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जगदलपुर / शौर्यपथ / संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जगदलपुर के कंगोली में कृष्ण कुंज का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कृष्ण कुंज में मौलश्री का पौधा लगाया।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, पार्षद श्री दयाराम कश्यप, मुख्य वन संरक्षक श्री मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर श्री चंदन कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित व्यास, वन मंडलाधिकारी श्री डीपी साहू, नगर निगम आयुक्त श्री दिनेश नाग सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी यहां पौधे लगाए।
इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक वृक्षों के संरक्षण के लिए यह अभिनव पहल की है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पेड़ पौधों की कमी का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। हमारे पारंपरिक वृक्ष पर्यावरण के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा इन पेड़ पौधों को विलुप्त होने से बचाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ शासन की इस अभिनव पहल से निश्चित रूप से इन वृक्षों को संरक्षित किया जा सकेगा और आने वाली पीढ़ी भी इनके महत्व को समझ सकेगी। उन्होंने नागरिकों से अपने पर्यावास के आसपास खाली भूमि पर वृक्षारोपण की अपील भी की।
महापौर श्रीमती सफीरा साहू ने कहा कि पर्यावरण की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इसी वर्ष 26 जनवरी को कृष्ण कुंज बनाने की घोषणा की गई थी और कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यह साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पारंपरिक वृक्षों के महत्व को देखते हुए इन्हें रीति रिवाजों में भी शामिल किया गया है। कृष्ण कुंज के माध्यम से नई पीढ़ी भी इनके महत्व को समझेगी।
मुख्य वन संरक्षक श्री मोहम्मद शाहिद ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक वृक्षों से सुसज्जित यह उद्यान लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। यह लोगों को जीवन में वृक्षों के महत्व से भी अवगत कराएगा।
कलेक्टर श्री चंदन कुमार ने कहा कि वृक्षारोपण पुण्य का कार्य है। इससे जनता में पर्यावरण के साथ ही जल, जंगल और जमीन के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी। वन मंडलाधिकारी श्री डीपी साहू ने बताया कि यहां एक एकड़ क्षेत्रफल में विकसित कृष्ण कुंज में बरगद, पीपल, नीम, कदम्ब, आम, आदि पारंपरिक और जीवनोपयोगी पौधे लगाए गए हैं। कार्यक्रम में वन विभाग और नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी के साथ ही बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
जगदलपुर / शौर्यपथ / बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल ने जन्माष्टमी के अवसर पर बस्तर नगर पंचायत के करलाकोंटा में कृष्ण कुंज का लोकार्पण किया। यहां इस अवसर पर यहां जनप्रातिनिधियों द्वारा पौधे लगाए गए।
श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि वृक्षारोपण को जन-जन से जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए ‘कृष्ण-कुंज’ नाम दिया गया। यह प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक और अभिनव पहल है। जिस तरह हम अपने बच्चे एवं परिवार की देखभाल करते है, ठीक वैसे ही हमें इन पौधों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधों में पाए जाने वाले औषधीय गुणों का लाभ भी हमें मिलेगा। हमारे पूर्वज इन औषधियों के उपयोग से स्वस्थ रहते थे। प्रकृति के ये अनमोल उपहार किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। हम सभी का दायित्व है कि हम इस अनमोल धरोहर को न केवल सहेज कर रखें, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी इनके लाभों के संबंध में जानकारी दें। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृष्ण कुंज की स्थापना इसी उद्देश्य से की जा रही है और निश्चित तौर पर इसमें सफलता मिलेगी।
बस्तर नगर पंचायत में कृष्ण कुंज के लोकार्पण के पूर्व श्री बघेल ने इससे पूर्व दलपत सागर के समीप कृष्ण मंदिर पहुंचकर श्री कृष्ण की पूजा-अर्चनाकर क्षेत्र के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री मनीराम मौर्य, बस्तर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री डोमाय मौर्य, वन मंडलाधिकारी श्री डीपी साहू, बस्तर के अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री ओम प्रकाश वर्मा , तहसीलदार श्री कमल किशोर साहू, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुश्री हंसा ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयभान सिंह राठौर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/ CBI ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास समेत 20 अन्य स्थानों पर छापेमारी की है। इस पर समाजवादी पार्टी(सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI की हुई कार्रवाई को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार पर हमला किया। एक ट्वीट में, अखिलेश यादव ने कहा, "छापों को राजनीतिक हथकंडा बनाना निंदनीय है। सपा प्रमुख का यह ट्वीट दिल्ली की आबकारी नीति के सिलसिले में शुक्रवार को सिसोदिया के घर और 20 अन्य स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी के बाद आया है।
"एजेंसी ऊपर से मिले आदेशों पर कर रही काम"
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली आबकारी नीति के मामले में उपमुख्यमंत्री के आवास और 20 अन्य स्थानों पर शुक्रवार को छापेमारी की । सीबीआई की इस कार्रवाई से आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। AAP ने आरोप लगाया है कि एजेंसी ‘‘ऊपर से मिले’’ आदेशों पर काम कर रही है। AAP नेता सिसोदिया के घर पर सीबीआई की रेड के बाद सियासत भी गर्मा गई है।
BJP नेताओं ने भी साधा निशाना
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार नई आबकारी नीति से रेवेन्यू बढ़ाने का दावा कर रही थी। लेकिन हजारों करोड़ का नुकसान होने के बाद भी वे कह रहे थे कि हमारी शराब की पॉलिसी बहुत अच्छी है। लेकिन जैसे ही जांच शुरू हुई, वैसे ही उन्होंने अफरातफरी में शराब नीति को बदल दिया।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के रिश्ते नाजुक दौर में पहुंच चुके हैं। यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि स्वयं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कही है। गलवान घाटी के संघर्ष में देश के करीब 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं भारतीय सैनिकों ने भी 40 से अधिक चीनी फौजियों को मौत की नींद सुला दिया था। इस हिंसक झड़प की वजह देश के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में की जाने वाली चीन की घुसपैठ थी। हालांकि इसके बाद चीन ने अपने सैनिकों को भारतीय सीमा से पीछे हटा लिया था। इसके बाद दोनों देशों के संबंध पर जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघलने लगी थी। अब कुछ माह से ड्रैगन फिर से भारतीय सीमा से लगे क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी श्रीलंका और पाकिस्तान में कुछ ऐसी नापाक गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में भारी कड़वाहट आ गई है।
श्रीलंका में भेजा जासूसी जहाज और पाक में कर रहा ये हरकत
श्रीलंका में छाये भारी आर्थिक संकट के बीच चीन ने पहले तो श्रीलंकाई क्षेत्र में अपनी जासूसी जहाज भेज दी। चीन का इरादा यहां से भारत के बारे में जासूसी करना था। जब हिंदुस्तान ने इसे लेकर श्रीलंका के सामने कड़ी आपत्ति जाहिर की और चीन को अपनी हरकतों से बाज आने को कहा तो अब ड्रैगन ने नई चाल चल दी। इसके तहत वह पाकिस्तान में अपनी सैन्य चौकियां बनाने के फिराक में है। ताकि वह भारत की श्रीलंका और पाकिस्तान दोनों देशों के रास्ते से घेराबंदी कर सके। मगर भारत ने चीन की इस नापाक हरकत पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। बावजूद चीन मानने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान में चीन ने अपनी महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड (बीआरआइ) परियोजना में भारी निवेश किया है। ऐसे में वह उसकी सुरक्षा के बहाने अपनी सैन्य चौकियां स्थापित करने की जुगत में है।
