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*वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सर्कुलर इकोनॉमी पर विशेषज्ञों ने किया मंथन*
*250 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बल्क वेस्ट जेनरेटरों की जवाबदेही और जीरो वेस्ट स्टेट के लक्ष्य पर दिया गया जोर*
रायपुर / छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण सहित नियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरों के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन में नागरिकों, स्थानीय निकायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी.के. रबड़े ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनका उद्देश्य कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जेनरेटरों को अपने द्वारा उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का सफल मॉडल विकसित किया है। साथ ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सीमेंट संयंत्रों में नगरीय ठोस अपशिष्ट से तैयार आर.डी.एफ. (Refuse Derived Fuel) का ईंधन के रूप में उपयोग कर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामूहिक प्रयासों से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को जीरो वेस्ट स्टेट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कार्यशाला में राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा (स्वच्छ भारत मिशन), कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कुमार कडू, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर तथा सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार नाग ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में शहरी एवं ग्रामीण निकायों के प्रतिनिधि, उद्योग प्रतिनिधि, बल्क वेस्ट जेनरेटर, ईको क्लब समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 250 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना था।
रायपुर/बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर के मंगला स्थित माता चौरा में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से मंगला सहित आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल भूमिपूजन ही नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का लोकार्पण भी सरकार की कार्य संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क, रेलवे, पेयजल और शहरी अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगला मुक्तिधाम के विकास के लिए ?50 लाख तथा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए ?1 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति देने की घोषणा की।
कार्यक्रम को विधायक सुशांत शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बिलासपुर नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर । शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक के संयुक्त तत्वावधान में 3 एवं 4 जुलाई को रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन तथा सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे, जबकि अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे।
3 जुलाई को सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित होगी। वहीं 3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों के सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। इसमें प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान, अपेक्स बैंक, मार्कफेड, राज्य सहकारी संघ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
आयोजकों ने किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर "सहकार से समृद्धि" के संकल्प को मजबूत बनाने की अपील की है।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें प्रदेश की समृद्ध आदिवासी कला एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बस्तर आर्ट' का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा आपसी रुचि के विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। यह भेंट औपचारिक एवं शिष्टाचार मुलाकात के रूप में संपन्न हुई।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य बिंदु:
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य भेंट।
मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में हुई मुलाकात।
राज्यपाल का बस्तर आर्ट के प्रतीक चिन्ह से सम्मान।
समसामयिक एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों पर आत्मीय चर्चा।
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती जैसे व्यक्तित्व हमारी समृद्ध जनजातीय विरासत, लोक संस्कृति और सेवा की परंपरा के सशक्त प्रतीक हैं। उनका जीवन नई पीढ़ी को समाज के प्रति संवेदनशीलता, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। डॉ. बुधरी ताती ने जनजातीय समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती के परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर, / अंतर्राराष्ट्रीय योग दिवस केे अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योगाभ्यास में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।
ईशा फाउंडेशन के योग प्रशिक्षक श्री रितेश प्रधान ने योग नमस्कार का अभ्यास कराया। वहीं योग आयोग के प्रशिक्षक श्री भोजराज साहू, श्री अशोक साहू, श्री धनश्री साहू, श्री दीनू राम साहू एवं श्री तुषार साहू ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।
अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।
श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
नियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।
जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
