यह सीजन यूएई में खेला गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई अगले साल होने वाले आईपीएल में एक नई टीम को शामिल करने वाली है, यही वजह है कि बीसीसीआई एक पूर्ण ऑक्शन करवाना चाहती है। अभी तक आईपीएल में कुल 8 टीमें खेलती हैं और अगर टूर्नामेंट में एक नई टीम को जगह मिलती है, तो इस फटाफट लीग में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं और टूर्नामेंट में मैचों की संख्या भी बढ़ सकती है। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस ने लगातार दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी को अपने नाम किया, पिछले साल टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर चौथी बार आईपीएल का खिताब जीता था।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
