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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

/ 19 एकड़ में विकसित ऑक्सीजोन में 4 हजार से अधिक पौधे
// शहरवासी अब बीच शहर में शुद्ध आबो-हवा के साथ लेंगे सैर का आनंद

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के हृदय स्थल में 19 एकड़ में बनाए गए ऑक्सीजोन का आज लोकार्पण किया। करीब 11 करोड़ की लागत से बने इस ऑक्सीजोन से नगरवासी अब बीच शहर में शुद्ध आबो-हवा के साथ सैर और भ्रमण का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। यह नगर के रौनक के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की हरियाली बढ़ाने की दिशा में ऑक्सीजोन एक महत्वपूर्ण कदम है। लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां सफेद चंदन का पौधा लगाया।
कलेक्टोरेट परिसर के समीप बनाए गए इस ऑक्सीजोन में 12 एकड़ में अब तक 4 करोड़ रूपए की राशि व्यय कर 75 प्रजातियों के 4 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं। इस ऑक्सीजोन के बनने से शहर के पर्यावरण में सुधार के साथ ही युवाओं, बुजुर्गो बच्चों सहित शहरवासियों को सुबह-शाम सैर और मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा है कि शहरों में भी ज्यादा से ज्यादा हरियाली हो। यह राज्य सरकार का प्रयास है। रायपुर का ऑक्सीजोन इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें सबकी भागीदारी से ऑक्सीजोन की हरियाली को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के लोगों को लंबे समय से ऑक्सीजोन की प्रतिक्षा थी। आज उनका यह इंतजार पूरा हुआ। ऑक्सीजोन सुबह और शाम की सैर करने वालों के लिए एक बहुत बढिय़ा स्थान है। ऑक्सीजोन में प्रदेश के वनों में पाये जाने वाली वृक्षों की प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए हैं। पुराने वृक्षों को बचाकर रखा गया है। बरसात में वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने में वृक्षारोपण किया जा रहा है। जो लोग घर में पौधे लगाना चाहते हैं उनकों घर पहुंचाकर पौधे दिए जा रहे हैं। नदी, नालों के किनारे खाली जगह पर भी वृक्षारोपण किया जा रहा है।
ऑक्सीजोन में बच्चों के खेलने के लिए झूले, फिसलपट्टी और ओपन एयर जिम के उपकरण लगाए गए हैं। ऑक्सीजोन में पौधरोपण और संरक्षण के प्रयासों के कारण एक वर्ष में ही यहां हरियाली दिखने लगी है और पक्षी तथा तितलियां बड़ी संख्या में अपना बसेरा बनाने लगे हैं। इसकी सुन्दरता और हरीतिमा देखते ही बनती है। ऑक्सीजोन में लॉन विकसित किए गए हैं और छोटा गुलाब गार्डन भी लगाया गया है।
मॉर्निंग और इविनिंग वाक के लिए ऑक्सीजोन में 3 किलोमीटर से अधिक लम्बाई में पाथवे और पगड़ंडियां तैयार की गई हैं। इसके अलावा यहां दो वाटर बॉडी है, जिसमें से एक प्राकृतिक और दूसरी निर्मित की गई है। वर्षा का सारा पानी चैनल से होकर इसमें इकठ्ठा होता है और इससे पौधों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। यहां एक प्राकृतिक वाटर फॉल भी बनाया गया है, जो रात में लाईट्स में बड़ा सुन्दर दिखता है। यहां बांस निर्मित 8 पगौडा बनाए गए हैं और जगह-जगह छोटी चट्टानों और पत्थरों से संरचनाएं भी तैयार की गई है। युवाओं के लिए आकर्षक सेल्फी जोन भी बनाया गया है।
ऑक्सीजोन में आम, जामुन, सीताफल, आंवला तथा अमरूद जैसे फलदार वृक्ष और तितलियों को आकर्षित करने के लिए जारूल, अमलतास, कचनार, मौलश्री, आकाशनीम जैसे फूलदार पौधे लगाए गए हैं। यहां 503 पुराने वृक्षों को संरक्षित किया गया है और पार्किंग पाथवे वाटर बॉडी में आने वाले पेड़ों को भी नहीं काटा गया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कमिश्नर जी. आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के पीसीसीएफ राजेश गोवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव और आयुक्त नगर निगम रायपुर सौरभ कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ा
वाहन रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में साढ़े तीन गुना वृद्धि
संकट के इस काल में छत्तीसगढ़ ने दिखाई राह: मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में जीएसटी, आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। राज्य में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में जहां 22 प्रतिशत अधिक बढ़ा है, वहीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में जून माह में साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और वनवासियों को राहत पहंुचाने के लिए वनोपजों के संग्रहण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।
लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जीएसटी में इजाफा हुआ है। पिछले साल जून महीने के मुकाबले इस साल जून में 22 फीसदी ज्यादा जीएसटी का संग्रह हुआ है। वर्ष 2019 में जहां 2,093 करोड़ रूपए जीएसटी संग्रह हुआ था, वहीं 2020 में 2,549 जीएसटी प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल इंड्रस्ट्री में भी बेहतर कारोबार देखने को मिला है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर (छत्तीसगढ)़ में सर्वाधिक कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई माह में जहां 7 हजार 603 बाइक बिकी थी, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। इसी तरह मई माह में एक हजार 107 कार बिकी थी, वहीं जून में यह संख्या बढ़कर 2 हजार 889 हो गई। आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में 891 वाहन, मई माह में 9681 वाहन और जून माह में 32 हजार 982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालयों में हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त प्राप्त होने के बाद राज्य में किसानों ने 3 हजार नये टेªक्टर भी खरीदे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जॉब कॉर्डधारी परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध रोजगार सृजन में देश में दूसरे स्थान पर है। पहली तिमाही में ही राज्य में 8.85 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन किया गया है। अब तक 55,981 परिवारों ने 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर लिया है। देश में 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने रोजगार सृजन के मामले में सालभर के लक्ष्य का 66 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसमें लक्ष्य का 70 प्रतिशत से अधिक काम का लक्ष्य हासिल करने में नक्सल प्रभावित जिले आगे हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी है। इससे प्रदेश के वनवासी परिवारों को काफी राहत मिली है। लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में पहले नम्बर पर है। छत्तीसगढ़ ने वनोपज संग्रहण के सालाना लक्ष्य को 6 माह में पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 104 करोड़ के डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया है।
वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। सीएमआईई के सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल माह में 3.4 प्रतिशत रही, जो 12 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। यह उसी अवधि में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर (23.5 प्रतिशत) से काफी कम रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश व्यापी लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि संकट के इस समय में भी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को राह दिखाई है। इस दौरान राज्य ने जो उपलब्धियां हासिल कीं वह शासन के संकल्प का परिणाम तो है ही, छत्तीसगढ़ के लोगांे के अनुशासन का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी हमारी स्थिति बेहतर है। इसी संकल्प और अनुशासन के साथ हम न सिर्फ इस संकट से पार पाएंगे, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल भी कर लेंगे।

