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नई दिल्ली/शौर्यपथ / कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार से सवाल पूछने वाले अभियान "जिम्मेदार कौन" के तहत वैक्सीन उत्पादन के बाद अब केंद्र सरकार की वैक्सीन वितरण नीति पर सवाल उठाए हैं. प्रियंका ने कहा कि सरकार भारत की मात्र 3% जनसंख्या का फुल वैक्सीनेशन कर पाई है जो कि सुरक्षा कवच तैयार करने वाले वैक्सीनेशन टारगेट से बहुत पीछे है. उन्होंने कहा कि ये हैरान करने वाली बात है कि दूसरी लहर के कहर के समय जब मोदी सरकार को वैक्सीन वितरण की व्यवस्था की बागडोर और ज्यादा मजबूती से अपने हाथों में लेनी था, उस समय सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए वैक्सीन वितरण का दारोमदार राज्य सरकारों पर डाल दिया.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने कहा कि सरकार ने अप्रैल तक लगभग 34 करोड़ वैक्सीनों का ऑर्डर ही दिया था. अभी की गति के अनुसार मई में प्रतिदिन औसतन मात्र 19 लाख लोगों को वैक्सीन लग रही है. सरकार ने दिसंबर तक सबको वैक्सीन देने का दावा तो किया है, लेकिन इसके लिए प्रतिदिन 70-80 लाख वैक्सीन लगाने की कोई कार्ययोजना देश के लोगों के सामने नहीं रखी है. प्रियंका ने वैक्सीन के तीन अलग-अलग दामों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब वैक्सीन देशवासियों को ही लगनी है तो ये भेदभाव क्यों. क्यों एक देश और वैक्सीन के तीन अलग-अलग दाम.
यही नहीं, उन्होंने केंद्र सरकार की वैक्सीन वितरण की दिशाहीनता पर भी सवाल उठाए हैं. प्रियंका ने कहा कि केंद्र सरकार की दिशाहीन नीति के चलते कई राज्य, वैक्सीनों के लिए ग्लोबल टेंडर निकालने को मजबूर हुए. आज Moderna, Pfizer जैसी कम्पनियों ने राज्यों से सीधे वैक्सीन की डील करने से मना कर दिया है और केंद्र से डील करने की बात कही है. प्रियंका ने पूछा है कि आज आखिर क्यों ऐसी नौबत आई कि राज्य सरकारों को ग्लोबल टेंडर निकालकर आपस में ही प्रतिद्वंदिता करनी पड़ रही है. उन्होंने केवल एप आधारित वैक्सीन वितरण प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि भारत में 60% आबादी के पास इंटरनेट नहीं है. शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को कोविन एप में रजिस्टर करके वैक्सीन के स्लॉट पाने में दिक्कत हो रही है तो ग्रामीण क्षेत्रों में और इंटरनेट से वंचित लोगों के लिए वैक्सीन के स्लॉट पाना तो बड़ा मुश्किल होगा. आखिर क्यों सरकार ने वैक्सीन वितरण नीति बनाते समय डिजिटल साक्षरता एवं इंटरनेट की अनुपलब्धता जैसे बिंदुओं को ध्यान में नहीं रखा. प्रियंका ने कहा कि सरकार की वैक्सीन वितरण नीति एकदम ढुलमुल है. तमाम विशेषज्ञ लगातार आगाह करते रहे हैं कि कोरोना से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन जरूरी है, लेकिन सरकार ने आज सबको वैक्सीन देने की योजना को गर्त में धकेल दिया है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सारी मौजमस्ती सिर्फ लड़के ही क्यों करें? उसमें लड़कियों का भी हिस्सा है. यह साबित करने के लिए एक दुल्हन ने अपनी शादी में वरमाला के दौरान फायर करके खुशी का इजहार किया. मामला यूपी के प्रतापगढ़ के लक्ष्मण पुरवा गांव का है. यहां 30 मई को एक शादी थी. दूल्हा शादी के मंच पर जयमाल के लिए उसका इंतजार कर रहा था कि तभी सजी-धजी दुल्हन बनी लड़की वहां पहुंची और मंच की सीढ़िया चढ़ते वक्त रिवॉल्वर निकाली और हवा में फायर कर दिया.
अब रिवॉल्वर चलाने का दूल्हे पर क्या असर हुआ ये तो पता नहीं, लेकिन इसका वीडियो तुरंत वायरल हो गया. तमाम लोगों को यह नागवार गुजरा और सोशल मीडिया पर इस घटना के लिए दुल्हन को ट्रोल किया गया.
