August 16, 2026
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    भारत

    भारत (1082)

    बेंगलुरु/शौर्यपथ/

    कर्नाटक के बेंगलुरु में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट Omicron से संक्रमित दो केस पाए गए हैं. लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है. दरअसल साउथ अफ्रीका (South Africa) का एक नागरिक जो भारत आकर दुबई लौट गया, वो भी Omicron से संक्रमित था. जब वो दुबई लौट गया, उसके बाद जीनोम सीक्वेसिंग (Genome Sequencing) की रिपोर्ट आई. माना जा रहा है कि ये भारत में Omicron का पहला केस था.

    द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, Omicron से संक्रमित साउथ अफ्रीका के नागरिक की उम्र 66 साल है. वो एक फार्मास्युटिकल कंपनी का रिप्रेजेंटेटिव है. Omicron संक्रमित 27 नवंबर को भारत के बेंगलुरु से वापस दुबई चला गया. ये शख्स 20 नवंबर को साउथ अफ्रीका से भारत आया था. जब वो बेंगलुरु पहुंचा था तब जांच में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी.

     

    कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दक्षिण अफ्रीका में फैलने के बाद सतर्कता बरतते हुए भारत ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को हाल ही सख्त ​बताया है. इसके चलते अब तक विदेश यात्रा से लौटे कुल 12 लोग कोरोना पॉजिटव पाए गए हैं.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ/

    कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दक्षिण अफ्रीका में फैलने के बाद सतर्कता बरतते हुए भारत ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को हाल ही सख्त ​बताया है. इसके चलते अब तक विदेश यात्रा से लौटे कुल 12 लोग संक्रमित पाए गए हैं जिन्हें दिल्ली के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आज चार नए मामले सामने आए हें, जबकि कल तक यह संख्या 8 थी. आज मिले चार नए मरीजों में से दो की RTPCR रिपोर्ट पॉजिटिव आई जबकि बाकी दो में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं, जिनका टेस्ट कराया जा रहा है. सभी चार मरीजों के सैम्पल आज जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे. इसके अलावा पिछले 8 सैंपल पहले ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जा चुके हैं.

    आज एडमिट कराए गए मरीजों में से दो यूके से, एक फ्रांस से और एक नीदरलैंड से आया है. इससे पहले LNJP अस्पताल में कल तक जिन आठ लोगों को भर्ती कराया गया था, उनमें से 4 RT-PCR टेस्ट में संक्रमित पाए गए थे, जबकि 4 लोगों में लक्षण थे.

    गौरतलब है कि जब से भारत ने नई ट्रैवल एडवाइजरी लागू की है, तब से ही देशभर में हवाई अड्डों पर "जोखिम भरे" देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच की जा रही है. केवल उन्हीं यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव है. वहीं जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है उन्हें आइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है.

     

     

     

     

    भारत /शौर्यपथ

    चक्रवात जवाद रविवार सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है. इसके फलस्‍वरूप भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

    चक्रवात जवाद  रविवार सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है. इसके फलस्‍वरूप भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

     विवार दोपहर को ओडिशा में पुरी के तट से टकरा सकता है Cyclone Jawad, 10 बातें
    चक्रवात जवाद के कारण भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है

     
    चक्रवात जवाद (Cyclone Jawad) रविवार सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है. इसके फलस्‍वरूप भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 

    मामले से संबंधित 10 बातें

    भारत के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार , बंगाल की खाड़ी पर दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को बढ़कर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और यह उत्‍तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा.

    मौसम विभाग के अनुसार, ' जवाद' पुरी के निकट ओडिशा के तट को रविवार दोपहर को छू सकता है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अफसरों की उच्‍चस्‍तरीय बैठक बुलाकर तैयारियों की समीक्षा की और उन्‍हें निर्देश दिए थे.

    इन निर्देशों में जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने, आवश्‍यक सेवाओं की बहाली और तबाही की नौबत आने पर तेजी से स्थित सामान्‍य बनाने के लिए तत्‍परता से कार्य करना शामिल है.

    सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सभी मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां, स्थिति का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं .

    ओडिशा की दक्षिणी तट पर 266 बचाव टीमें तैनात करने की योजना है इसमें एनडीआरएफ, राज्‍य फायर सर्विस और ओडिशा डिजास्‍टर रैपिड एक्‍शन फोर्स (ODRAF) की टीमें शामिल होंगी.

    नेशनल डिजास्‍टर रिस्‍पांस फोर्स (NDRF) की 60 से अधिक टीमों की तैनाती की गई है, इसमें से 29 टीमें बोट, पेड़ों को काटने वाले साजोसामान और टेलीकॉम उपकरणों से लैस होंगी जबकि शेष standby के तौर पर रहेंगी.

    ऐहतियात के तौर पर ओडिशा ने समूचे तटीय क्षेत्र पर फिशिंग की गति‍विधियों को रोक दिया है.

    आंध्र प्रदेश सरकार ने भी हाई अलर्ट जारी करते हुए तीन तटीय जिलों में सरकारी मशीनरी की तैनाती की है.

    ओडिशा सरकार ने राज्य के 13 जिलों के जिलाधिकारियों को लोगों को तटीय इलाकों से बाहर निकालने और राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहा है.

     

     

     

    पिछले कुछ दिनों से दुनिया भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने आख‍िरकार भारत में भी दस्‍तक दे ही दी. कर्नाटक में इसके दो मरीज सामने आए हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

    पिछले कुछ दिनों से दुनिया भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने आख‍िरकार भारत में भी दस्‍तक दे ही दी. कर्नाटक में इसके दो मरीज सामने आए हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. दोनों में से एक मरीज की उम्र 66 साल है जबकि दूसरे की 46 साल. दोनों में ही फिलहाल कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे.

     घबराएं नहीं, भारत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद केंद्र की अपील : 5 बातें

    केंद्र सरकार की जानकारी से जुड़ी 5 बातें 

    ये मामले दो विदेशी नागरिकों में मिले हैं जो 11 और 20 नवंबर को बेंगलुरू आए थे.

    10 यात्रियों के सैंपल जीनोम सिक्‍वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं. 1 दिसंबर की मध्‍यरात्रि से लेकर आज सुबह 8 बजे तक 7976 यात्रियों के RT-PCR टेस्‍ट हुए हैं.

    ये मामले सामने आने के बाद सरकार ने कहा है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन जागरुकता जरूर है. लोग कोविड उचित व्‍यवहार जारी रखें और भीड़भाड़ से बचें.

    सरकार ने कहा कि इस वेरिएंट के गंभीर मामले दुनियाभर में कहीं भी अब तक सामने नहीं आए हैं.

    दुनिया भर के 29 देशों में सार्स CoV-2 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के 373 मामले अब तक सामने आए हैं. भारत हालात पर नजर बनाए हुए हैं

     

     

     

     

    भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ/

    भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था. इससे यह साफ होता है कि हर देश को इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए और चौकन्ना रहने की जरूरत है. गौरतलब है कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन के दो मामलों की पुष्टि होने के साथ ही यह भी पुख्ता हो गया है कि इस वेरिएंट ने भारत में भी दस्तक दे दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि इन दोनों के कॉन्टेक्ट की पहचान कर ली गई है. दोनों में लक्षण मामूली हैं. दुनिया में अब तक इस वेरिएंट के जितने भी केस सामने आए हैं, उनमें गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं.

    डॉ. सिंह ने कहा, “भारत द्वारा आज ओमिक्रॉन वैरिएंट के चिंताजनक होने की पुष्टि करना और देश में दो मामलों का सामने आना अप्रत्याशित नहीं था. यह सभी देशों को निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देता है, और उन्हें सतर्क रहने व वायरस के अधिक प्रसार को कम करने के उपाय करने की ओर इशारा करता है. Omicron सहित सभी वेरिएंट के लिए प्रतिक्रिया उपाय SARs CoV2 के समान ही है. सरकारों द्वारा व्यापक और अनुरूप सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय, और व्यक्तियों द्वारा निवारक और एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है."

    उन्होंने कहा, “लोगों को अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनना चाहिए जो उनकी नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढके, दूरी बनाए रखें, खराब वेंटीलेशन या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, हाथ साफ रखें, खांसी और छींकते समय मुंह को ढकें और वैक्सीन लगाएं. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सभी एहतियाती उपाय करते रहें. सभी यात्रियों को हर समय सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का पालन करना चाहिए और COVID-19 के लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए."

    ​डॉ. सिंह ने आगे कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के म्यूटेशंस बड़ी संख्या में हैं, जिनमें से कुछ चिंताजनक भी हैं. दुनिया भर के शोधकर्ता ओमिक्रॉन की संप्रेषण क्षमता, गंभीरता और प्रतिरक्षा से बचने की क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं. डब्ल्यूएचओ उन देशों की सराहना करता है जिन्होंने नए वेरिएंट के मामलों का शीघ्रता से पता लगाया और इसे रिपोर्ट किया.

     

     

     


    नई दिल्ली/शौर्यपथ/ 

    तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने UPA (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) को लेकर एक बयान दिया था. जिसमें कहा था कि कोई UPA नहीं है. ममता बनर्जी की ओर से UPA पर दिए गए इस बयान पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कहा है कि कांग्रेस बिना यूपीए का कोई मतलब नहीं है. कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस बिना यूपीए मतलब ऐसा शरीर जिसमें आत्मा ही नहीं है. विपक्षी की एकता दिखाने का समय आ गया है. अपने इस ट्वीट के जरिए कपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी को UPA में कांग्रेस की क्या अहमियत है ये बताने की कोशिश की है.

    दरअसल कल ममता बनर्जी ने मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने मजबूत विपक्ष बनने पर चर्चा की थी. वहीं इस मुलाकात के बाद जब ममता बनर्जी से सवाल करते हुए पूछा गया कि क्या वो चाहती हैं कि शरद पवार को UPA का अध्यक्ष बनाया जाए? इस सवाल के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा था कि क्या यूपीए? अब कोई यूपीए नहीं है? यूपीए क्या है? हम एक मजबूत विकल्प चाहते हैं. अपने इस बयान के जरिए ममता ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था.

    गौरतलब है कि एक समय में तृणमूल कांग्रेस कभी UPA का हिस्सा हुआ करती थी. लेकिन अब ममता ने कांग्रेस पार्टी से दूरी बना ली है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी ममता ने कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं किया था. कांग्रेस ने वाम दलों के साथ मिलकर तृणमूल और बीजेपी के खिलाफ ये चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में ममता की पार्टी को जीत मिली थी.

     

     

     

    प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों को कल से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया है. इस संबंध में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि सभी स्कूल कल से अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ/ 

    प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ( Delhi Government) ने स्कूलों को कल से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया है. इस संबंध में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि सभी स्कूल कल से अगले आदेश तक बंद रहेंगे. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्यों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 24 में घंटे में कदम उठाइये वरना कोर्ट आदेश जारी करेगा. आपातकालीन हालात में असाधारण कदम उठाने की जरूरत है. अब इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. इससे पहले आज CJI एनवी रमना ने दिल्ली में अभी भी कुछ स्कूल के खुले रहने पर खासी नाराजगी जताई.

    सीजेआई ने फटकार लगाते हुए दिल्ली सरकार से कहा कि आपने कई दावे किए कि स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन सभी स्कूल बंद नहीं हुए हैं. तीन व चार साल के बच्चे अभी भी स्कूल जा रहे हैं. आपने लॉकडाउन लगाने पर विचार करने की बात कही थी, लेकिन स्कूल खोल दिए, अब माता-पिता घर से काम कर रहे हैं, जबकि बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है. जवाब में दिल्ली सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्कूल बंद हैं, हम इस पर जांच करेंगे.