रायपुर / शौर्यपथ /   मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के कारण राज्य शासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि विलंबित की गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिन्हें एक जुलाई को वेतनवृद्धि मिलती हैै। उन्हें वेतनवृद्धि एक जुलाई को ही मिलेगी, परन्तु जुलाई से दिसम्बर माह तक की वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि का भुगतान आगामी जनवरी माह में एकमुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार जिन अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि एक जनवरी को लगती है, उनको एक जनवरी को ही वेतनवृद्धि मिलेगी और उनकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद आगामी जुलाई माह में किया जाएगा। 
    गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में राज्य की वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए वित्त विभाग द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री  से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की और उनसे अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर वेतनवृद्धि देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि पर ही देने और इसकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद करने पर अपनी सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन उपस्थित थे। 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / / देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये प्‍लाज्‍़मा बैंक का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम ने कोरोना को मात देकर स्‍वस्‍थ हो चुके लोगों ने बढ़-चढ़कर प्‍लाज्‍़मा डोनेट करने की अपील की. सीएम ने कहा कि प्लाज्मा बैंक तभी सफल होगा जब लोग आगे आकर प्लाज्मा डोनेट करेंगे.जो लोग कोरोना से ठीक हो गए हैं, वे आगे आएं और प्लाज्मा डोनेट करें. सीएम केजरीवाल ने इस बात की जानकारी भी दी कि कौन प्‍लाज्‍़मा डोनेट कर सकते हैं.
उन्‍होंने कहा कि प्‍लाज्‍़मा डोनेट करने के लिए जरूरी है कि कोरोना से ठीक हुए आपको 14 दिन हो गए हों, उम्र 18 से 60 साल के बीच में होनी चाहिए और आपका वजन 50 किलो से कम नहीं होना चाहिए. उन्‍होंने बताया कि महिलाएं जो जिंदगी में कभी एक बार भी प्रेग्नेंट हुई वह प्लाज्मा नहीं दे सकतीं. इसके अलावा जिनको डायबिटीज की बीमारी है, जो इंसुलिन लेते हैं या जिनकी डायबिटीज ज्यादा है, वह भी प्‍लाज्‍मा डोनेट नहीं कर सकते. जिनको हाइपरटेंशन की बीमारी है या ब्लड प्रेशर 140 के ऊपर है वह प्‍लाज्‍मा नहीं दे सकते. जो कैंसर सरवाइवर हैं वह प्‍लाज्‍़मा नहीं दे सकते. इसके अलावा
जिन लोगों को पुरानी किडनी लंग या लीवर की बीमारी है, वे भी प्‍लाज्‍़मा नहीं दे सकते.

