August 16, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    दुर्ग

    दुर्ग (5012)

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह की अध्यक्षता में निगम सभागार में राजस्व आय एवं विभिन्न स्थानीय करों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम की वर्तमान राजस्व वसूली की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संग्रह बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

    आयुक्त ने कर वसूली में लगी एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने बड़े राजस्व बकाएदारों की सूची तैयार कर तत्काल नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में आम नागरिकों को कर भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं ऑनलाइन पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को एजेंसी के कार्यों की प्रतिदिन निगरानी कर नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

    आयुक्त सुरुचि सिंह ने कहा कि "निगम क्षेत्र के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए समय पर राजस्व प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक है। कर वसूली के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

    बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी.के. कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, येशा लहरे एवं कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, सहायक राजस्व अधिकारी तथा राजस्व वसूली एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    अनुष्ठा रेसिडेंसी, अयप्पा नगर, आमा तालाब और फौजी नगर का लिया जायजा; गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरुचि सिंह ने शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, प्रस्तावित विकास स्थलों, तालाबों, सफाई व्यवस्था तथा आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कॉलोनी विकास शुल्क मद से अनुष्ठा रेसिडेंसी में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा कॉलोनीवासियों को जल्द से जल्द मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    इसके बाद आयुक्त ने अयप्पा नगर में प्रस्तावित विकास कार्यों के स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

    आयुक्त ने कोहका स्थित आमा तालाब का भी निरीक्षण कर तालाब और उसके आसपास नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। वहीं वार्ड क्रमांक 24 फौजी नगर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने और डंप करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का भी अवलोकन किया और इसके बेहतर संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर उपायुक्त सह जोन आयुक्त डी.के. कोसरिया, अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, संजय वर्मा, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू तथा जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिलाई शपथ, महापौर अल्का बाघमार ने विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान

    दुर्ग, 30 जुलाई। नगर पालिक निगम दुर्ग में शासन द्वारा नामांकित 9 एल्डरमेनों का शपथ ग्रहण समारोह श्रद्धेय मोतीलाल वोरा सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, निगम सभापति श्याम शर्मा, प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शासन द्वारा नामांकित नरेश तेजवानी, कांतिलाल जैन, मदन बढ़ई, अनूप सोनी, तुलसी यादव, दशरथ निर्मलकर, गौरव शर्मा, तेखन सिन्हा एवं चमेली साहू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी एल्डरमेनों ने नगर के विकास, जनहित और नागरिकों की सेवा के लिए निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।

    मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने नव-नामांकित एल्डरमेनों को शुभकामनाएं देते हुए नगर के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

    महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि एल्डरमेनों के अनुभव और सुझावों से नगर निगम की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी एल्डरमेन विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक जनप्रतिनिधि विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। सामूहिक प्रयासों से दुर्ग को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने नव-शपथ ग्रहण करने वाले एल्डरमेनों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

    समारोह में नव-नामांकित सभी एल्डरमेन अपने परिवारजनों और समर्थकों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। नई जिम्मेदारी मिलने की खुशी और आत्मविश्वास उनके चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने सभी एल्डरमेनों को शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, लीना दिनेश देवांगन, नरेंद्र बंजारे, शेखर चन्द्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, निकेश अग्रवाल, मनीष साहू, शशि साहू, लीलाधर पाल, शिव नायक, हर्षिका संभव जैन, कार्यपालन अधिकारी मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थावानी, सहायक अभियंता गिरीश दिवान, हरिशंकर साहू, पंकज साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    नाली, पेवर ब्लॉक और कवर ड्रेन निर्माण से जलभराव की समस्या होगी दूर, आवागमन होगा सुगम

    दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रूआबांधा सेक्टर, वार्ड क्रमांक-06 में गुरुवार को 37.67 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन विधायक ललित चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

    भूमिपूजन के तहत नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने एवं कवर ड्रेन निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

    इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वार्ड तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए सड़क, नाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की मांग और आवश्यकता के अनुरूप कराए जा रहे हैं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।

