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रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और आधुनिक रचनात्मकता को एक मंच पर समेटने वाला संस्कृति विभाग का प्रतिष्ठित कला प्रशिक्षण शिविर ‘आकार-2026’ रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच भव्य रूप से संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित 16 दिवसीय शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई उड़ान दी।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिट्टी, प्रकृति और सृजन से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा, "जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़कर सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन संवेदनशीलता और आनंद से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं की जानकारी देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"
उन्होंने सुझाव दिया कि ‘आकार’ जैसे शिविर प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाएं तथा छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प और पारंपरिक आभूषणों के लिए स्थायी विक्रय केंद्र विकसित किए जाएं, ताकि कलाकारों को बेहतर बाजार और आर्थिक अवसर मिल सकें।
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि ‘आकार’ केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने का सशक्त अभियान है।
इस वर्ष शिविर की विशेषता रही कि प्रतिभागियों को एक ओर टेराकोटा, गोदना कला, जूट शिल्प, रजवार भित्ति चित्र, मंडला-मांडना कला, कथक, भरथरी गायन और लोककलाओं का प्रशिक्षण दिया गया, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कला तकनीकों से भी परिचित कराया गया। इससे परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण हुआ।
समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे परिसर को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सुवा, कर्मा, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन और लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की जीवंत ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि ने विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षकों और कला गुरुओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर उनकी रचनात्मक क्षमता को नई दिशा प्रदान की।
‘आकार-2026’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल इतिहास की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों ने इस आयोजन को प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना दिया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तैनात किया गया है। आग की तीव्रता को देखते हुए प्राथमिकता आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर दी जा रही है।
मौके पर उरला थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अधिकारी पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। फैक्ट्री परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा धुएं से भर गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल सक्रिय हुआ।
फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
प्रशासन ने एहतियातन आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क कर दिया है ताकि किसी संभावित खतरे को रोका जा सके। फिलहाल किसी के घायल होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा घटना की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
(समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव कार्य जारी था।)
राज्य सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, पैक्स समितियों को बहुआयामी बनाने पर जोर
हर ग्राम पंचायत में होगा सहकारी समिति का संचालन, दुग्ध, मत्स्य और लघु वनोपज से जोड़ी जाएंगी समितियां
शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
रायपुर, / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।
अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा
मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व
बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
मक्का एवं दलहन का उपार्जन
समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।
शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।
इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज लोक भवन में 'पीएम-जनमन' (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हैं।
डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा
रायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।
सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता
कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।
केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर
डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
व्यवसायिक विस्तार पर मंथन
कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
समन्वय साहित्य परिवार का बृहद साहित्यकार सम्मेलन सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ी भाषा के गद्य जगत के युग प्रवर्तक डॉ. पालेश्वर शर्मा की 98 वीं जयंती पर बृहद साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन किया गया।
ऋषि- कृषि संस्कृति के उपासक,भाषाविद् डॉ.पालेश्वर की स्मृति में पहला छत्तीसगढ़ी गद्य साहित्य सम्मान विजय मिश्रा 'अमित' को दिया गया। उनकी पचास वर्षीय साहित्य साधना का मूल्यांकन करते हुए समन्वय साहित्य परिवार के प्रबुद्ध निर्णायक मंडल ने विजय मिश्रा का चयन किया।पुरस्कार के अंतर्गत सम्मान राशि 5001/ रुपए के साथ ही प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं शाल- श्रीफल से उन्हें सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा के आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा,अध्यक्ष डॉ. चित रंजन कर,रविशंकर विश्वविद्यालय के साहित्य भाषा अध्ययन शाला के पूर्व अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश मिश्रा, पाणिनीय शोध संस्थान की अध्यक्षा डॉ.पुष्पा दीक्षित, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश वाजपेई, विदूषी लेखिका सरला शर्मा एवं प्रख्यात नवगीतकार डॉ अजय पाठक शामिल हुए।
संस्था के प्रदेशाध्यक्ष डॉ देवधर महंत ने डॉ पालेश्वर शर्मा के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला। अतिथियों ने कीर्तिशेष डॉ शर्मा की रचनाओं को कालजयी और नवपीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक निरूपित किया।आभार प्रदर्शन संस्था के केंद्राध्यक्ष डॉ गंगाधर पटेल ने किया।
308 करोड़ की लागत से 11.38 किमी लंबा फोरलेन बायपास बनेगा
रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बायपास का काम तत्काल प्रारंभ करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे।
श्री बंसल ने बायपास के रास्ते में शेष बचे पेड़ों की कटाई तत्परता से करने के निर्देश वन मंडलाधिकारी को दिए हैं। उन्होंने बायपास से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की जानकारी लेकर लंबित मामलों का निराकरण यथाशीघ्र करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है।
2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे
लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे।
10वीं से लेकर इंजीनियरिंग, नर्सिंग एवं मेडिकल योग्यताधारी अभ्यर्थी हो सकेंगे शामिल
छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग में होगा आयोजन
रायपुर, /
संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग तथा छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई 2026, शुक्रवार को जिला स्तरीय रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिवाजी नगर दुर्ग में आयोजित होगा।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक विष्णु कुमार केडिया से प्राप्त जानकारी अनुसार प्लेसमेंट कैम्प के लिए कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एएनएम, जीएनएम, नर्सिंग, एमबीबीएस, बीएएमएस, डिप्लोमा पैरामेडिकल सहित विभिन्न योग्यताओं के अनुरूप रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।
रोजगार मेला के माध्यम से अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं एवं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। संबंधित संस्थानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट कैम्प की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक रोजगार इच्छुक युवा इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
रोजगार मेला से संबंधित विस्तृत जानकारी www.erojgar.cg.gov.in के रोजगार मेला विकल्प पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी हेतु जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग से भी संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यधारा में लौटने की पहल, जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘निश्चय’ योजना के तहत केंद्रीय जेल एवं महिला जेल रायपुर में आयोजित विशेष समारोह में 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। योजना के अंतर्गत बंदियों को काउंसलिंग, अपराध बोध की समझ, कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई के बाद स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर में ही बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे रिहाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
13 मई को लगेगा लोन मेला
रिहा होने वाले बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जहां स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