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ऐसे में बहुत कम लोग बचते हैं जो प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं. भगवान ने अगर आपको मौका दिया है तो आप जरूर सामने आकर किसी की जान बचाइए. उन्‍होंने कहा कि खून देने में फिर भी थोड़ी बहुत कमजोरी आ सकती है लेकिन प्लाज्मा देने में कोई कमजोरी नहीं आती यह बहुत सेफ है. 1031 पर आप कॉल करके प्लाज्मा देने की इच्छा जाहिर कर सकते हैं, इसके अलावा आप 8800007722 नंबर पर व्हाट्सएप भी कर सकते हैं. उन्‍होंने बताया कि आप खुद को रजिस्टर करेंगे तो दिल्ली सरकार से आपको फोन जाएगा. डॉक्टर आपसे बात करेंगे और देखेंगे कि क्या आप प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं और सभी पैमानों पर ठीक है या नहीं. अगर आप प्लाज्मा देने के लिए ठीक पाए जाएंगे तो आपके लिए व्यवस्था की जाएगी. समय के हिसाब से आपके घर गाड़ी भेज दी जाएगी या अगर आप खुद अपनी गाड़ी से आएंगे तो पैसा सरकार देगी. जब आप आईएलबीएस अस्पताल आएंगे तो आपके कुछ टेस्ट किए जाएंगे.

उन्‍होंने बताया कि प्लाज्मा देने में 45 मिनट से एक घंटे का समय लगता है. महीने के बाद आपको गौरव पत्र दिया जाएगा कि आपने समाज के लिए यह अच्छा काम किया. उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना से हुई मौतों में कमी आई है. यह संख्‍या लगभग आधी हो गयी है लेकिन अभी और कम करना है. उन्‍होंने कहा, 'मैं यह दावा नहीं कर रहा कि प्लाज्मा से सभी मौत रुक जाएंगी लेकिन यह जरूर उम्मीद करते हैं कि हो रही मौतों में कमी जरूर आएगी.'

मुंंबई / शौर्यपथ  / महाराष्‍ट्र के पालघर जिले में गरीबी से तंग आकर आदिवासी महिला ने अपनी छोटी बेटी के साथ फांसी लगा ली.घटना 22 जून शाम की है.पालघर के जव्हार पुलिस थाने में महिला के 35 साल पति दिलीप जानू वाघ के दर्ज बयान के मुताबिक, उनकी 30 साल की पत्नी मंगला वाघ 22 जून की शाम अचानक 3 साल की छोटी बेटी रोशनी के साथ लापता हो गई थी. दिलीप के अनुसार, मंगला उस समय घर मे मौजूद बड़ी बेटी नंदिनी को भी कुछ बताकर नही गई थी. बहुत तलाशने के बाद भी उन दोनों का पता नहीं चला. एक दिन बाद जब वे तलाश में जुटे थे तभी एक युवक ने उन्हें पेड़ पर फांसी लगाकर मां-बेटी की आत्महत्या का वीडियो दिखाया. वीडियो देखने के बाद उन्‍होंने इन दोनों की पहचान पत्नी और बेटी के रूप में की.
दिलीप के मुताबिक वह आदिवासी कातकरी समाज से है और झोपड़ी में रहते हैं. उनकी अपनी जमीन नही है और वे दूसरों के खेत में मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. पत्नी मंगला परिवार की गरीबी की वजह से हमेशा परेशान रहती थी. गरीबी से तंग आकर ही उसने छोटी बेटी रोशनी को फंदे से लटकाकर खुद भी आत्महत्या कर ली. दिलीप की एक 7 साल की बेटी भी है. गौरतलब है कि पालघर जिले में जव्हार आदिवासी बहुल क्षेत्र है.यहां आदिवासी बहुत ही गरीबी में जीते हैं.

