
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला मिस यूनिवर्स 2021 पेजेंट को जज करने के लिए इजराइल में हैं. उर्वशी रौतेला को पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने परिवार के लिए आमंत्रित किया था.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला मिस यूनिवर्स 2021 पेजेंट को जज करने के लिए इजराइल में हैं. उर्वशी रौतेला को पूर्व पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने परिवार के लिए आमंत्रित किया था. अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने बेंजामिन नेतन्याहू पूर्व पीएम को कुछ हिंदी शब्द भी सिखाये, जो थे 'सब शानदार, सब बढ़िया' और उनके शब्दों पर इस डीवा की प्रतिक्रिया देखने में वाकई अनमोल थी. अभिनेत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो डाला. उर्वशी रौतेला ने कैप्शन दिया, 'इज्रायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू.' उर्वशी रौतेला ने पूर्व पीएम को 'श्रीमद्भगवद्गीता' भी उपहार में दी.
वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्वशी रौतेला वेब फिल्म इंस्पेक्टर अविनाश में अभिनेता रणदीप हुड्डा द्वारा निभाए गए इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा की वास्तविक जीवन पत्नी पूनम मिश्रा के किरदार में नजर आएंगी.
उर्वशी रौतेला कुछ और दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी दिखाई देंगी, जिनमें तेलुगु फीचर ब्लैक रोज शामिल है, जिसमें वह मुख्य भूमिका निभाएंगी, और सरवना अभिनीत 200 करोड़ की तमिल ब्लॉकबस्टर का अगला शेड्यूल जल्द ही शुरू होने वाला है.
इसके अलावा उर्वशी रौतेला ने अपनी आगामी फिल्म दिल है ग्रे का आधिकारिक पोस्टर साझा किया, जो हिट तमिल फिल्म थिरुट्टू पायले 2 का हिंदी संस्करण है.
तीन कानूनों को रद्द करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद, किसान अन्य मांगों का हवाला देते हुए विरोध स्थलों पर रुके हुए थे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर 15 महीनों से डेरा डाले हुए किसान शनिवार आज आंदोलन खत्म करके पंजाब और हरियाणा में अपने घरों को लौटेंगे. इसे दौरान वे विजय मार्च निकालेंगे. किसानों के आंदोलन ने केंद्र सरकार को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया था. आंदोलन खत्म होने के बाद किसान अब प्रदर्शनस्थल से अपने अस्थाई आवास हटा रहे हैं. आंदोलन को दौरान किसानों को कभी 'आतंकी' तो कभी 'खालिस्तानी' तक करार दिया गया, लेकिन किसानों ने अपना हौसला नहीं खोया और सरकार को उनके सामने कानून वापस लेने को सरकार को मजबूर होना पड़ा.
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टरों पर घर जाने वाले किसानों को बधाई देने के लिए हाइवे के किनारे विशेष व्यवस्था की गई है.
शुरुआत में विजय मार्च की योजना शुक्रवार के लिए बनाई गई थी, लेकिन तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर दुर्घटना के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित 13 लोग मारे गए थे.
तीन कानूनों को रद्द करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद, किसान अन्य मांगों का हवाला देते हुए विरोध स्थलों पर रुके हुए थे, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी और विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल था.
आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की पांच सदस्यीय समिति को बाकि मांगों पर केंद्र द्वारा लिखित प्रस्ताव भेजे जाने के बाद ही किसानों ने वापस लौटने के अपने फैसले का ऐलान किया.
केंद्र एमएसपी मुद्दे पर फैसला करने के लिए एक समिति बनाने पर सहमत हो गया है. समिति में सरकारी अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और किसान मोर्चा के प्रतिनिधि शामिल होंगे. सरकार किसानों के खिलाफ सभी पुलिस केस रद्द करने के लिए भी सहमत हो गई है, ये मामले हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए थे.
किसान मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई 700 किसानों की मौत के मुआवजे की मांग पर केंद्र ने कहा है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और पंजाब पहले ही घोषणा कर चुका है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाकि मुद्दों पर चर्चा के लिए किसान नेताओं से फोन पर बात करने के बाद केंद्र का प्रस्ताव आया था.
जिम्बाब्वे से दिल्ली पहुंचे एक यात्री की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बारे में पता चला है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
देश में ओमिक्रॉन बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक और मामला सामने आया है. जिम्बाब्वे दिल्ली पहुंचे एक यात्री की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बारे में पता चला है. इसके बाद दिल्ली में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर दो हो गई है. मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) भी शामिल रहा है.
दिल्ली में विदेश से आने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है. लोक नारायण जयप्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती 27 मरीजों की अब तक जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई है. इनमें से 25 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि दो लोगों के सैम्पल में ओमिक्रॉन पाया गया है.
ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति भारतीय है और विदेश यात्रा पर गया था, जहां से लौटने पर उसे कोरोना से संक्रमित पाया गया था.
देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइन जारी की थी. एक दिसंबर से जारी गाइडलाइन में जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट करना अनिवार्य कर दिया गया.
साथ ही दूसरे देशों से आने वाले दो फीसद लोगों का रेंडम बेस पर टेस्ट करना भी शामिल है. बावजूद इसके देश में ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. देश में सबसे पहले कर्नाटक में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सामने आए थे.
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के हाल ही में लॉन्च संस्मरणों में अयोध्या बेंच के अन्य न्यायाधीशों के साथ दिल्ली के लक्जरी होटल में डिनर के वक्त की एक तस्वीर है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के हाल ही में लॉन्च संस्मरणों में अयोध्या बेंच के अन्य न्यायाधीशों के साथ दिल्ली के लक्जरी होटल में डिनर के वक्त की एक तस्वीर है. इस तस्वीर का कैप्शन है 'सेलिब्रेटिंग द लैंडमार्क अयोध्या वर्डिक्ट'. अपनी किताब में, मुख्य न्यायाधीश गोगोई कहते हैं: "फैसले सुनाने वाली शाम को मैं न्यायाधीशों को डिनर के लिए ताज मानसिंह होटल ले गया. हमने चाइनीज खाना खाया और वहां की सबसे अच्छी वाइन की एक बोतल शेयर की."
अयोध्या विवाद के रूप में एक विवादास्पद मुद्दे पर फैसले का जश्न मनाना उचित था? न्यायमूर्ति गोगोई ने इस बात से इनकार किया कि डिनर एक जश्न था." उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल पूछा कि जब आप कभी दोस्तों के साथ डिनर के लिए जाते हैं, तो आपको बाहर का खाना चखने का मन नहीं करता है?"
यह पूछे जाने पर कि क्या यह असंवेदनशील नहीं होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो शायद फैसला हार चुके हैं. उन्होंने इसे खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "इनमें से सभी न्यायाधीश ने काम किया और चार महीने (अयोध्या फैसले पर) काम किया है. हम सभी ने इतनी मेहनत की, हमने सोचा कि हम एक ब्रेक लेंगे. क्या हमने कुछ ऐसा किया है जो उचित नहीं है?"
साक्षात्कार न्यायमूर्ति गोगोई की आत्मकथा को लेकर था, जिसका शीर्षक "जस्टिस फॉर द जज" है. इसमें कोर्ट की एक महिला स्टाफ द्वारा न्यायमूर्ति गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की सुनवाई की अध्यक्षता करने के उनके फैसले के बारे में भी है.
उन्होंने कहा, "मेरी किताब में एक वाक्य है, कि शायद पीठ में मेरी भागीदारी सही नहीं थी."
उन्होंने कहा कि यह फैसला उनकी प्रतिष्ठा को लेकर चिंता के चलते लिया गया है.
"सीजेआई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) स्वर्ग से नहीं उतरते हैं. 40 साल की कड़ी मेहनत के बाद मिली प्रतिष्ठा को नष्ट करने की कोशिश की जाती है. इस स्थिति में आपको एक कॉल लेने की आवश्यकता होती है. इसमें कुछ गलत हो जाता है."
सुनवाई के अंत में, बेंच ने एक आदेश पारित किया जिसमें मीडिया को "जंगली और निंदनीय आरोपों" की रिपोर्ट करने से सावधान रहने के लिए कहा गया. जैसे कि जस्टिस गोगोई के खिलाफ आरोपों को शुरू में ही लिखना. हालांकि, इस पीठ का हिस्सा रहे न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ा.
"आदेश घटना की रिपोर्टिंग में मीडिया को संयमित रहने के लिए दी गई एक तरह की सलाह थी... बेंच जो कहना चाह रही थी, वह यह है कि जो आरोप बेबुनियाद और निंदनीय हैं, उन्हें उचित सावधानी के साथ रिपोर्ट किया जाना चाहिए. बस इतना ही."
