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रायपुर/शौर्यपथ /रायपुर स्थित साईंस कॉलेज मैदान में 4 मार्च से 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) तक राज्य स्तरीय महिला मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। महिला मड़ई ’’सशक्त महिला समृद्ध महिला’’ विषय पर आयोजित की जा रही है। मड़ई में प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जाएगा।
इस मड़ई में महिला एवं बाल विकास विभाग के समूहों के साथ अन्य विभागों के समूह जैसे-एनआरएलएम, वन विभाग, पंचायत विभाग इत्यादि की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्थानीय महिला उद्यमियों एवं महिलाओं को आगे बढ़ने हेतु अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजीकृत महिला उद्यमियों, उत्पादक, स्टार्ट-अप को भी स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदर्शनी का अवलोकन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकता है। मड़ई में प्ले जोन भी बनाया जाएगा, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले एवं खेल-खिलौने की व्यवस्था की गई है।
बजट से साफ साय सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा, रोजगार और कृषि नहीं
रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिना किसी ठोस योजना के सतही कल्पनाओं पर आधारित नीरस बजट है। ऐसा लग रहा था वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ का बजट नहीं मोदी की चरण वंदना कर रहे थे। साय सरकार का बजट आम जनता के अपेक्षा और उम्मीदों के विपरीत घोर निराशाजनक रहा है, ना इसमें युवाओं के रोजगार के संदर्भ में कोई रोड मैप दिख रहा है, ना ही महंगाई से निपटने कोई ठोस रणनीति है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों, युवाओं के बेरोजगारी भत्ता, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कुछ नहीं है। मोदी की गारंटी में किये गये वादे 1 लाख नौकरियों के सृजन के बारे में इस वर्ष के बजट में भी कुछ नहीं है। महिलाओं के लिए 500 रू. में सिलेंडर देने के बारे में बजट में कुछ नहीं है। पिछले बजट में 33,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा किये थे एक भी भर्ती नहीं कर पाये। इस वर्ष फिर से 20,000 शिक्षकों की भर्ती की बात कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस बजट में युवाओं के रोजगार बढ़ाने के लिए, किसानों के लिए, महिलाओं के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश की 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी समाज के लिए बजट में कुछ नहीं है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के लिए, बजट में कुछ भी नया नहीं है। मजदूरों और गरीबों की आमदनी बढ़ाने के लिए बजट में कुछ नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वित्त मंत्री अपने बजट भाषण में ठोस आर्थिक प्रावधानों के विपरीत सिर्फ जुमलेबाजी कर रहे थे। मोदी की चरण वंदना में समर्पित इस बजट में छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की उपेक्षा और भेदभाव का कोई जिक्र नहीं था। पिछले बजट का ज्ञान फेल हो गया तो वित्त मंत्री इस बार लंगड़े बजट की गति लेकर आ गये। 15 सालों तक रमन सरकार मेट्रो ट्रेन का झुनझुना पकड़ाती थी, अब फिर से साय सरकार ने नये सिरे से राज्य की जनता को मेट्रो ट्रेन का झुनझुना पकड़ाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि उद्योग नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले वित्त मंत्री राज्य के वनोपजो पर आधारित उद्योगों, वनोपजो के वेल्यू एडिशन पर कुछ नहीं बोले। विश्वविद्यालयों की संख्या पर अपनी पीठ थपथपाने वाली साय सरकार ने अपने कार्यकाल में 1 भी सरकारी विश्वविद्यालय नहीं खोला। महतारी वंदन में छूटी महिलाओं को जोड़ने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। सरकार ने अपने आत्म प्रचार के लिए जनसंपर्क के बजट में 550 करोड़ का प्रावधान किया है।
आम जनता और कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: पेट्रोल सस्ता, डीए में इज़ाफ़ा
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले किए हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने बल्क में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है। वहीं, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की गई है, जो मार्च से लागू होगी।
पेट्रोल और डीजल सस्ता होने से ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि यंत्रों की लागत घटेगी, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। इसके अलावा, चावल मिल, गन्ना फैक्ट्री और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए परिवहन और उत्पादन खर्च कम होगा, जिससे आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों की आय बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति और बाजार में मांग बढ़ेगी। सरकार का यह फैसला आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ का बजट प्रदेश को डिजिटल, सुरक्षित और विकसित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर, गांवों के विकास, शहरों में नई सुविधाओं और सुरक्षा तक हर क्षेत्र में सरकार ने कुछ नया किया है। आने वाले सालों में छत्तीसगढ़ और आगे बढ़ेगा और देश के सबसे उन्नत राज्यों में शामिल होगा!
1.सरकारी कर्मचारियों के लिए नया पेंशन फंड पहली बार
छत्तीसगढ़ सरकार ने “पेंशन फंड” बनाया है, ताकि सभी सरकारी कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षित रहे। साथ ही, देश में पहली बार “छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड” बनाया जा रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
2.अब हर गांव में मोबाइल टॉवर और पब्लिक बसें !