     

     

     

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

    कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deepender Singh Hooda)ने विरोध-प्रदर्शन (Farmers Protest) के दौरान किसानों की मौत का कोई डेटा नहीं संबंधी बयान के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.  हुड्डा ने सवाल किया कि क्या ये बात सरकार सच्चे और शुद्ध मन से कह रही है? उन्‍होंने कहा, 'अगर सरकार के पास किसान आंदोलन में जान की कुर्बानी देने वाले करीब 700 किसानों का आंकड़ा नहीं है तो मैं सरकार को ये आंकड़ा देने को तैयार हूं. सरकार सभी दिवंगत किसानों को श्रद्धांजलि दे और किसान परिवारों को मुआवजा व नौकरी दे. '

    बातचीत में दीपेंद्र ने कहा, 'इससे ज्‍यादा दुर्भाग्‍यपूर्ण कोई जवाब नहीं हो सकता. सरकार चाहे तो मैं खुद यह लिस्‍ट सरकार को दे सकता हूं. यह लिस्‍ट संयुक्‍त किसान मोर्चा ने भी जारी की है. तमाम प्रदेशों में ऐसे लोग हैं जिन्‍होंने इस लिस्‍ट को लेकर लोगों को मदद पहुंचाने का काम किया है.हरियाणा में हुड्डा साहब के नेतृत्‍व में कांग्रेस विधायी दल ने लोगों को सहायता राशि पहुंचाई है. मैं खुद इन लोगों के घर गया हूं. पंजाब सरकार की ओर से भी ऐसी मदद की गई है. सरकार चाहे तो तमाम प्रदेश सरकारों से यह लिस्‍ट ले सकती है. समस्‍या यह है कि सरकार की इनकी मदद करने की नीयत नहीं है. न तो ये स्‍वीकारना चाहते हैं कि इतने लोगों की जान गई और न ही उनको मान्‍यता देना चाहते हैं लेकिन किसानों की कुर्बानी को हम व्‍यर्थ नहीं जाने देंगे.'

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से संसद में कहा गया है कि उसके पास किसान आंदोलनके दौरान मरने वाले किसानों और उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी नहीं है. ऐसे में किसी को वित्तीय सहायता यानी मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) में एक सवाल के जवाब में लोकसभा में ये लिखित जवाब दिया.संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार के पास आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई आंकड़ा है और क्या सरकार उनके परिजनों को वित्तीय सहायता देने की सोच रही है? इसके जवाब में कृषि मंत्री का ये जवाब आया है. मंत्री ने ये सदन को ये भी बताया कि केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 राउंड की बातचीत की थी लेकिन बात नहीं बनी.

     

     

     

    19 नवंबर को प्रधानमंत्री ने कहा था, "देश से माफी मांगते हुए मैं सच्चे और शुद्ध मन से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या (समर्पण) में कुछ कमी थी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को सच्चाई नहीं समझा सके." उन्होंने तब प्रदर्शनकारी किसानों से घर लौटने की अपील भी की थी.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ/

    केंद्र सरकार ने कहा है कि उसके पास किसान आंदोलन (Farmers Protest) के दौरान मरने वाले किसानों और उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी नहीं है. ऐसे में किसी को वित्तीय सहायता यानी मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) में एक सवाल के जवाब में लोकसभा में ये लिखित जवाब दिया है.

    संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार के पास आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई आंकड़ा है और क्या सरकार उनके परिजनों को वित्तीय सहायता देने की सोच रही है? इसके जवाब में कृषि मंत्री का ये जवाब आया है. मंत्री ने ये सदन को ये भी बताया कि केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 राउंड की बातचीत की थी लेकिन बात नहीं बनी.

    उधर, किसान संगठनों का दावा है कि आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई है. बता दें कि 11 दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान किया था और किसानों से इसके लिए माफी मांगी थी.

    19 नवंबर को प्रधानमंत्री ने कहा था, "देश से माफी मांगते हुए मैं सच्चे और शुद्ध मन से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या (समर्पण) में कुछ कमी थी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को सच्चाई नहीं समझा सके." उन्होंने तब प्रदर्शनकारी किसानों से घर लौटने की अपील भी की थी.

     

     

     

     

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