मध्य एशिया में अपना प्रभाव जमाना चाह रहा चीन
चीन का इरादा मध्य एशिया में अपना प्रभाव जमाने का है। इसीलिए वह पाकिस्तान-अफगानिस्तान मार्ग के जरिये रणनीतिक निवेश करता जा रहा है। अनुमानित तौर पर चीन ने पाकिस्तान में अब तक 60 अरब डालर से अधिक का निवेश कर चुका है। अब इसी वजह से वह पाकिस्तान में चौकियों पर अपने सैनिकों को तैनात करने का दबाव बना रहा है। इससे पहले वह ग्वादर बंदरगाह और ग्वादर एअरपोर्ट के लिए भी सैन्य चौकियों में अपने सैनिक भेजने की मांग कर चुका है। इस बहाने वह भारत समेत मध्य एशियाई देशों में अपनी पहुंच और धमक बढ़ाना चाहता है।
पूर्वी लद्दाख में भी फिर से घुसपैठ का प्रयास
पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन एक बार फिर से घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। इससे भारत और चीन के बीच तल्खी लगातार बढ़ रही है। इससे पहले गलवान में मुंह की खाने के बाद ड्रैगन कुछ समय के लिए पीछे तो हट गया था, मगर लगता है कि इसमें भी उसकी चाल थी। अब वह और अधिक तैयारी के साथ भारत को घेरने का प्रयास कर रहा है। पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में अपने सैनिकों की घुसपैठ कराने में जुटा है।
नेपाल के बाद अब श्रीलंका पर डोरे
पाकिस्तान को चीन ने वर्षों से अपना मुरीद बना रखा है। इसके बाद वह नेपाल को भी भारत के खिलाफ भड़का चुका है। एक वर्ष पहले भारत और नेपाल के रिश्तों में भी भारी कड़वाहट आ गई थी। यह सब चीन के ही इशारे पर हो रहा था। अब श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक उठापटक का फायदा उठाते हुए वहां भी डोरे डालना शुरू कर दिया है। ताकि भारत को चारों तरफ से घेर सके। यही वजह है कि भारत और चीन के रिश्ते लगातार नाजुक होते जा रहे हैं।
क्या भारत और चीन में हो सकता है युद्ध
विशेषज्ञों के अनुसार चीन अपनी नापाक हरकतों पर लगाम लगाने के बजाय वह उसे और अधिक बढ़ाता जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। चीन अपनी हरकतों से बाज आएगा इस बात की उम्मीद करना बेमानी ही है। वहीं दूसरी तरफ भारत अपने मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के चलते चीन को कड़ा जवाब देने को तैयार है। अगर भारतीय सीमा क्षेत्र में भी चीन की हरकतें बंद नहीं हुईं तो दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने में देर नहीं लगेगी। क्योंकि भारत को ड्रैगन की यह हरकतें कतई मंजूर नहीं हैं।
नई दिल्ली / शौर्यपथ/ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल भारतीय मूल के सुनक गुरुवार को कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर पहुंचे। वो भगवान कृष्ण के दर्शन किए। सुनक के साथ उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति भी थीं। सुनक ने अपनी पत्नी के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, 'आज मैं जन्माष्टमी के मौके पर अपनी पत्नी अक्षता के साथ भक्तिवेदांत जागीर में गया था। यह भगवान कृष्ण के जन्मदिन पर मनाया जाने वाला एक लोकप्रिय हिंदू त्योहार है। कृष्ण जन्माष्टमी एक हिंदू त्योहार है जिसे दुनिया भर में हिंदू भक्तों द्वारा भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति भारतीय व्यवसायी नारायण मूर्ति की बेटी हैं। दोनों की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी जब सुनक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहे थे। साल 2006 में दोनों ने बैंगलोर में दो दिवसीय समारोह में शादी कर ली थी। सुनक का जन्म साउथ हैम्पटन यूके में हुआ था और उनके माता-पिता भारतीय थे। वह बोरिस जॉनसन कैबिनेट में वित्त मंत्रालय संभाल रहे थे। वर्तमान में ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में लिज़ ट्रस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
