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SHOURYAPATH NEWS । रायपुर/ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि झूठो बयान बाजी और झूठे आरोप लगाने को ही भाजपा विपक्ष का धर्म समझ बैठी है।यह दुःखद है की वैश्विक महामारी के इस दौर में भी प्रदेश की विपक्षी पार्टी सिर्फ राजनैतिक प्रोपोगंडा में लगी है ।कोरोना के दूसरी लहर की शुरुआत में राज्य में कोरोना का संक्रमण तेजी और भयावह रूप से बढ़ा ।राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सूझ बूझ से आज छत्तीसगढ़ में टेस्टिंग से ले कर इलाज तक की सारी सुविधाएं व्यवस्थित है ।राज्य में ऑक्सीजन बेड से ले कर वेंटिलेटर पर्याप्त उपलब्ध है ।रिकवरी दर बढ़ी है संक्रमण दर घटी है ।देश भर के अन्य राज्यो के भयावह हालात की तुलना में राज्य अपने नागरिकों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करवा रहा है। ऐसे समय भी भाजपाई आरोप लगाने की घटिया राजनीति से ऊपर नही उठ पा रहे है। कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा से पांच सवाल पूछा है - 1-पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह राज्य सरकार से पूछते है हर महीने 25 लाख वेक्सीन कहा से आएगी ?राज्य सरकार ने तो दोनों ही कम्पनियों को 75 लाख डोज का ऑर्डर दे दिया है ।और ऑर्डर देने की तैयारी है ।15 करोड़ का अग्रिम भुगतान भी हो गया है।रमन सिंह राज्य सरकार से सवाल तो पूछ रहे लेकिन केंद्र से उन्होंने राज्य को वैक्सीन दिलवाने में के लिये पत्राचार फोन आदि कोई प्रयास क्यो नही किया ? रमन सिंह जब भाजपा नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने गए तो उन्होंने राज्यपाल महोदय से प्रदेश के द्वारा ऑर्डर की गई 75 लाख वैक्सीन की डिलवरी जल्दी करवाने की केंद्र से पहल करने का अनुरोध क्यो नही किया ? 2 भाजपा के नेता मुख्य मंत्री से वर्चुवल मीटिंग करने क्यो तैयार नही हुये ? यदि उनके पास वास्तव में कोरोना से निपटने के कोई ठोस महत्वपूर्ण सुझाव थे उसे नही दे कर क्या भाजपा अपनी विपक्ष की जिम्मेदारी से भाग नही रही ? भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस ले कर जो सुझाव दिया उन सुझावो को केंद्र को क्यो नही देते ? 3 कोरोना काल मे जब सोशल डिस्टेंसिग महत्व पूर्ण और आवश्यक है तब सोशल डिस्टेंसिग के बजाय प्रत्यक्ष मीटिंग करके भाजपा क्या संदेश देना चाहती थी ? मुख्य मंत्री द्वारा वर्चुवल मीटिंग का प्रस्ताव यदि विपक्ष का अपमान है तो क्या मोदी जी लगातार जो मुख्यमंत्रियों से वर्चुवल मीटिंग कर रहे ।केंद्रीय मंत्री मंडल की वर्चुबल बैठक लिए क्या यह सब उन सबको अपमानित करने के लिए कर रहे है ? 4 राज्य में कोरोना वैक्सीन की कमी है इस कारण वेक्सिनेशन प्रभावित हो रहा भाजपा के लोकसभा के 9 सांसदों राज्य सभा के 2 सांसदों और केंद्रीय राज्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को वैक्सीन की आपूर्ति दिलवाने के लिए क्या प्रयास किये ?राज्य को सस्ता वैक्सीन दिलवाने के लिए कब क्या प्रयास किया । 5-नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कहते है छत्तीसगढ़ ने पीएम केयर से खराब वेंटिलेटर खरीदे है ।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ ने पीएम केयर से कोई वेंटिलेटर नही खरीदा ।केंद्र ने पीएम केयर के फंड से वेंटिलेटर भेजे थे जिनमें से 70 खराब को बनवाया गया उनमें से 4 सुधर भी नही पाए ।जब कि यह स्प्ष्ट हो गया केंद्र ने छत्तीसगढ़ को घटिया वेंटिलेटर भेजे थे ।राज्य पर आरोप लगाने वाले नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र से पूछा कि राज्य को इस आपदा के समय घटिया वेंटिलेटरो की सप्लाई कर राज्य की जनता के प्राणों को संकट में क्यो डाला गया ? कोरोना काल मे सिर्फ झूठे बयान बाजी को अपना कर्तब्य समझने वाले भाजपा नेताओ में साहस हो तो राज्य की जनता को इन सवालों के जबाब दें।
नई दिल्ली /शौर्यपथ / पटना बिहार के लोकप्रिय नेता पप्पू यादव की गिरफ्तारी मामले में नीतीश कुमार सरकार में अलग-अलग राय सामने आई है. नीतीश सरकार में दो सहयोगी जीतन राम मांझी और मुकेश मल्लाह ने पप्पू यादव की गिरफ़्तारी का विरोध किया है. पप्पू की गिरफ्तारी को लेकर विरोध जताते हुए पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा, 'कोई जनप्रतिनिधि यदि दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके ऐवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है.' नीतीश सरकार में मंत्री मुकेश मल्लाह/साहनी ने भी इस मामले में जीतनराम मांझी की ही तरह राय जताई है. मुकेश ने ट्वीट किया, 'जनता की सेवा ही धर्म होना चाहिए. पप्पू यादव को गिरफ्तार करना असंवेदनशील है.'
पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है. उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाना लाया गया है.' जानकारी के मुताबिक उन पर सरकारी काम में बाधा डालने और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है.
गौरतलब है कि पप्पू ने एक स्थान पर धावा बोलकर दो दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस बिना इस्तेमाल के रखे होने का मामले का खुलासा किया था. सभी एंबुलेंस की खरीदारी सारण से लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी के कोष से की गई थी. इस मामले में उन पर दो प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं. पूर्व सांसद पर हाल के दिनों में अस्पतालों में अनधिकृत प्रवेश को लेकर कुछ और जगहों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है.बता दें, इसके बाद शनिवार को पप्पू यादव ड्राइवरों की पूरी टीम के साथ मीडिया के सामने आए थे. उन्होंने दावा किया था कि उनके पास 40 ड्राइवर हैं, इन सभी का नाम लिखकर सरकार के पास भेजा जाएगा. बताते चलें कि बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पप्पू यादव को ड्राइवर लाकर सभी एंबुलेंस चलवाने की चुनौती दी थी. जिसके जवाब में पप्पू यादव अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचे और दावा किया वह इन 40 ड्राइवरों से एंबुलेंस चलवाने के लिए तैयार हैं.
SHOURYAPATH vishesh । “तीन बार पूछा यह तरबूज कितने का है और वह टिकटिकी बांधे मुझे देख रहा था, फिर एक बार बोला आपने मेरी बेटी की जान बचाई थी । मैं सोच में पड़ गई कब और आज तक सोचती हूं“किसी का जीवन बचाना परमात्मा के हाथ में होता है हम तो उसकी रस्सी से बंधे एक कलाकार है । यह बात 1987-88 की है जब वह गोल बाजार में फल लेने गई थी। लेकिन नर्स सावित्री चंद्राकर अब तक नहीं समझ पाई उसने कब और किसकी जान बचाई थी क्योंकि अपने 37 वर्ष के नर्सींग प्रोफेशन में उसने कई लोगों की मदद की है। 9 मई को स्वास्थ्य विभाग में सेवा करते हुए सावित्री के 37 वर्ष पूरे हुए । पहली पोस्टिंग पिथौरा पीएचसी में हुई थी जो वर्तमान में सीएचसी हो गया है । वर्ष 1984 की बात याद करते हुए सावित्री कहती है उन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जहां पूरे देश में हालत खराब थे तो प्रदेश में भी हालात बिगड़ गए थे। शाम को अस्पताल से एक व्यक्ति मुझे लेने आया और बोला चलो गोली निकालनी है लेकिन में समझ नहीं पाई क्या हुआ था। ``वह साइकिल पर बैठाकर मुझको अस्पताल तक लेकर गया । एक सब्जी वाले को गोली लगी हुई थी जिसकी गोली मैंने निकाली। लेकिन जीवन में कभी कभी लगता है कितने लोगों की सेवा की जाते समय कोई धन्यवाद का एक शब्द भी नहीं कहकर गया’’ सावित्री कहती है । सावित्री कहती हैं कि सन 1980-81 में डीकेएस से नर्सिंग की ट्रेनिंग करने के उपरांत 14 वर्ष पिथौरा पीएचसी में 3 वर्ष डीकेएस रायपुर में 16 वर्ष माना (रायपुर) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 1 वर्ष धरसींवा में सेवाएं दी। वर्तमान में 2017 से जिला चिकित्सालय पंडरी में मैट्रन के पद पर कार्य कर रही है । अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए सावित्री कहती हैं कि कोरबा 1983 में एक रिश्तेदार के घर डिलीवरी हुई बच्चा प्री-मेच्योर था। प्रसव के उपरांत बच्चा नीला पड़ गया । ``कोरबा से रायपुर आने में बस से लगभग 6 घंटे हम लोग लगे । मैं बच्चे को रस्ते भर थपथपाती रही, मुंह से कृत्रिम सांस देती रही चुटकी भरती रही ।