किसी ने लिखा कि 'लड़की होकर गोली चलाती है, अगर लड़का होती तो क्या करती ? किसी ने लिखा, 'पति और सास-ससुर के सामने गोली चलाती है तो पीठ पीछे क्या करेगी ?' तो किसी ने लिखा,' इसके पति का क्या होगा? ' शायद गांव की पुलिस को भी लड़की का गोली चलाना नागवार गुज़रा और नागवार न भी गुज़रा हो तो भी यह कानून के खिलाफ तो है ही. पुलिस ने फौरन दुल्हन के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की दफा 286,188,269,270,डिसास्टर मैनेजमेंट एक्ट की दफा 51 और आर्म्स एक्ट की दफा 30 यानी छह-छह संगीन दफाओं में मुक़दमा दर्ज कर दिया है.
बता दें कि हर्ष के दौरान फायरिंग के अनेक मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि इस मामले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह कानून के खिलाफ है, जिसके आधार पर कार्रवाई करने की बात की जा रही है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / पटना बिहार के सारण जिले में एंबुलेंस प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि अब सीवान में एंबुलेंस घोटाला सामने आया है. यहां एंबुलेंस का बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें तीन गुना दाम पर एंबुलेंस ख़रीदी गईं. जबकि कोरोना की दूसरी लहर में मरीज एंबुलेंस के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं. ड्राइवरों के अभाव में कोरोना के इस ख़ौफ़नाक दौर में भी ये एंबुलेंस सफेद हाथी बनकर खड़ी हैं. सात ऐसी एंबुलेंस को तीन गुना ज्यादा दामों पर खरीदने का खुलासा होने के बाद ज़िला अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं.
सीवान के सदर अस्पताल में साल भर से ऐसे ही ये एंबुलेंस खड़ी हैं. इनमे से 5 मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास योजना के तहत खरीदी गई थीं. इनमें से दो के लिये BJP के पूर्व विधायक और एक के लिए जनता दल यू विधायक ने सिफ़ारिश की थी. इनका दाम सात लाख होना चाहिए था, लेकिन उपकरण लगाने के नाम पर हर एंबुलेंस के लिये क़रीब 22-22 लाख का भुगतान हुआ. जनता दल यूनाइटेड के पूर्व विधायक विक्रम कुंवर ने इस पूरे मामले को उजागर किया है.
सीवान के जिलाधिकारी अमित पांडेय ने कहा कि इस मामले में पूरी जांच के बाद ही सच सामने आएगा. कोई अनियमितता का दोषी पाया गया तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.इससे पहले सारण में एंबुलेंस प्रकरण तूफान का रूप ले चुका है. सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी (BJP MP Rajiv Pratap Rudy)के दफ्तर में धूल फांक रहीं एंबुलेंस का मामला पूर्व सांसद पप्पू यादव ने उठाया था. इसको लेकर सवाल उठा तो रूडी ने पप्पू यादव को सारी एंबुलेंस चलवाने की चुनौती दे डाली.
पप्पू यादव ने ड्राइवरों की एक टीम लाकर एंबुलेंस चलवाने की मांग भी कर डाली थी. यादव ने कहा कि कोरोना काल में मरीजों को मुफ्त सेवा दी जाएगी.घटिया राजनीति नहीं करता सेवा और जिंदगी बचाने को लड़ रहा हूं.' वहीं पप्पू यादव को बाद में कोरोना नियमों के उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था.
नई दिल्ली/ शौर्यपथ /कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के बड़े पैमाने पर चपेट में आने की आशंका विशेषज्ञों ने व्यक्त की है. इस पर सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है कि बच्चों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए दो से ढाई गुना तैयारी की गई है.बच्चों में ज्यादातर बिना लक्षण मामले हैं, गंभीर केस बहुत कम हैं. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि अगर वायरस अपना बिहेवियर बदल ले तो बच्चों को खतरा बढ़ सकता है. बच्चों के लिए जो बंदोबस्त करना है वो करेंगे. बच्चों की मजबूत इम्यूनिटी के कारण 2-3% को ही अस्पताल की जरूरत पड़ती है.
बच्चों में कोरोना के दो रूप दिखते हैं, एक में बुखार, खांसी और निमोनिया और फिर अस्पताल में दाखिल करना. दूसरे रूप में 2 से 6 हफ्ते बाद रिकवरी के कुछ बच्चे में दोबारा फीवर, रैश, डायरिया, सांस फूलने की समस्या हो सकती है, रक्तस्राव जैसी शिकायत हो सकती है. पॉल ने कहा कि भारत में कोविशील्ड के दो डोज लगेंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं है. कोरोना की कई वैक्सीन का घोल बनाकर नया डोज तैयार करने और उसके प्रभाव पर भी पॉल ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, ये साइंस का मुद्दा है और अभी साइंस ही इसे देखेगी. तब तक कोई मिक्सिंग नही होगी.जब बदलाव होगा तो हम जानकारी देंगे.
स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि 7 मई को सबसे ज्यादा मामले भारत में आए थे और अब कोरोना के मामलों में 69% गिरावट देखने को मिली है. 43 दिनों से एक्टिव केस में गिरावट हो रही है.30 राज्यों में एक्टिव केस में हफ्ते भर से नीचे आ रहे हैं.पॉजिटिविटी एक वक्त 21.38% तक पहुंच गई थी. अब 6.62% हो गई है.
वहीं आईसीएमआर के निदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि टेस्टिंग और कंटेनमेंट की वजह से मामले कम हुए हैं. 350 ज़िलों में 5 % से कम पॉजिटिविटी रेट है. दिसंबर तक सभी लोगों का टीका लग जाएगा. जुलाई तक रोजाना करोड़ लोगों को टीका लगने लगेगा.
मुंबई / शौर्यपथ / केंद्र और राज्य सरकारें एक तरफ तो आम जनता से कोरोना नियमों को पालन करने के लिए दिन-रात जतन कर रही हैं, वहीं जनप्रतिनिधि ही महाराष्ट्र में कोरोना से जुड़े मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. ऐसा ही वाकया महाराष्ट्र में देखने को मिला जब बीजेपी विधायक महेश लांडगे बेटी की शादी के पहले जश्न में भीड़ के बीच डांस करते नजर आए. यहां कोरोना नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं. इस समारोह में बीजेपी एमएलए के डांस का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जहां बीजेपी नेता महेश लांडगे अपने परिवार के लोगों और दोस्तों के साथ नजर आए.
वे विवाह से जुड़े एक समारोह में डांस करते दिखाई दिए. पिंपरी चिंचवाड से विधायक महेश लांडगे और 60 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने कोविड नियमों के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि 45 वर्षीय नेता प्री वेडिंग इवेंट में अपने दोस्तों और परिजनों के साथ झूम रहे हैं. यह वीडियो क्लिप रविवार की बताई जा रही है और मौके पर भारी भीड़ देखी जा रही है.
महाराष्ट्र में फिलहाल शादी समारोह में 25 लोगों के ही जुटने की अनुमति है. देश में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र ही है. जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रखा गया. लोग मास्क नहीं पहने थे और बिना किसी अनुमति के यह समारोह आयोजित किया गया था. मुंबई से पिंपरी-चिंचवाड (Pimpri-Chinchwad) करीब 130 किलोमीटर दूर है.
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना के 15,077 केस सामने आए थे, जो तीन माह में सबसे कम कोविड केस हैं. राज्य में कोरोना के कुल 57.4 लाख तक पहुंच गए थे. इस हफ्ते के पहले ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे साफ कह चुके हैं कि कोरोना के नियमों में ढील देना अभी जल्दबाजी है, अभी पूरी तरह सतर्कता बनाए रखनी है. कोरोना की तीसरी लहर के लिए महाराष्ट्र को तैयार रहना होगा. मुंबई में बहरहाल चरणबद्ध तरीके से कोरोना के मानकों में ढील देने की तैयारी हो रही है.
मुंबई/ शौर्यपथ / मोबाइल चोर की हरकत एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुई है. चोर का पीछा करते वक्त चलती ट्रेन से गिरकर महिला की मौत हो गई. मामला मुंबई के कलवा स्टेशन का है. पुलिस ने आरोपी चोर को गिरफ्तार कर लिया है.
मुंबई के डोंबिवली में रहने वाली विद्या पाटिल अंधेरी की कार्गो कंपनी में काम करती थीं. रोजाना की तरह वह लोकल ट्रेन से घर लौट रही थीं. इस दौरान कलवा स्टेशन पर एक चोर ट्रेन के महिला कोच में चढ़ा और विद्या पाटिल का मोबाइल चोरी कर भागने लगा. विद्या ने चोर का पीछा करना चाहा, लेकिन तभी ट्रेन चल दी. ट्रेन से गिरकर विद्या पाटिल की मौत हो गई. विद्या के 3 छोटे बच्चे हैं, सबसे छोटी बेटी 6 महीने की है.
विद्या के पति ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि शाम को विद्या ने फोन कर कहा था कि वह थोड़ी देर में घर पहुंच रही हैं. लेकिन फिर उनका फोन बंद हो गया. बाद में पुलिस से दुर्घटना की जानकारी मिली.
