August 15, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5012)

    शौर्यपथ संवाददाता, भिलाई।

    सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सिन्टरिंग प्लांट-3 (SP-3) के एरिया रिपेयर शॉप से आत्मनिर्भरता और बेहतरीन टीमवर्क की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ पिछले 9 वर्षों (वर्ष 2017) से विभिन्न तकनीकी खराबियों के कारण कबाड़ और निष्क्रिय पड़ी एचएमटी निर्मित ड्रिलिंग मशीन (मॉडल आरएम-62) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार (Restoration) कर उसे फिर से चालू कर दिया गया है।

    24 जून 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस पुनरुद्धारित मशीन का भव्य लोकार्पण किया गया।

    दिग्गज अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ लोकार्पण

    मशीन के पुनः संचालन के अवसर पर बीएसपी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

    श्री सजीव वर्गीज - मुख्य महाप्रबंधक (SP-3 एवं OHP)

    श्री डी. जगदीश - महाप्रबंधक (MARS-1)

    श्री राहुल बिजुरकर - महाप्रबंधक प्रभारी (SP-3)

    श्री आई. वी. रमणा - महाप्रबंधक (मैकेनिकल, SP-3)

    अधिकारियों का संदेश: "आंतरिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और समन्वित टीमवर्क के माध्यम से इस मशीन का पुनरुद्धार बीएसपी की आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। भविष्य में भी ऐसी परिसंपत्ति पुनर्स्थापन (Asset Restoration) पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।"

    चुनौतीपूर्ण था सफर: गायब थे स्पेयर्स और तकनीकी दस्तावेज

    यह मशीन 2017 से यांत्रिक (Mechanical), विद्युत (Electrical) और हाइड्रोलिक खराबियों के कारण बंद थी। मूल इलेक्ट्रिकल सर्किट डायग्राम (विद्युत परिपथ आरेख) और जरूरी स्पेयर्स न होने के कारण इसका सुधरना नामुमकिन लग रहा था। लेकिन SP-3 की बहु-विभागीय टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया।

    इन विभागों और 'मास्टर्स' के तालमेल से हुआ कमाल

    मशीन को दोबारा जिंदा करने में संयंत्र के विभिन्न विभागों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया:

    यांत्रिक पुर्जों का निर्माण (MARS-1): क्षतिग्रस्त पार्ट्स का निर्माण महाप्रबंधक श्री डी. जगदीश एवं इंजीनियरिंग एसोसिएट श्री हेमंत वानखेड़े के मार्गदर्शन में मार्स-1 मशीन शॉप में किया गया।

    गुमशुदा दस्तावेजों की खोज (HRDC): मूल विद्युत आरेख न होने पर मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रशिक्षण अनुभाग से श्री ए. के. तिवारी ने आवश्यक तकनीकी दस्तावेज खोजकर उपलब्ध कराए।

    विद्युत प्रणाली का पुनरुद्धार: महाप्रबंधक श्री एस. एस. मौरी, उप महाप्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता तथा सहायक महाप्रबंधक श्री एस. सी. साहू के नेतृत्व में इलेक्ट्रिकल सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया गया।

    हाइड्रोलिक सिस्टम की ओवरहॉलिंग: स्नेहन दल द्वारा सहायक प्रबंधक श्री अशोक राव ठाकरे के नेतृत्व में हाइड्रोलिक प्रणाली को दुरुस्त किया गया।

    इनका भी रहा विशेष योगदान: इस पूरे प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन में उप महाप्रबंधक श्री एम. यू. राव, वरिष्ठ प्रबंधक श्री जितेश एच. शाहनी, वरिष्ठ प्रबंधक श्री विपिन मौर्य तथा सहायक महाप्रबंधक श्री राजेश साहू के नेतृत्व में मैकेनिकल मेंटेनेंस प्लानिंग एवं एरिया रिपेयर शॉप की टीमों की मुख्य भूमिका रही।

    मशीन शुरू होने से बीएसपी को क्या होगा फायदा?

    क्षमता में वृद्धि: एरिया रिपेयर शॉप की मशीनिंग और फैब्रिकेशन क्षमताओं को भारी मजबूती मिलेगी।

    काम में तेजी: ड्रिलिंग कार्यों के निष्पादन में अब काफी तेजी आएगी।

    पैसों की बचत: अनुरक्षण (Maintenance) कार्यों के लिए जरूरी स्पेयर्स का आंतरिक निर्माण अब प्लांट के भीतर ही प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

    घटेगी निर्भरता: विशेष ड्रिलिंग कार्यों के लिए अब केंद्रीय इंजीनियरिंग शॉप्स (Central Engineering Shops) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    शौर्यपथ संवाददाता, भिलाईनगर।

    शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम भिलाई ने अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के कड़े निर्देशों के बाद, जोन-3 (मदर टेरेसा नगर) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

    क्या था पूरा मामला?

    पावर हाउस रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने, 'जगदम्बा स्वीट्स' के पास का इलाका लंबे समय से अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ था। यहाँ कुछ कबाड़ियों द्वारा बड़े पैमाने पर कबाड़ और कचरा फैलाकर रखा गया था, जिससे न केवल शहर की खूबसूरती पर दाग लग रहा था, बल्कि राहगीरों और यात्रियों का वहां से गुजरना भी दुश्वार हो गया था।

    मौके पर निगम का दस्ता पहुँचा और की जप्ती

    निगम को मिली शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। स्थल पर भारी मात्रा में फैला कबाड़ और अनुपयोगी कचरा जब्त कर लिया गया। इस दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक और राजस्व विभाग के सुपरवाइजर सहित निगम का पूरा अमला मौजूद रहा।

    निगम की दो टूक: नहीं बख्शे जाएंगे सार्वजनिक स्थल गंदा करने वाले

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थलों को अपना 'स्टोर रूम' समझने वाले व्यवसायियों के खिलाफ भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने आम नागरिकों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे भिलाई को 'क्लीन और ग्रीन' बनाने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रकार का कचरा या कबाड़ सार्वजनिक स्थानों पर न फैलाएं।

    शौर्यपथ संवाददाता, भिलाईनगर।

    शासन के मंशानुरूप नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और निगम के कामकाज को अधिक पारदर्शी व हाईटेक बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निगम आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से रणनीति बनाई गई।

    निगम सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य कार्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों के अधिकारी, लिपिक (क्लरिक्स) और कंप्यूटर ऑपरेटर मुख्य रूप से शामिल हुए।

    शिकायतों का होगा समयबद्ध निवारण: सीएम हेल्पलाइन 1076

    बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आने वाली नागरिकों की हर शिकायत और मांग को गंभीरता से लिया जाए।

    पारदर्शिता और गति: इसके माध्यम से आम जनता की समस्याओं का एक तय समय-सीमा (टाइम-बाउंड) के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    समस्याओं का समाधान: पोर्टल संचालन के दौरान मैदानी स्तर पर आ रही तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतों पर भी चर्चा कर मौके पर ही उनका समाधान निकाला गया।

    कागजी फाइलों से मुक्ति, ई-ऑफिस से बढ़ेगी कार्यक्षमता

    निगम के प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रणाली के लागू होने से:

    फाइलों का संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगा।

    कार्यों में पारदर्शिता आएगी और लेटलतीफी पर लगाम लगेगी।

    कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि कैसे नस्तियों (फाइलों) को लिपिक स्तर से उच्च अधिकारियों तक ऑनलाइन अनुमोदन (Approval) के लिए भेजा जाए।

    आयुक्त के कड़े निर्देश: कार्यों को बनाएं पेपरलेस

    निगम आयुक्त ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों को 'टॉप प्रायोरिटी' (प्राथमिकता) पर रखते हुए तुरंत निपटाएं। साथ ही, उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने को कहा ताकि निगम के कामकाज को पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाया जा सके, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे बेहतर और सुलभ सेवाएं मिल सकें।

    परामर्शदात्री समिति की बैठक में नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने रखा कर्मचारियों का पक्ष, शीघ्र समाधान की मांग

       दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर सोमवार को आयुक्त कक्ष में परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके त्वरित एवं न्यायसंगत निराकरण की मांग की।
    बैठक के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी संस्था की कार्यक्षमता और विकास उसके कर्मचारियों के मनोबल, सुरक्षा एवं सम्मान पर आधारित होती है। कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने पर जनसेवा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
    संघ ने निगम प्रशासन के समक्ष प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर नियमित वेतन भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, जीपीएफ, सीपीएफ एवं परिवार कल्याण निधि की कटौती राशि का नियमित जमा, तथा छठवें एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स के भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे विस्तार से रखे।
    पदाधिकारियों ने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने और कर्मचारियों के अंशदान की राशि संबंधित खातों में जमा नहीं होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन योजना की मांग भी कर्मचारियों की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल है।
    बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। संघ के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन प्राप्त हुआ है। संगठन ने उम्मीद जताई कि निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द ठोस निर्णय लेगा।
    संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिससे कर्मचारी सम्मानपूर्वक कार्य कर सकें और नगरवासियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
    इस अवसर पर संगठन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संगठन को मजबूत बनाने तथा कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के अधिकारों और हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी मजबूती के साथ उठाया जाता रहेगा।

    प्रमुख मांगें
    निर्धारित तिथि पर नियमित वेतन भुगतान
    पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
    जीपीएफ, सीपीएफ एवं परिवार कल्याण निधि की राशि नियमित जमा करना
    छठवें एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स का भुगतान
    कर्मचारियों की लंबित प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण

    "मजबूत संगठन ही कर्मचारियों के अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संघ सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।"
    — राजू लाल चन्द्राकर, जिला अध्यक्ष, नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, दुर्ग

    15 करोड़ की लागत से बनेगा संभाग स्तरीय बहुउद्देशीय स्टेडियम, खिलाड़ियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के खेलगांव खम्हरिया में प्रस्तावित संभाग स्तरीय बहुउद्देशीय स्टेडियम निर्माण परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सोमवार को खेल एवं युवा कल्याण विभाग के नाम आबंटित 16 एकड़ शासकीय भूमि का सीमांकन एवं चिन्हांकन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
    राजस्व, लोक निर्माण एवं पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सीमांकन कार्य के दौरान भूमि की परिधि को चूना एवं अन्य तकनीकी साधनों की सहायता से चिन्हित किया गया, जिससे अब स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

    राजस्व और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम रही मौजूद

    तहसीलदार वसुमित्र दीवान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, जिसमें आरआई श्री घनश्याम चंद्राकर और पटवारी श्री विवेक देवांगन शामिल थे, ने सीमांकन की कार्रवाई पूरी की। वहीं लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर श्री वाय.के. सोनवानी एवं श्रीमती सुस्मिता चंद्राकर ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
    सुरक्षा व्यवस्था के लिए उतई थाना प्रभारी श्री अनिल पटेल के नेतृत्व में 10 पुरुष एवं 10 महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया निर्विघ्न रूप से संपन्न हुई।

    15 करोड़ की लागत से तैयार होगा आधुनिक खेल परिसर

    जानकारी के अनुसार, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के विशेष प्रयासों से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य के लिए मार्च 2026 में 4 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त लोक निर्माण विभाग को जारी की जा चुकी है।

    प्रस्तावित स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें—

    400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
    अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला फुटबॉल मैदान
    दर्शकों के लिए सीटिंग गैलरी
    बैडमिंटन कोर्ट सहित इंडोर स्टेडियम
    प्रशासनिक भवन एवं अन्य सहायक सुविधाएं
    शामिल हैं।

    पूरे संभाग के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ

    स्टेडियम निर्माण के बाद दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, रिसाली नगर निगम, भिलाई नगर निगम तथा नगर पंचायत उतई सहित पूरे दुर्ग संभाग के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी अवसर मिल सकेंगे।

    ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता

    सीमांकन कार्य के दौरान खेल विभाग के प्रशिक्षक श्री भूपेन्द्र हिरवानी, खम्हरिया सरपंच श्रीमती दुलारी देशलहरे, उपसरपंच श्री टीकाराम साहू, खेल प्रशिक्षक श्री बालक दास डहरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

    हेडलाइन विकल्प

    // खेलगांव खम्हरिया को मिली नई पहचान: 16 एकड़ में बनेगा संभाग का आधुनिक स्टेडियम
    // दुर्ग के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, 15 करोड़ के स्टेडियम का रास्ता हुआ साफ
    // खम्हरिया में गूंजेगी खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान, स्टेडियम निर्माण हेतु भूमि सीमांकन पूर्ण
    // सिंथेटिक ट्रैक से इंडोर स्टेडियम तक: दुर्ग संभाग को मिलने जा रही खेल सुविधाओं की बड़ी सौगात
    शौर्यपथ विशेष: यह परियोजना केवल एक स्टेडियम नहीं, बल्कि दुर्ग संभाग की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला साबित हो सकती है।

    बिलासपुर में होने वाली प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

        भिलाई। आगामी राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लेने वाली दुर्ग जिला टीम के चयन हेतु सोमवार, 22 जून 2026 को शाम 5:30 बजे गुंडिचा मंडप डोम शेड, सेक्टर-10 भिलाई नगर में चयन प्रक्रिया का आयोजन किया गया। चयन ट्रायल में दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
    चयन प्रक्रिया में सब जूनियर (अंडर-14), जूनियर (अंडर-17) एवं सीनियर (19 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग) के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए टीम में स्थान बनाने का प्रयास किया।
    कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर सेक्टर-10 की पार्षद श्रीमती सुभद्रा जी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जिले का नाम रोशन करें और अधिक से अधिक पदक जीतकर लौटें।
    ज्ञात हो कि राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 10 से 12 जुलाई 2026 तक बिलासपुर के रेलवे स्टेडियम में किया जाएगा। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखा गया।
    थाई बॉक्सिंग दुर्ग जिला सचिव जे.पी. राजू ने कहा कि खेलों की नगरी भिलाई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा है। उन्होंने बताया कि चयनित खिलाड़ियों के लिए शीघ्र ही विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा ताकि वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
    कार्यक्रम में कारा-कु-जू-बो-काई-कान कराते डो मार्शल आर्ट्स एंड योग एसोसिएशन के वरिष्ठ छात्र रामकुमार पांडे, गांधी सोनी, भरत लाल साहू, सुभाष सोनी, दीपेश आहूजा, रोहन देवांगन, विपिन दहाते, अक्षत चंद्रा, अरमान देवांगन, वेदांत साहू सहित बड़ी संख्या में जूनियर एवं सीनियर ब्लैक बेल्ट तथा ब्राउन बेल्ट खिलाड़ी उपस्थित रहे।
    इस अवसर पर दुर्ग जिला थाई बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष श्री चिन्ना केशवलु ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें जिले के खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है। उन्होंने भविष्य में थाई बॉक्सिंग खेल के विस्तार और खिलाड़ियों के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
    चयन प्रक्रिया के सफल आयोजन के साथ अब खिलाड़ियों की निगाहें बिलासपुर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां दुर्ग जिले की टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, बच्चों के योगा नृत्य ने मोहा मन; नियमित योग करने की दिलाई शपथ

    रिसाली। "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है।" इसी संदेश के साथ नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। योग लंगर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू एवं एमआईसी सदस्य सनीर साहू ने योग दिवस की शुभकामनाएं देकर किया। इसके पश्चात योगाचार्य अशोक महेश्वरी के मार्गदर्शन में उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।


    योग से निरोग जीवन का संदेश

    अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनावमुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शरीर को रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।


    बच्चों के योगा नृत्य ने बटोरी खूब सराहना

    कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब योग लंगर में नियमित अभ्यास करने वाले बच्चों ने योगा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। लगभग 15 मिनट तक चली प्रस्तुति में बच्चों ने संगीत की धुन पर विभिन्न योग मुद्राओं और आसनों का सुंदर प्रदर्शन किया।

    दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रस्तुति के बाद अतिथियों ने बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।


    योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई। अतिथियों ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।


    महापौर शशि सिन्हा ने कहा

    "योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का माध्यम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक स्वस्थ और सशक्त बन सकते हैं।"