डीकेएस अस्पतल रायपुर में लाकर उसको एडमिट कराई और वह बच्चा बच गया । उस बच्चे को देखकर आज भी लगता है । जीवन की असली सफलता यही होती है कि हम किसी का जीवन बचा सके ।‘’
नई दिल्ली /शौर्यपथ / मैंने देहरादून की घाटी में लगभग सात वर्ष बिताए हैं, जहां मैं एक परिसर के अंदर निवास करती थी. इस परिसर में प्राकृतिक वनस्पतियों और साल के जंगलों को अपने सभी गैर-कंक्रीट क्षेत्रों पर बरकरार रखा गया था. प्रकृति, हरियाली, पक्षी, तितलियां, जुगनू, छोटे स्तनपायी जैसे मुश्क बिलाव, जंगली नेवले और सर्दियों के सूरज में सरीसृप मुझे बिना किसी प्रयास के उपलब्ध थे. अपने शहर कोलकाता वापस जाने पर, मुझे कुछ समय लगा अपने नए वातावरण के साथ समायोजित होने में जैसे कि आमतौर पर होता है, शहरों में खुले मैदान और हरियाली तो नहीं होती है, उल्टा शहरी ज़िन्दगी काफी भागम-भाग भरी होती है. एक शहरवासी होते हुए, प्रकृति के नज़दीक जाने के जितने मौके हो सकते हैं, मैं उन्हें तलाशने लगी. पार्क, झीलों, पेड़ों से पंक्तिबद्ध रास्तों पर उपलब्ध हरियाली एवं फूलों की छोटी खुराक पर मेरा ध्यान गया और मैंने पाया कि हमारा नज़रिया हमारी रुचि के अनुसार बदल सकता है.
महामारी के समय घर पर रहते हुए मेरा नज़रिया हर हरे पत्ते की और बदला और महसूस हुआ कि घने जंगल सा पूर्ण अनुभव न सही, किन्तु ये सुक्ष्म पौधे भी हमें प्रकृति के नज़दीक होने का आभास दे सकते है. मैंने महसूस किया कि अपनी खिड़की पर समय बिताना और पौधों को ताकना समय के साथ उनकी पत्ती और तने के स्वरूप में वृद्धि और बदलाव को देखना, मुझे प्रकृति और जीवन में संतोष पाने की बहुत जरूरी समझ दे रहा था.
एक आम भारतीय शहर, यदि बहुत अधिक नहीं तो निश्चित रूप से चंपा, बोगनविलिया, कृष्ण चुरा, राधा चुरा, अमलतास, गुलाबी सिरिस और कुछ अन्य पेड़ों से भरा तो हो सकता है. पर्यावरण अनुसंधान के क्षेत्र में होने के नाते मुझे सर्वेक्षणों के लिए जंगलों की यात्रा करने के लिए कई अवसर भी मिल जाते थे. कुल मिलाकर मैंने शहरवासी और प्रकृति प्रेमी के बीच का संतुलन पा लिया था. अपने आपको हलचल से भरे नए परिवेश में इस प्रकार समायोजित करने के एक साल के भीतर, विनाशकारी महामारी आई और इसके साथ तालाबंदी हुई जिससे किसी भी बाहरी गतिविधि पर रोक लग गई. घर पर सीमित रहने के शुरुआती दिन तो ठीक-ठाक बीत गए, किन्तु कुछ ही दिनों में मैं एक बंधक की तरह महसूस करने लगी और मुझे घबराहट तथा बेचैनी रहने लगी. साफ़ ज़ाहिर था कि प्रकृति के बीच समय न व्यतीत कर पाने की बेचैनी थी. मैं खुले आसमान, हरे-भरे बाग़ और घने पेड़ों के लिए तरस गई थी.
