August 21, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6098)

    एसीआई में कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए उपचार सुविधा की शुरुआत
    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की
    रायपुर /शौर्यपथ /पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में  दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है।
       इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है।
     स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं।
    केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया।
     क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया
    कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है।

    30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत , फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट
    स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।
     इस अधिसूचना के तहत 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे  ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कमियों को दूर करना  होगा।
    1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी।
    30 बिस्तर से अधिक अस्पतालों को लाइसेंस प्राप्त करने हेतु सभी नियमों का पूर्ववर्त पालन करना होगा परंतु उन्हें फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट दी गई है । इसके  लिए उन्हें अलग से नियमों का पालन करना होगा।
    नियमों की सरलीकरण से क्लीनिक 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को अब पंजीयन कराने में काफी आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और राज्य के लोगों को पहले से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

     सही जवाब देकर खूब उपहार भी बटोरे
    कटोरा तालाब के उद्यान में आज होगा तीसरा इवेंट
     रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सफल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरे हो गए हैं । जनसंपर्क विभाग द्वारा  खुशहाल एक साल इवेंट के ज़रिए छत्तीसगढ़ सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं को राजधानी रायपुर के लोगों के बीच पहुंचाया जा रहा है । मनोरंजन , गेम्स , हंसी मज़ाक के माहौल में लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही और इस बीच सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं संबंधी प्रश्न भी रोचक ढंग से पूछे जा रहे हैं । सही जवाब देने पर उन्हें आकर्षक गिफ्ट वाउचर्स , उपहार  भी दिए जा रहे हैं । योजनाओं की सही जानकारी और उस पर से सही जवाब देने पर मिलने वाले उपहार से लोगों के उत्साह में चार चांद लग रहा है । रविवार 15 दिसंबर मैग्नेटो मॉल से शुरू हुए खुशहाल एक साल इवेंट के सिलसिले की कड़ी में मंगलवार 17 दिसंबर को दूसरा कार्यक्रम तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव में किया गया । शाम की गुलाबी ठंड में मरीन ड्राइव पे वॉक करने , फ़ूड और गेम जोन में आनेवाले सैकड़ों लोगों ने इवेंट शुरू होने पर रुक कर इसका भरपूर आंनद लिया । कोई खड़े खड़े , कोई तालाब किनारे बैठकर , तो कोई कुर्सी में बैठकर इवेंट का लुत्फ उठाता रहा । बच्चे , बड़े , बुजुर्ग , युवा सबने ख़ुशहाल एक साल इवेंट में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना , नियद नेल्ला नार योजना , औद्योगिक विकास नीति , बस्तर पर्यटन कॉरिडोर , बढ़ती विमान सेवाएं , अधोसंरचनात्मक विकास के कार्यों को दिल से सराहा ।
    आज बुधवार को इसी कड़ी में कटोरा तालाब के उद्यान में शाम 6.30 बजे से खुशहाल एक सवाल इवेंट आयोजित किया जाएगा।

    रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी
    पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999
    सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानें
       रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।
    इसी कड़ी में रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इन तीनों शहरों को जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवा का संचालन 19 दिसंबर, 2024 से शुरू होने जा रहा है।
        रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली नई उड़ानें सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। यह नई सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि इंटरसिटी यात्राओं को एक आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार के अवसरों और क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इन शहरों में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यात्री विमान सेवा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस नई उड़ान सेवा का शुरुआती किराया मात्र 999 रूपए रखा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए  www.flybig.in  पर सम्पर्क किया जा सकता है।

      रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर शासन की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति नागरिकों को जागरूक करने जनसंपर्क विभाग द्वारा  मरीन ड्राइव, तेलीबांधा, रायपुर में 17 दिसंबर को खुशहाल एक साल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । यह कार्यक्रम शाम 6.30 बजे  से रात 9.30 बजे तक होगा जिसमें विभिन्न तरह की मनोरंजक गतिविधियों और गेम्स का आयोजन भी होगा। इसमें प्रत्येक आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं । कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पूछे गए रोचक प्रश्नों का सही उत्तर देने पर तत्काल गिफ्ट/गिफ्ट वाउचर मौक़े पर ही दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की दी बधाई  
        रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूर्णतया समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध है
    हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है
    CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे
    इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बीजापुर में सुरक्षाबलों की गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की
    श्री अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया
       रायपुर/शौर्यपथ/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक उपस्थित थे।
    समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा।
    बैठक के बाद अपने समापन संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने बहुत अच्छे और समन्वित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है। श्री शाह ने कहा कि मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभी हमें काफी काम करना बाकी है और इसमें NIA की बहुत प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे।
    इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बीजापुर में गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
    श्री अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे मार्च, 2026 तक देश को पूरी तरह से इस समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।

    छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश के उल्लंघन पर मिल परिसर को किया गया सील

    रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य विभाग की टीम द्वारा आज रायपुर, धमतरी, महासमुंद और राजनांदगांव जिले में स्थित राईस मिलों का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें आर.टी. राईस मिल (प्रो. प्रमोद जैन) के परिसर पर विधिक कार्यवाही की गई।आर.टी. राईस मिल द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराने के उपरांत भी अनुमति एवं अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया गया है। शासकीय धान का उठाव नहीं किया जा रहा है। मिल परिसर में 390 क्विंटल उसना चावल एवं 1200 क्विंटल धान फ्री सेल प्रयोजन हेतु पाया गया, जो कि प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। मिल परिसर को सील कर धान एवं चावल को जब्त कर लिया गया है। जांच दल में तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे, नायब तहसीलदार श्री राजेन्द्र चन्द्राकर, सहायक खाद्य अधिकारी श्रीमती बिन्दु प्रधान सम्मिलित थे।
       इसके अतिरिक्त जिला महासमुंद में श्रीवास्तव राईस मिल, नारायण राईस मिल, माँ लक्ष्मी राईस मिल, जिला धमतरी में आकांक्षा राईस मिल, जिला राजनांदगांव में अतुल राईस मिल में जांच टीम द्वारा दबिश दी गई है एवं नियमानुसार जांच किया जा रहा है।

    केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका की ओर छत्तीसगढ़
    रायपुर /शौर्यपथ /केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राज्य में श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता को दोहरा लाभ मिल रहा है| प्रधानमंत्री जी ने जिस संकल्प के साथ विकसित भारत की प्रतिबद्धता जाहिर की उसी लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ में भी जनहित कार्यों का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है| साय सरकार में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता के तीन कार्यस्तम्भ के जरिए लोगों तक सुशासन का संदेश जा रहा है|
    प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का छत्तीसगढ़ को भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में छत्तीसगढ़ लगातार अग्रणी भूमिका की ओर बढ़ रहा है| जिनमें पीएम आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाएं शामिल हैं|
    प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से पूरे देश में सर्वाधिक 8.46 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य मिला है| मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति के साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सर्वे के पात्र 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को भी पक्का मकान दिया जाएगा| छत्तीसगढ़ में अब तक पीएम आवास योजना ग्रामीण में 1 लाख 74 हजार 585 हितग्राहियो को उनका आवास मिल चुका है|
    प्रदेश में पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को पीएम जनमन योजना का भी लाभ मिल रहा है| इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों के 24 हजार 542 परिवारो को आवास की स्वीकृति मिल चुकी है| प्रदेश में केंद्र सरकार के द्वारा 1 हजार 699 करोड़ की स्वीकृति से 2 हजार 449 किलोमीटर की 715 सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा, जिनसे 777 पीव्हीटीजी बसाहटें लाभान्वित होगी|
    स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल रही है| प्रदेश में लोगों को गुणवत्तापूर्ण आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ मिल रहा है, इस उपलब्धि के लिए भारत द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्य के 266 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन भी दिया है| छत्तीसगढ़ में 11 लाख 20 हजार से ज्यादा मरीज आयुष्मान कार्ड से लाभान्वित हुए हैं| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिसम्बर 2023 से नवम्बर 2024 तक 883 संविदा पदों पर नियुक्ति भी दी गई है।
    डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार भी डबल हो गई है| प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित दूरस्थ इलाको में 103 किलोमीटर लम्बाई की सड़कें बन चुकी हैं, इनमें 616 सड़कों के नवीनीकरण का कार्य भी जारी है| जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रूपए के प्रावधान के साथ ही छत्तीसगढ़ के 50 लाख परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए 40 लाख परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचा दिया गया है|
    इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 11 हजार करोड़ रूपए की मंजूरी भी मिल चुकी है| उरगा-कटघोरा बाईपास, बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन इकॉनोमिक कॉरिडोर के लिए भी केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है, 236.1 किलोमीटर की कुल लम्बाई वाले इस कॉरिडोर को 9208 करोड़ रूपए की लागत बनाया जाएगा| केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ में 20 हजार करोड़ रूपए के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी है|
    मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 240 ई-बसों की स्वीकृति भी मिली है, ये बसें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई में चलेंगी| इस सुविधा से आमलोगों को सस्ती दर में परिवहन की सुविधा मिलेगी|
    छत्तीसगढ़ के किसानों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का दोहरा फायदा पहुंच रहा है, किसान अपनी सुविधा से अधिकतम 5 लाख तक अल्पकालीन कृषि ऋण भी ले सकते हैं| मोदी जी की गारंटी पर मुख्यमंत्री की पहल से छत्तीसगढ़ के किसानों को उनके धान का देश में सबसे उच्चतम मूल्य मिल रहा है|

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision