August 21, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6098)

    रायपुर /शौर्यपथ/

    रबी सीजन 2021-22 के लिए विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र में भण्डारण एवं वितरण शुरू कर दिया गया है। इस साल रबी सीजन में 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक सहकारी समितियों में 70 हजार 806 तथा निजी क्षेत्रों में एक लाख 36 हजार 556 मीट्रिक टन इस प्रकार कुल एक लाख 93 हजार 422 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो कि रबी सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य का 47 प्रतिशत है। सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्रों में उपलब्ध रासायनिक उर्वरकों का उठाव किसानों द्वारा शुरू कर दिया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों ने अब तक 15573 मीट्रिक टन यूरिया, 4397 टन डीएपी, 2135 टन एनपीके, 2705 टन पोटाश तथा 3389 टन सुपरफास्टेक उर्वरक का उठाव किया है, जो कि भण्डारित उर्वरक का 15 प्रतिशत है। सोसायटियों एवं निजी क्षेत्र में वर्तमान में विभिन्न प्रकार के कुल एक लाख 65 हजार 223 टन उर्वरक उपलब्ध हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ की बेटियों की उपलब्धियों पर

    मुझे छत्तीसगढ़ की बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व है। यहां की बेटियों ने कला, साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, पत्रकारिता, प्रशासन हर क्षेत्र में परचम लहराया है और अपने परिवार सहित प्रदेश का नाम रोशन किया है। वे कभी भी किसी चुनौतियों से न घबराएं और निरंतर आगे बढ़ते रहें। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। वे कर्मयोगिनी सम्मान कार्यक्रम में अपना उद्बोधन दे रही थीं। उन्होंने सम्मानित सभी बेटियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एवं यहां की समस्त महिला शक्ति के लिए भी गर्व की बात है कि यहां पर एक महिला को राज्यपाल का दायित्व सौंपा गया है।

    राज्यपाल सुश्री उइके आज इन बेटियों की उपलब्धियों और क्षमताओं से अभिभूत हो गईं और उन्होंने कहा कि मुझे आप सब पर गर्व है और मैं आप सबको राजभवन आमंत्रित करूंगी। उन्होंने स्वयं के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि बेटियों और महिलाओं को हर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इससे हार नहीं माननी चाहिए और सफलता हासिल करने के लिए दोगुने जोश से जुट जाना चाहिए। राज्यपाल सुश्री उइके आज बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संस्था द्वारा आयोजित सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर शामिल हुईं।

    राज्यपाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, परन्तु उनकी संघर्ष यात्रा में अच्छे लोग भी मिले, जिनसे अपनी तकलीफ साझा करती थी तो वे उनका उत्साहवर्धन करते थे। मैं महापुरूषों की जीवनी और प्रेरणादायी पुस्तकों का अध्ययन करती थी, जिससे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली और आज मुझे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण वर्ष 2015 से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान प्रारंभ किया गया, जिसके सुखद परिणाम सामने आए। इसी का परिणाम है कि आज विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं। महिलाओं एवं बच्चियों की योग्यता और महत्व को समझते हुए हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा पहली बार जेण्डर आधारित बजट व्यवस्था को लागू किया था। इसी विचार सोच एवं नीति को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा भी महिला एवं बालिकाओं के हितों की योजनाओं को गति प्रदान कर रहे हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि मैंने जब से राज्यपाल पद का दायित्व संभाला मैंने यह प्रयास किया कि हर जरूरतमंद व्यक्तियों की बात सुनूं और समाधान के प्रयास करूं। मैंने राजभवन की लार्ड गवर्नर की अवधारणा को समाप्त किया और राजभवन को सभी के लिए खोलकर राजभवन को ‘जनभवन’ बना दिया।

    कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं डॉ. राजेन्द्र फड़के ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव  चंपादेवी पावले, पूर्व विधायक  श्रीचंद सुंदरानी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संस्था के संयोजक  अंजय शुक्ला, संस्था के पदाधिकारीगण एवं महिलाएं उपस्थित थीं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार उद्यमिता और जनसशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल पर बातचीत करेंगे। इस संबंध में आप आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 27, 28 एवं 29 अक्टूबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकॉर्ड करा सकते हैं। 

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 23वीं कड़ी का प्रसारण 14 नवंबर 2021 को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

     

    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण(नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में "आजादी का अमृत महोत्सव" अन्तर्गत अधिवक्ता श्री गुलाबभारती गोस्वामी द्वारा अखिल भारतीय जागरूकता एवम आउटरीच अभियान के तहत शासकीय हाई स्कूल टांगापानी, वि०खण्ड- नगरी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में धाराओं,उपधाराओं , विधिक एवम न्याय सम्बन्धी अत्यावश्यक जानकारियां विद्यालय परिवार एवम छात्र-छात्राओं को प्रदान की गयी।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं संस्था प्राचार्य डॉ०शैल चन्द्रा ने उपरोक्त कार्यक्रम को व्यक्ति हित, समाज हित और देश हित के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम में स्टॉफ के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 28 से 30 अक्टूबर तक तथा राज्योत्सव का आयोजन रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 01 नवम्बर को होगा

    31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री वल्लभ भाई पटेल के व्यक्त्वि और कृतित्व पर फोटो प्रदर्शनी और संगोष्ठी का होगा आयोजन

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के नर्तक दलों सहित 27 राज्यों और 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल देंगे रंगारंग प्रस्तुति

    आदिवासी नर्तक दलों के भव्य मार्चपास्ट के साथ होगा राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज: प्रतिदिन 20-20 दलों द्वारा दी जाएगी प्रस्तुति

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव

    राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश और विदेश के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के नर्तक दल सहित देश के 27 राज्यों तथा 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। इन नर्तक दलों में लगभग 1000 कलाकार शामिल होंगे, जिनमें 63 विदेशी कलाकार होंगे।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आयोजन स्थल पर की जा रही तैयारियों, विदेशों तथा देश के अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से आने वाले आदिवासी नृत्य दलों तथा अतिथियों के रूकने की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, पांच दिनों तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक किया जाएगा, 31 अक्टूबर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय  इंदिरा गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय  वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी, संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इंदिरा गांधी पर बनाई गई डॉक्यूमेंटरी फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा तथा भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी। राज्य स्थापना दिवस एक नवम्बर को राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को 33 अलंकरण सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हो रहे आदिवासी नर्तक दलों द्वारा मार्चपास्ट किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में युगाण्डा, उत्तर प्रदेश, फिलीस्तीन, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए नाइजीरिया का दल नई दिल्ली पहुंच चुका है। यह दल 25 अक्टूबर को रायपुर पहुचेगा। नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से नर्तक दल 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर के लिए रवाना होंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश के नर्तक दल दो विधाओं विवाह संस्कार तथा अपने राज्य की अन्य पारंपरिक विधाओं में अपनी प्रस्तुति देंगे। दोनों विधाओं में प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले नर्तक दलों को कुल 20 लाख रूपए की पुरस्कार राशि, प्रमाण पत्र और ट्राफी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 5 लाख रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 3 लाख रूपए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 2 लाख रूपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का यह द्वितीय आयोजन है। देश विदेश में इस आयोजन को काफी लोकप्रियता मिली है। इस वर्ष आयोजित हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में श्रीलंका, उज्बेकिस्तान, स्वाजीलैण्ड, नाइजीरिया, पेलेस्टीन, माले और युगांडा के नर्तक दल हिस्सा लेंगे। मोरक्को के दल की भी इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, प्रतिदिन 20-20 आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव के दौरान आदिवासियों की जीवन शैली, आदिवासी संस्कृति पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टाल भी होंगे। प्रदर्शनी में हाथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प के स्टाल भी लगाए जाएंगे। विदेशों तथा अन्य राज्यों से आने वाले नर्तक दलों के रूकने की व्यवस्था रायपुर के विभिन्न होटलों और मेरिज हॉल में की गई है। आयोजन के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के लगभग 3500 अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन स्थल पर ट्राइबल डांस एरिया और स्पीकर लाउंज के साथ-साथ लाइव शोकेस एरिया, ट्राइबल इंस्पायर्ड एग्जीबिट, शिल्प-ग्राम और फूड-एरिया भी होगा।

    बैठक में पर्यटन मंत्री  ताम्र्र्रध्वज साहू, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  उमेश पटेल, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., जनसम्पर्क सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, जनसम्पर्क आयुक्त श्री दीपांशु काबरा, पुलिस महानिरीक्षक  आनंद छाबड़ा, संचालक संस्कृति  विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक  यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर  सौरभ कुमार और पुलिस अधीक्षक रायपुर  प्रशांत अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राजधानी में 2 नवंबर तक आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का किया शुभारंभ

    दीवाली मेला में खरीदा गया हर उत्पाद किसी आदिवासी परिवार का करेगा जीवन रोशन

    मुख्यमंत्री ने वनोपज ‘तिखुर’ से बनी मिठाईयों का चखा स्वाद

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज शाम 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक

    आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का शुभारंभ किया। राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, महापौर नगरपालिक निगम  एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक  कुलदीप जुनेजा, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  भरत साय उपस्थित थे।

    राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, महापौर नगरपालिक निगम एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक  कुलदीप जुनेजा, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री भरत साय उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी-वनवासी परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने में लघु वनोपजों के उत्पाद का महत्वपूर्ण स्थान है। इस पर हमें गर्व है कि लघु वनोपज संघ वन विभाग के सतत् प्रयत्नों से राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र तथा वनांचल के निवासियों का सतत् उत्थान हो रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में लगाए गए आयुष स्टॉल और घरेलू उत्पाद स्टॉल, कोदो-कुटकी उत्पाद स्टॉल, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, गढ़कलेवा खाद्य उत्पाद स्टॉल और हथकरघा एवं माटी कला बोर्ड तथा शबरी एम्पोरियम आदि हर एक स्टॉल का अवलोकन कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस दौरान जिला यूनियन धमतरी द्वारा वनोपज ‘तिखुर’ से बने उत्पाद जलेबी, बर्फी तथा हलवा का भी स्वाद लिया और इसे छत्तीसगढ़ के स्वादिष्ट पकवान बताते हुए सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के तिखुर से बने पकवान का प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम से भी दुकान आवंटन हेतु आवश्यक पहल करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने इस दौरान माटी कला बोर्ड के स्टॉल में इलेक्ट्रिक चाक से मिट्टी का दीया बनाकर परम्परागत व्यावसायियों को प्रोत्साहित भी किया।

    झिटकू-मिटकी कला तथा हैण्डलूम उत्पाद के स्टाल भी हैं।

    इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद वहां गढ़कलेवा के

    इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के निवासियों को उनके अपने ब्रांड छत्तीसगढ़ हर्बल्स से परिचय कराना है। उन्हें उस स्नेह एवं लगन की शुद्धता से भी परिचय कराना है, जो स्व-सहायता समूह की महिलाएं छत्तीसगढ़ हर्बल्स के इन उत्पादों में डालती हैं। मेला में इस दीवाली खरीदा गया हर छत्तीसगढ़ हर्बल्स उत्पाद किसी आदिवासी अथवा वनवासी परिवार का जीवन रोशन करेगा।

    स्टॉल में ले सकते हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन  मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ  संजय शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  पी.सी. पांडेय,  के.मुरूगन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  सुनील मिश्रा, अपर प्रबंध संचालक द्वय  एस.एस. बजाज एवं आनंद बाबू आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के आयुर्वेदिक उत्पाद, खाद्य उत्पाद और विभिन्न प्रकार के घरेलू उत्पाद की खरीदी कर सकते हैं। यह उत्पाद 6 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए हैं, जो दुर्गम क्षेत्रों में स्थित 50 से अधिक वनधन विकास केन्द्रों में कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में इसके अतिरिक्त 11 अन्य स्व-सहायता समूहों और कृषक समितियों के 60 से अधिक उत्पाद भी प्रदर्शनी में शामिल है। मेला में लोगों की सेहत का ध्यान रखने के लिए परम्परागत वैद्य भी हैं। इस अवसर पर आदिवासी नृत्य समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। मेले में अन्य आकर्षण बांस शिल्प, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध झिटकू-मिटकी कला तथा हैण्डलूम उत्पाद के स्टाल भी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद वहां गढ़कलेवा के स्टॉल में ले सकते हैं।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन  मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ  संजय शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  पी.सी. पांडेय,  के.मुरूगन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  सुनील मिश्रा, अपर प्रबंध संचालक द्वय  एस.एस. बजाज एवं  आनंद बाबू आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री की ग्रामीण व्यवसायियों को बड़ी सौगात, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार टैक्स पसरा शुल्क होगा समाप्त

    मण्ड़ियों और बाजारों में पसरा आंबटन में मरार समाज के लोगों को मिलेगी प्राथमिकता

    शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान

    मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए रियायती दर पर मिलेगी शासकीय भूमि

    मरार पटेल समाज का एकीकरण ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

    मरार समाज की तीन बिरादरियां सामाजिक रूप से एक हुई

    रायपुर /शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा

    पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि एवं शासन की ओर से राशि स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ द्वारा आयोजित सामाजिक एकीकरण, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों

    की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए

    मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण अंचल में नाले के किनारे स्थित शासकीय भूमि को मरार समाज की महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक बाड़ी के लिए उपलब्ध कराए जाने, मंडी एवं बाजारों में दुकान एवं पसरा आबंटन में मरार समाज को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की। छत्तीसगढ़ राज्य के मरार पटेल समाज की तीन बड़ी बिरादरियों के एकीकरण पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मरार पटेल समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने समाज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के पदाधिकारियों, समाज के सभी वरिष्ठ जनों, युवाओं, माताओं और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मरार पटेल समाज की तीन प्रमुख बिरादरियां हरदिया, कोसरिया एवं भोयरा बिरादरी के लोगों ने सामाजिक एकीकरण का संकल्प लिया।

    इस समारोह में पूरे प्रदेश के कोने-कोने से मरार पटेल समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक बन्धु हजारों की संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष  राम कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के अध्यक्ष  देवचरण पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम पटेल, महा सचिव श्री विजय पाटिल, संयोजक  पवन पटेल,  आत्मा राम पटेल, राजेन्द्र नायक पटेल सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मंचस्थ थे।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज के लोग स्वाभिमानी एवं मेहनतकश माटी पुत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरार पटेल समाज, महिलाओं को उनका हक और सम्मान देने के मामले में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गाें के सम्मान और भलाई के लिए काम कर रही है। कुपोषण दूर करना, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हांने कहा कि सुराजी गांव योजना के अंतर्गत शामिल बाड़ी विकास कार्यक्रम वास्तव में मरार पटेल समाज की तरक्की के लिए है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत फल, फूल और सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि एक नवम्बर राज्योत्सव के अवसर पर जारी की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने समारोह में शाकम्भरी बोर्ड तथा कृषक कल्याण परिषद के मरार समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ की ओर से सम्मानित किया। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल राज्य की जनता से किए अपने एक-एक वायदे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य  दुखवा पटेल, हरी पटेल एवं किसान कल्याण परिषद के सदस्यगण सहित मरार पटेल समाज के सभी जिलों एवं मण्डलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री की ग्रामीण व्यवसायियों को बड़ी सौगात, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार टैक्स पसरा शुल्क होगा समाप्त

    मण्ड़ियों और बाजारों में पसरा आंबटन में मरार समाज के लोगों को मिलेगी प्राथमिकता

    शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान

    मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए रियायती दर पर मिलेगी शासकीय भूमि

    मरार पटेल समाज का एकीकरण ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

    मरार समाज की तीन बिरादरियां सामाजिक रूप से एक हुई

    रायपुर /शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा

    पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि एवं शासन की ओर से राशि स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ द्वारा आयोजित सामाजिक एकीकरण, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों

    की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए

    मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण अंचल में नाले के किनारे स्थित शासकीय भूमि को मरार समाज की महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक बाड़ी के लिए उपलब्ध कराए जाने, मंडी एवं बाजारों में दुकान एवं पसरा आबंटन में मरार समाज को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की। छत्तीसगढ़ राज्य के मरार पटेल समाज की तीन बड़ी बिरादरियों के एकीकरण पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मरार पटेल समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने समाज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के पदाधिकारियों, समाज के सभी वरिष्ठ जनों, युवाओं, माताओं और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मरार पटेल समाज की तीन प्रमुख बिरादरियां हरदिया, कोसरिया एवं भोयरा बिरादरी के लोगों ने सामाजिक एकीकरण का संकल्प लिया।

    इस समारोह में पूरे प्रदेश के कोने-कोने से मरार पटेल समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक बन्धु हजारों की संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष  राम कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के अध्यक्ष  देवचरण पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम पटेल, महा सचिव श्री विजय पाटिल, संयोजक  पवन पटेल,  आत्मा राम पटेल, राजेन्द्र नायक पटेल सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मंचस्थ थे।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज के लोग स्वाभिमानी एवं मेहनतकश माटी पुत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरार पटेल समाज, महिलाओं को उनका हक और सम्मान देने के मामले में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गाें के सम्मान और भलाई के लिए काम कर रही है। कुपोषण दूर करना, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हांने कहा कि सुराजी गांव योजना के अंतर्गत शामिल बाड़ी विकास कार्यक्रम वास्तव में मरार पटेल समाज की तरक्की के लिए है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत फल, फूल और सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि एक नवम्बर राज्योत्सव के अवसर पर जारी की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने समारोह में शाकम्भरी बोर्ड तथा कृषक कल्याण परिषद के मरार समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ की ओर से सम्मानित किया। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल राज्य की जनता से किए अपने एक-एक वायदे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य  दुखवा पटेल, हरी पटेल एवं किसान कल्याण परिषद के सदस्यगण सहित मरार पटेल समाज के सभी जिलों एवं मण्डलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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