इस समय पर मैंने अपनी खिड़की के पाल पर रखे कुछ पौधों में अपना संतोष तलाश करना शुरू कर दिया. इस समय तक पौधों की बागबानी करना केवल एक शौक था और ये मेरी खिड़कियों के सौंदर्य में वृद्धि करते थे. कित्नु महामारी के समय घर पर रहते हुए मेरा नज़रिया हर हरे पत्ते की और बदला और महसूस हुआ कि घने जंगल सा पूर्ण अनुभव न सही, किन्तु ये सुक्ष्म पौधे भी हमें प्रकृति के नज़दीक होने का आभास दे सकते है. मैंने महसूस किया कि अपनी खिड़की पर समय बिताना और पौधों को ताकना समय के साथ उनकी पत्ती और तने के स्वरूप में वृद्धि और बदलाव को देखना, मुझे प्रकृति और जीवन में संतोष पाने की बहुत जरूरी समझ दे रहा था.
महामारी के दौरान हममें से ज्यादातर लोगों ने पक्षियों के चहकने की आवाज बहुत सुनी, क्योंकि तालाबंदी की वजह से हमारे वातावरण में काफी शांति थी. चाहे वह केवल एक मुखर मैना थी, या विनम्र हाउस स्पैरो, या कभी-कभी बौराने वाला कबूतर का गुटर गूं या गर्मियों में गूंजती कोयल की कुहू थी, वे सभी हमारे चिंतित और उदास मन पर धुन का औषधीय लेप लगाते थे. 2020 में महामारी के दौरान और अब भी 2021 में इसकी दूसरी लहर के दौरान, मैं अपने पौधों के साथ अपने सुबह के शुरुआती कुछ मिनट बिता रही हूं.
अपने अनुभव से मैं कह सकती हूं कि शहर के निवासी, अगर अपने उपलब्ध हरे स्थानों के साथ समय बिताते हैं तो कुछ पंख वाले आगंतुकों के साक्षी हो सकते हैं. स्वॉलोटेल बटरफ्लाई का थोड़ा सा स्पंदन, टेलर बर्ड का एक संक्षिप्त ठहराव, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन द्वारा एक जोर की सीटी, बैंगनी सनबर्ड द्वारा एक त्वरित मंडराना और कॉमन टाइगर बटरफ्लाई का फूलों में रस खोजना, ये सभी गतिविधियां अति मनमोहक हैं. चूंकि मैं एक व्यस्त शहर में रहती हूं, ये आगंतुक मेरी खिड़की पर बहुत कम हैं, किन्तु प्रत्येक यात्रा के साथ वे मेरे दिन को खुशी और उत्साह से भरते हैं, चाहे उनका ठहरना अत्यंत संक्षिप्त हो.
महामारी का यह दौर जब सामाजिक अलगाव आवश्यक है, प्रकृति के ये दूत मेरे उदास दिनों में आनंद के कुछ क्षणों का उपहार देते हैं, खासकर जब मैं चिंता और घबराहट से जूझती हूं. मेरा मानना है कि प्रकृति में पुनर्वृद्धि की शक्ति है, बशर्ते हम इसे अपने आंगन, बरामदे या खिड़की में आमंत्रित करना चाहते हों. जब प्रकृति हमारे समक्ष होती है, तो यह हमसे कुछ भी खर्च कराए बिना, हमारी व्यस्त, रोबोटिक शहरी ज़िन्दगी में आनंद, उत्सव, स्फूर्ति और जीवंतता लाती है.
SHOURYAPATH News । राजनांदगांव। जनपद सभापति कृषि ओमप्रकाश साहू ने छत्तीसगढ़ में धान उत्पादक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती (21 मई) पर देने की घोषणा पर मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, डोंगरगढ़ विधायक का आभार व्यक्त किये है। सभापति ओमप्रकाश साहू ने कहा कि कोरोना काल में यह राशि से किसानों को राहत मिलेगी व किसानी को सुचारू रूप से कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लिया गया निर्णय के लिए जनपद सभापाति श्री साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे व मंत्रिमंडल के समस्त सदस्यों सहित विधायक बघेल का आभार व्यक्त किया है। इस महामारी में किसानों का ध्यान रखते हुवे किसानी शुरू होने के पूर्व राशि मिलने से किसानों को किसानी करने में मदद साबित होगा।
SHOURYAPATH News । राजनांदगांव। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने दिग्विजय स्टेडियम स्थित डिस्टि्रक वार रूम में कोविड-19 के संबंध में समीक्षा बैठक में 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वाले नागरिकों के कोविड -19 वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए कहा कि लोग उत्साह से वैक्सीनेशन करा रहे है। सभी टीकाकरण केन्द्रों में कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। इसके लिए कार्य योजना तैयार करें, ताकि वहां भीड़ न हो। 18 से 44 वर्ष के सभी कार्डधारी तथा फ्रंट लाईन वर्कर को अधिक से अधिक वैक्सीनेशन कराएं। उन्होंने कहा कि जिन गांव में कोरोना के केस नहीं है, वहां शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य करें। जिले के कुछ गांव जैसे विकासखंड छुरिया के ग्राम लाटमेटा (नवाटोला) के 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर कोरोना से सुरक्षा के लिए अधिक संख्या में टीकाकरण कराया। ऐसे ही अन्य गांव के लोगों को प्रेरणा लेकर वैक्सीनेशन कराना चाहिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर बढ़ी है और मरीजों की संख्या में कमी आई है। नागरिक इसे ध्यान में रखते हुए लापरवाही न बरतें और अनावश्यक घरों से बाहर न निकले। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी कोरोना प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करें। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कुछ समय के लिए सेवाओं में छूट दी गई है। इस अवधि में सभी प्रोटोकाल का पालन करें तथा मास्क जरूर लगाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाजार, दुकानों में प्रोटोकाल का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई करें। उन्होंने कोविड केयर सेंटर तथा मेडिकल कालेज में मरीजों की जानकारी ली। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्य राज्यों से आने वाले सभी यात्रियों का कोरोना टेस्ट जरूर करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कविलाश टंडन, एसडीएम मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, डिप्टी कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, राहुल रजक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे, डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, शासकीय मेडिकल कालेज से अविन चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / हैदराबाद तेलंगाना सरकार ने कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए मंगलवार को राज्य में 12 मई से लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने 12 मई (बुधवार) सुबह 10 बजे से अगले 10 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘हालांकि सुबह छह बजे से सुबह 10 बजे तक सभी दैनिक गतिविधियों में छूट रहेगी.'' सोमवार को तेलंगाना में कोविड -19 से संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर करीब 50 हजार हो गया और 4,826 नए मामले आए, जबकि संक्रमण से 35 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 2,771 हो गई.
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने कोविड-19 रोधी टीका खरीदने के लिए वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित करने का फैसला किया है. वहीं दूसरी ओर तेलंगाना पुलिस राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी आंध्र प्रदेश से आने वाले मरीजों की एंबुलेंस को रोक रही है. अस्पतालों के पास बेड के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की कतार से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन मरीजों को बेड दिए जाने की पुष्टि की गई है, उन्हें ही सीमा से राज्य में आने की अनुमति दी जा रही है. तेलंगाना के सीमाई जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हम देख रहे हैं कि बेहतर इलाज की उम्मीद में बहुत सारे मरीज दूसरे राज्यों से आ रहे हैं. हालांकि जिन मरीजों को किसी भी अस्पताल में बेड मिलने की पुष्टि नहीं की गई है, उन्हें आने की इजाजत नहीं दी जा रही है. बेड नहीं मिलने वाले लोग अस्पतालों के बाहर इंतजार करते रहते हैं.''
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हर दिन तेलंगाना में सीमा प्रवेश स्थल से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती के लिए 500 से 600 एंबुलेंस आती है. आंध्र प्रदेश से लगे सीमाई जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि एंबुलेंस को रोकने के लिए तेलंगाना सरकार से कोई लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन मौखिक निर्देश में ऐसा कहा गया है और अगले कुछ दिनों के लिए यह पाबंदी लागू रहेगी.
SHOURYAPATH News। राजनांदगांव। कोरोना टीकाकरण के लिए एक बानगी उस वक्त देखने को मिली, जब छुरिया विकासखंड के ग्राम लाटमेटा (नवाटोला) के ग्रामवासियों ने एकजुट होकर जागरूकता दिखाई और संपूर्ण गांव को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए शत प्रतिशत टीकाकरण करने का निर्णय लिया। जिसका सुखद परिणाम यह रहा कि ग्राम लाटमेटा (नवाटोला) के ग्रामवासियों की जागरूकता एवं प्रेरक पहल पर शुभ टीका त्यौहार मनाते हुए संपूर्ण गांव में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों का कोरोना के विरूद्ध टीकाकरण का आयोजन किया गया। गांव के जागरूक जनप्रतिनिधियों एवं लोगों ने घर-घर जाकर सर्वे किया और संपूर्ण गांव में अंत्योदय कार्ड, बीपीएल एवं एपीएल कार्डधारियों को 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामवासियों का सर्वे किया गया। जिसमें 171 टीकाकरण योग्य लोगों को पात्र पाया गया। शुभ टीकाकरण त्यौहार में ग्राम लाटमेटा (नवाटोला) में 150 लोगों का टीकाकरण किया गया, जिसमें 23 अंत्योदय, 113 बीपीएल एवं 14 एपीएल कार्डधारियों का टीकाकरण किया गया। इसके पहले 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 163 लोगों को टीका लग चुका है। इस ग्राम की कुल जनसंख्या 575 है। ग्राम में सर्वे करने के पश्चात ग्रामवासियों ने जनपद सीईओ प्रतीक प्रधान, तहसीलदार शिव कंवर, नोडल अधिकारी श्रीमती केश्वरी देवांगन से संपर्क किया और उन्हें ग्राम लाटमेटा (नवाटोला) में विशेष टीकाकरण शिविर लगाने का अनुरोध किया। जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए यहां टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुमर्दा के स्वास्थ्य कार्यकर्ता गिरवर पटेल, श्रीमती लता देवांगन द्वारा टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के लिए युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कुमारी समृद्धि यादव ने टीकाकरण के बाद कहा कि मैं खो-खो की राष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। खेल के सिलसिले में मुझे हमेशा अन्य प्रदेशों में जाना पड़ता है। टीका लगने के पश्चात मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हूं। कुमारी ऐश्वर्या यादव ने बताया कि डोंगरगांव कॉलेज में एमए के विद्यार्थी है और अब टीकाकरण के बाद निर्भीक होकर परीक्षा की तैयारी करेंगे। खिलाड़ी कुमारी प्रीति पटेल ने अपने मन की बात साझा करते हुए कहा कि मैं खो-खो की इंडिया टीम कैम्प में शामिल होते रहती हूं। आज टीकाकरण के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं अपने खेल को निखारने का प्रयास करूंगी। हसदेव साहू ने कहा कि मैं रोजगार गारंटी कार्य में मेट के रूप में कार्यकर्ता हूं और मुझे लोगों के बीच जाकर कार्य करना पड़ता है। टीकाकरण के पश्चात मैं निर्भीक होकर कार्य करूंगा। इस अवसर पर सरपंच भगवानी राम भंडारी, सचिव भूषण भरत, शिक्षक राम पटेल, यामिनी साहू, रोजगार सहायक मुकेश साहू, इंजीनियर हेमलता बघमरिया, चंद्रशेखर धु्रव, श्रीमती दामिनी साहू, श्रीमती रूखमनी साहू उपस्थित थे। गांव में सर्वे कार्य मेट चंदन यादव, असदेव साहू, ऐश्वर्या यादव, संतोषी निषाद, मितानिन कौशिल्या, लक्ष्मी निषाद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मधुरानी शुक्ला, श्रीमती द्रौपती ठाकुर, पंच कामता साहू, मोहन गोर्रा, समीर शुक्ला, श्रीमती सीमा शुक्ला, नरेश शुक्ला, विष्णु राम कुलदीप, सुकांत राम यादव, ओमकार चंद्रवंशी, टीकम गोर्रा, चन्द्रभान गोर्रा, छगन राम मेरिया, शुभम शुक्ला, विक्रांत शुक्ला, मुकेश गंधर्व, यशवंत साहू, दाऊ निर्मलकर द्वारा सर्वे का कार्य किया गया।
