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राज्य सरकार गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा प्रकाशित ”गाय - धर्म और विज्ञान” पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय को इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पुस्तक में गाय के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को बताया गया है। पूरे देश में 4 जनवरी 2025 को गौ-विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के लगभग सवा लाख स्कूली छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गौमाता के महत्व से बच्चों को परिचित कराने के लिए आयोजित की जा रही इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने राज्य के 125 गौशालाओं को चारे के लिए दी जा रही अनुदान राशि प्रति गाय 25 रुपए से बढ़ाकर 35 रूपए करने की घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयोग का गठन किया है। राज्य सरकार ने गौ धाम बनाने तथा गौमूत्र और गोबर के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि घर-घर इस पुस्तक के निःशुल्क वितरण से लोगों में गौ माता के प्रति जागरुकता आएगी। इस अवसर पर गाय धर्म और विज्ञान पुस्तक की संकलनकर्ता- संपादक श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अब पर्यटन वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक जगहों की मिलेगी जानकारी
वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं और उसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। अब देशभर के पर्यटन प्रेमी जशपुर की हरी-भरी वादियों की जानकारी के लिए पर्यटन वेबसाइट www.easemytrip.com का उपयोग कर सकते हैं। जशपुर पर्यटन वेबसाइट में शामिल होने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अब पर्यटन वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक जगहों की जानकारी आसानी से मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा है कि वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र को समृद्ध बनाने हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जशपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के क्षेत्र में अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित जशपुर जिला शहरी जीवन शैली से और भागदौड़ की जिंदगी से सुकून का अहसास दिलाता है। प्रकृति को नजदीक से जानने के लिए जशपुर एक आदर्श स्थान है। चाहे वह हरे-भरे चाय बागान हो , रॉक क्लाइम्बिंग का रोमांच हो, आदिवासी समुदायों की जीवंत परंपराओं को नजदीक से जानना हो, जशपुर हर यात्री के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। अपने मनमोहक परिदृश्य, ठंडी जलवायु और आदिवासी संस्कृति, रीति रिवाज, रहन-सहन, खान-पान, पारंपरिक व्यंजन और आत्मीयता से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ, जशपुर एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है जो यात्रा के बाद लंबे समय तक पर्यटकों के साथ रहता है। जशपुर में रूकने के लिए एक सुंदर और आकर्षक सुविधा युक्त सरना एथनिक रिज़ॉर्ट है। जशपुर में दमेरा, देशदेखा, चाय बगान, सोगड़ा आश्रम, रानीदाह, बगीचा विकास खंड में कैलाश गुफा, खुडियारानी,राजपुरी ,दनगरी , मकरभंजा , कुनकुरी विकास खंड में एशिया का सबसे दूसरा बड़ा चर्च, मधेश्वर पहाड़ सबसे बड़ा शिवलिंग, मयाली नेचर कैम्प आदि बहुत सारे पर्यटन स्थल का आनंद लिया जा सकता है।
अटल विहार योजना से जरूरतमंदों को किफायती दर पर आवास होगा उपलब्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बनाए जाएंगे 1650 आवास
ई.डब्ल्यू.एस. भवनों में 80,000 रुपए एवं एल.आई.जी. भवनों में 40,000 रुपए की सब्सिडी राज्य शासन द्वारा मिलेगी
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'सभी के लिए आवास' की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में "अटल विहार योजना" के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 7 आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार के एक वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा अटल विहार योजना प्रारंभ की जा रही है ताकि जरूरतमंदों को विशेष रूप से शहरी क्षेत्र के लोगों को किफायती दर पर मकान उपलब्ध कराए जा सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिन आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया उनके तहत 07 विभिन्न स्थानों पर भूरकोनी -रायपुर, पथर्रा - राजिम, खरतुली - धमतरी, सिहाद - धमतरी, पुलगांव - दुर्ग, गुरूर - बालोद, एवं कोकड़ापारा - बीजापुर में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणी के आवास बनाए जाएंगे। लगभग 300 करोड रुपए की लागत की इन परियोजनाओं के तहत 1650 मकान बनाए जाएंगे, इनमें ई.डब्ल्यू.एस. और एल.आई.जी. श्रेणी के 1452 आवास तथा एम.आई.जी. श्रेणी के 200 आवास बनाए जाएंगे। हितग्राही भवनों का ऑनलाईन पंजीयन वेबसाईट (www.cghb.gov.in) के माध्यम से घर बैठे कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हर शहरी गरीब परिवारों को आवास मिले, इस उद्द्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। इससे प्रेरणा लेते हुए हमारी राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों एवं विकासखंड में रह रहे आवासहीन अथवा कच्चे भवन के स्थान पर किफायती एवं पक्के छत युक्त आवास उपलब्ध कराने के लिए 'अटल विहार योजना" प्रारंभ की है, जिसके तहत हाउसिंग बोर्ड द्वारा 50,000 भवनों का निर्माण कर आबंटन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल विहार योजना के लिए हाउसिंग बोर्ड को एक रूपये प्रति वर्ग फुट पर शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जा रही है इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये है। इस योजना में पूर्व में घोषित अनुदान को जारी रखते हुए ई.डब्ल्यू.एस. भवनों में 80,000 रुपए एवं एल.आई.जी. भवनों में 40,000 रुपए अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है।
वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि अटल विहार योजना के तहत आवासों का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाएगा। इस योजना के तहत राजधानी रायपुर के साथ - साथ दूरस्थ बीजापुर जिले में भी मकान बनाए जाएंगे। जल्द ही यह योजना सभी जिलों में शुरू होगी।
हाउसिंग बोर्ड द्वारा नियमित भवनों को फ्री-होल्ड करने की योजना वर्ष 2012 में प्रारंभ की गई। इस योजना में राज्य के लोगों की मांग को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार द्वारा अभी हाल ही में 26 नवम्बर 2024 को आयोजित कैबिनेट की बैठक में फ्री-होल्ड किये जा रहे भवनों में डायवर्सन शुल्क एवं पेनाल्टी में शत प्रतिशत छूट प्रदान की गई है, इससे हाउसिंग बोर्ड के लगभग 80 हजार हितग्राहियों को राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसव राजू एस., आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री कुंदन कुमार सहित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
युवाओं को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के नवीन भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, श्री रविशंकर जी महाराज और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों और अत्याधुनिक क्लासरूम का अवलोकन किया और यहां मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने एनाटॉमी म्यूजियम, डिसेक्शन हॉल, लैब, कम्युनिटी मेडिसीन डिपार्टमेंट सहित कई अन्य विभागों में अध्ययन-अध्यापन का कामकाज देखा। मेडिकल कॉलेज के भ्रमण के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि यहाँ अत्याधुनिक तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे ।
उल्लेखनीय है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च में मेडिकल की पढ़ाई के लिए 150 सीट उपलब्ध है। इस वर्ष से ही मेडिकल कॉलेज का प्रथम सत्र प्रारंभ हुआ है।
श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 650 बिस्तरीय अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हॉस्पिटल में नवीन सीटी स्कैन, एमआरआई यूनिट, डायलीसिस यूनिट और आपातकालीन चिकित्सा यूनिट का शुभारंभ किया।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि नई सुविधाओं के द्वारा मरीजों को सटीक और त्वरित उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल न केवल क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आसपास के मरीजों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से जटिल बीमारियों का पता लगाने और इलाज करने में सहूलियत होगी। इमरजेंसी यूनिट का शुभारंभ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाएगा।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
एमबीबीएस के नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने ली चिकित्सा आचार संहिता की शपथ
मुख्यमंत्री श्री साय व्हाइट कोट सेरेमनी में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ / सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को मरीजों की सेवा के इस कार्य से जुड़ने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू और श्री रविशंकर जी महाराज सहित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश कर रहे छात्र-छात्राओं को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल साइंस युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन सबसे अमूल्य निधि है और आप लोग अच्छे इलाज से लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर को भगवान की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरे सेवाभाव के साथ अपना कार्य करें, इससे जो दुआएं मिलेंगी, उससे आपके जीवन में और भी सुख-समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान अंबेडकर अस्पताल के विस्तार और 700 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए 231 करोड़ रुपए जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के तैयार हो जाने के बाद अंबेडकर अस्पताल की क्षमता 2 हजार मरीजों की हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीट भी बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्रीरोग तथा चर्मरोग की पीजी सीट आरंभ करने के निर्णय की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही यहां निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और होनहार डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन का जितना विस्तार हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था, इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ को एम्स की सौगात दी, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे सांसद रहने के दौरान दिल्ली स्थित मेरा आवास जैसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही आज प्रदेश के मुखिया होने के नाते कुनकुरी सदन के माध्यम से सेवा का यह कार्य आज भी लगातार जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी अच्छे डॉक्टर बनेंगे। इस व्यवसाय में सेवा प्राथमिक है, रोजगार का स्थान बाद में आता है। आप सभी सेवा मानकर इस व्यवसाय से जुड़ेंगे तो प्रदेश को सदैव इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थानों की स्थापना से सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में भी बड़ा सहयोग मिलेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आधोसंरचनाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की।
वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश कर रहे आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आपका योगदान होगा। हमारे युवाओं का डंका राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर बज रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम नवा रायपुर को सर्विस सेक्टर के ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेंगे। हमारी सरकार हेल्थ केयर डेस्टिनेशन के रूप में रायपुर को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने बालक-बालिका छात्रावास भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के वाइट कोर्ट सेरेमनी के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने छात्रावास भवन के लिए मेडिकल के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी।
गौरतलब है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस के छात्र- छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है, जिसमें 120 सीट बालिकाओं तथा 100 सीट बालकों के लिए बनाया गया है।
युवाओं को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के नवीन भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, श्री रविशंकर जी महाराज और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों और अत्याधुनिक क्लासरूम का अवलोकन किया और यहां मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने एनाटॉमी म्यूजियम, डिसेक्शन हॉल, लैब, कम्युनिटी मेडिसीन डिपार्टमेंट सहित कई अन्य विभागों में अध्ययन-अध्यापन का कामकाज देखा। मेडिकल कॉलेज के भ्रमण के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि यहाँ अत्याधुनिक तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे ।
उल्लेखनीय है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च में मेडिकल की पढ़ाई के लिए 150 सीट उपलब्ध है। इस वर्ष से ही मेडिकल कॉलेज का प्रथम सत्र प्रारंभ हुआ है।
श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 650 बिस्तरीय अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हॉस्पिटल में नवीन सीटी स्कैन, एमआरआई यूनिट, डायलीसिस यूनिट और आपातकालीन चिकित्सा यूनिट का शुभारंभ किया।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि नई सुविधाओं के द्वारा मरीजों को सटीक और त्वरित उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल न केवल क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आसपास के मरीजों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से जटिल बीमारियों का पता लगाने और इलाज करने में सहूलियत होगी। इमरजेंसी यूनिट का शुभारंभ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाएगा।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीदों और राष्ट्र सेवा में समर्पित सैनिकों को किया नमन
मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में दिया योगदान
प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीदों और देश की सेवा में जुटे सभी सैनिकों को नमन करते हुए कहा है कि यह दिन हमें अपने देश के उन वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र हैं और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से देश की सेनाओं, भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अधिक से अधिक योगदान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र झंडा सेना दिवस हमें याद दिलाता है कि हम अपने वीर-जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सभी झंडा-दिवस में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं। झंडा-दिवस पर जो भी धनराशि एकत्रित की जाती है, वह हमारे सैनिकों और उनके परिवारों की कल्याण योजनाओं में काम आती है। आप सबसे मेरा आग्रह है कि आप भी इसमें सहभागी बनें और राष्ट्र-सेवा में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री साय से आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर संचालक, सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़, ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें लेपल पिन लगाकर सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ साथ प्राकृतिक आपदाओं, आतंरिक संकटों और मानवता के किसी भी संकट के समय हमारे साथ खड़ी रहती हैं। हमारे सैनिकों की वीरता और समर्पण ने देश को हर परिस्थिति में सुरक्षित बनाए रखा है। ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि से 27 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। इस वर्ष इस निधि से एक करोड़ 5 लाख रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत सैनिकों और शहीदों के परिवारों को वितरित की गई है।
संविदा भर्ती के 47 विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु दिए आदेश पत्र
रायपुर/शौर्यपथ / प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकत्सालय जीपीएम में 20 बिस्तरीय आईसोलेशन सह पीडियाट्रिक वार्ड का लोकार्पण और भारतीय जन औषधि केन्द्र का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती के 47 विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु आदेश पत्र दिए। उन्होंने सभी लोगों को भारत को टी. बी. मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई। संविदा भर्ती के पदों में स्टॉफ नर्स एनआरसी, नर्सिंग ऑफिसर एनएचएमपी, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर (मनोरोग नर्स), साइकोलॉजिस्ट-क्लिनिकल, द्वितीय एएनएम, एएनएम (आरबीएसके), डेंटल असिस्टेंट, ब्लॉक सुपरवाइजर (वीबीडी), एसटीएस, ओटी टेक्निशियन, लैब सहायक, नर्सिंग अधिकारी, जूनियर सचिवीय सहायक (एनएचएम), सचिवीय सहायक (आईडीएसपी), जूनियर सचिवीय सहायक (एनसीडी), जिला डाटा सहायक एवं सचिवीय सहायक (एनएचएम) के पद शामिल है।
धान खरीदी के एवज में 6.80 लाख किसानों को 6807.82 करोड़ रूपए का भुगतान
शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर 0771-2425463
समिति में ऑपरेटर के माध्यम से भी टोकन आवेदन कर सकते हैं किसान
विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और प्रति बारदाना 25 रूपए का भुगतान
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 6.80 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 6807 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 6 दिसम्बर को 66181 किसानों से 2.95 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 76378 टोकन जारी किए गए थे।
राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्यओं का समाधान कर सकते है।
समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है।
किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए
भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है।
धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