         भिलाई। बीएसपी एम्पलाइज कोऑपरेटिव एंड वेलफेयर सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-4 ने एक गरिमामय समारोह में माह मई 2026 में भिलाई स्टील प्लांट की सेवा से निवृत्त हुए अपने सदस्य कर्मियों को ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह में रिटायर कर्मियों ने अपना सेवाकाल याद किया और सोसायटी की कार्यप्रणाली को सराहा। शुरुआत में सोसाइटी के अध्यक्ष पूरन लाल देवांगन ने सभी रिटायर कर्मियों को सम्मान पत्र, मिठाई, श्रीफल व अंतिम भुगतान का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में अध्यक्ष पूरनलाल  देवांगन ने कहा कि रिटायर कर्मियों का योगदान सोसाइटी परिवार हमेशा याद रखेगा।
    इस दौरान रिटायर हुए कर्मियों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। स्टोर्स से रिटायर रमाशंकर सिंह ने कहा कि सोसाइटी के सदस्यों-कर्मियों के व्यवहार ने हमेशा प्रभावित किया।  उन्होंने कहा कि सोसाइटी को संचालक गण आगे भी ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे। प्लेट मिल से रिटायर पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि पहले उनके पिता भी इस सोसायटी के सदस्य थे, इसलिए उन्होंने बीएसपी ज्वाइन करते ही यहां की सदस्यता ले ली। इस सोसाइटी ने कभी निराश नहीं किया। प्लेट मिल से रिटायर निरंजन कुमार महाराणा ने कहा कि जब भी आकस्मिक जरूरत पड़ी तो यहां तत्काल ऋण मिल गया। शिक्षा विभाग से रिटायर हेलिना कुजूर ने बताया कि पहले उनके पिता इस सोसाइटी के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी जरूरत पड़ी ऋण समय पर मिला। सीआरएम (ई) से रिटायर प्रमोद कुमार होता ने कहा कि पूरे सेवाकाल में उन्हें इस सोसाइटी के कामकाज को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं रही। सिंटर प्लांट-3 से रिटायर दिलीप कुमार ने बताया कि उन्होंने बीएसपी ज्वाइन किया तो तत्काल कुछ जरूरत आ पड़ी, ऐसे में सेक्टर-4 सोसाइटी का सदस्य बना और यहां से ऋण मिलते ही समस्या हल हो गई। सिंटर प्लांट-2 से धर्मेंद्र कुमार सोरी ने कहा कि सोसाइटी से तमाम जरूरतों के लिए उन्होंने समय-समय पर ऋण लिया और इसकी वजह से परिवार में हमेशा खुशहाली रही। रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग-1 से रिटायर अजूराम कंवर ने कहा-सेक्टर-4 सोसाइटी का कामकाज हमेशा पारदर्शी रहा है।    
    इसी तरह मेडिकल से सीएच विजया राव,रीना वर्गीस, प्लेट मिल से फरीदुद्दीन सिद्दीकी, डी. परदेशी, ट्रांसपोर्ट एंड डीजल आर्गनाइजेशन से सुंदर सिंह, संतोष कुमार अग्रवाल, फायर ब्रिगेड से रामानंद जांगड़े, वाटर मैनेजमेंट से के. रामचंद्रन, थान सिंह भौर्य, स्टील मेल्टिंग शॉप-2 से राम हेतु, आशीष कुमार दास, टाउनशिप इंजीनियरिंग विभाग (सिविल) से रवींद्रनाथ, मर्चेंट मिल से पीके श्रीकुमार, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 से तमरास मंडावी, ब्लास्ट फर्नेस से राजेश कुमार नायक, आरएमपी-1 से उमाशंकर ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की। इन रिटायर कर्मियों ने सुझाव दिया कि आगे भी उन्हें सोसाइटी से जोड़ कर रखा जाए।इन वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि अपना सेवाकाल याद करते हुए बताया कि प्लॉट खरीदने, मकान बनाने, बच्चों की पढ़ाई, शादी सभी में सेक्टर-4 सोसाइटी ने आर्थिक रूप से हमेशा सहयोग किया। इस अवसर पर सोसाइटी परिवार से उपाध्यक्ष असमां परवीन, अशोक राठौर, संचालक मंडल सदस्य विपिन बंछोर, सतानंद चंद्राकर, शशिभूषण ठाकुर और नितिशा साहू तथा सोसायटी के कर्मियों में  मैनेजर सुदीप बनर्जी, पिजुष कर, नारायण साहू एवं सुरेश कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। मंच संचालन संचालक वेद प्रकाश सूर्यवंशी और आभार प्रदर्शन संचालक पुरुषोत्तम सिंह कंवर ने किया।
     

          भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के सहयोग से 10 दिवसीय लोक वाद्य कार्यशाला शिविर संग्रहालय परिसर कुहुकी कला ग्राम मरोदा सेक्टर मैत्री बाग चौक के बाजू में 14 जून से 23 जून तक जारी है। विगत 23 वर्ष से जारी इस शिविर में छत्तीसगढ़ अंचल के दूर-दराज से आए कलाकार न सिर्फ अपनी कलाकृतियों और वाद्य यंत्रों का निर्माण कर रहे हैं बल्कि एक दूसरे की कला को सीख भी रहे हैं। वहीं आगंतुक भी अपनी आंखों के सामने बनते वाद्य यंत्र व कलाकृतियां देख मंत्रमुग्ध है। यहां चिकारा, खंजेरी, तंबूरा, गतका, तुरही, चरहे, चिटकुली, कुहुकी और रूंजु सहित तमाम शिल्प से आगंतुक रूबरू हो रहे हैं।
     शिविर के संयोजक व प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने बताया कि उनके यहां वर्ष 2003 से यह 10 दिवसीय शिविर हर वर्ष मानसून आगमन के पहले गर्मियों में लगता रहा है। शुरूआती 4 वर्ष उन्होंने स्वयं की पहल से कलाकारों/शिल्पकारों को बुलाकर ऐसा शिविर आयोजित किया था लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग ने पहल की और तब से शिविर हर साल आयोजित हो रहा है।
    रिखी ने बताया कि शिविर की वजह से शिल्पकारों को बाजार मिल रहा है, वहीं सभी को एक दूसरे की कला सीखने का अवसर भी मिल रहा है। इससे शिल्पकार अपनी-अपनी कला में निखार ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 जून से शुरू हुई कार्यशाला में रोजाना सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 7:30 बजे तक कार्य चलता है। पूरी तरह नि:शुल्क इस कार्यशाला में कलाप्रेमी पहुंच कर कलाकृतियां बनते हुए प्रत्यक्ष देख सकते हैं। वहीं समापन अवसर पर 23 जून की शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। उन्होंने बताया कि शिविर के व्यवस्थित संचालन के लिए टीम से भोजन व्यवस्था अन्नपूर्णा क्षत्रिय,भोज,जनसंपर्क में गायक कुलदीप सार्वा, अजय उमरे, दिनेश वर्मा, राजेश साहू,नवीन साहू, संजू,नेहा, जया और अनुराधा का विशिष्ट योगदान है।
    तैयार हो रहे हैं परंपरागत व दुर्लभ वाद्य
    शिविर में आसपास और दूर-दराज के अंचल के अलग-अलग गांव से पहुंचे शिल्पकार परंपरागत वाद्य यंत्र तैयार कर रहे हैं। कोलिहापुरी दुर्ग से आए मनहरण दास बंजारे चिकारा बजाने में प्रवीण है और खुद चिकारा बनाते भी हैं। ग्राम दहिकोंगा कोंडागांव से शिबू कश्यप बेल मेटल से तुरही बनाने का कार्य कर रहे हैं। बेल मेटल शिल्प को बनिया पारा कोंडागांव से शिबू कश्यप आकार दे रहे हैं। लौह शिल्प में ग्राम दहीकोंगा से रामदास, मिट्टी शिल्प में मरारपारा कोंडागांव से डमरु चक्रधारी, काष्ठ कला में दीपक तारम लोहारा, बिजेलाल, राजनांदगांव जिले से पन्ना लाल डोंगरगढ़ से, रुंझू के लिए गाड़ाडीह से नंद कुमार देवार, डोरे लाल, और तंबूरा निर्माण के लिए रामकुमार पाटिल रनचिरई से आकर यहां कार्यशाला में शामिल हुए हैं।

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