October 02, 2026
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    भारत

    भारत (1112)

      नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का आज दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। 92 वर्षीय डॉ. सिंह को शाम के समय सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें इमरजेंसी विभाग (आईसीयू) में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनका निधन हो गया।
         डॉ. सिंह का जाना भारतीय राजनीति और आर्थिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।  डॉ. मनमोहन सिंह की गिनती देश के सबसे कुशल और ईमानदार नेताओं में होती थी। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक करियर में ऐसे कई निर्णय लिए, जिन्होंने भारत की दिशा और दशा बदलने में अहम भूमिका निभाई।   भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात अर्थ शास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री के रूप में २००४ से २०१४ तक अपनी गरिमामय उपस्थिति भारतीय राजनीती में दर्ज कराई एवं इन वर्षो में देश को कुछ ऐसी उपलब्धि दी जो सदैव याद राखी जाएगी . पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की उपलब्धिया जिन्हें शब्दों में नहीं नापा जा सकता किन्तु एक कोशिश की जा सकती है सम्मानित पाठको के लिए .
    1. भारत में आर्थिक उदारीकरण का सूत्रपात
       डॉ. मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि 1991 में भारत में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री बने। उस समय देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो चुका था, और देश पर भारी कर्ज का दबाव था। ऐसे में डॉ. सिंह ने साहसिक निर्णय लेते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को उदारीकरण, निजीकरण, और वैश्वीकरण (LPG) के मार्ग पर ले जाने का काम किया। इन सुधारों ने भारत को एक नई आर्थिक ताकत बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
    2. सूचना प्रौद्योगिकी और टेलीकॉम क्षेत्र में क्रांति
       डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए देश में आईटी और टेलीकॉम क्रांति को बढ़ावा दिया। उनके कार्यकाल में भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की। बीपीओ और आईटी उद्योग ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए। टेलीकॉम सेक्टर में सुधार ने देश के कोने-कोने तक मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाई।
    3. RTI लागू हुआ
      प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में  सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, 12 अक्टूबर, 2005 को लागू हुआ।
    4. ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)
       डॉ. सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2006 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) लागू किया। यह योजना ग्रामीण भारत के गरीब परिवारों को 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार प्रदान करती है। इस योजना ने न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने में मदद की, बल्कि ग्रामीण विकास को भी गति दी।
    5. परमाणु समझौता और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
      डॉ. सिंह की दूरदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण 2008 में हुआ भारत-अमेरिका परमाणु समझौता है। यह समझौता भारत को सिविलियन परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इसके जरिए देश में ऊर्जा संकट को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की नींव रखी गई। हालांकि इस समझौते को लेकर राजनीतिक विरोध भी हुआ, लेकिन डॉ. सिंह ने अपने निर्णय से पीछे नहीं हटे।
    6. शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
       डॉ. सिंह के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में भी कई बड़े सुधार हुए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू किया, जिससे 6 से 14 साल के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी दी गई। इसके अलावा उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार लाने के लिए नए आईआईटी, आईआईएम और अन्य संस्थानों की स्थापना की।
    व्यक्तित्व और योगदान
      डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी सादगी, ईमानदारी और विद्वता के लिए याद किया जाता है। एक कुशल प्रशासक और नीतिकार होने के साथ-साथ वह एक संवेदनशील नेता भी थे। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की। डॉ. सिंह का निधन भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक युग का अंत है। उनके द्वारा किए गए कार्य और सुधार लंबे समय तक देश को प्रेरित करते रहेंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं 

       रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से राष्ट्रीय जुडो खिलाड़ी, कोंडागांव की बिटिया हेमबती नाग को आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया।
       इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हेमबती नाग को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व का विषय है। हेमबती ने कठिन परिस्थितियों में भी अपना हौसला नहीं खोया, अपनी अथक मेहनत और कड़े संघर्ष से उन्होंने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसे प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिटिया की यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / सरकार ने कहा है कि फाइव-जी सेवाएं सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चालू हो गई हैं और इस वर्ष 31 अक्‍तूबर तक देश के 783 जिलों में से सात सौ उनासी जिलों में उपलब्‍ध थीं। यह जानकारी  संचार और ग्रामीण विकास राज्‍यमंत्री डॉ० पी चंद्रशेखर ने राज्‍यसभा को एक लिखित उत्‍तर में दी। उन्‍होंने कहा कि अक्‍तूबर 2022 में फाइव जी सेवाएं शुरू होने के बाद से देश्‍भर में चार लाख साठ हजार फाइव-जी बेस ट्रांस रिसीवर स्‍टेशन स्‍थापित किये गये हैं।

    सार .. 5G अगली पीढ़ी की मोबाइल नेटवर्क क्षमता है जो उच्च गति पर डेटा के बड़े सेट के प्रसारण की सुविधा प्रदान कर सकती है। 3G और 4G की तुलना में 5G में कम विलंबता (न्यूनतम विलंब के साथ डेटा की एक निश्चित मात्रा को संसाधित करने की क्षमता) है, और यह विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगकर्ता के अनुभव को बढ़ाएगा।

       नई दिल्ली / शौर्यपथ / विपक्ष और सत्ता पक्ष के आरोप और प्रत्यारोपों के कारण राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार 12 दिसम्बर को भी प्रभावित हुई। भोजन अवकाश से पहले के सत्र में लोकसभा में भी व्यवधान आया, लेकिन इसके बाद सदन का सुचारू संचालन संभव हो सका। सत्ता पक्ष ने दोनों सदनों में कांग्रेस नेताओं और अमरीका स्थित जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन के बीच कथित संबंधों का मुद्दा उठाया। इस बीच, विपक्षी दलों ने अडाणी समूह पर कथत रिश्वत लेने के आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की।

    नई / शौर्यपथ / केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद-ब्रिक की दूसरी वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की। श्री सिंह ने वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज द्वारा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से हीमोफीलिया के लिए जीन थेरेपी के सफल परीक्षण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस परीक्षण की रिपोर्ट प्रतिष्ठित पत्रिका न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन ने भी दी है। श्री सिंह ने भारत के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र की परिवर्तनकारी यात्रा को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 14 प्रमुख जैव प्रौद्योगिकी संस्थानों के प्रशासन को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
        कार्यक्रम में, श्री सिंह ने ब्रिक की पहली वार्षिक रिपोर्ट, आई 3 सी ब्रिक-आरसीबी-पीएचडी कार्यक्रम विवरणिका और ब्रिक पूर्व छात्र पोर्टल का भी शुभारंभ किया।

      नई दिल्ली / शौर्यपथ / सशस्त्र सेना झंडा दिवस के सिलसिले में दिल्ली के राज निवास में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के साथ दिल्ली के वीरता सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर श्री सक्सेना ने कहा कि सेना झंडा दिवस देश के अमर जवानों और वीर नारियों की निस्वार्थ सेवाओं और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का एक विशेष अवसर है। सैनिकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे देश की शक्ति, मजबूती और साहस की सच्ची प्रतिमूर्ति हैं। श्री सक्सेना ने आम जनता के साथ-साथ सेना प्रमुखों और राज्य सैनिक बोर्ड से आग्रह किया कि वे हर संभव तरीके से सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करें। सैनिकों को उदारतापूर्वक दान देने के लिए उपराज्यपाल ने एक ई-भुगतान गेटवे भी लॉन्च किया।

    सार ...
    वीरता और निस्वार्थ बलिदान के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सैनिकों को वीरता पदक, परमवीर चक्र, वीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित किया जाता है। बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।

        नई दिल्ली / रायपुर / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के हरदीभाटा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार - 2024 समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों हरदीभाटा के सरपंच मुनेन कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विभिन्न श्रेणियों में हर साल पुरस्कार दिए जाते हैं। इस साल ये पुरस्कार कुल 15 राज्यों की 45 पंचायतों व संस्थाओं को दिए गए।
       इसी के तहत दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 27 पंचायतों को प्राप्त हुआ है। ये पुरस्कार कुल 9 विषयों के तहत दिया जाता है, जिनमें गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका युक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला हितैषी पंचायत शामिल हैं। ग्राम पंचायत हरदीभाटा को सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपए पुरस्कार की राशि भी प्रदान की गई।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के समापन और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
       मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों के सम्बन्ध में  केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में तेजी से कमी आई है। सरकार के प्रयासों से बस्तर अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार प्रभावी अभियान चला रहे हैं, और विकास कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
       मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 मकानों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।
       मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है।
       मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है।

    नई दिल्ली / एजेंसी /आज देश भर में राष्‍ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जा रहा है। लोगों में कानूनी जागरूकता लाने और सभी नागरिकों विशेषकर हाशिये पर रह रहे समुदायों के लोगों के लिए न्‍याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। एक समान समाज के निर्माण के लिए कई परियोजनाओं और गतिविधियों के माध्‍यम से विवादों के समाधान के लिए तंत्र को बढ़ावा देने तथा लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में शिक्षित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। 

        वंचित और हाशिये पर रह रहे लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्‍य से आठ नवम्‍बर 1995 को विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम बनाया गया था। इस ऐतिहासिक कानून के परिणामस्‍वरूप उसी वर्ष पांच दिसम्‍बर को राष्‍ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्‍थापना की गई, तब से राष्‍ट्रीय विधिक सेवा दिवस हर वर्ष मनाया जाता है।

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