August 20, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6096)

      RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की पुण्यतिथि (28 फरवरी) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र बाबू भारतीय राजनीति, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की विनम्रता, सादगी और कर्तव्यपरायणता हम सभी को राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के पथ पर आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करती है।


      RAIPUR / SHOURYAPATH / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में तर्कसंगत और परिष्कृत सोच विकसित करने का आधार भी है।
      मुख्यमंत्री साय ने नोबेल पुरस्कार विजेता महान भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी खोज 'रमन प्रभाव' ने विज्ञान की दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्हीं के सम्मान में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य देशभर में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और विज्ञान की भूमिका को समाज में मजबूत करना है।
     विज्ञान से प्रगति, विज्ञान से सशक्त समाज
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। श्री साय ने इस अवसर पर समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और रूढ़ियों की जड़ें समाज में तब तक बनी रहेंगी, जब तक हम तार्किक और वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक नहीं पहुँचाते। इसके लिए शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि एक नवाचार-समर्थ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सशक्त समाज का निर्माण हो सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
     मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और नवाचार को अपनाकर समाज को और अधिक सशक्त बनाएं।


    रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ करें कार्य - मुख्यमंत्री
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई।
    महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे।
    शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा , मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
     समारोह में  वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  राजेश मूणत, किरण देव, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।

    रायपुर /शौर्यपथ /बस्तर जिले में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। जिले में अब तक 19 स्वास्थ्य केंद्र एनक्यूएएस प्रमाणित हो चुके है, जिससे यहां की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिली है।
    जिला कार्यक्रम  प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने बताया कि बस्तर जिले में एनक्यूएएस प्रमाणन के तहत 19 स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता का दर्जा मिला है' जिससे स्पष्ट होता है कि बस्तर की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
    सख्त मानकों पर होता है मूल्यांकन, 19 से अधिक बिंदुओं पर होता है सर्वे
    स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन प्राप्त करने के लिए 19 से अधिक गुणवत्ता मानकों पर परखा जाता है। इसमें स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की स्थिति, संक्रमण नियंत्रण, रोगी संतुष्टि, डॉक्टरों और स्टाफ की दक्षता, आपातकालीन सेवाएं और अन्य चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
    गुणवत्ता  प्रमाणन  से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सेवाएं देने के योग्य इलाज, उन्नत सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में बस्तर जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में और भी अग्रणी बन सकता है।
     बस्तर जिला एनक्यूएएस कार्यक्रम 2024-25 की रिपोर्ट के  अनुसार बस्तर जिले में कुल 281 स्वास्थ्य सुविधाएं है, जिनमें से 138 को एनक्यूएएस मूल्यांकन के लिए चुना गया।
    कब किसे मिला मिला सर्टिफिकेट
     2022 में प्रमाणित आडावाल, 2023 में प्रमाणितः कलचा, कुम्हरावंड, जगदलपुर महारानी अस्पताल, 2024 केसलूर, पालवा, तेलीमरेंगा, माड़पाल, उलनार, छिंदगुर, तारापुर, मोंगरेपाल, मार्केल, कच्छनार, कुरेंगा, करंजी, जामावाड़ा, 2025: यूपीएचसी गीमद रोड, यूपीएचसी धमरपुरा
    का गुणवत्ता  प्रमाणन पास किया गया।

      रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक वीर गाथा पर आधारित हिंदी फिल्म ‘छावा’ को राज्य में  टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने आज राजिम कुंभ के आयोजन उपरांत मीडिया से चर्चा के दौरान यह घोषणा की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं शौर्य की भावना जागृत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपराओं, वीरता और स्वाभिमान की गाथा है, जिसे हर नागरिक को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म युवा वर्ग को प्रेरित करेगी और छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य, बलिदान और नेतृत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगी।
    मुख्यमंत्री साय के इस फैसले से राज्य के सिनेमाघरों में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शकों को मूल्य में राहत मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सकेंगे।
     उल्लेखनीय है कि फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने मुगलों और अन्य आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और बलिदान की अमर गाथा लिखी। फिल्म उनके अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत करती है और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज को प्रेरणा देती हैं और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों को समझें, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

    रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी डंगनिया औषधालय द्वारा निःशुल्क दंत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आये ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों नेे दंत परीक्षण एवं परामर्श का लाभ लिया। दंत विशेषज्ञ डॉ अबीर मिश्र (एम.डी.एस कंजर्वेटिव एंड माइक्रो एंडोडोन्टिक्स) ने मरीजों के दांतों के परीक्षण के साथ लोगों को दांत की देखभाल के घरेलू उपचार भी बताये। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग दांत मे दर्द, सूजन और केविटी होने पर ही जॉच करवाने आते हैं। इस स्थिति  में  उपचार के अलावा कोई विकल्प नही रहता जबकि दांतों के नियमित देखभाल और वार्षिक परीक्षण से दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित तक रखा जा सकता है। उन्होंने उपचार की दर्दरहित और नई तकनीक के बारे में लोगों को जागरूक किया।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एच.एल.पंचारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में कैशलेस योजना के तहत दांत संबंधी इलाज के प्रावधान है। कर्मियों को कैशलेस या प्रतिपूर्ति द्वारा कम खर्च में बेहतर सुविधायें दी जा रही है। पॉवर कंपनी मे निरंतर मेडिकल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है जिसका लाभ पात्र अधिकारी, कर्मचारी, पेंशनर्स एवं सदस्य ले सकते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. इंदु साहू एवं डॉ. निलेश सिंह भी उपस्थित थे जिन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए डॉ.अबीर मिश्र का स्वागत किया।

    दिव्यांगों के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल
    रायपुर /शौर्यपथ / टूरिस्ट स्पॉट पर दिव्यांगजन आसानी से घूम सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने विशेष पहल   शुरू की है। है। "यात्रा आपकी सुविधा हमारी" नाम से  शुरू इस पहल के तहत  छत्तीसगढ़ के सभी टूरिस्ट स्पॉट पर अब स्पेशल रैंप रूट बनाया जा रहा है। इस रैंप रूट के जरिए दिव्यांग आसानी आसानी से संबंधित टूरिस्ट स्पॉट पर जा सकेंगे और आसानी से घूम सकेंगे। यही नहीं सभी टूरिस्ट स्पॉट में पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट में व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि वे आसानी से आप पास के क्षेत्र में घूम सकें। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के  अधिकारियों  के  अनुसार मैनपाट  में स्पेशल स्पेशल रैंप रैंप रू रूट बनाया गया है। इस पर आसानी से दिव्यांग चल सकते हैं। इसी तरह दूसरे पर्यटन स्थलों में भी रैंप रूट बनाया जा रहा है।
    दिव्यांगों के लिए ये खास पहल की गई है, ताकि  पर्यटन पर्यटन स्थलों को देखने वालों में उनकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो सके।
     ऑनलाइन के साथ हेल्पलाइन से भी बुकिंग की सुविधा
     दिव्यांगजन अपनी फैमिली या दोस्तों के साथ छत्तीसगढ़ के खूबसूरत स्थलों को देख सके। इसके लिए दोनों तरह की सुविधा दी जा रही है। दिव्यांग चाहें तो ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते हैं या फिर पर्यटन मंडल के हेल्प लाइन नंबर पर फोन करने पर बुकिंग की सुविधा दी जा रही है।
     दिव्यांगों को 30 प्रतिशत तक डिस्काउंट
    पर्यटन मंडल ने दिव्यांगों के लिए स्पेशल डिस्काउंट भी शुरू किया है। बुकिंग के दौरान दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाने पर 30 परसेंट की डिस्काउंट  दिया जाएगा। ये डिस्काउंट केवल पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट में ही दिया जाएगा। इनमें बिलासपुर, मैनपाट, बस्तर, कोरबा, सिरपुर जैसे खास जगह शामिल हैं। बुकिंग के दौरान मिलने वाली सुविधा सिर्फ दिव्यांग को एक ही कमरे के लिए दी जाएगी।
    सुविधा केवल इन रिसॉर्ट में
    * कुरदल हिल ईको-रिसॉर्ट बिलासपुर।
    * छेरछेरा रिसॉर्ट कबीर चबूतरा। बैगा टूरिस्ट रिसॉर्ट कबीरधाम। सोन बाहरा टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब। हरेली ईको रिसॉर्ट बारनवापारा। • दानदामी लग्जरी रिसॉर्ट कॉटेज चित्रकोट। • होटल जोहार छत्तीसगढ़ रायपुर। सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट मैनपाट। जोहार होटल, सिरपुर। • दानकुल एथनिक रिसॉर्ट कोंडागांव। सतरंगा बोट क्लब एंड रिसॉर्ट कोरबा। सतरेंगा एथनिक रिसॉर्ट जशपुर

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को तैयारी करने दिए निर्देश
    रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय की  पहल  पर  बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित  करने  बस्तर पंडुम का भव्य  आयोजन  किया  जाएगा।  यह  आयोजन  मार्च  में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
               वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध
            दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

    निर्माण कार्यों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा
    वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य को शिघ्रताशिघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश
         मोहला /शौर्यपथ /कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, इसे ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारीगण अपने-अपने विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य अनुसार प्रगति लाएं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों के द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर सख्त कार्यवाही किया जायेगा। कलेक्टर ने बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने मैदानी अमला और ब्लॉक स्तर के कार्यों का सतत मूल्यांकन करने और अधीनस्थ अमला के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसका गंभीरता पूर्वक पालन नहीं किये जाने पर संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय किया जाएगा।
             कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विभागों में संचालित योजनाओं की राज्य स्तर पर रैंकिंग की समीक्षा की। राज्य स्तर पर जिन विभागीय योजनाओं में प्रगति में कमी पायी गयी, उन अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने के कड़ी निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को वित्तीय भौतिक लक्ष्य को अनिवार्य रूप से प्राप्त करने की दिशा में नये वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने के पूर्व निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लेने कहा गया है। कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। स्वीकृत निर्माण कार्यों को शिघ्रताशिघ्र पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के गुणवत्ता में कमी पाये जाने की दशा में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
            वित्तीय वर्ष समाप्ति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 28 फरवरी के बाद किसी प्रकार की खरीदी पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए विभागों में स्वीकृत बजट आबंटन के आधार पर विभागीय खरीदी का कार्य 28 फरवरी के पूर्व कर लेने के निर्देश दिए गये हैं। विभागों में स्वीकृत बजट आवंटन के आधार पर सभी कार्यों को पूर्ण करने कहा गया है। कलेक्टर ने बैठक में ई-ऑफिस क्रियान्वयन की दिशा में सभी अधिकारियों को अपने विभागों में संचालित अधिकारी कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन कराकर ऑफिस क्रियान्वयन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों के लिए स्वीकृत पदों की पूर्ति की दिशा में अपने उच्च कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। बैठक में अपर कलेक्टर विजेन्द्र सिंह पाटले, जिला पंचायत सीईओ सुश्री भारती चन्द्राकर, डिप्टी कलेक्टर सुश्री हीरा गवर्ना, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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