SHOURYAPATH News । राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश बढ़ई के निर्देशन में एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामड़े अं. चौकी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी केपी मरकाम थाना डोंगरगांव के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में आबकारी एक्ट के तहत अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध किये जाने हेतु मुखबीर सक्रिय किये गये है, जिनके जरिये शराब कारोबारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में मुखबीर के जरिये सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम खुज्जी निवासी मिलन देवांगन अपने घर में महाराष्ट्र निर्मित शराब बिक्री कर रहा है। सूचना तस्दीक हेतु थाना डोंगरगांव पुलिस टीम रवाना होकर ग्राम खुज्जी मिलन देवांगन के घर के पास पहुचा तो कुछ लोग आते-जाते दिखा, संदेह होने पर मिलन देवांगन के घर रेड कार्यवाही की गई। रेड कार्यवाही पर मिलन देवांगन घर पर मिला से पुछताछ एवं घर की तलाशी लेने पर आरोपी मिलन देवांगन आ. तोरण लाल देवांगन उम्र 23 साल, ग्राम खुज्जी थाना डोंगरगाव के पास से एक भठा कलर के कपड़ा के बैग में रखा 15 पौव्वा देशी दारू टायगर संत्रा शराब प्रत्येक पौवा में 180 एमएल, शराब भरी हुई प्लास्टिक के शीशी में जुमला 2700 एमएल किमती 780 रूपये एवं 90 एमएल का प्लास्टिक शीशी कुल 80 नग देशी दारू टायगर संत्रा महाराष्ट्र निर्मित जुमला 7200 एमएल कीमती 2080 रूपये तथा कुल देशी दारू टायगर संत्रा की मात्रा 9900 एमएल तथा कुल कीमती 2860 रूपये मिला, जिसे पुलिस कब्जा में लिया गया। आरोपी पास शराब रखने के संबंध में कोई वैध कागजात नहीं होने व आरोपी के कृत्य अपराध धारा सदर का पाये जाने से आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 147/2021 धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है। संपूर्ण कार्यवाही में थाना डोंगरगांव पुलिस का योगदान रहा है।
SHOURYAPATH News । राजनांदगांव। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने आज जिलेवार कोरोना की जानकारी के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया कि जिले में कोरोना संक्रमण का दर कम हुआ है और आपके निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष मोहन मरकाम के आदेशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पदाधिकारियों को आम जनता के सहयोग के लिए जिम्मेदारी दी गई है, उनके मोबाइल नंबरों को हेल्पलाइन नंबर के रूप में सार्वजनिक किया गया है, जिसका सुखद परिणाम सबको मिला और जनता को अधिक परेशानीयो का सामना नहीं करना पड़ा। आपके नेतृत्व में कोरोना की लड़ाई के लिए सब एकजुट हैं। इसी प्रकार कोविड सेंटरों में भर्ती मरीजों को फल एवं पौष्टिक आहार देने का काम भी जिला कांग्रेस कमेटी एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सभी ब्लॉकों में निरंतर कर रही है। आवश्यकतानुसार सूखा राशन भी जरूरतमंद लोगों को पहुंचाकर उन्हें राहत दी जा रही है। कोरोना वैक्सीन के संबंध में आम जनता को जागरूक करने के लिए जिले के कांग्रेसजन निरंतर लगे हुए हैं। जिलाध्यक्ष कोठारी ने बताया कि वर्चुअल बैठक में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षगणों को मेरा बूथ कोरोना मुक्त के संकल्पित कार्ययोजना से कार्य करने निर्देशित किया है जिसे पूर्ण करने का संकल्प लेकर राजनांदगांव जिले के प्रत्येक ग्राम के बूथ स्तर पर कांग्रेसजनों की टीम बना कर बूथ के प्रत्येक घरों के टीका हेतु पात्र सदस्यों को कोरोना वैक्सीन लगाने टीकाकरण केंद्र में लाने अन्य को प्रोत्साहित करने एवं कोरोना से बचाव के उपायों के लिए जन जागरूकता के साथ कार्य कर कोरोना के विरुद्ध युद्ध मे मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा किया जायेगा। छग सरकार की योजनाओं का लाभ सभी को मिले इस दिशा में भी हम काम कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष पदम कोठारी ने मुख्यमंत्री से एक विशेष आग्रह किया कि जिले में कुछ घुमंतू प्रजाति के परिवार निवासरत हैं, जिनका कोई निश्चित ठिकाना नहीं होता जिसके चलते उनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है, उन्हें भी चिन्हित कर शासन से राशन की उपलब्धता हो जाए तो उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