पालघर जिले के आदिवासियों के अधिकार और न्याय के लिए लड़ने वाले सामाजिक नेता विवेक पंडित के मुताबिक ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इसकी सच्चाई जानने के लिए मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई है जिसके वो खुद अध्यक्ष हैं.विवेक पंडित का कहना है कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. उस पर वो ज्यादा कुछ नही बोल सकते लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि शव को अस्पताल ले जाने के लिए उस परिवार को 1000 रुपये आस पड़ोस से उधार लेने पड़े इससे बड़ी दुखद स्थिति क्या हो सकती है?

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज रेलवे के निजीकरण के अपने पहले कदम पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सुझाव दिया कि जनता इस कदम के लिए उसे माफ नहीं करेगी. सरकार ने आज रेल गाड़ियों के निजीकरण का पहला कदम उठाया है, जिसमें निजी कंपनियों से यात्री ट्रेन चलाने के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं. मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, निजी फर्म रेलगाड़ियों को 35 वर्षों तक चला सकती हैं. रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस प्रस्ताव में 109 मार्गों पर 151 ट्रेनें चलाने की योजना है, जो 30,000 करोड़ रुपये के निजी निवेश की मांग करेगी.
दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क जो लगभग 13,000 ट्रेनों में चलता है, रेलवे लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार देता है. यात्री सेवाओं का एक हिस्सा सब्सिडी पर चलता है जो कि इन वर्षों में बड़े नुकसान की वजह बना और जिसे मंत्रालय को पुन: प्राप्त करने में असमर्थ रहा है.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के इस कदम पर ट्वीट कर लिखा, 'रेल गरीबों की एकमात्र जीवनरेखा है और सरकार उनसे ये भी छीन रही है. जो छीनना है, छीनिए, लेकिन याद रहे, देश की जनता इसका करारा जवाब देगी'

रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारतीय रेल नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की यह पहली पहल है"इसका उद्देश्य, "कम रखरखाव के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी रोलिंग स्टॉक शुरू करें, कम पारगमन समय, नौकरी सृजन को बढ़ावा देना, बेहतर सुरक्षा प्रदान करना, यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करना, और यात्री परिवहन क्षेत्र में मांग की आपूर्ति की कमी को भी कम करना है.''

 

मुंबई / शौर्यपथ / शिवसेना ने भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाए जाने को गुरुवार को ‘डिजिटल स्ट्राइक (हमला)' करार दिया. साथ ही, यह सवाल भी किया कि यदि ये ऐप देश की सुरक्षा के लिए खतरा थे, तो इतने वर्षों तक देश में संचालित होने की इन्हें अनुमति कैसे मिली. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना' में लिखे गए एक संपादकीय में यह सवाल भी किया गया है, ‘‘ केंद्र सरकार को कब पता चला कि ये ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं.'' मराठी भाषा में प्रकाशित होने वाले शिवसेना के मुखपत्र में कहा गया है, ‘‘चीनी ऐप को प्रतिबंधित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के हितों की रक्षा की और उनके साहस की प्रशंसा करनी होगी.''केंद्र ने सोमवार को टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयर इट और वी चैट जैसे 59 चीनी ऐप पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया कि ये ऐप देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए नुकसानदेह हैं.
शिवसेना ने कहा, ‘' अगर ये ऐप देश की सुरक्षा के लिए खतरा थे, तो फिर कैसे बगैर किसी बाधा के पिछले कई वर्षों से ये संचालित होते रहे. अगर विपक्ष यह कहता है कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज किया है, तो केंद्र सरकार का इसपर क्या जवाब होगा ?'' सामना में कहा गया राष्ट्रीय डेटा को देश से बाहर जाने की अनुमति देने के सबंध में सभी पूर्ववर्ती सरकारों से सवाल पूछा जाना चाहिए. सामना में कहा गया कि चीन ने भारत सरकार के इस फैसले (चीनी ऐप पर प्रतिबंध) पर नाखुशी जाहिर की है. इसमें कहा गया है, ‘‘चीन के सैनिक अब भी ‘गलवान घाटी (लद्दाख) से जाने को तैयार नहीं हैं.''