गांवों में रहने वाले कई लोगों को फोन नेटवर्क नहीं मिलता। सरकार अब “मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना” लेकर आई है, जिससे जंगलों और पहाड़ों में बसे गांवों में भी मोबाइल का नेटवर्क मिलेगा। इससे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और लोग अपने रिश्तेदारों से आसानी से बात कर सकेंगे।
इसके अलावा, कुछ गांवों में पब्लिक बसें नहीं चलतीं, क्योंकि वहाँ रहने वाले लोग कम होते हैं। अब सरकार “मुख्यमंत्री परिवहन योजना” के तहत ऐसी जगहों पर भी बसें चलाने जा रही है, ताकि गांव से ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक लोग आसानी से आ-जा सकें।
3.शहरों का मेकओवरः नए अस्पताल, कॉलेज और मेट्रो !
छत्तीसगढ़ के शहरों को और सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट्स ला रही है:
-नवा रायपुर में “मेडिसिटी” एक ऐसा शहर जहाँ सबसे अच्छे अस्पताल होंगे।
-“एजुकेशन सिटी” यहाँ हर तरह की पढ़ाई के लिए बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी।
-राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान जो बच्चे फैशन डिजाइनिंग सीखना चाहते हैं, उनके लिए एक खास कॉलेज खुलेगा।
-रायपुर-दुर्ग मेट्रो- अब बड़े शहरों में मेट्रो ट्रेन का सर्वे किया जाएगा, ताकि भविष्य में मेट्रो सेवा शुरू हो सके।
4.सुरक्षा और पर्यटनः नई योजनाएँ
- NSG की तर्ज पर “स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप” यह एक खास पुलिस टीम होगी, जो खतरनाक अपराधियों से निपटेगी।
- -अब राज्य में “राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल ” का गठन होगा, जो CISF की तर्ज पर काम करेगा। इससे राज्य में उद्योगों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा मजबूत होगी।
- छत्तीसगढ़ का पहला “आइकॉनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन” रही है, जहाँ जंगल, पानी और वाइल्डलाइफ का मज़ा मिलेगा! सरकार 200 करोड़ रुपये खर्च करके नया पर्यटन स्थल बनाने जा रही है।
5.पत्रकारों के लिए सरकार ने किया बड़ा फैसला
- पत्रकारों की एक्सपोजर विजिट के लिए बजट
- पत्रकार संघ के दफ्तरों के नवीनीकरण के लिए पैसे
- पत्रकार सम्मान निधि दोगुनी कर दी गई है!
6.गाँव-गाँव तक चमकेंगी पक्की सड़कें !
अब गाँवों की सड़कें और मजबूत और बेहतर होंगी। इसके लिए –
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए ₹845 करोड़
-जनजातीय क्षेत्रों की सड़कें ₹500 करोड़
-मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना - ₹119 करोड़
-मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना शुरू की जाएगी, इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान
-नई सड़कों के निर्माण के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान।
7.शहर और गाँव दोनों होंगे स्मार्ट !
-नगर पालिकाओं का विकास ₹750 करोड़ (हर शहर को और सुंदर बनाया जाएगा)
- नगर निगमों में सुनियोजित विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जाएगी, 500 करोड़ का प्रावधान
- नई फायर स्टेशन्स के लिए ₹44 करोड़ (सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत)
- मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
8.बस्तर-सरगुजा में पर्यटन और एडवेंचर की दुनिया
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं या घर से दूर प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं, तो सरकार ने आपके लिए बस्तर और सरगुजा में होमस्टे पॉलिसी लागू की है। अब यहां आने वाले पर्यटक गांवों में रहकर स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले सकेंगे। इसके अलावा, जशपुर में एडवेंचर टूरिज्म और टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे वहां आने वाले लोगों को और भी मजा आएगा।
9.नालंदा लाइब्रेरी और विज्ञान पार्कः छात्रों के लिए नया तोहफा
छात्रों की पढ़ाई को और रोचक बनाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु अनुकूल माहौल देने के लिए 17 और “नालंदा लाइब्रेरी” खोली जाएंगी। यही नहीं, विज्ञान में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए बस्तर और सरगुजा में मोबाइल साइंस लैब शुरू की जाएगी और साइंस पार्क की स्थापना सरगुजा, बस्तर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़ में होगी। अब बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा।
कृषि और डिजिटल तकनीक का संगम
अब किसानों को भी डिजिटल सुविधा मिलेगी! भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए विशेष फंड दिया गया है। इससे किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी तुरंत मोबाइल या कंप्यूटर पर मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार
राज्य के गरीब और निःसंतान दंपतियों के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ART सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनों के लिए भी बजट रखा गया है, ताकि मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके। सभी ब्लॉकों में सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा जशपुर व मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी व नेचुरोपैथी के सेंटर स्थापित किए जाएंगे
बिना कागज के होगी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन !
अब जमीन या मकान खरीदने-बेचने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी! सरकार ने फेसलेस और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
चिकित्सा और खाद्य सुरक्षा में बड़ा कदम
रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की “इंटीग्रेटेड फूड एंड ड्रग लैबोरेटरी” बनाई जाएगी, जिसमें दवाओं और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। नक़ली दवाओं और मिलावट करने वालों पर कार्रवाई के लिए सरकार का बड़ा क़दम है।
पेट्रोल के रेट में एक रुपए की कमी, कर्मचारियों का डीए बढ़ा
छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले किए हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने बल्क में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है। वहीं, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की गई है, जो मार्च से लागू होगी।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नई योजना
छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार सभी ग्राम पंचायतों में डिजिटल पेमेंट (UPI) को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट का प्रावधान कर रही है। इससे गाँवों में भी लोग आसानी से डिजिटल लेनदेन कर सकेंगे और नकद लेनदेन की जरूरत कम होगी।
पहली बार ‘आइकॉनिक डेस्टिनेशन’ और ‘वेलनेस-वाइल्डलाइफ-वॉटर टूरिज्म’ विकसित होगा
छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘आइकॉनिक डेस्टिनेशन’ और ‘वेलनेस-वाइल्डलाइफ-वॉटर टूरिज्म’ के लिए ₹200 करोड़ का बजट रखा गया है। इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह एक बड़ा आकर्षण केंद्र बनेगा।
व्यवसायियों एवं आम आदमी को राहत
बजट में अचल संपत्ति के अंतरण पर मुद्रांक शुल्क के 12 प्रतिशत सेस को समाप्त किया गया है। इससे आम जनता को लाभ मिलेगा। वहीं, ई वे बिल जनरेट करने की मूल्य सीमा को 50 हजार रुपए से बढ़ा कर 1 लाख रुपए की गई है। छोटे व्यवसायियों को राहत देते हुए सरकार ने कई वर्षों से बकाया वैट की राशि माफ करने का निर्णय लिया है।
बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर - मुख्यमंत्री साय
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों ने भाग लिया और अमन, चैन और खुशहाली का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द को भी मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन को बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई राह खुली है।इससे पहले, बस्तर ओलंपिक में भी 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल और विकास के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह बस्तर में शांति और सद्भाव के संदेश को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाया जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बने।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल खेल के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के माध्यम से नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की सकारात्मक छवि को स्थापित करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले सभी धावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हजारों धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार
नारायणपुर जिले में आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 में 11 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों की शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस मैराथन में उत्तर प्रदेश के अक्षय कुमार ने पुरुष वर्ग में और इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने महिला वर्ग में बाजी मारी। पुरुष 21 किमी वर्ग में अक्षय कुमार (उत्तर प्रदेश) ने 01 घंटा 02 मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला 21 किमी वर्ग में इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने 01 घंटा 13 मिनट 01 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की। 10 किमी और 5 किमी वर्ग में भी रोमांचक प्रतिस्पर्धा रही, जहां उत्तर प्रदेश की अमृता पटेल और सूरजपुर की सोनिका राजवाड़े ने क्रमशः 10 किमी और 5 किमी महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। पुरुष 10 किमी वर्ग में उत्तर प्रदेश के मोनू कुमार और 5 किमी वर्ग में स्थानीय धावकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार और सम्मान
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 1.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विजेताओं को 1 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कार दिया गया।
स्थानीय प्रतिभाओं को भी 5-5 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
मैराथन का शुभारंभ संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों दर्शक उपस्थित थे।
“सहकार से समृद्धि” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों पर आधारित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित सभी कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर राज्य सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारिता की भागीदारी छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मिली मान्यता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत विविध गतिविधियाँ पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही हैं।
वार्षिक कैलेंडर में समाहित योजनाएँ एवं कार्ययोजना
सहकारिता विभाग के इस वार्षिक कैलेंडर में ग्राम, जिला एवं प्रदेश स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों में धान खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया का विस्तार, प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर एवं कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापन, विश्व स्तर पर विशाल अन्न भंडारण के लिए नवीन गोदामों का निर्माण, किसानों को एटीएम कार्ड प्रदान करना एवं पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से भुगतान सुविधा, नवीन पैक्स सोसाइटी, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीयन एवं सशक्तिकरण के सम्बन्ध में जानकारी दी गई है।
वार्षिक कैलेंडर के विमोचन के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने का एक और मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह पहल राज्य के सहकारी तंत्र को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं लाभदायक बनाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त सहकारिता एवं प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक एल. कांडे सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े, अपेक्स बैंक के प्रबंधक अभिषेक तिवारी, लेखा अधिकारी प्रभाकर कांत यादव सहित विभाग के कई गणमान्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
100 पृष्ठों में वित्त मंत्री ने हाथ से लिखा ऐतिहासिक बजट
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है।
नई परंपरा की शुरुआत
अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके।
उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस.,पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे।
नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे।
औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद
मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।
नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
रायपुर /शौर्यपथ /नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार 'अटल विश्वास पत्र' में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