पुलिस ने मोबाइल चोर फैजल शेख को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटनाक्रम के बाद सवाल यह उठ रहा है कि लोकल ट्रेन में एक शातिर चोर चढ़ा कैसे? जबकि अति आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को ही लोकल से चलने की अनुमति है और महिला डिब्बे में पुलिस क्यों नही थी?
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / 'ममता बनर्जी ने पूरी तरह झूठे बयान दिए हैं, उन्होंने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में भाग लेने के लिए सहमत होने के बाद इसका बहिष्कार किया था.' केंद्र सरकार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के आरोपों के जवाब में यह बात कही है. अपने 9 बिंदुओं पर केंद्रित जवाब में सरकार के सूत्रों ने ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से नकारा है. गौरतलब है कि ममता और उनकी टीम ने बंगाल में चक्रवाती तूफान 'यास' के प्रभाव के लिए आयोजित समीक्षा बैठक से किनारा किया था और पीएम के साथ संक्षिप्त बातचीत के बाद चली गई थीं.
सरकार के सूत्रों ने कहा कि पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को समीक्षा बैठक को छोड़ने की इजाजत नहीं दी थी जैसा कि ममता दावा कर रही हैं. पीएम के शेड्यूल के बारे में देर से सूचित किए जाने संबंधी ममता के दावे पर सूत्रों ने कहा कि चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान के आंकलन के लिए बैठक को तूफान आने के पहले फाइनल नहीं किया जा सकता है. ममता ने लगातार कहा है कि उन्होंने पीएम से मिलने के लिए इंतजार किया लेकिन सरकार ने समयवार विवरण से इसका जवाब दिया है. सरकार के सूत्रों ने कहा, 'पीएम 1.59 बजे दोपहर में कलाईकुंडा पहुंचे जबकि पीएम के पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने 2.10 बजे कलाईकुंडा में लैंड किया. यह साफ है कि ममता बनर्जी के लैंड करने से पहले ही पीएम उनका इंतजार कर रहे थे. तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद के ट्वीट, जिसमें उन्होंने लिखा था कि पीएम के इंतजार करने में कोई बड़ी बात नहीं है, से भी इसकी पुष्टि होती है.'
सूत्रों के अनुसार, हेलीकॉप्टर लैंड करने के बाद ममता करीब 500 मीटर दूर स्थित उस बिल्डिंग तक पहुंचीं जहां मीटिंग होनी थी. पीएम से मिलने के बाद वे 2.35 बजे अपने अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गईं. इस लिहाज से वे 500 मीटर जाकर पीएम ने मिलने के बाद 25 मिनट में दूसरेस्थन के लिए रवाना हो गईं. पीएम के रवाना होने के पहले ही वे रवाना होगी जो कि परंपरा और प्रोटोकाल दोनों के विपरीत है. यह स्पष्ट है कि ममता बनर्जी का इंतजार करने का बयान पूरी तरह से झूठा है और उन्होंने पीएम को इंतजार कराया.सूत्रों ने यह भी कहा कि पीएम की समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए ममता बनर्जी सहमत हो गइ थीं लेकिन यह पता चलने के बाद उन्होंने मन बदल लिया कि उनके पूर्व सहयोगी और अब बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे. शुभेंद्र, बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. सूत्र बताते हैं, 'ममता ने समीक्षा बैठक का बहिष्कार इसलिए किया क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष इसमें मौजूद थे.
मुंबई /शौर्यपथ / गर्भवती महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने पर उनके बच्चे को जन्म से कोविड संक्रमण होने के तो कई मामले भारत और दुनिया भर में सामने आए हैं, लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा केस सामने आया है, जिसमें 15 घंटे पहले जन्मे नवजात बच्चा तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया, लेकिन उसकी मां की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई. डॉक्टर भी हैरान हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है कि गर्भवती महिला को कोरोना संक्रमण न होने के बावजूद उसके बच्चे को कोविड ने जकड़ लिया हो.
मां की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने पर जांच की जा रही है. यह मामला पालघर का है, जहां के एक निजी अस्पताल में 15 घंटे का नवजात कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है. पालघर जिले के आरोग्य अधिकारी दयानन्द सूर्यवंशी ने बताया कि नवजात शिशु में कोरोना लक्षण दिखाई पड़ने पर एंटीजेन टेस्ट किया गया जिसका परिणाम पॉजिटिव आया है.
हैरानी की बात है कि नवजात की मां का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई. सूर्यवंशी के मुताबिक बच्चे की हालत स्थिर है, इलाज के लिए उसे जव्हार अस्पताल में भर्ती किया गया है. ये पूछने पर जब मां की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है फिर बच्चे की पॉजिटिव कैसे ? अधिकारी का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है और इसके लिए अस्पताल के स्टाफ का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है. दरअसल, ऐसा हो सकता है कि बच्चा जन्म लेने के बाद किसी संक्रमित व्यक्ति या ऐसे वातावरण के संपर्क में आय़ा हो.
