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बस्तर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के विभिन्न जिलों के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राजमार्ग और खनिज तथा दूरसंचार से संबंधित परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सड़कों के निर्माण कार्यों सहित अन्य परियोजनाओं के लिए संबंध में भू-अर्जन, मुआवजा वितरण, वृक्षों की कटाई और वृक्षारोपण सहित अन्य कार्यों को शीघ्र करने के निर्देश संबंधित जिलें के कलेक्टर को दिए।
बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना के अंतर्गत बिलासपुर-कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर-उरगा मार्ग, रायपुर-दुर्ग फोर लाइन सहित अन्य कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी तरह से रायपुर-विशाखापट्नम-भारतमाला परियोजना सहित अन्य सड़कों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गेबरा पेंड्रा रोड, न्यू रेल परियोजना, तलाईपल्ली कोल परियोजना के कार्यों के सहित अन्य परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और उन्होंने कहा कि कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराने सुनिश्चित करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत सहित बीएसएनएल, रेल्वे, एनटीपीसी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग (एनएच) और कोरबा, रायगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद सहित अन्य जिलें के कलेक्टर शामिल हुए।
*नरेश देवांगन की खास रिपोर्ट*
जगदलपुर, शौर्यपथ । शौर्यपथ अखबार ने वन विभाग में चल रही मनमानी को लेकर खबर प्रकाशित की थी कि वनमंडल कार्यालय में किस प्रकार से एक बाबू व डिप्टीरेंजर व्यय शाखा में शाखा प्रभारी व सहायक के रूप में नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं, खबर लगने के बाद श्री देशमुख को व्यय शाखा से हटा कर कार्यालय वन संरक्षक कार्यआयोजना जगदलपुर भेज दिया गया। वही डिप्टी रेंजर दीपक कुमार भट्ट जो नियम के विरुद्ध व्यय शाखा में सहायक के रूप में कई वर्षो से कार्य कर रहे थे जिनकी मुल कार्य स्थल सर्गीपाल डिपो था उन्हें वर्तमान में सर्गीपाल डिपो ना भेज वन परिक्षेत्र जगदलपुर में भेजा गया हैं। इस खबर के सात ही पूर्व में हमने नियम के विरुद्ध विभाग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को प्रतिपूर्ति राशि के नाम से लाखो की राशि जारी कर शासकीय राशि का दुरूपयोग कर बंदरबाट करने की खबर भी प्रकाशित की थी। इस खबर पर विभाग के प्रमुख अधिकारी की तारीफ की जानी चाहिए जिन्होंने इस पर बस्तर वन मण्डल को जाँच के लिए 9 जुलाई को आदेश किया हैं की 15 दिन में जाँच प्रतिवेदन प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय को भेजे। लेकिन आदेश किये आज लगभग एक माह से अधिक होने को हैं, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा की बस्तर वनमण्डल के अधिकारी अपने विभाग के प्रमुख अधिकारी के आदेश को गंभीरत से नहीं ले रहे हैं। इस मामले पर पूर्व में ही बस्तर वनमंडलाधिकारी को जब शिकायत मिली तब मामले को संज्ञान में लेकर गंभीरता से जाँच कर कार्यवाही कर सकते थे। लेकिन ऐसा लग रहा हैं जैसे विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पे कुछ करना ही नहीं चाहते? मानो कार्यवाही करने से उनके ऊपर भी बात बन सकती हैं? अब देखने वाली बात हैं की प्रधान मुख्य वन संरक्षक के आदेश की अवहेलना करने पर सम्बंधित अधिकारी के ऊपर क्या कार्यवाही होती हैं?
इस मामले में बस्तर वनमंडलाधिकारी श्री गुप्ता का कहना हैं की जाँच के लिए तीन सदस्य टीम का गठन किया गया हैं उनको लेख किया गया हैं की समय सीमा में जाँच कर रिपोर्ट प्रेषित करे जैसे ही जाँच हो के आती हैं कार्यवाही करेंगे।
कोण्डागाँव, शौर्यपथ। कोंडागांव जिला मुख्यालय में स्थित पशु चिकित्सालय अब केवल खाना पूर्ति के लिए संचालित नजर आ रहा है, एक समय था जब अन्य राज्यो से जैसे विशाखापट्टनम व उड़ीसा के पशुपालक अपने पशुओं को लेकर चिकित्सा व ऑपरेशन के लिए कोंडागांव पशु चिकित्सालय पहुंचने थे, लेकिन डॉ ढालेश्वरी व डॉ नीता मिश्रा के तबादले के बाद अब जिला मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय में अब ऑपरेशन व पशुओ के समुचित इलाज की व्यवस्था तो दूर अब पशुओ को हाथ लगाने वाला कोई चिकित्सक भी नजर नहीं आता है। अक्सर पशु चिकित्सालय खोलने के समय पर अस्पताल से ही चिकित्सक नदारत रहते हैं जिसके चलते पशुओ की चिकित्सा के लिए पहुंचे आमजन भटकते हुए नजर आते हैं,नितेश मानिकपुरी ग्राम केवटी से 11 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय अपने पालतू स्वान को लेकर ईलाज हेतु पहुंचे थे उसने बताया कि अस्पताल में पशुचिकित्सक उपलब्ध नही थे जिसके बाद वे वापस अपने गाँव लौट गए हालांकि डॉक्टरों के अनुपस्थिति में अवसन कुमार एवीएफओ बुधराम अटेंडेंट व पल्लवी अटेंडेंट पशुओ का उपचार करते नजर आए।अपने पशुओं के उपचार के लिए पहुंचे लोगो ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से पहुंचे है व 10 बज चुका है चिकित्सक अभी तक नही आये है वे फोन भी नही उठा रहे है जबकि लोगों को अपने पशुओं के इलाज के लिए अस्पताल में सुबह 7 से 11:00 व शाम 5 से 6 बजे तक खुलने का समय निर्धारित है।
वही जब डिप्टी डायरेक्टर वेटनरी कोण्डागाँव शिशिर कांत से डॉक्टरों के अस्पताल कार्यालय समय में अनुपस्थित पर जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर अस्पताल में बैठते हैं हमने कई बार देखा है उन्हें बैठे हुए, हो सकता है कहीं फील्ड पर गए हो ।अब देखने वाली बात है कि लचर अव्यवस्था में पहुंची कोंडागांव की पशु चिकित्सा, व्यवस्था सुधार लाने में क्या कदम उठाती हैं?
जगदलपुर, शौर्यपथ। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शांति समिति की बैठक में आयोजन कर्ताओं से चर्चा के दौरान कहा कि त्यौहार को सौहाद्र पूर्ण वातावरण में मनाया जाना है इसमें सभी समुदाय की सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग हेतु सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला कार्यालय में आयोजित शांति समिति की बैठक पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, अति. पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, सीएसपी पुष्कर,एसडीएम जगदलपुर भरत कौशिक सहित गणेश उत्सव के आयोजक समिति के सदस्य, डीजे के संचालक और ईद ए मिलाद (मिलाद - उल - नबी) के लिए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में गणेश की स्थापना के लिए आयोजक समितियों को कहा गया कि गणेश के पंडाल बनाते वक्त आवागमन को निर्बाध गति से जाने की सुविधा और सजावट की वजह से वाहनों की निकासी में दिक्कत नहीं होने के व्यवस्था करने कहा गया। पंडालों में आयोजक समिति की सदस्यों की पर्याप्त संख्या रखने, आपातकालीन सम्पर्क नंबर का प्रदर्शन, अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था करने भी कहा गया। गाड़ी में डीजे लगाकर चलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार करने के निर्देश दिए, निर्देशों का पालन नहीं होने पर आवश्यक कार्यवाही प्रशासन द्वारा किया जाएगा। विसर्जन के एक दिवस पूर्व गणेश पंडाल समिति द्वारा थाना को सूचना देना होगा। गणेश के विसर्जन के लिए भी रूट का भी निर्धारण किया गया, जिसमें छोटे वाहनों से विसर्जन करने वालों के लिए खड़कघाट को चिन्हाकित किया गया है और बड़े वाहनों में गणेश विसर्जन करने वाले जगदलपुर-आसना मार्ग के पुल का उपयोग करेंगे।बैठक में मुस्लिम समुदाय के साथ ईद ए मिलाद उत्सव के लिए स्थल चिन्हाकन हेतु प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के उपरांत अनुमति देने पर सहमति बनी।
जगदलपुर, शौर्यपथ। भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के जन्म दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन के सहयोग से शिक्षा विभाग द्वारा स्थानीय पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी टाऊन हाल में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह विधायक जगदलपुर किरणदेव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 24 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि प्रदान कर नवाजा गया। वहीं जिले में इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक किरणदेव सहित महापौर श्रीमती सफीरा साहू तथा अन्य जनप्रतिनिधि और कलेक्टर विजय दयाराम के., सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि विधायक किरणदेव ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक की भूमिका कुम्हार की तरह है जो गीली मिट्टी को घड़े का आकार देता है। इसीलिए गुरुजनों का सम्मान सदैव ही यथावत रहेगा। अपनी इस महत्ती योगदान शिक्षा के दीप को जीवन पर्यन्त प्रज्वलित कर दुनिया में प्रकाशवान बने रहें। उन्होंने बच्चों और देश के भविष्य निर्माण में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन और निष्ठा से करने का आग्रह किया।
शिक्षक सम्मान समारोह में महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए सम्मान का दिन है, यदि विद्यार्थी अपने जीवन में उपलब्धि हासिल करता है तो उसका श्रेय शिक्षकों को जाता है और वे गर्व महसूस करते हैं। इस दौरान भारत स्काउट एवं गाईड के जिला मुख्य आयुक्त संजय पाण्डे तथा वरिष्ठ पार्षद योगेन्द्र पाण्डे ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए देश, समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका और उनके नैतिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों से अनवरत समर्पित रहने की अपेक्षा की। आरंभ में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के उजियारा फैलाने की दिशा में सेवानिवृति के बाद भी सेवा देने का आग्रह सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं से किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा किया। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
जगदलपुर, शौर्यपथ। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में कहा कि स्कूल की सांस्कृतिक कार्यक्रम में हल्बी, गोंडी भाषा से संबंधित विधाएँ का समावेश करें, ताकि स्थानीय कला-संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों में लगाव बना रहे। उन्होंने पीएम श्री एक्सिलेंस अवार्ड के लिए भी प्रयास करने के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किए। कलेक्टर विजय ने गुरुवार को शहर के पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक विद्यालय के सभाकक्ष में ली। बैठक में विद्यालय के आवश्यक संसाधनों के लिए और विद्यालय के विभिन्न विकास कार्यों हेतु अनुमोदन किया गया, साथ ही विद्यालय प्रबंध समिति के नए सदस्यों के चयन पर सहमति लिया गया। इसके अलावा विद्यालय की पीएम श्री सम्बंधित, शैक्षणिक, पाठ्य सहगामी क्रिया कलाप एवं खेल सम्बंधित उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया | बैठक में नामित अध्यक्ष सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, एवं अन्य सदस्य प्रो. डा.आनंद मूर्ती मिश्रा, डा. प्रदीप पाण्डेय, एन रघुवीर, भरत गंगादित्य, हर्षित गर्ग, किशोर मनवानी सहित स्कूल प्रबंधन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जगदलपुर, शौर्यपथ। गुरुवार को गायत्री विद्यापीठ, तीतीरगांव आश्रम के बच्चों के लिए एक यादगार बन गया, जब डीएन इवेंट ग्रुप ने 'ज्ञान कक्षा' पुस्तकालय का उद्घाटन किया। शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर, यह पहल उन बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर आई है, जिनके पास शिक्षा के साधन सीमित थे।
इस पुस्तकालय में न केवल किताबें, बल्कि कंप्यूटर और जियो वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं, ताकि बच्चे अपने सपनों की ओर आत्मविश्वास से बढ़ सकें। डीएन इवेंट की फाउंडर डॉ निहारिका मोदी ने कहा, "यह सिर्फ एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने का एक प्रयास है।"
इस टीचर डे पर, 'ज्ञान कक्षा' के माध्यम से बच्चों को उनके सपनों को साकार करने का एक नया रास्ता मिला है। यह पहल शिक्षा के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है, जो इन नन्हे कदमों को नए आयामों तक ले जाएगी। इस खास मौके के उपलक्ष्य पर मुख्य अतिथि पदमश्री धर्मपाल सैनी , विशिष्ट अतिथि श्रीनिवास मद्दी एवं नगर पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर साथ ही अनिल लुकड़,मनोज पनिग्रही, विवेक सोनी, एच बी सिंह, मनीष मूलचंदानी, सुनील दंडवानी, विनीत अग्रवाल, रुपेश मोदी, उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल मेहता, निहाल साव, फैज़, रिशी मोदी, शिल्पी गर्ग, एवं स्कूल प्रबंधन का भरपूर साथ मिला।
अजय चंद्राकर की रिपोर्ट
सुकमा,शौर्यपथ। कलेक्टर हरिस.एस के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती न्रमता जैन के कुशल मार्गदर्शन में उद्यानिकी विभाग के द्वारा आधार शिविर अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलगेर में चल रहे पोषण बाड़ी विकास योजना के तहत ग्रामीणों को मौसमी सब्जियों के बीज का वितरण किया गया । इस दौरान मुख्य रूप से गांव के सरपंच कोरसा सन्नु, पंचायत के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में गांव के किसान व उद्यानिकी विभाग के जिला अधिकारी और कोंटा विकासखंड के अधिकारी वंशी श्रीनिवास उपस्थित रहे ।
जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर दशहरा समिति की बैठक बुधवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित की गई। सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप,महापौर श्रीमती सफीरा साहू , जिला पंचायत उपाध्यक्ष मणिराम कश्यप,जनपद पंचायत अध्यक्ष टी मरकाम,माटी पुजारी बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर पालिक निगम हरेश मंडावी, तहसीलदार एवं बस्तर दशहरा समिति के सचिव रुपेश मरकाम सहित मांझी, चालकी, मेम्बर, मेम्बरिन, पुजारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बैठक में नए उपाध्यक्ष का मनोनयन किया गया। जिसमें लक्ष्मण मांझी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी मांझियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने नवनियुक्त उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बस्तर दशहरा हमारी बहुत पुरानी परंपरा और संस्कृति है, हमारे पूर्वजों ने आमचो बस्तर की स्थानीय संस्कृति, रीति- रिवाज, लोक परंपरा को सहेजकर रखा है। हमे भी इस परंपरा- संस्कृति को संरक्षित करना है। संस्कृति को आधुनिकता के प्रभाव से बचाना है और नव पीढ़ी को भी परिचित कराना है। दशहरा में सभी समाज की सहभागिता रहती है, दशहरा में अलग-अलग समाज अपने दायित्व का निर्वहन करते है यह सामाजिक एकता का प्रतीक है ।
इस दौरान विधायक श्री गोयल ने कहा कि विख्यात बस्तर दशहरा पर्व को सब लोग मिलकर उत्साहपूर्वक मनायेंगे। बस्तर दशहरा पर्व के लिए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करेंगे। बैठक में माटी पुजारी कमलचंद भंजदेव व ने कहा कि दशहरा में क्षेत्र के देवी-देवताओं और विभिन्न समुदायों की भागीदारी का अद्भुत उदाहरण है। इस पर्व में सभी को आमंत्रण देने की व्यवस्था, मांझी - चालकी की नियुक्ति, देवी देवताओं का आश्रय स्थल की व्यवस्था पर आवश्यक व्यवस्था करने के लिए कहा। इस अवसर पर मांझी-चालाकियों ने भी बस्तर दशहरा की सभी परंपराओं के नियमानुसार पालन तथा इसके सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन के लिए सुझाव दिए।
बैठक में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के उपयोग की गई बजट और वर्ष 2024 बस्तर दशहरा आयोजन के लिए आबंटित बजट की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने पुराने तहसील कार्यालय में बनाए जा रहे दसरा पसरा की जानकारी दी, इस दसरा पसरा में प्रशासन द्वारा आदिवासी जनजातियों के संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण हेतु भवन को निर्मित की जा रही है। साथ ही संस्कृति और इतिहास के संबंध में ऑडियो- विजुअल प्रस्तुति दी जाएगी, सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु खुला सभागार, कैफेटेरिया और संचालन समिति हेतु प्रशासनिक भवन के रूप में उपयोग करने की बात बताई साथ ही नकटी सेमरा में एक पेड़ बस्तर के देवी-देवताओं के नाम लगाने की भी जानकारी दी।
*नकटी सेमरा में दशहरा वन में एक पेड़ बस्तर के देवी-देवताओ के नाम से पौधरोपण*
बस्तर दशहरा के आयोजन समिति के बैठक के उपरांत अतिथि और मांझी, चालकी के द्वारा नकटी सेमरा में स्थित दशहरा वन स्थल में 251 पौधों को रोपण किया गया। यह पौधें बस्तर दशहरा में उपयोग की जाने वाली लकड़ी फुल से संबंधित पौधों का रोपण किया गया है। ज्ञात हो कि बस्तर दशहरा हेतु प्रति वर्ष रथ निर्माण के लिए लगभग 200 पेड़ काटा जाता है। रथ निर्माण के लिए कोमी, घमन, पारा, मगरमुही जैसे विभिन्न किस्मों के पेड़ो को काटा गया है। इन पेड़ो की प्रतिपूर्ती हेतु बस्तर दशहरा पर्व 2024 के अन्तर्गत वृक्षारोपण कार्य एक पेड़ बस्तर के देवी-देवताओं के नाम के माध्यम से विभिन्न किस्मों के सामाजिक पुज्यनीय पौधे जैसे साजा आदन, साल (सरगी), महुआ, आम, कसी, सियाडी, भेलवा, सिवना, आम, छिंद, सल्फी बेल, नीम, आंवला, पलास, फरसा, कुड़ई, हजारी कनेर,तेंदू, कुसुम, सागौन, बांस, जामून एवं अन्य प्रकार के पौधे का रोपण किया गया है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