क्या बन जाएंगे प्रधानमंत्री
पार्टी सांसदों का भारी समर्थन मिलने के बाद टोरी मतदाताओं के एक सर्वेक्षण में सनक लिज़ ट्रस से पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। ताजा सर्वे से पता चलता है कि 28 प्रतिशत मतदाता ऋषि सनक को पसंद कर रहे हैं, जबकि 60 प्रतिशत मतदाता लिज़ ट्रस हैं। 9 फीसदी मतदाता यह तय नहीं कर पाए हैं कि किसे वोट देना है। पिछले महीने के सर्वेक्षण में सनक के साथ 26 प्रतिशत और ट्रस के साथ 58 प्रतिशत मतदाता थे। यूके में टैक्स में कटौती एक प्रमुख मुद्दा है और जीवन यापन की लागत, मुद्रास्फीति को कम करने के अपने वादों के साथ संघर्ष विराम को गति मिली है।
ऋषि सुनक को किसका मिला समर्थन
एक रिपोर्ट के मुताबिक, द टाइम्स के YouGov पोल ने ट्रस को 34 अंकों की चौंका देने वाली बढ़त मिली थी। 'द टाइम्स' के मुताबिक कंजरवेटिव पार्टी के 60 फीसदी सदस्य ट्रस के पक्ष में हैं और 26 फीसदी ने सुनक का समर्थन किया है। जबकि बाकी अभी भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किसका साथ दें। सुनक को केवल एक श्रेणी में ट्रस पर बढ़त है और वह पार्टी के सदस्यों का समर्थन है। जिन्होंने 2016 में यूरोपीय संघ में ब्रिटेन के रहने का समर्थन किया था।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने लेखक सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले को 'भयानक और दुखद' करार दिया है। मीडिया में शुक्रवार को आई एक खबर के मुताबिक, इमरान ने कहा कि रुश्दी के विवादास्पद उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर इस्लामी जगत में नाराजगी समझ में आती है, लेकिन उन पर हमला अनुचित था। दुनियाभर में फेमस 75 के लेखक सलमान रुश्दी पर न्यूजर्सी निवासी हादी मतार ने पिछले हफ्ते मंच पर उस समय चाकू से हमला कर दिया था, जब पश्चिमी न्यूयॉर्क में चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन के एक साहित्यिक कार्यक्रम में लेखक का परिचय दिया जा रहा था।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने क्या कहा
सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी लेबनानी मूल का अमेरिकी नागरिक है। चौटाउक्वा काउंटी के जिला अटॉर्नी जेसन स्किम्द ने हमलावर की पेशी के दौरान कहा था कि रुश्दी की गर्दन पर तीन, पेट में चार और दाहिनी जांघ पर एक जगह चाकू से वार किया गया था, जबकि उनकी दाहिनी आंख और छाती पर भी वार किया गया था। ‘द गार्डियन’ अखबार को दिए साक्षात्कार में रुश्दी पर हमले के बारे में पूछे जाने पर इमरान ने कहा, "मुझे लगता है यह भयानक है, दुखद।" उन्होंने कहा, "वह हमारे दिलों में पैगंबर मोहम्मद के लिए मौजूद प्यार, सम्मान और श्रद्धा से वाकिफ हैं। वह इस बारे में जानते हैं।" पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, "इसलिए, मैं उन्हें लेकर नाराजगी को समझ सकता हूं, लेकिन जो कुछ भी हुआ, उसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।"
जब रुश्दी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे इमरान
गौरतलब है कि साल 2012 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख इमरान ने नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन में शिरकत करने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया था, क्योंकि रुश्दी उसमें शामिल हो रहे थे। इमरान ने सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने का प्लान यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि वह एक ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बारे में सोच भी नहीं सकते, जिसमें ‘दुनियाभर के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले’ रुश्दी शिरकत कर रहे हों।
‘द सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर मौत का फरमान
1988 में प्रकाशित रुश्दी के चौथे उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ की वजह से सलमान को नौ साल तक छिपकर जीवन गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ा था। ईरान के सर्वोच्च नेता रहे आयतुल्ला रूहोल्ला खमनेई ने रुश्दी पर उनके उपन्यास को लेकर ईशनिंदा का आरोप लगाया था। 1989 में उन्होंने रुश्दी के खिलाफ एक फतवा जारी किया था, जिसके तहत उनकी हत्या का आह्वान किया गया था। रुश्दी के उपन्यास को लेकर उन्हें ईरान से भी हत्या की धमकी मिली। ईरान ने रुश्दी की हत्या करने वाले को 30 लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।
नई दिल्ली / शौर्यपथ/ जम्मू कश्मीर में कांग्रेस को एक ऐसा झटका लगा है, जिसके लिए शायद वो तैयार नहीं थी। दरअसल कांग्रेस ने मंगलवार को सीनियर पार्टी लीडर गुलाम नबी आजाद को जम्मू कश्मीर प्रदेश कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था, लेकिन कांग्रेस के इस फैसले के 2 घंटे बाद ही गुलाम नबी आजाद ने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि आजाद ने ऐसा क्यों किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजाद इस बात से नाराज हैं कि पार्टी में उनकी सिफारिशों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है , इसीलिए उन्होंने नई जिम्मेदारी से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कांग्रेस ने अपनी सफाई में कहा कि गुलाम की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उन्होंने नए पद को लेने से इनकार कर दिया।
बता दें कि गुलाम नबी उस G-23 समूह के भी सदस्य हैं, जो पार्टी में कई बदलावों की बात करता है। ऐसे में आजाद के इस्तीफे के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं और सियासी गलियारों में इस बात की खूब चर्चा भी हो रही है कि आजाद के रिश्ते कांग्रेस से अब पूरी तरह ठीक नहीं हैं।
विकार रसूल वानी को जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की जिम्मेदारी विकार रसूल वानी को दी गई है। उन्हें जम्मू कश्मीर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले ये जिम्मेदारी अहमद मीर के पास थी। रसूल वानी को गुलाम नबी के काफी करीब माना जाता है। बता दें कि आजाद पांच राज्यों में पार्टी की हार से काफी दुखी भी थे। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जब पार्टी की हार होती है तो मेरा दिल रोता है। हमने इस पार्टी को बनाने के लिए अपनी जवानी दी है। मैं उम्मीद करता हूं कि पार्टी हाईकमान बदलाव की बातों पर ध्यान देगा।
गुलाम के घर हुई थी एक मीटिंग
दरअसल कांग्रेस को जब 5 राज्यों में हार मिली थी, तो गुलाम नबी आजाद के घर पर G-23 गुट की डिनर मीटिंग हुई थी। ये कांग्रेस के असंतुष्ट लोगों की मीटिंग थी, जिसके बाद ये आशंका जताई जा रही थी कि ये लोग विद्रोह कर देंगे। हालांकि CWC की बैठक में सोनिया और राहुल-प्रियंका ने अपने इस्तीफे की पेशकश तक कर दी थी। जिसे बाद में कांग्रेस नेताओं ने नकार दिया था।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार में सत्ता से बाहर होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। जिनमें से केंद्रीय मंत्री और बेगुसराय से सांसद गिरिराज सिंह तो नीतीश कुमार पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। आज मीडिया से बात करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि, "नीतीश कुमार कई वर्षों से मुख्यमंत्री बने हुए हैं, लेकिन आज तक वह अमरलता ही हैं। वे वृक्ष नहीं बन सके हैं।" उन्होंने कहा कि अमरलता हमेशा दूसरे पेड़ों पर ही लद जाता है और उसके पत्तों को ढक देता है और उसे खुद का रंग ही दिखता है।