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना के 15,077 केस सामने आए थे, जो तीन माह में सबसे कम कोविड केस हैं. राज्य में कोरोना के कुल 57.4 लाख तक पहुंच गए थे. इस हफ्ते के पहले ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे साफ कह चुके हैं कि कोरोना के नियमों में ढील देना अभी जल्दबाजी है, अभी पूरी तरह सतर्कता बनाए रखनी है. कोरोना की तीसरी लहर के लिए महाराष्ट्र को तैयार रहना होगा. मुंबई में बहरहाल चरणबद्ध तरीके से कोरोना के मानकों में ढील देने की तैयारी हो रही है.
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में टीकों से प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता इतनी बढ़ जाती है कि वे वायरस के सामने आते नये स्वरूपों से भी सुरक्षित रह सकते हैं. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है. अमेरिका की रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने कोविड-19 रोगियों के रक्त में मौजूद एंटीबॉडी का विश्लेषण कर इनकी उत्पत्ति का पता लगाया.
अध्ययन में शामिल 63 लोगों को पिछले साल कोविड हुआ था. अनुसंधानकर्ताओं ने उन पर नजर रखी और आंकड़े बताते हैं कि समय के साथ प्रतिरक्षा तंत्र की ‘मेमोरी बी कोशिकाओं' से उत्पन्न एंटीबॉडी की क्षमता सार्स-सीओवी-2 को समाप्त करने के लिहाज से बेहतर हुई. ‘मेमोरी बी कोशिकाओं' में अनेक प्रकार के एंटीबॉडी संग्रहित रहते हैं. अध्ययन में सामने आया कि इन लोगों के अंदर वायरस के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा प्रणाली विकसित हो रही है. अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि मॉडर्ना या फाइजर के टीके की कम से कम एक खुराक लेने वाले 26 लोगों के समूह में ये एंटीबॉडी और बढ़ गये.
देशभर में जल्द ही चौथा sero survey होगा, इसके अंतर्गत कुल 28 हजार सैंपल लिए जाएंगे. Sero survey 14 हजार बच्चे और 14 हजार व्यस्क (6 साल और इसके ऊपर की उम्र) के बीच होगा ये सर्वे जून से शुरू होकर इसी माह में ही खत्म होगा. सर्वे में ग्रामीण इलाकों पर खास ज़ोर होगा. कोरोना की थर्ड वेव, ग्रामीण इलाकों और बच्चों पर होने वाले असर के मद्देनजर ये sero सर्वे किया जा जा रहा है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR इस सर्वे को लीड करेगा.
नई दिल्ली/शौर्यपथ / भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तर और दक्षिण भारत में सामान्य, मध्य भारत में सामान्य से अधिक और पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम रहने का अनुमान है. दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2021 के लिए अपना दूसरा दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी करते हुए आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश में जून में मॉनसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान है जो बुवाई का भी मौसम होता है.
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर इस साल पूरे देश में मॉनसून के सामान्य रहने की संभावना है. महापात्र ने ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम अच्छे मॉनसून की उम्मीद कर रहे हैं जिससे कृषि क्षेत्र को मदद मिलेगी.'' उन्होंने कहा, ‘‘मात्रात्मक रूप से, देश में मॉनसून की बारिश के दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 101 प्रतिशत रहने की संभावना है. जिसमें चार प्रतिशत कम या ज्यादा की आदर्श त्रुटि हो सकती है.''एलपीए के 96 से 104 प्रतिशत के दायरे में मॉनसून को सामान्य माना जाता है.
वर्ष 1961-2010 अवधि के लिए पूरे देश में मॉनसून की बारिश का एलपीए 88 सेंटीमीटर है. आईएमडी ने दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2021 के लिए पहले दीर्घावधि पूर्वानुमान में एलपीए की 98 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया था जो सामान्य श्रेणी में आता है. लेकिन अब उसने अपने पूर्वानुमान को एलपीए का 101 प्रतिशत कर दिया है जो सामान्य श्रेणी में उच्च स्तर की ओर है.
महापात्र ने कहा कि 40 प्रतिशत संभावना सामान्य बारिश की है, 22 प्रतिशत संभावना सामान्य से अधिक वर्षा की है, 12 प्रतिशत संभावना अत्यधिक बारिश होने की है तथा 18 प्रतिशत संभावना सामान्य से कम वर्षा की है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
