Google Analytics —— Meta Pixel
May 13, 2026
Hindi Hindi
दुर्ग

दुर्ग (5077)

दुर्ग | शौर्यपथ । 

दुर्ग पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखते हुए पंचशील नगर क्षेत्र में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। थाना सिटी कोतवाली और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर खेत में दबिश देकर 13 जुआरियों को रंगे हाथ दबोचा। पुलिस ने मौके से करीब 3 लाख रुपये की मशरूका जप्त की है।

खेत में बिछी थी बिसात, पुलिस ने चारों तरफ से घेरा

जानकारी के मुताबिक, पंचशील नगर और मोहलाई के बीच स्थित एक सुनसान खेत में बड़े पैमाने पर जुआ खेलने की सूचना मिली थी। जुआरी पुलिस की नजरों से बचने के लिए रिहायशी इलाके से दूर खेत का सहारा ले रहे थे। दुर्ग पुलिस की स्पेशल टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला।

बड़ी बरामदगी: नगदी और मोबाइल फोन जप्त

पुलिस की इस रेड में जुआरियों के पास से विलासिता और जुए के साजो-सामान बरामद हुए हैं:

कुल जप्ती: ₹2,97,000 (लगभग 3 लाख रुपये)

नगद राशि: ₹1,53,000 (दांव पर लगी रकम)

स्मार्टफोन: 18 नग कीमती मोबाइल (कीमत ₹1,44,000)

अन्य: 03 गड्डी ताश, तिरपाल, कंबल और चादरें।

पकड़े गए आरोपियों की सूची (13 गिरफ्तार)

गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों के रसूखदार और आदतन जुआरी शामिल हैं:

मोहम्मद फहीम (मील पारा)

बल्लू वर्मा (रिशाली)

किशन साहू (जवाहर नगर)

पंकज सोनी (नयापारा)

नितेश जैन (उरला)

सुरेश गुप्ता (चंडी मंदिर क्षेत्र)

शंकर लाल चौधरी (कसारीडीह)

मोहित सिन्हा (बघेरा)

ललित भट्ट (शिव नगर)

खिलेश्वर निषाद (कोटनी)

बसंत कुमार सोनी (राम नगर)

राकेश मंडल (पंचशील नगर)

मनोज राजपूत (कोटनी)

नया कानून, कड़ी कार्रवाई

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत अपराध क्रमांक 132/2026 पंजीबद्ध किया है।

इनकी रही मुख्य भूमिका:

इस सफल कार्रवाई में सिटी कोतवाली के सउनि रामकृष्ण तिवारी, प्रधान आरक्षक राकेश निर्मलकर, आरक्षक केशव कुमार, गजेन्द्र यादव और एसीसीयू टीम का विशेष योगदान रहा।

पुलिस की चेतावनी: दुर्ग पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आपके आसपास ऐसी गतिविधियां हो रही हैं,

तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

दुर्ग, ।  जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 की प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के निर्देशानुसार, जिले की तीन प्रमुख जनपद पंचायतों—दुर्ग, धमधा और पाटन—में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है।

इस प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि (Base Date) माना गया है।

? जिम्मेदारी का बंटवारा: नियुक्त किए गए अधिकारी

निर्वाचन नियमों के सुचारू पालन के लिए शासन ने प्रशासनिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं:

रजिस्ट्रीकरण अधिकारी: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) - दुर्ग, धमधा और पाटन।

सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी: संबंधित तहसीलों (दुर्ग, धमधा, पाटन) के तहसीलदार।

अपीलीय प्राधिकारी: अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (ADM), दुर्ग।

? किन क्षेत्रों में होगा पुनरीक्षण?

उप-निर्वाचन के तहत कुल 17 ग्राम पंचायतों और संबंधित वार्डों में मतदाता सूची का मिलान और नवीनीकरण किया जाएगा:

जनपद पंचायत प्रभावित ग्राम पंचायतें

दुर्ग (05) भोथली, तिरगा, बोरई, कोटनी, उमरपोटी।

धमधा (05) रुहा, पथरिया (डो.), लहंगा, नंदवाय, करेली।

पाटन (07) सुरपा, तुलसी, मानिकचौरी, कसही, गोडपेन्ड्री, मनसुली, गातापार (वार्ड सहित) एवं पाहंदा (अ) सांकरा।

अहम जानकारी

छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 18 के तहत यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और सूची पूरी तरह त्रुटिहीन हो।

अपील: संबंधित क्षेत्रों के नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने या सुधार करवाने के लिए निर्धारित केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं

दुर्ग ।  मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण अभियान और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में वरदान साबित हो रही है। दुर्ग जिले के ग्राम सिलोदा (ग्राम पंचायत खपरी) की निवासी गीतांजली साहू की कहानी इस योजना की सफलता का एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ सही समय पर मिली आर्थिक सहायता और पोषण परामर्श ने एक मां और बच्चे के जीवन में खुशहाली भर दी।

चुनौतियों भरा था सफर: कम वजन और हीमोग्लोबिन की समस्या

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में गीतांजली का स्वास्थ्य चिंता का विषय था। उनका वजन मात्र 38 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन का स्तर भी 10 ग्राम (एनीमिक श्रेणी) था। ऐसी स्थिति में जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जोखिम अधिक था।

योजना बनी मददगार: ₹3000 की पहली किस्त से बदला आहार

सेक्टर रसमड़ा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने गीतांजली का पंजीयन 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' में कराया।

पोषण सहायता: पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत 3000 रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई।

बदलाव: इस राशि का उपयोग गीतांजली ने अपने खान-पान को सुधारने में किया। उन्होंने अपने आहार में अंकुरित अनाज, ताजे फल, सलाद और दूध को शामिल किया।

सकारात्मक परिणाम: स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा

नियमित देखरेख और संतुलित पोषण का परिणाम सुखद रहा:

वजन में सुधार: नौवें माह तक गीतांजली का वजन 8 किलो बढ़ गया।

हीमोग्लोबिन: रक्त का स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया।

स्वस्थ प्रसव: 23 नवंबर 2025 को उन्होंने एक स्वस्थ बालक (वजन 2.50 किग्रा) को जन्म दिया।

शिशु विकास: जन्म के बाद उचित स्तनपान से मात्र एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर 3.5 किलोग्राम हो गया है।

"शासन की यह मदद मेरे लिए संबल बनी"

गीतांजली साहू ने शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली जानकारी और आर्थिक सहायता ने उनके मातृत्व को सुरक्षित बनाया। वह अब अन्य महिलाओं को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

? मुख्य बिंदु: महिला सशक्तिकरण केंद्र दुर्ग की पहल

जागरूकता अभियान: दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में लगातार महिलाओं को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

परामर्श: केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आहार चार्ट और नियमित जांच के लिए भी प्रेरि

त किया जा रहा है।

दुर्ग, गंजपारा: धर्म की नगरी दुर्ग में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर अपना 16वां वार्षिक महोत्सव बेहद भव्य रूप में मनाने जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित इस 9 दिवसीय अनुष्ठान में आस्था, संगीत और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

समिति के अशोक राठी एवं प्रवीण भूतड़ा ने बताया कि इस वर्ष कोलकाता के कलाकारों द्वारा की जा रही विशेष साज-सज्जा और आकर्षक लाइटिंग पूरे शहर के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

?️ उत्सव का मुख्य आकर्षण: कार्यक्रम की रूपरेखा

दिनांक प्रमुख आयोजन विशेष विवरण

19 मार्च महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 5 बजे ज्योति कलश प्रज्जवलन एवं 9 बजे महाभिषेक।

22 मार्च भव्य पालकी शोभायात्रा शाम 4 बजे से माता जी की पालकी यात्रा। विशेष बाजा, धुमाल, झांकी और बग्गी शामिल होंगे।

23 मार्च राणी सती मंगलपाठ दोपहर 1 बजे से। महिलाएं 16 श्रृंगार और लाल चुनरी में भजनों पर मंगलपाठ करेंगी।

24 मार्च संगीतमय सुंदरकांड शाम 6 बजे से। विवाहित जोड़े एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा एवं पाठ करेंगे।

26 मार्च महाअष्टमी उत्सव 56 भोग, 108 दियों से महाआरती एवं रात्रि में हवन-पूर्णाहूति।

27 मार्च विदाई बेला प्रातः 7 बजे ज्योति कलश विसर्जन शोभायात्रा।

✨ इस वर्ष क्या होगा खास?

शहर की एकमात्र पालकी यात्रा: 22 मार्च को दुर्ग शहर के धर्मप्रेमी अपने कंधों पर माता की पालकी उठाकर नगर भ्रमण कराएंगे। इसमें छत्तीसगढ़ी लोक कला मंडली और डीजे की धुन पर भक्त झूमते नजर आएंगे।

सौभाग्यवती महिलाओं का मंगलपाठ: 23 मार्च को रायपुर के प्रसिद्ध भजन सम्राट तरुण सोनी द्वारा दादी राणी सती का पाठ किया जाएगा। इसमें महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में शामिल होंगी।