नीतीश कुमार की शराबबंदी विफल रही - गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने नीतीश कुमार के 20 लाख रोजगार के वादे पर भी सवाल खड़े किए। गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का कॉम्पिटिशन अपने भतीजे से है। सत्ता की चाभी भतीजे के पास है। नीतीश कुमार की शराबबंदी विफल रही है। लोग आजकल जेल से घर पहुंच जा रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार जल्दी ही 20 लाख रोजगार देने के अपने ऐलान से यूटर्न ले लेंगे।
वहीं इससे पहले गिरिराज सिंह ने ट्विटर पर नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के कैप्शन में गिरिराज सिंह ने लिखा, 'नीतीश कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान वीडियो बयान में कहा कि 10 लाख नौकरियां कैसे दी जाएंगी और वे कैसे वेतन देने में कामयाब रहेंगे।'
बिहार कैबिनेट ने ली शपथ
बिहार में नवगठित नीतीश सरकार की कैबिनेट का विस्तार हो गया। कुल 31 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में इन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से 16 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली जबकि जनता दल यूनाइटेड के 11 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इनमें नीतीश ने सभी पुराने मंत्रियों को अपनी कैबिनेट में जगह दी है। वहीं कांग्रेस के दो विधायक मंत्री बनाए गए हैं जबकि हम को एक और एक निर्दलीय विधायक को मंत्री पद मिला है।
आरजेडी कोटे के मंत्री
1.तेज प्रताप यादव
2.आलोक मेहता
3.अनिता देवी
4.सुरेंद्र यादव
5.चंद्रशेखर
6.ललित यादव
7.जितेंद्र राय
8.रामानंद यादव
9.सुधाकर सिंह
10.कुमार सर्वजीत
11.सुरेंद्र राम
12.शमीम अहमद
13.शहनवाज
14. मो इसराइल मंसूरी
15. कार्तिक सिंह
16.समीर महासेठ
जेडीयू कोटे के मंत्री
1.विजय चौधरी
2.बिजेंद्र यादव
3.अशोक चौधरी
4.शीला मंडल
5.श्रवण कुमार
6.संजय झा
7.लेशी सिंह
8.जमा खान
9.जयंत राज
10मदन सहनी
11.सुनील कुमार
निर्दलीय
सुमित
हम पार्टी
संतोष सुमन
शौर्यपथ संवाददाता दीपक वैष्णव
केशकाल | शौर्यपथ । केशकाल विधानसभा के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव आदिवासी बाहुल्य जिले के विकास एवं आदिवासियों को सुविधा सुलभ कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा प्रदान किये जाने वाले धनराशि का सुनियोजित साजिश रचकर किये जाने वाले गबन घोटाला पर सख्त से सख्त कार्यवाही करते आपराधिक प्रकरंण पंजीबद्ध कराकर संलिप्तों को जेल भिजवाने की कार्रवाई प्रारंभ करने की मांग की है | पूर्व आदिवासी विधायक का कहना है की सरकार द्वारा प्रदत्त धनराशि से किये जाने वाले सामग्री सप्लाई और निर्माण कार्य कराने में जिस तरह से बिचौलियों द्वारा जिस निर्लज्जता से लूट खसोट किया जा रहा है उसके चलते आजादी के 75वर्ष बाद भी आदिवासियों को मूलभूत सुविधा तक नसीब नही हो पा रहा है | पूर्व विधायक ने कोंडागांव जिला में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय से निविदा निकालने निविदा खोलने स्वीकृत- अस्वीकृत करने तथा निविदा स्वीकृति के पूर्व ही चहेते ठेकेदारों से काम कराने को बहुत ही गंभीर आर्थिक अपराध निरूपित करते हुए कहा है की पूरे मामले की सूक्ष्म जांच करवाकर सभी संलिप्तों के खिलाफ आपराधिक प्रकरंण पंजीबद्ध कराकर कडी से कडी कार्रवाई करवाने की मांग की है! पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के नाम से आबंटन स्वीकृत करने कराने के नाम पर चल रही कमीशनखोरी और उसके बाद उक्त मद से कराये जाने वाले काम में अंधेरगर्दी की जांच कराकर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत बताया है| पूर्व विधायक ने फरसगांव ब्लाक के बाडागांव पंचायत में और बडे राजपुर ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत बांसकोट तथा ग्राम पंचायत बस्तर बुरा में सडक पुलिया बनाने के नाम से स्वीकृत धनराशि का संबधितों ने एक राय होकर नियम विरूद्धआहरंण करके गबन कर लिया जो बहुत ही गंभीर आपराधिक कृत्य है | पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में सरकारी धनराशि मे हो रहे लूट खसोट के खिलाफ कडी कार्रवाई प्रारंभ करके बढती लूट खसोट की मनोवृत्ति पर अंकुश लगाना चाहिए!