    कार्यक्रम में रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, जिला उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी शिवेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, वार्ड पार्षद शीला नारखेड़े, महामंत्री दशरथ साहू, गुड्डु झा, जिला मंत्री शैलेन्द्र शेंडे, मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, अजीत चौधरी, पार्षदगण तथा भाजपा पदाधिकारी, वार्डवासी एवं निगम कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

      भिलाई / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में जमीन खरीदी-बिक्री के हिसाब-किताब को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार, मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी जब्त कर लिए हैं। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के अनुसार 25 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे प्रार्थी विनय कुमार सिंह अपने जीजा नरेंद्र सिंह और साथी रूपेश यादव के साथ देवभूमि लेआउट स्थित कार्यालय में जमीन के लेन-देन का हिसाब करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद विजय मेनन और उसके साथियों से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। हमले में नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि नरेंद्र सिंह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना की शिकायत पर थाना मोहन नगर में मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक CG 07 CP 6008, एक मोटरसाइकिल और धारदार हथियार बरामद किए गए।

    विवेचना के दौरान पुलिस को घटना के पूर्व नियोजित षड्यंत्र और सामूहिक अपराध से जुड़े साक्ष्य भी मिले। इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 109, 115(2), 296, 351(3), 61(2) एवं 111 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

    पुलिस के अनुसार फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि, वित्तीय अथवा व्यक्तिगत विवादों का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें।

    गिरफ्तार आरोपी
    विक्की सिंह (41 वर्ष), निवासी सुपेला, भिलाई
    रंजीत कुमार सिंह (43 वर्ष), निवासी हुडको, भिलाई
    रोशन लाल साहू (44 वर्ष), निवासी गौरा चौक, मोहन नगर, दुर्ग
    पप्पू कुमार सिंह (39 वर्ष), निवासी सेक्टर-7, भिलाई
    तिलग मेलल रम (40 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई

     

    दुर्ग / जल संरक्षण की दिशा में किए गए छोटे-छोटे प्रयास किस तरह ग्रामीणों की जिंदगी बदल सकते हैं, इसका प्रेरणादायक उदाहरण धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में देखने को मिला है। यहां विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत भागवत के खेत के पास निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल को सहेजने का काम किया है, बल्कि भू-जल स्तर बढ़ाने, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने और किसानों की आय में वृद्धि का भी रास्ता खोला है।

    इस चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें 2.80 लाख मजदूरी तथा 13.20 लाख सामग्री का प्रावधान रखा गया। निर्माण कार्य पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख की राशि व्यय हुई, जिसमें 2.79 लाख मजदूरी एवं 12.55 लाख सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ। इससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई तथा मजदूरी के माध्यम से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली। 12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता वाले इस चेक डेम ने पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती दी है। पहले बारिश का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, लेकिन अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे जमीन में समा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले से बेहतर बनी रहती है।

    इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह और श्री केवल पचरू सहित कई किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ रबी और सब्जी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई मिलने से उत्पादन बढ़ा है, खेती की लागत घटी है और किसानों की आय में लगातार इजाफा हो रहा है। तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार, चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है और इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकती है। यह संरचना केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत देने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक का कहना है कि चेक डेम बनने के बाद वर्षा का पानी गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेती आसान और अधिक लाभकारी बनी है। वहीं किसानों का भी मानना है कि अब खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, समय पर सिंचाई मिल जाती है और फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह साबित करता है कि यदि वर्षा जल की हर बूंद को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए, तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

     

    ःः000ःः

                                                                                        दुर्ग  / "वाद से समाधान, मध्यस्थता से सम्मान और सौहार्द से सशक्त समाज का निर्माण" के मूल उद्देश्य को साकार करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के० विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी "Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India" स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा 25 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक पांच दिवसीय कम्यूनिटी मीडियेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के चतुर्थ तल स्थित नवीन सभागार में किया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 25 जुलाई 2026 को प्रातः 08:45 बजे आयोजित होने वाले भव्य उद्घाटन समारोह के साथ किया जाएगा।

    कम्यूनिटी मीडियेशन अर्थात् सामुदायिक मध्यस्थता ग्रामीण भारत में सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द एवं वैकल्पिक विवाद समाधान की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले सामाजिक, पारिवारिक, पड़ोसी, भूमि एवं अन्य सामुदायिक विवादों का न्यायालयों तक पहुँचने से पूर्व ही आपसी संवाद, सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" के निर्माण के संकल्प के साथ जिले के पांच ग्राम घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल का चयन किया गया है, जहाँ कम्यूनिटी मीडियेशन की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने एवं सामुदायिक मध्यस्थता तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएँ एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन ग्रामों से चयनित 15 कम्यूनिटी मीडियेटर्स इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे, जिन्हें Potential Trainers द्वारा कम्यूनिटी मीडियेशन की संपूर्ण प्रक्रिया, उसके व्यावहारिक पक्षों एवं विवाद समाधान के कौशलों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने हेतु मल्टी सेक्टोरियल एप्रोच (Multi-Sectoral Approach) को अपनाया गया है। इसके अंतर्गत राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जिला दुर्ग स्थित समस्त विधि महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs), स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी।

    दुर्ग में देर रात धरना स्थल हटाने की कार्रवाई के बाद फिर जुटे शिक्षक, कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का लगाया आरोप

    दुर्ग। प्रदेशभर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों और राज्य सरकार के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक ओर स्कूल शिक्षा संचालनालय ने सभी आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने का अंतिम अवसर (अल्टीमेटम) दिया है, वहीं दूसरी ओर दुर्ग में देर रात प्रशासन द्वारा धरना स्थल हटाने और आंदोलनकारियों को हटाए जाने की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया है।

    देर रात प्रशासन की कार्रवाई, सुबह फिर धरने पर लौटे शिक्षक

    जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात जिला प्रशासन और पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचकर वहां लगाए गए टेंट, बैनर और अन्य सामग्री को हटाया। इसके बाद आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों को वहां से हटाकर अस्थायी निवास स्थलों तक पहुंचाया गया। हालांकि गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक पुनः धरना स्थल पर पहुंचे और बारिश के बीच अपना आंदोलन जारी रखा।

    अरुण वोरा का हमला, बोले— संवाद छोड़ दमन का रास्ता अपनाया गया

    पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने प्रशासन की कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने वाले अतिथि शिक्षक अपनी आजीविका और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी मांगों का समाधान बातचीत और संवेदनशीलता से होना चाहिए था, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय पुलिस बल का सहारा लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी आंदोलन का समाधान दमन नहीं, बल्कि सार्थक संवाद और सहमति से निकाला जाना चाहिए।

    संचालनालय का स्पष्ट आदेश— 27 जुलाई तक लौटें, अन्यथा सेवा समाप्त

    स्कूल शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही हड़ताल के कारण सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक हित प्रभावित हो रहा है।

    आदेश के अनुसार यदि कोई अतिथि शिक्षक 27 जुलाई 2026 तक अपने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो वर्ष 2019 की अतिथि शिक्षक व्यवस्था के प्रावधानों के तहत उसकी सेवाएं समाप्त मानते हुए संबंधित विद्यालयों में नई नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। साथ ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं स्कूल प्रबंधन समितियों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

    शिक्षकों का रुख बरकरार

    आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों—नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, वेतनमान और मानदेय वृद्धि—पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय दबाव की नीति अपना रही है।

    शिक्षा व्यवस्था और राजनीति दोनों के लिए अहम मुद्दा

    सरकार विद्यार्थियों के हितों का हवाला देकर शिक्षकों से कार्य पर लौटने की अपील कर रही है, जबकि अतिथि शिक्षक अपने भविष्य और रोजगार सुरक्षा की मांग पर अडिग हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति का भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।

    शौर्यपथ विश्लेषण

    अतिथि शिक्षकों का आंदोलन ब केवल रोजगार का प्रश्न नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक निर्णयों और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन की परीक्षा बनता जा रहा है। यदि सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच शीघ्र संवाद स्थापित नहीं हुआ, तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश की सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

    Page 4 of 557

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision