August 21, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6098)

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर श्री नड्डा का किया स्वागत
       रायपुर/शौर्यपथ /केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी एवं श्री किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।

        रायपुर / शौर्यपथ / केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 13 दिसम्बर को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय मंत्री नड्डा दोपहर 3 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचेंगे और वहां से सीधे साइंस कॉलेज मैदान जाएंगे, जहां वे जनादेश परब कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात शाम 4.55 बजे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे। केन्द्रीय मंत्री नड्डा शाम 6.40 बजे पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास के निवास जांएगे। इसके बाद वे 7.40 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचेंगे और दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    एक वर्ष में मोदी की गारंटी के सभी बड़े वादे पूरे
    प्रदेश की जीडीपी को वर्ष 2028 तक दस लाख करोड़  तक पहुंचाने का लक्ष्य
    सबकी सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को करेंगे साकार
    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में विश्वास को कायम करने की थी। अब अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने जनता के विश्वास को कायम रखा है। श्री साय आज सरकार के एक वर्ष पूर्ण होनेे के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संबोधित कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है।  विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के अनेक नये आयाम स्थापित किए हैं। हमने बीते एक साल को विश्वास का वर्ष घोषित किया है। वास्तव में प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष का समय विश्वास के संकट का समय था। पूर्ववर्ती सरकार ने ‘जन घोषणा पत्र’ में किए गए लगभग सभी वादों से मुकरते हुए न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए ही भरोसे का संकट पैदा कर दिया था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में इस विश्वास को कायम करने की थी। अब एक वर्ष पूरे होने पर जब आपके माध्यम से जनता के समक्ष हमारी पूरी सरकार रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रस्तुत हुई है, तो मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने इस विश्वास की बहाली की है। हमें प्रदेश की महतारी-बहनों को, किसानों को, युवाओं को, आवास से वंचित कर दिए गए कमजोर वर्ग के लोगों से किए वादे को पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से वादा किया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम प्रदेश में सुशासन की स्थापना करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करेंगे। सरकार बनते ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्परता के साथ कार्यवाही की। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारा सारा ध्यान जनता के विश्वास को बहाल करने पर था। अब इसी विश्वास की नींव पर छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि रूपी शिखर का निर्माण करना है। हम छत्तीसगढ़ को विकसित बना कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में योगदान देने परिश्रम की पराकाष्ठा कर दिन-रात जुटे रहेंगे। आगामी 1 नवंबर 2025 को हम प्रदेश स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे। हमने वर्ष 2028 तक प्रदेश की जीडीपी को दस लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
    किसानों, गरीबों और महिलाओं से वादा पूरा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। हमने अपने वादे के मुताबिक किसान बंधुओं को दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए तीन माह के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है।
    पीएससी पर लौटा युवाओं का विश्वास
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करके शिक्षा को रोजगार परक बनाया है। राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश की 13 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। हमने प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की।इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।
    सुशासन की स्थापना
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया है। हमारा प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए हम तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिक में अथवा एक फोन कॉल में उनके काम हो जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं।
    जनजातीय क्षेत्रों में नई सुविधाएं
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अम्बिकापुर के हवाई अड्डे से भी अब हवाई सेवा की शुरूआत हो गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है।
    बैगा, गुनिया, सिरहा के लिए सम्मान निधि
    जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा को सालाना पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की है।जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना शुरू की गई है। जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा नायकों की स्थान-स्थान पर प्रतिमाएं लगाने का निर्णय भी हमने लिया है।
    बस्तर में पर्यटन सुविधाओं का विकास
    बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह बड़ी उपलब्धि है कि कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास ने अब विश्व पर्यटन के नक्शे पर जगह बना ली है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने इस गांव में पर्यटन के विकास के लिए इसे दुनिया के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गठन से भी राज्य में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। सरगुजा में मधेश्वर पहाड़ को विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है।
    श्री रामलला दर्शन योजना
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ भगवान राम का गहरा नाता है। वे हमारे भांजे हैं। उन्होंने वनवास के 14 सालों में से 10 साल यहीं गुजारे। हमारी कोशिश है कि दुनिया भगवान श्रीराम से हमारे इस रिश्ते को जानें। प्रदेश में श्री रामलला दर्शन योजना शुरू करके हमने यहां के श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की, ताकि भगवान राम से अपने रिश्ते को और सघन कर सकें।
    रोजगार परक औद्योगिक नीति
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। नई उद्योग नीति में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हमने पर्यटन को भी उद्योग के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को भी रियायत देने का विशेष प्रावधान है। नयी उद्योग नीति में अनुसूचित जाति और जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित, आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान है।
    नक्सल उन्मूलन में तेजी
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में नक्सलवाद का तेजी से उन्मूलन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026  तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। बीते एक वर्ष में 213 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। करीब 1750 नक्सलियों को या तो आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया गया है, या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
    विकास की किरणें दूरस्थ गांवों तक
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम नियद ‘नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रहा, जो मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।
    डबल इंजन की सरकार से विकास की रफ्तार हुई तेज
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने से एक साल में राज्य ने बहुत तेजी से प्रगति की है। केन्द्र से हमें भरपूर सहयोग और समर्थन मिला है। इस दौरान 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत की गई है। दो सालों में छत्तीसगढ़ में सड़कों का मजबूत नेटवर्क होगा। साथ ही रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हमें केन्द्र से अनेक महत्वपूर्ण रेल लाइनों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में चार मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेन्द्रगढ़ और गीदम मेडिकल कॉलेजों की निर्माण के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
    सरकार के काम-काज पर जनता की मुहर
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी हाल ही में प्रदेश में हुए उपचुनाव का जो परिणाम आया है, उससे यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि हम प्रदेश के नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरे हैं।राजधानी में प्रदेश के हर कोने से लोग रहते हैं, अतः यह एक तरह से हमारी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है।

        रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य सरकार  के एक वर्ष पूर्ण होने पर 12 दिसंबर को राज्य की जनता के नाम संदेश देंगे, जिसका प्रसारण अपराह्न 4 बजे एवं रात्रि 8 बजे क्षेत्रीय समाचार चैनलों, आकाशवाणी, एफएम रेडियो एवं सीएमओ के सोशल मीडिया प्लेटफार्म से किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने की रायपुर में सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग स्थापना, 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण एवं प्रत्येक जोन में एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा
       रायपुर /शौर्यपथ/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज भाठागांव स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही जयस्तंभ चौक के मल्टीलेवल पार्किंग में नवनिर्मित को-वर्किंग स्पेस आरंभ का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग की स्थापना, रायपुर जिले में 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक जोन में एक-एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रूपए का निवेश करने और 15 हजार रोजगार सृजन करने की बात कहीं। इनोवेट के गेम जोन में मुख्यमंत्री श्री साय एवं ओयो फाउंडर श्री अग्रवाल ने टेबल टेनिस खेल में हाथ आजमाया।
        मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने एवं रोजगार के नये अवसर पैदा करने स्मार्ट सिटी का विचार क्रियान्वित किया। रायपुर को भी स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के अनुरूप सुविधाओं को लगातार बढ़ाने के लिए पहल कर रही हैं। श्री साय ने कहा कि युवा उद्यमियों के दिमाग में उद्यम के बहुत से विचार हैं। वे अपना स्टार्टअप आरंभ करना चाहते हैं बस उन्हें थोड़ा सहयोग देने की आवश्यकता है फिर वे कमाल कर दिखाएंगे। सरकार युवाओं के लिए यही सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने  जिला प्रशासन के कार्याें की सरहाना की।
        उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए एक आफिस, फर्नीचर, एक अच्छा लोकेशन, कंप्यूटर, वाईफाई चाहिए, लेकिन इतने सब कुछ के लिए ही जो बजट लगता है वो बहुत से युवा उद्यमियों के बस की बात नहीं होती। को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर के रूप में यही आफिस स्पेस उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 48 लाख रुपए की लागत से जयस्तंभ चैक के मल्टीलेवल पार्किंग सेंटर में आरंभ स्टार्टअप को-वर्किंग सेंटर तथा एक करोड़ रुपए की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में इनोवेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां स्टार्टअप उद्यमियों को काम करने के लिए आफिस मिल जाएगा। साथ ही प्राइवेट कैबिन होंगे, कंप्यूटर मिल जाएंगे और फर्नीचर उपलब्ध होगा, कैफेटेरिया होगा। प्रेजेंटेशन के लिए आडिटोरियम होगा। उन्हें केवल अपने आइडिया पर काम करना होगा।
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि को-वर्किंग सेंटर होगा तो अन्य स्टार्टअप कंपनियां भी यहां आपरेट करेंगी। इस तरह से एक तरह की सोच वाले उद्यमी एक ही स्थान पर काम करेंगे, इससे वे आपस में विचारों को साझा भी करेंगे, जिससे नवाचार का एक बेहतरीन वातावरण राजधानी में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि रितेश अग्रवाल ने छोटी सी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके पास एक विचार था कि लोग अच्छे सुविधाजनक होटल चाहते हैं। डिजिटल क्रांति उसी समय शुरू हुई थी, लोग तेजी से स्मार्ट फोन अपना रहे थे, उन्होंने ओयो एप आरंभ किया और इस छोटे से विचार ने हास्पिटैलिटी सेक्टर में क्रांति ला दी। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं के पास भी ऐसे अनेक विचार हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित हैं। आज को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर की शुरूआत इसी का हिस्सा है।
        इस अवसर पर ओयो के फाउंडर श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप के जरिए हमें बड़ी सफलता मिली थी और वर्तमान में 22 हजार होटल संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इनोवेट के शुरू होने से हजारों युवाओं को फाउंडर बनने का अवसर मिलेगा। गांव के युवाओं के सपने भी पूरे हो सकेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में 500 करोड़ रूपए निवेश करने की तैयारी हमारी कंपनी ने की है और 15 हजार रोजगार भी सृजनित किए जाएंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की सरहाना करते हुए कहा कि यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, इससे निश्चित ही स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ एक स्टार्टअप राज्य बनेगा। श्री अग्रवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि यह देखा गया है कि बड़ी कंपनी के शुभारंभ में उद्यमी पहुंचते थे, लेकिन आज छत्तीसगढ़ में सुखद अवसर है कि मुख्यमंत्री सहित अन्य सम्मानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए है।
        कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवाचार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए है। इससे जिले में रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। 50 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरूकुल संस्था के युवाओं को जाॅब आफर लेटर दिया। शी-हब से जुड़ी महिलाओं और स्टार्टअप कंपनियों के युवा उद्यमियों का सम्मान किया। साथ ही बी.पी.ओ. सेंटर से जुड़े युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान नवाचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री विक्रम उसेंडी, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