शौर्यपथ संवाददाता दीपक वैष्णव
- विभाग के संरक्षण में चल रहा मुख्यमंत्री खाद्यान्न अवैध खरीद-फरोख्त का कारोबार,
- सूचना देने के बाद भी अधिकारी मौन,
कोंडागांव – शौर्यपथ।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाले राशन सामग्रियों की जिले में अवैध खरीद फरोख्त का खेल धड़ल्ले से जारी है। जबकि मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत मिलने वाले राशन के अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बीते कुछ माह पहले विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किया गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण जिले में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सामग्रियों के खरीद-फरोख्त का कारोबार बेखौफ चल रहा।अवैध खरीद-फरोख्त को लेकर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को समय पर सूचना मिलने के बाद भी खरीद-फरोख्त के छोटे कारोबारियों पर कार्यवाही कर खानापूर्ति कर रहे ,जबकि बडे कारोबारियों पर अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे।जिसके कारण
समाचार प्रकाशित करने वाले प्रेस प्रतिनिधियों को ही कारोबारियों के लोगों द्वारा समाचार प्रकाशित करने से अंजाम भुगतने की धमकी भी मिल रही।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाले राशन चावल की अवैध परिवहन का मामला कोंडागांव से बुधवार को सामने आया ।केसकाल के चावल कारोबारी बुधवार को नगर स्थानी दुकानदारों से चावल खरीद ट्रक क्रमांक सीजी 17 केआर 9991में भरकर केशकाल की ओर ले जाने वाला था, उसी दौरान स्थानीय प्रेस प्रतिनिधि ने विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना देने के दो घंटे भर बाद भी विभागीय अमला नहीं पहुंचा और चावल से भरा वाहन निकलने लगा तो विभाग कें ना पहुंचने से प्रेस प्रतिनिधियों ने ही वाहन का फोटो वीडियो तैयार कर अधिकारियों को भेजा। फिर भी अधिकारियों ने कारोबारी के ठिकाने तक पहुंचने को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई।
वहीं प्रेस प्रतिनिधियों ने दावा किया जिले में बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री खाद्यान्न चावल की अवैध खरीद-फरोख्त सहित अवैध परिवहन की सूचना विभाग के अधिकारियों को देने के बाद भी कारोबारियों पर कार्यवाही नहीं कर उन्हें संरक्षण दे रहे। उल्टे विभाग को जानकारी मिलते ही कारोबारियों से सेटिंग कर मामले को दबा रहे जबकि संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर विभागीय टीम द्वारा दबिस देने से बड़े राज उजागर हो सकती है।
दिनेश्वर प्रसाद ,जिला खाद्य अधिकारी ,कोंडागांव।
- खाद्यान्न योजना के चावल अवैध परिवहन की सूचना मिली थी, हमने जाकर देखा वाहन वहां नहीं थी, जब गाड़ी ही नहीं मिली तो हम क्या प्रयास करें, मामले को हम क्या दबाएंगे ,वाहन जगदलपुर की ओर जाने की सूचना मिली।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
