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खेल /शौर्यपथ / भारतीय टीम में जो कद विराट कोहली का है, ठीक वैसा ही केन विलियमसन का न्यूजीलैंड टीम में है। विलियमसन को दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक माना जाता है। किसी भी युवा तेज गेंदबाज के लिए उनका विकेट हासिल करना बहुत बड़ी बात होती है। विलियमसन की नजरें अब अपनी टीम को पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का चैम्पियन बनाने पर हैं, जहां टीम का मुकाबला आत्मविश्वास से भरी हुई भारतीय टीम से होगा। यह फाइनल मुकाबला 18 जून से 22 जून के बीच साउथम्प्टन में खेला जाएगा। विलियमसन का विकेट लेने को लेकर भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपनी रणनीति का खुलासा किया है।
'एबीपी न्यूज' से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'अगर मुझे मौका मिलता तो मैं अपनी गेंद को लगातार एक खास जगह पर रखने की कोशिश करूंगा, साथ ही मेरी कोशिश होगी कि मैं उन्हें ज्यादा से ज्याद डॉट गेंद फेंक सकूं, जिससे कि वे दवाब में आ जाएं। मैं उन्हें शॉट्स लगाने के लिए उकसाने की कोशिश करूंगा, जिससे कि हम आसानी से उनका विकेट हासिल कर सकें।'
बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार मैचों की इस टेस्ट सीरीज में सिराज ने कुल 13 विकेट लिए थे। उन्हें इस दौरे पर ही इंटरनेशनल करियर में डेब्यू करने का मौका मिला था। उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखी। सिराज ने अपना यह शानदार प्रदर्शन आईपीएल 2021 में जारी रखा और टीम को कई मौकों पर जीत दिलाई। सिराज आईपीएल में विराट कोहली की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हैं।
मनोरंजन /शौर्यपथ / 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्टर करण मेहरा और उनकी पत्नी निशा रावल के बीच का रिश्ता मारपीट और जेल तक पहुंच गया है। इन दोनों सितारों ने एक दूसरे पर गंभीर अरोप लगाए हुए अपना-अपना बचाव किया हैं। हालांकि इसी बीच एक्ट्रेस कश्मीरा शाह ने इस मामले पर अपनी दोस्त का साथ देते कहा है कि वह हर हाल में अपनी दोस्त निशा के साथ खड़ी हैं। वह आगे कहती हैं कि यह पहली बार नहीं है कि करण ने ऐसा किया है। इससे पहले भी करण निशा पर हाथ छोड़ चुके हैं।
अपनी निजी बातें शेयर नहीं करती थी निशा
ईटाइम्स की खास बातचीत में कश्मीरा शाह ने कहा कि निशा मेरी अच्छी दोस्त है और मैं उसे बहुत करीब से जानती हूं। हमें समझ आ गया था कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है, लेकिन मैंने सब समझते हुए उससे कभी पूछने की हिम्मत नहीं होती थी, क्योंकि निशा कभी भी किसी को निजी बातें नहीं बताती थी। इसलिए मैं हमेशा निशा के साथ रहती थी।
आर्थिक तंगी है कलह का कारण
कश्मीरा आगे कहती हैं कि करण मेहरा को समझना चाहिए कि वह एक मां है, जो बच्चे का ख्याल रखती है। जितना मुझे पता चला है, करण की वजह से घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इस कारण भी दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। हालांकि मुझे लगता है कि परेशानी चाहें कोई भी हो लेकिन आप हाथ नहीं उठा सकते हैं।'
झूठ बोल रहे हैं करण मेहरा