राज्यसभा में उनके विवादास्पद प्रवेश पर, न्यायाधीश ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, कि उन्होंने "इसे स्वीकार करने से पहले नहीं सोचा," और उन्होंने कल्पना नहीं की थी कि यह आरोप लगाया जाएगा कि यह सीट राफेल और राम जन्मभूमि मामलों में "दिए गए निर्णयों के लिए एक प्रतिफल थी"." उन्होंने कहा कि वे इस प्रस्ताव को इसलिए स्वीकार कर लिए क्योंकि इससे उन्हें न्यायपालिका और उनके गृह राज्य असम की समस्याओं को उजागर करने का अवसर मिलेगा.
राज्यसभा के रिकॉर्ड बताते हैं कि संसद में उनकी 10 फीसदी से भी कम उपस्थिति है.
राज्यसभा में उनकी उपस्थिति के खराब रिकॉर्ड के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से मुझे वहां जाने में बहुत सहज महसूस नहीं हुआ. और महामारी चल रही है और आज भी मैं राज्यसभा में जाने में बहुत सहज महसूस नहीं कर रहा हूं ... हालांकि सामाजिक दूरी के मानदंड लागू किए गए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है."
उन्होंने कहा, "मुद्दा यह है कि जब मुझे लगेगा कि राज्यसभा जाना चाहिए.. जब मुझे लगेगा कि जरूरी मामले हैं जिन पर मुझे बोलना चाहिए, मैं जाऊंगा... मैं एक मनोनीत सदस्य हूं. मैं किसी पार्टी के व्हिप द्वारा शासित नहीं हूं. मैं सदन का एक स्वतंत्र सदस्य हूं. मैं अपनी मर्जी से जाऊंगा और अपनी मर्जी से बाहर आऊंगा."
ऐसे आरोप भी लगे कि संसद की सीट राफेल और अयोध्या मामले जैसे मामलों में उनके फैसलों के लिए एक "इनाम" थी. इसपर उन्होंने कहा कि फैसले सिर्फ उनके नहीं थे बल्कि एक बेंच द्वारा पारित किए गए थे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ( Bipin Rawat), उनकी पत्नी और ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर की आज अंत्येष्टि की जाएगी. शुक्रवार सुबह 11 बजे से जनरल रावत और उनकी पत्नी के शवों को उनके परिवार, दोस्तों और जनता के अंतिम दर्शन के लिए उनके दिल्ली स्थित घर पर रखा जाएगा. अंत्येष्टि यात्रा दोपहर करीब दो बजे शुरू होगा. अंतिम संस्कार शाम 4 बजे बरार स्क्वायर श्मशान घाट में निर्धारित किया गया है.
वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने हादसे में शहीद हुए लोगों को बृहस्पतिवार को पालम हवाई अड्डे पर श्रद्धांजलि दी. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, थल सेना प्रमुख एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, एयर चीफ मार्शल ए वी आर चौधरी, रक्षा सचिव अजय कुमार उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के अन्य कर्मियों को मेरी श्रद्धांजलि. भारत उनके बहुमूल्य योगदान को कभी नहीं भूलेगा. वहीं पालम हवाई अड्डे पर हृदय विदारक दृश्य दिखे. एक हैंगर में 13 ताबूत रखे गए थे और इस दौरान परिवार के सदस्य भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर दिवंगतों के परिजनों के पास गए और उनसे कुछ मिनट तक बात की.
पार्थिव शरीरों को भारतीय वायुसेना के सी-130 जे विमान से सुलूर एयरबेस से दिल्ली लाया गया. श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पार्थिव शरीरों को धौलाकुआं स्थित सेना के अस्पताल ले जाया गया. बता दें कि जनरल रावत, उनकी पत्नी और ब्रिगेडियर लिद्दर के अलावा, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सशस्त्र बल के 10 जवानों की मृत्यु हो गई थी. दुर्घटना में मारे गए अन्य कर्मियों में लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पी एस चौहान, स्क्वाड्रन लीडर के सिंह, जेडब्ल्यूओ दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप ए, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक साई तेजा शामिल हैं. इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
किसानों ने एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा अपना आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया है. 11 तारीख़ से किसान वापसी शुरू कर देंगे.सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मांगें माने जाने के बाद किसान संगठनों ने आज शाम 5: 30 बजे फतह अरदास (victory prayer) और 11 दिसंबर को सिंघु और टिकरी धरना स्थल पर फतह मार्च (victory march)की योजना बनाई है. आंदोलन खत्म करने के बाद आगामी 15 दिसंबर को किसान नेता अमृतसर में स्वर्ण मंदिर जाकर मत्था टेकेंगे. 15 जनवरी को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली में फिर बैठक करेगा.
सरकार की ओर से किसान संगठनों को भेजे गए लेटर में यह बातें हैं...
- सरकार MSP की गारंटी पर समिति बनाएगी जिसमें SKM से किसान नेता शामिल होंगे
- देश भर में हुए किसानों पर मुक़दमे वापस होंगे
- सरकार मृत किसानों को मुआवज़ा देगी
- बिजली बिल को सरकार SKM से चर्चा करने के बाद संसद में लाएगी
- पराली जलाने पर किसानों पर कार्यवाही नहीं होगी
यूपी : गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर किसान आंदोलन के तेजी पकड़ने से भाजपा नेताओं की उड़ी नींद
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के दूसरे प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सहमति बनने के बाद किसानों के आंदोलन खत्म होने भी उम्मीद बंधी थी. केंद्र की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को किसानों ने स्वीकार कर लिया है. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में हुई एफआईआर (FIR) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बात भी मान ली है.
सरकार और किसान संगठनों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बनने वाली कमेटी में भी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिथियों के ही रहने की बात पर भी सहमति बन गई है. इलेक्ट्रीसिटी बिल पर भी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों से बात के बाद ही सरकार आगे बढ़ेगी. इसके साथ ही मुआवजे पर भी हरियाणा और यूपी तैयार हैं. केस वापस लेने की मांग और मुआवजे की मांग पर पंजाब सरकार की भी सहमति है. इसके साथ केंद्र सरकार भी दिल्ली में हुए मुक़दमों को वापस लेने को तैयार है. केंद्र सरकार ने किसानों का आंदोलन खत्म कराने के लिए आज उनके पास एक नया प्रस्ताव भेजा था.इससे पहले, सरकार मुआवजा देने को तैयार है. सरकार MSP पर कमेटी बना रही है जिसमें SKM के किसान नेता होंगे. सरकार देश में किसानों पर हुए सारे मुक़दमे वापस लेने को तैयार है. जैसे ही सरकार प्रस्ताव पर मुहर लगाकर देगी तो हम आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान कर देंगे.
Gen Bipin Rawat Helicopter Crash: आज जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाना है और शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
तमिलनाडु के नीलगिरि में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत सहित 13 लोगों का निधन हो गया है. ये हेलीकॉप्टर हादसा कल हुआ था. वहीं आज जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत का शव दिल्ली लाया जाना है. जानकारी के अनुसार जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर दिल्ली छावनी लाया जाएगा और शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. इनके पार्थिव शरीर को आज एक सैन्य विमान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचाया जाएगा.
शुक्रवार को 11 बजे जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास 3 कामराज मार्ग में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. दोपहर दो बजे इनके पार्थिव शरीर को सेना के तीनों अंगों के मिलिट्री बैंड के साथ धौलाकुआं के बरार स्कावयर ले जाया जाएगा. करीब 4 बजे धौलाकुआं के बरार स्कावयर में अंतिम संस्कार किया जाएगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज दोनों सदनों में तमिलनाडु के नीलगिरि में हुई इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बारे में विस्तार जानकारी देंगे. सूत्रों के अनुसार राजनाथ सिंह आज सुबह 11:15 बजे लोकसभा में और फिर दोपहर में राज्य सभा में बयान देंगे.
गौरतलब है कि जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया है. इस हेलीकॉप्टर में जनरल रावत, उनकी पत्नी सहित 14 लोग सवार थे. भारतीय वायुसेना (IAF) के जिस हेलीकॉप्टर में सवार थे, वो तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. Mi सीरीज के हेलीकॉप्टर ने सुलुर (Sulur) आर्मी बेस से उड़ान भरी थी, इसके कुछ ही देर बाद ये नीलगिरि में हादसे का शिकार हो गया था.
विपक्षी दलों का कहना है कि यह सरकारी हैंडल है, निजी नहीं. यह सरकार की भाषा नहीं हो सकती.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
PMO इंडिया के वैरिफाइड ट्विटर हैंडल से किए गए "लाल टोपी" वाले ट्वीट को लेकर विपक्षी दल हमलावर रुख में आ गए हैं. पीएमओ इंडिया के वैरिफाइड ट्विटर हैंडल से 7 दिसंबर को पीएम मोदी के समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए बयान के कई ट्वीट किए गए थे. विपक्षी दलों का कहना है कि यह सरकारी हैंडल है, निजी नहीं. यह सरकार की भाषा नहीं हो सकती.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि , 'प्रधानमंत्री के ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना गलत है. खुद मोदी जी काली टोपी लगाते हैं, उनकी पार्टी काली टोपी लगाती है, उनकी मात्री संस्था भी काली टोपी लगाती है. यह काली टोपी लगाने वाले काले दिमाग के साथ काला कानून लाते हैं. मुझे हैरानी नहीं होगी अगर वह लाल किला का नाम बदलकर काला किला कर दें. क्या वह 15 अगस्त को काला किले पर झंडा फहराएंगे?'
सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं, इसलिए कुछ भी बोल रहे हैं. साथ ही कहा कि उनके लिए रेड अलर्ट है, यूपी में लाल टोपी आने वाली है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि PMO के हैंडल से ऐसे ट्वीट कैसे कर सकते हैं. ये जनता के पैसे से चलता है, पार्टी फंड से नहीं. पीएमओ सरकारी दफ्तर है, निजी नहीं. पीएमओ के हैंडल से इस तरह की भाषा वाले ट्वीट करने का कोई तुक ही नहीं बनता. अगर आपको ये ट्वीट करने हैं तो पर्सनल हैंडल से करें
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लाल टोपी' वाले बयान पर पलटवार किया है. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषा बिगाड़ रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अपने वादे पूरे नहीं किए, इसलिए उन्हें भाषा बदलनी पड़ी है. अखिलेश यादव ने कहा, 'ये लाल रंग इमोशन का रंग है, लाल रंग क्रान्ति का प्रतीक है, लाल रंग बदलाव का प्रतीक है. वो जानते हैं इस बार यूपी में बदलाव होने जा रहा है. ये एक रंगी लोग भावनाएं नहीं समझ सकते.'
आरजेडी सांसद मनोझ झा ने कहा, 'राजनीति शर्मायी हुई हूं. ना जाने क्या हुआ आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर रहे है. हमने कभी भगवा पर टिप्पणी नहीं की. इस तरह लाल रंग पर टिप्पणी चुनाव को जोड़ना पीएम पद के मर्यादा के अनुरूप नहीं है. पीएम चुनाव के दौरान ज़्यादा ही बदल जाते है. देश को दो पीएम चाहिए एक चुनाव कराए दूसरे सरकार चलाये.
गौरतलब है कि पीएमओ इंडिया के वैरिफाइड ट्विटर हैंडल से 7 दिसंबर को लड़ीवार ट्वीट किए गए थे जिसमें समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा गया है, "आज पूरा यूपी भली-भांती जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है, आपकी दुख-तकलीफों से नहीं. लाल टोपी वालों को सत्ता चाहिए, घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए, माफियाओं को खुली छूट देने के लिए: PM@narendramodi" "लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए, आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए. और इसलिए, याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं यानि खतरे की घंटी: PM@narendramodi"
भारतीय वायु सेना (IAF) के MI-सीरीज के हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), बिपिन रावत, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य सवार थे, जो तमिलनाडु के कुन्नूर में कोयंबटूर और सुलूर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि दो बच गए हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में आर्मी चॉपर क्रैश पर जानकारी देने वाले हैं. सूत्रों ने बताया है कि रक्षा मंत्री ने इस मसले पर आर्मी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इसकी जानकारी पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी है.
भारतीय वायु सेना के MI-सीरीज के हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), बिपिन रावत, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य सवार थे, जो तमिलनाडु के कुन्नूर में कोयंबटूर और सुलूर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि दो बच गए हैं. उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है. समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे.
भारतीय वायुसेना ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है. एक ट्वीट में IAF ने कहा है, "सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ एक IAF Mi-17V5 हेलीकॉप्टर आज तमिलनाडु के कुन्नूर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच का आदेश दिया गया है."
मौके पर बचाव और राहत कार्य जारी है, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से इसमें मुश्किलें आ रही हैं. तमिलनाडु सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को दुर्घटनास्थल पर भेजा है. ऊटी से एक मेडिकल टीम और कोयंबटूर से विशेषज्ञ टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है. , जिससे पहचान मुश्किल हो रही है. बचाए गए लोगों को गंभीर चोटें आई हैं.
हेलिकॉप्टर ने सुलूर में सेना के अड्डे से उड़ान भरी थी और वेलिंगटन के रास्ते में था. Mi सीरीज के हेलिकॉप्टर भारतीय वायु सेना के सबसे बड़े हथियार हैं और इनका इस्तेमाल ऊंचाई वाले ऑपरेशनों में किया जाता है. उनका उपयोग प्रधानमंत्री सहित वीआईपी के लिए भी किया जाता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