दंपत्तियों के लिए सुंदरकांड: 24 मार्च को आचार्य कान्हा महाराज के सानिध्य में सैकड़ों विवाहित जोड़े सामूहिक पाठ करेंगे। इसके लिए ड्रेस कोड (पुरुष-सफेद, महिला-लाल/पीली साड़ी) निर्धारित किया गया है।

? पंजीयन सूचना: सुंदरकांड पाठ में शामिल होने के इच्छुक विवाहित जोड़े 22 मार्च तक मंदिर परिसर में अपना निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।

प्रतिदिन के सेवा कार्य

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे श्रद्धालुओं द्वारा सपरिवार महाभिषेक किया जा सकेगा। साथ ही, दोपहर 12 बजे नियमित रूप से कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।

मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से इस भव्य आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

दुर्ग/छत्तीसगढ़: अपनी 10 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अब सीधे शासन से टकराने का मन बना लिया है। प्रांतीय आह्वान पर आगामी 18 मार्च 2026 (बुधवार) को पूरे प्रदेश के जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारी भोजनावकाश के दौरान जंगी प्रदर्शन करेंगे।

यह आंदोलन केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है; कर्मचारी एकजुट होकर माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर एवं एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।

क्यों उबले हैं कर्मचारी? (प्रमुख मांगें)

फेडरेशन के प्रमुख सलाहकार राजेश चटर्जी और जिला संयोजक विजय लहरे के अनुसार, कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों की अनदेखी से आक्रोशित हैं। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

 * मोदी की गारंटी और डीए एरियर्स: जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ते (DA) के एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के GPF खाते में तत्काल समायोजित किया जाए।

 * वेतन विसंगति और पिंगुआ कमेटी: लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की वेतन विसंगतियों पर 'पिंगुआ कमेटी' की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर लागू किया जाए।

 * पदोन्नति और समयमान: प्रदेश में 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान दिया जाए।

 * अनुकंपा नियुक्ति: 10% की सीमा को समाप्त कर निःशर्त अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए।

 * नियमितीकरण: दैनिक वेतनभोगी, अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के साथ पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।

हाईकोर्ट का दखल: सरकार से जवाब तलब

मीडिया प्रभारी भानुप्रताप यादव ने बताया कि 2017 से 2026 तक कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता नहीं मिला है। इस मामले में फेडरेशन ने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की है, जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।

प्रदर्शन का शेड्यूल

 * तारीख: 18 मार्च 2026 (बुधवार)

 * समय: दोपहर 1:30 बजे (भोजनावकाश के दौरान)

 * स्थान: जिला मुख्यालय (कलेक्टर कार्यालय) एवं ब्लॉक मुख्यालय (एसडीएम कार्यालय)

> "कर्मचारी अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। यदि शासन 'मोदी की गारंटी' और हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करता, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।"

> — फेडरेशन नेतृत्व

क्या आप चाहते हैं कि मैं इस खबर को सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) के लिए संक्षिप्त 'शॉर्ट न्यूज' फॉर्मेट

में भी तैयार कर दूँ?

निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल

दुर्ग / शौर्यपथ / :

प्रदेश सरकार जहां सुशासन और पारदर्शिता को लेकर लगातार सख्त कदम उठाने की बात कर रही है, वहीं दुर्ग जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जिला अस्पताल दुर्ग में पार्किंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले इस मामले की सूचना अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन डॉ. मिंज को दी गई थी। उस समय यह उम्मीद जताई जा रही थी कि अस्पताल प्रबंधन तत्काल जांच कर कार्रवाई करेगा। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई विशेष बदलाव दिखाई नहीं दे रहा, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

टेंडर के चार महीने बाद भी नियमों का पालन नहीं

बताया जा रहा है कि अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था के लिए जीवनदीप समिति के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद पार्किंग ठेकेदार द्वारा नियम और शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा। आरोप है कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे आम जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?

इस विषय पर जब सिविल सर्जन डॉ. मिंज से चर्चा की गई, तो आश्चर्यजनक रूप से उन्हें इस मामले की विस्तृत जानकारी तक याद नहीं रही। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की जानकारी होने के बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

जीवनदीप समिति की भूमिका पर भी नजर

पार्किंग का यह टेंडर जीवनदीप समिति के माध्यम से जारी किया गया था, ऐसे में अब निगाहें समिति के सदस्यों पर भी टिक गई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति के सदस्य इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर पूरे मामले को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

जिला प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

अस्पताल में पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त वसूली की शिकायतों के बीच अब जिला कलेक्टर और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर यदि आम जनता से अनियमित वसूली होती है, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि सुशासन की अवधारणा पर भी सवाल खड़े करता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि अस्पताल प्रबंधन, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, या फिर मरीजों और उनके परिजनों से अतिरिक्त वसूली का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

दुर्ग। आर्य नगर निवासी स्वर्गीय मगनभाई कांजीभाई सोलंकी के निधन के पश्चात उनके परिवार द्वारा किया गया नेत्रदान एवं देहदान मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है। उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलेगी, वहीं देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध कार्य के लिए अमूल्य सहयोग प्राप्त होगा।

श्री सोलंकी के निधन के बाद उनकी पुत्री प्रतिभा बेन क्षत्रीय, भावना बेन टांक एवं उमेश भाई चौहान की सहमति से नेत्रदान और देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया विधिवत संपन्न की गई। परिवार के इस संवेदनशील एवं समाजहितकारी निर्णय की समाज में व्यापक सराहना की जा रही है।

नेत्रदान और देहदान की व्यवस्था में नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाउंडेशन की ओर से कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, यतीन्द्र चावड़ा, प्रभुदयाल उजाला, हरमन दुलई, जितेंद्र हासवानी, राजेश पारख एवं सुरेश जैन आर्य नगर स्थित निवास पर उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराया।

शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम में डॉ. संदीप बचकर, डॉ. याशिका चंद्रा और डॉ. अंजलि कश्यप ने निवास स्थान पहुंचकर कॉर्निया संकलित किए। वहीं कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड और दयाराम ने देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की।

इस अवसर पर प्रतिभा बेन क्षत्रीय ने कहा कि पिता के निधन से परिवार को गहरा आघात लगा है, लेकिन उनके संस्कारों से ही उन्हें नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि अब पिता की स्मृतियां उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

उमेश भाई चौहान ने कहा कि उन्होंने एक सच्चा मित्र खो दिया, लेकिन उनकी बेटियों ने नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेकर यह सिद्ध कर दिया कि बेटियां भी अपने पिता के प्रति पूर्ण समर्पित होती हैं।

यश चावड़ा ने कहा कि सोलंकी समाज का यह प्रतिष्ठित परिवार सदैव धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है। परिवार के मुखिया के नेत्रदान और देहदान के निर्णय से सोलंकी परिवार ने समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्ज्वल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन सहित अनेक लोगों ने स्व. मगनभाई सोलंकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोलंकी परिवार के इस निर्णय की सराहना की।

यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देता है कि जीवन के बाद भी मानव सेवा संभव है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / पवित्र रमजान माह के दौरान शहर में आपसी भाईचारे और सौहार्द का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मशहूर शायर नवेद रज़ा दुर्गवी की ओर से केलाबाड़ी शास्त्री चौक में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया।
इस अवसर पर रोजेदारों के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी शामिल होकर इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमजान की शुभकामनाएं दीं। इफ्तार के बाद सभी ने मिलकर नमाज-ए-मगरिब अदा की और देश में अमन, शांति तथा भाईचारे की दुआ मांगी।
नमाज के बाद आयोजित आम लंगर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रियाज गौहर, हाजी ताहिर निजाम, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, सुनील श्रीवास्तव और शायर आलोक नारंग सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।

दुर्ग / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम दुर्ग में आगामी 22 मार्च विश्व जल दिवस के अवसर पर शहर में व्यापक जल जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी को लेकर शनिवार को जलकार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में जल कार्य प्रभारी लीना–दिनेश देवांगन की अध्यक्षता में जलगृह कार्यालय स्थित उनके कक्ष में संपन्न हुई।

बैठक में शहर में जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ विश्व जल दिवस के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर महापौर से चर्चा कर कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा तय करने का निर्णय लिया गया।

टंकियों में मीटर गेज लगाने का सुझाव

बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने शहर की सभी पानी टंकियों में मीटर गेज लगाने का सुझाव दिया, ताकि टंकियों में उपलब्ध पानी के स्तर की सटीक जानकारी मिल सके और जल वितरण व्यवस्था को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
इसके अलावा शहर में जल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए जल टैंकरों के नियमित संधारण (मेंटेनेंस) पर जोर दिया गया। साथ ही आवश्यकता के अनुसार टैंकरों के लिए वाहन चालकों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया।

जल संरक्षण और जनजागरूकता पर विशेष जोर

बैठक में विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने सुझाव दिया कि इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक स्तर पर जल संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि शहर में जल प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

समिति सदस्य और अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में समिति सदस्य गुलाब वर्मा, पायल पाटिल, मनोज सोनी, रेखा बंजारे सहित नगर निगम के उपअभियंता विनोज मांझी और अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने जल प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़े अपने सुझाव और विचार साझा किए।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)