करण मेहरा ने आरोप लगाया था कि निशा ने उनकी मां को गाली दी और खुद अपना सिर दीवार से दे मारा था। इस पर कश्मीरा शाह कहती हैं कि ये सच नहीं है, करण मेहरा सिर्फ खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। क्योंकि इतनी गहरी चोट कोई खुद को नहीं दे सकता। लॉकडाउन चल रहा है, ऐसे में निशा को ठीक से इलाज नहीं मिला तो क्या होगा। घरेलू हिंसा से ज्यादा अभी हम एक दोस्त के साथ खड़े हैं और हम हमेशा उसके लिए खड़े रहेंगे।' निशा ने जो कहा है वह सच है।
करण मेहरा पर अफेयर का लगाया आरोप
निशा रावल ने करण के खिलाफ मारपीट और घरेलू हिंसा करने का मामला दर्ज करवाया है। हालांकि, उनकी जमानत होने पर वह मीडिया के सामने आकर निशा को बहुत बुरा भला कहा। इतना ही उन्होंने अपनी सफाई देते हुए निशा ने एक फ्रॉड केस बनाया है। करण के इस बयान के बाद निशा रावल ने मीडिया के सामने आकर भी अपने साथ हुई दर्दनाक कहानी को बयां किया है। साथ ही पति करण मेहरा के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे करते हुए कहा कि कहा कि कि करण मेहरा का दिल्ली में किसी लड़की के साथ अफेयर चल रहा है। वो उस महिला के साथ के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
सेहत /शौर्यपथ / इन दिनों थाइरॉइड एक आम बीमारी बनती जा रही है, भारत देश में कई लोग इस समस्या का शिकार हैं। लोगों को थाइरॉइड के लक्षण समझने में समय लग जाता है और यही वजह है कि समस्या बढ़ती जाती है। वहीं अगर इस बीमारी में लोग लापरवाही करते हैं, तो यह रोग व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है। थायरॉयड के मरीज के लिए ये जानना भी जरूरी है कि उनके शरीर के लिए किन चिजों का सेवन हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं थायरॉयड के लक्षण और बीमारी किन चीजों को न खाएं...
कितने प्रकार का होता है थायरॉइड
थायरॉइड दो प्रकार का होता है हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म। दोनों ही प्रकार के अलग-अलग लक्षण है। हाइरथायराइडिज्म में थायरॉइज हार्मोन अधिक मात्रा में बनने लगते है, ऐसे में टी3 और टी4 का स्तर बढ़ने और टीएसएच का स्तर घटने लगता है। वहीं बात करें हाइपोथायराइडिज्म कि, तो इसमें थायरॉइज हार्मोन कम बनने लगते है, ऐसे में टी3 और टी4 का लेवल घटने और टीएसएच का स्तर बढ़ने लगता है।
लक्षण हाइपरथायराइडिज्म
कम नींद आना
वजन कम होना
घबराना
प्यास ज्यादा लगना
सांस फूलना
लक्षण हाइपोथायराइडिज्म
वजन बढ़ना
मानसिक तनाव
बालों का झड़ना
अवसाद
थकान
स्किन का रूखा और पतला होना
बीमारी में इन चीजों का करें परहेज
सोयाबीन
अगर आपको थायरॉइड है तो सोयबीन का सेवन आपको किसी भी प्रकार से नहीं करना चाहिए क्योंकि सोयाबीन युक्त चीजों में फयटोएस्ट्रोजन होता है। थायरॉइड के मरीजों के लिए सोयाबीन नुकसानदायक माना जाता है।
कैफीन या एल्कोहल
थाइरॉइड के मरीजों के लिए कैफीन और एल्कोहल को छोड़ना जरूरी है, ऐसा करने के बाद ही आप अपनी बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं। जब आप इन चीजों का सेवन करते हैं तो थायरॉइड की ग्रंथी प्रभावित होती है। साथ ही थायरॉइड के स्तर पर भी फर्क पड़ता है। बता दें कि अगर आप रोजाना दवाई खा रहे हैं लेकिन कैफीन और एल्कोहल का सेवन भी कर रहे हैं, तो दवाओं के असर पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
प्रोसेस्ड फूड
कोई भी चीज जो लंबे समय से रखी है उसका सेवन आप बिल्कुल न करें। पैकेट फूड में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो कि थायरॉइड के मरीजों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
चीनी
ज्यादा चीनी का सेवन किसी के लिए भी अच्छा नहीं है, लेकिन थायरॉइज में जिन मरीजों का वजन अचानक बढ़ा है उनको चीनी के सेवन पर नियंत्रण रखना चाहिए। यदी आप फिर भी चीनी का सेवन करते हैं, तो आपका वजन और बढ़ सकता है। साथ ही थाइरॉयड के स्तर पर भी इसका असर पड़ सकता है।
खाना खजाना / शौर्यपथ /मिर्च के अचार के शौकीनों को अलग-अलग अचार का फ्लेवर पसंद होता है। आज हम आपको बता रहे हैं इंस्टेंट मिर्च का अचार बनाने की रेसिपी, जो पांच मिनट में तैयार हो जाएगा।
सामग्री :
250 ग्राम हरी मिर्च
2 टीस्पून मेथी
2 टेबलस्पून राई
2 टेबलस्पून सौंफ
8-10 काली मिर्च
2 टीस्पून जीरा
चुटकीभर अजवाइन
1/2 टीस्पून हल्दी पाउडर
2 टेबलस्पून आमचूर पाउडर
1/2 कप सरसों का तेल
काला नमक स्वादानुसार
विधि :सबसे पहले हरी मिर्च को धोकर साफ कर लें। फिर इसमें बीच से चीरा लगा दें। मीडियम आंच में एक पैन में राई, काली मिर्च, सौंफ, मेथी, जीरा डालकर 1-2 मिनट तक ड्राई रोस्ट कर लें। अब इन्हें ग्राइंडर जार में दरदरा पीस लें। दूसरी तरफ मीडियम आंच पर पैन में तेल डालकर गरम करने के लिए रख दें। एक बर्थन में सभी हरी मिर्च डाल दें। इसमें पिसा हुआ मसाला, अजवाइन, हल्दी पाउडर, काला नमक, सादा नमक और आमचूर पाउडर डालकर मिक्स करें। गरम किए हुए तेल को पूरी तरह से ठंडा कर हरी मिर्च में डालकर मिक्स कर लें। तैयार है हरी मिर्च का इंस्टैंट अचार। इसे कंटेनर में भरकर स्टोर करके भी रख सकते हैं।
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / एक्सरसाइज करने से न सिर्फ आपका शरीर फिट रहता है बल्कि इससे आपकी स्किन भी ग्लोइंग बनती है। आप एक्ससाइज करते हुए डाइट का ख्याल भी रखते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्सरसाइज करते हुए कपड़े भी काफी मैटर करते हैं। जैसे, टाइट कपड़े पहनने से आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचता है। वहीं, लड़कियों को एक्सरसाइज करते वक्त स्पोर्ट्स ब्रा पहननी चाहिए। आइए, जानते हैं कि ऐसा क्यों है-
-वर्कआउट के समय ढीले-ढाले कपड़े पहनने चाहिए ताकि आपकी बॉडी कम्फर्टेबल महसूस करे। एक्सरसाइज के दौरान स्पोर्ट्स ब्रा पहनने की सलाह इसलिए दी जाती है कि इससे आपके ब्रेस्ट की वाल को सपोर्ट मिले क्योंकि अगर आप बहुत हैवी एक्सरसाइज करते हैं, तो आपके ब्रेस्ट के चारों तरफ के लिगामेंट में खिंचाव पैदा होने के कारण स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं। इससे आगे जाकर आपके ब्रेस्ट काफी सैगी (लटकते हुए से) हो सकते हैं।
-एक अच्छी क्वालिटी की स्पोर्ट्स ब्रा आपके ब्रेस्ट को एक्सरसाइज के दौरान पूरी तरह से बेहतर सपोर्ट देती है। इससे आपके ब्रेस्ट अपने शेप में रहते हैं और सैगी होने से बचते हैं। इसे पहनने से ब्रेस्ट का ज्यादा मूवमेंट नहीं होता जिस वजह से ये खिंचाव से बचे रहते हैं।
-जब आप एक्सरसाइज करती हैं तो उसका पूरा असर आपकी बॉडी पर भी पड़ता है। ऐसे में ब्रेस्ट इससे कैसे अछूते रह सकते हैं। कई बार ज्यादा कसरत करने की वजह से पूरी बॉडी में ही नहीं बल्कि ब्रेस्ट में भी दर्द होता है। इस दर्द से बचने के लिए भी आपको स्पोर्ट्स ब्रा कैरी करनी चाहिए।
शिक्षा /शौर्यपथ / आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई पहलुओं का जिक्र किया है। आचार्य चाणक्य को हर विषय की गहनता से जानकारी थी। इन्हें विष्णु गुप्त या कौटिल्य कहा जाता है। आचार्य चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने और अच्छे कर्मों को करने के लिए प्रेरित करती हैं। नीति शास्त्र की कुछ बातें बेहद कड़वी और कठि लगती हैं। लेकिन ये जीवन की सच्चाई से रूबरू कराती हैं। कहा जाता है कि आचार्य चाणक्य की नीतियां जो व्यक्ति समझकर अपने जीवन में उतार लेता है, उसे सामाजिक व निजी सुखों में कमी नहीं रहती है। एक श्लोक के जरिए आचार्य चाणक्य ने बताया है किन लोगों के लिए धरती ही स्वर्ग समान हो जाती है।
1. जिसका पुत्र संस्कारी व आज्ञाकारी हो- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिनका पुत्र संस्कारी और आज्ञाकारी होता है और हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करता है। ऐसे व्यक्ति के लिए धरती पर ही स्वर्ग होता है।
2. अच्छे आचरण की पत्नी- चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति की पत्नी धर्म का अनुसरण करने वाली हो उसके लिए धरती पर ही स्वर्ग के समान सुख होते हैं। अच्छे आचरण वाली पत्नी पूरे परिवार को जुड़े रखती है। हर परिस्थिति में पति का साथ निभाती है। धर्म का पालन करने वाली पत्नी स्वयं मान-सम्मान पाने के साथ ही परिवार का भी मान बढ़ाती है। ऐसे स्त्री के पति के लिए धरती पर स्वर्ग समान सुख होता है।
3. आत्मिक रूप से संतुष्ट- कहा जाता है कि मन की शांति से बड़ा कोई धन या सुख नहीं होता है। जिनका मन किसी भी काम में संतुष्ट नहीं होता वह हमेशा दुखी रहते हैं। जिस व्यक्ति के पास आत्म संतुष्टि होती है, उनके लिए धरती पर ही स्वर्ग समान सुख है।
आस्था /शौर्यपथ /शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि ढैय्या शुरू हो जाती है। शनि की साढ़े साती महादशा की तरह ही शनि ढैय्या भी जातक को कष्ट देती है। शनि ढैय्या के दौरान जातक को शारीरिक, आर्थिक व मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में मिथुन व तुला राशि वालों पर शनि ढैय्या चल रही है। इस समय शनि अपनी स्वराशि मकर में हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने में ढाई साल का वक्त लेते हैं। शनि की सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल होती है। शनि 29 अप्रैल 2022 को राशि करते हुए मकर से कुंभ राशि में गोचर करेंगे। जिससे कर्क व वृश्चिक राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू होगी। जानिए आने वाले 10 सालों में किन राशियों पर होगा शनि ढैय्या का असर-
साल 2023 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा। इसलिए कर्क व वृश्चिक राशि वालों पर ही शनि ढैय्या का असर रहेगा।
साल 2024 में भी शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा।
साल 2027 में 3 जून शनि मेष राशि में गोचर करेंगे। जिससे सिंह और धनु राशि वालों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिलेगी और कन्या व कन्या राशि वालों पर इसका प्रभाव शुरू होगा। इस दौरान मीन, मेष और वृषभ राशि वालों शनि की साढ़े साती चलेगी।
साल 2028 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा।
साल 2029 में 8 अगस्त को शनि वृषभ राशि में गोचर करेंगे। जिससे कुंभ और तुला राशि वालों पर शनि ढैय्या शुरू हो जाएगी। वहीं, मेष, वृषभ और मिथुन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती चलेगी।
साल 2030 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा।
साल 2031 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा।
शनि ढैय्या के उपाय-
शनि ढैय्या के दौरान व्यक्ति को धैर्य से काम लेना चाहिए। इस दौरान दोस्ती करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। हर दिन चिड़ियों को पानी और दाना खिलाना चाहिए। इसके अलावा चीटियों को मीठा खिलाने से भी लाभ होता है। काली उड़द, काले वस्त्र, तिल आदि का दान करना चाहिए। शनि ढैय्या के दौरान मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा के साथ भगवान शिव की पूजा से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं। शनि मंत्रों का जाप करना चाहिए। पीपल के वृक्ष के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
० ठगों द्वारा रिमोट एक्सेस एप एनी डेस्क डाउनलोड करवाकर प्रार्थी का इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस कर की ठगी
० सायबर सेल द्वारा त्वरित कार्यवाही कर प्रार्थी को वापस कराया गया 1 लाख 28 हजार रूपये
राजनांदगांव / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम, जयप्रकाश बढ़ई के मार्गदर्शन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक लोकेश देवांगन के नेतृत्व में कार्य कर रही सायबर सेल टीम ने तत्काल कार्यवाही कर सायबर ठगों से 1 लाख 28 हजार रूपये प्रार्थी के एकाउंट में वापस कराया गया। 13 मई को कुंज विहार कॉलोनी राजनांदगांव निवासी द्वारिका प्रसार लोन्हारे (सेवानिवृत सहायक आयुक्त) उम्र 69 साल ने सायबर सेल उपस्थित होकर बताया कि 12 मई को उसे एक एसएमएस प्राप्त हुआ। उक्त एसएमएस में मोबाईल को रिचार्ज करने हेतु लिखा गया था एवं नहीं करने पर मोबाईल नंबर ब्लॉक को जाने की जानकारी थी। प्रार्थी द्वारा उक्त एसएमएस को पढ़कर उसमें दिये गये मोबाईल नंबर से संपर्क किया गया। मैसेज में दर्ज अज्ञात मोबाईल नंबरधारक से बात करने पर प्रार्थी को बीएसएनएल के रिचार्ज साईट पर जाकर 10 रूपये का रिचार्ज करने कहा गया। प्रार्थी उसके बातों में आकर बीएसएनएल के रिचार्ज साईट से एसबीआई के इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 10 रूपये का रिचार्ज किया गया। साथ ही उस व्यक्ति द्वारा प्रार्थी के मोबाईल में धोखे से रिमोट एक्सेस मोबाईल एप एनीडेस्क डाउनलोड कराकर प्रार्थी के एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग में रजिस्टर्ड 2 एकाउंट से कुल 4 लाख 84 रूपये ठगी कर लिया गया।
उक्त ठगी की सूचना प्राप्त होने पर सायबर सेल टीम द्वारा प्रार्थी का बैंक स्टेंटमेंट चेक किया गया। बैंक स्टेंटमेंट एनालिसिस पर प्रार्थी की रकम विभिन्न बैंक एकाउंटए ई-वैलेट एवं शॉपिंग साईट के माध्यम से ट्रांसफर होना पाया गया। सायबर सेल टीम द्वारा तत्काल ई.वैलेट एवं शॉपिंग साईट के नोड़ल से फोन एवं वाट्सअप के माध्यम से संपर्क कर रकम वापस करने कहा गया। सायबर सेल टीम की त्वरित कार्यवाही के फलस्वरूप 1 लाख 28 हजार रूपये प्रार्थी को वापस दिलाने में सफलता मिली। आम जन से राजनांदगांव पुलिस की अपील है कि किसी भी व्यक्ति से अपनी बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे एकाउंट नंबर, डेबिट, केडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर एवं ओटीपी आदि शेयर न करे और न ही किसी अज्ञात लिंक, अज्ञात एप्स को डाउनलोड करें। जागरूक रहे, सतर्क रहे।
बेमेतरा / शौर्यपथ /
राजनीती
नगर पंचायत नवागढ़ चुनाव में पार्षद प्रत्याशियों द्वारा पूर्व मंत्री दयालदास बघेल पर भितरघात के आरोप लगाने के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता गण पूर्व मंत्री के कॉन्ग्रेस पार्टी से बढ़ते लगाव को उनकी कॉन्ग्रेस प्रवेश करने के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए देख रहे हैं और पूर्व मंत्री के जल्द शामिल होने की बात भी बात कर रहे है। चूंकि विगत विधानसभा चुनाव के बाद से ही सन्गठन में पुर्व मंत्री की पकड़ काफी हद तक कम होती नजर आयी है, वही पार्टी के पदाधिकारियों ने भी उनका खुला विरोध करना शुरू कर दिया है, ऐसे में नवागढ़ से कांग्रेसी विधायक के साथ बढ़ते मोल जोल को लेकर उनके कांग्रेस प्रवेश की सम्भवनाओँ को नकारा नही जा सकता, अब देखना होगा कि नवागढ़ को राजनीति में कोई बड़ा तूफान आता है कि यह महज बातें ही बनकर रह जायेगी।
नवागढ़ में डीडी बघेल के भाजपा प्रवेश करने के समय साथ रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लखन महिलांग ने बताया कि हमने उस दौर में भाजपा के लिए काम किया है जब लोग पार्टी का झंडा उठाने को डरते थे, पूरे क्षेत्र में गिनती के कार्यकर्ता थे। पूर्व मंत्री दयालदास बघेल भाजपा में आने के पहले कांग्रेस से राजनीति किया करते थे, उन्होंने कांग्रेस समर्थित होकर अपने निजी ग्राम कुंरा से दो बार सरपंच का चुनाव भी लड़े थे, तब वे अपने मिल में वीडियो दिखाया करते थे। जिसके बाद वर्ष 1993 में डीडी बघेल ने उस समय के दिग्गज कांग्रेसी नेता कुमार धर दीवान के छत्रछाया में उन्होंने विधानसभा की राजनीति की शरुआत की औऱ कांग्रेस से विधानसभा टिकट की मांग किये, लेकिन उन्हें टिकट नही मिला।
वर्ष 1996 में उन्होंने मुखीराम साहू के नेतृत्व में भाजपा में प्रवेश किया, 1998 में उन्हें सांसद ताराचंद साहू के आशीर्वाद से भाजपा से विधायक का टिकट मिला लेकिन वे चुनाव हार गए। वर्ष 2003 में पुनः भाजपा से चुनाव लड़कर विधायक बने, जिसके बाद उन्होंने स्वयं का तानाशाही रवैया अपनाते हुए पार्टी के संस्थापक सदस्यों को ही पार्टी से बाहर करवा दिया। वर्ष 2008 में पूर्व विधायक बनने के साथ हो उन्होंने ताराचंद साहू से दूरी बनाकर अपना स्वार्थवश तत्कालीन सांसद सरोज पांडेय से जुड़े, सरोज पांडेय के आशीर्वाद से वे फिर छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री बने, फिर उन्होंने अपना रंग दियाखा औऱ आका बदलते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से नजदीकियां बना ली और 2013 में पुनः विधायक बने, जिसके तो जिला सन्गठन में इनकी लगातार मनमानियां सबको पता है। अब 2018 में चुनाव हारने के बाद पुनः इन्होंने कांग्रेसी नेताओं से नजदीकियां बढ़ाई है।
ताराचंद का उपयोग करते है दयालदास, भाजपा नेताओं पर अत्याचार
भाजपा एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी ने कहा कि ये वही ताराचंद जांगड़े जो नगर पंचायत चुनाव में भाजपा के लिए जयचन्द बने थे। दयालदास बघेल के करीबी जिनका पूर्व मंत्री ने हर बुरे दिन में उपयोग करता है। आज सन्गठन ने इनकी तानाशाही रवैये को नकार दिया है तो अपनी पूछपरख बढ़ाने के लिए फिर उनसें बिना तथ्य के बयानबाजी करा रहे है। अगर जांगड़े सच्चा भाजपा का निष्ठावान नेता थे तो दयालदास के कहने पर मंडी के चुनाव 2005-2006 में क्यो पार्टी अधिकृत प्रत्याशी पक्का चंतुर्वेदी उसलापुर के खिलाफ चुनाव लड़े। फिर वही ताराचंद ने दयालदास मंत्री के सामने कितना जलील अपमानित किया यही नही उस प्रत्याशी पर ताराचंद ने कैसे पूर्व मंत्री के सामने हाथ छोड़ा और मंत्री मजा लेते रहे।
पूर्व मंत्री बघेल से निवेदन है करीबियों से बिना तथ्य के बयान क्यों दिलवाते और उकसाते है।पूर्व मंत्री नवागढ़ नगर पंचायत चुनाव के सम्बन्ध में पार्टी के शिर्ष नेता को पत्र लिख कर निष्पक्ष जांच के लिए मांग करें। ताकि दूध का दूध और पानी अलग हो जाये।
स्वयं के कारनामे देखें ताराचंद, चाचा - भतीजावाद से आम भाजपा कार्यकर्ता परेशान
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश महामंत्री दयावंत धर बांधे ने कहा कि सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज की ओर।
पार्टी सिंबल के विरुद्ध चुनाव लडने वाले लोग भाजपा पदाधिकारियों को भाजपा का सिद्धांत सीखा रहे हैं। पूर्व मंत्री दयालदास एवं उनके कथित समर्थक पार्टी के खिलाफ खुले आम निर्दलीय पार्षद चुनाव लडने वाले को, चुनाव के तुरंत बाद डॉ रमन सिंह से मिलाने को लेकर जाने में कोई हिचक नहीं हुई इन लोगों को। पूर्व मंत्री डीडी बघेल के कांग्रेसी विधायक बंजारे से चाचा -भतीजा सम्बन्ध किसी से छुपा नही है। चाचा ने जनपद पंचायत चुनाव में भतीजे को आशीर्वाद देते हुए भाजपा समर्थित जनपद सदस्य होते हुए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का प्रत्याशी लड़ने नही दिया, वही बदले में विधायक से अपने पुत्र अंजू बघेल के खिलाफ जिला पंचायत क्षेत्र क्र.06 से कांग्रेस से अंजू के मामा लखन कुर्रे को अधिकृत करवाया। ताकि पुत्र आसानी से जीत जाए।
भाजपा से बनाई दूरी, कांग्रेसियों से नजदीकियां
पूर्व नगर पंचायत नवागढ़ अध्यक्ष गिरेन्द्र महिलांग ने कहा कि पूर्व मंत्री डीडी बघेल एवं उनके पुत्र अंजू बघेल ने नगर पंचायत नवागढ़ चुनाव में 15 में से 11 वार्डों में पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया है, जिसके पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध है। वही क्या जरूरत हुई कि चुनाव के दौरान लगातार विरोधी पार्टी के विधायक से मिलते रहे है। उनके पंडाल में जाकर बैठे। सत्ता के आदि बघेल ने हार के बाद विपक्ष के बजाय दूसरी पार्टी की सत्ता की ओर रुख किया और विधायक को चुनाव में सहयोग किया, जिसके बाद अपना निजी काम करवाते रहे। जिसका प्रमाण अपने खेत, रेस्ट हाउस की पास भूमि, बिजली खम्भे का काम आदि प्रत्यक्ष उदाहरण है, वही पूर्व मंत्री ने घरेलू कार्यक्रम में भी भाजपा से कही अधिक कांग्रेसी मंत्री, विधायक एवं नेताओ को प्राथमिकता से बुलाया था। आजकल की उनके पार्टी विरोधी गितिविधियो को देखकर लगता है जल्द कांग्रेस में प्रवेश करेंगे।