शिवसेना ने कहा कि 20 सैनिकों के बलिदान के बाद जाकर सरकार को यह एहसास हुआ कि भारत के डेटा को गैरकानूनी तरीके से देश के बाहर ले जाया जा रहा है. शिवसेना ने कहा, ‘' सरकार ने ‘डिजिटल स्ट्राइक' से बदला लिया.'' शिवसेना ने कहा कि इससे पहले ऐसी कई शिकायतें आई थीं कि चीनी ऐप पर मौजूद उपयोगकर्ताओं के डेटा को गैरकानूनी तरीके से देश से बाहर भेजा जा रहा है और टिकटॉक जैसे ऐप ‘ अश्लीलता' को बढ़ावा दे रहा है.

शिवसेना ने दावा किया, ‘' कई टिक-टॉक स्टार कथित तौर पर भाजपा में शामिल भी हुए थे. अब उनका क्या होगा?'' शिवसेना ने कहा, ‘' चीनी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने की जरूरत है और ये ऐप पर प्रतिबंध लगा कर नहीं होगा. असल मुद्दा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश का है.'' सामना में कहा गया है, ‘‘ चीन का सबसे ज्यादा निवेश गुजरात में है. चीनी कंपनी हुवावेई ने भारत में 5 जी नेटवर्क शुरू करने का अनुबंध प्राप्त किया है. भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की चाभी रखने वाली इस कंपनी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जैसी है.''

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य में गुरुवार को हुए शिवराज सरकार के कैबिनेट विस्तार पर प्रतिक्रिया दी है. कमलनाथ ने नए मंत्रियों के शपथ लेने पर कहा कि शिवराज सरकार में 14 मंत्री तो ऐसे हैं जो विधायक ही नहीं हैं. कमलनाथ ने ट्वीट किया, ' लोकतंत्र के इतिहास में मध्यप्रदेश का मंत्रिमंडल ऐसा मंत्रिमंडल है , जिसमें कुल 33 मंत्रियों में से 14 वर्तमान में विधायक ही नहीं हैं. यह संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ है. प्रदेश की जनता के साथ मज़ाक हैं.'
बता दें कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्‍तार किया गया. कार्यकारी राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. कुल 28 में से 20 को कैबिनेट तो आठ को राज्‍य मंत्री बनाया गया है. मंत्रिमंडल में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ग्रुप को खास तरजीह मिली है, इस खेमे से 10 लोगों को मंत्री बनाया गया है. शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार के दौरान नेता प्रतिपक्ष रहे गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह और विश्‍वास सारंग शामिल हैं. सिंधिया खेमे से मंत्री पद की शपथ लेने वालेां में इमरती देवी, प्रमुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया शामिल हैं.

 

सेहत / शौर्यपथ / आप अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाए रखने के लिए क्या कुछ नहीं करते, कभी पार्लर तो कभी महंगी ब्यूटी क्रीम, हर नुस्खा आजमाकर देखते हैं जो आपका त्वचा की चमक और रौनक को बनाए रखने का आपसे वादा करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं आपकी मेहनत को आपका दोस्त बनकर जाने-अनजाने कौन खराब कर रहा है। आखिर कौन है वो जो चोरी-छिपे आपके चेहरे की रंगत को चुरा ले जा रहा है। जी हां और वो है आपका फेवरेट स्मार्टफोन। आइए जानते हैं कैसे आपका स्मार्टफोन आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा रहा है और करने से स्मार्टफोन के साइड इफेक्ट्स से बचा जा सकता है।

स्मार्टफोन के साइड इफेक्ट्स-
-रात भर जागकर फोन पर बात करने से गर्दन में होने वाली स्टिफनेस मोबाइल फोन के कारण ही होती है।इतना ही नहीं स्मार्टफोन एडिक्शन भी आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हो सकती है।
-जब आप किसी से लंबी बातचीत करते हैं तो आपके गाल पर जो हीट महसूस होती है, वह हीट आपकी स्किन को भी काफी नुकसान पहुंचाती है।
-एक अध्ययन के अनुसार, मोबाइल की नीली रोशनी आपकी स्किन को उतना ही नुकसान पहुंचाती है, जितना सूरज की यूवी किरणें।
-नीली रोशनी से निकलने वाले रेडिएशन एक्सपोजर के कारण आपकी स्किन पर हाइपर पिगमेंटेशन और काले धब्बे भी हो सकते हैं। जिससे स्किन जगह-जगह से पैची नजर आने लगती है।
-डर्मोटोलॉजिस्ट का यह भी मानना है कि फोन पर लगातार मैसेज पढ़ने से आपके माथे पर प्रीमेच्योर लाइन्स और आंख की कोरों पर क्रो फीट यानी झुर्रियां होने लगती हैं।
-मोबाइल फोन के कारण आपके चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं क्योंकि ये कई तरह के रोगाणुओं का ठिकाना होता है।

स्मार्टफोन के साइड इफेक्ट्स से कैसे बचें-
-त्वचा पर स्मार्टफोन के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए कम से कम उपयोग करें।
-कोशिश करें कि ज्यादातर समय फोन पर बात करने के लिए हैंड-फ्री डिवाइस का उपयोग करें। ऐसा करने से त्वचा फोन के सीधे संपर्क में नहीं आती है।
-अपने फोन को रोजाना साफ करें। इससे त्व‍चा को उन हानिकारक रोगाणुओं से बचाया जा सकता है,जो मोबाइल स्क्रीन पर पनपने लगते हैं।

अपनाएं ये घरेलू नुस्खें-
-आंखों के चारों ओर बादाम के तेल से हल्के हाथ से 15 मिनट मालिश करें। इसके बाद कॉटन बॉल को हल्का सा गीला करके उससे आंखों के नीचे पोंछें।
-खीरे के रस के साथ आलू के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर अपनी आंखों के नीचे रोजाना 20 मिनट के लिए लगाएं। ऐसा करने से आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे कम होते हैं।
-काले धब्बे और डल स्किन को ठीक करने के लिए बादाम को दही और एक चुटकी हल्दी के साथ पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे और अपनी आंखों के काले धब्बों पर लगाएं। सूखने के बाद इसे साधारण पानी से धो लें।

 

  खाना खजाना / शौर्यप्थ / बात जब तीखे-मसालेदार खाने की हो रही हो तो जेहन में सबसे पहला नाम पंजाबी डिश का ही आता है। जी हां चटपटा खाना खाने के शौकीन लोग अक्सर पंजाबी भोजन काफी पसंद करते हैं, फिर चाहे वो छोले भटूरे हो दाल मखनी। दाल मखनी पंजाब की पसन्दीदा दाल है। मसालेदार ग्रेवी में मक्खनी राजमा जब जुबान पर घुलती है तो आत्मा तृप्त हो जाती है।

पंजाब में दाल मखनी मां दी दाल के नाम से लोकप्रिय है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ इसमें प्रोटीन और फाइबर मौजूद प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। अगर आप भी अपनी पसंदीदा दाल मखनी खाने के लिए रेस्तरां जाते रहे हैं तो अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि रेस्तरां स्टाइल दाल मखनी को आप बड़ी आसानी से घर पर भी ट्राई कर सकते हैं। जानें कैसे।

सामग्री-
-राजमा 2 चम्मच (रात भर भिगोकर रखें)
-नमक चुटकी भर
-लाल मिर्च पाउडर 1 चम्मच
-अदरक 2 इंच
-मक्खन 4 चम्मच
-सूरजमुखी का तेल 1 चम्मच
-प्याज 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ)
-हरी मिर्च 2
-टमाटर प्यूरी आधा कप
-गर्म मसाला पाउडर 1 चम्मच
-फ्रेश क्रीम आधा कप
-उड़द दाल आधा कप (रात भर भिगोकर रखें)
-अदरक पेस्ट आधा चम्मच
-लहसुन पेस्ट आधा चम्मच

दाल मखनी बनाने की वि​धि-
साबुत उड़द दाल और राजमा को रातभर 3 से 4 कप पानी में भिगोकर रखें।सुबह में दाल से पानी निकालकर इसे 4 कप पानी, नमक और आधा अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर करीब 15 मिनट के लिए प्रेशर कुक कर लें।जब स्टीम निकल जाए तो कुकर का ढक्कन खोलकर राजमा को धीमी आंच पर पकाएं जब तक वह नर्म न हो जाए।अब दाल और राजमा के मिक्सचर में क्रीम डालें और थोड़ा सा क्रीम सजाने के लिए रख लें।

अब एक पैन में मक्खन गर्म करें और उसमें बचा हुआ अदरक लहसुन का पेस्ट और प्याज डालें औऱ सुनहरा होने तक फ्राई करें।इसमें हरी मिर्च, टमाटर प्यूरी डालकर लगातर चलाते हुए पकाएं।लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं जब तक तेल ऊपर न आ जाए।

अगर दाल बहुत ज्यादा गाढ़ी लग रही हो तो इसमें थोड़ा पानी डाल दें।अब गर्म मसाला पाउडर और नमक डालें और धीमी आंच पर दाल को पकने दें।दाल मखनी तैयार है। ऊपर से थोड़ा सा क्रीम और मक्खन डालकर सजाएं और गर्मा गर्म सर्व करें।

 

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