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रायपुर / शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करने में पत्रकारों की अहम भूमिका थी। चाहे गांधी जी हों, तिलक हों, पंडित मोतीलाल नेहरू हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में चौथे स्तंभ की प्रखर भूमिका में पत्रकारिता रही। आजादी के बाद किसानों, वनवासियों और श्रमिकों जैसे वंचित वर्गों की आवाज बनकर पत्रकारिता उभरी। मुख्यमंत्री बघेल आज भिलाई सेक्टर-4 के एस.एन.जी. स्कूल ऑडिटोरियम में न्यू इंडिया का न्यू मीडिया विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी, पत्रकारिता अलंकरण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार के इस दौर में पत्रकारिता को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। तकनीक ने सोशल मीडिया के माध्यम से संप्रेषण और अभिव्यक्ति के लिए खुला मंच दिया है। देश और समाज विरोधी ताकतें इसका इस्तेमाल सांप्रदायिकता, जातिवाद, नफरत आदि दुष्प्रचार फैलाने के लिए कर सकती है। पत्रकारिता के सरोकारों को बनाये रखने के लिए इन चुनौतियों से निपटना बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हमारे यहां सत्य की खोज की परंपरा रही है शास्त्रार्थ की परंपरा रही है हमें सत्यान्वेषी होना चाहिए। हमारे देश में विरोधी आवाजों को भी सुनने की परंपरा रही है। सूचना प्रवाह के साथ अनेक भ्रामक खबरें एवं गलत जानकारियां भी प्रचलित होती है यदि हम सूचनाओं के तह तक जाएं, प्रामाणिक इतिहास का अध्ययन करें तो सही तथ्य उजागर होंगे। भारत के इतिहास को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। जब हम सत्यान्वेषण करेंगे तो अपने आप असल तस्वीर हमारे हमारी आंखों के सामने होगी। आज के समय में अंधकार गहरा है पर हमें उम्मीद की किरण जगानी होगी। न्यू मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए यह अहम जिम्मेदारी है।
हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की। कि स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करने में पत्रकारों की अहम भूमिका थी। चाहे गांधी जी हों, तिलक हों, पंडित मोतीलाल नेहरू हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर ने कहा कि जब भी मैं भिलाई आता हूं तो देखता हूं कि हमारी पूर्वजों ने कितनी सुंदर विरासत का निर्माण किया। अमृतसर में जब मैं रहता था तब भिलाई का नाम बहुत प्रचलन में था। जब यहां आकर देखा तो महसूस किया कितनी समृद्ध धरोहर हमारे महापुरुषों ने तैयार की है। इस धरोहर को सहेजने सुरक्षित रखने और अक्षत रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया की है। इस अवसर पर अपने संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने कहा कि भारत में एक दूसरे को सुनने समझने की बहुत सुंदर परंपरा रही है। साथ ही लोकतांत्रिक रूप से एक साथ काम करने की भी परंपरा रही है आजादी के वक्त जब कैबिनेट का गठन हुआ तो अलग-अलग विचारधाराओं के लोग शामिल हुए और सभी ने साथ मिलकर काम किया। हमारे यहां उक्ति है एकं सत विप्रा बहुधा वदंति। सत्य को लोग कई नजरिए से देखते हैं। हमारे यहां शास्त्रार्थ की अति सुंदर परंपरा रही है शंकराचार्य और मंडन मिश्र केे शास्त्रार्थ को याद कीजिए और याद कीजिए मंडन मिश्र के पराजित होने के पश्चात उनकी पत्नी द्वारा शंकराचार्य से किए गए शास्त्रार्थ की। पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत मेहनत से हमारे बुजुर्गों ने एक उज्जवल समाज का गठन किया है। न्यू मीडिया के सामने चुनौती है कि भारत की उज्जवल परंपरा की धरोहर को सहेज कर रख सके।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री मुकेश कुमार ने कहा कि न्यू इंडिया ही न्यू मीडिया का निर्माण कर रहा है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कैपिटल हिल की घटना हुई है, उससे पता लगता है कि न्यू मीडिया किस तरह का कार्य कर रहा है और किस तरह उसकी चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पत्रकार यूनियन ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों का सम्मान भी किया। युवाओं को मोटिवेट करने के लिए आईजी रतनलाल डांगी, पुलिस में उत्कृष्ट सेवा देने वाले अब्दुल रमीज, पत्रकारिता के क्षेत्र में स्वर्गीय पूरन साहू स्मृति सम्मान से अनुभूति भाखरे ठाकुर, सेवा रत्न अलंकरण से डॉ. प्रदीप कौशिक एवं नीना अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधायक श्री अरुण वोरा, भिलाई विधायक श्री देवेंद्र यादव, पत्रकार यूनियन प्रदेश पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप सान्याल महासचिव श्री सतीश बौद्ध, गिरीश राव, मनीष चौबे एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी बद्रीनारायण मीणा एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड आपदा से सकुशल लौटे भिलाई के नागरिकों ने मिलकर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार- कार्यशाला के दौरान उत्तराखंड आपदा से सकुशल लौटे भिलाई के नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपने कुशल क्षेम की जानकारी भी दी। साथ ही मुख्यमंत्री से कहा कि आपके मार्गदर्शन में हम सब कुशलतापूर्वक वापस आए। हम सब इसके लिए आपके हार्दिक रूप से आभारी हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ राज्य के किसान उद्यान विभाग के जरिए खेती-किसानी के आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक नयी सीडलिंग मशीन से पूरी जानकारी प्राप्त कर उसका लाभ उठाने लगे हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के शासकीय रोपणी सिमगा में इस तकनीक का प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
सब्जी बीज से थरहा (पौधा नर्सरी) तैयार करने की नयी सीडलिंग मशीन सिमगा स्थित उद्यान विभाग की शासकीय रोपणी में स्थापित की गई है। इस मशीन के जरिये थरहा तैयार करने में 90 से 95 प्रतिशत तक बीज का अंकुरण होता है और स्वस्थ पौधे तैयार होते हैं। आम किसान भी नाममात्र का शुल्क देकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। सहायक संचालक उद्यान श्री राघव स्वरूप वर्मा ने बताया कि इस अत्याधुनिक विधि से थरहा बहुत जल्द तैयार हो जाते हैं। जमीन से थरहा तैयार करने में 70 से 80 प्रतिशत ही बीजों में अंकुरण हो पाता है, जिसकी रोपाई करते तक मात्र 60-65 प्रतिशत तक ही बच पाते है। साथ ही मिनी प्लग यूनिट से तैयार किये जाने वाले सब्जी के पौध रोगरहित एवं उच्च गुणवत्ता युक्त होते हैं। उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ धान के बाद जो भी किसान उक्त यूनिट से सब्जी पौधे के थरहा तैयार करवाना चाहते हैं, शासकीय उद्यान रोपणी सिमगा में स्वयं का बीज देकर थरहा तैयार करवा सकते हैं। इसके लिए प्रति पौधा 80 पैसा शुल्क निर्धारित किया गया है। पौधे का थरहा घर तक पहुंचाकर प्रदान किया जायेगा। किसानों से लिये जाने वाली राशि की रसीद भी दी जायेगी।
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं कीटनाशक औषधि की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार दबिश देकर बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है। खरीफ सीजन 2021 में अब तक राज्य में बीज के 39 नमूने तथा रासायनिक उर्वरक के 113 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। कीटनाशक औषधि के भी 7 नमूनें अमानक पाए गए हैं।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2021 में बीज के अब तक 2234 नमूने लिए गए हैं। सभी नमूनों का परीक्षण किए जाने पर 2195 नमूने मानक स्तर के तथा 39 नमूने अमानक पाए गए है। इसी तरह रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 2438 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं। जिसमें से 2324 नमूनों की जांच की जा चुकी है। 79 नमूनों की जांच जारी है। रासायनिक उर्वरकों के विश्लेषित सैम्पल में से 2211 मानक स्तर के तथा 113 अमानक पाए गए हैं। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग की टीम कीटनाशक औषधियों के गुणवत्ता की भी लगातार जांच कर रही है। जांच पड़ताल टीम ने अब तक कुल 442 सेम्पल विभिन्न फर्मों से लिए गए हैं, जिसमें से 215 नमूनों का विश्लेषण करने पर 208 सैम्पल मानक स्तर के तथा 7 सैम्पल अमानक पाया गया। कीटनाशक औषधियों के शेष 227 सैम्पल की जांच जारी है।
रायपुर /शौर्यपथ/
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान बेचने तथा खरीफ फसलों की खेती के लिए योजना के तहत आदान सहायता राशि का लाभ लेने के लिए राज्य के किसान एकीकृत किसान पोर्टल में 31 अक्टूबर 2021 तक पंजीयन करा सकेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पूर्व में 30 सितम्बर तक पंजीयन कराने की अंतिम तिथि निर्धारित थी, जिसे छत्तीसगढ़ कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आज जारी आदेश के तहत बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य शासन द्वारा खरीफ सीजन की सभी फसलों एवं उद्यानिकी फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसकोे ध्यान में रखते हुए किसानों की सहूलियत के लिए पंजीयन की अवधि में एक माह की बढ़ोत्तरी करते हुए 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य के किसान की सहूलियत और पंजीयन की प्रक्रिया को आसान करने के उद्देश्य से शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल तैयार किया गया है। एकीकृत किसान पोर्टल में राजीव गांधी किसान न्याय योजना समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, कोदो-कुटकी, रागी उपार्जन योजना तथा उद्यानिकी फसलों के उत्पादक किसानों को लाभ लेने के लिए एक बार पंजीयन कराना होगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता एवं कृषि लागत को कम करने के उद्देश्य से किसानों द्वारा अब वृहद पैमाने पर जैविक खाद का उपयोग शुरू कर दिया गया है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में क्रय किए गए गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का उपयोग राज्य के किसान करने लगे हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 6 लाख 44 हजार 545 क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट तथा 1 लाख 67 हजार 329 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट का उठाव किसानों द्वारा किया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर क्रय कर इसके जरिए वृहद पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। गौठानों में अब तक 12 लाख 57 हजार 343 क्विंटल से अधिक जैविक खाद का उत्पादन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा चुका है, जिसमें 8 लाख 68 हजार 882 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 3 लाख 88 हजार 461 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट खाद है, जिसमें से 8 लाख 11 हजार 874 क्विंटल जैविक खाद का विक्रय हो चुका है
रायपुर /शौर्यपथ/
खरीफ सीजन 2021 में किसानों को कृषि ऋण के रूप में 5300 करोड़ रूपए वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 4 हजार 706 करोड़ 82 लाख रूपए का ऋण दिया जा चुका है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 89 प्रतिशत है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद भी कृषि ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सहकारी समितियों में की गई है। अब तक किसानों ने 3 लाख 35 हजार 300 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उठाव कृषि ऋण के रूप में किया है, जिसकी कुल कीमत 33 करोड़ 53 लाख रूपए है।
रायपुर /शौर्यपथ /
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आरोग्य भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के अखिल भारती प्रतिनिधिमण्डल की बैठक का भगवान धन्वन्तरी की पूजा कर और दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि हमें अपने जीवन में रहन-सहन और खान-पान ऐसे रखना चाहिए कि रोग हमसे दूर रहे। जो भी व्यक्ति प्रकृति के अनुरूप कार्य करता है उसकी रोगप्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और निरोगी भी रहता है। आरोग्य भारती ‘प्रिवेंशन बेटर देन क्योर’ की अवधारणा पर कार्य करते हुए आम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना काल में वे व्यक्ति सबसे अधिक सुरक्षित रहा जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी थी। कोरोना काल में लोगों को यह अहसास कराया कि स्वास्थ्य के प्रति कितना सचेत रहना चाहिए। कोरोना काल में कई लोगों को ऑक्सीजन की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे लोगों को आक्सीजन और शुद्ध हवा की महत्ता का अहसास हुआ। शुद्ध हवा पेड़-पौधों से प्राप्त होती है। हमें पेड़-पौधों का संरक्षण करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं गृहजिले छिन्दवाड़ा में एक छोटा सा उद्यान विकसित किया है, जिसमें बड़ी संख्या में पेड़-पौधे रोपित किए गए हैं। वे स्वयं प्रयास करती हैं कि वे कुछ समय प्रकृति के साथ रहने और पेड़-पौधों की देखभाल में दें। ऐसे ही प्रयासों का परिणाम है कि वे कोरोनाकाल में सुरक्षित रहीं और इस रोग से प्रभावित नहीं हो पाई।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य, देश के कुछ ऐसे विशिष्ट राज्यों में से एक है, जहां प्रचुर मात्रा में वन संसाधन है तथा विरासत में मिली पर्याप्त मात्रा में जड़ी-बूटियों की संपदा है। हमारे आदिवासी समाज के परंपरागत वैद्य और बैगा को इन जड़ी-बूटियों की अथाह ज्ञान है, जिससे कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। उन्होंने कहा कि आज भी हमारे देश में ऐसे लोग हैं, जो नाड़ी देखकर बीमारियां बता देते हैं और उन्हें दवाईयां भी देते हैं। राज्यपाल ने इन परंपरागत विद्या को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को जानकारी देने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में रोगों की रोकथाम के लिए स्थानीय विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य जागरूकता के सराहनीय प्रयास किये जिसका प्रभाव भी दृष्टिगोचर हुआ। छत्तीसगढ़ में जिला धमतरी के ‘‘गंगरेल’’ नामक ग्राम में दुर्लभ तथा सामान्य किस्म के जड़ी-बूटी के पौधों को रोपित किया गया है, जो आयुर्वेदिक क्षेत्र में कार्य करने वाले चिकित्सकों तथा सामान्यजनों के लिए ज्ञान वर्धन करता है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा तंत्र जिसमें आयुष पद्धतियां सम्मिलित है, का अच्छा विकास हो रहा है, जिसके फलस्वरूप कोरोना जैसी महामारी में भी राज्य में अच्छी सफलता मिल रही है। इस कार्य में राज्य में कार्यरत मितानिन कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों का प्रमाणीकरण करने से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं देने में सहयोग प्राप्त होगा।
सुश्री उइके ने आरोग्य भारती द्वारा कोरोना काल में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने के लिए आरोग्य मित्र तैयार करे और उनके सहयोग से स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य किया जाए तो हमारा छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने आरोग्य भारती की स्मारिका ‘‘रहिबो बने-राखबो बने’’ और आरोग्य संपदा किताब का विमोचन किया और आरोग्य भारती संस्था के वेबसाईट का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित और आरोग्य भारती के छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष अनिल कर्णावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आयुष विभाग भारत सरकार के सचिव डॉ. राकेश कोटेचा सहित चिकित्सकगण और आरोग्य भारती संस्था के सदस्य उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 24 अक्टूबर को रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित इंडोर स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से छत्तीसगढ़ मरार (पटेल )महासंघ के एकीकरण शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल होंगे । मुख्यमंत्री इसके पश्चात रायपुर के पंडरी में छत्तीसगढ़ हाट मेले का शुभारंभ करेंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में दोपहर 12 से 1 तक आयोजित बैठक में भाग लेने के बाद दोपहर 2 बजे से रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित इंदौर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के एकीकरण शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यहां से अपराह्न 3 बजे पंडरी जाएंगे और वहां छत्तीसगढ़ हाट मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लेने के बाद 3:40 बजे वहाँ से मुख्यमंत्री निवास के लिए प्रस्थान करेंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध यूटयूबर देवराज पटेल ने सौजन्य मुलाकात की। पटेल ने मुख्यमंत्री के समक्ष ही ‘‘काका स्मार्ट लगथे‘‘ का विडियो बनाया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके मजाकिया अंदाज पर ठहाके लगाए और उनके कार्य और जज्बे की सराहना की। महासमुंद जिले के निवासी देवराज पटेल छत्तीसगढ़ के जाने-माने यूट्यूबर है। उनके यूट्यूब चैनल के 3 लाख से भी ज्यादा फालोवर है। वे ज्यादातर काॅमेडी विडियो बनाते है। पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात करना और उनके साथ विडियो बनाकर वे काफी उत्साहित है। पटेल ने बताया कि वे प्रसिद्ध यूट्यूबर श्री भुवन बाम के साथ काॅमेडी वेबसीरीज ढिंढोरा में भी काम कर चुके हैं। इस दौरान विधायक देवेन्द्र यादव एवं संगीता सिन्हा, रेडियो मिर्ची के काॅपीराइटर अंकित दुबे, आकाश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
