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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एम्स में घायल जवानों से की मुलाकात
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा थे उपस्थित:जवानों का बढ़ाया हौसला
रायपुर / शौर्यपथ / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों के घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अपनी वीरता से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में जाकर उन सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि देश उन पर भरोसा और गर्व करता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगातार 21 दिनों तक ऑपरेशन चलाकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। जवानों के इस शौर्य और साहस पर पूरे देश को गर्व है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घायल जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने जवानों के साहस और समर्पण को प्रणाम करते हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
रायपुर / शौर्यपथ / भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने आज भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM), नई दिल्ली में हरियाणा और एनसीटी दिल्ली के बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs), BLO पर्यवेक्षकों, और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
फील्ड के कुल 371 निर्वाचन अधिकारी (बिहार से 306 BLOs; हरियाणा से 30 EROs और BLO पर्यवेक्षक; और एनसीटी दिल्ली से 35 EROs और BLO पर्यवेक्षक) इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। वर्तमान बैच को मिलाकर, पिछले दो महीनों में आयोग द्वारा नई दिल्ली में 2,600 से अधिक फील्ड अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
अपने उद्घाटन भाषण में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि BLOs को जल्द ही मानक पहचान पत्र जारी किए जाएंगे ताकि वे घर-घर सत्यापन के दौरान सुचारू रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने यह भी आगे कहा कि ये प्रतिभागी अपने संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अन्य BLOs को प्रशिक्षण देंगे। CEC ने प्रतिभागियों को यह स्पष्ट किया कि उन्हें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ही कार्य करना है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण, फॉर्म भरने और फील्ड स्तर पर चुनावी प्रक्रियाओं को लागू करने की व्यावहारिक समझ बढ़ाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। प्रतिभागियों को अंतिम निर्वाचक नामावलियों के विरुद्ध प्रथम और द्वितीय अपील की प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया जाएगा, जो क्रमशः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24(ए) के तहत जिलाधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट और धारा 24(बी) के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास की जाती हैं।
यह उल्लेखनीय है कि बिहार, हरियाणा और एनसीटी दिल्ली से 6-10 जनवरी 2025 के बीच विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अभ्यास की समाप्ति के बाद कोई अपील दाखिल नहीं की गई।
कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र, भूमिका निभाने की गतिविधियां, घर-घर सर्वेक्षण की नकल, केस स्टडीज और फॉर्म 6, 7 और 8 भरने के व्यावहारिक अभ्यास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को वोटर हेल्पलाइन एप (VHA) और आईटी टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों को ईवीएम और वीवीपैट्स की तकनीकी डेमो और मॉक पोल के माध्यम से भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।IIIDEM में छत्तीसगढ़ के फील्ड के निर्वाचन अधिकारियों का प्रशिक्षण मई के अंतिम सप्ताह में होना प्रस्तावित है ।
नई दिल्ली / एजेंसी / १2 मई २०२5
भारत और पाकिस्तान तत्काल प्रभाव से गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हो गए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में इस संबंध में घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशन्स महानिदेशक ने आज दोपहर युद्ध विराम का आह्वान किया जिसके बाद चर्चा हुई और यह सहमति बनी।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर सहमति बनी है। किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि दोनों पक्ष ज़मीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। इस सहमति को लागू करने के लिए दोनों पक्षों को निर्देश दे दिए गए हैं। श्री मिसरी ने कहा कि सैन्य संचालन महानिदेशक 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे।
नई दिल्ली / एजेंसी / भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए सरकार ने 24 हवाई अड्डों को बंद रखने की अवधि 14 मई तक बढ़ा दी है। एयर इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा है कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, चंडीगढ़, भुज, जामनगर और राजकोट के लिए उसकी उड़ानें 15 मई तक रद्द रहेंगी।
इस दौरान वैध टिकट वाले यात्रियों को पुनर्निर्धारण शुल्क पर एक बार छूट दी जाएगी या टिकट रद्द कराने पर पूरी धनराशि लौटाई जाएगी। विमानन कंपनियों ने यात्रा परामर्श जारी करके यात्रियों से हवाई अड्डों के बंद होने और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में नवीनतम जानकारी से अवगत रहने को कहा है।
नई दिल्ली / एजेंसी /
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) बोर्ड की बैठक में मतदान से परहेज किया, जिसमें पाकिस्तान के लिए नए बेलआउट पैकेज पर विचार किया गया। भारत ने पाकिस्तान के खराब ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों की प्रभावशीलता पर भी चिंता जताई और राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के लिए ऋण वित्तपोषण निधि के दुरुपयोग की संभावना पर भी चिंता जताई।
आईएमएफ ने आज एक अरब डॉलर के विस्तारित निधि सुविधा ऋण कार्यक्रम की समीक्षा की और पाकिस्तान के लिए 1.3 अरब डॉलर के नए लचीलापन और स्थिरता सुविधा ऋण कार्यक्रम पर भी विचार किया। बैठक में अपने बयान में, भारत ने बताया कि सीमा पार आतंकवाद के निरंतर प्रायोजन को पुरस्कृत करना वैश्विक समुदाय को एक खतरनाक संदेश भेजता है, फंडिंग एजेंसियों और दाताओं को प्रतिष्ठा के जोखिमों के सामने उजागर करता है, और वैश्विक मूल्यों का मजाक उड़ाता है।
पाकिस्तान आईएमएफ से लंबे समय से कर्जदार रहा है भारत ने कहा कि यदि पिछले कार्यक्रम एक ठोस मैक्रो-इकोनॉमिक नीति वातावरण बनाने में सफल रहे होते तो पाकिस्तान एक और बेल-आउट कार्यक्रम के लिए फंड से संपर्क नहीं करता।
भारत ने पाकिस्तान के मामले में आईएमएफ कार्यक्रम डिजाइनों की प्रभावशीलता और पाकिस्तान द्वारा उनकी निगरानी या उनके कार्यान्वयन पर सवाल उठाए। आईएमएफ ने भारत के बयान और वोट से उसके परहेज पर ध्यान दिया।
देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में मिला सेकंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का पुरस्कार
राज्य के दो जिले मोहला-मानपुर-चौकी और सक्ति को मिला बेस्ट परफॉर्मिंग जिला अवार्ड
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के शानदार प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 12वीं राष्ट्रीय समीक्षा बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ को देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में आज सेकंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राज्य के मोहला - मानपुर- चौकी और सक्ति को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बेस्ट परफॉर्मिंग जिला चुना गया है।यह दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन 18-19 अप्रैल 2025 को तिरुवनंतपुरम (केरल) में आयोजित हो रहा है।
भारत सरकार के कैबिनेट सचिव कृषि के करकमलों यह सम्मान आज छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से संयुक्त संचालक श्री बी.के. मिश्रा एवं उपसंचालक उद्यानिकी श्री नीरज शाह ने प्राप्त किया।इसके साथ ही मोहला-मानपुर-चौकी जिले की कलेक्टर श्रीमती तूलिका प्रजापति एवं सक्ति जिले के कलेक्टर श्री टोपनो ने बेस्ट परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट का अवार्ड प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह सम्मान राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम के मार्गदर्शन और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के किसानों के कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी और किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने हेतु जारी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
नई दिल्ली। शौर्यपथ।बहुचर्चित मोगा सेक्स स्कैंडल मामले में मोहाली की विशेष सीबीआई अदालत ने पंजाब पुलिस के चार पूर्व पुलिस अधिकारियों को दोषी करार दिया है. न्यायाधीश राकेश कुमार गुप्ता की अदालत में सुनाए गए फैसले में आरोपियों को भ्रष्टाचार और जबरन वसूली से संबंधित आरोपों में दोषी पाया गया.
दोषी करार दिए गए अधिकारी:
तत्कालीन एसएसपी मोगा दविंदर सिंह गरचा
तत्कालीन एसपी (हेडक्वार्टर) मोगा परमदीप सिंह संधू
तत्कालीन एसएचओ, थाना सिटी मोगा रमन कुमार
तत्कालीन एसएचओ, पुलिस स्टेशन सिटी मोगा इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह
अदालत ने दविंदर सिंह गरचा और पी.एस. संधू को भ्रष्टाचार रोकथाम (पीसी) एक्ट की धारा 13(1) और 13(2) के तहत दोषी ठहराया है. इसी तरह रमन कुमार और अमरजीत सिंह को पीसी एक्ट और आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली) के तहत दोषी करार दिया गया है. इसके अलावा अमरजीत सिंह को आईपीसी की धारा 384 और 511 के तहत भी दोषी ठहराया गया है.
हालांकि, अदालत ने अकाली नेता बरजिंदर सिंह उर्फ मखन और सुखराज सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अदालत ने दोषियों को सजा सुनाने के लिए 4 अप्रैल की तारीख तय की है. इस मुकदमे की पैरवी सीबीआई के सरकारी वकील अनमोल नारंग ने की थी.
कैसे पहुंची जांच सीबीआई तक?
शुरुआत में यह मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीआई ने दर्ज किया था. 11 दिसंबर 2007 के आदेशानुसार जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. अदालत ने राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का हवाला देते हुए राज्य पुलिस की निष्पक्ष जांच करने की क्षमता पर सवाल उठाया था. इसके बाद सीबीआई ने पीसी एक्ट 1988 की धारा 7, 13(2) और आईपीसी की धारा 384, 211 और 120B के तहत एफआईआर दर्ज की थी.
क्या थे आरोप?
जांच के दौरान पता चला कि दविंदर सिंह गरचा, परमदीप सिंह संधू, अमरजीत सिंह और रमन कुमार ने सरकारी अधिकारी होने के नाते अकाली नेता तोता सिंह के बेटे बरजिंदर सिंह उर्फ मखन और अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध आर्थिक लाभ लेने की साजिश रची. उन्होंने कथित तौर पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाईं और निर्दोष लोगों को केस से बाहर निकालने के लिए रिश्वत ली. इस साजिश में झूठे हलफनामे का भी इस्तेमाल किया गया.
गवाहों की भूमिका
इस मुकदमे के दौरान मनप्रीत कौर को सरकारी गवाह बनाया गया, लेकिन बाद में अदालत ने उसे विरोधी घोषित कर दिया, जिसके चलते उसके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. इसके अलावा रणबीर सिंह उर्फ राणू और करमजीत सिंह बाठ ने सरकारी गवाह के रूप में गवाही दी. वहीं, एक अन्य आरोपी मनजीत कौर की मुकदमे के दौरान मौत हो गई, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई.
बंगलुरु। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPRS Arya Pvt. Ltd. के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से Compressed Bio-Gas (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।
स्रोत - जनसम्पर्क विभाग
*छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम, आईईएसए एवं टाई बैंगलोर के साथ एमओयू पर किया साइन*
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद*
बेंगलुरू / शौर्यपथ / देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं।
इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
*बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं*
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे।
*देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश*
सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की।
*छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक*
- GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।
- क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी।
- ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।
- कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा।
- गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां ₹200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
- BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