भिलाईनगर/ शौर्यपथ / शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना का बेहतर क्रियान्वयन भिलाई निगम द्वारा किया जा रहा है। भिलाई के चार जोन क्षेत्रों में गोधन न्याय योजना की शुरूआत की गई थी। जिसके बाद से लगातार इस योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशन में बेहतरीन कार्य होने लगे। स्व. सहायता समूह ने गोधन न्याय योजना में उम्मीद से ज्यादा अच्छा कार्य किया और 338.7 क्विंटल की मात्रा में अच्छी क्वालिटी का वर्मी कम्पोष्ट तैयार किया। अच्छी गुणवत्ता का वर्मी कम्पोष्ट तैयार होने से विक्रय में भी आसानी हुई और सारे 338.7 क्विंटल कंपोस्ट का विक्रय हो गया।
प्रदेश स्तर पर संभवतः भिलाई निगम ऐसा निकाय है जिसने स्व सहायता समूह एवं साख सहकारी समिति के माध्यम से बड़ी मात्रा में तैयार पूरे वर्मी कम्पोष्ट का विक्रय कर लिया है और शासन से मिलने वाली अनुदान राशि की भी आवश्यकता महिलाओं को नहीं पड़ रही है। गोधन न्याय योजना के सफलतम क्रियान्वयन तथा नित्य नए प्रयास से महिलाये आत्मनिर्भर बन रही है। स्व. सहायता समूह की महिलाये मुनाफा के पैसे से ही गोधन न्याय योजना का सफलतम संचालन कर रही है। महिलाओं द्वारा वर्मी कम्पोष्ट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा गया, इसकी गुणवत्ता परखने समय-समय पर लैब में भी भेजा गया और इन सभी जांच में मानक स्तर का वर्मी कम्पोष्ट पाया गया। जिसके बाद से आसपास के कृषक भी खरीदी के लिये पहुंचने लगे। 105.99 क्विंटल वर्मी कम्पोष्ट केवल किसानों ने ही क्रय किया है, वहीं घरेलू उपयोग के लिये 18.71 क्विंटल वर्मी कम्पोष्ट की खरीदी शहर के रहवासियों ने की है। अन्य द्वारा 214 क्विंटल वर्मी कम्पोष्ट खरीदा गया है।
उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के सफलतम क्रियान्वयन के लिये निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने लगातार गोधन केन्द्रों का निरीक्षण कर महिलाओं को प्रोत्साहित किया है, जिनके परिणाम स्वरूप महिलाये आत्मनिर्भर बन रही है।
कम लागत में अच्छा मुनाफा से महिलाएं बेहद खुश कम लागत से अच्छा मुनाफा होने पर महिलाएं बेहद खुश हैं! 338.7 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बनाने की लागत की बात करे तो 169350 रूपये खर्च निर्माण में आया है, जबकि 318465 रूपये का विक्रय किया गया है, इसके मुताबिक शुद्ध मुनाफा 149115 रूपये होगा। यहीं नहीं गोधन न्याय योजना के हर पहलुओ पर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अच्छा कार्य किया है। गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी अशोक द्विवेदी का इसमें खासा योगदान है। जोन आयुक्त भी लगातार महिलाओं को प्रोत्साहित करते रहे है। जिसके चलते महिलाओं ने गोबर से अन्य उत्पाद तैयार करने नवाचार को अपनाया नतीजन कंडे बनाकर विक्रय करने से भी काफी राजस्व मिला 391228 रूपये के कंडे विक्रय किये गये। इसके अलावा दिया, मूर्ति, गमला, प्रतिमा इत्यादि तैयार किये इनके विक्रय से भी काफी आय की प्राप्त हुई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
