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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/ पुलिस ने ‘‘मिशन साइबर सुरक्षा’’ के तहत एक और बड़ी कार्यवाही करते हुए इंटरनेशनल साइबर ठग गिरोह के एक सदस्य को मुंबई से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भारतीयों से ठगी कर क्रिप्टोकरेंसी (USDT) खरीदकर उसे कम्बोडिया स्थित चीनी ठगों तक भेजता था। आरोपी रोहित महेश कुमार वीरवानी को पुलिस ने मुंबई के जोगेश्वरी वेस्ट इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने भारतीय बैंक खातों का उपयोग कर 60 से अधिक खातों में करीब 5 करोड़ रुपए का लेन-देन किया। आरोपी रोहित महेश कुमार वीरवानी ने अपने साथी आरोपियों के साथ मिलकर भारत में विभिन्न बैंक खाते उपलब्ध कराए और उन खातों में ठगी की रकम प्राप्त होने के बाद, उसे एटीएम से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी (USDT) खरीदी। फिर, इस क्रिप्टोकरेंसी को अपने भारतीय और चीनी साथियों तक कम्बोडिया भेजा। साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में आरोपी को 10 फरवरी 2025 को मुंबई से गिरफ्तार किया गया और 11 फरवरी को राजनांदगांव लाकर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने भारतीयों से ठगी के लिए फर्जी निवेश कंपनियों जैसे SHADI.COM, ADONI One ग्रुप और CISCO के नाम से काम किया। पुलिस ने पहले भी इस गिरोह के चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें श्रेणिक कुमार सांघवी, शुभम तिवारी और दीपक नरेडी शामिल हैं। आरोपियों के अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी। राजनांदगांव पुलिस का कहना है कि ‘‘मिशन साइबर सुरक्षा’’ के तहत ऐसी कार्यवाहियां जारी रहेंगी, ताकि साइबर अपराधों पर कड़ी नकेल कसी जा सके।
संतों की उपस्थिति में राजिम कुंभ कल्प का भव्य शुभारंभ
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के पवित्र त्रिवेणी संगम, राजिम के तट पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प का गत दिवस भव्य शुभारंभ हुआ। राजिम में आयोजित इस 15 दिवसीय आयोजन के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि थे। मेले के शुभारंभ पर राज्यपाल सहित साधु-संतों और अतिथियों ने भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर स्थित यह पावन भूमि सदीयों से संतों और भक्तों का केंद्र रही है। राजिम कुंभ कल्प हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जो न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि समाज में एकता, समरसता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देता है।
राजिम का ऐतिहासिक महत्व बताते हुए राज्यपाल डेका ने कहा कि यह क्षेत्र भगवान राजीव लोचन मंदिर, कुलेश्वर महादेव, रामचंद्र पंचेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव और सोमेश्वर महादेव जैसे प्राचीन मंदिरों का धाम है। पंचकोशी यात्रा में पटेश्वर, चंपेश्वर, ब्रह्मनेश्वर, फणीश्वर और कोपेश्वर महादेव शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का राजिम कुंभ कल्प इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह उसी समय आयोजित हो रहा है जब प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन हो रहा है। प्रयागराज में जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है, वहीं राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर का संगम होता है। इसीलिए इसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहा जाता है।
डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि सदियों से धार्मिक पर्यटन और मेलों की समृद्ध परंपरा को संजोए हुए है। महामाया मंदिर, बम्लेश्वरी माता, दंतेश्वरी माई और मदकू द्वीप जैसे तीर्थस्थल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज और समुदाय को जोड़ने का माध्यम भी होते हैं। ये परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
राज्यपाल डेका ने साधु-संतों को नमन करते हुए कहा कि जहां संतों के चरण पड़ते हैं, वह भूमि स्वयं पवित्र हो जाती है। संतों का जीवन परोपकार और मानवता की सेवा के लिए समर्पित होता है। इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां संतों की कृपा से जीवन का परिवर्तन संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प न केवल अध्यात्म का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता को भी गति प्रदान करता है। लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां आकर न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी प्रसारित होता है।
राज्यपाल ने कहा कि यह मेला प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया कि हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजें और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं, क्योंकि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी असली पहचान है।
इस अवसर पर दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद जी महाराज, महंत साध्वी प्रज्ञा भारती जी महाराज, बालयोगेश्वर बालयोगी रामबालक दास जी महाराज, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल, साधु-संत, गणमान्य अतिथि एवं नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना होंगे। इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रातः 8:25 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेंगे और सुबह 9:40 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इसके बाद 11:15 बजे अरेल घाट और 11:30 बजे त्रिवेणी संगम पहुंचकर कुंभ स्नान एवं पूजन-अर्चन करेंगे।
मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे प्रयागराज स्थित छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचेंगे, जहां वे राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे।मुख्यमंत्री साय शाम 4:50 बजे प्रयागराज से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6:05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पहुंचेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ से कुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में छत्तीसगढ़ पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा और परिवहन की सुविधा दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी दानशीलता के लिए विख्यात समाजसेवी दाऊ कल्याण सिंह की 13 फरवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दाऊ कल्याण सिंह जी समाज के उत्थान के लिए समर्पित ऐसे प्रकाश स्तंभ थे जिनकी दानशीलता और उदारता सदैव प्रेरणा देती रहेगी। दाऊ कल्याण सिंह एक युगदृष्टा थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवा के लिए अद्वितीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दाऊ कल्याण सिंह ने अस्पताल, पुस्तकालय, कॉलेज, जलाशय जैसी जनहितकारी संस्थाओं के लिए कई एकड़ भूमि दान में दी। उनके इस योगदान के कारण प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर अनेक शिक्षण संस्थान और चिकित्सालय संचालित हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले दाऊ कल्याण सिंह जी का नाम सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाएगा। उनका जीवन हम सभी को सार्वजनिक हितों के लिए निस्वार्थ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेडियो संचार का एक प्रभावी, विश्वसनीय और जनहितकारी माध्यम है, जो आमजन को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के साथ-साथ लोक संस्कृति एवं लोकभाषा को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डिजिटल युग में भी रेडियो की प्रासंगिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेडियो न केवल आम जनता तक सरकार की योजनाओं और नीतियों को पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह दूर-दराज के गाँवों तक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। उल्लखेनीय है कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी छत्तीसगढ़ प्रवास के तहत रायपुर पहुंचे थे। इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में किसानों के हित में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सौरभ सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ / भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) की समीक्षा आज 12 फरवरी, 2025 को ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आर.ई.सी.) के सीएमडी श्री विवेक कुमार देवांगन ने की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में इस योजना के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति को उत्साहजनक माना। साथ ही दूसरे राज्यों के अनुभवों से सबक लेते हुए आगामी कार्यवाही में कतिपय सुधारों को अपनाने के सुझाव भी दिए। इस अवसर पर प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री सुनील कुमार जैन, प्रबंध संचालक डिस्कॉम श्री भीमसिंह कंवर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्रालय स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आरडीएसएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी जिसमें छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन समग्रता में श्रेष्ठ माना गया। इस बैठक में आर.ई.सी. की ओर से कार्यपालक निदेशक राहुल द्विवेदी,टी. चंद्रशेखर सखामुरी, प्रदीप फेलोस उपस्थित थे। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एमडी श्री भीमसिंह कंवर ने बिंदुवार जानकारियां उपलब्ध कराई। सुबोध सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष परिस्थितियों में आर.डी.एस.एस. के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया। लाइन लॉस कम करने, उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर की स्थापना, नवीनीकरण कार्य के साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति तथा संबंधित विषयों की चर्चा की गई। लाइन लॉस रिडक्शन में छत्तीसगढ़ की 41.35 प्रतिशत उपलब्धि को देश में चौथे नम्बर पर माना गया जो अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ 20 प्रतिशत उपलब्धि के साथ देश का तीसरा राज्य है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरडीएसएस का कार्य 2023 से शुरू हुआ है, जबकि दूसरे राज्यों में यह कार्य 2021 में शुरू हुआ था।
फीडरों में स्मार्ट मीटर लगाने से आए परिणामों के अंकेक्षण को सकारात्मक माना गया क्योंकि इससे राजिम फीडर में लाइन लॉस 66 से घटकर 15 प्रतिशत, रायपुर सिटी साउथ में 35 से घटकर 3 प्रतिशत, अंबिकापुर सिटी में 32 से घटकर 9.16 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़ में 21.88 से घटकर 6 प्रतिशत दर्ज हुआ है।
आर.ई.सी. के सीएमडी श्री विवेक कुमार देवांगन ने कहा कि अन्य राज्यों में आई समस्याओं का अध्ययन कर योजना के क्रियान्वयन में सुधार किया जा सकता है। स्मार्ट मीटरिंग और नेट मीटरिंग के बारे में व्यापक जनशिक्षा और जन-जागरूकता आवश्यक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उपभोक्ताओं को दिलाने वाले सुधारों का स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर क्रेडा के विशेष सचिव राजेश राणा, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव सुनील कुमार जैन (आई.ए.एस.) छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आर.ए. पाठक, वी.के. साय, श्री राजेंद्र प्रसाद, ए.एम. परियल, एन. बिंबिसार, जी.के. गंगवानी, मनोज कोसले, आशुतोष कुमार जायसवाल, नरेश बोहरा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया।
जिले के सभी 5 नगरीय निकाय क्षेत्रों के 120 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 75.77 रहा
67 हजार 194 पुरूष, 70 हजार 561 महिला एवं 3 तृतीय लिंग मतदाताओं ने किया मताधिकार का प्रयोग
राजनांदगांव /शौर्यपथ /नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के तहत जिले के नगर पालिक निगम राजनांदगांव अंतर्गत महापौर के 1 पद एवं वार्ड पार्षद के 51 पदों तथा नगर पालिका परिषद् डोंगरगढ़ अंतर्गत अध्यक्ष के 1 पद एवं वार्ड पार्षद के 24 पद, नगर पंचायत डोंगरगांव, छुरिया व लालबहादुर नगर अंतर्गत अध्यक्ष के 1-1 पद एवं वार्ड पार्षद के 15-15 पदों के लिए निर्वाचन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक मतदान संपन्न हुआ। मतदाताओं में मतदान के लिए अभूतपूर्व उत्साह और उल्लास रहा। नगरीय निकाय क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों में शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक मतदान संपन्न होने के बाद मतदान दलों की सकुशल वापसी हो गई है। मतदान संपन्न कराने के पश्चात देर शाम से ही मतदान दलों के वापसी का सिलसिला शुरू हो गया था और यह सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा। जिस स्थान से मतदान सामग्री का वितरण किया गया था, उसी स्थान पर मतदान सामग्री की वापसी हुई। मतदान दलों द्वारा मतदान सामग्री जमा करने के लिए सभी काउंटर्स में पर्याप्त तैयारी कर ली गई थी एवं मतदान दलों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था की गई थी।
जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के सभी 5 नगरीय निकाय क्षेत्रों के 120 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 75.77 रहा। जिसमें 76.73 प्रतिशत पुरूष, 74.88 प्रतिशत महिला एवं 60 प्रतिशत तृतीय लिंग के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सभी 5 नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 1 लाख 81 हजार 816 है, जिसमें से 1 लाख 37 हजार 758 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 87 हजार 574 पुरूष मतदाताओं में से 67 हजार 194 पुरूष मतदाताओं, 94 हजार 237 महिला मतदाताओं में से 70 हजार 561 महिला मतदाताओं एवं 5 तृतीय लिंग मतदाताओं में से 3 तृतीय लिंग मतदाताओं ने मतदान किया। मतगणना शनिवार 15 फरवरी 2025 को सुबह 9 बजे से कृषि उपज मंडी समिति के नवनिर्मित गोदाम में बनाए गए मतगणना केन्द्र में होगी।
नगर पालिक निगम राजनांदगांव अंतर्गत 51 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 74.06 रहा। जिसमें 75.16 प्रतिशत पुरूष, 73.03 प्रतिशत महिला एवं 100 प्रतिशत तृतीय लिंग के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगर पालिक निगम राजनांदगांव अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 1 लाख 35 हजार 151 है, जिसमें से 1 लाख 87 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 65 हजार 16 पुरूष मतदाताओं में से 48 हजार 867 पुरूष मतदाताओं, 70 हजार 133 महिला मतदाताओं में से 51 हजार 218 महिला मतदाताओं एवं 2 तृतीय लिंग मतदाताओं में से 2 तृतीय लिंग मतदाताओं ने मतदान किया।
नगर पालिका परिषद् डोंगरगढ़ अंतर्गत 24 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 77.85 रहा। जिसमें 78.06 प्रतिशत पुरूष, 77.65 प्रतिशत महिला एवं 33.33 प्रतिशत तृतीय लिंग के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगर पालिका परिषद् डोंगरगढ़ अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 28 हजार 40 है, जिसमें से 21 हजार 828 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 13 हजार 585 पुरूष मतदाताओं में से 10 हजार 605 पुरूष मतदाताओं, 14 हजार 452 महिला मतदाताओं में से 11 हजार 222 महिला मतदाताओं एवं 3 तृतीय लिंग मतदाताओं में से 1 तृतीय लिंग मतदाता ने मतदान किया।
नगर पंचायत डोंगरगांव अंतर्गत 15 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 81.31 रहा। जिसमें 82.74 प्रतिशत पुरूष एवं 79.97 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगर पंचायत डोंगरगांव अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 11 हजार 942 है, जिसमें से 9 हजार 710 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 5 हजार 765 पुरूष मतदाताओं में से 4 हजार 770 पुरूष मतदाताओं एवं 6 हजार 177 महिला मतदाताओं में से 4 हजार 940 महिला मतदाताओं ने मतदान किया।
नगर पंचायत छुरिया अंतर्गत 15 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 93.13 रहा। जिसमें 92.93 प्रतिशत पुरूष एवं 93.31 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगर पंचायत छुरिया अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 3 हजार 72 है, जिसमें से 2 हजार 861 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 1 हजार 442 पुरूष मतदाताओं में से 1 हजार 340 पुरूष मतदाताओं एवं 1 हजार 630 महिला मतदाताओं में से 1 हजार 521 महिला मतदाताओं ने मतदान किया।
नगर पंचायत लालबहादुर नगर अंतर्गत 15 वार्डों में मतदान का प्रतिशत 90.61 रहा। जिसमें 91.28 प्रतिशत पुरूष एवं 89.97 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नगर पंचायत लालबहादुर नगर अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 3 हजार 611 है, जिसमें से 3 हजार 272 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 1 हजार 766 पुरूष मतदाताओं में से 1 हजार 612 पुरूष मतदाताओं एवं 1 हजार 845 महिला मतदाताओं में से 1 हजार 660 महिला मतदाताओं ने मतदान किया।
नगरीय निकायों में बनाए गए स्ट्रांग रूम में की गई है कड़ी सुरक्षा
बालोद/शौर्यपथ /नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत जिले के सभी 08 नगरीय निकायों में 11 फरवरी को शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ। जिसके पश्चात् मतदान दलों की सामग्री जमा केंद्र में सफलतापूर्वक वापसी हुई। जिले के सभी नगरीय निकायों में मतदान सामग्रियों यथा ईवीएम मशीन एवं बैलेट यूनिट को सुरक्षित रखने स्ट्रांग रूम बनाया गया है। जहाँ कल मतदान पश्चात् सामग्रियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। सभी स्ट्रांग रूम को मुहरबंद कर कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
रिसाली/शौर्यपथ /रिसाली निगम क्षेत्र के तालााबों को संवारने हर रोज 5-6 घंटे की कवायद की जा रही है। नियमित दर्जनभर कर्मचारियों के अलावा 6 मछुआरों की मदद से जलीय पौधों को बाहर निकाला जा रहा है। तालाबों को सहेजने मार्च तक अभियान चलाया जाएगा।
कल्याणी मंदिर और शीतला तालाब वर्तमान में गंदगी से अटा पड़ा है। लोग विसर्जन कुंड की जगह तालाब के साफ पानी में पूजन सामाग्री का विसर्जन कर रहे है। इसके अलावा दोनो ही तालाब में जलीय पौध फैल चुका है। जलीय पौध और विसर्जीत सामाग्री को तालाब से बाहर निकालने का कार्य हर दिन 5-6 घंटे तक किया जा रहा है। सफाई कार्य का निरीक्षण आयुक्त मोनिका वर्मा ने की। उन्होंने इस दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि गंदगी फैलाने वालों पर कार्यवाही करे।
पार्षदों की बैठक
दरअसल कल्याणी मंदिर तालाब में लक्ष्मीनगर एवं टंकी मरोदा के दोनो वार्डवासी निस्तारी करते है। दोनो वार्ड के नागरिक तालाब पर आश्रीत है। यही वजह है कि तालाब को संवारने और उसे सुरक्षित करने आयुक्त ने पार्षद विलास बोरकर, विधि यादव और सरिता देवांगन के साथ गुरूवार को बैठक करेंगी।
दोनो तालाब में घासकार मछली का पालन
दोनो ही तालाब की सतह में जलीय घास का जाल बिछ चुका है। इस वजह से पानी में काई जमने की शिकायत है। आयुक्त ने घास को पूर्ण रूप से खत्म करने घासकार मछली छोड़ने के निर्देश दिए है।
आयुक्त ने की अपील
निगम आयुक्त मोनिका वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि तालाब का उपयोग केवल निस्तारी के लिए करे। तालाब सूरक्षित होने से भूजल स्तर भी बढ़ेगा। तालाब में किसी तरह का पूजन सामाग्री को न छोड़े।
सीएम ने आमंत्रण स्वीकार कर लगातार आयोजन के लिए दी बधाई
भिलाई/शौर्यपथ / इस साल भिलाई में निकलने वाली बाबा की बारात में सीएम विष्णुदेव साय शामिल हो सकते हैं। भिलाई में उनका दौरा तय माना जा रहा है। क्योंकि उन्होंने आयोजक दया सिंह को कह दिया है कि वे बाबा की बारात का हिस्सा बनने आएंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उस समय दया सिंह का भिलाई आने का आश्वासन दिया जब दया सिंह ने बाबा की बारात का आमंत्रण पत्र मुख्यमंत्री को दिया। आमंत्रण स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण कार्ड को देख प्रसन्नता जाहिर की और लगातार आयोजन के लिए बधाई दी।
ज्ञातव्य हो कि हर साल महाशिवरात्रि के दिन बोल बम सेवा एवं कल्याण समिति की ओर से बाबा की बारात निकाली जाती है। यह आयोजन का 17वां वर्ष है और इस साल आगामी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है, इसलिए इस बार 26 फरवरी को बाबा की बारात निकलेगी। दया सिंह ने कहा कि, सीएम साय पहले से इस आयोजन से जुड़े हुए हैं। जब वे केंद्रीय मंत्री, सांसद और संगठन के शीर्ष पदों पर
विराजमान थे तब भी वे बाबा की बारात में आते थे। इस साल सीएम बनकर मुख्यमंत्री रहते हुए बाबा की बारात में शामिल होंगे।
भिलाई/शौर्यपथ / दल्ली राजहरा से भिलाई मेंं अपनी बेटी से मिलने आए पिता होटल आशीष पार्क के कमरा नंबर 104 में मृत मिला। बेटी के ससुराल में मुलाकात के बाद वह होटल में रुका था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। छावनी पुलिस मामले की जांच कर रही है। छावनी थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर ने बताया कि पावर हाउस में आशीष पार्क होटल से सोमवार दोपहर 3:30 बजे सूचना मिली कि कमरा नंबर 104 में एक व्यक्ति 3 दिन से ठहरा था। वो अंदर से दरवाजा नहीं खोल रहा है। इसके बाद पुलिस की टीम होटल पहुंची। होटल के मैनेजर ने बताया कि जो आदमी ठहरा है
उसने अंदर से रूम का दरवाजा बंद कर लिया है। पेट्रोलिंग टीम ने जब कमरा नंबर 104 का दरवाजा खुलवाया तो देखा कि एक बुजुर्ग बिस्तर पर मृत पड़ा है। तलाशी लेने पर पता चला कि वह दल्ली राजहरा पुराना बाजार निवासी रामकृष्ण साहू (62 वर्ष) है। परिजनों ने बताया कि रामकृष्ण की बेटी की शादी बैकुंठधाम छावनी भिलाई में हुई है। वो अपने बेटी से मिलने उसकी ससुराल पहुंचा था। बेटी के घर जाकर उससे मिला। बेटी से मिलकर निकला तो कुछ समय बाद फोन पर उसे बताया कि वो आशीष पार्क होटल में रुक गया है। परिजनों ने बताया कि रामकृष्ण साहू ने इससे पहले दो बार कीटनाशक दवा खा
ली थी लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे देख लिया तो उसकी जान बच गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चलेगा।
ग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।
इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा, मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका 12 फरवरी को करेंगे शुभारंभ
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध राजिम में राजिम कुंभ कल्प 2025 की भव्य तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। यह माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक, 12 फरवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका 12 फरवरी को इस पवित्र आयोजन का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर देशभर से प्रख्यात संत-महापुरुषों की उपस्थिति इस महाकुंभ को दिव्यता प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक समृद्धि, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित होता है। इस वर्ष के कुंभ में विशेष रूप से भव्य संत समागम, सत्संग दरबार, भागवत कथा तथा राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