    ’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ
    रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया।
    गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और श्री अमित सोनी ने मुख्यमंत्री श्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
    उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
    मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगम
    जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं।
    पर्यटन और रोमांच का केंद्र
    मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।

    गुंजेरा में स्टॉक एवं पंजी में अंतर पाए जाने पर नोटिस जारी कर जांच करने के दिए निर्देश
       रायपुर/शौर्यपथ /खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने मंगलवार को विकासखण्ड नवागढ़ क्षेत्र के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर धान खरीदी व्यवस्था का जाएजा लिया। उन्होंने इस मौके पर धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्री बघेल ने धान खरीदी केंद्र झाल, मुरता, संबलपुर, मारो और गुंजेरा का निरीक्षण किया और शासन के मंशानुरूप किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदने के निर्देश दिए।
       उन्होंने खरीदी केंद्र गुंजेरा में स्टॉक एवं पंजी में अंतर पाए जाने पर अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने खरीदी केंद्रों में नापतौल, बारदाने की उपलब्धता, खाली बोरा और भरे बोरी को अपने सामने तौलाकर चेक भी किया। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री टार्जन साहू, श्री अजय साहू, एसडीएम श्री मुकेश गौड़, तहसीलदार श्री विनोद बंजारे सहित किसान उपस्थित थे।

      रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 12 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने उनकी रचनाओं के आम जीवन पर प्रभाव को याद करते हुए कहा कि मैथिलीशरण गुप्त जी की राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत खड़ी बोली की रचनाओं ने भारतीय समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी रचनाओं के प्रभाव को देखते हुए  उन्हें राष्ट्रकवि की उपाधि प्रदान की गई थी। उन्होंने खड़ी बोली को काव्य भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नये कवियों को काव्यलेखन के लिए प्रेरित किया। गुप्त जी को उनके कालजयी साहित्य के लिए पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त जी की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं जो नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करती रहेगी।

      रायपुर /शौर्यपथ /मंत्रिपरिषद द्वारा द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
      मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है।  
      छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
       छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।    
      छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
     छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
      राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
       छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।
       इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
       खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।
       खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।
      खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया।
       खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।
      छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
      छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
      छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
       छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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