August 15, 2026
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    भारत

    भारत (1082)

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ, समारोह में देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी - पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी रहे उपस्थित

        नई दिल्ली । एजेंसी ।
    भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक नया अध्याय जोड़ गया। वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह अवसर गौरव और संवैधानिक गरिमा का अद्वितीय संगम बन गया, जहाँ देश की लोकतांत्रिक यात्रा का नया पड़ाव दर्ज हुआ।

    शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री, संसद के दोनों सदनों के सदस्य, मुख्य न्यायाधीश, संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख और अनेक राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रंग दिया। आयोजन स्थल पर देश-विदेश के राजनयिक प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया। समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे, जिन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

    संविधान और संवाद की जिम्मेदारी
    सी.पी. राधाकृष्णन ने शपथ लेने के बाद अपनी संक्षिप्त अभिव्यक्ति दी और कहा कि वे संविधान की गरिमा बनाए रखने तथा लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि उच्च सदन में संवाद, सहमति और सकारात्मक बहस की परंपरा को और सशक्त बनाया जाए।”

    उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति के संवैधानिक पद पर भी आसीन हो गए हैं। अब उनके सामने उच्च सदन की कार्यवाही को गरिमा और संयम के साथ संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    भव्य लेकिन संयमित आयोजन
    राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित यह आयोजन परंपरागत गरिमा और सादगी का अद्भुत समन्वय था। राष्ट्रीय गान और औपचारिकताओं के बीच पूरा वातावरण लोकतांत्रिक गरिमा से परिपूर्ण दिखाई दिया। देश की राजनीति, न्यायपालिका और प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने इसे ऐसा अवसर बना दिया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।

    राजनीतिक सफर और अनुभव
    सी.पी. राधाकृष्णन का सार्वजनिक जीवन लंबा और विविध रूप से सक्रिय रहा है। विभिन्न संसदीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी सादगी और संगठनात्मक क्षमता से विशेष पहचान बनाई। उन्हें अब उच्च सदन में संवाद को सार्थक दिशा देने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।

    देश की निगाहें अब राज्यसभा पर
    विशेषज्ञों का मत है कि उपराष्ट्रपति के रूप में राधाकृष्णन की भूमिका संसद की दिशा तय करने में निर्णायक होगी। देश की निगाहें अब राज्यसभा पर टिकी हैं, जहाँ वे संवाद की नई संस्कृति और लोकतंत्र की मजबूती की राह प्रशस्त करेंगे।

    इस प्रकार देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन का पदभार ग्रहण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक बन गया है।

    इंजीनियरों की टीम हर हफ़्ते करेगी काम, महानदी पर बनेगा समन्वय का नया ढाँचा

    नई दिल्ली / रायपुर / शौर्यपथ /
    भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है।
      इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा।
      बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।
      अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे।
     अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो।
     विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।

    निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग से छत्तीसगढ़ को मिलेगी वैश्विक औद्योगिक पहचान

    सियोल/ रायपुर / शौर्यपथ /
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस चर्चा में छत्तीसगढ़ में निवेश, तकनीकी सहयोग और स्किलिंग के नए अवसरों को लेकर सार्थक संवाद हुआ।

    KITA एशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक मंच है, जिसके 77,000 से अधिक सदस्य हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, और कुशल मानव संसाधन की क्षमता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि—
    "छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच यह सहयोग केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिश्तों को भी मजबूती देगा। इससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर मिलेंगे और औद्योगिक विकास की नई राह खुलेगी।"

    निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि KITA के साथ यह साझेदारी छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

    कोरियाई कंपनियों की रुचि

    बैठक में KITA के चेयरमैन और वाइस प्रेसिडेंट ने छत्तीसगढ़ की नीतियों को निवेश-अनुकूल बताया और कहा कि कोरियाई कंपनियाँ यहाँ खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर उत्साहित हैं।

    प्रदेश की जनता को होगा प्रत्यक्ष लाभ

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सहयोग से किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

    • हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे।

    • तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

    • युवाओं को स्किलिंग और टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग के वैश्विक अवसर मिलेंगे।

    विदेश यात्रा का महत्व

    मुख्यमंत्री श्री साय अपने 10 दिवसीय विदेश दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया में हैं। इस दौरान वे लगातार वैश्विक निवेशकों से मुलाकात कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल माहौल को मजबूती से प्रस्तुत कर रहे हैं। उनकी यह पहल प्रदेश के लिए औद्योगिक क्रांति के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

        रायपुर / शौर्यपथ / सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा आगामी 22 अगस्त से 2 सितम्बर 2025 तक विदिशा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
      सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत केंद्रीय नियंत्रण श्रेणी के पदों—सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक, धर्म गुरु (जेसीओ), जेसीओ कैटरिंग, एजुकेशन हवलदार और हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर—की भर्ती प्रक्रिया 31 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 को होगी।
      इन पदों के लिए केवल वे ही उम्मीदवार पात्र होंगे जिन्होंने सेना द्वारा जून-जुलाई 2025 में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) उत्तीर्ण किया है। रैली के दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, दस्तावेज़ों की जांच और चिकित्सीय परीक्षण किया जाएगा।
      भर्ती में शामिल होने वाले योग्य उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र शीघ्र ही उनके ई-मेल पर भेज दिए जाएंगे। भर्ती स्थल पर प्रवेश केवल प्रवेश पत्र पर अंकित तिथि और समय के अनुसार ही मिलेगा। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि अभ्यर्थियों की दौड़ रात्रि 1 बजे से प्रारंभ होगी।
      रैली में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, सभी आवश्यक दस्तावेज़ अधिसूचना अनुसार तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे छत्तीसगढ़ का वैश्विक मंच पर नेतृत्व

         रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ अब विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रहा है। जापान के ओसाका वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर, औद्योगिक विकास और निवेश-अनुकूल वातावरण को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ है, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है।
      13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित यह विश्व स्तरीय आयोजन “Designing Future Society for Our Lives” विषय पर आधारित है। इसके तीन प्रमुख उप-विषय—“Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives”—हैं। एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार, सह-निर्माण और सतत विकास के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि –

    “छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल हमारी सांस्कृतिक और तकनीकी उपलब्धियों को विश्व पटल पर प्रदर्शित करेगी, बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश-अनुकूल गंतव्य के रूप में राज्य की स्थिति को भी और अधिक मजबूत बनाएगी।”

    भारत मंडप और छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान

    भारत सरकार के सहयोग से “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन भी इस आयोजन का केंद्र बिंदु होगा, जहां प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्म स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को दर्शाता विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।

    इसी बीच छत्तीसगढ़ ने अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का मन मोह लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत प्रदर्शित यह धातु कला राज्य की शिल्पकला और परंपरा की अनूठी पहचान बन चुकी है।

    युमेशिमा आइलैंड पर होगा राज्य का विशेष स्टॉल

    छत्तीसगढ़ को भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर युमेशिमा आइलैंड, कोनोहनाकु स्थित विशाल एक्सपो परिसर में राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करने का अवसर मिला है। यहां राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ आधुनिक औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को भी प्रदर्शित करेगा। इस दौरान छत्तीसगढ़, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।

    वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरता छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में न केवल राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

    यह अवसर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की नई तस्वीर—आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक साझेदारी को अपनाने वाला भारत—को विश्व समुदाय के सामने प्रस्तुत करेगा। ढोकरा कला से लेकर आधुनिक उद्योगों तक, छत्तीसगढ़ अब दुनिया के सामने अपनी संभावनाओं, परंपराओं और प्रगति की दमदार कहानी कहने के लिए तैयार है।

    18 साल बाद भारत की रेटिंग में सुधार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया देश की आर्थिक मजबूती का प्रमाण

    रायपुर / shouryapath / वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings द्वारा भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-’ से बढ़ाकर ‘BBB’ तथा अल्पकालिक रेटिंग को ‘A-3’ से ‘A-2’ कर स्थिर दृष्टिकोण (Stable Outlook) के साथ अपग्रेड किया गया है।
      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अपग्रेड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक नीतियों की मजबूती, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
      मुख्यमंत्री साय ने इस  उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अपग्रेड 18 वर्षों बाद हुआ है, S&P ने आखिरी बार जनवरी 2007 में भारत की रेटिंग बढ़ाई थी।
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष हुआ यह रेटिंग अपग्रेड यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के विश्वास  का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के आर्थिक सामर्थ्य और हर भारतीय के बेहतर जीवन के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का वैश्विक प्रमाण है।

      नासिक / शौर्यपथ / सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन सीबीआईने महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के इगतपुरी स्थित रेनफॉरेस्ट रिसॉर्ट में चल रहे अवैध कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों के नागरिकों को ठगने में लिप्त था।
      सीबीआईने 8 अगस्त 2025 को मुंबई निवासी छह निजी आरोपियों और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपी मिलकर अमेज़न सपोर्ट सर्विसेज कॉल सेंटर के नाम पर फर्जी कॉल कर विदेशी नागरिकों को गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगते थे।
      छापेमारी के दौरान सीबीआई को कॉल सेंटर में काम कर रहे लगभग 60 ऑपरेटर मिले, जिनमें डायलर, वेरिफायर और क्लोज़र शामिल थे। उस समय विदेशी नागरिकों से ठगी की प्रक्रिया लाइव चल रही थी।
      कार्रवाई में 44 लैपटॉप, 71 मोबाइल फोन, ₹1.20 करोड़ नकद, 500 ग्राम सोना और ₹1 करोड़ की सात लग्जरी कारें बरामद हुईं। डिजिटल साक्ष्यों के साथ लगभग 5000 USDT (₹5 लाख) की क्रिप्टोकरेंसी और 2000 कनाडाई डॉलर (₹1.26 लाख) के गिफ्ट वाउचर भी पकड़े गए।
      अब तक सीबीआईने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — विशाल यादव, शेबाज़, दुर्गेश, अभय राज उर्फ राजा और समीर उर्फ कालिया उर्फ सोहैल। मामले में अन्य आरोपियों और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
     सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा है, जो भारत से संचालित होकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।

    विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; विभागीय प्रगति, शहरी विकास और छत्तीसगढ़ के जमीनी मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर प्रधानमंत्री को दी बधाई; शहरी फैलाव, भूमि अधिकार और योजना समन्वय पर रखे अहम सुझाव

    नई दिल्ली /रायपुर / शौर्यपथ /

       भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के लिए बधाई दी। यह अभियान देश में सक्रिय आतंकवादी खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया गया था। श्री साहू ने प्रधानमंत्री के निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की "आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता" की नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है।
      इस अवसर पर साहू ने प्रधानमंत्री को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत चल रही प्रमुख आवासीय और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ राज्य की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
     श्री साहू ने प्रधानमंत्री को बताया कि देशभर में अराजक शहरी विस्तार (अर्बन स्प्रॉल) एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि निजी कारों पर निर्भरता को कम करने और मिश्रित-प्रयोजन विकास (जहां आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक उपयोग के स्थान एक साथ हों) को बढ़ावा देकर इस विस्तार पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "हमारा ध्यान जन-परिवहन उन्मुख विकास (ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट) पर है, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का समावेश होता है। इससे निजी वाहनों की निर्भरता कम होती है। विभिन्न शोधों से स्पष्ट है कि इस प्रकार की योजना से कार उपयोग में 20% से 50% तक की कमी लाई जा सकती है, जिससे शहरी भीड़ घटेगी और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।"
      बैठक में प्रधानमंत्री ‘सूर्य गृह मुफ्त बिजली योजना’ को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम-आवास) से जोड़ने के विषय पर भी चर्चा हुई। श्री साहू ने प्रस्ताव रखा कि इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली निःशुल्क बिजली को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित सभी घरों में लागू किया जाए। इससे बिजली के वितरण की लागत घटेगी, टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और लाभार्थी ऊर्जा दक्ष घरों में निवास कर सकेंगे। साथ ही, सरकारी सब्सिडी युक्त लघु ऋणों तक उनकी पहुंच सुगम हो सकेगी जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
      श्री साहू ने प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ राज्य की जमीनी स्थिति और क्षेत्रीय चुनौतियों से भी अवगत कराया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास, शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की भूमिका और जटिल भूमि विवादों पर चर्चा की।
      विशेष रूप से "बड़े झाड़ का जंगल" से लगे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां की बस्तियों में लोग दो से तीन पीढ़ियों से निवासरत हैं, लेकिन उन्हें वैध स्वामित्व नहीं मिल पा रहा है। इससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं और अतिक्रमी माने जाने के कारण बेदखली का खतरा बना रहता है। ये क्षेत्र जल, बिजली, और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं क्योंकि उनका दर्जा अभी भी वन क्षेत्र का है और इसलिए शहरी योजनाओं में उन्हें प्राथमिकता नहीं मिलती। छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में ऐसे भूमि विवाद सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं।
       श्री साहू ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 में हाल ही में किए गए संशोधन अब इन निवासियों को कानूनी स्वामित्व दिलाने में सहायक होंगे, जिससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने गैर-महत्वपूर्ण वन भूमि के प्रबंधन, दस्तावेज प्रक्रिया को सरल बनाने, और पूरक वृक्षारोपण जैसी रणनीतियों के माध्यम से वन विभाग एवं शहरी विकास एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
      बैठक में विचारों का रचनात्मक आदान-प्रदान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ने सभी विषयों पर मार्गदर्शन दिया और आवास तथा शहरी बुनियादी ढांचे के सतत विकास में केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।
     श्री साहू ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, समावेशी विकास की प्रतिबद्धता, और "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र को चरितार्थ करने के प्रति आभार प्रकट किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि भारत की प्रगति का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।

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