October 11, 2026
Hindi Hindi▼

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    डिग्री बांटने तक सीमित नहीं रहेगी उच्च शिक्षा, रोजगार और कौशल से जोड़ने पर जोर

    • doing of business

    उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा का निर्देश—NEP-2020 का लाभ कागजों से निकलकर कक्षाओं तक पहुंचे; विश्वविद्यालयों में बनेंगे NEP सेल, संभाग-जिलों में होंगी कार्यशालाएं

    रायपुर । राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में निगरानी, प्रशिक्षण और अकादमिक सुधारों की प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन केवल बैठकों और सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।

    मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा सह ट्रांसफॉर्म समिति की पहली बैठक में पिछले दो वर्षों के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, रीता यादव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।

    विश्वविद्यालयों में बनेंगे NEP सेल

    नई शिक्षा नीति से संबंधित विद्यार्थियों की शंकाओं, विषय चयन और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में समर्पित NEP सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी और दो विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए जाएंगे। ये शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित करने, नीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और क्रियान्वयन की निगरानी में सहयोग करेंगे।

    संभाग और जिला स्तर पर प्रशिक्षण अभियान

    पिछले दो वर्षों में क्रेडिट सिस्टम, विषय चयन और नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को समझने में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामने आई कठिनाइयों को दूर करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    मंत्री ने प्रत्येक विश्वविद्यालय में हर सेमेस्टर की शुरुआत में विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा संभाग और जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इनमें संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, नोडल अधिकारियों और विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि नीति के प्रावधानों की सही जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

    पाठ्यक्रम होंगे सरल, भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा स्थान

    विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनरल इलेक्टिव (GE) विषयों के पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्रों को अधिक सरल, व्यावहारिक एवं लचीला बनाने पर चर्चा की गई। उद्देश्य विषय चयन और परीक्षा प्रक्रिया को सहज बनाना तथा विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव कम करना है।

    पाठ्यक्रमों में भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए।

    छठे सेमेस्टर की इंटर्नशिप के लिए उद्योगों से जुड़ेंगे संस्थान

    मंत्री टंक राम वर्मा ने छठे सेमेस्टर में लागू अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए समय रहते तैयारियां शुरू करने को कहा। इसके लिए उद्योगों, औद्योगिक घरानों और व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

    मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में शिक्षा नीति की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।

    निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता पर रहेगी निगरानी

    राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्राध्यापकों की नियमित उपस्थिति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए अपर संचालक तथा कुलपतियों के समन्वय से विशेष निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और व्यवस्था की एकरूपता सुनिश्चित करना है।

    बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने के आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई

    आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बीएड महाविद्यालयों के सुचारू संचालन पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र विश्वविद्यालयों और ‘बी++’ ग्रेड प्राप्त महाविद्यालयों से बीएड संचालन के लिए प्राप्त आवेदनों पर बिना अनावश्यक विलंब के कार्रवाई की जाए। इससे बीएड पाठ्यक्रम समय पर शुरू करने और भविष्य में राज्य को गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    बैठक के अंत में मंत्री ने समिति के सदस्यों के सुझावों पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों और विभागों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में देश के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सके।

    Rate this item
    (0 votes)

    Latest from शौर्यपथ

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision